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  • ऋषभ पंत के निशाने पर ऐतिहासिक रिकॉर्ड, टेस्ट क्रिकेट में रच सकते हैं नया विश्व कीर्तिमान

    ऋषभ पंत के निशाने पर ऐतिहासिक रिकॉर्ड, टेस्ट क्रिकेट में रच सकते हैं नया विश्व कीर्तिमान


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत एक ऐसे मुकाम के करीब पहुंच चुके हैं, जहां से इतिहास उनका इंतजार कर रहा है। अफगानिस्तान के खिलाफ मुल्लांपुर में खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच में पंत ने पहले दिन शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद अर्धशतक जमाया और साथ ही एक बड़े विश्व रिकॉर्ड की ओर भी कदम बढ़ा दिए। अब उन्हें टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्कों का आंकड़ा छूने के लिए केवल तीन और छक्कों की जरूरत है।

    पहले दिन का खेल समाप्त होने तक भारतीय टीम मजबूत स्थिति में पहुंच चुकी थी। कप्तान शुभमन गिल और उप-कप्तान केएल राहुल के शानदार शतकों के बीच ऋषभ पंत ने भी अपनी आक्रामक शैली का प्रदर्शन करते हुए अर्धशतक जड़ा। उनकी पारी में कई आकर्षक शॉट देखने को मिले, जिनमें तीन लंबे छक्के भी शामिल रहे। इन छक्कों के साथ पंत के टेस्ट करियर में कुल 97 छक्के हो गए हैं।

    अगर पंत मैच के दूसरे दिन तीन और छक्के लगाने में सफल रहते हैं, तो वह टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 100 छक्के पूरे करने वाले बल्लेबाज बन जाएंगे। फिलहाल यह रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज विकेटकीपर एडम गिलक्रिस्ट के नाम दर्ज है, जिन्होंने 137 पारियों में 100 टेस्ट छक्के पूरे किए थे। वहीं न्यूजीलैंड के विस्फोटक बल्लेबाज ब्रेंडन मैक्कुलम ने यह उपलब्धि 176 पारियों में हासिल की थी, जबकि इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने 178 पारियों में यह आंकड़ा छुआ था।

    ऋषभ पंत की बात करें तो वह अभी अपने टेस्ट करियर की 87वीं पारी खेल रहे हैं। ऐसे में यदि वह इस मैच में 100 छक्कों का आंकड़ा छू लेते हैं तो न केवल गिलक्रिस्ट का रिकॉर्ड ध्वस्त होगा, बल्कि वह 100 से कम पारियों में यह उपलब्धि हासिल करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज भी बन जाएंगे। यह उपलब्धि उनके 50वें टेस्ट मैच में दर्ज हो सकती है, जो इसे और भी खास बना देगी।

    टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड फिलहाल इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स के नाम है, जिन्होंने 136 छक्के लगाए हैं। उनके बाद ब्रेंडन मैक्कुलम 107 और एडम गिलक्रिस्ट 100 छक्कों के साथ सूची में शामिल हैं। न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज टिम साउदी और वेस्टइंडीज के धाकड़ बल्लेबाज क्रिस गेल भी 98-98 छक्कों के साथ शीर्ष खिलाड़ियों में गिने जाते हैं।

    दिलचस्प बात यह है कि अफगानिस्तान टेस्ट से पहले टीम प्रबंधन ने ऋषभ पंत से उप-कप्तानी की जिम्मेदारी वापस लेकर केएल राहुल को यह भूमिका सौंपी है। चयनकर्ताओं का मानना है कि पंत को फिलहाल अपनी बल्लेबाजी पर अधिक ध्यान देना चाहिए। ऐसा लगता है कि पंत ने इस फैसले का जवाब अपने बल्ले से देना शुरू कर दिया है।

    क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब मैच के दूसरे दिन पर टिकी हैं। सभी को उम्मीद है कि पंत न केवल अपना शतक पूरा करेंगे, बल्कि टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे तेज 100 छक्कों का नया विश्व रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज कर भारतीय क्रिकेट को एक और गौरवपूर्ण क्षण देंगे।

  • ऋषभ पंत को लेकर आया समर्थन, कहा- टेस्ट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा

    ऋषभ पंत को लेकर आया समर्थन, कहा- टेस्ट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा


