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  • खाटू श्याम यात्रा पर निकला परिवार हादसे का शिकार, जीजा, ससुर और साली की दर्दनाक मौत

    खाटू श्याम यात्रा पर निकला परिवार हादसे का शिकार, जीजा, ससुर और साली की दर्दनाक मौत


    करनाल/जींद। हरियाणा के जींद में शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां पलभर में छीन लीं। श्री खाटू श्याम जी के दर्शन के लिए निकला करनाल का एक परिवार रास्ते में हादसे का शिकार हो गया। दुर्घटना में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

    जानकारी के अनुसार, करनाल के सेक्टर-8 निवासी धर्मपाल अपनी पत्नी, सास-ससुर और साली के साथ सुबह घर से खाटू श्याम धाम के लिए रवाना हुए थे। जींद के पास उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसा इतना भीषण था कि धर्मपाल, उनके ससुर और उनकी साली ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

    कार में कुल पांच लोग सवार थे। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने राहत कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। वहीं, मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

    घर में पसरा मातम

    हादसे की खबर जैसे ही करनाल स्थित परिवार तक पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। मृतकों के घर पर रिश्तेदारों और पड़ोसियों का तांता लग गया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।

    बताया जा रहा है कि धर्मपाल के बच्चे विदेश में पढ़ाई और नौकरी के सिलसिले में रहते हैं। हादसे की सूचना उन्हें भी दे दी गई है, जिसके बाद उनके भारत लौटने की तैयारी की जा रही है।

    पुलिस कर रही जांच

    स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती स्तर पर हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। धार्मिक यात्रा पर निकले इस परिवार के साथ हुई यह दुखद घटना पूरे क्षेत्र के लिए गहरे सदमे का कारण बन गई है।
  • मंदसौर में भीषण सड़क हादसा: एक्सप्रेस-वे पर ट्रक से टकराई कार, चार की जान गई, दो गंभीर

    मंदसौर में भीषण सड़क हादसा: एक्सप्रेस-वे पर ट्रक से टकराई कार, चार की जान गई, दो गंभीर

    मंदसौर ।मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर गुरुवार को एक भीषण सड़क हादसे ने चार लोगों की जिंदगी छीन ली। सीतामऊ थाना क्षेत्र के तीतरोद गांव के पास हुए इस दर्दनाक हादसे में तेज रफ्तार कार आगे चल रहे ट्रक से पीछे जा टकराई। टक्कर इतनी भयावह थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं जिनका उपचार अस्पताल में जारी है।

    जानकारी के अनुसार दुर्घटना दोपहर करीब 11 बजे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर हुई। महाराष्ट्र के औरंगाबाद से दिल्ली जा रही कार तेज गति से आगे बढ़ रही थी। इसी दौरान तीतरोद गांव के समीप कार चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और कार सामने चल रहे ट्रक में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार लोग बुरी तरह फंस गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और राहत दल को सूचना दी।

    सूचना मिलते ही सीतामऊ थाना पुलिस और आपातकालीन सहायता दल मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। घायलों को तत्काल सीतामऊ अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनका उपचार शुरू किया गया। वहीं मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

    पुलिस ने हादसे में जान गंवाने वाले दो लोगों की पहचान रविन्द्र काले निवासी शास्त्री नगर जवाहर कॉलोनी औरंगाबाद तथा सचिन गंगाधर गजभारे निवासी नाहर क्लिनिक के सामने औरंगाबाद महाराष्ट्र के रूप में की है। अन्य दो मृतकों और दोनों घायलों की पहचान अभी नहीं हो सकी है। पुलिस उनकी पहचान करने और परिजनों को सूचना देने का प्रयास कर रही है।

    प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और वाहन से नियंत्रण खोना हादसे का प्रमुख कारण माना जा रहा है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है ताकि दुर्घटना की वास्तविक वजह सामने आ सके। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। पुलिस अब एक्सप्रेस-वे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और ट्रक की पहचान कर चालक तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

    दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर लगातार बढ़ते सड़क हादसे एक बार फिर चिंता का विषय बन गए हैं। तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण होने वाली दुर्घटनाएं कई परिवारों की खुशियां छीन रही हैं। इस हादसे ने न केवल मृतकों के परिजनों को गहरा आघात पहुंचाया है बल्कि पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल भी पैदा कर दिया है। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे एक्सप्रेस-वे पर निर्धारित गति सीमा का पालन करें और लंबी दूरी की यात्रा के दौरान पूरी सतर्कता बरतें ताकि ऐसे दर्दनाक हादसों से बचा जा सके।

  • उज्जैन से लौटते समय काल बन गया सफर, टायर ब्लास्ट के बाद हुआ भीषण सड़क हादसा

    उज्जैन से लौटते समय काल बन गया सफर, टायर ब्लास्ट के बाद हुआ भीषण सड़क हादसा


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश के उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन के बाद लौट रहे एक कारोबारी की सड़क हादसे में मौत हो गई। नागझिरी थाना क्षेत्र के गरुड़ बायपास ब्रिज के पास शनिवार को तेज रफ्तार कार का अगला टायर फटने से वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गया। हादसे में बेंगलुरु के सीड कारोबारी मणि कांत कुट्टी (35) की मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद इंदौर के डीलर ओम धाकड़ और चालक बालकृष्ण गंभीर रूप से घायल हो गए।

    मृतक मणि कांत कुट्टी मूल रूप से Visakhapatnam के निवासी थे और Bengaluru में सीड व्यवसाय संचालित करते थे। बताया जा रहा है कि वे हाल ही में दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे। महाकाल के प्रति उनकी गहरी आस्था थी और वे नियमित रूप से Shri Mahakaleshwar Temple में दर्शन करने आते थे।

    शनिवार दोपहर मणि कांत कुट्टी अपने सहयोगी ओम धाकड़ और चालक बालकृष्ण के साथ महाकाल मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे। दर्शन के बाद तीनों स्कोडा कार से इंदौर के लिए रवाना हुए। रास्ते में उज्जैन-देवास बायपास पर अचानक कार का अगला बायां टायर फट गया। तेज रफ्तार होने के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और कार डिवाइडर से जा टकराई।

    हादसा इतना भीषण था कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। उपचार के दौरान मणि कांत कुट्टी ने दम तोड़ दिया, जबकि ओम धाकड़ और चालक बालकृष्ण का इलाज जारी है।

    चालक बालकृष्ण ने बताया कि टायर फटने के बाद कार पूरी तरह अनियंत्रित हो गई थी और दुर्घटना से बचने का कोई मौका नहीं मिला। उन्होंने कहा कि मणि कांत कुट्टी कई वर्षों से बाबा महाकाल के दर्शन करने आते रहे थे और उनकी धार्मिक आस्था बेहद गहरी थी।

    इस हादसे की एक खास बात यह रही कि मृतक के आईफोन में एसओएस (SOS) सुविधा सक्रिय थी। दुर्घटना होते ही उनके भाई के मोबाइल पर स्वतः आपातकालीन संदेश पहुंच गया। सूचना मिलते ही परिजन विशाखापट्टनम से उज्जैन के लिए रवाना हो गए। इसी तरह इंदौर निवासी ओम धाकड़ के परिवार को भी मोबाइल अलर्ट के माध्यम से हादसे की जानकारी मिल गई, जिसके बाद वे तत्काल अस्पताल पहुंचे।

    पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह टायर फटना माना जा रहा है। यह घटना एक बार फिर लंबी दूरी की यात्रा के दौरान वाहन के टायर और तकनीकी स्थिति की नियमित जांच की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

  • एमपी में सड़क हादसों का भयावह आंकड़ा: एक साल में 1 लाख से ज्यादा दुर्घटनाएं, हर 10 में से 6 पीड़ित युवा

