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  • अल्बानिया में PM एडी रामा के इस्तीफे की मांग को लेकर बवाल, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर फेंके पेट्रोल बम

    अल्बानिया में PM एडी रामा के इस्तीफे की मांग को लेकर बवाल, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर फेंके पेट्रोल बम


    नई दिल्ली। अल्बानिया की राजधानी तिराना में प्रधानमंत्री एडी रामा के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी प्रदर्शन हिंसक हो गया है। मंगलवार रात प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पेट्रोल बम फेंके, जिसके जवाब में पुलिस ने पानी की बौछार करने वाली गाड़ियों (वाटर कैनन) का इस्तेमाल किया। प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन आठवें दिन में पहुंच गया है। राजधानी के अलावा देश के अन्य शहरों में भी विरोध प्रदर्शन फैलने की खबर है।

    रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार में कथित भ्रष्टाचार, रोजगार के सीमित अवसरों और शिक्षा के खराब स्तर को लेकर लोगों में नाराजगी है। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी इमारतों और बैंकों में आग लगाने, दुकानों के शीशे तोड़ने और सड़कों से पत्थर उखाड़कर पुलिस पर फेंकने जैसी घटनाओं को अंजाम दिया।

    13 अक्टूबर से शुरू हुई हिंसा, 17 अक्टूबर को प्रदर्शन तेज
    रिपोर्ट के अनुसार, हिंसा की शुरुआत 13 अक्टूबर को हुई थी। इसके बाद 17 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन और उग्र हो गया। उस दिन हजारों लोग शिक्षा मंत्रालय के बाहर जमा हुए और दंगा रोधी पुलिस पर पत्थर फेंके। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस, पानी की बौछार और रबर की गोलियों का इस्तेमाल किया।

    मंगलवार रात भी तिराना में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को निशाना बनाते हुए पेट्रोल बम फेंके। पुलिस ने वाटर कैनन के जरिए भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की। लगातार जारी हिंसा ने सरकार के सामने कानून-व्यवस्था की चुनौती बढ़ा दी है।

    2013 से सत्ता में हैं एडी रामा, चौथी बार संभाली सरकार
    प्रधानमंत्री एडी रामा के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहा यह आंदोलन उनके राजनीतिक कार्यकाल की बड़ी चुनौतियों में से एक बन गया है। रामा वर्ष 2013 से सत्ता में हैं और पिछले साल उन्होंने चौथी बार प्रधानमंत्री पद संभाला था।

    प्रदर्शनकारियों की नाराजगी का प्रमुख कारण सरकार में कथित भ्रष्टाचार के अलावा रोजगार और शिक्षा से जुड़े मुद्दे हैं। आंदोलन अब राजधानी से बाहर दूसरे शहरों तक फैलने के कारण सरकार पर दबाव बढ़ रहा है।

    गर्मियों में भी हुए थे सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
    अल्बानिया में मौजूदा अशांति की पृष्ठभूमि में गर्मियों के दौरान हुए कई महीनों के विरोध प्रदर्शन भी शामिल हैं। उस समय ज्यादातर प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे थे। उनका मुख्य विरोध एक महंगी तटीय विकास परियोजना को लेकर था, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर का समर्थन प्राप्त है।

    अब प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग, भ्रष्टाचार के आरोप और सामाजिक-आर्थिक समस्याओं को लेकर विरोध तेज हो गया है। तिराना समेत कई शहरों में जारी प्रदर्शनों के बीच पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

  • अजित पवार विमान हादसा: रोहित पवार के गंभीर आरोप, केंद्रीय मंत्री से इस्तीफे की मांग

    अजित पवार विमान हादसा: रोहित पवार के गंभीर आरोप, केंद्रीय मंत्री से इस्तीफे की मांग


    नई दिल्ली/मुंबई । महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री रहे Ajit Pawar की विमान दुर्घटना में मौत के बाद सियासत तेज हो गई है। एनसीपी एसपी के नेता Rohit Pawar ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हादसे को लेकर कई सवाल उठाए और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री Kinjarapu Ram Mohan Naidu से इस्तीफे की मांग की। उनका कहना है कि इस मामले में कथित सुरक्षा लापरवाही और निजी कंपनी की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

    VSR वेंचर्स पर उठाए सवाल

    रोहित पवार ने दावा किया कि दुर्घटनाग्रस्त विमान का संचालन दिल्ली स्थित कंपनी VSR Ventures कर रही थी। उनके अनुसार, इस कंपनी को “प्रभावशाली और ताकतवर लोगों का संरक्षण” प्राप्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि सुरक्षा मानकों में चूक हुई है तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। रोहित पवार ने डीजीसीए के कुछ अधिकारियों पर भी कंपनी का पक्ष लेने का आरोप लगाया और कहा कि मामले की पारदर्शी जांच जरूरी है।

    पीएम और गृहमंत्री से हस्तक्षेप की मांग

    रोहित पवार ने कहा कि इस मामले में न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री Narendra Modi और गृहमंत्री Amit Shah को हस्तक्षेप करना चाहिए। उन्होंने बताया कि वे प्रधानमंत्री को ईमेल के जरिए पत्र भेजेंगे। साथ ही कांग्रेस नेता Rahul Gandhi से भी इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की अपील की।

    तकनीकी पहलुओं पर भी संदेह
    हादसे की तकनीकी वजहों पर सवाल उठाते हुए रोहित पवार ने कहा कि विमान में कथित रूप से एक से अधिक धमाके हुए थे। उन्होंने ब्लैक बॉक्स की स्थिति, मेंटेनेंस रिकॉर्ड और अतिरिक्त ईंधन के डिब्बों को लेकर भी जांच की मांग की। उनका कहना है कि यात्रियों के सामान वाले हिस्से में अतिरिक्त पेट्रोल के कैन रखे जाने की बात सामने आई है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

    हादसे का विवरण

    जानकारी के अनुसार, 28 जनवरी 2026 को बारामती में लैंडिंग के दौरान एक Learjet 45 रजिस्ट्रेशन VT-SSK दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। यह चार्टर फ्लाइट मुंबई से बारामती जा रही थी। हादसे में अजित पवार समेत पायलट सुमित कपूर, को-पायलट शांभवी पाठक, केबिन क्रू पिंकी माली और सुरक्षा अधिकारी विदिप जाधव की मौत हो गई। विमान बारामती एयरस्ट्रिप से कुछ मीटर पहले सुबह लगभग 8:30 से 8:45 बजे के बीच क्रैश हुआ।

    फिलहाल इस पूरे प्रकरण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। आधिकारिक जांच एजेंसियों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे हादसे के वास्तविक कारणों का पता चल सके।