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  • पिता के निधन के सदमे से टूटकर जब मुंबई छोड़ ऋषिकेश भागे थे अभिनेता संजय मिश्रा, ढाबे पर 150 रुपये में बर्तन धोने और ऑमलेट बनाने को हुए थे मजबूर

    पिता के निधन के सदमे से टूटकर जब मुंबई छोड़ ऋषिकेश भागे थे अभिनेता संजय मिश्रा, ढाबे पर 150 रुपये में बर्तन धोने और ऑमलेट बनाने को हुए थे मजबूर

    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा जगत में अपनी बेमिसाल और सधे हुए अभिनय कला के दम पर ‘वध’, ‘भूल भुलैया’, ‘धमाल’ और ‘गोलमाल’ जैसी कई ब्लॉकबस्टर तथा कल्ट फिल्मों को सुपरहिट बनाने वाले मशहूर अभिनेता संजय मिश्रा आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। वे पर्दे पर अपने हर एक किरदार में इस कदर जीवंतता भर देते हैं कि दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ जाते हैं। वर्तमान समय में एक बेहद सफल, लोकप्रिय और करोड़ों की संपत्ति के मालिक होने के बावजूद संजय मिश्रा के जीवन में एक ऐसा अंधकारमय और हृदयविदारक दौर भी आया था, जब वे अपनी व्यक्तिगत समस्याओं से पूरी तरह टूट चुके थे। उस कठिन समय में उन्होंने मायानगरी मुंबई और अभिनय जगत को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया था और मानसिक शांति व सुकून की खोज में उत्तराखंड के ऋषिकेश चले गए थे।

    अपने जीवन के उस अत्यंत संवेदनशील और संघर्षपूर्ण अध्याय को साझा करते हुए अभिनेता ने बताया कि एक समय वे शारीरिक रूप से बेहद गंभीर बीमारी की चपेट में आ गए थे। उनकी स्वास्थ्य स्थिति इस कदर बिगड़ चुकी थी कि चिकित्सकों को आपातकालीन चिकित्सा प्रक्रिया के तहत उनके पेट से लगभग 15 लीटर पस (मवाद) बाहर निकालना पड़ा था। उस दौरान उनकी स्थिति इतनी नाजुक थी कि डॉक्टरों ने उनके परिवार को स्पष्ट रूप से सचेत कर दिया था कि यदि यह जटिल ऑपरेशन सफल नहीं रहा, तो उनके जीवित बचने की संभावनाएं बेहद कम हैं। वे अस्पताल में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे थे और किसी तरह इस गंभीर सर्जरी से उबरने में सफल रहे।

    शारीरिक पीड़ा के इस दौर से बाहर निकलते ही अभिनेता के जीवन पर दुखों का एक और पहाड़ टूट पड़ा। जैसे ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली, उसके तुरंत बाद उनके पूजनीय पिता का अचानक देहांत हो गया। इस दोहरी मानसिक और शारीरिक त्रासदी ने उन्हें भीतर से पूरी तरह झकझोर कर रख दिया था। पिता को खोने का दुख इस कदर गहरा था कि वे मानसिक रूप से पूरी तरह असंतुलित महसूस कर रहे थे और उनका दिमाग काम करना बंद कर चुका था। जीवन से पूरी तरह से निराश और थका हुआ महसूस करने के कारण वे बिना किसी को बताए चुपचाप ऋषिकेश की ओर पलायन कर गए, जहां वे गंगा नदी के पावन तट पर एकांत में रहने लगे।

    ऋषिकेश में अपने प्रवास के दौरान उन्होंने अपनी पहचान पूरी तरह छुपाकर आजीविका चलाने के लिए गंगा किनारे स्थित एक साधारण से ढाबे पर कार्य करना प्रारंभ कर दिया। वहां वे ग्राहकों के लिए ऑमलेट बनाने का काम करने लगे। ढाबे के संचालक ने उनके सामने एक कठिन शर्त रखी थी कि उन्हें प्रतिदिन कम से कम 50 कप और बर्तन धोने होंगे, जिसके बदले में उन्हें पारिश्रमिक के रूप में मात्र 150 रुपये प्रतिदिन दिए जाएंगे। मानसिक अशांति से जूझ रहे संजय मिश्रा उस समय किसी भी प्रकार के शारीरिक श्रम के लिए सहर्ष तैयार हो गए क्योंकि वे अपने दिमाग को दुनिया भर की चिंताओं से मुक्त रखना चाहते थे।

