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  • दोबारा हुई नीट UG 2026 परीक्षा का रिजल्ट जारी, 11.21 लाख विद्यार्थी हुए सफल

    दोबारा हुई नीट UG 2026 परीक्षा का रिजल्ट जारी, 11.21 लाख विद्यार्थी हुए सफल


    नई दिल्ली।
    नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (National Testing Agency-NTA) ने गुरुवार देर शाम NEET UG 2026 का रिजल्ट घोषित कर दिया. रिजल्ट समय पर जारी होने से मेडिकल कॉलेजों (Medical colleges) में दाखिले और काउंसलिंग की प्रक्रिया तय कार्यक्रम के अनुसार शुरू हो सकेगी. उम्मीदवार अपना स्कोरकार्ड आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाकर देख सकते हैं।

    दरअसल, इस वर्ष NEET UG 2026 परीक्षा लीक होने के कारण दोबारा कराई गई थी. री-नीट परीक्षा में देश और विदेश के करीब 20 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे. परीक्षा भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में स्थित 5,440 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी. इनमें से 11.21 लाख उम्मीदवार एमबीबीएस, बीडीएस, आयुष और अन्य संबद्ध मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए क्वालिफाई हुए हैं।

    .NTA के अनुसार, क्वालिफाई करने वाले उम्मीदवारों में 58 प्रतिशत से अधिक छात्राएं शामिल हैं. छात्राओं की सफलता दर भी पुरुषों से बेहतर रही. परीक्षा में शामिल हुई 56.8 प्रतिशत छात्राएं सफल रहीं, जबकि छात्रों की सफलता दर 55.1 प्रतिशत रही।


    पंजाब के आर्यन और हरियाणा के पांशुल ने किया टॉप

    इस बार 138 उम्मीदवारों ने 720 में से 690 से अधिक अंक हासिल किए हैं. इनमें से 93 प्रतिशत से अधिक अभ्यर्थी पहली बार NEET परीक्षा में शामिल हुए थे, जबकि 99 प्रतिशत टॉपर्स की उम्र 17 से 19 वर्ष के बीच है. देशभर में 19 उम्मीदवारों ने 700 से अधिक अंक प्राप्त किए. सबसे अधिक 715 अंक पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने संयुक्त रूप से हासिल किए।

    वहीं, 1,492 उम्मीदवारों ने 650 या उससे अधिक, 10,160 उम्मीदवारों ने 600 या उससे अधिक और 90,780 उम्मीदवारों ने 500 या उससे अधिक अंक प्राप्त किए.

    सभी राज्यों से सफल अभ्यर्थी
    NTA के मुताबिक, सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से उम्मीदवार क्वालिफाई हुए हैं. उत्तर प्रदेश से सबसे अधिक 1.7 लाख से ज्यादा उम्मीदवार सफल हुए, जबकि लक्षद्वीप से 43 उम्मीदवारों ने परीक्षा पास की. राज्यवार टॉपर्स में लद्दाख की जिग्मेट यांगचेन लामो (530 अंक), अंडमान-निकोबार के ध्रुव त्रिपाठी (606 अंक) और लक्षद्वीप की फहमीदा अनीस (573 अंक) शामिल हैं. कुल 17 राज्यों के टॉपर्स ने 700 या उससे अधिक अंक, जबकि 26 राज्यों के टॉपर्स ने 690 से अधिक अंक हासिल किए।


    श्रेणीवार सफल उम्मीदवार

    सामान्य वर्ग: 2.91 लाख
    OBC-NCL: 5.12 लाख
    SC: 1.59 लाख
    ST: 63,716
    EWS: 95,026
    PwBD: 3,666
    PwD: 303


    13 भाषाओं में हुई परीक्षा

    बता दें कि NEET UG 2026 का आयोजन 13 भाषाओं हिंदी, अंग्रेजी, असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, ओड़िया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु और उर्दू में कराया गया. NTA ने स्पष्ट किया है कि उसका काम परीक्षा आयोजित करना, परिणाम घोषित करना और ऑल इंडिया रैंक जारी करना है. MBBS और BDS की ऑल इंडिया कोटा काउंसलिंग मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) कराएगी, जबकि राज्य कोटे की काउंसलिंग संबंधित राज्य सरकारें आयोजित करेंगी।

