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  • क्रिकेट की पिच के बाद टीवी पर ‘हिटमैन’ की धमाकेदार एंट्री! रोहित शर्मा लेकर आ रहे फैमिली रियलिटी शो, जानें कब से होगा आगाज

    क्रिकेट की पिच के बाद टीवी पर ‘हिटमैन’ की धमाकेदार एंट्री! रोहित शर्मा लेकर आ रहे फैमिली रियलिटी शो, जानें कब से होगा आगाज


    नई दिल्ली । क्रिकेट की दुनिया में अपने शानदार शॉट्स और कप्तानी के लिए पहचान बनाने वाले स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा अब एक बिल्कुल नए अंदाज में दर्शकों के सामने आने वाले हैं। मैदान पर अपने बल्ले से गेंदबाजों की धुनाई करने वाले हिटमैन अब टीवी स्क्रीन पर अपनी नई पारी शुरू करने जा रहे हैं। रोहित शर्मा जल्द ही एक फैमिली रियलिटी गेम शो के जरिए बतौर टीवी एंटरटेनर डेब्यू करेंगे। उनके इस नए शो का नाम फैमिली फुल हाउस विद रोहित शर्मा है और अब इसके प्रसारण की तारीख का भी ऐलान कर दिया गया है।

    रोहित शर्मा का नया शो 19 सितंबर 2026 से सोनी टीवी पर शुरू होगा। इस शो के जरिए क्रिकेट की पिच पर अपना दबदबा बनाने वाले रोहित पहली बार दर्शकों को टीवी होस्ट के रूप में नजर आएंगे। मेकर्स के मुताबिक यह एक ऐसा मनोरंजन शो होगा जिसे पूरा परिवार एक साथ बैठकर देख सकेगा। शो को अलग-अलग उम्र के दर्शकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है और इसमें मनोरंजन के साथ गेम्स और रोहित शर्मा का खास अंदाज भी देखने को मिलेगा।

    रोहित शर्मा ने अपने इस टीवी शो का ऐलान कई महीने पहले ही कर दिया था लेकिन अब शो से जुड़ी पूरी जानकारी सामने आने के बाद फैंस का उत्साह बढ़ गया है। शो के प्रोमो में रोहित शर्मा के कुछ सबसे चर्चित और वायरल डायलॉग्स को भी शामिल किया गया है। खासतौर पर उनका मशहूर गार्डन वाला डायलॉग एक बार फिर चर्चा में है। प्रोमो में फैंस रोहित से बार-बार उनका वायरल डायलॉग बोलने की मांग करते नजर आते हैं।

    इस पर रोहित शर्मा अपने खास अंदाज में कहते हैं कि उन्होंने सिर्फ दो लाइनें क्या बोल दीं वे इतनी वायरल हो गईं और अगर अब पूरा शो सामने आ गया तो पता नहीं क्या होगा। रोहित की यही सहज और मजेदार प्रतिक्रिया प्रोमो को और भी दिलचस्प बना रही है। क्रिकेट मैदान पर अक्सर शांत नजर आने वाले रोहित शर्मा का यह अलग रूप उनके प्रशंसकों के लिए खास होने वाला है।

    रोहित शर्मा का गार्डन वाला डायलॉग भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए टेस्ट मैच के दौरान वायरल हुआ था। मैच के दौरान वह अपने फील्डर्स को तेजी से अपनी जगह बदलने और सक्रिय रहने के लिए कह रहे थे। इसी दौरान उनके मुंह से निकला यह डायलॉग सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इसके बाद यह लाइन मीम्स और मजेदार वीडियो का हिस्सा बन गई और आज भी फैंस के बीच काफी लोकप्रिय है।

    अब इसी लोकप्रियता को रोहित शर्मा अपने नए टीवी सफर में भी साथ लेकर आ रहे हैं। फैमिली फुल हाउस विद रोहित शर्मा के प्रोमो ने साफ कर दिया है कि दर्शकों को शो में रोहित का क्रिकेटर वाला नहीं बल्कि एक मजेदार और मनोरंजक व्यक्तित्व देखने को मिलेगा। क्रिकेट में बड़े मैचों का दबाव संभालने वाले हिटमैन अब टीवी की दुनिया में दर्शकों का मनोरंजन करने की चुनौती के लिए तैयार हैं।

    रोहित शर्मा के टीवी डेब्यू को लेकर उनके फैंस काफी उत्साहित हैं। 19 सितंबर से शुरू होने वाला यह शो दर्शकों के लिए क्रिकेट और मनोरंजन की दुनिया को एक नए अंदाज में जोड़ने का काम कर सकता है। अब देखना दिलचस्प होगा कि जिस तरह रोहित शर्मा ने क्रिकेट के मैदान पर अपनी अलग पहचान बनाई है क्या वह टीवी की दुनिया में भी हिट साबित होते हैं।

  • IND vs SL टेस्ट में रिकॉर्ड बुक पर नजर, जडेजा-जायसवाल दे सकते हैं रोहित-कोहली को चुनौती; गिल का दबदबा कायम

    IND vs SL टेस्ट में रिकॉर्ड बुक पर नजर, जडेजा-जायसवाल दे सकते हैं रोहित-कोहली को चुनौती; गिल का दबदबा कायम


