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  • ग्वादर में सैन्य ठिकानों पर हमले का BLF का दावा, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने तीन हमलावरों को मारने की बात कही

    ग्वादर में सैन्य ठिकानों पर हमले का BLF का दावा, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने तीन हमलावरों को मारने की बात कही


    बलूचिस्तान।
    पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने ग्वादर में सैन्य ठिकानों और पुलिस स्टेशन पर हमले करने का दावा किया है। संगठन के मुताबिक, ऑपरेशन अलमास के तहत फ्रंटियर वर्क्स ऑर्गनाइजेशन (FWO) के कैंप और माजानी पुलिस स्टेशन को निशाना बनाया गया। सैन्य काफिले पर हमले का दावा भी किया गया है। वहीं, पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों ने हमले की कोशिश नाकाम करने और तीन हमलावरों को मार गिराने की जानकारी दी है। दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

    FWO कैंप पर कब्जे और झंडा फहराने का दावा

    BLF के प्रवक्ता मेजर ग्वाहराम बलोच ने गुरुवार को जारी बयान में ऑपरेशन की जानकारी दी। उनके अनुसार, अभियान में संगठन की विशेष सद्दो ऑपरेशनल बटालियन और अन्य इकाइयां शामिल थीं। BLF का दावा है कि ऑपरेशन की शुरुआत ग्वादर जीरो पॉइंट स्थित फ्रंटियर वर्क्स ऑर्गनाइजेशन के कैंप पर हमले से हुई।

    संगठन ने दावा किया कि उसके लड़ाकों ने सैन्य परिसर पर नियंत्रण हासिल कर वहां अपना झंडा फहराया। BLF के मुताबिक, इस दौरान पाकिस्तान की मिलिट्री इंटेलिजेंस के एक कैप्टन और स्पेशल सर्विसेज ग्रुप (SSG) के कई कर्मियों की मौत हुई। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। FWO पाकिस्तानी सेना से जुड़ा सैन्य इंजीनियरिंग संगठन है। यह सड़क निर्माण और बुनियादी ढांचे से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं में काम करता है।

    माजानी पुलिस स्टेशन और सैन्य काफिले को निशाना बनाने का दावा

    BLF ने माजानी पुलिस स्टेशन पर कब्जा करने और वहां से सरकारी हथियार व उपकरण जब्त करने का दावा भी किया है। संगठन के अनुसार, इस झड़प में एक पुलिस अधिकारी की मौत हुई।

    इसके अलावा, BLF ने ग्वादर जिले के गाबद इलाके में सैन्य काफिले पर हमले की जिम्मेदारी ली है। संगठन का दावा है कि हमले में एक सैन्य वाहन नष्ट हुआ और कई सुरक्षाकर्मी मारे गए या घायल हुए। BLF ने गाबद क्रॉस स्थित पुलिस चौकी पर नियंत्रण हासिल करने का दावा भी किया है।

    पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों का अलग दावा

    पाकिस्तानी मीडिया संस्थानों जियो न्यूज और डॉन से जुड़ी रिपोर्टों में सुरक्षा सूत्रों के हवाले से अलग जानकारी सामने आई है। पाकिस्तानी पक्ष के अनुसार, सुरक्षा बलों ने एक निर्माण कंपनी के खाली कैंप पर हमले की कोशिश नाकाम कर दी। इस कार्रवाई में तीन हमलावरों के मारे जाने की बात कही गई है। कुछ अन्य संदिग्धों को घेरने की जानकारी भी सामने आई।

    हालांकि, घटनास्थल पर हुई कार्रवाई, हताहतों की संख्या और सैन्य ठिकानों पर नियंत्रण को लेकर दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

    चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे के लिए अहम है ग्वादर

    ग्वादर पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी तट पर स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर है। यह चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) का प्रमुख हिस्सा है। इस परियोजना के तहत चीन और पाकिस्तान के बीच व्यापार, परिवहन और बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है।

    ऐसे में ग्वादर में सैन्य ठिकानों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर हमलों के दावे पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था और क्षेत्र में चल रही रणनीतिक परियोजनाओं को लेकर चिंता बढ़ा सकते हैं।