    अपने पिता को याद करते हुए अभिनेता ने उनके साथ हुई अपनी अंतिम और भावुक बातचीत का भी स्मरण किया। उन्होंने बताया कि निधन से कुछ समय पूर्व उनके पिता ने उनसे कहा था कि वे तीन दिन पुराना चिकन क्यों खा रहे हैं, जिस पर उन्होंने अज्ञानतावश और झुंझलाहट में उत्तर दिया था कि उन्हें इस प्रकार की नसीहतों की कोई आवश्यकता नहीं है। पिता के साथ हुई यह अंतिम तीखी बहस आज भी उनके मन में एक मलाल की तरह कचोटती है। अभिनेता ने स्वीकार किया कि वे आज भी जब कभी अत्यधिक तनाव या मानसिक अशांति महसूस करते हैं, तो वे अचानक आध्यात्मिक शहरों की ओर निकल जाते हैं और सभी से संपर्क तोड़कर अपने मस्तिष्क को स्वतंत्र रखने का प्रयास करते हैं।

    वर्तमान समय की बात करें तो संजय मिश्रा अपने उस बुरे दौर को पीछे छोड़कर मनोरंजन जगत में एक बहुत बड़ा नाम बन चुके हैं। वे न केवल रूपहले पर्दे पर बल्कि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर भी अपनी बेहतरीन अदाकारी का लोहा मनवा रहे हैं। आज वे एक बेहद आलीशान और लैविश लाइफस्टाइल जीते हैं तथा करोड़ों रुपये मूल्य के भव्य बंगले के स्वामी हैं। उनका यह जीवन वृत्त इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और आंतरिक शांति के बल पर मनुष्य जीवन के सबसे गहरे संकटों और दुखों से उबरकर पुनः सफलता के सर्वोच्च शिखर को प्राप्त कर सकता है।

  • महिला ने पुलिस को कहा कि पर्यटक स्थानीय रोज़ी‑रोटी का स्रोत हैं, लेकिन स्थिति प्रशासन द्वारा नियंत्रण में लाई गई।

    महिला ने पुलिस को कहा कि पर्यटक स्थानीय रोज़ी‑रोटी का स्रोत हैं, लेकिन स्थिति प्रशासन द्वारा नियंत्रण में लाई गई।


    नई दिल्ली। ऋषिकेश के गंगा किनारे एक हरियाणा की महिला पर्यटक और स्थानीय पुलिस के बीच तीखी बहस का वीडियो वायरल हो गया है। यह घटना 6 अप्रैल को नीलकंठ मार्ग के फूलचट्टी क्षेत्र के पास हुई, जहां महिला को सार्वजनिक और पवित्र क्षेत्र में शराब पीते हुए रोका गया।

    वीडियो में दिखाई देता है कि जब पुलिसकर्मियों ने महिला को स्थानीय नियमों और पवित्रता बनाए रखने के आधार पर टोका, तो महिला ने नाराजगी जताई और पुलिस पर चिल्लाते हुए कहा कि ‘तुम्हारी रोज़ी‑रोटी हम पर्यटकों से चलती है।’ महिला ने यह भी कहा कि वह अपने पैसों से शराब पी रही है और पर्यटकों को बेवजह निशाना बनाया जा रहा है। महिला का यह तर्क था कि पर्यटन स्थानीय अर्थव्यवस्था को सहारा देता है और इसलिए उन्हें ऐसा करने से रोका नहीं जाना चाहिए।

    मामला तब और बढ़ गया जब महिला का रवैया आक्रामक होता चला गया। इस दौरान उसके पति ने बीच‑बचाव किया और महिला को वहां से ले गए, जिससे स्थिति शांत हुई। इस घटना के वीडियो ने सोशल मीडिया पर व्यापक बहस छेड़ दी है। कई लोगों ने महिला के व्यवहार की आलोचना की और कहा कि पर्यटन से रोजगार मिलता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि धार्मिक और पवित्र स्थलों पर मर्यादा का उल्लंघन किया जाए।

    ऋषिकेश एक आध्यात्मिक केंद्र है, जहां गंगा नदी की पवित्रता बनाए रखने के लिए कई इलाकों में शराब और मांसाहार पर सख्त पाबंदी है। घाटों और नदी किनारे प्रशासन और पुलिस द्वारा नियमित निगरानी की जाती है, ताकि धार्मिक और पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। सोशल मीडिया पर इस घटना पर लोगों ने टिप्पणियों में कहा कि पर्यटक का पैसा स्वागत योग्य है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि गंगा जैसे पवित्र स्थल को बार काउंटर समझा जाए। कई ने यह भी लिखा कि यात्रा के दौरान वहां की संस्कृति और भावनाओं का सम्मान करना अनिवार्य है।

