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  • सड़क पार करते समय मोबाइल देखना पड़ा भारी, विजयवाड़ा में बस की टक्कर से व्यक्ति की मौत, चालक हिरासत में

    सड़क पार करते समय मोबाइल देखना पड़ा भारी, विजयवाड़ा में बस की टक्कर से व्यक्ति की मौत, चालक हिरासत में

    नई दिल्ली । आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में सड़क सुरक्षा से जुड़ा एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जिसने एक बार फिर सड़क पर लापरवाही के गंभीर परिणामों की ओर ध्यान आकर्षित किया है। व्यस्त ट्रैफिक जंक्शन पर सड़क पार कर रहे एक व्यक्ति की बस की चपेट में आने से मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे के समय वह अपने मोबाइल फोन में व्यस्त था, जिसके कारण उसे पीछे से आ रहे वाहन का अंदाजा नहीं हो सका। घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसकी जांच पुलिस कर रही है।

    बताया गया कि व्यक्ति हाथ में थैला लिए सड़क पार कर रहा था। इसी दौरान उसने अपनी जेब से मोबाइल फोन निकाला और उसमें देखने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उसका पूरा ध्यान मोबाइल पर था, जिससे वह आसपास के ट्रैफिक पर नजर नहीं रख सका। कुछ ही क्षण बाद पीछे से आ रही बस ने उसे टक्कर मार दी। हादसा इतना गंभीर था कि व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद पीछे से आ रही दूसरी बस ने सड़क पर पड़े व्यक्ति को बचाते हुए अपना रास्ता बदला, जिससे एक और बड़ी दुर्घटना टल गई।

    घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। बस चालक को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है। साथ ही दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    प्रारंभिक जांच में यह संभावना जताई जा रही है कि मोबाइल फोन के उपयोग के कारण व्यक्ति का ध्यान सड़क और ट्रैफिक से हट गया था। हालांकि पुलिस का कहना है कि दुर्घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। वहीं बस चालक की भूमिका की भी विस्तार से जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दुर्घटना में किसी प्रकार की लापरवाही हुई थी या नहीं।

    इस घटना ने सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क पार करते समय मोबाइल फोन का उपयोग, तेज आवाज में हेडफोन लगाना या ट्रैफिक पर ध्यान न देना गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है। पैदल यात्रियों को हमेशा निर्धारित स्थान से सड़क पार करनी चाहिए और दोनों ओर से आने वाले वाहनों की स्थिति सुनिश्चित करने के बाद ही आगे बढ़ना चाहिए।

    शहरी क्षेत्रों में बढ़ते यातायात के बीच सड़क सुरक्षा केवल वाहन चालकों की ही नहीं, बल्कि पैदल यात्रियों की भी समान जिम्मेदारी है। सतर्कता, ट्रैफिक नियमों का पालन और मोबाइल जैसी चीजों से ध्यान हटाकर सड़क पर पूरी एकाग्रता बनाए रखना ऐसे हादसों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। पुलिस ने भी नागरिकों से अपील की है कि सड़क पर चलते या पार करते समय पूरी सावधानी बरतें और किसी भी प्रकार के ध्यान भटकाने वाले व्यवहार से बचें, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

  • स्कूल वैन हादसे से मची अफरा-तफरी, चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा, महिला स्टाफ घायल

    स्कूल वैन हादसे से मची अफरा-तफरी, चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा, महिला स्टाफ घायल


    मध्यप्रदेश । भोपाल में गुरुवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा होते होते टल गया जब बच्चों को स्कूल लेकर जा रही एक स्कूल वैन कोहेफिजा थाना क्षेत्र के फ्लाईओवर पर अनियंत्रित होकर बिजली के खंभे से टकरा गई। हादसे के समय वैन में छह स्कूली बच्चे और स्कूल की एक महिला स्टाफ सदस्य सवार थीं। राहत की बात यह रही कि सभी बच्चे पूरी तरह सुरक्षित बच गए जबकि आगे की सीट पर बैठी महिला कर्मचारी के सिर में चोट आई जिसे तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उपचार शुरू कराया गया। इस घटना के बाद इलाके में कुछ देर के लिए अफरा तफरी का माहौल बन गया और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।