    एमपी में सड़क हादसों का भयावह आंकड़ा: एक साल में 1 लाख से ज्यादा दुर्घटनाएं, हर 10 में से 6 पीड़ित युवा


    मध्‍य प्रदेश । मध्य प्रदेश में सड़क हादसों का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। डायल-108 एंबुलेंस सेवा की ताजा रिपोर्ट ने प्रदेश में सड़क सुरक्षा व्यवस्था और यातायात नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक वर्ष में प्रदेशभर में 1,03,294 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि इन हादसों का सबसे ज्यादा शिकार युवा वर्ग हुआ है।

    रिपोर्ट के मुताबिक 16 से 30 वर्ष आयु वर्ग के लोग कुल दुर्घटनाओं में 61 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ सबसे अधिक प्रभावित रहे। इसके बाद 31 से 45 वर्ष आयु वर्ग के 24 प्रतिशत लोग हादसों का शिकार बने। वहीं 46 से 60 वर्ष आयु वर्ग की हिस्सेदारी 9 प्रतिशत, 0 से 15 वर्ष आयु वर्ग की 4 प्रतिशत और 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की 3 प्रतिशत दर्ज की गई।

    जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो सागर जिला सड़क हादसों के मामले में प्रदेश में सबसे ऊपर रहा, जहां एक वर्ष के दौरान 6,061 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इसके बाद इंदौर में 4,853 और भोपाल में 4,546 सड़क हादसे सामने आए। इसके अलावा छिंदवाड़ा, जबलपुर, धार और रीवा जैसे जिलों में भी तीन हजार से अधिक दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जो बढ़ती सड़क असुरक्षा की ओर संकेत करती हैं।

    महीनेवार विश्लेषण में मई 2025 सबसे चिंताजनक महीना साबित हुआ, जब 12,047 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। जून और जुलाई में दुर्घटनाओं की संख्या में कुछ कमी देखी गई, लेकिन अगस्त के बाद फिर से बढ़ोतरी का सिलसिला शुरू हो गया। त्योहारों के मौसम में अक्टूबर और नवंबर के दौरान भी हादसों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।

    विशेषज्ञों और अधिकारियों के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं के पीछे कई प्रमुख कारण जिम्मेदार हैं। इनमें ओवर स्पीडिंग, शराब पीकर वाहन चलाना, हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग न करना, ट्रैफिक नियमों की अनदेखी, सड़क के ब्लैक स्पॉट, गड्ढे, क्षमता से अधिक सवारी बैठाना तथा लापरवाही और स्टंटबाजी प्रमुख हैं।

    डायल-108 एंबुलेंस सेवा के वरिष्ठ प्रबंधक तरुण सिंह परिहार के अनुसार, दुर्घटनाओं के बाद गंभीर चोटों का बड़ा कारण हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग न करना है। उन्होंने लोगों से यातायात नियमों का पालन करने और सुरक्षित ड्राइविंग अपनाने की अपील की है।

    वहीं भोपाल आरटीओ जितेंद्र शर्मा का कहना है कि सड़क हादसों की सबसे बड़ी वजह ओवर स्पीडिंग है। उनके अनुसार यदि वाहन चालक निर्धारित गति सीमा का पालन करें तो सड़क दुर्घटनाओं में करीब 60 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकती है।

    हाल के दिनों में भोपाल में हुई एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना ने भी लोगों का ध्यान सड़क सुरक्षा की ओर आकर्षित किया है। पुलिस के अनुसार तेज रफ्तार बाइक के डिवाइडर से टकराने की घटना में दो मेडिकल छात्रों की मौत हो गई थी। यह हादसा एक बार फिर इस बात की याद दिलाता है कि सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए केवल सख्त कानून ही नहीं, बल्कि जनजागरूकता, बेहतर सड़क ढांचा और जिम्मेदार ड्राइविंग व्यवहार भी उतना ही जरूरी है। बढ़ते हादसों के बीच सड़क सुरक्षा अब प्रदेश के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है।

