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  • मंदसौर में दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत: पलवई फंटे पर देर रात हादसा, 2 लोग गंभीर घायल

    मंदसौर में दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत: पलवई फंटे पर देर रात हादसा, 2 लोग गंभीर घायल


    मंदसौर। जिले के पलवई फंटे पर मंगलवार देर रात करीब 11:30 बजे एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जब दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और घायलों को निजी वाहनों की मदद से तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।

    दोनों बाइक सवार गंभीर रूप से घायल
    हादसे में घायल पहले बाइक सवार की पहचान हेमंत शर्मा (50 वर्ष), पिता रामगोपाल शर्मा, निवासी गुर्जरबर्डिया के रूप में हुई है। वह अपने गांव से बासाखेड़ी की ओर जा रहे थे। वहीं दूसरी बाइक को सुनील दमामी (40 वर्ष), पिता मांगीलाल, निवासी नेतावली चला रहे थे, जो गुर्जरबर्डिया की ओर जा रहे थे। पलवई फंटे के मोड़ पर दोनों बाइकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई।

    टक्कर के बाद सड़क पर गिरे सवार, मचा हड़कंप
    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बाइक सवार हवा में उछलकर सड़क पर गिर पड़े। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और तुरंत राहत कार्य शुरू किया गया। दोनों घायलों को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सर्जिकल वार्ड में भर्ती कर लिया है।

    सिर में गंभीर चोटें, कई टांके लगाए गए
    डॉक्टरों के अनुसार दोनों घायलों के सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। सिर में गहरे घाव होने के कारण कई टांके लगाने पड़े हैं। फिलहाल दोनों की हालत पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है।

    स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल
    इस हादसे के बाद क्षेत्र में सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पलवई फंटे पर रात के समय अक्सर अंधेरा और मोड़ के कारण दुर्घटनाएं होती रहती हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने की जरूरत है।

  • पन्ना-अजयगढ़ मार्ग पर ट्राला ने बाइक को मारी टक्कर: 14 वर्षीय नाबालिग की मौत, बड़ा भाई गंभीर घायल

    पन्ना-अजयगढ़ मार्ग पर ट्राला ने बाइक को मारी टक्कर: 14 वर्षीय नाबालिग की मौत, बड़ा भाई गंभीर घायल


    मध्य प्रदेश । पन्ना जिले के पन्ना-अजयगढ़ मुख्य मार्ग पर मंगलवार को दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। दहलान चौकी के पास तेज रफ्तार ट्राला ने बाइक सवार दो सगे भाइयों को जोरदार टक्कर मार दी, जिसमें 14 वर्षीय नाबालिग की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में बड़ा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।

    इलाज के लिए जा रहे थे पन्ना, रास्ते में हुआ हादसा
    जानकारी के अनुसार, केवट पुरवा (दहलान चौकी क्षेत्र) निवासी राम प्रताप केवट के पुत्र अनिल केवट (14) और राम सजीवन केवट (23) बाइक से पन्ना जा रहे थे। बताया गया कि बड़े भाई को कान में दर्द की समस्या थी, जिसके इलाज के लिए वे अस्पताल जा रहे थे। इसी दौरान दहलान चौकी के पास सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्राला ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।

    मौके पर मौत, अस्पताल में घायल का इलाज जारी
    टक्कर इतनी भीषण थी कि 14 वर्षीय अनिल केवट ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। घायल राम सजीवन को स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

    ट्राला चालक फरार, वाहन जब्त
    दुर्घटना के बाद ट्राला चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ट्राला को जब्त कर लिया। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

    गांव में मातम, पुलिस जांच जार
    इस दर्दनाक हादसे के बाद केवट पुरवा गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस का कहना है कि आरोपी चालक की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।

  • हाईवे पर दौड़ती बस में लगी आग, ग्वालियर-इंदौर रूट पर मचा हड़कंप

    हाईवे पर दौड़ती बस में लगी आग, ग्वालियर-इंदौर रूट पर मचा हड़कंप


    मध्य प्रदेश । ग्वालियर से इंदौर जा रही एक स्लीपर वीडियो कोच बस रविवार रात उस समय बड़े हादसे का शिकार होते-होते बच गई, जब आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर पनिहार रेलवे स्टेशन के पास उसमें अचानक भीषण आग लग गई। बस में करीब 45 यात्री सवार थे, जो उस समय नींद या सफर की स्थिति में थे। अचानक उठी आग की लपटों ने कुछ ही पलों में पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया।

