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  • अमित मिश्रा का दावा, विराट कोहली ने वापसी का भरोसा देने के बाद फोन उठाना किया बंद, आईपीएल मुलाकात में भी नहीं मिला जवाब

    अमित मिश्रा का दावा, विराट कोहली ने वापसी का भरोसा देने के बाद फोन उठाना किया बंद, आईपीएल मुलाकात में भी नहीं मिला जवाब

    नई दिल्ली ।भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व लेग स्पिनर अमित मिश्रा ने विराट कोहली के साथ अपने संवाद और टीम में वापसी की उम्मीदों को लेकर कुछ अहम बातें साझा की हैं। मिश्रा के मुताबिक, गंभीर चोट से उबरने के बाद उन्हें भारतीय टीम में दोबारा जगह मिलने की उम्मीद थी। उस दौरान विराट कोहली ने उन्हें फिटनेस हासिल करने के बाद वापसी का भरोसा दिया था, लेकिन बाद में उनसे संपर्क करना मुश्किल हो गया। मिश्रा ने बताया कि उनके फोन कॉल और संदेशों का जवाब नहीं मिलने से वह निराश हुए और आखिरकार उन्हें क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला करना पड़ा।

    मिश्रा ने यह अनुभव आकाश चोपड़ा के पॉडकास्ट पर बातचीत के दौरान साझा किया। उन्होंने बताया कि साल 2017 में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के दौरान उनके पैर में गंभीर चोट लगी थी। इस चोट के कारण उन्हें लंबे समय तक मैदान से दूर रहना पड़ा। चोट से उबरने और दोबारा प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में लौटने के दौरान उनके सामने फिटनेस हासिल करने के साथ भारतीय टीम में जगह बनाने की चुनौती भी थी।

    मिश्रा के अनुसार, उस समय भारतीय टीम के कोच अनिल कुंबले थे। उन्होंने चोट से जूझ रहे स्पिनर का हौसला बढ़ाया था और कहा था कि पूरी तरह फिट होने के बाद उनकी वापसी हो सकती है। इस आश्वासन से मिश्रा को फिर से भारतीय टीम का हिस्सा बनने की उम्मीद मिली। बाद में विराट कोहली के कप्तान बनने पर उन्होंने उनसे भी अपनी वापसी को लेकर संपर्क किया।

    मिश्रा का कहना है कि कोहली ने उन्हें आश्वस्त किया था कि फिट होने के बाद टीम में उनकी जगह को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। इस बातचीत के बाद उन्हें उम्मीद थी कि मेहनत और प्रदर्शन के आधार पर वह दोबारा राष्ट्रीय टीम में जगह बना सकेंगे। अपनी फिटनेस और खेल को साबित करने के लिए उन्होंने घरेलू क्रिकेट के साथ-साथ इंडियन प्रीमियर लीग में भी प्रदर्शन जारी रखा।

    हालांकि, मिश्रा के मुताबिक, वापसी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो रही थी। इसी सिलसिले में उन्होंने आईपीएल के दौरान विराट कोहली से आमने-सामने बातचीत करने की कोशिश की। यह मुलाकात दिल्ली कैपिटल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच मुकाबले के दौरान हुई थी। मिश्रा ने कोहली से अपने क्रिकेट भविष्य और भारतीय टीम में दोबारा मौका मिलने की संभावना पर स्पष्ट जवाब मांगा।

    मिश्रा के अनुसार, इस मुलाकात के दौरान कोहली ने उन्हें एक सप्ताह से दस दिन के भीतर स्थिति स्पष्ट करने की बात कही थी। उन्हें उम्मीद थी कि तय समय में इस विषय पर बातचीत आगे बढ़ेगी और उन्हें अपने भविष्य को लेकर स्पष्टता मिलेगी। लेकिन मिश्रा का दावा है कि इसके बाद उन्हें कोहली की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने यह भी कहा कि कोहली ने उनके फोन कॉल उठाने बंद कर दिए थे।

    मिश्रा के लिए यह स्थिति इसलिए भी मुश्किल थी, क्योंकि वह चोट से उबरने के बाद लगातार क्रिकेट खेलकर अपनी फिटनेस और क्षमता साबित करने की कोशिश कर रहे थे। उनके मुताबिक, वापसी की उम्मीद मिलने के बावजूद संवाद नहीं होने से उन्हें निराशा हुई। इसी अनुभव को उन्होंने अपने क्रिकेट करियर के कठिन दौर से जोड़कर बताया।

    अमित मिश्रा के इस बयान ने विराट कोहली के साथ उनके संबंधों और भारतीय टीम में वापसी की कोशिशों को लेकर चर्चा शुरू कर दी है। हालांकि, सामने आई जानकारी में यह पक्ष अमित मिश्रा के बयान पर आधारित है। कोहली की ओर से इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया दिए जाने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

  • वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने 42 साल बाद उसी किरण विमान से भरी आखिरी उड़ान, पहले फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर भी रहे साथ

    वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने 42 साल बाद उसी किरण विमान से भरी आखिरी उड़ान, पहले फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर भी रहे साथ