    मध्य प्रदेश । भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को लेकर पूर्व चयनकर्ता देवांग गांधी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पंत को भारत का अब तक का सबसे बेहतरीन विकेटकीपर-बल्लेबाज बताते हुए उनकी टेस्ट क्रिकेट में भूमिका की जमकर सराहना की।

    देवांग गांधी ने कहा कि भले ही पंत इस समय खराब फॉर्म से गुजर रहे हों, लेकिन उनकी क्षमता और मैच जिताने वाली पारियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि चयनकर्ता भी उनकी काबिलियत को समझते हैं और इसी वजह से उन्हें लगातार मौके दिए जा रहे हैं।

    उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पंत का इंग्लैंड दौरा काफी प्रभावशाली रहा था, हालांकि चोट के कारण वह पूरी सीरीज नहीं खेल पाए थे। इसके बावजूद टेस्ट क्रिकेट में उनका योगदान भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा है।

    देवांग गांधी के अनुसार, पंत ने विदेशी पिचों पर भी शानदार प्रदर्शन किया है। चाहे दक्षिण अफ्रीका हो, इंग्लैंड या ऑस्ट्रेलिया—उन्होंने कई अहम मौकों पर मैच जिताने वाली पारियां खेली हैं, जिससे उनकी उपयोगिता और भी बढ़ जाती है।

    पूर्व चयनकर्ता ने यह भी कहा कि पंत की विकेटकीपिंग पर अक्सर बात नहीं होती, जबकि उन्होंने इसमें काफी सुधार किया है और घरेलू व विदेशी दोनों परिस्थितियों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उन्होंने पंत को “आधुनिक दौर का सबसे प्रभावशाली विकेटकीपर-बल्लेबाज” करार दिया।

    उन्होंने खास तौर पर गाबा टेस्ट में खेली गई पंत की ऐतिहासिक पारी का जिक्र करते हुए कहा कि वह हमेशा क्रिकेट प्रेमियों के लिए यादगार रहेगी। पंत अब अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले टेस्ट में अपने करियर का 50वां टेस्ट मैच खेलने उतर सकते हैं, जो उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

  • “पंत को गेम बदलने को नहीं कहा, परिस्थितियों के अनुसार खेलना जरूरी”: गौतम गंभीर

    “पंत को गेम बदलने को नहीं कहा, परिस्थितियों के अनुसार खेलना जरूरी”: गौतम गंभीर


    नई दिल्ली । भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को लेकर चल रही चर्चाओं पर स्थिति साफ कर दी है। उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन पंत से उनका प्राकृतिक आक्रामक खेल बदलने की उम्मीद नहीं करता, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में परिस्थितियों को समझकर खेलना बेहद जरूरी है।

    गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हर खिलाड़ी को उसके प्रदर्शन के आधार पर आंका जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि किसी को अपनी शैली पूरी तरह बदलनी होगी। उनके अनुसार, टेस्ट, वनडे या टी20—हर फॉर्मेट में लक्ष्य रन बनाना और टीम के लिए योगदान देना ही होता है, लेकिन यह कैसे करना है, यह मैच की स्थिति पर निर्भर करता है।

    उन्होंने साफ किया कि पंत को “गेम बदलने” या अलग तरीके से खेलने का निर्देश नहीं दिया गया है। बल्कि उनसे उम्मीद है कि वह अपने नैचुरल गेम के साथ-साथ हालात को पढ़कर समझदारी से बल्लेबाजी करें।

    ऋषभ पंत हाल के समय में फॉर्म को लेकर चर्चा में रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। हालांकि, इंग्लैंड दौरे पर उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की थी, लेकिन चोट के कारण वह सीरीज बीच में छोड़कर बाहर हो गए थे।

    अब पंत के पास अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट में खुद को साबित करने का बड़ा मौका होगा। यह मुकाबला उनके टेस्ट करियर का 50वां मैच भी हो सकता है, जो उनके करियर के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

  • करोड़ों की कीमत, लेकिन प्रदर्शन रहा फीका; IPL 2026 के 5 सबसे बड़े फ्लॉप खिलाड़ी

    करोड़ों की कीमत, लेकिन प्रदर्शन रहा फीका; IPL 2026 के 5 सबसे बड़े फ्लॉप खिलाड़ी


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में जहां कई खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से सुर्खियां बटोरीं, वहीं कुछ बड़े नाम उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन टीमों के लिए निराशा का कारण बना।