    नई दिल्ली । भारत और श्रीलंका के बीच 15 अगस्त से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज सिर्फ मुकाबले के लिहाज से ही अहम नहीं रहने वाली है बल्कि इस दौरान भारतीय बल्लेबाजों के बीच वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में रिकॉर्ड की रेस भी देखने को मिलेगी। रवींद्र जडेजा और यशस्वी जायसवाल के पास WTC में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीयों की सूची में पूर्व कप्तान विराट कोहली और रोहित शर्मा को पीछे छोड़ने का शानदार मौका है। खास बात यह है कि जडेजा इस रिकॉर्ड की रेस में विराट कोहली से महज 8 रन पीछे हैं। ऐसे में श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट की पहली पारी में ही वह कोहली को पीछे छोड़ सकते हैं।

    भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज से पहले तीन दिन का प्रैक्टिस मैच भी खेला जा रहा है। इस मुकाबले में रवींद्र जडेजा ने अर्धशतक लगाकर अपनी शानदार फॉर्म के संकेत दे दिए हैं। दूसरी ओर यशस्वी जायसवाल इस अभ्यास मैच में कुछ खास नहीं कर सके और बिना खाता खोले आउट हो गए। भारतीय कप्तान शुभमन गिल चोट के कारण इस प्रैक्टिस मैच का हिस्सा नहीं हैं। इसके बावजूद WTC में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूची में गिल का दबदबा कायम है।

    वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के इतिहास में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज शुभमन गिल हैं। गिल ने 40 मैचों में 2843 रन बनाए हैं और इस सूची में नंबर एक पर हैं। उनके बाद विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत का नंबर आता है जिन्होंने WTC में 2780 रन बनाए हैं। पूर्व कप्तान रोहित शर्मा 2716 रन के साथ तीसरे स्थान पर हैं जबकि विराट कोहली 2617 रन बनाकर चौथे पायदान पर हैं। रवींद्र जडेजा 2610 रन के साथ पांचवें नंबर पर मौजूद हैं।

    जडेजा के लिए यह सीरीज इसलिए खास है क्योंकि उन्हें विराट कोहली को पीछे छोड़ने के लिए सिर्फ 8 रन की जरूरत है। उनके मौजूदा 2610 रन हैं जबकि कोहली के नाम 2617 रन दर्ज हैं। यानी श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में जडेजा जैसे ही 8 रन पूरे करेंगे वह WTC में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीयों की सूची में विराट कोहली को पीछे छोड़कर चौथे स्थान पर पहुंच जाएंगे। इसके बाद उनकी नजर रोहित शर्मा के 2716 रन के आंकड़े पर होगी। जडेजा और रोहित के बीच फिलहाल 106 रन का अंतर है। अगर वह सीरीज में 107 रन या उससे ज्यादा बना लेते हैं तो रोहित शर्मा को भी पीछे छोड़ सकते हैं।

    यशस्वी जायसवाल की स्थिति भी काफी दिलचस्प है। वह अभी 2511 रन के साथ छठे स्थान पर हैं और टॉप-5 में शामिल होने से केवल 100 रन दूर हैं। पांचवें नंबर पर मौजूद जडेजा के 2610 रन हैं। ऐसे में श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में जायसवाल के पास टॉप-5 में पहुंचने का बेहतरीन मौका है। उन्हें विराट कोहली के 2617 रन से आगे निकलने के लिए 107 रन और रोहित शर्मा के 2716 रन को पीछे छोड़ने के लिए 206 रन बनाने होंगे।

    रोहित शर्मा और विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अब WTC की इस रन रेस में नई पीढ़ी के बल्लेबाजों के पास आगे निकलने का मौका है। जडेजा अनुभव के दम पर तेजी से ऊपर चढ़ सकते हैं जबकि जायसवाल के पास लंबा करियर और बड़े स्कोर बनाने का अवसर है। ऐसे में भारत और श्रीलंका की टेस्ट सीरीज के दौरान सिर्फ टीम के प्रदर्शन पर ही नहीं बल्कि इन खिलाड़ियों की व्यक्तिगत रिकॉर्ड रेस पर भी क्रिकेट फैंस की नजरें रहेंगी।

    फिलहाल शुभमन गिल 2843 रन के साथ इस सूची में सबसे आगे हैं और ऋषभ पंत 2780 रन के साथ दूसरे स्थान पर हैं। रोहित शर्मा, विराट कोहली और रवींद्र जडेजा के बीच भी ज्यादा बड़ा अंतर नहीं है। ऐसे में आने वाली टेस्ट सीरीज भारतीय क्रिकेट के WTC इतिहास में रन बनाने वालों की सूची को काफी हद तक बदल सकती है।

  • रोहित पर भरोसा बरकरार, शमी और संजू बाहर, अभिनव मुकुंद ने चुनी अपनी ड्रीम वर्ल्ड कप टीम

    रोहित पर भरोसा बरकरार, शमी और संजू बाहर, अभिनव मुकुंद ने चुनी अपनी ड्रीम वर्ल्ड कप टीम


    नई दिल्ली । वनडे विश्व कप 2027 को लेकर क्रिकेट जगत में चर्चाएं तेज हो गई हैं और इसी बीच भारत के पूर्व क्रिकेटर अभिनव मुकुंद ने अपनी पसंदीदा 15 सदस्यीय भारतीय टीम का चयन कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। मुकुंद की टीम में कई अनुभवी खिलाड़ियों को जगह मिली है जबकि कुछ बड़े नामों को बाहर रखकर उन्होंने चयन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। सबसे ज्यादा चर्चा तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन के बाहर रहने की हो रही है। इसके अलावा युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा और रिंकू सिंह को भी मुकुंद ने अपनी टीम में शामिल नहीं किया।