  • दर्शन से लौट रहा परिवार बना हादसे का शिकार, कार में लगी आग ने छीन ली 6 जिंदगियां

    दर्शन से लौट रहा परिवार बना हादसे का शिकार, कार में लगी आग ने छीन ली 6 जिंदगियां


    श्योपुर । राजस्थान के अलवर जिले में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है जिसने कई जिंदगियों को एक झटके में खत्म कर दिया। वैष्णो देवी के दर्शन कर मध्यप्रदेश लौट रहे श्रद्धालुओं की कार अचानक आग का गोला बन गई और उसमें सवार छह लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई जबकि चालक ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना ने पूरे इलाके में शोक की लहर फैला दी है

    यह हादसा अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र के पास हुआ जहां एक अर्टिगा कार में अचानक आग भड़क उठी। कार में सवार सभी लोग मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले के नागदा गांव के रहने वाले थे और वैष्णो देवी के दर्शन कर अपने घर लौट रहे थे। यात्रा का यह सफर खुशियों से भरा होना चाहिए था लेकिन कुछ ही पलों में यह मातम में बदल गया

    बताया जा रहा है कि कार में आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। अंदर बैठे श्रद्धालु आग की लपटों में घिर गए और बुरी तरह झुलस गए। राहगीरों ने तत्काल मदद करने की कोशिश की और चालक को किसी तरह बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया लेकिन उसकी हालत बेहद गंभीर थी। बाद में उसे जयपुर रेफर किया गया जहां इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया

    इस हादसे में जिन लोगों की जान गई उनमें चालक विनोद के अलावा संतोष आदिवासी उनकी पत्नी बबली दयावली उनकी सास पार्वती और दो मासूम बच्चियां रागनी और साक्षी शामिल हैं। एक ही परिवार के इतने लोगों की मौत ने गांव में सन्नाटा पसार दिया है। हर आंख नम है और हर चेहरा गम से भरा हुआ है

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कार में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी माना जा रहा है हालांकि पुलिस मामले की जांच में जुटी है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों को सूचना दे दी गई है

    यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहन मेंटेनेंस को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। लंबी यात्राओं के दौरान वाहनों की नियमित जांच और सावधानी बेहद जरूरी होती है ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। लेकिन जब हादसा अचानक होता है तो उसके परिणाम इतने भयावह हो सकते हैं कि पूरा परिवार ही खत्म हो जाता है

    श्योपुर जिले के नागदा गांव में इस घटना के बाद मातम का माहौल है। जिन घरों में कुछ समय पहले दर्शन की खुशियां थीं वहां अब केवल आंसू और सन्नाटा है। यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि कई सपनों के एक साथ खत्म होने की कहानी बन गया है

  • बांग्लादेश में बड़ा हादसा: अनियंत्रित बस नदी में गिरी, 18 लोगों की मौत

    बांग्लादेश में बड़ा हादसा: अनियंत्रित बस नदी में गिरी, 18 लोगों की मौत

    नई दिल्ली।  बांग्लादेश में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है, जहां एक यात्री बस अनियंत्रित होकर पद्मा नदी में गिर गई। इस भीषण दुर्घटना में अब तक 18 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई यात्री अब भी लापता बताए जा रहे हैं। हादसा राजबारी जिले के गोवालैंड उपजिला स्थित दौलतदिया फेरी टर्मिनल पर बुधवार शाम करीब 5:15 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस नदी पार करने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रही थी, तभी अचानक नियंत्रण खो बैठी और सीधे नदी में जा गिरी।

    स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बस कुश्तिया के कुमारखाली से ढाका जा रही थी और रास्ते में अलग-अलग स्थानों से यात्रियों को बैठाया गया था। बताया जा रहा है कि बस में कुल करीब 50 लोग सवार थे, जबकि बस की क्षमता 40 सीटों की थी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।