    बलूचिस्तान में लंबे समय से जारी है विद्रोह

    बलूचिस्तान में लंबे समय से अलगाववादी विद्रोह चल रहा है। सशस्त्र संगठन पाकिस्तान सरकार पर क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों के दोहन और स्थानीय आबादी के अधिकारों की अनदेखी करने का आरोप लगाते रहे हैं। वहीं, पाकिस्तान सरकार इन संगठनों को आतंकवादी मानती है और उनके खिलाफ सुरक्षा अभियान चलाती है।

    ग्वादर में हालिया घटनाक्रम को लेकर BLF और पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों के दावे अलग-अलग हैं। ऐसे में हमले की वास्तविक स्थिति, नुकसान और सैन्य ठिकानों पर नियंत्रण को लेकर आधिकारिक तथा स्वतंत्र पुष्टि का इंतजार है।

  • महाराष्ट्र: MPSC में सुधार के लिए तुकाराम मुंढे को मिली बड़ी जिम्मेदारी, बनाया गया समिति का सचिव

    महाराष्ट्र: MPSC में सुधार के लिए तुकाराम मुंढे को मिली बड़ी जिम्मेदारी, बनाया गया समिति का सचिव


    मुंबई। महाराष्ट्र में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच राज्य सरकार ने सुधार की दिशा में कदम उठाया है। पुणे में भर्ती अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार 10 दिनों से जारी था। इसी बीच सरकार ने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की व्यवस्था में बदलाव के सुझाव देने के लिए एक समिति बनाई है। इसमें प्रशासनिक अनुभव रखने वाले अधिकारियों और न्यायिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को शामिल किया गया है।

    राज्य सरकार में मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने रविवार को पुणे के एसएम जोशी पुल पर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों से मुलाकात के बाद समिति के गठन की घोषणा की। बॉम्बे हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश दिलीप भोसले को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त तुकाराम मुंढे समिति के सचिव की जिम्मेदारी संभालेंगे।

    समिति के अन्य सदस्यों में आईपीएस अधिकारी लक्ष्मी गौतम, पूर्व आईएएस अधिकारी गणेश पाटिल और सेवानिवृत्त न्यायाधीश पीडी नाइक शामिल हैं। समिति से एमपीएससी की भर्ती व्यवस्था में सुधार के लिए सुझाव देने की अपेक्षा है।

    तीन साल में 70 हजार पदों पर भर्ती की मांग

    अभ्यर्थियों का आंदोलन केवल एमपीएससी के कामकाज में बदलाव तक सीमित नहीं है। प्रदर्शनकारी अगले तीन वर्षों में सरकारी विभागों के 70 हजार पदों पर भर्ती करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया को गति देने के साथ परीक्षाओं और नियुक्तियों को लेकर भी स्पष्ट व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।

    इसके अलावा, अभ्यर्थियों ने जनवरी में प्रस्तावित समूह-सी की परीक्षा में पदों की संख्या बढ़ाने की मांग उठाई है। उनका जोर भर्ती के अधिक अवसर उपलब्ध कराने पर है, ताकि सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को राहत मिल सके।

    आंदोलनकारियों ने प्रदर्शन से जुड़े कुछ प्रतिनिधियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग भी रखी है। मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने आश्वासन दिया कि भर्ती प्रक्रिया में सुधार के अलावा अभ्यर्थियों की अन्य मांगों पर भी ध्यान दिया जाएगा।

    MPSC अध्यक्ष को हटाने की भी मांग

    प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सचिव की नियुक्ति से पहले उनकी पृष्ठभूमि की जांच कराने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने आयोग के मौजूदा अध्यक्ष विवेक भीमनवार को पद से हटाने की मांग भी उठाई है।

    हालांकि, अध्यक्ष को हटाने के संबंध में सरकार ने कोई निर्णय लिया है या नहीं, यह तत्काल स्पष्ट नहीं हो सका। समिति का गठन भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांगों के बीच हुआ है, लेकिन अभ्यर्थियों की सभी मांगों पर अंतिम निर्णय होना अभी बाकी है।

    रोहित पवार ने किया मुंढे की नियुक्ति का स्वागत

    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार भी अभ्यर्थियों के आंदोलन में शामिल हैं। उन्होंने तुकाराम मुंढे को समिति का सचिव बनाए जाने का स्वागत किया।