    ईएसपीएन क्रिकइन्फो से बातचीत के दौरान अभिनव मुकुंद ने अपनी टीम का खुलासा किया। उन्होंने सलामी बल्लेबाज के रूप में शुभमन गिल और रोहित शर्मा को चुना। हाल के समय में रोहित शर्मा की फॉर्म को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं लेकिन मुकुंद का मानना है कि बड़े टूर्नामेंट में उनका अनुभव और नेतृत्व भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। यही वजह रही कि उन्होंने रोहित पर भरोसा कायम रखा जबकि यशस्वी जायसवाल को अपनी टीम में जगह नहीं दी।

    मुकुंद ने तीसरे नंबर पर विराट कोहली को रखा है जबकि चौथे स्थान के लिए श्रेयस अय्यर को चुना। मध्यक्रम को मजबूत बनाने के लिए उन्होंने विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर केएल राहुल और ईशान किशन को शामिल किया है। संजू सैमसन को टीम से बाहर रखने का फैसला सबसे चौंकाने वाला माना जा रहा है क्योंकि हाल के वर्षों में उन्होंने सीमित ओवरों के क्रिकेट में कई प्रभावशाली पारियां खेली हैं।

    ऑलराउंडर विभाग में मुकुंद ने हार्दिक पांड्या अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर पर भरोसा जताया है। उनका मानना है कि ये तीनों खिलाड़ी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में संतुलन प्रदान कर सकते हैं। स्पिन आक्रमण की जिम्मेदारी उन्होंने कुलदीप यादव को सौंपी है जो पिछले कुछ समय से लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन कर रहे हैं।

    तेज गेंदबाजी आक्रमण में मुकुंद ने जसप्रीत बुमराह को मुख्य हथियार माना है। उनके साथ अनुभवी मोहम्मद सिराज को शामिल किया गया है। इसके अलावा प्रसिद्ध कृष्णा हर्षित राणा और युवा तेज गेंदबाज गुरनूर बरार को भी टीम में जगह मिली है। गुरनूर बरार का चयन विशेष रूप से चर्चा में है क्योंकि उन्होंने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया है और मुकुंद ने उनके प्रदर्शन पर भरोसा दिखाया है।

    मोहम्मद शमी का टीम से बाहर होना क्रिकेट प्रशंसकों के लिए सबसे बड़ा आश्चर्य माना जा रहा है। शमी लंबे समय से भारत के सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाजों में शामिल रहे हैं और बड़े टूर्नामेंटों में उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है। इसके बावजूद मुकुंद ने भविष्य को ध्यान में रखते हुए युवा गेंदबाजों को प्राथमिकता दी है।

    हालांकि यह केवल अभिनव मुकुंद की व्यक्तिगत पसंद की टीम है और इसका भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड या राष्ट्रीय चयन समिति से कोई संबंध नहीं है। अंतिम टीम का चयन खिलाड़ियों की फॉर्म फिटनेस प्रदर्शन और चयनकर्ताओं की रणनीति के आधार पर किया जाएगा। फिर भी मुकुंद की इस टीम ने वनडे विश्व कप 2027 को लेकर नई बहस जरूर छेड़ दी है।

  • हार के बाद कप्तान शुभमन गिल का बड़ा खुलासा डेथ ओवरों की खराब गेंदबाजी ने छीनी जीत रोहित की पारी को बताया यादगार

    हार के बाद कप्तान शुभमन गिल का बड़ा खुलासा डेथ ओवरों की खराब गेंदबाजी ने छीनी जीत रोहित की पारी को बताया यादगार


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए निर्णायक तीसरे वनडे में 27 रन की हार के साथ भारत ने तीन मैचों की सीरीज 1-2 से गंवा दी। मुकाबला खत्म होने के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने हार के कारणों पर खुलकर बात की और माना कि टीम 45वें ओवर तक मुकाबले में पूरी तरह बनी हुई थी लेकिन आखिरी तीन ओवरों में की गई महंगी गेंदबाजी ने जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। गिल ने यह भी कहा कि शुरुआती ओवरों में अनुशासित गेंदबाजी नहीं होने से इंग्लैंड को बड़ी साझेदारी बनाने का मौका मिल गया जिसका असर पूरे मैच पर पड़ा।

    मैच के बाद गिल ने कहा कि भारतीय टीम की स्थिति 45वें ओवर तक मजबूत थी और खिलाड़ी मुकाबले में वापसी की उम्मीद बनाए हुए थे। हालांकि अंतिम तीन ओवरों में करीब 60 रन खर्च करने से इंग्लैंड विशाल स्कोर तक पहुंच गया। उनके अनुसार यही वह मोड़ था जिसने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। कप्तान ने माना कि यदि डेथ ओवरों में गेंदबाज बेहतर नियंत्रण रखते तो लक्ष्य काफी हद तक सीमित किया जा सकता था।

