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  • आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स का दबदबा, लगातार जीत से शीर्ष पर मजबूत पकड़..

    आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स का दबदबा, लगातार जीत से शीर्ष पर मजबूत पकड़..


    नई दिल्ली: 
     इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में पंजाब किंग्स का प्रदर्शन लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। टीम ने इस सीजन में अपनी शुरुआत बेहद प्रभावशाली अंदाज में की है और लगातार जीत दर्ज करते हुए अंकतालिका में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। मुंबई इंडियंस के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में मिली सात विकेट की जीत ने टीम की स्थिति को और मजबूत कर दिया है। यह मुकाबला हाई स्कोरिंग और प्रतिस्पर्धी रहा जिसमें दोनों टीमों ने अपनी क्षमता का अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन पंजाब किंग्स ने रणनीति और संयम के साथ लक्ष्य हासिल कर मैच अपने नाम कर लिया। टीम के लगातार बेहतर प्रदर्शन ने यह संकेत दिया है कि इस बार पंजाब किंग्स खिताब की प्रबल दावेदारों में शामिल है।

    मुंबई इंडियंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 195 रन बनाए। टीम की शुरुआत मजबूत रही और मध्यक्रम ने भी योगदान दिया लेकिन अंतिम ओवरों में रन गति को और तेज करने में थोड़ी कमी रह गई। इस पारी का सबसे बड़ा आकर्षण क्विंटन डिकॉक का शानदार शतक रहा जिन्होंने 60 गेंदों पर नाबाद 112 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता और तकनीक का बेहतरीन संतुलन देखने को मिला। हालांकि पंजाब किंग्स के गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में वापसी की कोशिश की और रन गति पर अंकुश लगाने का प्रयास किया लेकिन मुंबई को बड़े स्कोर तक पहुंचने से पूरी तरह नहीं रोक सके।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब किंग्स की शुरुआत आत्मविश्वास से भरी रही। बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही सकारात्मक रुख अपनाया और गेंदबाजों पर दबाव बनाया। प्रभसिमरन सिंह ने तेजतर्रार पारी खेलते हुए 39 गेंदों पर 80 रन बनाए और पारी की गति को मजबूत आधार दिया। वहीं कप्तान श्रेयस अय्यर ने संयम और आक्रामकता का संतुलन दिखाते हुए 35 गेंदों पर 66 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों की साझेदारी ने मैच को पूरी तरह पंजाब के पक्ष में कर दिया और टीम ने केवल 16 ओवर और तीन गेंदों में तीन विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत ने टीम की बल्लेबाजी गहराई और आत्मविश्वास दोनों को उजागर किया।

    मैच के बाद टीम के मुख्य कोच ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन और टीम की सोच पर अपनी बात रखते हुए कहा कि उनका उद्देश्य खिलाड़ियों पर नियंत्रण करना नहीं बल्कि उन्हें एक ऐसा माहौल देना है जहां वे स्वतंत्र रूप से अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें। उनके अनुसार कोच की भूमिका खिलाड़ियों का समर्थन करने और उन्हें लगातार बेहतर करने के लिए प्रेरित करने की होती है। उन्होंने यह भी बताया कि टीम निर्माण के दौरान सबसे महत्वपूर्ण बात स्पष्ट भूमिका और आपसी सहयोग होता है जिससे खिलाड़ी अपने दायित्व को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं और टीम के लिए योगदान दे पाते हैं।

    टीम प्रबंधन ने नीलामी के दौरान भी इसी सोच को अपनाया था और एक संतुलित टीम तैयार करने पर ध्यान दिया था जिसमें हर खिलाड़ी को उसकी भूमिका के अनुसार जिम्मेदारी दी गई। इस दृष्टिकोण का असर मैदान पर साफ दिखाई दे रहा है जहां खिलाड़ी आत्मविश्वास के साथ खेल रहे हैं और हर मैच में अलग-अलग खिलाड़ी टीम की जीत में योगदान दे रहे हैं।

