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  • Ind vs WI: दूसरे टी20 में वेस्टइंडीज की धमाकेदार जीत….501 रन बने… छक्कों की बरसात, टूटे कई रिकॉर्ड

    Ind vs WI: दूसरे टी20 में वेस्टइंडीज की धमाकेदार जीत….501 रन बने… छक्कों की बरसात, टूटे कई रिकॉर्ड


    रांची।
    शुक्रवार को रांची (Ranchi) के जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम कॉम्प्लेक्स (JSCA International Stadium Complex) में भारत और वेस्टइंडीज (India vs West Indies) के बीच टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला (T20 Series, Second Match) खेला गया. इस मुकाबले में वेस्टइंडीज ने 6 विकेट से जीत हासिल की. मुकाबले में मेहमान टीम वेस्टइंडीज को जीत के लिए 250 रनों का टारगेट मिला था, जिसे उसने 9 गेंद बाकी रहते हासिल कर लिया. वेस्टइंडीज की जीत में कप्तान शाई होप (102* रन) और शेरफेन रदरफोर्ड (84 रन) की अहम भूमिका रही. दोनों ने चौथे विकेट के लिए 120 रनों की साझेदारी कर मैच का नक्शा पलट दिया।

    इस जीत के साथ ही वेस्टइंडीज ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली. भारत- वेस्टइंडीज के बीच रांची में हुए मुकाबले में रनों की बारिश हुई और दोनों टीमों के गेंदबाज बेबस दिखे. इस मुकाबले में कुछ खास रिकॉर्ड्स बने।

    मेन्स टी20 इंटरनेशनल के इतिहास का ये दूसरा सबसे सफल रनचेज रहा. इस मामले में साउथ अफ्रीका पहले नंबर पर है, जिसने साल 2023 में सेंचुरियन के मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ 259 रनों का टारगेट चेज कर लिया था. ये टी20 इंटरनेशनल में भारत के खिलाफ सबसे सफल रनचेज रहा. वहीं वेस्टइंडीज ने टी20 क्रिकेट में पहली बार इतना बड़ा टारगेट का सफलतापूर्वक पीछा किया है।


    मेन्स टी20 इंटरनेशनल में सबसे सफल रनचेज

    259- साउथ अफ्रीका बनाम वेस्टइंडीज, सेंचुरियन, 2023
    250- वेस्टइंडीज बनाम भारत, रांची, 2026
    244- ऑस्ट्रेलिया बनाम न्यूजीलैंड, ऑकलैंड, 2018
    244- बुल्गारिया बनाम जिब्राल्टर, सोफिया, 2025
    243- बुल्गारिया बनाम सर्बिया, सोफिया, 2022
    232- वेस्टइंडीज बनाम साउथ अफ्रीका, जोहानिसबर्ग, 2015
    230- इंग्लैंड बनाम साउथ अफ्रीका, मुंबई WS, 2016


    मेन्स टी20 में चेज किए 250 या उससे अधिक के लक्ष्य

    267- वॉशिंगटन फ्रीडम बनाम MI न्यूयॉर्क, ऑकलैंड, 2026
    265- पंजाब किंग्स बनाम दिल्ली कैपिटल्स, दिल्ली, 2026
    262- पंजाब किंग्स बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स, कोलकाता, 2024
    259- साउथ अफ्रीका बनाम वेस्टइंडीज, सेंचुरियन, 2023
    258- ब्रिस्बेन हीट बनाम पर्थ स्कॉर्चर्स, ब्रिस्बेन, 2025
    253- मिडलसेक्स बनाम सरे, द ओवल, 2023
    250- वेस्टइंडीज बनाम भारत, रांची, 2026

    इस मुकाबले में कुल 501 रन बने. दूसरी बार ऐसा हुआ है जब किसी मेन्स टी20 इंटरनेशनल में 500 या उससे ज्यादा रन स्कोर किए गए. इस मामले में साउथ अफ्रीका और वेस्टइंडीज के बीच 2023 में सेंचुरियन के मैदान पर खेला गया मुकाबला टॉप पर है. उस मुकाबले में कुल 517 रन बने थे।


    मेन्स टी20 इंटरनेशनल मैच में सर्वाधिक रन

    517- साउथ अफ्रीका बनाम वेस्टइंडीज, सेंचुरियन, 2009
    501- भारत बनाम वेस्टइंडीज, रांची, 2026
    499- भारत बनाम इंग्लैंड, मुंबई WS, T20 विश्व कप 2026
    496- भारत बनाम न्यूजीलैंड, तिरुवनंतपुरम, 2026
    489- वेस्टइंडीज बनाम भारत, लॉडरहिल, 2016