    आईपीएल 2026 में कई युवा खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और कुछ अनुभवी सितारों ने भी शानदार प्रदर्शन कर अपनी टीमों को सफलता दिलाई। लेकिन दूसरी तरफ ऐसे खिलाड़ी भी रहे, जिन पर फ्रेंचाइजियों ने भारी-भरकम रकम खर्च की, मगर वे पूरे सीजन में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सके। इन खिलाड़ियों की खराब फॉर्म का असर उनकी टीमों के अभियान पर भी साफ दिखाई दिया।

    सबसे ज्यादा निराश करने वाले खिलाड़ियों में नाम आता है Cameron Green का। Kolkata Knight Riders ने उन्हें 25.20 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया था। ग्रीन से बल्ले और गेंद दोनों से योगदान की उम्मीद थी, लेकिन वह 14 मैचों में केवल 322 रन ही बना सके। उनके बल्ले से सिर्फ दो अर्धशतक निकले और गेंदबाजी में भी वह कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ पाए। इतनी बड़ी रकम खर्च करने के बाद यह प्रदर्शन केकेआर के लिए निराशाजनक रहा।

    दूसरे बड़े नाम हैं Rishabh Pant। 27 करोड़ रुपये की कीमत के साथ आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ियों में शामिल पंत का सीजन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। Lucknow Super Giants के लिए खेलते हुए उन्होंने 14 मैचों में केवल 312 रन बनाए और पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ एक अर्धशतक लगा सके। उनकी बल्लेबाजी में निरंतरता की कमी टीम को भारी पड़ी।

    Suryakumar Yadav भी इस सीजन संघर्ष करते नजर आए। Mumbai Indians ने उन्हें 16.35 करोड़ रुपये में रिटेन किया था, लेकिन वह 13 पारियों में सिर्फ 270 रन ही बना सके। दो अर्धशतकों के अलावा उनका प्रदर्शन फीका रहा और मध्यक्रम में उनकी नाकामी का असर टीम के नतीजों पर पड़ा।

    वेस्टइंडीज के विस्फोटक बल्लेबाज Nicholas Pooran से भी काफी उम्मीदें थीं। Lucknow Super Giants ने उन्हें 21 करोड़ रुपये में रिटेन किया था, लेकिन पूरन 14 मैचों में केवल 234 रन बना सके। पूरे सीजन में उनके बल्ले से सिर्फ एक अर्धशतक निकला और वह अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचानी जाने वाली छाप छोड़ने में नाकाम रहे।

    सूची में पांचवां नाम Hardik Pandya का है। Mumbai Indians के कप्तान के रूप में हार्दिक का प्रदर्शन बल्ले और गेंद दोनों से साधारण रहा। 10 मैचों में उन्होंने केवल 206 रन बनाए और एक भी अर्धशतक नहीं लगा सके। गेंदबाजी में भी उनके खाते में सिर्फ चार विकेट आए। कप्तान और ऑलराउंडर दोनों भूमिकाओं में उनका योगदान अपेक्षाओं से काफी कम रहा।

    आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट में खिलाड़ियों की कीमत और प्रदर्शन की तुलना हमेशा चर्चा का विषय रहती है। आईपीएल 2026 में इन खिलाड़ियों से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन उनका प्रदर्शन उनकी फ्रेंचाइजियों की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर सका। यही वजह रही कि करोड़ों रुपये की निवेश के बावजूद ये सितारे सीजन के सबसे बड़े निराशाजनक खिलाड़ियों में गिने जा रहे हैं।

  • आईपीएल 2026 में फ्लॉप प्रदर्शन का असर, लखनऊ टीम में बड़ा बदलाव

    आईपीएल 2026 में फ्लॉप प्रदर्शन का असर, लखनऊ टीम में बड़ा बदलाव


    नई दिल्ली । Indian Premier League 2026 में बेहद निराशाजनक प्रदर्शन के बाद ऋषभ पंत ने Lucknow Super Giants की कप्तानी छोड़ दी है। टीम के लगातार खराब प्रदर्शन और पॉइंट्स टेबल में सबसे निचले स्थान पर रहने के बाद यह बड़ा फैसला सामने आया। फ्रेंचाइजी ने शुक्रवार को आधिकारिक बयान जारी कर इसकी पुष्टि की।

