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  • जसप्रीत बुमराह और ऋषभ पंत की टीम में वापसी की तैयारी…न्यूजीलैंड ए के खिलाफ खेलते आएंगे नजर!

    जसप्रीत बुमराह और ऋषभ पंत की टीम में वापसी की तैयारी…न्यूजीलैंड ए के खिलाफ खेलते आएंगे नजर!


    नई दिल्ली।
    भारतीय क्रिकेट फैन्स (Indian Cricket Fans) के लिए एक अच्छी खबर सामने आ रही है. टीम इंडिया (Team India) के मुख्य तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) और आक्रामक विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत (Rishabh Pant) एक साथ मैदान पर वापसी करने की तैयारी कर रहे हैं।

    न्यूजीलैंड के खिलाफ 19 नवंबर से शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज से ठीक पहले यह दोनों धाकड़ खिलाड़ी भारत ए और न्यूजीलैंड ए के बीच खेले जाने वाले तीसरे अनऑफिशियल टेस्ट मैच में एक्शन में दिखाई दे सकते हैं। यह मुकाबला 7 से 10 नवंबर के बीच लिंकन में खेला जाएगा।

    न्यूजीलैंड दौरे की उड़ान भरने से पहले दोनों स्टार खिलाड़ी इस समय बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई (BCCI) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में अपनी फिटनेस पर कड़ी मेहनत कर रहे हैं. भारतीय टेस्ट टीम में इन दोनों ही खिलाड़ियों का अहम रोल रहता है।

    अक्टूबर की शुरुआत में एशियन गेम्स में भारत को गोल्ड मेडल दिलाने के बाद से जसप्रीत बुमराह मैदान से बाहर थे. वेस्टइंडीज सीरीज और न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में आराम देने के बाद अब बीसीसीआई के ‘रिटर्न-टू-प्ले’ प्रोटोकॉल के तहत वे पूरी तरह फिट होकर 1 नवंबर को न्यूजीलैंड के लिए रवाना होंगे।


    पंत और बुमराह की हो सकती है वापसी

    ईरानी कप के दौरान साइड स्ट्रेन की समस्या से जूझ रहे ऋषभ पंत ने भी बेंगलुरु में हल्की बैटिंग प्रैक्टिस शुरू कर दी है. हालांकि, उन्हें बीसीसीआई मेडिकल टीम से हरी झंडी मिलना बाकी है. पंत की अनुपस्थिति में भारत ‘ए’ के शुरुआती दो मुकाबलों के लिए कुमार कुशाग्र को बैकअप के रूप में शामिल किया गया था।

    अगर मेडिकल टीम पंत को पूरी तरह फिट घोषित कर देती है तो 7 नवंबर को न्यूजीलैंड ‘ए’ के खिलाफ मैच में भारतीय फैन्स को बुमराह की यॉर्कर और पंत के तूफानी छक्के एक साथ देखने को मिलेंगे, जो न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज से पहले टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ा बूस्टर डोज साबित होगा।

  • ऋषभ पंत चोट के कारण न्यूजीलैंड दौरे के शुरुआती दो मैचों से बाहर, युवा विकेटकीपर कुमार कुशाग्र को मिला मौका

    ऋषभ पंत चोट के कारण न्यूजीलैंड दौरे के शुरुआती दो मैचों से बाहर, युवा विकेटकीपर कुमार कुशाग्र को मिला मौका


    नई दिल्ली:
    भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत चोट के कारण न्यूजीलैंड दौरे पर इंडिया ए के शुरुआती दो मैचों से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज कुमार कुशाग्र को टीम में शामिल किया गया है। पंत को यह चोट ईरानी कप के दौरान लगी थी, जब वह रेस्ट ऑफ इंडिया की कप्तानी कर रहे थे। उनके बाएं हिस्से में खिंचाव आने के बाद न्यूजीलैंड दौरे के लिए उनकी उपलब्धता फिटनेस पर निर्भर थी। अब वह शुरुआती दो मुकाबलों में नहीं खेल पाएंगे। हालांकि, तीसरे मैच में उनकी वापसी की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया गया है और इस पर आगे उनकी फिटनेस का आकलन करने के बाद निर्णय लिया जाएगा।

    पंत फिलहाल भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की मेडिकल टीम की देखरेख में हैं और उनकी चोट से उबरने की प्रक्रिया जारी है। चयनकर्ताओं ने उनकी जगह कुमार कुशाग्र को पहले दो मैचों के लिए टीम में शामिल करने का फैसला किया है। पंत की अनुपस्थिति में ध्रुव जुरेल इंडिया ए की कप्तानी करेंगे और विकेटकीपर की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। इस बदलाव से टीम की शुरुआती योजना में परिवर्तन हुआ है। न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में होने वाले बहुदिवसीय मुकाबले युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के लिए अपनी क्षमता दिखाने का अवसर हैं। ऐसे में पंत का बाहर होना टीम के लिए अहम बदलाव माना जा रहा है।