    नई दिल्ली । भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को अपने लंबे फ्लाइंग करियर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि पूरी की। उन्होंने हैदराबाद के पास डुंडीगल स्थित एयर फोर्स एकेडमी में एचजीटी-16 किरण ट्रेनर विमान से अपनी ‘यूनिफॉर्म में आखिरी उड़ान’ भरी। इस 55 मिनट की उड़ान को खास बनाने वाली बात यह रही कि उनके साथ उनके पहले फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर विंग कमांडर (सेवानिवृत्त) वीएस कोचर भी मौजूद थे। यह उड़ान उनके चार दशक से अधिक लंबे विमानन करियर के एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में सामने आई।

    एपी सिंह ने 28 जनवरी 1984 को इसी एयर फोर्स एकेडमी से किरण विमान के जरिए अपनी पहली उड़ान भरी थी। चार दशक से अधिक समय बाद उसी स्थान और उसी प्रकार के विमान में अंतिम आधिकारिक उड़ान पूरी करके उन्होंने अपने करियर के एक खास अध्याय को प्रतीकात्मक रूप से पूरा किया। विमान की पहचान संख्या U 707 थी। इस उड़ान के साथ उनकी शुरुआती प्रशिक्षण यात्रा और वर्तमान जिम्मेदारी के बीच एक अनूठा जुड़ाव देखने को मिला।

    उड़ान पूरी होने के बाद एपी सिंह ने कहा कि उन्होंने अपनी वायुसेना यात्रा इसी बेसिक ट्रेनर विमान से शुरू की थी। उन्होंने यह भी कहा कि संभवतः वह पहले ऐसे वायुसेना प्रमुख हैं, जो उसी बेसिक ट्रेनर विमान से सेवानिवृत्ति की ओर बढ़ रहे हैं, जिसे उन्होंने अपने शुरुआती दिनों में उड़ाया था और जो अब भी सेवा में है। उन्होंने अपने पहले प्रशिक्षक वीएस कोचर के प्रति आभार जताते हुए कहा कि कोचर ने इसी स्थान पर उन्हें उड़ान भरना सिखाया था। इसी वजह से वह अपने फ्लाइंग करियर का यह महत्वपूर्ण पड़ाव उनके साथ पूरा करना चाहते थे।

    किरण विमान के एयर फोर्स एकेडमी के रनवे पर उतरते ही वहां मौजूद वायुसेना के अधिकारियों और जवानों ने वाटर कैनन सैल्यूट देकर उनका स्वागत किया। यह सम्मान वायुसेना में एक विशेष अवसर पर दिया जाने वाला पारंपरिक अभिनंदन है। इस मौके पर एपी सिंह के पूर्व प्रशिक्षक वीएस कोचर भी मौजूद थे। 73 वर्षीय कोचर अपने पूर्व छात्र के साथ दोबारा आसमान में उड़ान भरने के अनुभव से भावुक नजर आए।

    कोचर ने एपी सिंह की प्रशंसा करते हुए उन्हें अपने सबसे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि एपी सिंह बेहतरीन वायुसेना प्रमुखों में शामिल हैं और उनके साथ दोबारा उड़ान भरना किसी सपने के सच होने जैसा है। इस अनुभव ने प्रशिक्षक और प्रशिक्षु के उस रिश्ते को भी रेखांकित किया, जो प्रशिक्षण के वर्षों बाद भी कायम रहता है।

    इससे पहले 12 अक्टूबर को एपी सिंह ने जोधपुर एयर फोर्स स्टेशन पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय अभ्यास ‘तरंग शक्ति’ के दौरान स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस में अपनी अंतिम फाइटर जेट उड़ान भरी थी। तेजस की उड़ान लड़ाकू विमान संचालन से जुड़ी उनकी यात्रा का एक अहम पड़ाव थी, जबकि किरण विमान में मंगलवार को भरी गई उड़ान वर्दी में उनकी अंतिम आधिकारिक उड़ान बनी।

    एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की सेवानिवृत्ति इसी महीने के अंत में निर्धारित बताई गई है। ऐसे समय में अपने पहले प्रशिक्षक के साथ उसी विमान में उड़ान भरना, जिसमें उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान करियर शुरू किया था, उनके लिए विशेष महत्व रखता है। यह घटना वायुसेना के प्रशिक्षण, पेशेवर अनुशासन और अनुभव की निरंतरता को भी सामने लाती है।

    चार दशक से अधिक के फ्लाइंग करियर के इस पड़ाव में पहली उड़ान से अंतिम आधिकारिक उड़ान तक का जुड़ाव विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। जिस संस्थान और विमान से एपी सिंह ने अपने विमानन जीवन की शुरुआत की थी, उसी से जुड़कर उन्होंने वर्दी में अपनी अंतिम उड़ान पूरी की। उनके साथ पहले प्रशिक्षक की मौजूदगी ने इस अवसर को और यादगार बना दिया।

  • अब प्रथम श्रेणी क्रिकेट नहीं खेलेंगे युजवेंद्र चहल…. संन्यास का किया ऐलान

    अब प्रथम श्रेणी क्रिकेट नहीं खेलेंगे युजवेंद्र चहल…. संन्यास का किया ऐलान


    नई दिल्ली।
    भारतीय स्पिनर (Indian spinner) युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal) ने शुक्रवार को प्रथम श्रेणी क्रिकेट (First-class cricket) से संन्यास (Retirement Announced) का एलान कर दिया है। चहल ने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिये प्रथम श्रेणी क्रिकेट को अलविदा कहने की घोषणा की। हालांकि, उन्होंने भारत के लिए खेलने की इच्छा जाहिर की है। चहल पिछले कुछ समय से भारतीय टीम से बाहर चल रहे हैं, लेकिन उन्होंने राष्ट्रीय टीम में वापसी की उम्मीद नहीं छोड़ी है।