    लखनऊ सुपर जायंट्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि ऋषभ पंत ने फ्रेंचाइजी से कप्तानी की जिम्मेदारियों से मुक्त किए जाने का अनुरोध किया था, जिसे तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया गया है। इस घोषणा के बाद आईपीएल जगत में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है, क्योंकि पंत को टीम ने रिकॉर्ड रकम देकर अपने साथ जोड़ा था।

    एलएसजी के क्रिकेट निदेशक टॉम मूडी ने कहा कि ऋषभ पंत का यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन फ्रेंचाइजी ने उनके निर्णय का सम्मान किया। उन्होंने कहा कि पंत ने कप्तान के तौर पर ड्रेसिंग रूम में सकारात्मक माहौल और नेतृत्व क्षमता दिखाई, जिसके लिए टीम हमेशा आभारी रहेगी। मूडी ने यह भी संकेत दिए कि अब फ्रेंचाइजी टीम के पुनर्गठन और नए सिरे से मजबूत संयोजन तैयार करने पर ध्यान देगी।

    आईपीएल 2026 से पहले लखनऊ सुपर जायंट्स ने ऋषभ पंत को 27 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड कीमत में रिटेन किया था। इससे पहले आईपीएल नीलामी में भी उन्हें इतनी बड़ी रकम में खरीदा गया था, जिसने उन्हें लीग के सबसे महंगे खिलाड़ियों में शामिल कर दिया। हालांकि इतनी बड़ी उम्मीदों के बावजूद टीम मैदान पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी।

    पिछले सीजन में पंत की कप्तानी में एलएसजी ने 14 में से केवल 6 मुकाबले जीते थे और टीम 12 अंकों के साथ सातवें स्थान पर रही थी। उस सीजन पंत ने बल्ले से 269 रन बनाए थे, जिसमें एक नाबाद शतक भी शामिल था। बावजूद इसके टीम प्लेऑफ में जगह नहीं बना पाई थी।

    हालांकि IPL 2026 टीम के लिए और भी ज्यादा खराब साबित हुआ। लखनऊ सुपर जायंट्स 14 में से 10 मुकाबले हार गई और अंक तालिका में सबसे नीचे रही। टीम का बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में संतुलन नजर नहीं आया। ऋषभ पंत ने इस सीजन 28.36 की औसत से 312 रन बनाए और विकेटकीपर के तौर पर 10 कैच भी पकड़े, लेकिन उनका व्यक्तिगत प्रदर्शन टीम को जीत दिलाने में नाकाफी साबित हुआ।

    अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगले सीजन में लखनऊ सुपर जायंट्स की कमान किस खिलाड़ी को सौंपी जाएगी। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि फ्रेंचाइजी अब नए कप्तान और मजबूत रणनीति के साथ वापसी की तैयारी करेगी। वहीं ऋषभ पंत के इस फैसले को उनके करियर और टीम दोनों के लिए नए बदलाव की शुरुआत माना जा रहा है।