    शुभमन गिल ने रन चेज की रणनीति का भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि टीम ने पहले से योजना बनाई थी कि शुरुआती 40 ओवर तक विकेट बचाकर रखे जाएंगे और पावरप्ले के बाद रन गति लगभग छह से साढ़े छह रन प्रति ओवर रखी जाएगी। इसके बाद अंतिम दस ओवरों में तेज बल्लेबाजी करते हुए 100 से 110 रन बनाने का लक्ष्य रखा गया था। गिल का मानना था कि यदि यह योजना पूरी तरह लागू हो जाती तो भारत के पास मुकाबला जीतने का शानदार मौका होता।

    भारतीय कप्तान ने गेंदबाजी विभाग की कमियों पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि पावरप्ले के दौरान गेंदबाजों ने जरूरत से ज्यादा ऑफ स्टंप के बाहर गेंदें फेंकीं जिसका इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाजों ने पूरा फायदा उठाया। इससे मेजबान टीम ने शुरुआत से ही दबदबा बना लिया और भारत को लगातार दबाव में रखा। गिल के अनुसार पावरप्ले और डेथ ओवरों की गेंदबाजी दोनों ही विभागों में टीम अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी।

    सीरीज हारने के बावजूद शुभमन गिल ने टीम के प्रदर्शन में कई सकारात्मक पहलुओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बल्लेबाजों ने पूरी सीरीज में लगातार रन बनाए और गेंदबाजों ने भी अलग अलग मुकाबलों में विकेट लेकर योगदान दिया। उनके अनुसार यह प्रदर्शन आने वाले महत्वपूर्ण मुकाबलों के लिए टीम का आत्मविश्वास बढ़ाने वाला है और खिलाड़ी अपनी गलतियों से सीख लेकर आगे बेहतर प्रदर्शन करेंगे।

    गिल ने इस दौरान रोहित शर्मा की रिकॉर्डतोड़ बल्लेबाजी की दिल खोलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि रोहित ने वर्षों से दुनिया के अलग अलग देशों में अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया है और लॉर्ड्स में खेली गई 138 रन की पारी भी उसी स्तर की थी। कप्तान ने कहा कि मैच के अंतिम चरण में पिच धीमी हो चुकी थी और ऐसे हालात में इतनी शानदार बल्लेबाजी करना आसान नहीं था। उनके अनुसार रोहित की पारी देखना हर क्रिकेट प्रेमी के लिए किसी खास अनुभव से कम नहीं था।

    गौरतलब है कि इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 387 रन का विशाल स्कोर बनाया। बेन डकेट ने 141 रन जबकि जैकब बेथेल ने 91 रन की शानदार पारी खेली। जो रूट ने नाबाद 74 और जोस बटलर ने तेज 41 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। जवाब में रोहित शर्मा के 138 रन शुभमन गिल के 77 और विराट कोहली के 74 रन भी भारत को जीत नहीं दिला सके और टीम 360 रन तक ही पहुंच सकी। इस हार के साथ इंग्लैंड ने वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली।

  • हिटमैन का ऐतिहासिक शतक बेकार इंग्लैंड में तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड लेकिन भारत 27 रन से हारा और सीरीज गंवाई

    हिटमैन का ऐतिहासिक शतक बेकार इंग्लैंड में तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड लेकिन भारत 27 रन से हारा और सीरीज गंवाई


    नई दिल्ली। भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे मुकाबले में अपने बल्ले से ऐसा प्रदर्शन किया जिसने एक बार फिर उनकी क्लास और अनुभव की झलक दुनिया को दिखा दी। लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर रोहित ने 138 रन की शानदार शतकीय पारी खेलते हुए न सिर्फ अपनी फॉर्म में दमदार वापसी की बल्कि आठ साल पुराना अपना ही रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। हालांकि उनकी यह यादगार पारी भारत को जीत नहीं दिला सकी और टीम को 27 रन से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ भारत ने तीन मैचों की वनडे सीरीज 1-2 से गंवा दी जबकि इससे पहले टी20 सीरीज भी इंग्लैंड के नाम रही थी।

    रोहित शर्मा ने अपनी पारी के दौरान शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 17 चौके और 5 छक्के लगाए। शुरुआत से ही उन्होंने इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए। इस पारी के साथ रोहित इंग्लैंड की धरती पर भारत और इंग्लैंड के बीच खेली गई द्विपक्षीय वनडे सीरीज में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी खेलने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने वर्ष 2017 में ट्रेंट ब्रिज में खेली गई अपनी 137 रन की नाबाद पारी का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया और नया इतिहास रच दिया।

    भारतीय पारी की शुरुआत भी शानदार रही। रोहित शर्मा और कप्तान शुभमन गिल ने पहले विकेट के लिए 147 रन की मजबूत साझेदारी कर टीम को बेहतरीन शुरुआत दिलाई। गिल ने 77 रन की शानदार पारी खेली और रोहित का अच्छा साथ निभाया। गिल के आउट होने के बाद विराट कोहली ने भी जिम्मेदारी संभाली और रोहित के साथ दूसरे विकेट के लिए 113 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। कोहली ने 60 गेंदों में 74 रन बनाते हुए लक्ष्य का पीछा करने की उम्मीदों को जिंदा रखा।