    जानकारी के अनुसार भोपाल गर्ल्स स्कूल की वैन सुबह पंचवटी क्षेत्र से बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी। जैसे ही वाहन कोहेफिजा थाने के सामने बने फ्लाईओवर पर पहुंचा तभी चालक का वाहन पर नियंत्रण बिगड़ गया और वैन सीधे बिजली के खंभे से जा टकराई। तेज आवाज सुनते ही आसपास मौजूद लोग मौके की ओर दौड़े और बिना समय गंवाए वैन में फंसे बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। स्थानीय लोगों ने घायल महिला को भी तुरंत अस्पताल पहुंचाने में मदद की जिससे उसे समय पर इलाज मिल सका।

    घटना की सूचना मिलते ही कोहेफिजा थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दूसरी गाड़ी की व्यवस्था कर उन्हें सुरक्षित स्कूल के लिए रवाना किया। हादसे के बाद अभिभावकों में कुछ समय के लिए चिंता का माहौल रहा लेकिन बच्चों के सुरक्षित होने की जानकारी मिलते ही सभी ने राहत की सांस ली।

    कोहेफिजा थाना प्रभारी केजी शुक्ला ने बताया कि शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि वैन के सामने अचानक एक बड़ा वाहन आ गया था। चालक ने टक्कर से बचने की कोशिश की लेकिन इसी दौरान वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा और वैन बिजली के खंभे से टकरा गई। पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि कहीं वाहन के ब्रेक में तकनीकी खराबी तो नहीं थी। यदि ब्रेक ने अचानक काम करना बंद किया होगा तो चालक ने बड़ा हादसा टालने के लिए जानबूझकर वैन को खंभे से टकराकर रोकने का प्रयास किया हो सकता है।

    पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए स्कूल वैन की विस्तृत तकनीकी जांच कराई जाएगी। वाहन की ब्रेक प्रणाली स्टीयरिंग और अन्य मैकेनिकल हिस्सों की जांच विशेषज्ञों से कराई जाएगी। साथ ही चालक से भी विस्तार से पूछताछ की जाएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही तो नहीं थी।

    इस घटना ने एक बार फिर स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था और नियमित फिटनेस जांच की आवश्यकता को सामने ला दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों को लेकर चलने वाले सभी वाहनों की समय समय पर तकनीकी जांच होना बेहद जरूरी है ताकि किसी भी प्रकार की खराबी समय रहते सामने आ सके। फिलहाल इस हादसे में किसी बच्चे को नुकसान नहीं पहुंचा है लेकिन यह घटना भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी जरूर बन गई है।

  • हाईलिंक सिटी बायपास पर कहर: भीषण हादसे में दो बच्चों सहित मां की मौत, पिता गंभीर

    हाईलिंक सिटी बायपास पर कहर: भीषण हादसे में दो बच्चों सहित मां की मौत, पिता गंभीर

    मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। हाईलिंक सिटी बायपास पर हुए इस भीषण हादसे में एक परिवार की खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं, जब तेज रफ्तार टैंकर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में मां और उनके दो मासूम बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पिता गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में उनका इलाज जारी है।

    जानकारी के अनुसार अशोक अपनी पत्नी अनीता और दो छोटे बच्चों के साथ बाइक से अपने गांव की ओर जा रहे थे। परिवार सामान्य यात्रा पर था और किसी को अंदेशा नहीं था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। जैसे ही वे हाईलिंक सिटी बायपास के पास पहुंचे, उसी समय एक तेज रफ्तार टैंकर ने अचानक उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार परिवार सड़क पर गिर पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया।

    हादसे का दृश्य बेहद भयावह था। अनीता और उनके दो छोटे बच्चे—दो वर्षीय बेटी संतोषी और मात्र एक वर्ष के बेटे रोहन—ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग भी घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। हालांकि तब तक काफी देर हो चुकी थी और तीनों की जान नहीं बचाई जा सकी।

    दुर्घटना में परिवार के मुखिया अशोक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत नाजुक बनी हुई है और उन्हें गहन चिकित्सा निगरानी में रखा गया है। इस हादसे ने एक ही पल में पूरे परिवार को उजाड़ दिया है, जिससे स्थानीय लोग भी गहरे सदमे में हैं।

    घटना के बाद टैंकर चालक मौके पर वाहन छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही फरार चालक की तलाश भी तेज कर दी गई है।

    स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि हादसे के समय टैंकर की गति कितनी थी और क्या चालक की लापरवाही इस दुर्घटना का मुख्य कारण थी।

    इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की आवश्यकता को उजागर कर दिया है। परिवार की एक छोटी सी यात्रा जिस तरह एक भयावह त्रासदी में बदल गई, उसने पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।