  • Mitchell Marsh का महाविस्फोट, एलएसजी के लिए सबसे तेज शतक

    Mitchell Marsh का महाविस्फोट, एलएसजी के लिए सबसे तेज शतक


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के 50वें मुकाबले में Lucknow Super Giants के स्टार ऑलराउंडर Mitchell Marsh ने ऐसा बल्लेबाजी तूफान खड़ा किया, जिसने Royal Challengers Bengaluru के गेंदबाजों की पूरी रणनीति ध्वस्त कर दी। भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस बारिश प्रभावित मुकाबले में मार्श ने सिर्फ 49 गेंदों में शतक ठोकते हुए एलएसजी के इतिहास का सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
    मार्श ने कप्तान Rishabh Pant का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने पिछले सीजन 54 गेंदों में शतक लगाया था। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर अपनाए और आरसीबी के हर गेंदबाज पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने 56 गेंदों में 111 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 9 चौके और 9 आसमानी छक्के शामिल रहे। लगभग 198 के स्ट्राइक रेट से खेली गई यह पारी आईपीएल 2026 की सबसे यादगार पारियों में गिनी जाएगी।
    मार्श को युवा बल्लेबाज अर्शिन कुलकर्णी का भी अच्छा साथ मिला। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 9.2 ओवर में 95 रन जोड़कर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। हालांकि अर्शिन 24 गेंदों में 17 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन इससे मार्श की रफ्तार पर कोई असर नहीं पड़ा। इसके बाद उन्होंने Nicholas Pooran के साथ दूसरे विकेट के लिए 41 गेंदों में 70 रन की तेज साझेदारी कर आरसीबी पर दबाव और बढ़ा दिया।
    पूरन ने भी ताबड़तोड़ अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 23 गेंदों में 38 रन बनाए। वहीं दूसरी ओर मार्श लगातार बड़े शॉट लगाते रहे और स्टेडियम में मौजूद दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। उनकी पारी का अंत तेज गेंदबाज Josh Hazlewood ने किया, लेकिन तब तक वह आरसीबी के हाथों से मैच की लय छीन चुके थे।
    अंतिम ओवरों में कप्तान ऋषभ पंत ने भी विस्फोटक अंदाज दिखाया। पंत ने सिर्फ 10 गेंदों में नाबाद 32 रन ठोककर एलएसजी के स्कोर को 200 के पार पहुंचा दिया। बारिश के कारण मैच को 19-19 ओवर का कर दिया गया था और एलएसजी की पारी के दौरान दो बार खेल रोकना पड़ा, लेकिन इससे बल्लेबाजों की लय पर कोई असर नहीं पड़ा।
    एलएसजी ने निर्धारित 19 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 209 रन बनाकर आरसीबी के सामने विशाल लक्ष्य खड़ा किया। इस मुकाबले में सबसे ज्यादा चर्चा मिचेल मार्श की रिकॉर्डतोड़ पारी की रही, जिसने आईपीएल 2026 को एक नया यादगार पल दे दिया।
  • पूर्व क्रिकेटर संजय बांगड़ ने ऋषभ पंत के शॉट चयन पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह अपनी बल्लेबाजी से खुद निराश होंगे।

    पूर्व क्रिकेटर संजय बांगड़ ने ऋषभ पंत के शॉट चयन पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह अपनी बल्लेबाजी से खुद निराश होंगे।


    नई दिल्ली ।आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेले गए मुकाबले के बाद एलएसजी के कप्तान ऋषभ पंत की बल्लेबाजी एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है। इस मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स को 40 रन से हार का सामना करना पड़ा, जहां टीम का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। खास तौर पर कप्तान ऋषभ पंत की पारी ने टीम की मुश्किलें बढ़ा दीं और उनकी बल्लेबाजी पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं।

    पूर्व क्रिकेटर संजय बांगड़ ने पंत के प्रदर्शन का विश्लेषण करते हुए कहा कि उनकी पारी की शुरुआत बेहद खराब रही। उन्होंने बताया कि शुरुआती गेंदों पर पंत ने लगातार आक्रामक शॉट खेलने की कोशिश की, जो उनकी स्थिति और मैच की परिस्थिति के हिसाब से सही नहीं था। एक अनुभवी टॉप ऑर्डर बल्लेबाज होने के बावजूद उनका यह रवैया टीम के लिए नुकसानदायक साबित हुआ।

    संजय बांगड़ के अनुसार, पंत के शॉट चयन में स्पष्टता की कमी नजर आई। उन्होंने कहा कि एक कप्तान और प्रमुख बल्लेबाज के रूप में पंत से यह उम्मीद की जाती है कि वह पारी को समझदारी से आगे बढ़ाएं, लेकिन इस मैच में उन्होंने जल्दबाजी में जोखिम भरे शॉट खेले। बांगड़ ने यह भी कहा कि पंत की बॉडी लैंग्वेज से साफ दिख रहा था कि वह अपने ही निर्णयों से खुश नहीं थे और उन्हें अपनी गलती का एहसास हो चुका था।

    मैच के दौरान लखनऊ सुपर जायंट्स की पूरी बल्लेबाजी क्रम संघर्ष करती नजर आई और टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में असफल रही। राजस्थान रॉयल्स के गेंदबाजों ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा और लगातार विकेट निकालते रहे, जिसके कारण एलएसजी की पारी 119 रन पर ही सिमट गई। लक्ष्य का पीछा करते हुए राजस्थान रॉयल्स ने आसानी से जीत हासिल कर ली।

    इस हार ने लखनऊ सुपर जायंट्स की रणनीति और प्रदर्शन दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। टीम के कप्तान होने के नाते ऋषभ पंत पर जिम्मेदारी और बढ़ जाती है, लेकिन मौजूदा फॉर्म में उनका योगदान टीम के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। लगातार अस्थिर प्रदर्शन के कारण टीम को संतुलन बनाने में भी परेशानी हो रही है।

