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  • रेवंत रेड्डी ने ओवैसी बंधुओं की देशभक्ति पर उठे सवाल खारिज किए, बोले मोदी और शाह से कम नहीं देशभक्ति

    रेवंत रेड्डी ने ओवैसी बंधुओं की देशभक्ति पर उठे सवाल खारिज किए, बोले मोदी और शाह से कम नहीं देशभक्ति

    नई दिल्ली ।तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और उनके भाई अकबरुद्दीन ओवैसी की देशभक्ति को लेकर खुलकर उनका बचाव किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों नेताओं की देशभक्ति पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देशभक्ति और देश की रक्षा के मामले में असदुद्दीन ओवैसी और अकबरुद्दीन ओवैसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से कम नहीं हैं।

    रेवंत रेड्डी ने यह बयान हैदराबाद में चंचलगुडा-संतोषनगर चार लेन वाले नवनिर्मित स्टील फ्लाईओवर के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों ने ओवैसी भाइयों को देश के खिलाफ बताया है, लेकिन वह इस धारणा को स्वीकार नहीं करते। उनके मुताबिक राजनीतिक विचारों में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इससे किसी व्यक्ति की देशभक्ति पर सवाल खड़ा नहीं किया जाना चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने असदुद्दीन ओवैसी की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वह भारतीय सैनिकों के समर्थन में आयोजित रैली में कांग्रेस नेताओं के साथ शामिल हुए थे। उन्होंने अभियान में शामिल सैनिकों की सलामती के लिए प्रार्थना भी की थी। रेवंत रेड्डी ने इसी आधार पर कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर ओवैसी भाइयों की प्रतिबद्धता को लेकर किसी को उंगली नहीं उठानी चाहिए।

    रेवंत रेड्डी ने कहा कि राजनीतिक टिप्पणियां अलग-अलग हो सकती हैं और विभिन्न दलों के नेताओं के अपने राजनीतिक विचार हो सकते हैं। हालांकि, जब बात देशभक्ति और देश की रक्षा की आती है तो ओवैसी भाइयों की निष्ठा पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के मामले में दोनों पीछे हटने वाले नहीं हैं।

    इस दौरान AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी तेलंगाना की राजनीति को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि उन्हें यह कहने में कोई हिचकिचाहट नहीं है कि उनकी पार्टी का समर्थन किसी राजनीतिक दल को नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को है। ओवैसी के इस बयान के बाद दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

    रेवंत रेड्डी और ओवैसी के बीच राजनीतिक संबंधों को लेकर तेलंगाना में पहले भी चर्चा होती रही है। AIMIM का प्रभाव मुख्य रूप से हैदराबाद और आसपास के क्षेत्रों में माना जाता है, जबकि कांग्रेस राज्य में सत्तारूढ़ दल है। ऐसे में मुख्यमंत्री का सार्वजनिक मंच से ओवैसी बंधुओं की देशभक्ति का बचाव करना राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से असदुद्दीन ओवैसी की देशभक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह से कम देशभक्त नहीं हैं। उन्होंने अपने बयान में अकबरुद्दीन ओवैसी को भी शामिल करते हुए दोनों भाइयों की देश के प्रति प्रतिबद्धता पर भरोसा जताया।

    रेवंत रेड्डी के बयान ने तेलंगाना की राजनीति में एक नई चर्चा को जन्म दिया है। उनके बयान का मुख्य संदेश यही रहा कि राजनीतिक मतभेदों को देशभक्ति के आकलन का आधार नहीं बनाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने ओवैसी भाइयों के सार्वजनिक आचरण और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सैनिकों के समर्थन में उनकी भागीदारी का उल्लेख करते हुए अपनी बात रखी।

  • तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी का अमेरिकी दौरा रद्द, केंद्र से मंजूरी नहीं मिलने का आरोप लगाकर सरकार पर साधा निशाना

    तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी का अमेरिकी दौरा रद्द, केंद्र से मंजूरी नहीं मिलने का आरोप लगाकर सरकार पर साधा निशाना