    टी20 क्रिकेट की अनिश्चितता को देखते हुए यह रणनीति और भी प्रभावी साबित हो रही है क्योंकि किसी भी मैच में कुछ अच्छे प्रदर्शन ही परिणाम बदलने की क्षमता रखते हैं। इस सीजन में पंजाब किंग्स का प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि सही रणनीति और सकारात्मक माहौल के साथ कोई भी टीम लगातार सफलता हासिल कर सकती है।
  • एशेज : जो रूट ने 41वां टेस्ट शतक जड़ रिकी पोंटिंग के रिकॉर्ड की बराबरी की

    एशेज : जो रूट ने 41वां टेस्ट शतक जड़ रिकी पोंटिंग के रिकॉर्ड की बराबरी की


    सिडनी।
    इंग्लैंड (England) के स्टार बल्लेबाज जो रूट (Star batsman Joe Root) ने ऑस्ट्रेलिया (Australia) के खिलाफ सिडनी में जारी 5वें और आखिरी टेस्ट मैच में शतक जड़ दिग्गजों की बराबरी कर ली है। यह उनका इस सीरीज का दूसरा और करियर का 41वां टेस्ट शतक (41st Test century) है। जो रूट इसी के साथ ऑस्ट्रेलिया में एक एशेज सीरीज में एक से ज्यादा शतक जड़ने वाले चौथे इंग्लिश बल्लेबाज बन गए हैं। वहीं टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा शतक जड़ने वाले बल्लेबाजों की रेस में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग की बराबरी कर ली है। रूट अब इस लिस्ट में संयुक्त रूप से तीसरे पायदान पर पहुंच गए हैं। उनके आगे अब सिर्फ जैक कैलिस और ‘क्रिकेट के भगवान’ कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर रह गए हैं।

    जो रूट ने अपना 41वां टेस्ट शतक 146 गेंदों में पूरा किया। वह उस समय बल्लेबाजी करने आए थे जब इंग्लैंड 51 पर 2 विकेट खो चुका था। उन्होंने उप-कप्तान हैरी ब्रूक के साथ 169 रनों की साझेदारी भी की। रूट अपनी पारी में अभी तक 11 चौके लगा चुके हैं।

    जो रूट अब टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की रेस में सचिन तेंदुलकर और जैक कैलिस के बाद संयुक्त रूप से तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं। पोंटिंग और रूट के अब बराबर 41-41 शतक हैं। रूट की नजरें अब जैक कैलिस और फिर सचिन तेंदुलकर को पछाड़ने पर होगी।

    टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा शतक
    51 – सचिन तेंदुलकर
    45 – जैक्स कैलिस
    41 – रिकी पोंटिंग
    41 – जो रूट
    38 – कुमार संगकारा

    1994/95 के बाद से घर के बाद एशेज सीरीज में एक से ज्यादा शतक लगाने वाले जो रूट चौथे इंग्लैंड के बल्लेबाज बने हैं। उनसे पहले ये कारनामा माइकल वॉन, एलिस्टर कुक और जोनाथन ट्रॉट कर चुके हैं।


    1994/95 के बाद से इंग्लैंड के लिए अवे एशेज सीरीज में एक से ज्यादा शतक

    3 – माइकल वॉन 2002/03 में
    3 – एलिस्टर कुक 2010/11 में
    2 – जोनाथन ट्रॉट 2010/11 में
    2 – जो रूट 2025/26 में

    2021 के बाद जो रूट ने ऐसी लय पकड़ी है कि उनका कोई सानी नहीं रहा है। वह 2021 से टेस्ट क्रिकेट में कुल 24 शतक ठोक चुके हैं, वहीं इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर मौजूद खिलाड़ियों के 10-10 शतक ही हैं।


    2021 से सबसे ज्यादा टेस्ट शतक

    24 – जो रूट
    10 – स्टीवन स्मिथ
    10 – केन विलियमसन
    10 – हैरी ब्रूक
    10 – शुभमन गिल

    बात मुकाबले की करें तो, इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया था। पहले दिन खराब मौसम की वजह से 45 ओवर का ही खेल हो पाया। दूसरे दिन इंग्लैंड खबर लिखे जाने तक 5 विकेट के नुकसान पर 286 रन बोर्ड पर लगा चुका है।