    चहल ने लाल गेंद क्रिकेट को कहा अलविदा

    चहल ने लिखा, मैंने जो पहली क्रिकेट बॉल पकड़ी थी, वह लाल रंग की थी। मैं 10 साल का था और मुझे तब अंदाजा भी नहीं था कि मुझे इस खेल से कितना गहरा लगाव हो जाएगा। मेरे लिए रेड-बॉल क्रिकेट कभी भी सिर्फ एक और प्रारूप नहीं था। इसी फार्मेट में मैंने सब्र, मुश्किलों का सामना करने की हिम्मत और घंटों तक मैदान पर डटे रहकर हर रन और हर विकेट के लिए संघर्ष करने की असली खुशी को समझा।


    भारत के लिए कभी नहीं खेला टेस्ट

    लेग-स्पिनर चहल को भारत के लिए टेस्ट खेलने का कभी मौका नहीं मिला। उन्होंने लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर नॉर्थम्प्टनशायर के लिए रेड बॉल प्रारूप में अपना आखिरी मैच खेला। चहल ने अपने करियर में 49 प्रथम श्रेणी मैच खेले, जिसमें उन्होंने 32.27 की औसत से 148 विकेट लिए। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 6/25 रहा। हाल ही में उन्होंने नॉर्थम्प्टनशायर के लिए काउंटी क्रिकेट खेला और लॉर्ड्स में मिडलसेक्स के खिलाफ अपने आखिरी मैच में दो विकेट लिए। 2026-27 सीजन में 36 वर्षीय खिलाड़ी ने काउंटी चैंपियनशिप में पांच मैच खेले और 21 विकेट लिए। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन डरहम के खिलाफ रहा, जहां उन्होंने कुल नौ विकेट लिए जिसमें पहली पारी में पांच विकेट लेना भी शामिल था।


    चहल बोले- मेरा सफर खत्म नहीं हुआ

    उन्होंने आगे लिखा, मैंने अपना आखिरी प्रथम श्रेणी मैच लॉर्ड्स में खेला। यह कहते हुए भावुकता महसूस होती है क्योंकि टेस्ट कैप पाना हमेशा से मेरा सपना रहा था, जिसे मैंने कई वर्षों तक संजोकर रखा था। भले ही वह सपना पूरा न हो सका, लेकिन मैं अपने इस सफर से सचमुच संतुष्ट हूं और इस प्रारूप में मिले हर मौके के लिए बेहद शुक्रगुजार हूं। रेड बॉल ने मुझे मेरी जिंदगी की कुछ सबसे खूबसूरत यादें दी हैं और कोई भी मुझसे वे यादें कभी नहीं छीन सकता। लेकिन मेरा सफर अभी खत्म नहीं हुआ है।

    चहल ने कहा, अपने देश के लिए खेलने की भूख अभी भी मुझमें जबरदस्त है। मुझे यकीन है कि मुझमें अभी भी क्रिकेट बाकी है और वनडे और टी20 प्रारूप में एक और मौका पाने के लिए मैं अपनी पूरी जान लगा दूंगा। हरियाणा क्रिकेट संघ, रणबीर सिंह महिंद्रा सर और श्री अनिरुद्ध सिंह चौधरी सर का खास शुक्रिया, जिन्होंने मेरे पूरे सफर में लगातार मेरा साथ दिया और मुझ पर भरोसा जताया। पहली बार रेड बॉल पकड़ने वाले 10 साल के बच्चे से लेकर अपना आखिरी प्रथम श्रेणी मैच खेलने तक, यह सफर वाकई जबरदस्त रहा है।


    टेस्ट क्रिकेट में नहीं मिले ज्यादा मौके

    चहल भारत के लिए लाल गेंद प्रारूप में नहीं खेले और इस फॉर्मेट में उन्हें ज्यादा मौके भी नहीं मिले। चहल भारत की टेस्ट टीम रणनीति का कभी हिस्सा नहीं रहे। उन्होंने काउंटी क्रिकेट में जरूर अपना दम दिखाया, लेकिन अब वह इस प्रारूप में खेलते नजर नहीं आएंगे।

  • कुत्ता टहलाने के लिए स्टेडियम खाली कराने के मामले में रिंकू दुग्गा को झटका, सीजेआई सूर्यकांत की बेंच ने दिया आदेश

    कुत्ता टहलाने के लिए स्टेडियम खाली कराने के मामले में रिंकू दुग्गा को झटका, सीजेआई सूर्यकांत की बेंच ने दिया आदेश

    नई दिल्ली ।आईएएस अधिकारी रिंकू दुग्गा को त्यागराज स्टेडियम में कुत्ता टहलाने से जुड़े विवाद में सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस फैसले पर रोक लगा दी है, जिसमें केंद्र सरकार की ओर से दिए गए उनके अनिवार्य सेवानिवृत्ति के आदेश को खारिज करते हुए सेवा में बहाली का रास्ता साफ किया गया था।

    मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने केंद्र सरकार की ओर से दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दिए जाने के बाद रिंकू दुग्गा को नोटिस जारी किया है। पीठ में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के साथ न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना शामिल हैं।

    सुप्रीम कोर्ट की ओर से 7 सितंबर को जारी आदेश में कहा गया कि मामले की अगली सुनवाई तक संबंधित अधिकारी की बहाली पर रोक रहेगी। इस मामले में अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होने की बात कही गई है।

    यह विवाद वर्ष 2022 का है। रिंकू दुग्गा 1994 बैच की एजीएमयूटी कैडर की आईएएस अधिकारी हैं। उन पर आरोप लगा था कि दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम को इस वजह से खाली करवाया गया, ताकि वह वहां अपने कुत्ते को टहला सकें और उस दौरान दूसरे लोगों को स्टेडियम में आने की अनुमति न हो।

    इस घटनाक्रम के दौरान उनके पति संजीव खैरवार भी उनके साथ मौजूद थे। संजीव खैरवार भी आईएएस अधिकारी हैं। स्टेडियम से जुड़ी तस्वीर और घटना की रिपोर्ट सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आया और इसे लेकर विवाद खड़ा हुआ।

    बाद में केंद्र सरकार ने रिंकू दुग्गा को अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त कर दिया। इस फैसले को उन्होंने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण यानी सीएटी के समक्ष चुनौती दी। सीएटी ने उनके पक्ष में फैसला देते हुए सेवा बहाल करने का आदेश दिया था।

    इसके बाद मामला दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचा। हाई कोर्ट ने 15 अप्रैल 2026 को सीएटी के फैसले को बरकरार रखा। अदालत ने केंद्र सरकार के उस आदेश को स्वीकार नहीं किया, जिसके तहत रिंकू दुग्गा को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई थी। इसके बाद उनकी सेवा में बहाली का रास्ता खुल गया था।

    केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ ने अब हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है। शीर्ष अदालत ने मामले में रिंकू दुग्गा को नोटिस भी जारी किया है।

    इस मामले में केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी पेश हुईं। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल बहाली पर रोक लगाते हुए मामले को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।

    अब इस मामले में अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी। उस सुनवाई में केंद्र की चुनौती और रिंकू दुग्गा की सेवा से जुड़े विवाद पर आगे की कानूनी प्रक्रिया सामने आएगी। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के कारण दिल्ली हाई कोर्ट के उस फैसले के आधार पर उनकी बहाली पर रोक लागू रहेगी, जिसने केंद्र के अनिवार्य सेवानिवृत्ति आदेश को खारिज किया था।

  • रोहित शर्मा की टीवी पर एंट्री से उठे संन्यास के सवाल, जानिए BCCI के नियम क्या कहते हैं और वनडे करियर पर कितना पड़ेगा असर

    रोहित शर्मा की टीवी पर एंट्री से उठे संन्यास के सवाल, जानिए BCCI के नियम क्या कहते हैं और वनडे करियर पर कितना पड़ेगा असर

    नई दिल्ली । ‘हिटमैन’ के नाम से मशहूर रोहित शर्मा क्रिकेट के मैदान से इतर अब टीवी स्क्रीन पर भी नजर आने वाले हैं। पूर्व भारतीय कप्तान ‘फैमिली फुल हाउस’ से बतौर होस्ट टेलीविजन डेब्यू करने जा रहे हैं। शो का प्रीमियर 19 सितंबर 2026 को होगा। रोहित का यह नया कदम उनके क्रिकेट करियर के आखिरी दौर की ओर इशारा जरूर करता है, लेकिन इसे संन्यास का संकेत मानना जल्दबाजी होगी।

    रोहित शर्मा का सपना भारतीय टीम के लिए वनडे वर्ल्ड कप जीतना है। जब महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में भारतीय टीम ने क्रिकेट वर्ल्ड कप 2011 जीता था, तो रोहित शर्मा उस टीम का हिस्सा नहीं थे। रोहित की कप्तानी में भारत ने 2023 के वर्ल्ड कप में फाइनल तक का सफर तय किया, जहां उसे निराशा हाथ लगी।

    रोहित शर्मा टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल से पहले ही संन्यास ले चुके हैं। हालांकि, वनडे क्रिकेट में उनका सफर जारी है और वह भारतीय टीम की योजनाओं का हिस्सा हैं। टीवी शो की मेजबानी उनके करियर का एक नया पहलू जरूर है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उन्होंने वनडे क्रिकेट छोड़ने का मन बना लिया है।

    ‘फैमिली फुल हाउस’ एक फैमिली एंटरटेनमेंट शो है, जिसमें रोहित शर्मा होस्ट की भूमिका निभाएंगे। शो का पूरा फॉर्मेट अभी सामने नहीं आया है, लेकिन इसके प्रमोशन ने पहले ही लोगों का ध्यान खींच लिया है। प्रोमो में रोहित के कप्तानी के दिनों के चर्चित ‘गार्डन’ कमेंट को भी दोबारा दिखाया गया है। इससे साफ है कि शो में उनके क्रिकेट करियर और उनकी मजेदार शख्सियत की झलक भी देखने को मिल सकती है।

