Tag: Robbery Case

  • 24.90 लाख की लूट में तीन सिपाही गिरफ्तार, झांसी लाकर पूछताछ, छह लोगों पर दर्ज हुई FIR

    24.90 लाख की लूट में तीन सिपाही गिरफ्तार, झांसी लाकर पूछताछ, छह लोगों पर दर्ज हुई FIR


    झांसी। सूरत के एक ड्राई फ्रूट कारोबारी के मुंशी से 24.90 लाख रुपये की कथित लूट के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया है। शनिवार देर रात जालौन में दबिश देकर तीनों को हिरासत में लिया गया, जिसके बाद रविवार शाम उन्हें पूछताछ के लिए झांसी लाया गया।

    कोतवाली थाना पुलिस ने इस मामले में तीन सिपाहियों समेत छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोप सामने आने के बाद जालौन के पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने तीनों सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

    झांसी के तीन युवकों की भी तलाश
    जांच में झांसी के तीन युवकों की कथित संलिप्तता भी सामने आई है। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, लूटी गई रकम का बड़ा हिस्सा इन्हीं के पास होने की आशंका जताई जा रही है।

    कारोबारी के मुंशी का किया था अपहरण
    पुलिस के मुताबिक, सूरत निवासी ड्राई फ्रूट कारोबारी जितेंद्र पटेल के मुंशी किशन पांचाल (30) का गुरुवार शाम काले रंग की क्रेटा कार में आए आरोपियों ने कथित रूप से अपहरण कर लिया था। आरोप है कि तीन सिपाहियों ने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर रुपये से भरा बैग लूट लिया और बाद में किशन पांचाल को कानपुर बाईपास के पास छोड़कर फरार हो गए।

    CCTV फुटेज से हुई पहचान
    घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में तीन पुलिसकर्मी वर्दी में दिखाई दिए। उनकी पहचान राघवेंद्र राजपूत, नीरज राजपूत और मनोज के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद तीनों झांसी-कानपुर हाईवे से उरई की ओर भाग गए थे।

    लोकेशन ट्रैक कर हुई गिरफ्तारी
    मामले के खुलासे के लिए स्वॉट टीम सहित चार पुलिस टीमें गठित की गई थीं। तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने शनिवार देर रात उरई में दबिश देकर तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया। रविवार शाम उन्हें झांसी लाकर क्राइम ब्रांच कार्यालय में पूछताछ की गई। पुलिस अब पूछताछ के आधार पर पूरी साजिश और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।

    झांसी में हुई थी तीनों की दोस्ती
    जांच में सामने आया है कि मनोज, राघवेंद्र और नीरज पिछले तीन वर्षों से जालौन पुलिस लाइन में तैनात थे। इससे पहले तीनों पीएसी के माध्यम से झांसी पुलिस लाइन में साथ कार्य कर चुके थे, जहां उनकी आपस में दोस्ती हुई थी। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को पहले से जानकारी थी कि मुंशी किशन पांचाल बड़ी नकदी लेकर आने वाला है। वारदात वाले दिन राघवेंद्र और मनोज बिना सूचना झांसी पहुंचे थे, जबकि नीरज छुट्टी लेकर आया था।

    लूटी गई रकम की बरामदगी के प्रयास जारी
    पुलिस झांसी के तीन अन्य संदिग्ध युवकों की तलाश के साथ-साथ 24.90 लाख रुपये की लूटी गई रकम बरामद करने का प्रयास भी कर रही है। झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि तीनों गिरफ्तार सिपाहियों से पूछताछ जारी है। साथ ही मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और लूटी गई राशि की बरामदगी के लिए पुलिस टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं।

  • कौशांबी में लूटकांड का खुलासा: पुलिस मुठभेड़ में दो बदमाश घायल, जवाबी फायरिंग में एक के पैर में लगी गोली

    कौशांबी में लूटकांड का खुलासा: पुलिस मुठभेड़ में दो बदमाश घायल, जवाबी फायरिंग में एक के पैर में लगी गोली



    नई दिल्ली(New Delhi)।
    कौशांबी जिले के कड़ाधाम थाना क्षेत्र में पुलिस ने पिछले महीने हुई मां-बेटे से लूट की घटना का खुलासा करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में दो शातिर लुटेरे गिरफ्तार किए गए, जिनमें से एक बदमाश पुलिस की जवाबी फायरिंग में पैर में गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने दोनों को घेराबंदी कर पकड़ लिया और इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया है।