    जानकारी के अनुसार, बस रात करीब 10 बजे ग्वालियर से इंदौर के लिए रवाना हुई थी। रात लगभग 11 बजे जैसे ही बस पनिहार क्षेत्र में हाईवे पर पहुंची, उसके इंजन और पिछले हिस्से से धुआं निकलने लगा। कुछ ही सेकंड में धुआं तेज आग की लपटों में बदल गया, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।

    स्थिति बिगड़ते देख ड्राइवर और क्लीनर ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और बस को सड़क किनारे रोक दिया। इसके बाद यात्रियों को तेजी से बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया गया। आग तेजी से फैल रही थी, जिससे मुख्य दरवाजे के पास भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कई यात्रियों ने जान बचाने के लिए बस की खिड़कियों के शीशे तोड़कर बाहर छलांग लगा दी।

    स्थानीय राहगीरों और बस स्टाफ की मदद से कुछ ही मिनटों में सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस पूरी घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

    घटना की सूचना मिलते ही पनिहार थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। सुरक्षा के मद्देनजर कुछ समय के लिए हाईवे पर यातायात भी रोक दिया गया। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बस का बड़ा हिस्सा जलकर खाक हो चुका था।

    प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, हालांकि पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मामले की विस्तृत जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि बस में तकनीकी खराबी या किसी अन्य कारण से आग लगी थी या नहीं।

    इस हादसे ने एक बार फिर लंबी दूरी की बसों की सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी जांच को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल सभी यात्री सुरक्षित हैं, लेकिन उनका सामान जलकर नष्ट होने की आशंका जताई जा रही है।

  • इंदौर में दर्दनाक हादसे: ट्रैक्टर से गिरकर किसान की मौत, सड़क दुर्घटना में युवक ने गंवाई जान

    इंदौर में दर्दनाक हादसे: ट्रैक्टर से गिरकर किसान की मौत, सड़क दुर्घटना में युवक ने गंवाई जान


    मध्यप्रदेश। इंदौर में शनिवार को अलग-अलग जगहों पर हुए सड़क हादसों ने दो लोगों की जान ले ली, जबकि एक अन्य दुर्घटना में चार युवक घायल हो गए। इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है और पुलिस ने मामलों की जांच शुरू कर दी है।

    पहला हादसा खुडैल थाना क्षेत्र के गोगाखेड़ी गांव में हुआ, जहां निरंजनपुर निवासी 58 वर्षीय किसान केदार अपने खेत में काम कर रहे थे। जानकारी के अनुसार, वह ट्रैक्टर चला रहे थे तभी अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वे नीचे गिर पड़े। इसी दौरान ट्रैक्टर का पहिया उनके ऊपर से गुजर गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोग उन्हें तुरंत गोकुलदास अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिवार में एक बेटा है, जो खेती-किसानी का काम करता है।

    दूसरी घटना भी खुडैल थाना क्षेत्र में ही देवगुराड़िया के पास हुई, जहां 23 वर्षीय युवक प्रीतम सिंह दोपहिया वाहन से जा रहे थे। इसी दौरान किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    इसी बीच तीसरी घटना विजयनगर थाना क्षेत्र के सयाजी स्क्वेयर पर सामने आई, जहां एक तेज रफ्तार थार जीप अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में वाहन में सवार चार युवक घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर उन्हें बाहर निकाला और अस्पताल भेजा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अचानक सामने वाहन आने के कारण थार चालक ने नियंत्रण खो दिया, जिससे यह हादसा हुआ। हालांकि पुलिस का कहना है कि वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। लगातार हो रहे इन हादसों ने सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस सभी मामलों की जांच में जुटी हुई है।

  • सतना बाईपास पर बस-बाइक की भीषण टक्कर, युवक की मौत, एक घायल

    सतना बाईपास पर बस-बाइक की भीषण टक्कर, युवक की मौत, एक घायल


    मध्‍य प्रदेश  सतना-मैहर बाईपास पर शनिवार सुबह करीब 10 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक युवक की मौत हो गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा कोलगवां थाना क्षेत्र के उतैली मोड़ के पास हुआ, जहां सतना से मैहर जा रही अभय ट्रेवल्स की बस (MP 19 P 0685) ने सामने से आ रही बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।

    टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक पर सवार तीन लोग सड़क पर दूर जा गिरे। हादसे में 25 वर्षीय विवेक यादव (पिता रक्कू यादव) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 24 वर्षीय विनय यादव (पिता लक्खू यादव) गंभीर रूप से घायल हो गया। बाइक पर सवार 30 वर्षीय वंदना यादव (पति विकास) को भी चोटें आई हैं।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद बस चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। बस में सवार यात्री भी घटना के बाद नीचे उतरकर वहां से चले गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत डायल 112 को सूचना दी और घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया।