    नई दिल्ली । तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का प्रस्तावित अमेरिका दौरा रद्द हो गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से बताया गया है कि केंद्र सरकार से आवश्यक मंजूरी नहीं मिलने के कारण मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल की अमेरिका यात्रा आगे नहीं बढ़ सकी। रेवंत रेड्डी फिलहाल लंदन के दौरे पर हैं और अमेरिका की यात्रा के बजाय लंदन से सीधे हैदराबाद लौट सकते हैं।

    मुख्यमंत्री का विदेश दौरा राज्य में निवेश, शिक्षा और विभिन्न संस्थानों के साथ संभावित सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा था। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार लंदन के बाद रेवंत रेड्डी को 24 अगस्त को अमेरिका पहुंचना था। वहां कई प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों और अन्य प्रतिनिधियों के साथ बैठकें प्रस्तावित थीं। दौरे में तेलंगाना राइजिंग टीम के अधिकारी भी शामिल थे।

    जानकारी के मुताबिक, रेवंत रेड्डी 20 अगस्त को लंदन पहुंचे थे। लंदन प्रवास के दौरान उनके ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी और लंदन बिजनेस स्कूल जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में जाने का कार्यक्रम था। इन मुलाकातों के जरिए शिक्षा, कौशल, निवेश और राज्य के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर बातचीत की योजना बनाई गई थी।

    लंदन के बाद अमेरिका में भी मुख्यमंत्री के कई कार्यक्रम निर्धारित थे। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यानी एमआईटी में जाने की योजना थी। इसके अलावा बोस्टन में 25 अगस्त को एक टीम के साथ बातचीत और 26 अगस्त को न्यूयॉर्क में एक कार्यक्रम में शामिल होने का कार्यक्रम प्रस्तावित था।

    मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, विदेश मंत्रालय से आवश्यक अनुमति नहीं मिलने के कारण अमेरिका की यात्रा रद्द करनी पड़ी। कार्यालय ने कहा कि रेवंत रेड्डी के नेतृत्व में तेलंगाना राइजिंग प्रतिनिधिमंडल को अमेरिका जाने की मंजूरी नहीं मिली। इसके बाद यात्रा कार्यक्रम में बदलाव किया गया है।

    अमेरिका दौरे के दौरान जिन संस्थानों और प्रतिनिधियों के साथ बैठकें प्रस्तावित थीं, उनमें से कुछ कार्यक्रमों को पूरी तरह समाप्त करने के बजाय आगे की तारीखों के लिए निर्धारित करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार की ओर से संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में कार्यक्रमों को पुनर्निर्धारित करने के लिए कहा गया है।

    मुख्यमंत्री के इस दौरे की पृष्ठभूमि में तेलंगाना में निवेश आकर्षित करने और राज्य के विकास से जुड़े अंतरराष्ट्रीय संपर्कों को मजबूत करने की कोशिश भी देखी जा रही थी। प्रस्तावित अमेरिकी यात्रा के दौरान उद्योग, शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ संवाद की संभावना थी।

    रेवंत रेड्डी 19 अगस्त को कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली में थे। इसके बाद वह 20 अगस्त को लंदन के लिए रवाना हुए। पहले तय कार्यक्रम के अनुसार उनकी विदेश यात्रा के बाद 30 अगस्त को हैदराबाद लौटने की योजना थी। हालांकि अमेरिका दौरा रद्द होने के बाद अब उनकी वापसी की समय-सारणी में बदलाव हो सकता है।

    अमेरिकी यात्रा को लेकर अनुमति नहीं मिलने का मुद्दा केंद्र और तेलंगाना सरकार के बीच राजनीतिक मतभेदों को लेकर भी चर्चा में आ गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने अनुमति नहीं मिलने की बात कही है, जबकि इस घटनाक्रम के बाद राज्य सरकार के आगामी विदेश संपर्क कार्यक्रमों में भी बदलाव की संभावना बनी हुई है।