  • Republic Day Long Weekend 2026: दिल्ली के पास 6 बेस्ट वीकेंड गेटवे, कम दूरी में भरपूर ट्रैवल मज़ा

    Republic Day Long Weekend 2026: दिल्ली के पास 6 बेस्ट वीकेंड गेटवे, कम दूरी में भरपूर ट्रैवल मज़ा



    नई दिल्ली। रिपब्लिक डे 2026 के लम्बे वीकेंड में अगर आप दिल्ली से ज्यादा दूर नहीं जाना चाहते और कम समय में अधिक अनुभव चाहते हैं, तो ये 6 जगहें आपके लिए परफेक्ट हैं। इन डेस्टिनेशनों में इतिहास, संस्कृति, एडवेंचर, शांति और नेचर सभी का मजा मिलता है, साथ ही यात्रा की दूरी भी कम है।
    1) आगरा (लगभग 3.5 घंटे)
    इतिहास और विरासत प्रेमियों के लिए आगरा सबसे बेहतर विकल्प है। दिल्ली से लगभग 3 घंटे 30 मिनट की ड्राइव पर स्थित आगरा में ताजमहल सबसे बड़ा आकर्षण है, खासकर सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का नजारा बेहद खास होता है।
    इसके अलावा आगरा किला (UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट) और सिकंदरा में अकबर का मकबरा भी देखने लायक हैं। आगरा का प्रसिद्ध पेठा और बेडई-आलू सब्जी भी ट्रिप को और स्वादिष्ट बना देते हैं।

    2) ऋषिकेश (लगभग 5 घंटे)
    शांति और सुकून के साथ एडवेंचर भी चाहिए तो उत्तराखंड का ऋषिकेश बेहतरीन विकल्प है। यहां गंगा किनारे योग, ध्यान और मेडिटेशन के साथ रिवर राफ्टिंग और बंजी जंपिंग जैसे एडवेंचर एक्टिविटीज़ का आनंद लिया जा सकता है। लक्ष्मण झूला, राम झूला, परमार्थ निकेतन और बीटल्स आश्रम जैसे स्थलों की यात्रा भी खास रहती है। अगर आप पूरी तरह आध्यात्मिक अनुभव चाहते हैं तो पास ही हरिद्वार भी जा सकते हैं, जहां हर की पौड़ी की गंगा आरती मुख्य आकर्षण है।

    3) नीमराना (लगभग 3 घंटे)
    राजस्थान का नीमराना दिल्ली से लगभग 3 घंटे की दूरी पर है और यह वीकेंड गेटवे के लिए लोकप्रिय विकल्प है। यहां 15वीं सदी का ऐतिहासिक नीमराना फोर्ट पैलेस मुख्य आकर्षण है, जिसे अब एक लग्जरी हेरिटेज होटल में बदल दिया गया है। इसके अलावा यहां की प्राचीन बावड़ी भी देखने लायक है। कम ट्रैवल में ऐतिहासिक अनुभव के लिए नीमराना एक अच्छा विकल्प है।
    4) जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क (लगभग 5 घंटे)
    वाइल्डलाइफ प्रेमियों के लिए जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क एक शानदार डेस्टिनेशन है। यहां टाइगर, तेंदुआ, हाथी और कई अन्य जंगली जानवरों को देखने का मौका मिलता है। जीप सफारी मुख्य आकर्षण है, वहीं नेचर वॉक और रिजॉर्ट स्टे के जरिए प्रकृति के करीब समय बिताया जा सकता है।

    5) मसूरी (लगभग 6 घंटे)
    अगर आप पहाड़ों में छुट्टियां बिताना चाहते हैं तो “क्वीन ऑफ हिल्स” मसूरी एक परफेक्ट ऑप्शन है। यहां के खूबसूरत पहाड़ी नजारे, माल रोड, केम्पटी फॉल्स और लोकल स्ट्रीट फूड का मजा लिया जा सकता है। शांति पसंद करने वालों के लिए पास ही स्थित लैंडोर भी एक अच्छा विकल्प है।

    6) जयपुर (लगभग 5 घंटे)
    राजस्थान की राजधानी जयपुर इतिहास और संस्कृति का बेहतरीन मिश्रण पेश करती है। दिल्ली से करीब 5 घंटे की ड्राइव पर स्थित जयपुर में हवा महल, सिटी पैलेस और आमेर किला जैसे ऐतिहासिक स्थल देखे जा सकते हैं। इसके अलावा जोहरी बाजार में शॉपिंग का मजा भी लिया जा सकता है। रिपब्लिक डे वीकेंड में जयपुर घूमना एक शानदार विकल्प साबित होता है।