    अस्पताल में डॉक्टरों ने विवेक यादव को मृत घोषित कर दिया, जबकि विनय यादव के सीने में गंभीर अंदरूनी चोटें बताई गई हैं और उसका इलाज जारी है। वंदना यादव को मामूली चोटें आई हैं और उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

    जानकारी के अनुसार, तीनों लोग चकदही गांव के यादव परिवार से हैं। मृतक विवेक अपनी भाभी वंदना को डॉक्टर को दिखाने के लिए बाइक से सतना आ रहा था, तभी यह हादसा हो गया। अचानक हुए इस दर्दनाक हादसे से परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है।

    पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बस को जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। कोलगवां थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है और आसपास के CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों ने बाईपास पर ट्रैफिक नियंत्रण और सख्त निगरानी की मांग की है।

  • धार में सड़क हादसे के बाद बवाल: बोलेरो की टक्कर से युवक की मौत, ग्रामीणों ने किया थाने का घेराव

    धार में सड़क हादसे के बाद बवाल: बोलेरो की टक्कर से युवक की मौत, ग्रामीणों ने किया थाने का घेराव


    धार। धार जिले के राजगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम छड़ावद में सोमवार देर रात हुए सड़क हादसे के बाद तनावपूर्ण स्थिति बन गई। यहां 28 वर्षीय बाइक सवार सुनील पिता मोहन की बोलेरो वाहन की टक्कर से मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजन और ग्रामीण शव लेकर राजगढ़ थाने पहुंचे और जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

    ग्रामीणों ने थाने के बाहर शव रखकर लंबे समय तक हंगामा किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद स्थिति को नियंत्रित किया जा सका।

    काम से लौटते समय हुआ हादसा, मुरम के ढेर से बचने की कोशिश में टक्कर
    राजगढ़ थाना प्रभारी समीर पाटीदार के अनुसार, मृतक सुनील राजगढ़ में वेल्डिंग का काम करता था और सोमवार रात काम खत्म कर बाइक से अपने गांव लौट रहा था। छड़ावद मार्ग पर सड़क किनारे केबल बिछाने का कार्य चल रहा था, जहां मुरम का ढेर पड़ा था। बताया गया कि बाइक सवार सुनील मुरम के ढेर से बचने की कोशिश कर रहा था, तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार बोलेरो वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक की मौके पर ही मौत हो गई।

    पुलिस कार्रवाई पर सवाल, ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप
    घटना के बाद ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि हादसे के दौरान पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन गंभीर घटना को नजरअंदाज कर वहां से चली गई। इस बात को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी गई। वहीं पुलिस का कहना है कि वे इनामी बदमाश की सूचना पर मौके पर पहुंचे थे, और प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि हादसा उससे पहले ही हो चुका था।

    इनामी बदमाश की सूचना पर पहुंची पुलिस, गलत पहचान का मामला
    घटना स्थल पर उस समय देवकृष्ण पुरोहित हत्याकांड के इनामी आरोपी सुरेंद्र भाटी की सूचना पर पुलिस कार्रवाई कर रही थी। इसी दौरान एक युवक को पकड़ लिया गया, लेकिन ग्रामीणों ने उसे सुरेंद्र भाटी नहीं बल्कि रुस्तम बताया। बाद में उसने भी अपना नाम रुस्तम बताया। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने इस भ्रम के चलते सड़क हादसे की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया।

    बोलेरो चालक के खिलाफ मामला दर्ज, सीसीटीवी से जांच जारी
    थाना प्रभारी समीर पाटीदार ने बताया कि बोलेरो वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • सड़क पर मातम: जैन साध्वियों को कार ने कुचला, VIDEO सामने आने के बाद हड़कंप

    सड़क पर मातम: जैन साध्वियों को कार ने कुचला, VIDEO सामने आने के बाद हड़कंप


    मध्यप्रदेश। रीवा शहर में उस समय हड़कंप मच गया जब कलेक्ट्रेट के सामने तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे शांतिपूर्वक पैदल विहार कर रही तीन जैन साध्वियों को जोरदार टक्कर मार दी। यह पूरा हादसा 20 मई की दोपहर का बताया जा रहा है, जिसका सीसीटीवी फुटेज अब सामने आया है और जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।

    वीडियो में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है कि साध्वियां नियम अनुसार सड़क किनारे पैदल चल रही थीं, तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार अनियंत्रित कार ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर ही अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग तुरंत बचाव में जुट गए।

    हादसे में पूज्य श्रुति मति माता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उपसमिति माता ने इलाज के दौरान संजय गांधी अस्पताल में दम तोड़ दिया। वहीं तीसरी साध्वी आर्यिका माता की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है।