    पहले दो वनडे मुकाबलों में रोहित शर्मा का बल्ला खामोश रहा था जिसके बाद उनकी फॉर्म को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। आलोचकों ने उनकी बल्लेबाजी पर सवाल खड़े किए थे लेकिन तीसरे मुकाबले में उन्होंने अपने अनुभव और क्षमता का शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी आलोचनाओं का जवाब बल्ले से दिया। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास साफ नजर आया और हर शॉट में पुरानी लय दिखाई दी।

    हालांकि रोहित की शानदार पारी के बावजूद भारतीय टीम लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी। 388 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत निर्धारित 50 ओवर में 7 विकेट पर 360 रन ही बना सका। रोहित गिल और कोहली के अलावा अन्य बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सके। ईशान किशन 14 रन बनाकर आउट हो गए जबकि श्रेयस अय्यर बिना खाता खोले पवेलियन लौटे। केएल राहुल केवल 12 रन ही बना सके और अक्षर पटेल भी 2 रन बनाकर सस्ते में आउट हो गए। मध्यक्रम की यही नाकामी भारत की हार की सबसे बड़ी वजह बनी।

    इससे पहले इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 387 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। बेन डकेट ने 141 रन की शानदार पारी खेली जबकि जैकब बेथेल ने 91 रन बनाए। अनुभवी बल्लेबाज जो रूट ने नाबाद 74 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया और अंत में जोस बटलर ने सिर्फ 13 गेंदों में 41 रन की विस्फोटक पारी खेलकर भारत के सामने बेहद कठिन लक्ष्य खड़ा कर दिया।

    भले ही भारत सीरीज हार गया हो लेकिन रोहित शर्मा की रिकॉर्डतोड़ पारी भारतीय क्रिकेट के लिए सकारात्मक संकेत मानी जाएगी। बड़े मैचों में शानदार प्रदर्शन करने की उनकी क्षमता एक बार फिर साबित हुई है और आने वाले महत्वपूर्ण टूर्नामेंटों से पहले उनका फॉर्म में लौटना टीम इंडिया के लिए राहत की खबर है।

  • रोहित-कोहली की ऐतिहासिक साझेदारी, 400 अंतरराष्ट्रीय मैच साथ खेलने वाली पहली भारतीय जोड़ी बनी

    रोहित-कोहली की ऐतिहासिक साझेदारी, 400 अंतरराष्ट्रीय मैच साथ खेलने वाली पहली भारतीय जोड़ी बनी

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के दो सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले जा रहे तीसरे और निर्णायक वनडे मुकाबले में मैदान पर उतरते ही दोनों खिलाड़ियों ने एक साथ 400 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का रिकॉर्ड बना दिया। इसके साथ ही रोहित और विराट अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह मुकाम हासिल करने वाली पहली भारतीय जोड़ी बन गए हैं।

    दोनों दिग्गज पिछले डेढ़ दशक से भारतीय क्रिकेट की रीढ़ रहे हैं। कई यादगार जीत, बड़े टूर्नामेंट और ऐतिहासिक साझेदारियों के गवाह रहे रोहित और विराट की यह उपलब्धि उनकी निरंतरता, फिटनेस और लंबे समय तक टीम में अहम भूमिका निभाने का प्रमाण है।

    हालांकि वैश्विक स्तर पर इस सूची में अभी भी श्रीलंका के दिग्गज खिलाड़ियों का दबदबा कायम है। कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने की जोड़ी 550 अंतरराष्ट्रीय मैचों के साथ पहले स्थान पर है। दूसरे स्थान पर महेला जयवर्धने और तिलकरत्ने दिलशान की जोड़ी है, जिसने 426 मुकाबले साथ खेले। तीसरे स्थान पर कुमार संगकारा और तिलकरत्ने दिलशान 418 मैचों के साथ मौजूद हैं, जबकि सनथ जयसूर्या और मुथैया मुरलीधरन की जोड़ी 408 मैचों के साथ चौथे स्थान पर है। दक्षिण अफ्रीका के जैक्स कैलिस और मार्क बाउचर ने 407 मुकाबले साथ खेले हैं। रोहित शर्मा और विराट कोहली 400 मैचों के साथ इस प्रतिष्ठित सूची में छठे स्थान पर पहुंच गए हैं। भारत के ही सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ की जोड़ी 391 मैचों के साथ सातवें स्थान पर है।

    इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बीच भारत और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स में सीरीज का निर्णायक मुकाबला खेला जा रहा है। इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। भारतीय टीम को इस मैच में बड़ा झटका तब लगा जब तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह घुटने में सूजन के कारण फिटनेस टेस्ट पास नहीं कर सके और उन्हें अंतिम एकादश से बाहर होना पड़ा। वहीं हैमस्ट्रिंग चोट के कारण वॉशिंगटन सुंदर भी उपलब्ध नहीं रहे।

    भारतीय टीम ने बुमराह और वॉशिंगटन सुंदर की जगह युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव और अर्शदीप सिंह को मौका दिया, जबकि इंग्लैंड ने अपनी प्लेइंग इलेवन में साकिब महमूद की जगह जोश टंग को शामिल किया।

    रोहित शर्मा और विराट कोहली की 400 मैचों की यह उपलब्धि भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ती है। दोनों खिलाड़ियों ने वर्षों तक अपने शानदार प्रदर्शन, निरंतरता और अनुभव से टीम इंडिया को कई यादगार जीत दिलाई हैं। यह रिकॉर्ड उनकी महान क्रिकेट यात्रा का एक और स्वर्णिम पड़ाव माना जा रहा है।