    झारखंड के 21 वर्षीय कुमार कुशाग्र ने हाल के घरेलू मुकाबलों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। उन्होंने दलीप ट्रॉफी के फाइनल में ईस्ट जोन की ओर से खेलते हुए साउथ जोन के खिलाफ शतक लगाया था। इसके बाद उन्होंने पुदुचेरी में ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ इंडिया ए के लिए भी शतकीय पारी खेली और नाबाद 46 रन बनाए। लगातार अच्छे प्रदर्शन के कारण उन्हें न्यूजीलैंड दौरे के शुरुआती दो मैचों में मौका मिला है। अब उनके पास इंडिया ए के लिए विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में अपनी उपयोगिता साबित करने का अवसर होगा। यह चयन उनके घरेलू क्रिकेट में किए गए प्रदर्शन के बाद आया है।

    इंडिया ए को न्यूजीलैंड ए के खिलाफ तीन बहुदिवसीय मुकाबले खेलने हैं। पहला मैच 24 से 28 अक्टूबर तक लिंकन में आयोजित होगा। दूसरा मुकाबला 31 अक्टूबर से 3 नवंबर तक क्राइस्टचर्च में खेला जाएगा, जबकि तीसरा और अंतिम मैच 7 से 10 नवंबर तक लिंकन में होगा। इन मैचों के जरिए खिलाड़ियों को न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में लाल गेंद से क्रिकेट खेलने का अनुभव मिलेगा। टीम में यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, देवदत्त पडिक्कल, साई सुदर्शन और वॉशिंगटन सुंदर जैसे खिलाड़ी भी शामिल हैं। हालांकि, कुछ वरिष्ठ खिलाड़ियों की उपलब्धता पर सीमित ओवरों की अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के कार्यक्रम का असर पड़ सकता है।

    पंत की चोट को लेकर एक और महत्वपूर्ण पहलू भारतीय सीनियर टीम के आगामी न्यूजीलैंड दौरे से जुड़ा है। भारत को 19 नवंबर से न्यूजीलैंड के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट श्रृंखला खेलनी है, जो 1 दिसंबर तक चलेगी। पंत की फिटनेस को लेकर फिलहाल इस श्रृंखला के लिए कोई अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं है। उनकी उपलब्धता का निर्णय चोट से उबरने की प्रगति और मेडिकल टीम के आकलन के आधार पर लिया जाएगा। अभी तक उनके तीसरे इंडिया ए मैच में खेलने पर भी फैसला बाकी है। ऐसे में आने वाले दिनों में उनकी फिटनेस पर नजर रहेगी, जबकि कुमार कुशाग्र को शुरुआती दो मैचों में मिले अवसर का लाभ उठाने की चुनौती होगी।

  • टीम इंडिया में बड़े बदलाव 5 खिलाड़ियों की वापसी ध्रुव जुरेल को मौका पंत का इंतजार फिर बढ़ा

    टीम इंडिया में बड़े बदलाव 5 खिलाड़ियों की वापसी ध्रुव जुरेल को मौका पंत का इंतजार फिर बढ़ा


    नई दिल्ली। वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली वनडे और टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान हो गया है। चयन समिति ने दोनों फॉर्मेट के लिए टीम में कई अहम बदलाव किए हैं। वनडे टीम में पांच ऐसे खिलाड़ियों की वापसी हुई है जो इंग्लैंड के खिलाफ पिछली वनडे सीरीज का हिस्सा नहीं थे। वहीं विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को एक बार फिर वनडे टीम में जगह नहीं मिली है। इस फैसले के बाद उनकी वनडे टीम में वापसी का इंतजार और बढ़ गया है।

    वनडे टीम में रवींद्र जडेजा मोहम्मद सिराज यशस्वी जायसवाल ऋतुराज गायकवाड़ और नीतीश कुमार रेड्डी की वापसी हुई है। इन खिलाड़ियों के आने से भारतीय टीम को बल्लेबाजी गेंदबाजी और ऑलराउंड विकल्पों में मजबूती मिलेगी। जडेजा के पास बाएं हाथ की स्पिन के साथ उपयोगी बल्लेबाजी का विकल्प रहेगा जबकि मोहम्मद सिराज तेज गेंदबाजी आक्रमण को अनुभव देंगे। यशस्वी जायसवाल को रिजर्व ओपनर के तौर पर टीम में शामिल किया गया है।

    वनडे टीम में कुछ नए चेहरों को भी मौका मिला है। तेज गेंदबाज आकिब नबी विकेटकीपर ध्रुव जुरेल और बल्लेबाज नमन धीर पहली बार वनडे टीम में शामिल किए गए हैं। इन तीनों खिलाड़ियों को वेस्टइंडीज के खिलाफ मौका मिलने पर भारत के लिए वनडे डेब्यू करने का अवसर मिल सकता है। ध्रुव जुरेल को विकेटकीपिंग के दूसरे विकल्प के तौर पर चुना गया है। इसके साथ ही केएल राहुल टीम में विकेटकीपर की भूमिका भी निभाएंगे।