    रोहित शर्मा के टीवी डेब्यू के बाद उनके क्रिकेट भविष्य को लेकर सवाल उठना लाजिमी है, लेकिन टीवी शो की मेजबानी और इंटरनेशनल क्रिकेट को एक साथ जारी रखने में कोई आधिकारिक बाध्यता नहीं है। भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड के नियम में ये कहीं नहीं लिखा है कि इंटरनेशनल क्रिकेट में एक्टिव क्रिकेटर्स टीवी शो होस्ट नहीं कर सकते।

    रोहित शर्मा की नजरें 2027 वनडे विश्व कप पर अभी से हैं। लॉर्ड्स में भारत के पिछले ओडीआई मैच में रोहित ने शानदार शतक लगाया था। वह इस ऐतिहासिक मैदान पर ओडीआई शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज भी बने। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर ओडीआई क्रिकेट में उनकी उपयोगिता को सामने रखा।

    रोहित शर्मा आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए भी खेलते हैं। यानी फिलहाल उनके करियर में क्रिकेट और मनोरंजन, दोनों की भूमिका बढ़ती दिखाई दे रही है। टीवी पर नई पारी की शुरुआत रोहित के करियर में बड़ा बदलाव जरूर है, लेकिन अभी इसे क्रिकेट से विदाई नहीं माना जा सकता। खासकर ओडीआई और 2027 विश्व कप को लेकर उनकी योजनाएं अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं।

  • भारतीय क्रिकेटर रोहित शर्मा के भविष्य पर संशय एंटरटेनमेंट डेब्यू की चर्चाओं के बीच संन्यास की खबरें तेज

    भारतीय क्रिकेटर रोहित शर्मा के भविष्य पर संशय एंटरटेनमेंट डेब्यू की चर्चाओं के बीच संन्यास की खबरें तेज


    नई दिल्ली ।
    भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज और पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के अंतरराष्ट्रीय करियर को लेकर खेल जगत में एक बार फिर अटकलों का दौर शुरू हो गया है। आगामी एकदिवसीय विश्व कप से पूर्व उनके भविष्य को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं।

    हालिया रिपोर्टों के अनुसार रोहित शर्मा के एक मनोरंजन कार्यक्रम से जुड़ने की खबरों के बाद उनके खेल करियर को लेकर संशय गहरा गया है। मीडिया में यह दावा किया जा रहा है कि गैर-क्रिकेट गतिविधियों में व्यस्तता के कारण वे आगामी दौरों से दूरी बना सकते हैं।

    हालांकि इस प्रकार की अटकलें पहले भी सामने आ चुकी हैं जिन्हें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों द्वारा खारिज किया जा चुका है। इंग्लैंड के खिलाफ हालिया श्रृंखला में शानदार प्रदर्शन कर उन्होंने अपने फॉर्म और प्रतिबद्धता का प्रमाण भी प्रस्तुत किया था।

    विश्व कप 2027 में खेलने की इच्छा जता चुके रोहित शर्मा को लेकर क्रिकेट विशेषज्ञों की अलग-अलग राय है। मध्य प्रदेश सहित देश भर के क्रिकेट प्रशंसकों के बीच उनके इस संभावित कदम को लेकर उत्सुकता और चिंता दोनों देखी जा रही है।

    आगामी घरेलू एकदिवसीय श्रृंखलाओं को देखते हुए उनके चयन और भविष्य की योजनाओं पर चयनकर्ताओं की नजरें टिकी हुई हैं। आधिकारिक तौर पर अभी तक न तो बोर्ड और न ही खिलाड़ी की ओर से किसी प्रकार के संन्यास की घोषणा की गई है।

    खेल विश्लेषकों का मानना है कि व्यस्त कार्यक्रम और एक ही प्रारूप में खेलने की चुनौतियों के बावजूद रोहित शर्मा के अनुभव की टीम को आवश्यकता बनी हुई है। आने वाले दिनों में ही स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट होने की उम्मीद है।

  • कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 2028 विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का किया ऐलान, चुनावी राजनीति से संन्यास की घोषणा

    कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 2028 विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का किया ऐलान, चुनावी राजनीति से संन्यास की घोषणा


    नई दिल्ली । 
    कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने चुनावी राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा करते हुए स्पष्ट किया है कि वह वर्ष 2028 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने एक विस्तृत संदेश जारी कर अपने फैसले की जानकारी दी और कहा कि बढ़ती उम्र, स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियां तथा राजनीति में बढ़ते भ्रष्टाचार ने उन्हें यह निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव नहीं लड़ने के बावजूद वह सार्वजनिक जीवन और राजनीति में सक्रिय बने रहेंगे।

    सिद्धारमैया ने कहा कि वर्तमान राजनीतिक माहौल पहले की तुलना में काफी बदल चुका है। उनके अनुसार, आज राजनीति में ईमानदारी और सिद्धांतों के साथ काम करना पहले से अधिक कठिन हो गया है। उन्होंने दावा किया कि चुनावी प्रक्रिया में धनबल का प्रभाव बढ़ा है और अब चुनाव लड़ने के लिए परिस्थितियां पहले जैसी नहीं रहीं। उन्होंने कहा कि इसी बदलते माहौल को देखते हुए उन्होंने भविष्य में किसी भी चुनाव में उम्मीदवार नहीं बनने का फैसला किया है।

    पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी उम्र अब 79 वर्ष हो चुकी है और वर्तमान सरकार का कार्यकाल समाप्त होने तक उनकी आयु 81 से 82 वर्ष के बीच होगी। उन्होंने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ स्वास्थ्य और कार्यक्षमता पर भी प्रभाव पड़ता है। पहले जैसी ऊर्जा और निरंतर सक्रियता बनाए रखना अब संभव नहीं है, इसलिए उन्होंने समय रहते चुनावी राजनीति से अलग होने का निर्णय लिया है।

    उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सार्वजनिक यात्रा वर्ष 1978 में तालुक बोर्ड सदस्य के रूप में शुरू हुई थी। पिछले लगभग पांच दशकों में उन्होंने जीत और हार दोनों का अनुभव किया, लेकिन हमेशा अपने सिद्धांतों और वैचारिक प्रतिबद्धता के साथ काम करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने कभी व्यक्तिगत लाभ के लिए अपने मूल्यों से समझौता नहीं किया और यही उनके सार्वजनिक जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

    सिद्धारमैया ने यह भी बताया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र वरुणा के लोग लगातार उनसे अगला चुनाव लड़ने का आग्रह कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्होंने अपना निर्णय नहीं बदलने की बात कही। उनका कहना है कि वह जनता की भावनाओं का सम्मान करते हैं, लेकिन अब चुनावी राजनीति से पीछे हटना ही उचित मानते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनता की समस्याओं और सामाजिक मुद्दों को उठाने का उनका प्रयास आगे भी जारी रहेगा।

    उन्होंने अपने संदेश में राजनीति में बढ़ते आर्थिक प्रभाव पर भी चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि पहले चुनाव जनता के सहयोग और जनसमर्थन के बल पर लड़े जाते थे, लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। उनके अनुसार, स्वस्थ लोकतंत्र के लिए पारदर्शिता, नैतिकता और जनविश्वास आवश्यक हैं तथा इन मूल्यों को मजबूत करने की आवश्यकता है।

    सिद्धारमैया के इस ऐलान को कर्नाटक की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। लंबे समय तक राज्य की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने वाले इस वरिष्ठ नेता के फैसले के बाद भविष्य में कांग्रेस की चुनावी रणनीति और नेतृत्व को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज होने की संभावना है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया है कि चुनाव नहीं लड़ने के बावजूद वह संगठन और जनता के बीच सक्रिय रहकर अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे।

  • '46 वर्षों बाद: अंत नहीं आरंभ'… प्रो. डॉ. अश्विनीकुमार शुक्ल के सम्मान में सजा यादगार समारोह

    '46 वर्षों बाद: अंत नहीं आरंभ'… प्रो. डॉ. अश्विनीकुमार शुक्ल के सम्मान में सजा यादगार समारोह


    उत्तरप्रदेश । उत्तर प्रदेश के बांदा शहर में शिक्षा, साहित्य और राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रोफेसर (डॉ.) अश्विनीकुमार शुक्ल की सेवानिवृत्ति पर आयोजित अभिनंदन समारोह भावनाओं, सम्मान और प्रेरणा का अनूठा संगम बन गया। तिंदवारी रोड स्थित होटल रॉयल ऑर्बिट में “46 वर्षों बाद : अंत नहीं आरंभ” शीर्षक से आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए शिक्षाविदों, साहित्यकारों, सैन्य अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों और सामाजिक हस्तियों ने भाग लेकर डॉ. शुक्ल की गौरवपूर्ण सेवाओं को नमन किया।

    डॉ. शुक्ल के सुपुत्र इंजीनियर आशुतोष शुक्ल द्वारा आयोजित इस समारोह में उनके जीवन के विभिन्न आयामों को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि सेवानिवृत्ति किसी कर्मयोगी के जीवन का अंत नहीं, बल्कि नए अध्याय की शुरुआत होती है। शिक्षा, साहित्य और सामाजिक सरोकारों के प्रति डॉ. शुक्ल का समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर के पूर्व कला संकायाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. कौशलनाथ उपाध्याय और पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. रंजना उपाध्याय रहे। प्रोफेसर उपाध्याय ने अपने संबोधन में डॉ. शुक्ल की साहित्यिक प्रतिभा, भाषा पर असाधारण पकड़, संपादन कौशल और शिक्षण शैली की सराहना करते हुए उन्हें एक आदर्श शिक्षक, अनुशासित व्यक्तित्व और संवेदनशील साहित्यकार बताया।

    समारोह की अध्यक्षता बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशक डॉ. जगन्नाथ पाठक ने की। उन्होंने कहा कि डॉ. शुक्ल ने अपने ज्ञान, अनुभव और सामाजिक दृष्टि से शिक्षा जगत को समृद्ध किया है। महाराष्ट्र के अमलनेर से आए प्रोफेसर डॉ. सुरेश माहेश्वरी ने उनके साथ बिताए साहित्यिक और शैक्षणिक अनुभव साझा करते हुए उनके रचनात्मक व्यक्तित्व की सराहना की।