    एजेंसी ने उम्मीदवारों को फर्जी कॉल, मैसेज और सीट दिलाने के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी से सावधान रहने की सलाह दी है. NTA ने कहा है कि वह किसी भी उम्मीदवार से पैसे या व्यक्तिगत जानकारी नहीं मांगती।

  • आईसीएसई-आईएससी परिणाम 2026: छात्राओं ने फिर मारी बाजी, दोनों कक्षाओं में रिकॉर्ड पास प्रतिशत दर्ज

    आईसीएसई-आईएससी परिणाम 2026: छात्राओं ने फिर मारी बाजी, दोनों कक्षाओं में रिकॉर्ड पास प्रतिशत दर्ज

    नई दिल्ली । देशभर के लाखों छात्रों के लिए इंतजार की घड़ी आखिरकार खत्म हो गई है, क्योंकि आईसीएसई और आईएससी बोर्ड के वर्ष 2026 के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। परिणाम जारी होते ही छात्रों और अभिभावकों के बीच उत्साह और राहत का माहौल देखने को मिला। इस बार के नतीजों में एक बार फिर छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सफलता का नया स्तर स्थापित किया है।

    10वीं और 12वीं दोनों कक्षाओं के परिणाम इस बार बेहद प्रभावशाली रहे हैं। 10वीं कक्षा में कुल 99.18 प्रतिशत छात्रों ने सफलता प्राप्त की, जबकि 12वीं कक्षा में 99.13 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण हुए हैं। यह आंकड़े इस बात को दर्शाते हैं कि इस वर्ष की परीक्षाओं में छात्रों ने पूरी मेहनत और तैयारी के साथ भाग लिया।

    लिंग आधारित प्रदर्शन की बात करें तो इस बार भी छात्राओं ने छात्रों की तुलना में बेहतर परिणाम हासिल किए हैं। 10वीं में छात्राओं का पास प्रतिशत 99.46 रहा, जबकि छात्रों का 98.93 प्रतिशत दर्ज किया गया। इसी तरह 12वीं में भी छात्राओं ने 99.48 प्रतिशत के साथ बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि छात्रों का पास प्रतिशत 98.81 रहा। यह लगातार देखा जा रहा है कि शैक्षणिक प्रदर्शन में छात्राएं लगातार आगे निकल रही हैं।

    इस वर्ष दोनों कक्षाओं में मिलाकर चार लाख से अधिक छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे। इनमें 10वीं कक्षा के लगभग डेढ़ लाख और 12वीं कक्षा के लगभग ढाई लाख से अधिक छात्र शामिल थे। परीक्षा का आयोजन निर्धारित केंद्रों पर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ था, जिसमें छात्रों ने विभिन्न विषयों में अपनी योग्यता का प्रदर्शन किया।

    परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद छात्रों को अपना स्कोरकार्ड प्राप्त करने की सुविधा भी दी गई है। छात्र अपने यूनिक आईडी और अन्य आवश्यक विवरणों की मदद से अपना परिणाम देख सकते हैं और उसे डाउनलोड भी कर सकते हैं। इसके लिए ऑनलाइन माध्यम के साथ-साथ अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

    इस बार के परिणामों ने एक बार फिर शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सुधार और छात्रों की बढ़ती क्षमता को उजागर किया है। शिक्षकों और अभिभावकों ने भी छात्रों की इस उपलब्धि पर खुशी जताई है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

  • मप्र में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 15 अप्रैल को होगा जारी

    मप्र में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 15 अप्रैल को होगा जारी


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा इस वर्ष आयोजित कक्षा दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे जारी किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दोनों कक्षाओं के परिणाम एक साथ घोषित करेंगे।

    स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने सोमवार को बताया कि परिणाम के साथ दोनों कक्षाओं की मेरिट लिस्ट (टॉपर्स सूची) भी जारी की जाएगी। राज्य स्तर पर टॉप करने वाले मेधावी छात्रों को सरकार द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। छात्रों को अपना परिणाम देखने के लिए केवल अपने रोल नंबर की आवश्यकता होगी। बोर्ड ने कॉपियों के मूल्यांकन और पोर्टल पर डेटा अपलोड करने का कार्य पहले ही पूर्ण कर लिया है।

    उन्होंने बताया कि परिणाम जारी करने से पहले क्रॉस चेकिंग और वैरिफिकेशन तेजी से पूरा किया गया। हर स्तर पर जांच की गई, ताकि कोई गलती न रहे। रिजल्ट “फुलप्रूफ” रखा गया है, जिससे छात्रों को परेशानी न हो।