    बचाव अभियान के तहत ‘हमजा’ नामक रेस्क्यू शिप को लगाया गया, जिसने करीब छह घंटे की मशक्कत के बाद डूबी हुई बस को नदी से बाहर निकाला। देर रात करीब 11:30 बजे क्रेन की मदद से बस को पानी से बाहर निकाला गया। इसके बाद बस के अंदर से 16 शव बरामद किए गए, जिनमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल थे। इससे पहले दो घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया, जिससे कुल मृतकों की संख्या 18 हो गई।

    फरीदपुर फायर सर्विस के कमांडर मोहम्मद बेलाल उद्दीन ने बताया कि हादसे के बाद बड़ी संख्या में लोग लापता हो गए थे। राहत दल लगातार नदी में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं और गोताखोरों की मदद से बस के आसपास तलाशी ली जा रही है। हालांकि बस के दरवाजे और खिड़कियां टूट जाने के कारण अंदर पहुंचना काफी मुश्किल हो गया था।

    हादसे की वजह अभी साफ नहीं हो पाई है, लेकिन शुरुआती जांच में ड्राइवर द्वारा नियंत्रण खोने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।

    इस दर्दनाक हादसे के बाद पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं स्थानीय प्रशासन और बचाव दल पूरी मुस्तैदी से लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।

  • भोपाल में ट्रैक्टर-ट्रॉली और लोडिंग वाहन की टक्कर, 5 की मौत: सभी मृतक एक ही परिवार के

    भोपाल में ट्रैक्टर-ट्रॉली और लोडिंग वाहन की टक्कर, 5 की मौत: सभी मृतक एक ही परिवार के


    नई दिल्ली। भोपाल के बैरसिया थाना इलाके में बुधवार रात करीब साढ़े 9 बजे एक भयावह सड़क हादसा हुआ। सिरोंज के एक ही परिवार के 15 लोग लोडिंग वाहन में नर्मदापुरम जा रहे थे, जहां किसी परिजन की अंतिम क्रिया होने वाली थी। इसी दौरान ठाकुर लाल सिंह स्कूल के पास सामने से आ रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से उनकी गाड़ी की आमने-सामने की टक्कर हो गई। हादसे में लोडिंग वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार कई लोग अंदर ही फंस गए।
    जान-माल का नुकसान
    हादसे में 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान इस प्रकार है
    लक्ष्मीबाई अहिरवार
    बबली बाई
    हरि बाई
    दीपक
    मुकेश
    इसके अलावा 9 लोग घायल हुए हैं। ट्रैक्टर सवार 3 लोग भी चोटिल हुए। सभी घायलों को बैरसिया शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    घटना के पीछे वजह
    बैरसिया के एसडीएम आशुतोष शर्मा, एएसपी नीरज चौरसिया और टीआई वीरेंद्र सेन ने मौके पर पहुंचकर घायलों का हाल जाना और अस्पताल में उचित इलाज के निर्देश दिए। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है।

    हालांकि, पुलिस ने कहा कि वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी।

    परिवार की यात्रा और हादसे का शोक
    लोडिंग वाहन में सवार परिवार नर्मदापुरम किसी परिजन की अंतिम क्रिया में शामिल होने जा रहा था। ट्रक और लोडिंग वाहन की भिड़ंत ने पूरे परिवार को अंधेरे में छोड़ दिया। यह हादसा सड़क सुरक्षा और तेज गति के खतरों को फिर से उजागर करता है।इसी तरह इंदौर में शुक्रवार को भी सड़क हादसा हुआ था, जिसमें पूर्व गृहमंत्री बाला बच्चन की बेटी प्रेरणा बच्चन (26) की मौत हुई थी। पुलिस के अनुसार कार चालक शराब के नशे में 130–140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से वाहन चला रहा था।