    संजय बांगड़ ने आगे यह भी कहा कि अगर पंत शुरुआत में थोड़ा संयम दिखाते और परिस्थिति को समझकर खेलते, तो उनका प्रदर्शन काफी बेहतर हो सकता था। उनके अनुसार, ऐसे बड़े खिलाड़ियों से उम्मीद होती है कि वे दबाव में भी समझदारी से खेलें और टीम को स्थिरता दें, लेकिन इस मैच में ऐसा देखने को नहीं मिला।

  • आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स की सबसे बड़ी चुनौती मिडिल ऑर्डर बन सकता है

    आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स की सबसे बड़ी चुनौती मिडिल ऑर्डर बन सकता है

    नई दिल्ली: Indian Premier League के आगामी सीजन में Lucknow Super Giants एक बार फिर अपने पहले खिताब की तलाश में मैदान में उतरेगी। टीम की कमान ऋषभ पंत के हाथों में है और फैंस को इस बार उनसे बड़े प्रदर्शन की उम्मीद है। हालांकि टीम का संतुलन देखते हुए मिडिल ऑर्डर एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आ सकता है।

    पिछले सीजन में लखनऊ सुपर जायंट्स का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा था। टीम ने 14 में से केवल 6 मुकाबले जीते और प्लेऑफ में जगह बनाने में असफल रही। इस बार टीम ने कई बदलाव किए हैं और टॉप ऑर्डर को काफी मजबूत किया है। एडेन मार्करम निकोलस पूरन और मिचेल मार्श जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी से टीम की बल्लेबाजी को मजबूती मिली है। इन खिलाड़ियों ने पिछले सीजन में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया था।

    लेकिन चिंता की बात टीम का मिडिल ऑर्डर है जहां अनुभव की कमी साफ दिखाई देती है। कप्तान पंत के साथ आयुष बदोनी अब्दुल समद और शाहबाज अहमद जैसे खिलाड़ियों को जिम्मेदारी निभानी होगी। इसके अलावा युवा बल्लेबाज मैथ्यू ब्रीत्जके से भी टीम को अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।

    गेंदबाजी के मामले में लखनऊ सुपर जायंट्स काफी मजबूत नजर आ रही है। मोहम्मद शमी आवेश खान मयंक यादव और एनरिक नॉर्टजे किसी भी मजबूत बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त करने की क्षमता रखते हैं। स्पिन विभाग की जिम्मेदारी दिग्वेश राठी के कंधों पर होगी जिन्होंने पिछले सीजन में अपनी गेंदबाजी से प्रभावित किया था।

    टीम के लिए एक और चिंता वानिंदु हसरंगा की फिटनेस है। अगर वे पूरी तरह फिट रहते हैं तो टीम को संतुलन मिलेगा और मिडिल ऑर्डर की कमजोरी कुछ हद तक कम हो सकती है।

    लखनऊ की सबसे बड़ी समस्या यह भी है कि उनकी बल्लेबाजी विदेशी खिलाड़ियों पर काफी निर्भर नजर आती है। पिछले सीजन में यही कमजोरी टीम को भारी पड़ी थी और इस बार भी अगर मिडिल ऑर्डर ने जिम्मेदारी नहीं निभाई तो टीम का खिताब जीतने का सपना अधूरा रह सकता है।

    लखनऊ सुपर जायंट्स के पास एक मजबूत टीम है लेकिन खिताब जीतने के लिए उन्हें अपने मिडिल ऑर्डर को बेहतर करना होगा। अगर यह कमी दूर हो जाती है तो टीम आईपीएल 2026 में खिताब की प्रबल दावेदार बन सकती है।

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  • टीम इंडिया में बड़े बदलाव की आहट: न्यूजीलैंड वनडे सीरीज से ऋषभ पंत की छुट्टी तय, ईशान किशन की होगी 'तूफानी' वापसी!

    टीम इंडिया में बड़े बदलाव की आहट: न्यूजीलैंड वनडे सीरीज से ऋषभ पंत की छुट्टी तय, ईशान किशन की होगी 'तूफानी' वापसी!