    10वीं में 9 लाख से ज्यादा छात्र शामिल

    प्रदेश में 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में 16 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए। इनमें करीब 9 लाख 7 हजार छात्र 10वीं और लगभग 7 लाख छात्र 12वीं में बैठे। परीक्षा के लिए 3856 केंद्र बनाए गए थे। नकल रोकने के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड, सीसीटीवी और प्रश्नपत्र वितरण की वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई थी। इसके बावजूद प्रदेश में करीब 100 नकल प्रकरण सामने आए। मुरैना में सबसे ज्यादा 41 और भोपाल में 20 मामले दर्ज हुए।

    डॉक्टरों और काउंसलर्स ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों पर दबाव न डालें और मानसिक सहयोग दें। गांधी मेडिकल कॉलेज की डॉ. रुचि सोनी ने कहा कि हर बच्चा अच्छा रिजल्ट चाहता है, लेकिन ऐसा हमेशा संभव नहीं होता। एक परीक्षा जीवन तय नहीं करती। बच्चों के तनाव में होने पर उनसे बात करें और उनका साथ दें।

    शिक्षा विभाग का उद्देश्य समय पर रिजल्ट जारी करना है, ताकि छात्र बिना देरी अगली कक्षा या कोर्स में प्रवेश ले सकें। तय समय पर परिणाम आने से छात्रों और अभिभावकों को राहत मिलेगी।

  • MP Board Result: 15 अप्रैल से पहले आएंगे 10वीं-12वीं के नतीजे, 16 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा

    MP Board Result: 15 अप्रैल से पहले आएंगे 10वीं-12वीं के नतीजे, 16 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा


    भोपाल। मध्यप्रदेश में 10वीं और 12वीं के छात्रों का इंतजार अब जल्द खत्म होने वाला है। माध्यमिक शिक्षा मंडल रिजल्ट जारी करने की तैयारियों के अंतिम चरण में है और संभावना है कि परिणाम 15 अप्रैल से पहले, यानी 7 से 12 अप्रैल के बीच घोषित किए जा सकते हैं।

    स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार, सभी जरूरी प्रक्रियाएं लगभग पूरी हो चुकी हैं और रिजल्ट को पूरी तरह त्रुटिरहित बनाने पर खास ध्यान दिया जा रहा है। इस वर्ष करीब 16 लाख छात्र बोर्ड परीक्षाओं में शामिल हुए थे, इसलिए समय पर परिणाम जारी करना विभाग की प्राथमिकता है।

    16 लाख से ज्यादा छात्रों ने दी परीक्षा
    प्रदेशभर में 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इनमें लगभग 9.07 लाख छात्र 10वीं और करीब 7 लाख छात्र 12वीं की परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा संचालन के लिए राज्य में 3856 केंद्र बनाए गए थे।

    नकल रोकने के लिए कड़े इंतजाम
    परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के लिए इस बार फ्लाइंग स्क्वॉड, सीसीटीवी निगरानी और प्रश्नपत्र वितरण की वीडियोग्राफी जैसी व्यवस्थाएं लागू की गईं। इसके बावजूद प्रदेशभर में करीब 100 नकल प्रकरण सामने आए। इनमें मुरैना में सबसे ज्यादा 41 और भोपाल में 20 मामले दर्ज किए गए।

    रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में
    स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि कॉपियों की जांच के बाद अब क्रॉस चेकिंग और वैरिफिकेशन तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रिजल्ट पूरी तरह “फुलप्रूफ” होना चाहिए, ताकि छात्रों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

    विशेषज्ञों की सलाह
    डॉक्टरों और काउंसलर्स ने छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी है कि रिजल्ट के दौरान तनाव से बचें। बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें और उन्हें मानसिक सहयोग दें। पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और सकारात्मक माहौल बेहतर परिणाम में मदद करते हैं।

    समय पर रिजल्ट से मिलेगी राहत
    शिक्षा विभाग का उद्देश्य है कि परिणाम समय पर घोषित किए जाएं, ताकि छात्र बिना देरी के अगली कक्षा या कोर्स में प्रवेश ले सकें। तय समयसीमा में रिजल्ट जारी होने पर यह लाखों छात्रों और अभिभावकों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।