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  • आईसीएसई-आईएससी परिणाम 2026: छात्राओं ने फिर मारी बाजी, दोनों कक्षाओं में रिकॉर्ड पास प्रतिशत दर्ज

    आईसीएसई-आईएससी परिणाम 2026: छात्राओं ने फिर मारी बाजी, दोनों कक्षाओं में रिकॉर्ड पास प्रतिशत दर्ज

    नई दिल्ली । देशभर के लाखों छात्रों के लिए इंतजार की घड़ी आखिरकार खत्म हो गई है, क्योंकि आईसीएसई और आईएससी बोर्ड के वर्ष 2026 के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। परिणाम जारी होते ही छात्रों और अभिभावकों के बीच उत्साह और राहत का माहौल देखने को मिला। इस बार के नतीजों में एक बार फिर छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सफलता का नया स्तर स्थापित किया है।

    10वीं और 12वीं दोनों कक्षाओं के परिणाम इस बार बेहद प्रभावशाली रहे हैं। 10वीं कक्षा में कुल 99.18 प्रतिशत छात्रों ने सफलता प्राप्त की, जबकि 12वीं कक्षा में 99.13 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण हुए हैं। यह आंकड़े इस बात को दर्शाते हैं कि इस वर्ष की परीक्षाओं में छात्रों ने पूरी मेहनत और तैयारी के साथ भाग लिया।

    लिंग आधारित प्रदर्शन की बात करें तो इस बार भी छात्राओं ने छात्रों की तुलना में बेहतर परिणाम हासिल किए हैं। 10वीं में छात्राओं का पास प्रतिशत 99.46 रहा, जबकि छात्रों का 98.93 प्रतिशत दर्ज किया गया। इसी तरह 12वीं में भी छात्राओं ने 99.48 प्रतिशत के साथ बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि छात्रों का पास प्रतिशत 98.81 रहा। यह लगातार देखा जा रहा है कि शैक्षणिक प्रदर्शन में छात्राएं लगातार आगे निकल रही हैं।

    इस वर्ष दोनों कक्षाओं में मिलाकर चार लाख से अधिक छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे। इनमें 10वीं कक्षा के लगभग डेढ़ लाख और 12वीं कक्षा के लगभग ढाई लाख से अधिक छात्र शामिल थे। परीक्षा का आयोजन निर्धारित केंद्रों पर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ था, जिसमें छात्रों ने विभिन्न विषयों में अपनी योग्यता का प्रदर्शन किया।

    परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद छात्रों को अपना स्कोरकार्ड प्राप्त करने की सुविधा भी दी गई है। छात्र अपने यूनिक आईडी और अन्य आवश्यक विवरणों की मदद से अपना परिणाम देख सकते हैं और उसे डाउनलोड भी कर सकते हैं। इसके लिए ऑनलाइन माध्यम के साथ-साथ अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

    इस बार के परिणामों ने एक बार फिर शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सुधार और छात्रों की बढ़ती क्षमता को उजागर किया है। शिक्षकों और अभिभावकों ने भी छात्रों की इस उपलब्धि पर खुशी जताई है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

  • मप्र में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 15 अप्रैल को होगा जारी

    मप्र में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 15 अप्रैल को होगा जारी


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा इस वर्ष आयोजित कक्षा दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे जारी किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दोनों कक्षाओं के परिणाम एक साथ घोषित करेंगे।

    स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने सोमवार को बताया कि परिणाम के साथ दोनों कक्षाओं की मेरिट लिस्ट (टॉपर्स सूची) भी जारी की जाएगी। राज्य स्तर पर टॉप करने वाले मेधावी छात्रों को सरकार द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। छात्रों को अपना परिणाम देखने के लिए केवल अपने रोल नंबर की आवश्यकता होगी। बोर्ड ने कॉपियों के मूल्यांकन और पोर्टल पर डेटा अपलोड करने का कार्य पहले ही पूर्ण कर लिया है।

    उन्होंने बताया कि परिणाम जारी करने से पहले क्रॉस चेकिंग और वैरिफिकेशन तेजी से पूरा किया गया। हर स्तर पर जांच की गई, ताकि कोई गलती न रहे। रिजल्ट “फुलप्रूफ” रखा गया है, जिससे छात्रों को परेशानी न हो।