  • ग्वालियर में बागेश्वर धाम जा रही बस में भीषण आग टायर फटते ही मची अफरा तफरी 15 यात्री बाल बाल बचे

    ग्वालियर में बागेश्वर धाम जा रही बस में भीषण आग टायर फटते ही मची अफरा तफरी 15 यात्री बाल बाल बचे


    ग्वालियर । मध्यप्रदेश के ग्वालियर में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा होते होते टल गया जब बागेश्वर धाम जा रही एक सवारी बस में अचानक भीषण आग लग गई। यह घटना झांसी रोड थाना क्षेत्र के सामने हुई जहां कुछ ही पलों में बस धू धू कर जलने लगी लेकिन राहत की बात यह रही कि बस में सवार सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे।

    जानकारी के मुताबिक जयपुर से चलकर ग्वालियर पहुंची मां लक्ष्मी ट्रेवल्स की यह बस बागेश्वर धाम के लिए रवाना हुई थी। बस में कुल 15 यात्री सवार थे। जैसे ही बस झांसी रोड थाना क्षेत्र से गुजर रही थी तभी अचानक उसके पिछले हिस्से से धुआं उठने लगा। देखते ही देखते धुआं आग की लपटों में बदल गया और बस तेजी से आग की चपेट में आ गई।

    स्थिति को भांपते हुए ड्राइवर ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए बस को सड़क किनारे रोक दिया। बस रुकते ही सभी यात्रियों ने तेजी से नीचे उतरकर अपनी जान बचाई। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी बस को घेर लिया और देखते ही देखते वह पूरी तरह जलकर खाक हो गई।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया लेकिन तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी। इस दौरान सड़क पर अफरा तफरी का माहौल बन गया और ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ जिसे बाद में पुलिस ने डायवर्ट कर नियंत्रित किया।

    प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह टायर फटना और उसके बाद हुए शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि टायर ब्लास्ट के बाद निकली चिंगारी ने बस के इलेक्ट्रिकल सिस्टम को प्रभावित किया जिससे आग भड़क उठी। हालांकि पुलिस और दमकल विभाग इस पूरे मामले की तकनीकी जांच कर रहे हैं ताकि सटीक कारण सामने आ सके।

    इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि सड़क पर चलते वाहनों में छोटी सी तकनीकी खराबी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। हालांकि इस मामले में ड्राइवर की सतर्कता और यात्रियों की तेजी से प्रतिक्रिया ने एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया। कुल मिलाकर ग्वालियर की यह घटना एक चेतावनी है कि वाहन सुरक्षा और नियमित जांच कितनी जरूरी है क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

  • MP में हेलमेट पर सख्ती शुरू बिना हेलमेट पकड़े गए तो चालान के साथ लाइसेंस भी होगा सस्पेंड

    MP में हेलमेट पर सख्ती शुरू बिना हेलमेट पकड़े गए तो चालान के साथ लाइसेंस भी होगा सस्पेंड


    भोपाल । मध्यप्रदेश में सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सख्त कदम उठाया गया है। राजधानी भोपाल समेत पूरे प्रदेश में आज से हेलमेट चेकिंग अभियान शुरू हो गया है। पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाना भारी पड़ सकता है क्योंकि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    यह अभियान आज से शुरू होकर 10 मई तक लगातार चलेगा और इस दौरान हर जिले में व्यापक स्तर पर चेकिंग की जाएगी। पुलिस की टीम सड़कों पर तैनात रहेगी और जो भी चालक बिना हेलमेट पाया जाएगा उसका चालान काटा जाएगा। इतना ही नहीं कई मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन की कार्रवाई भी की जा सकती है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य सिर्फ चालान काटना नहीं बल्कि लोगों को जागरूक करना भी है। आंकड़ों के अनुसार सड़क हादसों में होने वाली मौतों का एक बड़ा कारण हेलमेट का उपयोग न करना है। करीब 50 प्रतिशत मामलों में दोपहिया चालक की मौत सिर्फ इसलिए हो जाती है क्योंकि उसने हेलमेट नहीं पहना होता।

    पुलिस मुख्यालय की ओर से इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। एडीजी पीटीआरआई विवेक शर्मा ने बताया कि प्रदेश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाएं चिंता का विषय हैं और यातायात नियमों की अनदेखी इसके पीछे मुख्य वजह है। उन्होंने कहा कि हेलमेट पहनना सिर्फ कानूनी बाध्यता नहीं बल्कि जीवन की सुरक्षा का सबसे जरूरी उपाय है।

    अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि अभियान के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस टीम न केवल शहरों में बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी निगरानी बढ़ाएगी ताकि हर स्तर पर नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

    इस अभियान के पीछे मुख्य उद्देश्य सड़क हादसों में होने वाली मौतों को कम करना है। सरकार और पुलिस विभाग चाहते हैं कि लोग अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और नियमों का पालन करें। कई बार छोटी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो जाती है और हेलमेट जैसी साधारण चीज जीवन बचा सकती है।

    पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे बिना हेलमेट वाहन चलाने से बचें और अपने परिवार तथा खुद की सुरक्षा के लिए नियमों का पालन करें। यह अभियान एक चेतावनी भी है और एक अवसर भी कि लोग अपनी आदतों में सुधार लाएं। कुल मिलाकर मध्यप्रदेश में शुरू हुआ यह अभियान सड़क सुरक्षा की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है जो आने वाले दिनों में लोगों की सोच और व्यवहार में बदलाव ला सकता है।

  • रफ्तार बनी काल मऊगंज में बाइक रेस का खतरनाक अंत ट्रक से टकराकर तीन युवकों की मौत

    रफ्तार बनी काल मऊगंज में बाइक रेस का खतरनाक अंत ट्रक से टकराकर तीन युवकों की मौत


    मऊगंज । मध्यप्रदेश के मऊगंज में 14 अप्रैल को हुआ दर्दनाक सड़क हादसा अब एक नए पहलू के साथ सामने आया है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे का एक लाइव वीडियो सामने आया है जो न केवल दिल दहला देने वाला है बल्कि रफ्तार और लापरवाही के खतरनाक अंजाम को भी साफ तौर पर दिखाता है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे देखने वाला हर व्यक्ति सिहर उठ रहा है।

    घटना नेशनल हाईवे 135 पर पथरिहा मोड़ के पास की है जहां पांच दोस्त दो बाइकों पर सवार होकर तेज रफ्तार में एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ में लगे हुए थे। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवक सड़क पर स्टंट करते हुए एक दूसरे को ओवरटेक कर रहे थे और इस पूरे घटनाक्रम को मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड भी कर रहे थे। उस समय शायद उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि यह रोमांच कुछ ही सेकंड में मौत के तांडव में बदल जाएगा।

    कुछ ही पलों बाद कैमरे में एक भयावह टक्कर कैद हो जाती है जिसमें सामने खड़े ईंटों से लदे ट्रेलर से उनकी सीधी भिड़ंत हो जाती है। रफ्तार इतनी ज्यादा थी कि युवकों को संभलने या ब्रेक लगाने का मौका तक नहीं मिला। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान उपलक्ष कोल अमरीश कोल और हेमराज कोल के रूप में हुई है जो आपस में सगे भाई थे। एक ही परिवार के तीन बेटों की मौत ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है।

    इस हादसे में दूसरी बाइक पर सवार प्रशांत और प्रदीप द्विवेदी गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। वीडियो में यह भी दिखाई देता है कि पीछे बैठा युवक पूरी रेसिंग को रिकॉर्ड कर रहा था जो अब इस हादसे का सबसे बड़ा सबूत बन गया है।

    हादसे का  अब केवल एक वायरल क्लिप नहीं बल्कि समाज के लिए चेतावनी बनकर सामने आया है। यह दिखाता है कि सड़क पर स्टंटबाजी और तेज रफ्तार का जुनून किस तरह कुछ ही सेकंड में जिंदगियों को खत्म कर सकता है। जिस उत्साह और रोमांच के साथ यह युवक रेस कर रहे थे वही उनके लिए काल बन गया।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि इस घटना ने उन्हें अंदर तक हिला दिया है और आज  सामने आया है तो पुराने जख्म फिर से ताजा हो गए हैं। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में गहरा मातम पसरा हुआ है।

    यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर कब युवा सड़क सुरक्षा नियमों को गंभीरता से लेंगे। यह वीडियो एक सख्त संदेश देता है कि रफ्तार कोई खेल नहीं बल्कि जानलेवा खतरा है। जरूरत इस बात की है कि युवाओं को समय रहते जागरूक किया जाए ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

  • मऊगंज में दर्दनाक सड़क हादसा, खड़े ट्रेलर ट्रक से टकराईं दो बाइक, 3 युवकों की मौत, 2 गंभीर घायल

    मऊगंज में दर्दनाक सड़क हादसा, खड़े ट्रेलर ट्रक से टकराईं दो बाइक, 3 युवकों की मौत, 2 गंभीर घायल