  • रोहित विराट की वापसी से मजबूत हुई टीम इंडिया कल इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में जीत का होगा लक्ष्य

    रोहित विराट की वापसी से मजबूत हुई टीम इंडिया कल इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में जीत का होगा लक्ष्य


    नई दिल्ली । भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की बहुप्रतीक्षित वनडे सीरीज का आगाज 14 जुलाई से होने जा रहा है। पहला मुकाबला इंग्लैंड के बर्मिंघम स्थित एजबेस्टन क्रिकेट ग्राउंड में खेला जाएगा। टी20 सीरीज में मिली निराशा के बाद भारतीय टीम अब वनडे प्रारूप में दमदार वापसी करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। भारतीय समयानुसार मुकाबला दोपहर साढ़े तीन बजे शुरू होगा जबकि टॉस तीन बजे होगा। दोनों टीमें जीत के साथ सीरीज की शुरुआत करना चाहेंगी इसलिए पहले मुकाबले में कड़ी टक्कर देखने की पूरी उम्मीद है।

    वनडे क्रिकेट में भारत का रिकॉर्ड इंग्लैंड के खिलाफ काफी शानदार रहा है। दोनों टीमों के बीच अब तक 110 एकदिवसीय मुकाबले खेले जा चुके हैं जिनमें भारत ने 61 मैच अपने नाम किए हैं जबकि इंग्लैंड को 44 मुकाबलों में जीत मिली है। दो मैच टाई रहे और तीन मुकाबलों का कोई परिणाम नहीं निकल सका। आंकड़े बताते हैं कि इस प्रारूप में भारतीय टीम का पलड़ा इंग्लैंड पर भारी रहा है और यही रिकॉर्ड खिलाड़ियों का आत्मविश्वास भी बढ़ाएगा।

    भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी राहत कप्तान रोहित शर्मा और स्टार बल्लेबाज विराट कोहली की वापसी है। दोनों अनुभवी खिलाड़ी टीम के बल्लेबाजी क्रम को मजबूती देंगे। कप्तान शुभमन गिल युवा जोश के साथ टीम का नेतृत्व करेंगे जबकि श्रेयस अय्यर केएल राहुल ईशान किशन और अक्षर पटेल मध्यक्रम को संतुलन प्रदान करेंगे। ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर और शिवम दुबे भी टीम के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं। गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह की अगुवाई में प्रसिद्ध कृष्णा अर्शदीप सिंह कुलदीप यादव और अन्य गेंदबाज विपक्षी बल्लेबाजों को चुनौती देने के लिए तैयार हैं।

    दूसरी ओर इंग्लैंड की कप्तानी हैरी ब्रूक के हाथों में होगी। टीम में जो रूट जोस बटलर बेन डकेट जोफ्रा आर्चर आदिल राशिद और सैम करन जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं जो किसी भी समय मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाने के लिए इंग्लैंड पूरी तैयारी के साथ मैदान पर उतरेगा।

    अगर पिच की बात करें तो एजबेस्टन की सतह शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। नई गेंद से स्विंग और अतिरिक्त उछाल मिलने की संभावना रहती है लेकिन समय बीतने के साथ बल्लेबाजी आसान हो जाती है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले बल्लेबाजी करना पसंद कर सकती है ताकि बड़ा स्कोर बनाकर विपक्ष पर दबाव बनाया जा सके।

    मौसम भी क्रिकेट प्रेमियों के लिए राहत भरी खबर लेकर आया है। मौसम विभाग के अनुसार मैच के दौरान बारिश की संभावना बेहद कम है और पूरे दिन आसमान साफ रहने की उम्मीद है। इससे मुकाबले के बिना किसी रुकावट के पूरे 50 ओवर खेले जाने की संभावना बढ़ गई है।

    क्रिकेट प्रशंसक इस रोमांचक मुकाबले का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर देख सकेंगे जबकि मोबाइल और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इसकी लाइव स्ट्रीमिंग जियोस्टार ऐप पर उपलब्ध रहेगी। पहले मुकाबले के साथ शुरू होने वाली यह सीरीज दोनों टीमों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई साबित हो सकती है और क्रिकेट प्रेमियों को हाई वोल्टेज मुकाबलों का रोमांच देखने को मिलेगा।

  • क्या BCCI ने कर दी जल्दबाजी? चैंपियन कप्तानों की विदाई के बाद टीम इंडिया के प्रदर्शन पर उठे सवाल

    क्या BCCI ने कर दी जल्दबाजी? चैंपियन कप्तानों की विदाई के बाद टीम इंडिया के प्रदर्शन पर उठे सवाल


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI एक बार फिर अपने कप्तानी से जुड़े फैसलों को लेकर चर्चा के केंद्र में है। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय टीम ने आईसीसी टूर्नामेंटों में शानदार सफलता हासिल की, लेकिन इन सफलताओं के बावजूद कप्तानी में किए गए बदलावों ने क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब कोई कप्तान टीम को विश्व स्तर पर सफलता दिला रहा हो तो क्या उसे अचानक नेतृत्व से हटाना उचित फैसला माना जा सकता है।

