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  • बस की टक्कर से ऑटो चालक की मौत करंट लगने से युवक ने तोड़ा दम फूड डिलीवरी बॉय ने उठाया आत्मघाती कदम

    बस की टक्कर से ऑटो चालक की मौत करंट लगने से युवक ने तोड़ा दम फूड डिलीवरी बॉय ने उठाया आत्मघाती कदम


    इंदौर । इंदौर में बुधवार रात और गुरुवार सुबह अलग-अलग इलाकों में हुई तीन दर्दनाक घटनाओं ने शहर को झकझोर दिया। एक ओर सड़क हादसे में ऑटो चालक की मौत हो गई तो दूसरी ओर पानी की मोटर चालू करते समय करंट लगने से एक युवक ने दम तोड़ दिया। वहीं लसूड़िया क्षेत्र में एक फूड डिलीवरी बॉय का शव फंदे पर लटका मिला। पुलिस ने तीनों मामलों में जांच शुरू कर दी है।

    पहली घटना तिलक नगर थाना क्षेत्र की है जहां निजी ट्रेवल्स की बस की टक्कर से 24 वर्षीय राजा गोयल की मौत हो गई। राजा अपने दोस्त मांझी के साथ बाइक से पिपल्याहाना स्थित एक दुकान पर सामान लेने गया था। देर रात लौटते समय तेज रफ्तार बस ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन डॉक्टरों ने राजा को मृत घोषित कर दिया जबकि उसके साथी का इलाज जारी है।

    मृतक राजा शांति नगर मूसाखेड़ी का रहने वाला था और पेशे से ऑटो चालक था। उसके परिवार में पत्नी ढाई साल का बेटा और बड़ा भाई हैं। पुलिस ने हादसे के बाद बस को जब्त कर चालक को हिरासत में ले लिया है। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

    दूसरी घटना आजाद नगर थाना क्षेत्र के इंदिरा एकता नगर की है। यहां 25 वर्षीय वसीम अपने घर में पानी की मोटर चालू कर रहा था। इसी दौरान अचानक उसे तेज करंट लग गया और वह जमीन पर गिर पड़ा। आसपास के लोग और परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन चिकित्सक उसकी जान नहीं बचा सके।

    वसीम भी ऑटो चालक था और अपने परिवार का मुख्य सहारा माना जाता था। उसके परिवार में दो छोटे बच्चे भाई और बहन हैं। पुलिस ने मामले में आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है और बिजली के करंट लगने की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।

    तीसरी घटना लसूड़िया थाना क्षेत्र की है जहां 22 वर्षीय रजनीश ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। रजनीश मूल रूप से कटनी जिले का रहने वाला था और करीब छह महीने पहले रोजगार की तलाश में इंदौर आया था। वह अपने बड़े भाई शुभम के साथ किराए के मकान में रहकर फूड डिलीवरी का काम करता था।

    बुधवार देर रात जब शुभम काम से वापस घर लौटा तो काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद मकान मालिक की मदद से कमरे का ताला तोड़ा गया। अंदर रजनीश का शव फंदे से लटका मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। ऐसे में आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस परिजनों और परिचितों से पूछताछ कर सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

    इन तीनों घटनाओं ने अलग-अलग परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। सड़क सुरक्षा बिजली उपकरणों के सुरक्षित उपयोग और मानसिक स्वास्थ्य जैसे मुद्दे एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। पुलिस ने सभी मामलों में जांच जारी रखते हुए लोगों से सतर्कता बरतने और किसी भी तरह की परेशानी होने पर समय रहते मदद लेने की अपील की है।

  • इंदौर में सड़क हादसे ने ली किसान की जान, इलाज के दौरान तोड़ा दम; आरोपी वाहन चालक की तलाश

    इंदौर में सड़क हादसे ने ली किसान की जान, इलाज के दौरान तोड़ा दम; आरोपी वाहन चालक की तलाश


    इंदौर। इंदौर के रीगल ब्रिज पर मंगलवार शाम हुए एक सड़क हादसे में 48 वर्षीय किसान की मौत हो गई। वह कोर्ट में पेशी पूरी करने के बाद पैदल बस स्टैंड की ओर जा रहे थे, तभी एक अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल किसान को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां देर रात उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश शुरू कर दी है।