    पवार ने उम्मीद जताई कि समिति को स्वतंत्र रूप से काम करने का अवसर मिलेगा, जिससे भर्ती प्रक्रिया में जरूरी सुधारों का रास्ता साफ हो सकेगा।

    अब समिति की कार्यवाही और उससे सामने आने वाले सुझावों पर नजर रहेगी। अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में भर्ती कैलेंडर को प्रभावी बनाना, पर्याप्त पदों पर नियुक्तियां करना और आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना शामिल है। सरकार की ओर से समिति गठित किए जाने के बाद आंदोलनकारी अपनी बाकी मांगों पर होने वाली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

  • MP में 20 IAS अधिकारियों का ट्रांसफर…. ASC मंडलोई को 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की जिम्मेदारी

    MP में 20 IAS अधिकारियों का ट्रांसफर…. ASC मंडलोई को 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की जिम्मेदारी


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में 20 आईएएस अधिकारियों (20 IAS officers) का तबादला किया गया है। राज्य के मुख्य सचिव का पद संभालने के बाद अशोक बरनवाल (Ashok Barnwal) ने मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) से सलाह-मशविरा के बाद यह फैसला लिया।

    एक अधिकारी ने बताया कि इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) नीरज मंडलोई को ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027’ के आयोजन की जिम्मेदारी दी गई है। अधिकारी ने शुक्रवार देर रात हुए इस बदलाव के बारे में बताया कि मुख्यमंत्री के ACS होने के साथ-साथ मंडलोई उद्योग और MSME विभागों की भी कमान संभालेंगे। वे राघवेंद्र सिंह की जगह लेंगे, जिनका तबादला वन विभाग के प्रधान सचिव के पद पर कर दिया गया है।

    अधिकारी के अनुसार, राघवेंद्र सिंह ने संदीप यादव की जगह ली है। संदीप यादव को जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव के तौर पर अहम ‘केन-बेतवा’ और ‘पार्वती-कालीसिंध’ प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण और राजस्व विभाग की कमान ई. रमेश कुमार को सौंपी गई है। यादव और कुमार दोनों ही सबसे सीनियर आईएएस अधिकारी डॉ. राजेश राजोरा की जगह ले रहे हैं, जिन्हें RCPV नरोन्हा एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन एंड मैनेजमेंट का डायरेक्टर जनरल नियुक्त किया गया है।

    लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुखवीर सिंह को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और चिकित्सा शिक्षा विभागों की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन विभागों का काम पहले बरनवाल देखते थे, जिन्हें बाद में मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था। सामान्य प्रशासन विभाग के उप सचिव अजय कटेसरिया को उनकी कड़ी मेहनत के लिए पुरस्कृत किया गया है। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार में आठ साल के अंतराल के बाद प्रमोशन नियमों को सफलतापूर्वक लागू करने में अहम भूमिका निभाई और रतलाम के कलेक्टर के तौर पर यूनिफॉर्म सिविल कोड को भी लागू किया।

    अधिकारी ने बताया कि इंदौर डिवीजन के कमिश्नर के तौर पर काम कर रहे सीनियर आईएएस अधिकारी सुदाम खाड़े को मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव के पद पर तैनात किया गया है। कुमार पुरुषोत्तम को मंडी बोर्ड की जिम्मेदारियों के साथ-साथ मुख्यमंत्री कार्यालय में उप-सचिव नियुक्त किया गया है। भास्कर लक्ष्यकार अब इंदौर के नए डिविजनल कमिश्नर होंगे।

    केसी गुप्ता को कृषि उत्पादन आयुक्त के साथ-साथ बागवानी विभाग का प्रभार भी सौंपा गया है, जबकि प्रधान सचिव मनीष सिंह अब ऊर्जा विभाग का कार्यभार संभालेंगे। सचिन सिन्हा को लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में ACS के पद पर तैनात किया गया है। वह RCPV नरोन्हा एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन एंड मैनेजमेंट के महानिदेशक के पद पर कार्यरत थे।