    कार्यक्रम का सबसे भावुक और आकर्षक क्षण वह रहा जब डॉ. शुक्ल के 46 वर्षों के जीवन और कार्यों पर आधारित लगभग 20 मिनट की डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित की गई। उनके अभिन्न मित्र और सेवानिवृत्त इंजीनियर अरुणकुमार तिवारी द्वारा तैयार इस वृत्तचित्र में भारतीय वायुसेना से लेकर उच्च शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र तक की उनकी प्रेरणादायक यात्रा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। डॉक्यूमेंट्री के दौरान कई अतिथि भावुक भी नजर आए।

    समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और साहित्यकार मधुसूदन दीक्षित द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। मंच संचालन अरुणकुमार तिवारी और मनोज कुमार ‘मृदुल’ ने प्रभावी ढंग से किया। वक्ताओं ने बताया कि डॉ. अश्विनीकुमार शुक्ल ने मात्र 17 वर्ष की आयु में भारतीय वायुसेना में शामिल होकर राष्ट्रसेवा का दायित्व निभाया। लगभग 17 वर्ष 7 माह तक सैन्य सेवा देने के बाद उन्होंने शिक्षा और साहित्य को अपना जीवन समर्पित कर दिया और हजारों विद्यार्थियों के जीवन को दिशा देने का कार्य किया।

    समारोह में भारतीय वायुसेना के उनके पूर्व साथी, शिक्षाविद, अधिवक्ता, प्रशासनिक अधिकारी, साहित्यकार और विभिन्न महाविद्यालयों के प्राध्यापक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। अंत में आयोजक इंजीनियर आशुतोष शुक्ल और आकांक्षा दीक्षित ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। प्रीतिभोज के साथ संपन्न हुआ यह समारोह केवल एक विदाई कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक ऐसे कर्मयोगी के सम्मान का उत्सव बन गया, जिसने अपने 46 वर्षों के सफर से समाज, शिक्षा और साहित्य को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

  • हिटमैन' के एकदिवसीय क्रिकेट से संन्यास की खबरों को बीसीसीआई ने किया खारिज; सचिव देवजीत सैकिया ने भविष्य की योजनाओं पर दी बड़ी प्रतिक्रिया

    हिटमैन' के एकदिवसीय क्रिकेट से संन्यास की खबरों को बीसीसीआई ने किया खारिज; सचिव देवजीत सैकिया ने भविष्य की योजनाओं पर दी बड़ी प्रतिक्रिया

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा के एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की सोशल मीडिया और विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर चल रही अटकलों पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने पूरी तरह से विराम लगा दिया है। बीसीसीआई के संयुक्त सचिव देवजीत सैकिया ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया है कि रविवार को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड के विरुद्ध होने वाला सीरीज का निर्णायक मुकाबला रोहित शर्मा के वनडे करियर का अंतिम मैच कतई नहीं होगा। बोर्ड की इस त्वरित प्रतिक्रिया के बाद स्टार बल्लेबाज के भविष्य को लेकर लगाई जा रही तमाम तरह की मनगढ़ंत कयासबाजियों पर पूरी तरह से रोक लग गई है।

    क्रिकेट जगत में यह प्रशासनिक स्पष्टीकरण उस समय आया जब कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा था कि उनतालीस वर्षीय पूर्व कप्तान इंग्लैंड के खिलाफ अंतिम एकदिवसीय मैच के बाद इस प्रारूप को हमेशा के लिए अलविदा कह सकते हैं। बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी ने इन खबरों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि चयन समिति या बोर्ड के भीतर रोहित शर्मा के अंतिम मैच को लेकर ऐसी कोई भी आधिकारिक चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वह भारतीय एकदिवसीय टीम के एक नियमित और अत्यंत महत्वपूर्ण सदस्य हैं और जब तक वह खेल के प्रति प्रतिबद्ध हैं, तब तक देश का प्रतिनिधित्व करते रहेंगे।

    इस प्रकार के विवादों और अफवाहों की शुरुआत मुख्य रूप से तब हुई जब खेल गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई कि राष्ट्रीय चयन समिति और मुख्य कोच गौतम गंभीर वर्ष 2027 में होने वाले आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप की तैयारियों के मद्देनजर टीम में एक बड़े बदलाव की योजना बना रहे हैं। इसके तहत सीमित ओवरों के क्रिकेट में युवा खिलाड़ियों को अधिक अवसर देकर एक दीर्घकालिक ‘ट्रांजिशन फेज’ की शुरुआत करने की बात कही जा रही थी। इसी रणनीतिक बदलाव की खबरों के बीच रोहित शर्मा के संन्यास की खबरों को जोड़कर देखा जाने लगा, जिसे अब बोर्ड ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है।

    इसके साथ ही, जारी द्विपक्षीय सीरीज के शुरुआती मुकाबलों में रोहित शर्मा के बल्ले से बड़ी पारियां न निकलने के कारण भी आलोचकों ने उनके स्थान पर सवाल उठाने शुरू कर दिए थे। हालांकि, बीसीसीआई ने संन्यास की खबरों का खंडन करके खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया है, लेकिन रणनीतिक रूप से बोर्ड अधिकारी भी वर्ष 2027 के आगामी विश्व कप में उनकी निश्चित भागीदारी को लेकर कोई भी पक्का आश्वासन देने से बचते नजर आए। इसका अर्थ यह निकाला जा रहा है कि बोर्ड वर्तमान प्रदर्शन के आधार पर ही भविष्य की योजनाओं को आकार देगा।