    छोटी ग्वालटोली थाना पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान खुडेल क्षेत्र के काजी पलासिया निवासी इलियास पुत्र अब्दुल रज्जाक के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा मंगलवार शाम रीगल ब्रिज पर हुआ। टक्कर इतनी जोरदार थी कि इलियास सड़क पर गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। कुछ समय तक घायल सड़क पर ही पड़े रहे। बाद में राहगीरों ने उन्हें देखा और तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। अस्पताल में डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया, लेकिन देर रात उनकी मौत हो गई।

    अस्पताल प्रशासन ने परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद पता चला कि इलियास किसी न्यायिक मामले में पेशी के लिए इंदौर आए थे। अदालत का काम पूरा होने के बाद वह पैदल बस स्टैंड की ओर जा रहे थे ताकि अपने गांव लौट सकें। इसी दौरान यह हादसा हो गया।

    परिजनों ने बताया कि इलियास खेती-किसानी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनके परिवार में एक बेटा, छह बेटियां और पांच भाई हैं। उनकी असमय मौत से परिवार में शोक का माहौल है।

    पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि वाहन और उसके चालक की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपी तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

  • दूधाना के पास सड़क हादसा तेज रफ्तार वाहन ने बाइक सवार को मारी टक्कर जिला अस्पताल रेफर

    दूधाना के पास सड़क हादसा तेज रफ्तार वाहन ने बाइक सवार को मारी टक्कर जिला अस्पताल रेफर


    शाजापुर । शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। ग्राम दूधाना के पास हुए इस हादसे में अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी जिसके बाद युवक सड़क पर गिर पड़ा और गंभीर चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहन बड़ोदिया पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

    पुलिस के अनुसार घायल युवक की पहचान डांगीचा निवासी 35 वर्षीय श्याम पाल पुत्र रमेश चंद्र के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि श्याम पाल अपनी बाइक से गुजर रहा था तभी ग्राम दूधाना के समीप तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि वह सड़क पर दूर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया।

    घटना की जानकारी मिलते ही डायल 112 के पायलट संतोष मालवीय और थाना स्टाफ के सत्यनारायण यादव तत्काल घटनास्थल पहुंचे। पुलिस और स्थानीय लोगों ने बिना देर किए घायल को एंबुलेंस की सहायता से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक उपचार किया। चिकित्सकों के अनुसार युवक के चेहरे और होंठ पर गंभीर चोटें आई हैं। चोटों के कारण वह ठीक से बोल भी नहीं पा रहा था। बेहतर इलाज और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया।

    पुलिस ने अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि दुर्घटना करने वाले वाहन और उसके चालक की पहचान की जा सके। साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।

    पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि सड़क पर वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करें और दुर्घटना होने की स्थिति में घायल व्यक्ति की तुरंत मदद करें तथा पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को सूचना दें। समय पर मिली सहायता कई बार गंभीर रूप से घायल व्यक्ति की जान बचाने में अहम भूमिका निभाती है।

  • अमरनाथ यात्रियों से भरे काफिले में बड़ा हादसा जम्मू श्रीनगर हाईवे पर चार वाहन भिड़े 18 श्रद्धालु घायल

    अमरनाथ यात्रियों से भरे काफिले में बड़ा हादसा जम्मू श्रीनगर हाईवे पर चार वाहन भिड़े 18 श्रद्धालु घायल

    नई दिल्ली । अमरनाथ यात्रा के दौरान सोमवार को जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़ा सड़क हादसा हो गया। रामबन जिले के चंदरकोट क्षेत्र में यात्रा काफिले के साथ चल रहे चार वाहन आपस में टकरा गए जिससे अफरा तफरी मच गई। हादसे में 18 अमरनाथ श्रद्धालु घायल हो गए। राहत की बात यह रही कि सभी को मामूली चोटें आई हैं और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर तुरंत राहत एवं बचाव अभियान चलाया और सभी घायलों को रामबन जिला अस्पताल पहुंचाया।