    घटना के तुरंत बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन दो साध्वियों की जान नहीं बचाई जा सकी। हादसे के बाद बुधवार को एक साध्वी का अंतिम संस्कार रीवा में ही किया गया, जिससे माहौल बेहद भावुक हो गया।

    हादसे को अंजाम देने के बाद कार चालक रशीद आबाद अली शाह मौके से फरार हो गया था। पुलिस की जांच में पता चला कि वह घटना के बाद करीब 270 किलोमीटर दूर जबलपुर तक भाग गया था, जहां बरगी पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

    घटना के बाद जैन समाज में भारी आक्रोश है और इसे केवल दुर्घटना नहीं बल्कि गंभीर लापरवाही या संभावित साजिश के रूप में देखा जा रहा है। समाज ने मांग की है कि मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए और सभी डिजिटल व सीसीटीवी साक्ष्य सुरक्षित रखे जाएं।

    जैन समाज ने यह भी मांग की है कि देशभर में पैदल विहार करने वाले साधु-संतों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर संत सुरक्षा नीति बनाई जाए। साथ ही दोषी को कठोर से कठोर सजा देने की अपील की गई है।

    इस घटना के विरोध में 25 मई को देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का ऐलान किया गया है, जिसमें जैन समाज मौन रैली निकालकर अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाएगा।

  • उज्जैन सड़क हादसा: अंधेरे और निर्माण कार्य के बीच कार पलटी, एक युवक की जान गई

    उज्जैन सड़क हादसा: अंधेरे और निर्माण कार्य के बीच कार पलटी, एक युवक की जान गई


    मध्यप्रदेश। उज्जैन जिले के बदनावर बायपास पर रविवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें इंदौर से सांवरिया सेठ दर्शन के लिए जा रहे युवकों की खुशियों से भरी यात्रा मातम में बदल गई। इस हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि 12वीं कक्षा के सात छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए।

    जानकारी के अनुसार, सभी युवक इंदौर से एक स्कॉर्पियो वाहन में सवार होकर सांवरिया सेठ के दर्शन और जन्मदिन मनाने के लिए रवाना हुए थे। यात्रा के दौरान यह हादसा सुबह करीब 4 बजे हुआ, जब सड़क पर घना अंधेरा था और सामने एक मृत गाय पड़ी होने के साथ-साथ सड़क निर्माण कार्य भी चल रहा था।

    इसी दौरान चालक ने वाहन को साइड में लेने की कोशिश की, लेकिन सड़क की स्थिति खराब होने और संतुलन बिगड़ने के कारण स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। अचानक हुए इस हादसे से मौके पर चीख-पुकार मच गई।

    हादसे में 18 वर्षीय विशाल परिहार की मौत हो गई, जो इंदौर के एक कैफे में शेफ के रूप में काम करता था। वह अपने दोस्तों के साथ जन्मदिन और धार्मिक यात्रा के लिए निकला था, लेकिन यह सफर उसके जीवन का अंतिम सफर साबित हुआ। मृतक अपने परिवार में एक बहन और बड़े भाई के साथ जुड़ा हुआ था, जबकि उसके पिता पचोर के रहने वाले हैं।

    हादसे में घायल हुए अन्य युवकों की पहचान निलेश, पीयूष, चंदन, जीवन, ओम, आयुष और मिलन के रूप में हुई है। इनमें से निलेश और पीयूष की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर किया गया है।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

    यह हादसा एक बार फिर रात के समय खराब सड़क व्यवस्था और लापरवाही से हो रहे हादसों की गंभीरता को उजागर करता है।

  • विदिशा सड़क हादसे में मातम, खेत जा रहे किसानों और मजदूरों से भरी ट्रॉली पलटी

    विदिशा सड़क हादसे में मातम, खेत जा रहे किसानों और मजदूरों से भरी ट्रॉली पलटी


    मध्यप्रदेश । विदिशा जिले के कुरवाई थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह दर्दनाक सड़क हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। मूंग की फसल काटने जा रहे मजदूरों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में एक किसान और एक मजदूर की मौके पर मौत हो गई, जबकि बच्चों सहित 20 अन्य लोग घायल हो गए। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    यह हादसा सुबह करीब 6 बजे बीना रोड पर लायरा और मलियाखेड़ा गांव के बीच हुआ। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली में बड़ी संख्या में मजदूर सवार थे, जो खेतों में मूंग की कटाई करने जा रहे थे। इनमें कई प्रवासी मजदूर भी शामिल थे। मजदूरों के साथ उनके छोटे-छोटे बच्चे भी ट्रॉली में मौजूद थे। अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ गया और ट्रॉली सड़क किनारे पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि लोग ट्रॉली के नीचे दब गए और कई लोग दूर जाकर गिरे।