    ऋषभ पंत की गैरमौजूदगी इस चयन की सबसे चर्चित बातों में से एक है। पंत को इस साल न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम में चुना गया था लेकिन चोट के कारण वह सीरीज से बाहर हो गए थे। इसके बाद वह वनडे टीम में वापसी नहीं कर पाए। अब ध्रुव जुरेल को उनसे आगे चुना गया है। पंत को अगले महीने होने वाले ईरानी कप के लिए रेस्ट ऑफ इंडिया की कप्तानी सौंपी गई है।

    वनडे टीम की कप्तानी शुभमन गिल करेंगे जबकि केएल राहुल उपकप्तान बनाए गए हैं। रोहित शर्मा और विराट कोहली को भी टीम में बरकरार रखा गया है। रोहित ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे में शानदार शतक लगाया था। श्रेयस अय्यर की गैरमौजूदगी में ऋतुराज गायकवाड़ को मध्यक्रम में नंबर चार की भूमिका के लिए देखा जा रहा है।

    नीतीश कुमार रेड्डी को एशियन गेम्स की टीम से वापस बुलाकर वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में शामिल किया गया है। वहीं चोटिल वरुण चक्रवर्ती एशियन गेम्स की टीम से बाहर हो गए हैं और उनकी जगह विप्रज निगम को शामिल किया गया है। चयन के इस बदलाव से साफ है कि टीम मैनेजमेंट नीतीश को वनडे क्रिकेट में ज्यादा मैच समय देना चाहता है।

    टी20 टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर को सौंपी गई है। टीम में मयंक यादव और प्रिंस यादव की वापसी हुई है। 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को भी टीम में बरकरार रखा गया है। उनके अलावा अभिषेक शर्मा ईशान किशन संजू सैमसन तिलक वर्मा शिवम दुबे अक्षर पटेल वॉशिंगटन सुंदर और रवि बिश्नोई जैसे खिलाड़ी टीम का हिस्सा हैं। अर्शदीप सिंह तेज गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई करेंगे।

    स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या अभी पूरी तरह फिट नहीं हैं और इसी वजह से उन्हें दोनों टीमों में जगह नहीं मिली। हर्ष दुबे सूर्यांश शेडगे और हर्षित राणा भी चोट के कारण चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे।

    भारत और वेस्टइंडीज के बीच वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 27 सितंबर को तिरुवनंतपुरम में होगा। इसके बाद 30 सितंबर को गुवाहाटी और 3 अक्टूबर को मुल्लांपुर में मुकाबला खेला जाएगा। पांच मैचों की टी20 सीरीज 6 अक्टूबर से शुरू होगी। इसके मुकाबले लखनऊ रांची इंदौर हैदराबाद और बेंगलुरु में खेले जाएंगे। इस सीरीज में भारतीय टीम के कई युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर खास नजर रहेगी।

  • पंत के साथ पार्टी में नजर आए माही हुक्के का जिक्र आते ही वायरल हुआ VIDEO पुराने किस्से भी चर्चा में

    पंत के साथ पार्टी में नजर आए माही हुक्के का जिक्र आते ही वायरल हुआ VIDEO पुराने किस्से भी चर्चा में


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान एमएस धोनी एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। इस बार वजह क्रिकेट का मैदान नहीं बल्कि एक वायरल VIDEO है जिसमें धोनी भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत के साथ पार्टी करते नजर आ रहे हैं। दोनों खिलाड़ियों की मौजूदगी वाली यह क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर की जा रही है। VIDEO में पंत कुछ दोस्तों के साथ आराम करते दिखाई देते हैं जबकि धोनी पीछे की तरफ नजर आते हैं। इसी दौरान कथित तौर पर धोनी की आवाज सुनाई देती है जिसमें वह जरा हुक्का पीके आता हूं कहते नजर आते हैं। इसके बाद से हुक्के को लेकर सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई है।

    वायरल VIDEO में ऋषभ पंत एक सोफे पर कुछ लोगों के साथ बैठे दिखाई दे रहे हैं। आसपास का माहौल किसी होटल या निजी गेट टुगेदर जैसा नजर आता है। टेबल पर कुछ पेय पदार्थ भी दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान एमएस धोनी एक तस्वीर खिंचवाने के बाद वापस आते हैं और पंत के पास पहुंचते दिखाई देते हैं। दोनों के बीच दोस्ताना अंदाज भी नजर आता है। हालांकि इस VIDEO की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इसके अलावा यह भी साफ नहीं है कि VIDEO कब और किस जगह रिकॉर्ड किया गया था।

    धोनी के कथित हुक्का वाले बयान ने इसलिए भी लोगों का ध्यान खींचा क्योंकि पूर्व क्रिकेटरों के पुराने बयानों में भी धोनी के हुक्का या शीशा इस्तेमाल करने का जिक्र सामने आ चुका है। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान जॉर्ज बेली पहले धोनी के कमरे के माहौल को लेकर दिलचस्प बातें बता चुके हैं। उनके मुताबिक धोनी कभी कभी शीशा या हुक्का इस्तेमाल करते थे और उनके कमरे में खिलाड़ियों के आने जाने का सिलसिला लगा रहता था। युवा खिलाड़ी भी उनके कमरे में बैठकर समय बिताते और बातचीत करते थे।

    चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व खिलाड़ी माइकल हसी भी धोनी के होटल रूम को लेकर ऐसी ही बातें बता चुके हैं। उनके अनुसार धोनी का कमरा कई बार खिलाड़ियों के लिए अनौपचारिक मिलन स्थल जैसा बन जाता था। खिलाड़ी वहां बैठते थे बातचीत करते थे और टीम से जुड़े मामलों के अलावा निजी बातें भी साझा करते थे। यही पुराने किस्से अब वायरल VIDEO सामने आने के बाद एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गए हैं।

    ऋषभ पंत और एमएस धोनी की दोस्ती भी क्रिकेट प्रशंसकों के लिए खास रही है। पंत के शुरुआती दौर से ही धोनी को उनके लिए एक मार्गदर्शक के तौर पर देखा जाता रहा है। दोनों विकेटकीपर बल्लेबाजों के बीच मैदान के बाहर भी अच्छी बॉन्डिंग दिखाई देती रही है। हाल के दिनों में भी दोनों को रांची में साथ समय बिताते देखा गया था। पंत वहां ट्रेनिंग कर रहे थे और धोनी के साथ उनकी मुलाकात की तस्वीरें और वीडियो भी चर्चा में रहे थे।

    जहां एक तरफ धोनी और पंत का पार्टी VIDEO सुर्खियां बटोर रहा है वहीं ऋषभ पंत हाल में मैदान पर भी शानदार प्रदर्शन के कारण चर्चा में रहे हैं। श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में पंत ने तीन पारियों में 168 रन बनाए थे। उनका औसत 56 रहा और उन्होंने दो अर्धशतक लगाए। गॉल टेस्ट की दूसरी पारी में पंत ने 66 रन की अहम पारी खेली थी।

    इसी सीरीज के दौरान पंत ने टेस्ट क्रिकेट में एक बड़ी उपलब्धि भी हासिल की। वह टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम अब 3725 रन हैं। उन्होंने 90 पारियों में आठ शतक और 21 अर्धशतक लगाए हैं।

    फिलहाल सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा धोनी के कथित जरा हुक्का पीके आता हूं वाले बयान की हो रही है। VIDEO को लेकर फैंस अलग अलग राय दे रहे हैं। हालांकि जब तक VIDEO की जगह समय और प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं होती तब तक इससे जुड़े दावों को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है। VIDEO वायरल होने के बावजूद इस मामले पर धोनी या पंत की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

  • एक खिलाड़ी को खास ट्रीटमेंट क्यों? अश्विन ने पंत के रवैये पर उठाए सवाल, ‘जेनरेशन के खिलाड़ी’ का टैग भी नकारा

    एक खिलाड़ी को खास ट्रीटमेंट क्यों? अश्विन ने पंत के रवैये पर उठाए सवाल, ‘जेनरेशन के खिलाड़ी’ का टैग भी नकारा


    नई दिल्ली। पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत के हालिया प्रदर्शन और उनकी शॉट सिलेक्शन को लेकर सवाल उठाए हैं। अश्विन के मुताबिक पंत ने अभी तक उन उम्मीदों को पूरी तरह पूरा नहीं किया है, जो उनसे की जाती हैं। श्रीलंका के खिलाफ हालिया दो टेस्ट की सीरीज में पंत ने 168 रन बनाए, जिसमें दो अर्धशतक शामिल रहे। हालांकि, उनके आक्रामक अंदाज और कुछ शॉट्स के चयन को लेकर बहस जारी है।

    ‘पंत से मेरी उम्मीदें अभी तक पूरी नहीं हुईं’

    अपने यूट्यूब चैनल ‘एश की बात’ पर अश्विन ने कहा कि पंत से उनकी उम्मीदें अब तक पूरी नहीं हुई हैं। उनका कहना है कि टेस्ट क्रिकेट में किसी बल्लेबाज के स्वाभाविक अंदाज को ही हर परिस्थिति में सही नहीं माना जा सकता। खिलाड़ी को यह भी देखना चाहिए कि उस वक्त टीम की जरूरत क्या है।

    अश्विन ने कहा, ‘ऋषभ पंत से मेरी उम्मीदें अब तक पूरी नहीं हुई हैं। जब खेल आपके हाथ में हो, तब ये कहना कि ऋषभ इसी तरह खेलता है सही नहीं है। सवाल यह है कि उस समय आपकी टीम को क्या चाहिए।’

    एक गलती पूरे टेस्ट का रुख बदल सकती है

    अश्विन ने पंत के आक्रामक क्रिकेट के समर्थन में दिए जाने वाले तर्कों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि टेस्ट मैच जीतने के लिए पूरी टीम के 11 खिलाड़ियों का योगदान जरूरी होता है, लेकिन एक गलत फैसला हार की वजह बन सकता है।

    उन्होंने सिडनी और ब्रिस्बेन में पंत की पारियों की तारीफ की, लेकिन साथ ही वॉशिंगटन सुंदर और शार्दुल ठाकुर जैसे खिलाड़ियों के योगदान को भी अहम बताया।

