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  • मनी प्लांट की ग्रोथ रुक गई है तो किचन की ये 3 चीजें आजमाएं, हरी और चमकदार पत्तियों के साथ बेल होगी घनी

    मनी प्लांट की ग्रोथ रुक गई है तो किचन की ये 3 चीजें आजमाएं, हरी और चमकदार पत्तियों के साथ बेल होगी घनी

    नई दिल्ली ।घर में लगाया गया मनी प्लांट लंबे समय तक हरा-भरा और घना रहे, इसके लिए केवल पानी देना पर्याप्त नहीं है। कई बार पौधे की नई पत्तियां निकलना कम हो जाती हैं, बेल की बढ़त रुक जाती है या पुरानी पत्तियां पीली होकर गिरने लगती हैं। ऐसी स्थिति में लोग अक्सर बाजार से महंगी खाद खरीदने के बारे में सोचते हैं। हालांकि घर की रसोई में मौजूद कुछ चीजों का सीमित मात्रा में इस्तेमाल पौधे की देखभाल में किया जा सकता है।

    मनी प्लांट के लिए चाय बनाने के बाद बची चायपत्ती का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें कुछ पोषक तत्व और ऑर्गेनिक मैटर मौजूद होते हैं, जो मिट्टी की गुणवत्ता को बेहतर करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि चायपत्ती का इस्तेमाल करने से पहले उसे अच्छी तरह साफ करना जरूरी है।

    चाय बनाने के बाद बची पत्ती को साफ पानी से धो लें, ताकि उसमें दूध और चीनी के अवशेष न रहें। इसके बाद इसे पूरी तरह सुखाएं। सूखने के बाद थोड़ी मात्रा में चायपत्ती को गमले की मिट्टी में मिलाया जा सकता है। इसे बार-बार या जरूरत से ज्यादा मात्रा में डालने से बचना चाहिए।

    मनी प्लांट की देखभाल में केले के छिलके से तैयार पानी का भी सीमित इस्तेमाल किया जा सकता है। केले के छिलकों में पोटैशियम सहित कई खनिज मौजूद होते हैं। इससे पौधे के लिए एक साधारण घरेलू लिक्विड फीड तैयार किया जा सकता है। हालांकि इसे किसी नियमित उर्वरक का सीधा विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

    इसके लिए दो से तीन केले के छिलकों को छोटे टुकड़ों में काटकर पानी में करीब 24 घंटे भिगोकर रखा जा सकता है। इसके बाद छिलकों को पानी से निकाल दें और तैयार पानी को सादे पानी में मिलाकर पौधे में डालें। इसका इस्तेमाल बहुत अधिक मात्रा में नहीं करना चाहिए।

    तीसरा विकल्प चावल धोने के बाद बचा हुआ पानी या बिना नमक वाला चावल पकाने के बाद बचा मांड है। इसमें स्टार्च के साथ कुछ पोषक तत्व भी होते हैं। चावल धोने के पानी को सादे पानी के साथ मिलाकर कभी-कभार मनी प्लांट में इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर चावल का मांड इस्तेमाल कर रहे हैं तो उसमें नमक, तेल या मसाला नहीं होना चाहिए।

    चावल का पानी लंबे समय तक रखकर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। पुराना या बदबूदार पानी मिट्टी में डालने से बचें, क्योंकि इससे गमले में छोटे कीड़े आने की समस्या हो सकती है।

    इन घरेलू चीजों के इस्तेमाल के साथ पौधे की मूल जरूरतों का ध्यान रखना भी जरूरी है। मनी प्लांट को बहुत तेज सीधी धूप में रखने से उसकी पत्तियां झुलस सकती हैं। इसे ऐसी जगह रखना बेहतर है जहां पर्याप्त रोशनी मिले, लेकिन बहुत तेज सीधी धूप न पड़े।

    पानी देते समय मिट्टी की ऊपरी सतह की नमी जांच लें। मिट्टी हर समय गीली रहने से जड़ों को नुकसान हो सकता है। गमले में पानी जमा न हो, इसके लिए जल निकासी की उचित व्यवस्था जरूरी है। पौधे में मौजूद पीली, सूखी या खराब पत्तियों को साफ कैंची से हटाते रहना भी देखभाल का हिस्सा है। इस तरह घरेलू चीजों के सीमित इस्तेमाल के साथ सही रोशनी, पानी और जल निकासी का संतुलन बनाए रखने से मनी प्लांट की बेहतर देखभाल की जा सकती है।

  • बालों की चमक और मजबूती बढ़ाने के लिए घर पर बनाएं ये 8 आसान हेयर रिंस, जानें इस्तेमाल करने का सही तरीका