    जानकारी के अनुसार हादसा चंदरकोट स्थित लंगर स्थल के पास उस समय हुआ जब पहलगाम की ओर जा रहे अमरनाथ यात्रा काफिले में शामिल वाहन एक दूसरे से टकरा गए। सबसे पहले जम्मू कश्मीर सड़क परिवहन निगम की एक बस आगे चल रही दूसरी एसआरटीसी बस से जा भिड़ी। टक्कर इतनी तेज थी कि दूसरी बस आगे चल रही कार से टकरा गई और कार ने सामने मौजूद एक निजी बस को जोरदार टक्कर मार दी। देखते ही देखते चारों वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गए और यात्रियों में चीख पुकार मच गई।

    हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। घायलों को तत्काल एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल रामबन ले जाया गया जहां उनका उपचार शुरू किया गया। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी यात्री की हालत गंभीर नहीं है और सभी खतरे से बाहर हैं।

    अब तक दस घायलों की पहचान हो चुकी है। इनमें उत्तर प्रदेश के कानपुर निवासी हर्ष राजपूत विशाल गुप्ता और पंकज सुवनकर शामिल हैं। महाराष्ट्र के यवतमाल निवासी सुहास जीवन मोवाडे भी हादसे में घायल हुए हैं। राजस्थान के श्रीगंगानगर निवासी भारत भूषण और विनोद कुमार को भी चोटें आई हैं। इसके अलावा राजस्थान के बीकानेर की किरण पंजाब की सीमा रानी राजस्थान के पवन कुमार और गंगा सिन्हा भी घायलों में शामिल हैं। शेष आठ यात्रियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

    दुर्घटना के कारण जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर मार्ग को दोबारा सुचारु कराया। हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है और यह पता लगाया जा रहा है कि दुर्घटना चालक की लापरवाही से हुई या किसी तकनीकी खराबी की वजह से।

    गौरतलब है कि इस वर्ष श्री अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई से शुरू हुई है और यह 28 अगस्त तक चलेगी। यात्रा के दौरान देशभर से लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जम्मू कश्मीर पहुंच रहे हैं। अब तक दो लाख पैंतालीस हजार से अधिक श्रद्धालु पवित्र गुफा में दर्शन कर चुके हैं। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं लेकिन इस हादसे ने यात्रा मार्ग पर सुरक्षित संचालन की चुनौती को एक बार फिर सामने ला दिया है।

  • देवास में तेज रफ्तार का कहर, 14 वर्षीय छात्र की सड़क हादसे में मौत; दोस्तों के सोशल मीडिया पोस्ट ने नम कीं आंखें

    देवास में तेज रफ्तार का कहर, 14 वर्षीय छात्र की सड़क हादसे में मौत; दोस्तों के सोशल मीडिया पोस्ट ने नम कीं आंखें


    देवास । देवास के बालगढ़ रोड पर शुक्रवार रात हुआ एक दर्दनाक सड़क हादसा एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन ले गया। महज 14 वर्षीय छात्र जैद खान अपने दो दोस्तों के साथ घूमने निकला था, लेकिन घर लौटने से पहले ही सड़क दुर्घटना ने उसकी जिंदगी खत्म कर दी। हादसे में उसके दोनों दोस्त मामूली रूप से घायल हुए, जबकि जैद को अस्पताल पहुंचने से पहले ही डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और जैद के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

    जानकारी के अनुसार दुर्घटना शुक्रवार रात करीब साढ़े नौ बजे अष्टविनायक कॉलोनी के पास बालगढ़ रोड पर हुई। शांतिपुरा निवासी जैद खान अपने दो दोस्तों के साथ बाइक से घूमने निकला था। लौटते समय उनकी बाइक सामने से आ रही एक कार से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि तीनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद के लिए दौड़ लगाई और एक परिचित की सहायता से तीनों को ऑटो में बैठाकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

    अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद जैद खान को मृत घोषित कर दिया। वहीं उसके दोनों दोस्तों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई क्योंकि उन्हें केवल मामूली चोटें आई थीं। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद जैद का शव परिजनों को सौंप दिया गया।