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के घरेलू सत्र 2025-26 का समापन करीब है और इसी बीच टीम इंडिया के सामने न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीम की चुनौती है। भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आगाज 13 जनवरी से होने जा रहा है। हालांकिभारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड BCCI ने अभी तक आधिकारिक तौर पर स्क्वॉड का ऐलान नहीं किया हैलेकिन क्रिकेट गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को वनडे टीम से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। उनकी जगह घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाने वाले विस्फोटक बल्लेबाज ईशान किशन की वापसी लगभग तय मानी जा रही है।

    ऋषभ पंत: मौके मिलेपर भुना नहीं पाए


    ऋषभ पंत के लिए पिछला कुछ समय वनडे क्रिकेट में संघर्षपूर्ण रहा है। पंत को हाल ही में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए स्क्वॉड में शामिल किया गया थालेकिन विडंबना यह रही कि उन्हें पूरी सीरीज के दौरान एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। पंत ने अपना आखिरी वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच 7 अगस्त 2024 को श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेला था। तब से वह छोटे फॉर्मेट में अपनी उस लय को नहीं पा सके हैं जिसके लिए वे जाने जाते हैं। चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के लिए अब पंत का ‘फॉर्म और बैलेंस’ चिंता का विषय बना हुआ हैजिसके चलते उन्हें इस सीरीज से ड्रॉप करने की तैयारी की जा रही है।

    ईशान किशन: घरेलू क्रिकेट में मचाया कोहराम


    दूसरी ओरईशान किशन ने अपने हालिया प्रदर्शन से चयनकर्ताओं के दरवाजे पर जोर-शोर से दस्तक दी है। ईशान किशन ने लगभग दो साल से भारत के लिए कोई वनडे मैच नहीं खेला है (आखिरी बार 11 अक्टूबर 2023बनाम अफगानिस्तान)। लेकिन पिछले कुछ महीनों में उनके बल्ले से निकले रनों ने सबको चौंका दिया है।ईशान ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बनकर अपनी टीम झारखंड को पहला खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी आक्रामकता यहीं नहीं रुकी; विजय हजारे ट्रॉफी में 24 दिसंबर को कर्नाटक के खिलाफ उन्होंने महज 33 गेंदों में शतक जड़कर इतिहास रच दिया। यह किसी भी भारतीय द्वारा लिस्ट ए क्रिकेट में दूसरा सबसे तेज शतक है। उनके इसी प्रचंड फॉर्म के कारण उन्हें पहले ही न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली 5 मैचों की टी20 सीरीज के लिए चुना जा चुका है।

    रणनीतिक बदलाव और किशन की उपयोगिता


    ईशान किशन के आने से टीम इंडिया को थ्री-इन-वन विकल्प मिलता है। किशन न केवल केएल राहुल के लिए एक मजबूत बैकअप विकेटकीपर साबित होंगेबल्कि वह एक बेहतरीन बैकअप ओपनर की भूमिका भी निभा सकते हैं। साथ हीमिडिल ऑर्डर में तेजी से रन बनाने की उनकी काबिलियत टीम को मध्यक्रम में वह लचीलापन Flexibility प्रदान करती हैजिसकी तलाश कप्तान और कोच को काफी समय से है।बीसीसीआई से जुड़े सूत्रों का कहना है कि टीम मैनेजमेंट अब 2025-26 के आगामी घरेलू असाइनमेंट को ध्यान में रखते हुए टीम में संतुलन बनाना चाहता है। ईशान किशन का बाएं हाथ का बल्लेबाज होना और टॉप से लेकर मिडिल ऑर्डर तक कहीं भी फिट हो जानाउनके पक्ष में सबसे बड़ा तर्क है।

    कब होगा टीम का ऐलान?


    इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसारचयन समिति इस हफ्ते के अंत तक न्यूजीलैंड सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान कर सकती है। इस सीरीज को चैंपियंस ट्रॉफी और आगामी महत्वपूर्ण टूर्नामेंटों की तैयारी के तौर पर भी देखा जा रहा है। यदि ईशान किशन को मौका मिलता हैतो यह उनके वनडे करियर को दोबारा पटरी पर लाने का सुनहरा अवसर होगा। वहींऋषभ पंत के लिए यह एक संकेत होगा कि उन्हें अपनी फॉर्म और फिटनेस पर दोबारा काम करने की जरूरत है।क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें अब बीसीसीआई के आधिकारिक ऐलान पर टिकी हैंजो यह तय करेगा कि क्या युवा जोश ईशान अनुभवी फिनिशर पंत पर भारी पड़ेगा।