    जॉन किंग्सले एआर को औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। साथ ही उन्हें MSME विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। वह बागवानी और खाद्य प्रसंस्करण विभाग के सचिव थे। अधिकारी ने बताया कि उज्जैन के एडिशनल कमिश्नर के तौर पर काम कर रहे रत्नाकर झा को अनूपपुर का कलेक्टर बनाया गया है। वह हर्षल पंचोली की जगह लेंगे, जिनका तबादला भोपाल में एनवायरनमेंट प्लानिंग एंड कोऑर्डिनेशन ऑर्गनाइजेशन के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर किया गया है।

    शहडोल के कलेक्टर के तौर पर काम कर रहे केदार सिंह को भोपाल में पीडब्ल्यूडी का एडिशनल सेक्रेटरी बनाया गया है। सिंह की जगह मिशा सिंह लेंगी जो अभी रतलाम की कलेक्टर हैं। मंदसौर की कलेक्टर रहीं अदिति गर्ग को भोपाल में खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग का कमिश्नर बनाया गया है। गर्ग की जगह दिव्यांक सिंह लेंगे, जो अभी भोपाल नगर निगम के एडिशनल कमिश्नर हैं।

    अधिकारी ने बताया कि मुख्य सचिव के ऑफिस में डिप्टी सेक्रेटरी के तौर पर काम कर रहे गुरु प्रसाद को खरगोन का कलेक्टर बनाया गया है। सतना नगर निगम के कमिश्नर शेर सिंह मीणा को आगर-मालवा का कलेक्टर नियुक्त किया गया है। उनकी जगह प्रीति यादव को भेजा गया है, जिन्हें एमपी औद्योगिक विकास निगम इंदौर का एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनाया गया है।

    इंदौर जिला पंचायत के सीईओ सिद्धार्थ जैन को भोपाल में मुख्य सचिव के कार्यालय में डिप्टी सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है। अधिकारी ने बताया कि जैन की जगह एमपी औद्योगिक विकास निगम के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हिमांशु प्रजापति को इंदौर जिला पंचायत का सीईओ बनाया गया है।

  • पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए EC ने कसी कमर.. अति संवेदनशील बूथों की जिम्मेदारी CAPF को

    पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए EC ने कसी कमर.. अति संवेदनशील बूथों की जिम्मेदारी CAPF को


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal.) में स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (सीएपीएफ) (Central Paramilitary Forces – CAPF) को अहम जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। 23 अप्रैल को 152 निर्वाचन क्षेत्रों में पहले चरण का मतदान होना है। इससे पहले राज्य में खुफिया एजेंसी (Intelligence Agency) और निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने मिलकर एक सर्वे रिपोर्ट तैयार की है। इसमें उन अति संवेदनशील बूथों की पहचान की गई है, जहां पर हिंसा या मतदान प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश हो सकती है।

    ऐसे सभी बूथों को अब देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ के हवाले किया जा रहा है। किसी बूथ पर कोई दूसरा बल या लोकल पुलिस तैनात करने का आदेश जारी किया गया है तो उसे तुरंत वापस लिया जा रहा है। पश्चिम बंगाल के अतिरिक्त चीफ इलेक्ट्रॉल ऑफिसर ने 18 अप्रैल को एडीजी ‘लीगल’ एंड स्टेट पुलिस नोडल ऑफिसर (एसपीएनओ), आईजी सीआरपीएफ एवं पश्चिम बंगाल स्टेट पुलिस कोऑर्डिनेटर और सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारियों को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि अति संवेदनशील बूथों पर केवल सीआरपीएफ को ही तैनात किया जाएं। प. बंगाल की सड़कों पर सीआरपीएफ के मार्क्समैन बुलेटप्रूफ बख्तरबंद वाहन गश्त कर रहे हैं।

    कई स्त्रोतों से खुफिया जानकारी एकत्रित
    अतिरिक्त चीफ इलेक्ट्रॉल ऑफिसर के पत्र में कहा गया है कि बूथों की स्थिति को लेकर कई स्त्रोतों से खुफिया जानकारी एकत्रित की गई है। इसके अलावा अति संवेदनशील बूथों की एक सूची तैयार कराई गई है। मौजूदा चुनाव में जो खुफिया अलर्ट मिल रहे हैं, उनके साथ उक्त सूची का मिलान किया गया है। ऐसे में जितने भी अति संवेदनशील बूथ, जहां पर हिंसा होने या मतदान प्रक्रिया को बाधित किए जाने की आशंका है, वहां केवल सीआरपीएफ ही तैनात होगी।