    भारत और वेस्टइंडीज के बीच इस मुकाबले में कुल 81 बाउंड्रीज (46 चौके और 33 छक्के) लगे. इससे ज्यादा बाउंड्रीज टी20 इंटरनेशनल के इतिहास में केवल दो मौके पर लगे. भारत की पारी में 25 चौके और 13 छक्के लगे. वहीं वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने इस मैच में 21 चौके और 20 छक्के उड़ाए।


    टी20I मैचों में सर्वाधिक बाउंड्रीज

    81- साउथ अफ्रीका बनाम वेस्टइंडीज, सेंचुरियन, 2023 (चौके/छक्के: 46/35)
    80- जिब्राल्टर बनाम बुल्गारिया, सोफिया, 2025 (चौके/छक्के: 39/41)
    79- भारत बनाम वेस्टइंडीज, रांची, 2026 (चौके/छक्के: 46/33)
    73- भारत बनाम इंग्लैंड, मुंबई WS, 2026 (चौके/छक्के: 39/34)
    72- भारत बनाम न्यूजीलैंड, तिरुवनंतपुरम, 2026 (चौके/छक्के: 36/36)

    वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने इस मैच में सिर्फ 45 बॉल पर शतक जड़ दिया. होप ने 102* रन बनाए, जिसमें 9 छक्के और 6 चौके शामिल रहे. होप ने दूसरी बार टी20 इंटरनेशनल मैच में शतक लगाया है. यह गेंदों के लिहाज से वेस्टइंडीज के किसी बल्लेबाज का दूसरा सबसे तेज शतक रहा. होप अब भारत के खिलाफ सबसे तेज टी20 इंटरनेशनल शतक जड़ने के मामले में भी संयुक्त रूप से टॉप पर आ गए हैं. इंग्लैंड के जैकब बेथेल ने भी टी20 विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में 45 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की थी।


    वेस्टइंडीज के लिए सबसे तेज टी20I शतक (गेंदों के हिसाब से)

    39- जॉनसन चार्ल्स बनाम साउथ अफ्रीका, सेंचुरियन, 2023
    45- शाई होप बनाम भारत, रांची, 2026
    47- क्रिस गेल बनाम इंग्लैंड, मुंबई WS, 2016
    48- इविन लुईस बनाम भारत, लॉडरहिल, 2016
    50- क्रिस गेल बनाम साउथ अफ्रीका, जोहानिसबर्ग, 2007


    वेस्टइंडीज के लिए टी20I में सर्वाधिक शतक

    2- क्रिस गेल,
    2 – इविन लुईस
    2- शाई होप

    दो फुल मेम्बर्स टीम के बीच हुए मेन्स टी20 इंटरनेशनल मैचों में अब तक 10 बार किसी टीम ने 20 या उससे अधिक छक्के लगाए हैं. वेस्टइंडीज और भारतीय टीम ने यह कारनामा चार-चार बार किया है. जबकि अफगानिस्तान और इंग्लैंड ने एक-एक बार ये मुकाम हासिल किया।

  • BMC चुनाव में महायुति की प्रचंड जीत…. मुम्बई में पहली बार बनेगा BJP का मेयर

    BMC चुनाव में महायुति की प्रचंड जीत…. मुम्बई में पहली बार बनेगा BJP का मेयर


    मुम्बई।
    महाराष्ट्र (Maharashtra) के निकाय चुनाव (Local Body Elections.) में शुक्रवार को भाजपा (BJP) के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन (Mahayuti Alliance) को बड़ी जीत मिली। बीएमसी में भी भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के गठबंधन ने मिलकर ठाकरे बंधुओं की शिवसेना यूबीटी और एमएनएस को हरा दिया। शुक्रवार रात साढ़े नौ बजे तक के आंकड़े के अनुसार, भाजपा 88, शिवसेना 28, शिवसेना यूबीटी 65, एमएनएस 6, कांग्रेस 24 वार्डों में या तो जीत चुकी है या फिर बढ़त बनाए हुए है। बीएमसी में भाजपा का पहली बार मेयर बनने जा रहा है, जोकि भगवा दल के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। पिछले तीन दशक से बीएमसी की कमान ठाकरे परिवार के पास ही रही है। ऐसे में अब इसमें बड़ा बदलाव होने जा रहा है। भाजपा की इस जीत के पीछे 5 बड़ी वजहे हैं।