    अश्विन के मुताबिक, ‘एक टेस्ट मैच बनाने और आखिरी सेशन में जीतने के लिए 11 क्रिकेटरों की जरूरत होती है, लेकिन टेस्ट हारने के लिए सिर्फ एक पल की मूर्खतापूर्ण गलती काफी होती है।’

    सहवाग-गिलक्रिस्ट से तुलना भी मंजूर नहीं

    अश्विन ने पंत की तुलना वीरेंद्र सहवाग और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व विकेटकीपर एडम गिलक्रिस्ट से किए जाने पर भी असहमति जताई। उन्होंने कहा कि दोनों खिलाड़ी बेहद आक्रामक क्रिकेट खेलते थे, लेकिन मैच की परिस्थितियों को पूरी तरह नजरअंदाज करके जोखिम नहीं लेते थे।

    उनका कहना है कि टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाज को यह समझना जरूरी है कि कब आक्रमण करना है और कब स्थिति के मुताबिक संयम बरतना है। अश्विन ने साफ किया कि वह पंत को बतौर खिलाड़ी पसंद करते हैं, लेकिन परिस्थितियों के हिसाब से फैसले लेने की क्षमता में अभी सुधार की जरूरत है।

    ‘किसी एक खिलाड़ी को विशेष ट्रीटमेंट मत दीजिए’

    अश्विन ने पंत को ‘एक पीढ़ी में आने वाला खिलाड़ी’ बताकर उन्हें अतिरिक्त समर्थन देने की दलील को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि अगर पंत जैसे खिलाड़ी को विशेष समर्थन दिया जाता है तो यशस्वी जायसवाल जैसे युवा खिलाड़ियों को भी वैसा ही भरोसा मिलना चाहिए।

    उन्होंने कहा, ‘किसी एक खिलाड़ी को विशेष ट्रीटमेंट मत दीजिए। अगर एक पीढ़ी में आने वाले खिलाड़ी को इतना समर्थन देना है, तो यह समर्थन सभी को मिलना चाहिए। यशस्वी जायसवाल भी ऐसा ही खिलाड़ी है।’

    50 से ज्यादा टेस्ट खेल चुके हैं, अब जिम्मेदारी जरूरी

    अश्विन ने पंत के अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि अब उन्हें युवा या अनुभवहीन खिलाड़ी नहीं माना जा सकता। वह 50 से ज्यादा टेस्ट खेल चुके हैं और इसलिए उनसे जिम्मेदारी के साथ खेलने की उम्मीद की जाती है।

    अश्विन ने कहा, ‘ऋषभ अनुभवी हैं। वह 50 टेस्ट खेल चुके हैं। अब उन्हें जिम्मेदारी लेनी होगी। एक पीढ़ी में आने वाला खिलाड़ी वाली दलील मत दीजिए। उनकी निर्णय लेने की क्षमता की वजह से ही वह बाकी दो फॉर्मेट नहीं खेल रहे हैं।’

    हालांकि, अश्विन ने यह भी कहा कि अगर पंत को उनकी गलतियों के बारे में सही तरीके से बताया जाए और वह अपनी निर्णय लेने की क्षमता पर काम करें, तो वह भविष्य में भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में खेलने वाले खिलाड़ी बन सकते हैं।

    प्रतिभा पर नहीं, फैसलों पर सवाल

    अश्विन ने स्पष्ट किया कि पंत की प्रतिभा पर उन्हें कोई संदेह नहीं है। उनकी आपत्ति मुख्य रूप से टेस्ट क्रिकेट में जोखिम लेने के तरीके और समय को लेकर है। पंत को अपने स्वाभाविक आक्रामक अंदाज और टीम की जरूरत के बीच बेहतर तालमेल बैठाना होगा।

    अश्विन ने कहा, ‘मुझे ऋषभ पंत खिलाड़ी के तौर पर बहुत पसंद हैं।’ साथ ही उन्होंने जोर दिया कि बेहतर निर्णय लेने की क्षमता ही पंत को टेस्ट क्रिकेट में और प्रभावी बना सकती है।

  • देर रात ऋषभ पंत ने CM पुष्कर धामी को किया मैसेज, बोले- ‘भटक रहा हूं…’ रखी बड़ी डिमांड

    देर रात ऋषभ पंत ने CM पुष्कर धामी को किया मैसेज, बोले- ‘भटक रहा हूं…’ रखी बड़ी डिमांड


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत इन दिनों श्रीलंका दौरे पर हैं लेकिन इसी बीच उनका एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा का विषय बन गया है। पंत ने देर रात उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को टैग करते हुए अपने लिए जमीन खरीदने में मदद की अपील की। क्रिकेटर ने बताया कि वह लंबे समय से उत्तराखंड में अपना घर बनाने और दिल्ली से अपना बेस अपने गृह राज्य में शिफ्ट करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि जमीन की तलाश में उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पंत के मुताबिक वह करीब तीन साल से जमीन का इंतजार कर रहे हैं और अब उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में मदद करने का अनुरोध किया है।