    परिजनों के अनुसार जैद आठवीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा था और पढ़ाई के साथ-साथ बेहद मिलनसार स्वभाव का था। उसके पिता ऑटो चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं और साथ ही एक छोटी किराना दुकान भी संचालित करते हैं। बेटे की असमय मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। मोहल्ले में भी घटना के बाद मातम पसरा हुआ है। पड़ोसियों का कहना है कि जैद सभी का चहेता था और हमेशा हंसते-मुस्कुराते रहने वाला बच्चा था।

    हादसे के बाद जैद के दोस्तों और परिचितों ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा किए। एक दोस्त ने लिखा कि आ जाना यार हमेशा की तरह एक आवाज पर जबकि अन्य दोस्तों ने उसे श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि जहां भी रहो दोस्त हमेशा खुश रहो। इन संदेशों ने हर किसी की आंखें नम कर दीं और यह एहसास कराया कि एक सड़क हादसा केवल एक परिवार ही नहीं बल्कि पूरे दोस्ती के रिश्ते को भी गहरा जख्म दे जाता है।

    पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि कार और बाइक की टक्कर किन परिस्थितियों में हुई इसकी जांच की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे के पीछे लापरवाही किसकी थी।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। खासकर रात के समय वाहन चलाते समय सावधानी और यातायात नियमों का पालन कितना जरूरी है, यह घटना उसकी दुखद याद दिलाती है। एक पल की चूक ने एक मासूम छात्र की जिंदगी छीन ली और उसके परिवार को ऐसा दर्द दे दिया जिसे शायद समय भी कभी पूरी तरह भर नहीं पाएगा।

  • चारधाम से लौटते वक्त मौत ने घेरा: 'बस छूट जाती तो पत्नी आज जिंदा होती', दौसा हादसे के पीड़ित की भावुक कहानी

    चारधाम से लौटते वक्त मौत ने घेरा: 'बस छूट जाती तो पत्नी आज जिंदा होती', दौसा हादसे के पीड़ित की भावुक कहानी


    मध्यप्रदेश । चारधाम यात्रा पूरी कर खुशियों के साथ घर लौट रहे इंदौर के वरिष्ठ पत्रकार चंद्रप्रकाश (चंदू) गुप्ता ने कभी नहीं सोचा था कि यह सफर उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा दर्द बन जाएगा। 30 जून की रात राजस्थान के दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर हुए भीषण बस हादसे में उनकी पत्नी निर्मला गुप्ता की मौत हो गई। हादसे से कुछ घंटे पहले ही निर्मला ने मुस्कुराते हुए सोशल मीडिया पर ‘यात्रा पूरी’ लिखकर स्टेटस लगाया था। परिवार से बात हुई, भविष्य की योजनाएं बनीं, लेकिन घर पहुंचने से पहले ही जिंदगी ने ऐसा मोड़ लिया जिसने पूरा परिवार बिखेर दिया।

    चंद्रप्रकाश गुप्ता बताते हैं कि उनकी पत्नी पिछले तीन वर्षों से दोबारा चारधाम यात्रा पर जाने की जिद कर रही थीं। पहले भी दोनों यात्रा कर चुके थे, लेकिन निर्मला का कहना था कि अब वहां काफी बदलाव हो चुके हैं और एक बार फिर दर्शन करना चाहती हैं। यात्रा की तैयारी पूरी थी और ट्रेन की कन्फर्म टिकट भी मिल चुकी थी, लेकिन सुविधा को देखते हुए बस से जाने का फैसला किया गया। आज उन्हें सबसे ज्यादा यही बात सालती है कि अगर उस दिन बस नहीं पकड़ी होती तो शायद उनकी पत्नी आज उनके साथ होती।

    हरिद्वार से लौटते समय बस पकड़ने के लिए दोनों ने काफी मशक्कत की। पहले गलत बस स्टैंड पहुंचे, फिर सामान उठाकर कई सौ मीटर पैदल चलना पड़ा। कई बार बस संचालक से संपर्क किया और आखिरकार इंदौर जाने वाली बस मिल गई। उस समय उन्हें लगा कि बस छूटने से बच गए, लेकिन उन्हें क्या पता था कि यही बस निर्मला की आखिरी यात्रा साबित होगी।