    पीएम मोदी पर जनता का भरोसा

    पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से भाजपा पीएम मोदी के नेतृत्व में विभिन्न चुनावों में जीत दर्ज करती आई है। लोकसभा में लगातार तीन बार से सत्ता में आ रही भाजपा पिछले साल हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भी बंपर सीटों से जीती। एक दशक में विपक्ष को भाजपा ने बुरी तरह से उन राज्यों में भी पराजित किया है, जहां कुछ दशक पहले कोई सोच नहीं सकता था। मुंबई में मिली इस जीत के पीछे भी पीएम मोदी का बहुत बड़ा योगदान है। जीत के बाद देवेंद्र फडणवीस ने भी इसका जिक्र किया और कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में विकास के विजन के साथ भाजपा ने चुनाव लड़ा और जीत मिली। फिलहाल, विपक्ष के पास पीएम मोदी का तोड़ ढूंढ पाना बहुत मुश्किल दिखाई दे रहा है।


    शिवसेना में टूट

    साल 2019 में शिवसेना और भाजपा की राह तब अलग हो गई, जब विधानसभा चुनाव के बाद शिवसेना ने ढाई साल के लिए सीएम पद की मांग कर दी। इसके बाद, शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस ने साथ मिलकर सरकार बनाई और उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बने। हालांकि, 2022 में शिवसेना टूट गई और एकनाथ शिंदे कई विधायकों और सांसदों को अपने साथ ले गए। भाजपा ने शिंदे को सीएम बना दिया। बाद में शिंदे की पार्टी को शिवसेना नाम से जाना गया और उद्धव ठाकरे को शिवसेना यूबीटी। इसके बाद से उद्धव ठाकरे की ताकत लगातार कमजोर होती चली गई। इस बीएमसी चुनाव में भी एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने 28 वार्ड्स में जीत हासिल की और उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी के वोट काटे, जिसका सीधा लाभ भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति को मिला।


    मनसे के साथ आने पर उत्तर भारतीय शिवसेना यूबीटी से नाराज?

    साल 2006 में अलग पार्टी बनाने वाले राज ठाकरे ने बीएमसी चुनाव के लिए उद्धव के साथ गठबंधन किया था। मुंबई में रहने वाले मराठी वोटर्स का मनसे को काफी सपोर्ट मिलता रहा है और इस चुनाव में भी शिवसेना और मनसे के गठबंधन को मराठी मतदाताओं के जमकर वोट पड़े। लेकिन एग्जिट पोल की मानें तो उत्तर भारतीयों का समर्थन भाजपा को ज्यादा मिला। दरअसल, राज ठाकरे की मनसे उत्तर भारतीयों के खिलाफ लंबे समय से हिंसा करती आई है और यही वजह है कि इसका फायदा भाजपा गठबंधन को सीधे तौर पर मिला। मनसे और शिवसेना के गठबंधन ने कुछ खास कमाल नहीं दिखाया और महायुति के सामने हार गया।


    भाजपा ने लगा दी पूरी ताकत, खुद फडणवीस ने संभाली कमान

    बीएमसी चुनाव में जीत हासिल करने के लिए भाजपा ने पूरी ताकत लगा दी। खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसकी कमान संभाली और जमकर प्रचार किया। भाजपा के तमाम महाराष्ट्र के मंत्रियों ने भी चुनाव प्रचार में हिस्सा लिया और जनता का समर्थन हासिल किया। उद्धव और राज ठाकरे ने भी चुनावी रैलियां कीं और भीड़ भी इकट्ठी हुई, लेकिन वोटों में यह तब्दील नहीं हो सकी। शिवसेना यूबीटी और मनसे के मुकाबले भाजपा और शिवसेना का चुनाव प्रचार ज्यादा मजबूत रहा और यही नतीजों में भी दिखाई दिया।


    उद्धव के खिलाफ एंटी इनकमबेंसी का भाजपा को फायदा

    देश के सबसे अमीर नगर निगम बीएमसी पर पिछले लगभग तीन दशकों से ठाकरे परिवार का कब्जा रहा है। पहली बार भाजपा को जीत मिली है। शिवसेना (अविभाजति) को पिछले बार तक भाजपा से ज्यादा वार्ड पर जीत मिली, जिससे उसका लंबे समय तक मेयर रहा। लंबे समय तक राज करने की वजह से शिवसेना यूबीटी के खिलाफ एक एंटी इनकमबेंसी भी बनी और जिसका फायदा सीधे तौर पर भाजपा को मिला। साथ ही, एकनाथ शिंदे की शिवसेना का साथ होने के कारण भाजपा का पलड़ा भारी रहा।