    ऋषभ पंत ने शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात करीब 12 बजकर 46 मिनट पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को टैग करते हुए पोस्ट किया। उन्होंने अपने संदेश में उत्तराखंड के प्रति अपने लगाव का जिक्र किया और कहा कि वह अपने राज्य में वापस लौटना चाहते हैं। पंत ने बताया कि वह उत्तराखंड में ऐसी जगह तलाश रहे हैं जहां सुविधाओं के साथ अपना घर बनाया जा सके और अपना बेस दिल्ली से उत्तराखंड शिफ्ट किया जा सके। लेकिन जमीन खरीदने की प्रक्रिया उनके लिए आसान नहीं रही है।

    पंत ने मुख्यमंत्री से जमीन खरीदने की प्रक्रिया को स्पष्ट कराने और इसमें मदद करने की अपील की। उन्होंने कहा कि वह उत्तराखंड से जुड़े हुए हैं और अपने पहाड़ी लोगों के बीच वापस लौटना चाहते हैं। क्रिकेटर ने यह भी इच्छा जताई कि वह अपने राज्य के विकास और निर्माण में योगदान देना चाहते हैं। इसी वजह से वह उत्तराखंड में स्थायी रूप से अपना घर बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं।

    ऋषभ पंत ने अपनी अपील में जमीन को लेकर एक विकल्प भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार उन्हें जमीन उपलब्ध कराने की अनुमति देती है तो वह उसे निर्धारित सरकारी दर पर खरीदने के लिए तैयार हैं। पंत के लिए यह केवल जमीन खरीदने का मामला नहीं है बल्कि उत्तराखंड में अपना पहला घर बनाने से जुड़ा सपना है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले पर गंभीरता से ध्यान देने और उन्हें सही प्रक्रिया बताने की अपील की।

    पंत का उत्तराखंड से पुराना और गहरा जुड़ाव रहा है। उनका परिवार राज्य से जुड़ा हुआ है और वह कई मौकों पर उत्तराखंड के प्रति अपना लगाव जाहिर कर चुके हैं। अब उन्होंने सार्वजनिक रूप से मुख्यमंत्री से मदद मांगकर यह साफ कर दिया है कि वह अपने गृह राज्य में वापस लौटकर यहां अपना स्थायी ठिकाना बनाना चाहते हैं।

    पंत की अपील पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने क्रिकेटर को उत्तराखंड का गौरव बताते हुए कहा कि पंत ने अपने शानदार खेल और उपलब्धियों से देश और दुनिया में देवभूमि का नाम रोशन किया है। मुख्यमंत्री ने उनकी मातृभूमि के प्रति प्रेम और उत्तराखंड लौटकर योगदान देने की भावना की सराहना की और जरूरी सहयोग का भरोसा दिया।

    ऋषभ पंत इस समय भारतीय टेस्ट टीम के साथ श्रीलंका दौरे पर हैं और टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया के अहम खिलाड़ियों में शामिल हैं। अब उनकी जमीन से जुड़ी अपील के बाद निगाहें उत्तराखंड सरकार की अगली कार्रवाई पर हैं। अगर सरकारी स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ती है तो पंत का अपने पहाड़ में पहला घर बनाने का सपना जल्द पूरा हो सकता है।

  • ऋषभ पंत के निशाने पर ऐतिहासिक रिकॉर्ड, टेस्ट क्रिकेट में रच सकते हैं नया विश्व कीर्तिमान

    ऋषभ पंत के निशाने पर ऐतिहासिक रिकॉर्ड, टेस्ट क्रिकेट में रच सकते हैं नया विश्व कीर्तिमान


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत एक ऐसे मुकाम के करीब पहुंच चुके हैं, जहां से इतिहास उनका इंतजार कर रहा है। अफगानिस्तान के खिलाफ मुल्लांपुर में खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच में पंत ने पहले दिन शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद अर्धशतक जमाया और साथ ही एक बड़े विश्व रिकॉर्ड की ओर भी कदम बढ़ा दिए। अब उन्हें टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्कों का आंकड़ा छूने के लिए केवल तीन और छक्कों की जरूरत है।

    पहले दिन का खेल समाप्त होने तक भारतीय टीम मजबूत स्थिति में पहुंच चुकी थी। कप्तान शुभमन गिल और उप-कप्तान केएल राहुल के शानदार शतकों के बीच ऋषभ पंत ने भी अपनी आक्रामक शैली का प्रदर्शन करते हुए अर्धशतक जड़ा। उनकी पारी में कई आकर्षक शॉट देखने को मिले, जिनमें तीन लंबे छक्के भी शामिल रहे। इन छक्कों के साथ पंत के टेस्ट करियर में कुल 97 छक्के हो गए हैं।

    अगर पंत मैच के दूसरे दिन तीन और छक्के लगाने में सफल रहते हैं, तो वह टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 100 छक्के पूरे करने वाले बल्लेबाज बन जाएंगे। फिलहाल यह रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज विकेटकीपर एडम गिलक्रिस्ट के नाम दर्ज है, जिन्होंने 137 पारियों में 100 टेस्ट छक्के पूरे किए थे। वहीं न्यूजीलैंड के विस्फोटक बल्लेबाज ब्रेंडन मैक्कुलम ने यह उपलब्धि 176 पारियों में हासिल की थी, जबकि इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने 178 पारियों में यह आंकड़ा छुआ था।