    बालों की चमक और मजबूती बढ़ाने के लिए घर पर बनाएं ये 8 आसान हेयर रिंस, जानें इस्तेमाल करने का सही तरीका

    नई दिल्ली । बालों की चमक, मुलायमपन और खूबसूरती बनाए रखने के लिए नियमित हेयर केयर रूटीन जरूरी है। बदलते मौसम, धूल, प्रदूषण और बालों में इस्तेमाल होने वाले अलग-अलग उत्पादों के कारण कई बार बाल रूखे और बेजान नजर आने लगते हैं। ऐसे में महंगे उत्पादों के अलावा कुछ आसान घरेलू रिंस भी सामान्य हेयर केयर रूटीन का हिस्सा बनाए जा सकते हैं। रोजमेरी, आंवला, चावल और ग्रीन टी जैसी चीजों से घर पर आसानी से रिंस तैयार किया जा सकता है।

    ग्रीन टी रिंस बालों और स्कैल्प की सामान्य देखभाल के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इसे तैयार करने के लिए ग्रीन टी बनाकर पूरी तरह ठंडा कर लें। बालों में शैंपू करने के बाद इसे अंतिम रिंस के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को पहली बार इस्तेमाल करने से पहले थोड़ी मात्रा में परीक्षण करना चाहिए।

    राइस वॉटर यानी चावल का पानी भी बालों की देखभाल में लंबे समय से इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे बालों में लगाने से बालों में मुलायमपन और स्मूदनेस महसूस हो सकती है। चावल को पानी में भिगोकर या उबालकर तैयार किए गए पानी को ठंडा करने के बाद इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे बालों पर लगाने के बाद कुछ समय तक रखने के बजाय अच्छी तरह धोना बेहतर है।

    आंवला वॉटर भी पारंपरिक हेयर केयर का हिस्सा रहा है। आंवले में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं और इसका इस्तेमाल बालों की सामान्य देखभाल के लिए किया जाता है। आंवले को पानी में उबालकर या आंवला पाउडर को पानी में मिलाकर रिंस तैयार किया जा सकता है। इसे बालों की लंबाई और स्कैल्प पर लगाया जा सकता है।

    रोजमेरी वॉटर इन दिनों हेयर केयर रूटीन में काफी लोकप्रिय है। इसे रोजमेरी की पत्तियों को पानी में उबालकर तैयार किया जा सकता है। पानी ठंडा होने के बाद इसे छानकर बालों पर इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि किसी भी हर्बल मिश्रण से हर व्यक्ति को एक जैसा फायदा मिले, यह जरूरी नहीं है। जलन या लालिमा महसूस होने पर इसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए।

    मेथी वॉटर भी रूखे बालों की सामान्य देखभाल में इस्तेमाल किया जा सकता है। मेथी के दानों को कुछ घंटे पानी में भिगोकर रखने के बाद पानी छान लें। तैयार पानी को बालों पर लगाया जा सकता है। मेथी का इस्तेमाल बालों को मुलायम महसूस कराने में मदद कर सकता है, लेकिन इसे लगाने के बाद बालों को अच्छी तरह साफ करना जरूरी है।

    प्याज का पानी भी घरेलू हेयर केयर में इस्तेमाल किया जाता है। कुछ लोग इसे बालों की ग्रोथ और स्कैल्प केयर के लिए आजमाते हैं। हालांकि प्याज का रस या पानी कुछ लोगों की त्वचा में जलन पैदा कर सकता है। इसलिए इसे लगाने से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी है और तेज जलन या खुजली होने पर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

    एलोवेरा रिंस ड्राई स्कैल्प और बेजान बालों की सामान्य देखभाल में उपयोगी हो सकता है। एलोवेरा जेल को पानी में अच्छी तरह मिलाकर हल्का मिश्रण तैयार किया जा सकता है। इसे बालों पर लगाने के बाद अच्छी तरह धोना चाहिए, ताकि कोई अवशेष न रह जाए।

    केला और तेल आधारित रिंस या हेयर पैक भी रूखे बालों में नमी और मुलायमपन देने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। केले को अच्छी तरह मैश करके थोड़ी मात्रा में तेल मिलाया जा सकता है। इसे मुख्य रूप से बालों की लंबाई पर लगाया जाए और कुछ समय बाद अच्छी तरह धो लिया जाए। इस्तेमाल से पहले किसी भी घरेलू मिश्रण का पैच टेस्ट करना बेहतर है। खुजली, जलन, लालिमा या सूजन होने पर इसे तुरंत धो दें। लगातार बाल झड़ने या स्कैल्प संबंधी समस्या रहने पर विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित रहेगा।