    पश्चिम बंगाल में चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हों, इसके लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल को मजबूत किया जा रहा है। लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त प्रदर्शन के लिए देश के चार केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के प्रमुखों ने कोलकाता में एक उच्चस्तरीय बैठक की है। उसमें सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ और आईटीबीपी के महानिदेशक मौजूद रहे। सीआईएसएफ डीजी प्रवीर रंजन ने कहा, जवानों और अधिकारियों को ‘वन इलेक्शन फोर्स’ बनकर ड्यूटी करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। सभी केंद्रीय बलों का प्राथमिक उद्देश्य एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराना है, जिसमें प्रत्येक नागरिक बिना किसी भय या दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।

  • पूर्व टेनिस स्टार लिएंडर पेस BJP में शामिल…. बोले- PM मोदी ने सौंपी 2036 ओलंपिक की जिम्मेदारी

    पूर्व टेनिस स्टार लिएंडर पेस BJP में शामिल…. बोले- PM मोदी ने सौंपी 2036 ओलंपिक की जिम्मेदारी


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal) में इसी महीने होने वाले विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) से पहले सियासत में और ज्यादा गर्माहट बढ़ गई है। ऐसे में अब भारत के पूर्व टेनिस स्टार लिएंडर पेस (Former Indian Tennis star Leander Paes) ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने मुझे युवाओं और खेल के लिए काम करने का एक स्पष्ट दृष्टिकोण दिया। उन्होंने मुझे 2036 ओलंपिक गेम्स के लिए भारत की दावेदारी से जुड़ी जिम्मेदारी दी है। मुझे इस देश में ओलंपिक लाने के लिए एक टीम के साथ कड़ी मेहनत करनी है। पेस ने यह बात शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के बाद पहली बार मीडिया से बातचीत के दौरान कही।

    उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने उन्हें युवाओं और खेलों के लिए काम करने का साफ विजन दिया है। अब उनका लक्ष्य है कि एक मजबूत टीम के साथ मिलकर भारत को 2036 ओलंपिक की मेजबानी दिलाई जाए। पेस ने कहा कि अगर भारत ओलंपिक की मेजबानी करता है, तो इससे देश की पहचान दुनिया में और मजबूत होगी और खेलों को बढ़ावा मिलेगा।


    राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी में भी योगदान की चार- पेस

    पेस ने आगे कहा कि वह 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी में भी योगदान देना चाहते हैं, खासकर अहमदाबाद में होने वाले संभावित आयोजन के लिए। इसके साथ ही उन्होंने अपने गृह राज्य पश्चिम बंगाल में खेल सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया।


    खुद को बताया बंगाली बॉय

    इस दौरान खुद को बंगाली बॉय बताते हुए पेस ने कहा कि पश्चिम बंगाल में इंडोर टेनिस स्टेडियम और अच्छी खेल सुविधाओं की कमी है। उनका सपना है कि आने वाले 20 वर्षों में वे देश के 25 करोड़ बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएं और उन्हें खेलों से जोड़ें।


    पेस ने इन देशों का दिया उदाहारण

    पेस यह भी कहा कि भारत को खेलों में आगे बढ़ने के लिए मजबूत स्पोर्ट्स कल्चर अपनाना होगा। पेस ने उदाहरण देते हुए बताया कि अमेरिका, चीन, जापान, ऑस्ट्रेलिसा और ब्रिटेन जैसे देश, जो आर्थिक रूप से मजबूत हैं, वही ओलंपिक में भी सबसे ज्यादा पदक जीतते हैं।

    उन्होंने कहा कि भारत को भी खेलों के बुनियादी ढांचे, ट्रेनिंग और जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों को तैयार करने में निवेश करना होगा। पेस के मुताबिक, खेल और खेल शिक्षा भारत को एक नई ताकत बना सकते हैं और युवा खिलाड़ियों का विकास देश के ओलंपिक सपने को पूरा करने में सबसे अहम भूमिका निभाएगा।