    ऋषभ पंत की बात करें तो वह अभी अपने टेस्ट करियर की 87वीं पारी खेल रहे हैं। ऐसे में यदि वह इस मैच में 100 छक्कों का आंकड़ा छू लेते हैं तो न केवल गिलक्रिस्ट का रिकॉर्ड ध्वस्त होगा, बल्कि वह 100 से कम पारियों में यह उपलब्धि हासिल करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज भी बन जाएंगे। यह उपलब्धि उनके 50वें टेस्ट मैच में दर्ज हो सकती है, जो इसे और भी खास बना देगी।

    टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड फिलहाल इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स के नाम है, जिन्होंने 136 छक्के लगाए हैं। उनके बाद ब्रेंडन मैक्कुलम 107 और एडम गिलक्रिस्ट 100 छक्कों के साथ सूची में शामिल हैं। न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज टिम साउदी और वेस्टइंडीज के धाकड़ बल्लेबाज क्रिस गेल भी 98-98 छक्कों के साथ शीर्ष खिलाड़ियों में गिने जाते हैं।

    दिलचस्प बात यह है कि अफगानिस्तान टेस्ट से पहले टीम प्रबंधन ने ऋषभ पंत से उप-कप्तानी की जिम्मेदारी वापस लेकर केएल राहुल को यह भूमिका सौंपी है। चयनकर्ताओं का मानना है कि पंत को फिलहाल अपनी बल्लेबाजी पर अधिक ध्यान देना चाहिए। ऐसा लगता है कि पंत ने इस फैसले का जवाब अपने बल्ले से देना शुरू कर दिया है।

    क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब मैच के दूसरे दिन पर टिकी हैं। सभी को उम्मीद है कि पंत न केवल अपना शतक पूरा करेंगे, बल्कि टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे तेज 100 छक्कों का नया विश्व रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज कर भारतीय क्रिकेट को एक और गौरवपूर्ण क्षण देंगे।

  • ऋषभ पंत को लेकर आया समर्थन, कहा- टेस्ट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा

    ऋषभ पंत को लेकर आया समर्थन, कहा- टेस्ट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा


    मध्य प्रदेश । भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को लेकर पूर्व चयनकर्ता देवांग गांधी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पंत को भारत का अब तक का सबसे बेहतरीन विकेटकीपर-बल्लेबाज बताते हुए उनकी टेस्ट क्रिकेट में भूमिका की जमकर सराहना की।

    देवांग गांधी ने कहा कि भले ही पंत इस समय खराब फॉर्म से गुजर रहे हों, लेकिन उनकी क्षमता और मैच जिताने वाली पारियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि चयनकर्ता भी उनकी काबिलियत को समझते हैं और इसी वजह से उन्हें लगातार मौके दिए जा रहे हैं।

    उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पंत का इंग्लैंड दौरा काफी प्रभावशाली रहा था, हालांकि चोट के कारण वह पूरी सीरीज नहीं खेल पाए थे। इसके बावजूद टेस्ट क्रिकेट में उनका योगदान भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा है।

    देवांग गांधी के अनुसार, पंत ने विदेशी पिचों पर भी शानदार प्रदर्शन किया है। चाहे दक्षिण अफ्रीका हो, इंग्लैंड या ऑस्ट्रेलिया—उन्होंने कई अहम मौकों पर मैच जिताने वाली पारियां खेली हैं, जिससे उनकी उपयोगिता और भी बढ़ जाती है।

    पूर्व चयनकर्ता ने यह भी कहा कि पंत की विकेटकीपिंग पर अक्सर बात नहीं होती, जबकि उन्होंने इसमें काफी सुधार किया है और घरेलू व विदेशी दोनों परिस्थितियों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उन्होंने पंत को “आधुनिक दौर का सबसे प्रभावशाली विकेटकीपर-बल्लेबाज” करार दिया।

    उन्होंने खास तौर पर गाबा टेस्ट में खेली गई पंत की ऐतिहासिक पारी का जिक्र करते हुए कहा कि वह हमेशा क्रिकेट प्रेमियों के लिए यादगार रहेगी। पंत अब अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले टेस्ट में अपने करियर का 50वां टेस्ट मैच खेलने उतर सकते हैं, जो उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

  • “पंत को गेम बदलने को नहीं कहा, परिस्थितियों के अनुसार खेलना जरूरी”: गौतम गंभीर

    “पंत को गेम बदलने को नहीं कहा, परिस्थितियों के अनुसार खेलना जरूरी”: गौतम गंभीर


    नई दिल्ली । भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को लेकर चल रही चर्चाओं पर स्थिति साफ कर दी है। उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन पंत से उनका प्राकृतिक आक्रामक खेल बदलने की उम्मीद नहीं करता, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में परिस्थितियों को समझकर खेलना बेहद जरूरी है।

    गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हर खिलाड़ी को उसके प्रदर्शन के आधार पर आंका जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि किसी को अपनी शैली पूरी तरह बदलनी होगी। उनके अनुसार, टेस्ट, वनडे या टी20—हर फॉर्मेट में लक्ष्य रन बनाना और टीम के लिए योगदान देना ही होता है, लेकिन यह कैसे करना है, यह मैच की स्थिति पर निर्भर करता है।

    उन्होंने साफ किया कि पंत को “गेम बदलने” या अलग तरीके से खेलने का निर्देश नहीं दिया गया है। बल्कि उनसे उम्मीद है कि वह अपने नैचुरल गेम के साथ-साथ हालात को पढ़कर समझदारी से बल्लेबाजी करें।

    ऋषभ पंत हाल के समय में फॉर्म को लेकर चर्चा में रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। हालांकि, इंग्लैंड दौरे पर उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की थी, लेकिन चोट के कारण वह सीरीज बीच में छोड़कर बाहर हो गए थे।

    अब पंत के पास अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट में खुद को साबित करने का बड़ा मौका होगा। यह मुकाबला उनके टेस्ट करियर का 50वां मैच भी हो सकता है, जो उनके करियर के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

  • करोड़ों की कीमत, लेकिन प्रदर्शन रहा फीका; IPL 2026 के 5 सबसे बड़े फ्लॉप खिलाड़ी

    करोड़ों की कीमत, लेकिन प्रदर्शन रहा फीका; IPL 2026 के 5 सबसे बड़े फ्लॉप खिलाड़ी


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में जहां कई खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से सुर्खियां बटोरीं, वहीं कुछ बड़े नाम उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन टीमों के लिए निराशा का कारण बना।

    आईपीएल 2026 में कई युवा खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और कुछ अनुभवी सितारों ने भी शानदार प्रदर्शन कर अपनी टीमों को सफलता दिलाई। लेकिन दूसरी तरफ ऐसे खिलाड़ी भी रहे, जिन पर फ्रेंचाइजियों ने भारी-भरकम रकम खर्च की, मगर वे पूरे सीजन में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सके। इन खिलाड़ियों की खराब फॉर्म का असर उनकी टीमों के अभियान पर भी साफ दिखाई दिया।

    सबसे ज्यादा निराश करने वाले खिलाड़ियों में नाम आता है Cameron Green का। Kolkata Knight Riders ने उन्हें 25.20 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया था। ग्रीन से बल्ले और गेंद दोनों से योगदान की उम्मीद थी, लेकिन वह 14 मैचों में केवल 322 रन ही बना सके। उनके बल्ले से सिर्फ दो अर्धशतक निकले और गेंदबाजी में भी वह कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ पाए। इतनी बड़ी रकम खर्च करने के बाद यह प्रदर्शन केकेआर के लिए निराशाजनक रहा।

    दूसरे बड़े नाम हैं Rishabh Pant। 27 करोड़ रुपये की कीमत के साथ आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ियों में शामिल पंत का सीजन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। Lucknow Super Giants के लिए खेलते हुए उन्होंने 14 मैचों में केवल 312 रन बनाए और पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ एक अर्धशतक लगा सके। उनकी बल्लेबाजी में निरंतरता की कमी टीम को भारी पड़ी।

    Suryakumar Yadav भी इस सीजन संघर्ष करते नजर आए। Mumbai Indians ने उन्हें 16.35 करोड़ रुपये में रिटेन किया था, लेकिन वह 13 पारियों में सिर्फ 270 रन ही बना सके। दो अर्धशतकों के अलावा उनका प्रदर्शन फीका रहा और मध्यक्रम में उनकी नाकामी का असर टीम के नतीजों पर पड़ा।

    वेस्टइंडीज के विस्फोटक बल्लेबाज Nicholas Pooran से भी काफी उम्मीदें थीं। Lucknow Super Giants ने उन्हें 21 करोड़ रुपये में रिटेन किया था, लेकिन पूरन 14 मैचों में केवल 234 रन बना सके। पूरे सीजन में उनके बल्ले से सिर्फ एक अर्धशतक निकला और वह अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचानी जाने वाली छाप छोड़ने में नाकाम रहे।

    सूची में पांचवां नाम Hardik Pandya का है। Mumbai Indians के कप्तान के रूप में हार्दिक का प्रदर्शन बल्ले और गेंद दोनों से साधारण रहा। 10 मैचों में उन्होंने केवल 206 रन बनाए और एक भी अर्धशतक नहीं लगा सके। गेंदबाजी में भी उनके खाते में सिर्फ चार विकेट आए। कप्तान और ऑलराउंडर दोनों भूमिकाओं में उनका योगदान अपेक्षाओं से काफी कम रहा।

    आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट में खिलाड़ियों की कीमत और प्रदर्शन की तुलना हमेशा चर्चा का विषय रहती है। आईपीएल 2026 में इन खिलाड़ियों से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन उनका प्रदर्शन उनकी फ्रेंचाइजियों की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर सका। यही वजह रही कि करोड़ों रुपये की निवेश के बावजूद ये सितारे सीजन के सबसे बड़े निराशाजनक खिलाड़ियों में गिने जा रहे हैं।