    पुलिस के अनुसार, 27 अप्रैल 2026 की रात फतेहपुर जिले के सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र निवासी संजय कुमार अपनी मां के साथ बाइक से गांव लौट रहे थे। इसी दौरान कड़ाधाम थाना क्षेत्र के नौढ़िया गांव के पास नहर पुलिया के नजदीक बाइक सवार दो अज्ञात बदमाशों ने उन्हें रोक लिया और तमंचे के बल पर मां-बेटे से लूटपाट की। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे।

    घटना के बाद पीड़ित की तहरीर पर मामला दर्ज कर पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी। शनिवार देर रात थाना प्रभारी विनीत सिंह अपनी टीम के साथ क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रहे थे, तभी दो संदिग्ध युवक बाइक से आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो दोनों ने भागने के साथ ही पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।

    पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। गिरफ्तार बदमाशों की पहचान श्यामजीत पुत्र इंद्रमन निवासी हैबतपुर थाना सुल्तानपुर घोष और अमित पुत्र रमेश निवासी सौरई बुजुर्ग थाना कड़ाधाम के रूप में हुई है।

    पूछताछ में दोनों ने 27 अप्रैल की लूट की घटना में शामिल होने की बात स्वीकार की है। उनकी निशानदेही पर लूटे गए आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल की गई बाइक भी बरामद कर ली गई है। पुलिस ने घायल बदमाश को अस्पताल में भर्ती कराते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

    क्षेत्राधिकारी सिराथू सत्येंद्र प्रसाद तिवारी ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

  • 20 लाख से अधिक की चोरी का पर्दाफाश, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

    20 लाख से अधिक की चोरी का पर्दाफाश, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार


    बैतूल । बैतूल जिले के आमला थाना क्षेत्र में पुलिस ने नकबजनी की एक बड़ी वारदात का सफल खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि चोरी की इस घटना को अंजाम देने वाला कोई बाहरी व्यक्ति नहीं बल्कि फरियादी का करीबी रिश्तेदार ही निकला। इस घटना ने न केवल क्षेत्र में सनसनी फैला दी बल्कि लोगों के बीच भरोसे और रिश्तों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    पुलिस के अनुसार कुछ समय पूर्व आमला क्षेत्र में एक घर में नकबजनी की घटना सामने आई थी, जिसमें अज्ञात बदमाशों ने घर में घुसकर सोने-चांदी के आभूषण, नगदी और अन्य कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों तथा संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ना शुरू किया।

    जांच के दौरान पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर संदेह का दायरा घर के नजदीकी लोगों तक पहुंचा। जब संदिग्धों से गहन पूछताछ की गई तो एक रिश्तेदार की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, जिसके बाद उसने चोरी की पूरी घटना को कबूल कर लिया।

    आरोपी ने स्वीकार किया कि उसे घर की पूरी जानकारी थी और इसी का फायदा उठाकर उसने वारदात को अंजाम दिया। उसे यह भी पता था कि घर में कहां कीमती सामान रखा है और कब घर में लोग मौजूद नहीं होंगे। इसी जानकारी के आधार पर उसने योजनाबद्ध तरीके से नकबजनी की घटना को अंजाम दिया और चोरी के सामान को छिपा दिया।

    पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बड़ी मात्रा में मशरूका बरामद किया है, जिसमें सोने-चांदी के जेवर, नगदी और बैंक खाते में जमा राशि शामिल है। कुल मिलाकर 20 लाख 85 हजार 200 रुपये की संपत्ति बरामद की गई है, जो इस पूरे मामले को और गंभीर बनाती है।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले का खुलासा टीम की सतर्कता और तकनीकी जांच के कारण संभव हो सका। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने इस वारदात को अकेले अंजाम दिया या इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भी संलिप्तता है।

    इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि कई बार अपराधी बाहरी नहीं बल्कि अपने ही बीच छिपे होते हैं। रिश्तों की आड़ में विश्वास हासिल कर अपराध को अंजाम देना समाज के लिए एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और अपने घरों की सुरक्षा के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों पर भी नजर बनाए रखें।