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  • 4 सितंबर को मनाई जाएगी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र के संयोग से बढ़ा पर्व का महत्व

    4 सितंबर को मनाई जाएगी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र के संयोग से बढ़ा पर्व का महत्व

    नई दिल्ली ।श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व इस वर्ष 4 सितंबर को मनाया जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 4 सितंबर को रात 2 बजकर 25 मिनट से शुरू हुई और 5 सितंबर की रात 12 बजकर 13 मिनट तक रहेगी। धार्मिक परंपरा में जन्माष्टमी की तारीख निर्धारित करते समय केवल अष्टमी तिथि ही नहीं, बल्कि मध्यरात्रि और रोहिणी नक्षत्र की स्थिति को भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

    इन्हीं पंचांग गणनाओं के आधार पर शुक्रवार को जन्माष्टमी का मुख्य उत्सव मनाया जाएगा। रात में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव और विशेष पूजा की जाएगी। इस बार पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है, क्योंकि ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार कई शुभ संयोग एक साथ बन रहे हैं।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मध्यरात्रि में रोहिणी नक्षत्र और वृष राशि के संयोग में हुआ था। वर्ष 2026 में जन्माष्टमी पर भी अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का विशेष मेल बताया जा रहा है। इसी कारण इस संयोग को जयंती योग के रूप में विशेष महत्व दिया जा रहा है।

    इस वर्ष जन्माष्टमी पर जयंती योग के अलावा सर्वार्थ सिद्धि योग, हर्षण योग, हंस योग, मालव्य योग, बुधादित्य राजयोग और नवपंचम राजयोग बनने की बात कही गई है। धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं में शुभ योगों को पूजा, व्रत, भक्ति और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अनुकूल माना जाता है।

    जन्माष्टमी की सबसे महत्वपूर्ण पूजा मध्यरात्रि के निशीथ काल में की जाती है। इस वर्ष निशीथ काल रात 11 बजकर 58 मिनट से 12 बजकर 44 मिनट तक रहेगा। यानी भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की मुख्य पूजा के लिए श्रद्धालुओं को लगभग 46 मिनट का समय मिलेगा।

    अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र के संयोग को देखते हुए इस अवधि में श्रीकृष्ण की पूजा को विशेष महत्व दिया जा रहा है। श्रद्धालु इस दौरान भगवान का अभिषेक, पूजन, आरती और जन्मोत्सव से जुड़े धार्मिक अनुष्ठान कर सकते हैं। कई भक्त जन्माष्टमी पर व्रत रखते हैं और मध्यरात्रि में पूजा के बाद व्रत का पारण करते हैं।

    4 सितंबर के दिन की शुरुआत हर्षण योग से होगी, जो दोपहर 3 बजकर 44 मिनट तक रहने की जानकारी दी गई है। इसके बाद अन्य ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार दिन और रात में अलग-अलग योगों की स्थिति रहेगी। इन योगों को लेकर धार्मिक मान्यताएं अलग-अलग हैं और श्रद्धालु अपनी परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना करते हैं।

    छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत कई शहरों में जन्माष्टमी को लेकर मंदिरों में विशेष तैयारियां की गई हैं। राजधानी के इस्कॉन मंदिर, खाटू श्याम मंदिर और राधा-कृष्ण मंदिरों में शुक्रवार सुबह से ही धार्मिक कार्यक्रम, भजन और अन्य आयोजन शुरू होने की तैयारी है। मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण के श्रृंगार, झांकी और जन्मोत्सव के लिए व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।

    जन्माष्टमी केवल धार्मिक अनुष्ठान का पर्व नहीं है, बल्कि श्रीकृष्ण के जीवन, उनके उपदेशों और धर्म तथा कर्म की अवधारणा को स्मरण करने का अवसर भी माना जाता है। इस दिन देशभर में श्रद्धालु भगवान कृष्ण की बाल रूप में पूजा करते हैं और मध्यरात्रि में उनके जन्म का उत्सव मनाते हैं। इस बार बनने वाले विशेष ज्योतिषीय संयोगों के कारण पर्व का धार्मिक महत्व और अधिक चर्चा में है।

  • Delhi: रोहिणी की झुग्गियों में लगी भीषण आग, एक ही परिवार के 3 लोगों की जलकर मौत

    Delhi: रोहिणी की झुग्गियों में लगी भीषण आग, एक ही परिवार के 3 लोगों की जलकर मौत


    नई दिल्ली ।
    देश की राजधानी नई दिल्ली (New Delhi) में रोहिणी क्षेत्र की झुग्गियों (Rohini) और कबाड़ में लगी आग में तीन लोगों की मौत हो गई है। दमकल अधिकारी के अनुसार आग कल देर रात लगी। हादसे में कोई घायल नहीं हुआ है और अब स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।

    दिल्ली के रोहिणी जिला अंतर्गत बुध विहार थाना क्षेत्र के मांगेराम पार्क इलाके (Mangeram Park area) का यह मामला है. यहां मंगलवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक भीषण आग लग गई. आग इतनी विकराल थी कि देखते ही देखते झुग्गियां आग की चपेट में आ गईं। इस अग्निकांड में एक ही परिवार के तीन लोगों की जलकर मौत हो गई. मरने वालो में पति, पत्नी और 2 साल की बच्ची शामिल है।

    दमकल अधिकारी अजय शर्मा ने बताया कि बुध विहार में एक ऐसे भूखंड में आग लग गई, जहां झुग्गियां बनी हुई थीं और कबाड़ जमा किया जाता था। आग रात करीब 1:25 बजे लगी और छह दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। तीन लोगों की मौत हो गई। आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है।

    बताया जा रहा है कि जिस प्लॉट में आग लगी, वहां करीब 5-6 परिवार रहते थे. इनमें करीब 18 से 20 लोग थे, जो कबाड़ बीनने का काम करते हैं. देर रात अचानक लगी आग ने पूरे प्लॉट में रद्दी प्लास्टिक और रद्दी कबाड़ को अपनी चपेट में ले लिया. इससे झुग्गियों में रखा सारा घर का सारा सामान जैसे बेड कूलर, फ्रिज आदि जलकर खाक हो गया. इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के 3 लोगों (माता-पिता और 2 साल के मासूम) की मौत हो गई. आग की लपटें इतनी तेज थीं कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और ये मृतक परिवार बाहर नहीं निकल पाया. .

    मृतकों की पहचान मुसीबुर 25, मुरार 23, और मोइमोना 2 साल के रूप में हुई है. फिलहाल 3 शवो क़ो कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है. वहीं मृतक के रिश्तेदारों का आरोप है कि आग लगाई गई है, जिस कारण इतना बड़ा हादसा हो गया.