    भारतीय क्रिकेट के हालिया घटनाक्रम इसी बहस को और तेज कर रहे हैं। रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम ने आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया। उनकी रणनीति, अनुभव और शांत नेतृत्व की हर तरफ सराहना हुई। लेकिन खिताब जीतने के कुछ समय बाद ही कप्तानी में बदलाव करते हुए टीम की कमान शुभमन गिल को सौंप दी गई। इसके बाद भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ वनडे सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। इन नतीजों के बाद कई पूर्व खिलाड़ियों और क्रिकेट प्रेमियों ने सवाल उठाया कि क्या सफल कप्तान को इतनी जल्दी बदलना जरूरी था।

    इसी तरह टी20 क्रिकेट में सूर्यकुमार यादव ने भारत को विश्व विजेता बनाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी आक्रामक सोच, बेहतरीन कप्तानी और मैच के अनुसार रणनीति बनाने की क्षमता ने टीम इंडिया को आईसीसी टी20 विश्व कप का खिताब दिलाया। इसके बावजूद कप्तानी में बदलाव करते हुए उन्हें नेतृत्व से हटा दिया गया और टीम की कमान श्रेयस अय्यर को सौंप दी गई। इतना ही नहीं टीम चयन में भी सूर्यकुमार यादव की भूमिका सीमित होती दिखाई दी।

    नए कप्तान और नए कोचिंग सेटअप के साथ भारतीय टीम को अपने पहले ही बड़े मुकाबले में आयरलैंड के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। बेलफास्ट में मिली इस हार ने कप्तानी परिवर्तन को लेकर चल रही बहस को और तेज कर दिया। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी टीम में बदलाव जरूरी होते हैं, लेकिन बदलाव का समय और तरीका भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। यदि सफल कप्तानों को बिना स्पष्ट कारण नेतृत्व से हटाया जाता है तो उसका असर टीम के मनोबल और ड्रेसिंग रूम के माहौल पर भी पड़ सकता है।

    हालांकि दूसरी ओर यह भी तर्क दिया जा रहा है कि किसी भी क्रिकेट टीम में भविष्य को ध्यान में रखते हुए नए खिलाड़ियों और नए नेताओं को तैयार करना आवश्यक होता है। लंबी अवधि की योजनाओं के तहत बोर्ड कई बार कठिन फैसले लेता है ताकि आने वाले वर्षों में टीम मजबूत बनी रहे। ऐसे निर्णयों का मूल्यांकन केवल कुछ मैचों के आधार पर करना भी उचित नहीं माना जा सकता।

    फिलहाल इतना तय है कि लगातार कप्तानी में बदलाव और शुरुआती हार के बाद BCCI के फैसले चर्चा के केंद्र में हैं। आने वाले महीनों में नए नेतृत्व का प्रदर्शन ही तय करेगा कि यह बदलाव भारतीय क्रिकेट के लिए दूरगामी सफलता का आधार बनता है या फिर चैंपियन कप्तानों को समय से पहले हटाने का फैसला एक बड़ी रणनीतिक भूल साबित होता है।

  • क्रिकेट के हिटमैन का बड़ा सम्मान: रोहित शर्मा को पद्मश्री, राष्ट्रपति भवन में गूंजीं तालियां

    क्रिकेट के हिटमैन का बड़ा सम्मान: रोहित शर्मा को पद्मश्री, राष्ट्रपति भवन में गूंजीं तालियां


    नई दिल्ली ।भारतीय क्रिकेट के स्वर्णिम अध्यायों में अपना नाम दर्ज करा चुके दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा को देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। मंगलवार को द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह में उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया। इस सम्मान के साथ रोहित शर्मा उन चुनिंदा भारतीय खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्होंने खेल जगत में अपने उत्कृष्ट योगदान के दम पर देश का सर्वोच्च सम्मान हासिल किया है।

    रोहित शर्मा का नाम जनवरी 2026 में घोषित पद्म पुरस्कार विजेताओं की सूची में शामिल किया गया था। भारतीय क्रिकेट में उनके उल्लेखनीय योगदान, शानदार बल्लेबाजी, रिकॉर्डतोड़ उपलब्धियों और सफल नेतृत्व क्षमता को देखते हुए उन्हें इस सम्मान के लिए चुना गया। वर्षों से क्रिकेट प्रेमियों के दिलों पर राज करने वाले रोहित ने अपने खेल से न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है।

    राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस विशेष समारोह में कुल 65 विशिष्ट हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। इनमें 2 पद्म विभूषण, 7 पद्म भूषण और 56 पद्मश्री पुरस्कार शामिल रहे। समारोह में देश के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। रोहित शर्मा के अलावा विजय अमृतराज, अलका याग्निक और ममूटी जैसे कई प्रतिष्ठित कलाकारों को भी सम्मान दिया गया।।

    रोहित शर्मा भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनकी बल्लेबाजी का कोई सानी नहीं माना जाता। वनडे क्रिकेट में तीन दोहरे शतक लगाने वाले वह दुनिया के इकलौते बल्लेबाज हैं। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी और बड़े मैचों में शानदार प्रदर्शन ने उन्हें विश्व क्रिकेट के महान खिलाड़ियों की श्रेणी में पहुंचा दिया है।

    बतौर कप्तान भी रोहित शर्मा ने भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनकी नेतृत्व क्षमता के तहत टीम इंडिया ने कई महत्वपूर्ण श्रृंखलाओं और टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन किया। मैदान पर उनका शांत स्वभाव, रणनीतिक सोच और खिलाड़ियों को प्रेरित करने की क्षमता उन्हें एक सफल कप्तान बनाती है।

