Tag: resumption

  • ईरान से तनाव कम करने जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन ने बातचीत बहाल करने पर दिया जोर

    ईरान से तनाव कम करने जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन ने बातचीत बहाल करने पर दिया जोर

    बर्लिन। जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन ने मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को लेकर ईरान से हमले रोकने और कूटनीतिक बातचीत फिर से शुरू करने की अपील की है। तीनों देशों ने क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि हालिया घटनाएं हालात को और गंभीर बना सकती हैं।
    संयुक्त बयान में हमलों की निंदा
    तीनों देशों के नेताओं—फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर—ने संयुक्त बयान जारी कर क्षेत्र के अन्य देशों पर ईरानी हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की। बयान में कहा गया कि हालात को बिगाड़ने वाले कदमों से बचना जरूरी है और संवाद ही समाधान का रास्ता है।
    परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम पर भी चिंता
    नेताओं ने ईरान से उसके परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करने, बैलिस्टिक मिसाइल गतिविधियों पर रोक लगाने और अपने नागरिकों के खिलाफ कथित दमन व हिंसा बंद करने की अपील की।
    उनका कहना है कि क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए विश्वास बहाली के कदम आवश्यक हैं।
    सैन्य भागीदारी से किया इनकार
    तीनों देशों ने स्पष्ट किया कि वे हालिया हमलों में किसी भी तरह शामिल नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वे अमेरिका, इजरायल और क्षेत्र के अन्य साझेदारों के साथ लगातार संपर्क में हैं, ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके।

    क्षेत्रीय स्थिरता पर जोर
    बयान में कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्राथमिकता मध्य पूर्व में स्थिरता बनाए रखना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। साथ ही इस बात पर बल दिया गया कि अंततः ईरान की जनता को अपना भविष्य स्वयं तय करने का अवसर मिलना चाहिए।

  • MP: लाड़ली बहना योजना के पंजीकरण दोबारा शुरू करने की मांग… HC ने खारिज की याचिका

    MP: लाड़ली बहना योजना के पंजीकरण दोबारा शुरू करने की मांग… HC ने खारिज की याचिका


    नई दिल्ली।
    मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (Madhya Pradesh High Court) ने लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Scheme) में दोबारा पंजीकरण शुरू करने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज (PIL Rejected) कर दी है। कोर्ट ने कहा है कि किसी योजना का संचालन कैसे करना है ये सरकार के जिम्मे में आता है। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और आलोक अवस्थी की बेंच ने ये फैसला सुनाया। जनहित याचिका रतलाम के पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने दायर की थी।

    सकलेचा ने मांग की थी कि राज्य सरकार द्वारा किए गए वादे के मुताबिक, हर लाभार्थी को 3,000 रुपये प्रति माह दिया जाए, नए लाभार्थियों का दोबारा पंजीयन शुरू करने और न्यूनतम पात्रता उम्र को 21 से घटाकर 18 किया जाए। उन्होंने याचिका में कहा था कि योजना के जारी रहने के बावजूद 20 अगस्त 2023 से नए पंजीकरण पर रोक लगाना मनमाना और भेदभावपूर्ण था। याचिका में कहा गया था कि पंजीयन रोके जाने से 21 वर्ष का उम्र पूरी कर चुकी कई महिलाएं योजना का लाभ नहीं उठा पा रही हैं।


    राज्य सरकार ने दी ये दलील

    वहीं सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने दलील दी कि यह एक नीतिगत फैसला था और योजना का लाभ लेने वाली या चाहने वाली किसी भी महिला ने अदालत का दरवाजा नहीं खटखटाया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता की दलील में दम न होने की बात कही और साथ ही ये माना कि राज्या सरकार का फैसला मनमाना और भेदभावपूर्ण नहीं था। कोर्ट ने कहा कि ‘योजना कब शुरू करनी है और इसे कब बंद करना है इसकी तारीख तय करना सरकार का काम है। हम एक ऐसे शख्स (याचिकाकर्ता) के कहने पर इसपर विचार नहीं कर सकते जो कि खुद योजना का लाभार्थी नहीं है।’


    क्या है लाडली बहना योजना?

    लाड़ली बहना योजना बीजेपी सरकार ने 2023 के विधानसभा चुनावों से कुछ महीने पहले शुरू की थी। मौजूदा समय में, मध्य प्रदेश की 1.26 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को इस योजना के तहत हर महीने 1500 रुपये मिलते हैं। सरकार का कहना है कि 2028 तक इस राशि को बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया जाएगा।


    बीते महीने ही जारी की गई है 32वीं किस्त

    बीते महीने ही महिलाओं को 1500-1500 रुपये की सौगात दी गई है। आपको बता दें कि इस योजना की किस्त राशि में 250 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी जो कि नवंबर महीने से लागू है पहले किस्त के रूप में 1250 रुपये दिए जाते थे।