    10वीं में 9 लाख से ज्यादा छात्र शामिल

    प्रदेश में 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में 16 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए। इनमें करीब 9 लाख 7 हजार छात्र 10वीं और लगभग 7 लाख छात्र 12वीं में बैठे। परीक्षा के लिए 3856 केंद्र बनाए गए थे। नकल रोकने के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड, सीसीटीवी और प्रश्नपत्र वितरण की वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई थी। इसके बावजूद प्रदेश में करीब 100 नकल प्रकरण सामने आए। मुरैना में सबसे ज्यादा 41 और भोपाल में 20 मामले दर्ज हुए।

    डॉक्टरों और काउंसलर्स ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों पर दबाव न डालें और मानसिक सहयोग दें। गांधी मेडिकल कॉलेज की डॉ. रुचि सोनी ने कहा कि हर बच्चा अच्छा रिजल्ट चाहता है, लेकिन ऐसा हमेशा संभव नहीं होता। एक परीक्षा जीवन तय नहीं करती। बच्चों के तनाव में होने पर उनसे बात करें और उनका साथ दें।

    शिक्षा विभाग का उद्देश्य समय पर रिजल्ट जारी करना है, ताकि छात्र बिना देरी अगली कक्षा या कोर्स में प्रवेश ले सकें। तय समय पर परिणाम आने से छात्रों और अभिभावकों को राहत मिलेगी।

  • MP Board Result: 15 अप्रैल से पहले आएंगे 10वीं-12वीं के नतीजे, 16 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा

    MP Board Result: 15 अप्रैल से पहले आएंगे 10वीं-12वीं के नतीजे, 16 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा


    भोपाल। मध्यप्रदेश में 10वीं और 12वीं के छात्रों का इंतजार अब जल्द खत्म होने वाला है। माध्यमिक शिक्षा मंडल रिजल्ट जारी करने की तैयारियों के अंतिम चरण में है और संभावना है कि परिणाम 15 अप्रैल से पहले, यानी 7 से 12 अप्रैल के बीच घोषित किए जा सकते हैं।

    स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार, सभी जरूरी प्रक्रियाएं लगभग पूरी हो चुकी हैं और रिजल्ट को पूरी तरह त्रुटिरहित बनाने पर खास ध्यान दिया जा रहा है। इस वर्ष करीब 16 लाख छात्र बोर्ड परीक्षाओं में शामिल हुए थे, इसलिए समय पर परिणाम जारी करना विभाग की प्राथमिकता है।

    16 लाख से ज्यादा छात्रों ने दी परीक्षा
    प्रदेशभर में 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इनमें लगभग 9.07 लाख छात्र 10वीं और करीब 7 लाख छात्र 12वीं की परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा संचालन के लिए राज्य में 3856 केंद्र बनाए गए थे।

    नकल रोकने के लिए कड़े इंतजाम
    परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के लिए इस बार फ्लाइंग स्क्वॉड, सीसीटीवी निगरानी और प्रश्नपत्र वितरण की वीडियोग्राफी जैसी व्यवस्थाएं लागू की गईं। इसके बावजूद प्रदेशभर में करीब 100 नकल प्रकरण सामने आए। इनमें मुरैना में सबसे ज्यादा 41 और भोपाल में 20 मामले दर्ज किए गए।

    रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में
    स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि कॉपियों की जांच के बाद अब क्रॉस चेकिंग और वैरिफिकेशन तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रिजल्ट पूरी तरह “फुलप्रूफ” होना चाहिए, ताकि छात्रों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

    विशेषज्ञों की सलाह
    डॉक्टरों और काउंसलर्स ने छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी है कि रिजल्ट के दौरान तनाव से बचें। बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें और उन्हें मानसिक सहयोग दें। पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और सकारात्मक माहौल बेहतर परिणाम में मदद करते हैं।

    समय पर रिजल्ट से मिलेगी राहत
    शिक्षा विभाग का उद्देश्य है कि परिणाम समय पर घोषित किए जाएं, ताकि छात्र बिना देरी के अगली कक्षा या कोर्स में प्रवेश ले सकें। तय समयसीमा में रिजल्ट जारी होने पर यह लाखों छात्रों और अभिभावकों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।