    घटना के बाद स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों को बाहर निकालने में जुट गए। सूचना मिलते ही कुरवाई थाना प्रभारी आरके मिश्रा पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। पुलिस ने मौके का मुआयना कर जरूरी साक्ष्य जुटाए और ट्रैफिक व्यवस्था संभाली।

    सभी घायलों को तत्काल कुरवाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने 55 वर्षीय किसान ऋषभ साहू उर्फ ऋषि और 65 वर्षीय मजदूर दरबारी कौल को मृत घोषित कर दिया। दोनों शवों का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

    हादसे में घायल 20 वर्षीय दिव्या कोल और 35 वर्षीय रजनी कोल की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को जिला चिकित्सालय रेफर किया गया है। वहीं अन्य 18 घायलों का इलाज कुरवाई अस्पताल में जारी है। घायलों में कई मासूम बच्चे भी शामिल हैं, जिनके घायल होने से अस्पताल का माहौल बेहद भावुक हो गया।

    पुलिस प्रशासन अस्पताल और घटनास्थल दोनों जगह लगातार निगरानी बनाए हुए है। प्रारंभिक जांच में ट्रैक्टर-ट्रॉली के अनियंत्रित होकर पलटने की बात सामने आई है। हालांकि वाहन की गति, सड़क की स्थिति और तकनीकी खराबी जैसे पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

    इस हादसे ने एक बार फिर खेतों में काम के लिए असुरक्षित तरीके से मजदूरों को ढोने की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण इलाकों में मजदूरों और बच्चों को ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर ले जाना आम बात है, लेकिन यही लापरवाही कई बार जानलेवा साबित हो रही है।

  • तेज रफ्तार और लापरवाही बनी काल, पालघर सड़क हादसे में 100 लोगों से भरे ट्रक का दर्दनाक अंत

    तेज रफ्तार और लापरवाही बनी काल, पालघर सड़क हादसे में 100 लोगों से भरे ट्रक का दर्दनाक अंत


    नई दिल्ली । महाराष्ट्र के पालघर जिले में मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुआ भीषण सड़क हादसा कई परिवारों के लिए जीवनभर का दर्द छोड़ गया। सोमवार की रात यह हादसा उस समय हुआ जब एक ट्रक में सवार होकर 100 से अधिक लोग एक सगाई समारोह में शामिल होने के लिए जा रहे थे। खुशियों से भरा यह सफर कुछ ही पलों में मौत और तबाही के मंजर में बदल गया, जब सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार कंटेनर ने ट्रक को जोरदार टक्कर मार दी। इस दर्दनाक टक्कर में 13 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना भयानक था कि दोनों वाहन टक्कर के बाद सड़क पर बुरी तरह पलट गए और ट्रक में बैठे कई लोग नीचे दब गए। चीख-पुकार और अफरा-तफरी के बीच घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की। ट्रक में क्षमता से कहीं अधिक लोग सवार थे, जिसके कारण टक्कर का असर और भी भयावह हो गया। कई महिलाएं और बच्चे भी इस हादसे की चपेट में आ गए, जिनमें से कुछ की हालत अत्यंत गंभीर बताई जा रही है।

    हादसे के बाद पूरा हाईवे कुछ समय के लिए जाम में बदल गया। सड़क पर फैले मलबे और पलटे वाहनों के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया। पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और क्रेन की मदद से वाहनों को हटाने का काम शुरू किया गया। घंटों की मशक्कत के बाद ही यातायात सामान्य हो सका। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार कई घायलों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

    प्रारंभिक जांच में इस भीषण दुर्घटना के पीछे तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और चालक की लापरवाही को मुख्य कारण माना जा रहा है। ट्रक में सवार लोगों की संख्या निर्धारित सीमा से काफी अधिक थी, जिससे दुर्घटना के समय नियंत्रण पूरी तरह बिगड़ गया। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की गंभीर आवश्यकता को उजागर करता है।

    इस घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। खुशियों के माहौल में निकला यह सफर अचानक चीखों और दर्द की कहानी बन गया। जिन परिवारों ने एक साथ सगाई समारोह में शामिल होने की योजना बनाई थी, उन्हें अब अपनों के खोने का असहनीय दुख झेलना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है, जबकि घायलों के इलाज की व्यवस्था युद्ध स्तर पर की जा रही है। यह हादसा लंबे समय तक लोगों के दिलों में एक कड़वी याद बनकर रहेगा।