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  • इंदौर में सड़क निर्माण से सफाई तक महापौर का एक्शन, मनीषपुरी रोड पर काम पूरा करने के लिए 30 दिन का समय; लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी

    इंदौर में सड़क निर्माण से सफाई तक महापौर का एक्शन, मनीषपुरी रोड पर काम पूरा करने के लिए 30 दिन का समय; लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी


    इंदौर । इंदौर में सड़क निर्माण की धीमी रफ्तार और सफाई व्यवस्था में लापरवाही को लेकर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को मनीषपुरी क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान उन्होंने मनीषपुरी रोड का काम तय समय पर पूरा नहीं होने पर नाराजगी जताई और अधिकारियों को शेष निर्माण कार्य 30 दिन के भीतर पूरा करने का अल्टीमेटम दिया। महापौर ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समयसीमा में काम पूरा नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया जाएगा। उन्होंने दीपावली के बाद सड़क के लोकार्पण की तारीख तय करने और उससे पहले सभी जरूरी काम पूरे करने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने डामरीकरण पेचवर्क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और क्षेत्र की सफाई व्यवस्था का जायजा लिया।

    महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मनीषपुरी रोड के निर्माण कार्यों की स्थिति जानने के लिए अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल दफ्तरों में बैठकर काम की समीक्षा न करें बल्कि निर्माण स्थलों पर पहुंचकर नियमित निगरानी करें। सड़क निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य का उद्देश्य केवल औपचारिकता पूरी करना नहीं बल्कि लोगों को टिकाऊ और बेहतर सड़क उपलब्ध कराना होना चाहिए।

    निरीक्षण के दौरान महापौर ने कनेक्टिंग सड़कों पर बनाए जा रहे रैंप की व्यवस्था पर भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि रैंप इस तरह तैयार किए जाएं जिससे बारिश के दौरान पानी जमा न हो और स्थानीय रहवासियों को आवागमन में परेशानी का सामना न करना पड़े। सड़क निर्माण के साथ जल निकासी की व्यवस्था को भी जरूरी बताते हुए उन्होंने अधिकारियों को काम की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

    शहर में डामरीकरण और पेचवर्क की धीमी गति पर भी महापौर ने असंतोष जताया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गड्ढों और खराब सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जाए ताकि लोगों को आवागमन में राहत मिल सके। पेचवर्क की गुणवत्ता का निरीक्षण करते हुए उन्होंने खराब काम पर नाराजगी जताई और संबंधित इंजीनियरों तथा निगरानी अधिकारियों को नियमित जांच करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि सड़कों की मरम्मत इस तरह होनी चाहिए कि कुछ ही समय बाद दोबारा गड्ढों की समस्या सामने न आए।

    मनीषपुरी में सफाई व्यवस्था को लेकर स्थानीय पार्षद मुद्रा शास्त्री ने भी महापौर के सामने समस्याएं रखीं। उन्होंने बताया कि पुराने दरोगा को हटाकर नए दरोगा की तैनाती किए जाने के बाद क्षेत्र की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। नए कर्मचारी को इलाके और कामकाज की व्यवस्था समझने में समय लग रहा है। इसके अलावा कुछ कर्मचारियों के समय पर नहीं पहुंचने और संसाधनों की कमी के कारण भी सफाई कार्य प्रभावित होने की शिकायत की गई।

    इस पर महापौर ने अपर आयुक्त प्रखर सिंह से फोन पर चर्चा की और तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रहवासी नियमित सफाई नहीं होने की शिकायत कर रहे हैं और मनीषपुरी जैसे क्षेत्र में भी व्यवस्था प्रभावित होना गंभीर विषय है। उन्होंने संबंधित सीएसआई और दरोगा के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।

    निरीक्षण के दौरान महापौर ने जल संरक्षण पर भी जोर दिया। उन्होंने रहवासियों को पानी की बर्बादी रोकने की समझाइश दी और उन्हें जल संरक्षण की शपथ दिलाई। उन्होंने नागरिकों से पानी का अनावश्यक उपयोग नहीं करने और उपलब्ध जल संसाधनों का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की अपील की। साथ ही नगर निगम के उन कर्मचारियों की सराहना की जो चुनौतीपूर्ण कार्यों को कम समय में पूरा कर रहे हैं। महापौर के इस निरीक्षण के बाद अब मनीषपुरी रोड के निर्माण और सफाई व्यवस्था में निर्धारित समय के भीतर सुधार लाने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों पर होगी।