    क्रिकेट के मैदान पर हासिल की गई उनकी उपलब्धियां केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं हैं बल्कि उन्होंने करोड़ों युवाओं को प्रेरित करने का काम भी किया है। एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर विश्व क्रिकेट के शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल होना उनकी मेहनत, समर्पण और संघर्ष की कहानी को दर्शाता है।

    पद्मश्री सम्मान मिलने के बाद खेल जगत और क्रिकेट प्रशंसकों ने रोहित शर्मा को बधाइयां दीं। सोशल मीडिया पर भी उनके सम्मान को लेकर खुशी की लहर देखने को मिली। यह सम्मान न केवल रोहित शर्मा की व्यक्तिगत उपलब्धि है बल्कि भारतीय क्रिकेट के लिए भी गर्व का क्षण है।

    रोहित शर्मा की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और यह साबित करती है कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और समर्पण से किसी भी ऊंचाई को हासिल किया जा सकता है।

  • भारत-अफगानिस्तान पहले वनडे पर बारिश का खतरा, धर्मशाला का मौसम बढ़ा सकता है टीम इंडिया की चिंता

    भारत-अफगानिस्तान पहले वनडे पर बारिश का खतरा, धर्मशाला का मौसम बढ़ा सकता है टीम इंडिया की चिंता


    नई दिल्ली । भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आगाज शनिवार को होने जा रहा है, लेकिन मुकाबले से पहले मौसम सबसे बड़ी चर्चा का विषय बन गया है। हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित Himachal Pradesh Cricket Association Stadium में खेले जाने वाले पहले वनडे पर बारिश का साया मंडरा रहा है। ऐसे में क्रिकेट प्रशंसकों को आशंका है कि कहीं मौसम इस रोमांचक मुकाबले का मजा किरकिरा न कर दे।

    मौसम रिपोर्ट के अनुसार धर्मशाला में शनिवार को बारिश की संभावना काफी अधिक बताई जा रही है। दिन और शाम दोनों समय बादल छाए रहने और बारिश होने की आशंका जताई गई है। शुक्रवार को भी धर्मशाला और आसपास के क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई थी, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी की खबरें भी सामने आई थीं। ऐसे हालात में मैदान और आउटफील्ड की स्थिति भी मैच पर असर डाल सकती है। यदि बारिश लगातार होती है तो ओवरों में कटौती या मैच रद्द होने जैसी स्थिति भी बन सकती है।

    हालांकि मौसम की चुनौती के बावजूद दोनों टीमें जीत के इरादे से मैदान में उतरेंगी। भारतीय टीम इस सीरीज में कुछ प्रमुख खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी के बावजूद संतुलित नजर आ रही है। स्टार बल्लेबाज Virat Kohli हैमस्ट्रिंग चोट के कारण पूरी सीरीज से बाहर हो चुके हैं। उनके स्थान पर युवा बल्लेबाज Yashasvi Jaiswal को टीम में शामिल किया गया है। वहीं ऑलराउंडर Hardik Pandya भी चोट से उबर रहे हैं और इस सीरीज का हिस्सा नहीं हैं।

    ऐसे में कप्तान Rohit Sharma पर सभी की निगाहें रहेंगी। अफगानिस्तान के खिलाफ रोहित का रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। उन्होंने इस प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ खेले गए वनडे मुकाबलों में शानदार औसत से रन बनाए हैं और एक शतक भी उनके नाम दर्ज है। धर्मशाला की बल्लेबाजी के अनुकूल परिस्थितियों में उनसे एक बार फिर बड़ी पारी की उम्मीद की जा रही है।

    भारतीय बल्लेबाजी क्रम में Shubman Gill और रोहित शर्मा की सलामी जोड़ी अहम भूमिका निभाएगी। वहीं नंबर तीन पर Ishan Kishan को मौका मिल सकता है। उपकप्तान Shreyas Iyer से मध्यक्रम में बड़ी जिम्मेदारी निभाने की अपेक्षा होगी। इसके अलावा KL Rahul हाल के दिनों में अच्छी लय में रहे हैं और टीम को उनसे भी बड़ी उम्मीदें हैं।

    इस सीरीज की एक और खास बात युवा खिलाड़ियों को मिला मौका है। Prince Yadav, Harsh Dubey और Gurnoor Brar को पहली बार भारतीय वनडे टीम में शामिल किया गया है। क्रिकेट प्रशंसकों की नजर इस बात पर भी रहेगी कि इनमें से किस खिलाड़ी को पदार्पण का अवसर मिलता है।

    गेंदबाजी विभाग में Arshdeep Singh के नेतृत्व में भारतीय आक्रमण मैदान पर उतरेगा। उनका साथ Prasidh Krishna दे सकते हैं। धर्मशाला की पिच तेज गेंदबाजों को मदद देने के लिए जानी जाती है, ऐसे में भारतीय गेंदबाज शुरुआती ओवरों में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

    अब सभी की निगाहें मौसम पर टिकी हैं। यदि बारिश बाधा नहीं बनती है तो क्रिकेट प्रेमियों को भारत और अफगानिस्तान के बीच एक रोमांचक मुकाबला देखने को मिल सकता है।