घाट पर नियंत्रण खोने से पलटी बस
एक युवक की हालत गंभीर
तुरंत शुरू हुआ राहत-बचाव कार्य
अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी

घाट पर नियंत्रण खोने से पलटी बस
एक युवक की हालत गंभीर
अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी

सिर में गंभीर चोट, अस्पताल में तोड़ा दम
हादसे में बुजुर्ग के सिर में गंभीर चोट आई। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान देर रात उनकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार चोट काफी गंभीर थी, जिससे उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
परिजनों का आरोप: ऑटो ने मारी टक्कर
मृतक के भतीजे विक्रांत ने आरोप लगाया कि टक्कर एक ऑटो ने मारी थी। उनका कहना है कि हादसे के बाद बुजुर्ग ऑटो में फंस गए और कुछ दूरी तक घिसटते रहे, लेकिन चालक वाहन लेकर मौके से भाग गया।
CCTV में कैद हुई घटना
घटनास्थल के पास लगी एक दुकान के CCTV कैमरे में हादसा रिकॉर्ड हुआ है। फुटेज में वाहन टक्कर मारने के बाद बुजुर्ग को घसीटते हुए नजर आ रहा है। हालांकि, पुलिस को जो फुटेज मिला है, वह दूरी के कारण पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
आरोपी वाहन की तलाश जारी
थाना प्रभारी के अनुसार आसपास के अन्य CCTV कैमरों की भी जांच की जा रही है, ताकि आरोपी वाहन की पहचान की जा सके। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और जल्द ही आरोपी तक पहुंचने का दावा किया है।
लोगों ने दिखाई मदद, फिर भी नहीं बच सकी जान
हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोग मदद के लिए दौड़े और घायल को अस्पताल पहुंचाया। लेकिन गंभीर चोटों के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी, जिससे इलाके में शोक का माहौल है।

जानकारी के अनुसार ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार सभी लोग एक बरहों कार्यक्रम से लौट रहे थे और बेलदरा जा रहे थे। रास्ते में डीजल खत्म होने के कारण वाहन को राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर रिगरा ब्रिज के पास किनारे खड़ा कर दिया गया था। शनिवार सुबह करीब 5 बजे पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने खड़े वाहन को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रॉली में बैठे लोग घायल हो गए और मौके पर अफरा तफरी मच गई।
हादसे की सूचना मिलते ही डायल 112 हाइवे पेट्रोलिंग और एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं। सभी घायलों को तुरंत सिविल अस्पताल मैहर और अमरपाटन भेजा गया जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस के मुताबिक घायलों में संखिबाई साकेत अजय बुंकर प्रदीप साकेत और संतोष साकेत सहित अन्य लोग शामिल हैं। प्राथमिक उपचार के बाद दो गंभीर घायलों को जिला अस्पताल सतना रेफर किया गया है।
टक्कर के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया था जिसे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नियंत्रित किया और यातायात बहाल कराया। नादन देहात थाना प्रभारी पंचराज सिंह ने बताया कि ट्रेलर को क्रेन की मदद से जब्त कर लिया गया है और चालक को हिरासत में लिया गया है। मामले में केस दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।

100 मीटर तक घसीटता ले गया, फिर पलटा
दूल्हे की बहन की हालत गंभीर
पुलिस ने शुरू की जांच

सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी। आग बुझाने के बाद कार के अंदर से बच्चे का जला हुआ शव बरामद किया गया। थाना प्रभारी कुलदीप खत्री के अनुसार, टीम के पहुंचने से पहले ही बच्चे ने दम तोड़ दिया था।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को दोपहर बाद छिंदवाड़ा पहुंचे और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दुर्घटना पीड़ादायक है। मध्य प्रदेश सरकार प्रभावित परिवारों के संकट की घड़ी में उनके साथ है। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना में दिवंगत नागरिकों के परिजन को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई थी। इन परिवारों को संबल योजना की चार लाख रुपये की राशि भी प्रदान की जायेगी। साथ ही दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को भी आवश्यक सहायता और नि:शुल्क उपचार सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। उन्हाेंने कहा कि दुर्घटना में सभी घायलों को एक-एक लाख रुपये की सहायता दी जायेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव 3 ग्रामों में पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मिले
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा जिले के ग्राम करेर तहसील मोहखेड़ की सिया पत्नी कृष्णा इनवाती, रामदास पुत्र सुकलू पराने, दौलत पवार, भागवती पत्नी दान सिंह और शकुन पत्नी लखीचन्द्र यादव के निवास जाकर मुलाकात की। ग्राम करेर में प्रभावित परिवारों से मिलने के बाद मुख्यमंत्री ग्राम ग्वारा और ग्राम झिरिया पहुंचे। उन्होंने यहां प्रभावित परिवारों के सदस्यों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी और संबल प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभावित परिवार के सदस्यों से चर्चा कर कहा कि दुख की इस घड़ी में मध्य प्रदेश सरकार आपके साथ है। आपको हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी।
जिला अस्पताल में उपचाररत घायलों का जाना हाल
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला चिकित्सालय छिंदवाड़ा में हुई सड़क दुर्घटना के घायल व्यक्तियों से भेंट की और उनके स्वास्थ्य का हाल-चाल जाना। उन्हाेंने चिकित्सकों को सभी घायलों की समुचित चिकित्सा के निर्देश दिए। उन्होंने अब तक किए गए उपचार की जानकारी ली और निर्देश दिए कि आवश्यकता पड़ने पर घायलों को नागपुर अथवा अन्य उच्च चिकित्सा संस्थानों में भेजने की व्यवस्था की जाए। राज्य सरकार घायलों के नि:शुल्क उपचार के लिए कटिबद्ध है। उन्हाेंने कहा कि अन्य जगह रेफर किए जाने की स्थिति में भी राज्य सरकार पूर्ण सहयोग करेगी।
घायलों का सहयोग करने वाले जवानों को किया जायेगा पुरस्कृत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा जिला प्रशासन, नागरिकों और पुलिस बल के उन जवानों की सराहना की, जिन्होंने दुर्घटना के बाद सभी स्थितियों को कुशलतापूर्वक सम्हाला। उन्होंने उन पुलिस जवानों को पुरस्कृत करने की घोषणा की, जिन्होंने घायलों की पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से सहायता की। वे रामनवमी के पहले से निर्धारित सतना जिले के चित्रकूट के विभिन्न कार्यक्रमों को निरस्त कर छिंदवाड़ा में प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे।
छिंदवाड़ा में पिकअप और बस की भिड़ंत में 10 लोगों की हो गई थी मौत
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले मे मोहखेड़ थाना क्षेत्र के सेमरिया हनुमान मंदिर के पास गुरुवार की रात मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से लौट रहे लोगों से भरी बस और पिकअप के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई थी। छिंदवाड़ा-नागपुर रोड पर हुए इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि करीब 30 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।
छिंदवाड़ा में गुरुवार को हितग्राही सम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए थे। बस में सवार सभी यात्री हितग्राही सम्मेलन में शामिल होकर वापस लौट रहे थे। बस में 47 लोग सवार थे। बस शाम करीब 6.30 बजे उमरानाला इलाके में पहुंची थी, तभी यह हादसा हो गया था। सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को 6 से अधिक एंबुलेंस से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
ग्राम करेर में एक साथ उठी पांच अर्थियां
इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले 10 लोगों में से पांच करेर गांव के निवासी थे, जिससे पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। शुक्रवार को करेर गांव में जब मृतकों की अर्थियां एक साथ उठीं, तो माहौल बेहद गमगीन हो गया। हर ओर रोने-बिलखने की आवाजें गूंजती रहीं। परिजन अपने प्रियजनों के शवों से लिपटकर विलाप करते नजर आए।

यह हादसा तड़के करीब तीन बजे हुआ। ऑटो सवार लोग शीतला माता मंदिर से दर्शन कर लौट रहे थे। ऑटो में कुल नौ लोग सवार थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे नीम के पेड़ से जा टकराया और पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां पांच लोगों को मृत घोषित कर दिया गया।
स्कॉर्पियो का पुलिस कर रही थी पीछा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्कॉर्पियो चालक ने पहले बस स्टैंड के पास एक ई-रिक्शा को टक्कर मारी। इसके बाद पुलिस उसका पीछा कर रही थी। बचने के प्रयास में चालक तेज रफ्तार से वाहन भगाता हुआ आया और रास्ते में ऑटो को टक्कर मार दी। घायलों के मुताबिक, स्कॉर्पियो चालक नशे में था और लापरवाही से वाहन चला रहा था। स्कॉर्पियो में वो अकेला था। पुलिस ने आरोपित चालक को गिरफ्तार कर लिया है।
मृतकों के नाम
इंद्रजीत उर्फ पप्पू शाक्य (55)
लीला (52), पत्नी इंद्रजीत
शुभम उर्फ लाली (30)
शगुन, पत्नी शुभम
प्रीति कश्यप (60), निवासी मेरठ (शुभम की सास)
घायलाें के नाम
प्रीति (20)
प्रियांश (5), पुत्र शुभम
आरव (6), पुत्र शुभम
एक अन्य अज्ञात व्यक्ति

बताया जा रहा है कि चारों दोस्त अपनी बलेनो कार में थे और अचानक भूसे से भरी ट्रॉली उनकी कार के सामने आ गई तेज रफ्तार और अंधेरे की वजह से कार ने ट्रॉली से जोरदार टक्कर मार दी इस टक्कर में कार के परखच्चे उड़ गए और तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हुआ
घायल युवक को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है पुलिस ने हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है
पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के समय ट्रॉली का ड्राइवर मौके से फरार हो गया है और उसकी तलाश की जा रही है वहीं मृतकों की पहचान अभी नहीं हो पाई है इस घटना ने सड़क सुरक्षा के सवाल भी उठाए हैं क्योंकि अंधेरे और तेज रफ्तार के कारण यह हादसा इतना भयंकर हुआस्थानीय लोगों और राहगीरों का कहना है कि इस सड़क पर रात के समय दुर्घटनाओं की संभावना अधिक रहती है और पर्याप्त चेतावनी संकेत नहीं होने से हादसे की गंभीरता और बढ़ जाती है
कुल मिलाकर भोपाल के बैरसिया रोड पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता को उजागर किया है पुलिस मामले की जांच कर रही है और ट्रॉली चालक की पहचान कर उसके खिलाफ कार्रवाई करेगी ताकि ऐसे हादसे दोबारा न हों