    मऊगंज। मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में मंगलवार को एक भीषण सड़क हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा लौर थाना क्षेत्र के पन्नी-पथरिया नेशनल हाईवे पर हुआ, जहां दो तेज रफ्तार बाइक सड़क किनारे खड़े एक ट्रेलर ट्रक से जा टकराईं।

    पुलिस के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 11 बजे तीन युवक पल्सर बाइक से हाईवे पर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि वे तेज गति में बाइक चलाने के साथ-साथ मोबाइल पर रील भी बना रहे थे। इसी दौरान उनका ध्यान भटक गया और बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े ट्रेलर से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।

    पहली दुर्घटना के तुरंत बाद पीछे से आ रही एक अन्य टीवीएस अपाचे बाइक भी हादसे का शिकार हो गई। दूसरी बाइक का चालक अचानक स्थिति को संभाल नहीं पाया और वह भी उसी ट्रेलर से टकरा गया। इस दूसरी टक्कर में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।

    घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और घायलों को तत्काल मऊगंज के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

    थाना प्रभारी रीना सिंह ने बताया कि हादसे में तीन युवकों की मौत हुई है, जिनकी पहचान बेला गांव निवासी उपलक्ष्य कोल (17), अमरीश कोल (22) और हेमराज कोल (17) के रूप में हुई है। वहीं चितई पुरवा पिपरा निवासी प्रशांत द्विवेदी (19) और प्रदीप द्विवेदी (17) गंभीर रूप से घायल हैं।

    पुलिस को मृतकों के पास से एक गन लाइटर भी मिला है। फिलहाल ट्रेलर ट्रक को जब्त कर लिया गया है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

  • हाईवे निर्माण में निगम की मिलीभगत ग्रामीण परेशान रात में कचरा डंप कर फोरलेन की गुणवत्ता खतरे में

    हाईवे निर्माण में निगम की मिलीभगत ग्रामीण परेशान रात में कचरा डंप कर फोरलेन की गुणवत्ता खतरे में


    भोपाल। भोपाल-रायसेन-सागर नेशनल हाईवे 146 के फोरलेन निर्माण में गंभीर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। ठेकेदारों द्वारा बेस फीलिंग में मुरम की बजाय कचरे का इस्तेमाल किया जा रहा है। आदमपुर क्षेत्र से होकर गुजर रहे इस हाईवे पर भोपाल नगर निगम की मिलीभगत के आरोप भी लगाए गए हैं।

    नियमानुसार हाईवे की बेस फिलिंग के लिए मुरम का कोपरा आवश्यक है और नगर निगम का कचरा प्रोसेस कर खाद बनाया जाता है। लेकिन ठेकेदार और निगम के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से रातों-रात सैकड़ों डंपर कचरा हाईवे में फेंका जा रहा है। इस कदम से निर्माण की गुणवत्ता खतरे में है और भविष्य में रोड धंसने और पुल गिरने जैसी घटनाओं की आशंका बढ़ गई है।

    स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि रात को 12 बजे के बाद लगातार कचरा डंप किया जाता है। इससे न केवल सड़क की मजबूती प्रभावित हो रही है बल्कि कचरे से उठने वाली बदबू और गंदगी ने उनके जीवन को भी परेशान कर दिया है। बिलखिरिया के ग्रामीणों ने इसका विरोध जताया है और प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि कचरे से बेस फीलिंग करने से सड़क की लाइफ कम हो जाएगी और भारी बारिश या भारी यातायात की स्थिति में सड़क धंस सकती है। पुलों और ओवरब्रिज की मजबूती भी खतरे में पड़ सकती है। इस तरह के भ्रष्टाचार से केवल ग्रामीण ही नहीं बल्कि यात्रियों और पूरे परिवहन तंत्र की सुरक्षा भी प्रभावित होगी।

    इस पूरे मामले में ठेकेदारों और निगम के अधिकारियों की मिलीभगत उजागर हुई है। ईमानदार निरीक्षण और सही सामग्री का उपयोग करने में लापरवाही ने हाईवे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर समय पर सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में बड़े हादसे होने की संभावना है।

    ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि वे इसे अनदेखा नहीं करेंगे और अधिकारियों से सार्वजनिक जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सड़क निर्माण में पारदर्शिता, गुणवत्ता और नियमों का पालन ही लंबे समय तक सुरक्षित हाईवे सुनिश्चित कर सकता है।