    बस में बैठने के बाद निर्मला बेहद खुश थीं। उन्होंने बच्चों से फोन पर बात की और सोशल मीडिया पर ‘यात्रा पूरी’ का स्टेटस लगाया। इंदौर लौटने के बाद विदिशा, वृंदावन, सांवरिया सेठ और कुलदेवी के दर्शन की भी योजना बना ली गई थी। परिवार के साथ आने वाले दिनों की बातें हो रही थीं, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

    रात करीब ढाई बजे तेज धमाके के साथ बस आगे चल रहे ट्रेलर से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऊपर की बर्थ पर सो रहे यात्री नीचे गिर पड़े और कुछ ही पलों में बस में अफरा-तफरी मच गई। चंद्रप्रकाश बताते हैं कि उनकी पत्नी खिड़की की तरफ सो रही थीं और उसी दिशा से ट्रेलर बस के अंदर तक घुस आया। उन्होंने कई बार पत्नी को आवाज दी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

    उन्होंने किसी तरह पत्नी का फंसा हुआ पैर निकाला और उन्हें बाहर लाने की कोशिश की, लेकिन तभी किसी ने उन्हें जबरदस्ती बस से बाहर खींच लिया। कुछ ही क्षणों में बस आग की लपटों में घिर गई। वे दोबारा पत्नी को बचाने दौड़े, लेकिन आग इतनी तेजी से फैल चुकी थी कि अंदर जाना असंभव हो गया। उनकी आंखों के सामने ड्राइवर भी स्टीयरिंग में फंसा रह गया और जिंदा जल गया।

    चंद्रप्रकाश कहते हैं कि हादसे के बाद के वे सात-आठ मिनट उनकी पूरी जिंदगी बदल देने वाले थे। मोबाइल, सामान और जीवनसाथी—सब कुछ एक साथ छिन गया। सबसे ज्यादा पीड़ा इस बात की रही कि आसपास मौजूद कई लोग वीडियो बनाते रहे, लेकिन मदद के लिए बहुत कम लोग आगे आए। आखिरकार एक युवक ने उन्हें अपना मोबाइल दिया, जिससे उन्होंने बेटे को फोन कर सिर्फ इतना कहा—”बहुत बड़ा हादसा हो गया है।”

    करीब 44 वर्षों तक साथ निभाने वाली निर्मला गुप्ता को याद करते हुए उनकी आंखें भर आती हैं। वे बताते हैं कि बच्चों की पढ़ाई से लेकर परिवार की हर जिम्मेदारी उन्होंने पूरी निष्ठा से निभाई। तीनों बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने और जीवन में आगे बढ़ाने में उनका सबसे बड़ा योगदान था। सरल स्वभाव, सादगी और परिवार के प्रति समर्पण ही उनकी पहचान थी।

    आज चंद्रप्रकाश गुप्ता के लिए चारधाम यात्रा की यादें आस्था से ज्यादा एक ऐसे दर्द की कहानी बन चुकी हैं, जिसने कुछ ही मिनटों में उनका पूरा संसार बदल दिया। उनके शब्दों में, “हम घर लौट रहे थे… लेकिन एक पल में सब खत्म हो गया।”

  • तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से बच्चा बेहोश, CCTV फुटेज से आरोपियों की पहचान में जुटी पुलिस

    तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से बच्चा बेहोश, CCTV फुटेज से आरोपियों की पहचान में जुटी पुलिस


    इंदौर  इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से 13 वर्षीय एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा बुधवार दोपहर नगीन नगर इलाके में हुआ, जब बच्चा अपनी साइकिल से सड़क पार कर रहा था। टक्कर इतनी तेज थी कि वह सड़क पर गिरकर बेहोश हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से उसे तुरंत निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

    पुलिस के अनुसार घायल बच्चे की पहचान हर्ष नामदेव के रूप में हुई है। घटना बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे की है। हादसे के बाद बाइक सवार दोनों युवक मौके से फरार नहीं हुए, बल्कि वहीं रुक गए। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल घायल बच्चे को अस्पताल पहुंचाने में मदद की और पुलिस को सूचना दी।

    एरोड्रम थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह कुशवाह ने बताया कि पुलिस ने घायल बच्चे और उसके पिता कुंदन नामदेव के बयान दर्ज कर लिए हैं। मामले की जांच के दौरान घटनास्थल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी सामने आई है, जिसमें हादसा स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

    पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर बाइक चला रहे दोनों युवकों की भूमिका की जांच की जा रही है। प्राथमिक जांच पूरी होने के बाद उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सड़क हादसे के कारणों की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दुर्घटना तेज रफ्तार, लापरवाही या यातायात नियमों के उल्लंघन की वजह से हुई। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • उमरिया में दर्दनाक सड़क हादसा, ट्रक में घुसी कार; सरपंच, हेड कॉन्स्टेबल समेत 4 की मौत, युवती की CPR से बची जान

    उमरिया में दर्दनाक सड़क हादसा, ट्रक में घुसी कार; सरपंच, हेड कॉन्स्टेबल समेत 4 की मौत, युवती की CPR से बची जान


    उमरिया मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में गुरुवार तड़के हुए भीषण सड़क हादसे ने एक पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। नेशनल हाईवे-43 पर तेज रफ्तार अर्टिगा कार सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार चार लोगों की मौके पर या इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं गंभीर रूप से घायल एक युवती की अस्पताल में समय रहते सीपीआर देने से सांसें लौट आईं। उसकी हालत गंभीर होने पर उसे जबलपुर रेफर किया गया है।

    यह हादसा कोतवाली थाना क्षेत्र की सिविल लाइन चौकी के पास भरौला स्थित सिद्ध बाबा क्षेत्र में तड़के करीब तीन से चार बजे के बीच हुआ। पुलिस के अनुसार कार में सवार सभी लोग अनूपपुर जिले के लीला गांव के निवासी थे और परिवार की युवती खुशबू मार्को को परीक्षा दिलाने के लिए चित्रकूट जा रहे थे।

    हादसे में लीला गांव के सरपंच कुलपत सिंह, उनकी पत्नी और हेड कॉन्स्टेबल सविता सिंह मार्को, तीन वर्षीय पुत्र रुद्र प्रताप तथा कुलपत सिंह के भाई की बेटी प्रियंका सिंह की मौत हो गई। वहीं खुशबू मार्को गंभीर रूप से घायल हो गई। डॉक्टरों के अनुसार अस्पताल पहुंचने तक उसकी सांसें थम चुकी थीं, लेकिन तत्काल सीपीआर देने के बाद उसकी धड़कनें फिर से चलने लगीं। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए जबलपुर रेफर किया गया।

    हादसे के बाद कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए पुलिस और 108 एंबुलेंस की टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। एक व्यक्ति कार के अंदर बुरी तरह फंसा हुआ था, जिसे रेस्क्यू कर जिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाद में इलाज के दौरान एक अन्य घायल ने भी दम तोड़ दिया।

    अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आलोक शर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार के कारण चालक का वाहन पर नियंत्रण खोना हादसे की वजह माना जा रहा है। पुलिस दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

    कार चालक ददन सिंह से जब पुलिस और मीडिया ने घटना के बारे में पूछा तो उसने बताया कि उसे हादसे की कोई जानकारी याद नहीं है। उसके कपड़ों पर खून के निशान थे और वह बार-बार यही पूछता रहा कि आखिर क्या हुआ और वह अस्पताल कैसे पहुंचा।

    इस दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत से गांव में शोक का माहौल है, जबकि घायल युवती के जल्द स्वस्थ होने की सभी कामना कर रहे हैं।

  • इंदौर में दौड़ती बस बनी आग का गोला, टायर फटने के बाद भड़की लपटें, समय रहते खाली कराई गई बस

    इंदौर में दौड़ती बस बनी आग का गोला, टायर फटने के बाद भड़की लपटें, समय रहते खाली कराई गई बस


    इंदौर । इंदौर के शिप्रा थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया, जब रीवा से इंदौर आ रही जय अंबे ट्रेवल्स की यात्री बस में अचानक आग लग गई। घटना सुबह करीब 11 बजे शिप्रा थाने के सामने हुई। बस में सवार यात्रियों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई, लेकिन चालक की सूझबूझ और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के चलते सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस इंदौर की ओर बढ़ रही थी, तभी उसका एक टायर अचानक फट गया। टायर फटने के बाद चालक ने बस पर नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश की। इसी दौरान टायर और सड़क के बीच हुए तेज घर्षण के कारण बस के अगले हिस्से से धुआं उठने लगा और देखते ही देखते आग की लपटें दिखाई देने लगीं।