जानकारी के अनुसार एक युवक अपनी खराब हो चुकी बाइक को धक्का देकर कॉलेज चौक की ओर ले जा रहा था। तभी अचानक बाइक से धुआं उठने लगा और देखते ही देखते उसमें आग लग गई। शुरुआत में आसपास मौजूद दुकानदारों और राहगीरों ने आग बुझाने की कोशिश की लेकिन आग इतनी तेजी से फैल गई कि कोई कुछ कर नहीं सका।
स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब बाइक की पेट्रोल टंकी में जोरदार विस्फोट हुआ। धमाके के साथ आग की लपटें और तेज हो गईं जिससे बाइक पूरी तरह आग की चपेट में आ गई। कुछ ही पलों में वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गया।
घटना के कारण सड़क पर यातायात बाधित हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लोगों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी जिसके बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया लेकिन तब तक बाइक पूरी तरह नष्ट हो चुकी थी।
गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई वरना पेट्रोल टंकी के विस्फोट से बड़ा हादसा हो सकता था। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि गर्मी के मौसम में वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना कितना जरूरी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि तापमान बढ़ने के साथ वाहनों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में नियमित सर्विसिंग फ्यूल लीकेज की जांच और इंजन की स्थिति पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।यह घटना न केवल एक हादसा है बल्कि एक चेतावनी भी है कि छोटी सी लापरवाही बड़े खतरे में बदल सकती है। सतर्कता और सुरक्षा नियमों का पालन ही ऐसे हादसों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

पुलिस के अनुसार श्रद्धालुओं को लेकर जा रही माइक्रोबस मनाकामना मंदिर से तनहुन जिले के अंबुखैरेनी इलाके की ओर जा रही थी तभी सड़क फिसलने के कारण लगभग 200 फीट गहरी खाई में गिर गई। बस में एक दर्जन से ज्यादा यात्री सवार थे। घायल यात्रियों को भरतपुर स्थित चितवन मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए भेजा गया।
गोरखा जिला ट्रैफिक पुलिस कार्यालय के प्रमुख सूरज अर्याल ने बताया कि मृतकों में दो महिलाएं और पांच पुरुष शामिल हैं सभी भारतीय नागरिक हैं। जिला पुलिस प्रमुख भरत बहादुर बीके ने मृतकों की पहचान मुथु कुमार (58) अनामालिक (58) मीनाक्षी (59) शिवगामी (53) विजयल (57) मीना (58) और तमिलरसी (60) के रूप में की। हादसे में बस का ड्राइवर सुरक्षित बच गया जबकि उसका सहायक घायल हुआ।
नेपाल में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या और गंभीरता पिछले वर्षों में लगातार बढ़ी है। विश्व बैंक की स्टडी के अनुसार 2007 के बाद नेपाल में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाला आर्थिक नुकसान तीन गुना बढ़ चुका है और अब यह देश के सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GNP) का लगभग 1.5% है। सड़क हादसों में मरने वालों में 70% से अधिक पैदल यात्री साइकिल सवार और मोटरसाइकिल चालक जैसे संवेदनशील रोड यूजर शामिल होते हैं।
नेपाल में पहाड़ी इलाकों में संकरी और खराब सड़कें भारी बारिश और प्राकृतिक आपदाएं भूकंप और भूगर्भीय अस्थिरता परिवहन व्यवस्था की सीमाएं और वाहन ओवरलोडिंग जैसी वजहों से सड़क हादसे आम हैं। उदाहरण के तौर पर फरवरी में धादिंग जिले में एक पर्यटक बस 200 मीटर गहरी खाई में गिर गई थी जिसमें 19 लोगों की मौत हुई थी और 25 घायल हुए थे।
विशेषज्ञ बताते हैं कि नेपाल का ज्यादातर क्षेत्र पहाड़ी और दुर्गम है। सड़क किनारों पर गहरी खाइयां और ढलान होने के कारण थोड़ी सी गलती या खराब मौसम में वाहन आसानी से फिसल सकते हैं। संकरी घुमावदार सड़कें सुरक्षा दीवारों की कमी भूस्खलन और मिट्टी खिसकने जैसी घटनाएं हादसों की संभावना बढ़ाती हैं। पुराने वाहन ओवरलोडिंग और ड्राइवरों का अपर्याप्त प्रशिक्षण भी जोखिम बढ़ाता है।
सरल शब्दों में कहें तो नेपाल में पहाड़ खराब सड़कें भारी बारिश और कमजोर बुनियादी ढांचा मिलकर सड़क हादसों की संख्या और गंभीरता को बढ़ाते हैं। मनाकामना मंदिर से लौटते समय हुए इस दुखद हादसे ने एक बार फिर नेपाल की सड़क सुरक्षा की चिंताओं को उजागर किया है।