    वर्तमान में भारत और इंग्लैंड के मध्य खेली जा रही तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुकी है, जहां दोनों टीमें बराबरी पर हैं। रविवार को लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर होने वाले इस अत्यंत महत्वपूर्ण और खिताबी मुकाबले में रोहित शर्मा भारतीय टीम के लिए पारी की शुरुआत करने मैदान पर उतरेंगे। क्रिकेट प्रशंसकों के लिए यह राहत की बात है कि टीम इंडिया के सबसे आक्रामक बल्लेबाजों में से एक ‘हिटमैन’ बिना किसी मानसिक दबाव के मैदान पर अपनी स्वाभाविक खेल शैली का प्रदर्शन कर सकेंगे, क्योंकि बोर्ड ने उनके भविष्य को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है।

  • आखिरी मैच में शतक लगा दो यार…', रोहित शर्मा के संभावित संन्यास पर भावुक हुए आकाश चोपड़ा, लॉर्ड्स में यादगार विदाई की जताई उम्मीद

    आखिरी मैच में शतक लगा दो यार…', रोहित शर्मा के संभावित संन्यास पर भावुक हुए आकाश चोपड़ा, लॉर्ड्स में यादगार विदाई की जताई उम्मीद

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के संभावित वनडे संन्यास को लेकर चर्चाएं लगातार तेज होती जा रही हैं। इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा वनडे श्रृंखला के बीच यह अटकलें सामने आई हैं कि तीसरे मुकाबले के बाद रोहित इस प्रारूप को भी अलविदा कह सकते हैं। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन क्रिकेट जगत में इस विषय पर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी क्रम में पूर्व भारतीय क्रिकेटर और क्रिकेट विश्लेषक आकाश चोपड़ा ने रोहित शर्मा को लेकर भावुक टिप्पणी की है।

    आकाश चोपड़ा ने कहा कि यदि इंग्लैंड के खिलाफ होने वाला मुकाबला वास्तव में रोहित शर्मा के वनडे करियर का अंतिम मैच साबित होता है, तो वह चाहेंगे कि भारतीय बल्लेबाज अपने करियर का समापन एक यादगार पारी के साथ करें। उन्होंने भावनात्मक अंदाज में कहा कि रोहित को अपने अंतिम मुकाबले में शतक बनाकर उसी अंदाज में विदाई लेनी चाहिए, जिस अंदाज में उन्होंने वर्षों तक वनडे क्रिकेट पर अपनी छाप छोड़ी है।

    पूर्व क्रिकेटर ने हाल के मैचों में रोहित शर्मा की बल्लेबाजी शैली में आए बदलाव की भी चर्चा की। उनके अनुसार पहले रोहित पावरप्ले के शुरुआती ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए तेजी से रन बनाते थे, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ हालिया मुकाबलों में उनका दृष्टिकोण अलग दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि दूसरे वनडे में रोहित ने अपेक्षाकृत धीमी बल्लेबाजी की और यह उनकी सामान्य शैली से अलग नजर आया।

    आकाश चोपड़ा का मानना है कि कप्तानी छोड़ने के बाद रोहित शर्मा के खेल में बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि पहले रोहित शुरुआत से ही विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाने के लिए जाने जाते थे, लेकिन अब वह अधिक संयमित बल्लेबाजी करते दिखाई दे रहे हैं। उनके अनुसार यह बदलाव चर्चा का विषय है और क्रिकेट प्रेमियों ने भी इसे महसूस किया है।

    उन्होंने चयन प्रक्रिया पर भी अपनी राय रखी। आकाश चोपड़ा का कहना था कि यदि टीम प्रबंधन भविष्य की योजना बना रहा है, तब भी अनुभवी खिलाड़ियों को पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। उनके अनुसार अगले बड़े वैश्विक टूर्नामेंट में अभी समय बाकी है और ऐसे में रोहित जैसे अनुभवी खिलाड़ी को कुछ और मौके दिए जाने पर भी विचार किया जा सकता था। उनका मानना है कि अनुभव और निरंतर प्रदर्शन किसी भी टीम के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।

    रोहित शर्मा पहले ही टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। ऐसे में यदि वह वनडे क्रिकेट से भी विदाई लेते हैं तो भारतीय क्रिकेट का एक सफल अध्याय समाप्त होगा। अपने लंबे करियर में रोहित ने कई ऐतिहासिक पारियां खेलीं और सीमित ओवरों के क्रिकेट में अनेक रिकॉर्ड अपने नाम किए। उनकी कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों ने भारतीय टीम को कई महत्वपूर्ण सफलताएं दिलाने में अहम भूमिका निभाई है।

    फिलहाल सभी की निगाहें इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले अगले मुकाबले पर टिकी हैं। यदि संन्यास की चर्चाएं सही साबित होती हैं तो क्रिकेट प्रेमी रोहित शर्मा को एक यादगार पारी खेलते हुए देखना चाहेंगे। वहीं यदि ऐसा नहीं होता है, तो भी उनके भविष्य को लेकर चल रही अटकलों पर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार रहेगा। क्रिकेट जगत में आकाश चोपड़ा की भावुक प्रतिक्रिया ने इन चर्चाओं को और अधिक चर्चा का विषय बना दिया है।