    चालक ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत बस रोक दी और यात्रियों को तेजी से नीचे उतरने के निर्देश दिए। यात्रियों ने भी बिना घबराहट के बस खाली कर दी, जिससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। कुछ ही मिनटों में बस पूरी तरह खाली करा ली गई और संभावित बड़ा हादसा टल गया।

    घटना की सूचना मिलते ही शिप्रा थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई। दमकल कर्मियों ने तत्काल आग बुझाने का अभियान शुरू किया और कुछ ही समय में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। इससे आग बस के अन्य हिस्सों में फैलने से रोक दी गई।

    हादसे के बाद पुलिस ने सभी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उन्हें दूसरी बस की व्यवस्था कर इंदौर के लिए रवाना किया। घटना के कारण कुछ समय तक क्षेत्र में यातायात भी प्रभावित रहा, जिसे बाद में सामान्य कर दिया गया।

    पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में टायर फटने के बाद हुए घर्षण को आग लगने का संभावित कारण माना जा रहा है। हालांकि, आग लगने की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच कराई जाएगी। बस की यांत्रिक स्थिति और अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

    समय रहते चालक की सतर्कता, यात्रियों के सहयोग और फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना में किसी यात्री के घायल होने या हताहत होने की सूचना नहीं है।

  • सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल, इंदौर में अलग-अलग दुर्घटनाओं में दो लोगों की जान गई; पुलिस CCTV फुटेज के सहारे जांच में जुटी

    सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल, इंदौर में अलग-अलग दुर्घटनाओं में दो लोगों की जान गई; पुलिस CCTV फुटेज के सहारे जांच में जुटी


    मध्य प्रदेश:  की आर्थिक राजधानी इंदौर में मंगलवार को हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों ने एक बार फिर यातायात सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों में हुए इन हादसों में एक महिला और एक युवक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों मामलों में वाहन चालक घटनास्थल से फरार हो गए, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर उनकी तलाश तेज कर दी है।

    पहला हादसा शहर के व्यस्त लवकुश चौराहे के समीप हुआ, जहां सड़क पार कर रही एक महिला को तेज रफ्तार आयशर वाहन ने टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि महिला वाहन के नीचे आ गई और उसके ऊपर से पहिए गुजर गए। दुर्घटना के कारण महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    पुलिस जांच में मृतक महिला की पहचान खरगोन निवासी रीना के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वह सड़क पार कर रही थीं, तभी तेज गति से आ रहे वाहन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजा गया, जबकि दुर्घटना में शामिल वाहन को जब्त कर लिया गया है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वाहन के दस्तावेजों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर चालक की पहचान की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार करने की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भी सड़क पर बढ़ती लापरवाही और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की आवश्यकता जताई है।

    इसी दिन शहर के आजाद नगर क्षेत्र में तीन इमली के पास दूसरा गंभीर हादसा सामने आया। यहां स्कूटी से घर लौट रहे दो युवकों को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों युवक सड़क पर गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी।

    दुर्घटना में जीत नामक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी संजू गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस के अनुसार दोनों युवक पालदा क्षेत्र स्थित एक फैक्ट्री में कार्यरत थे और ड्यूटी समाप्त होने के बाद स्कूटी से अपने घर लौट रहे थे।

    जांच के दौरान पता चला कि दुर्घटना को अंजाम देने वाला वाहन घटनास्थल से भाग निकला। पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटाना शुरू कर दिया है। फुटेज के आधार पर वाहन और चालक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जल्द ही आरोपी तक पहुंचा जा सकेगा।

    लगातार सामने आ रहे सड़क हादसे शहर में यातायात नियमों के पालन और सड़क सुरक्षा उपायों की प्रभावशीलता को लेकर चिंता बढ़ा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि तेज रफ्तार, लापरवाही से वाहन चलाना और नियमों की अनदेखी ऐसे हादसों की प्रमुख वजह बन रही है। फिलहाल दोनों मामलों में पुलिस की जांच जारी है और फरार चालकों की तलाश के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्रवाई की जा रही है।