  • उज्जैन में चाइना डोर से बाइक सवार की नाक कटी एक महीने में चार लोग हुए घायल

    उज्जैन में चाइना डोर से बाइक सवार की नाक कटी एक महीने में चार लोग हुए घायल


    उज्जैन । उज्जैन में प्रतिबंध के बावजूद चाइना डोर से होने वाली दुर्घटनाओं का सिलसिला लगातार जारी है। शनिवार को एक और बाइक सवार की नाक चाइना डोर से कट गई जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। तुलसीराम राठौर उम्र 52 वर्ष निवासी गायत्री नगर बाइक से इंदिरा नगर से गुजर रहे थे जब अचानक उनके चेहरे पर चाइना डोर आ गई। राठौर जैसे ही डोर को हटाने की कोशिश करते उसकी नाक कट गई जिससे काफी खून बहने लगा। गनीमत रही कि उनकी आंखें बच गईं हालांकि हाथ में भी गंभीर चोटें आईं।स्थानीय लोगों ने तत्काल राठौर को उपचार के लिए चरक अस्पताल भेजा जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

    एक महीने में चार लोग घायल

    चाइना डोर के कारण हुए हादसों की यह कोई पहली घटना नहीं है। एक महीने के भीतर चार लोग इस खतरनाक डोर की चपेट में आ चुके हैं। 20 दिसंबर को एग्रीकल्चर थर्ड सेमेस्टर के छात्र योगेश आंजना उम्र 20 वर्ष अपने गांव पिपलियाधूमा झारड़ा से उज्जैन परीक्षा देने आया था। परीक्षा के बाद वह बाइक से घर लौट रहा था जब उसे भी चाइना डोर से गंभीर चोटें आईं। इसके अलावा पहले भी इस प्रकार की घटनाएं उज्जैन में हो चुकी हैं जिनमें लोग चाइना डोर से घायल हो चुके हैं।

    गंभीर चिंता का विषय

    चाइना डोर की इन घटनाओं ने शहरवासियों को गंभीर चिंता में डाल दिया है। हालाँकि प्रशासन ने इसके उपयोग पर रोक लगाने के लिए कई प्रयास किए हैं लेकिन इस पर नियंत्रण नहीं पाया जा सका है। यह जानलेवा डोर न केवल सड़कों पर चलने वाले लोगों के लिए खतरा बन गई है बल्कि इसका इस्तेमाल करने वाले लोग भी इसके खतरों से अनजान रहते हैं।
    शहरवासियों और प्रशासन से अपील की जा रही है कि चाइना डोर के खतरों को लेकर जागरूकता फैलाई जाए और इस पर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि और किसी की जान को खतरा न हो।

  • गुना में भीषण सड़क हादसा जन्मदिन समारोह से लौट रही कार पेड़ से टकराई दो की मौत आठ घायल

    गुना में भीषण सड़क हादसा जन्मदिन समारोह से लौट रही कार पेड़ से टकराई दो की मौत आठ घायल


    गुना । गुना जिले में मंगलवार रात करीब 2 बजे धरनावदा के पास एक भीषण सड़क हादसा हुआ। एक फोर व्हीलर तेज गति से अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे एक पेड़ से टकरा गई। हादसा इतना दर्दनाक था कि कार में सवार 12 लोगों में से दो की मौके पर ही मौत हो गई जबकि आठ अन्य घायल हो गए।

    मृतकों की पहचान और घायलों की स्थिति

    मृतकों की पहचान लाल सिंह 37 निवासी उकाबद खुर्द और माया कंजर पत्नी रामदास निवासी बिलौरी चिंता कटारा के रूप में हुई है। वहीं घायल होने वालों में मोहन पुत्र बाबूलाल नरेंद्र लोधा चंचल बाई अरविंद लोधा फूल सिंह रायना बाई नगमा कंजर और रूप सिंह शामिल हैं।हादसा इतना गंभीर था कि वाहन की हालत पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनकी स्थिति का इलाज चल रहा है।

    हादसे के कारण और प्रशासन की कार्रवाई

    प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि कार की गति बहुत तेज थी और संभवत: चालक का संतुलन बिगड़ने के कारण यह दुर्घटना हुई। पुलिस और प्रशासन ने घटना स्थल पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी घायलों का इलाज जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज गति और लापरवाही की वजह से इस तरह की घटनाओं में वृद्धि हो रही है और सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन को और कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
    यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा की अहमियत को उजागर करता है और यह बताता है कि सड़क पर चलने के दौरान हमें पूरी सतर्कता बरतनी चाहिए।