Tag: Roof Collapse

  • जर्जर मकान की छत ने उजाड़ दिया परिवार 2 साल के बेटे और मां की मौत पिता समेत दो बेटियां अस्पताल में भर्ती

    जर्जर मकान की छत ने उजाड़ दिया परिवार 2 साल के बेटे और मां की मौत पिता समेत दो बेटियां अस्पताल में भर्ती


    ग्वालियर । ग्वालियर के डबरा में बुधवार रात बारिश के बीच एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। जंगीपुरा इलाके में एक जर्जर दो मंजिला कच्चे मकान की छत अचानक भरभराकर नीचे गिर गई। उस समय परिवार के पांच सदस्य घर के अंदर मौजूद थे और सो रहे थे। छत का मलबा सीधे उनके ऊपर जा गिरा जिससे सभी लोग उसमें दब गए। हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास रहने वाले लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से मलबा हटाकर सभी को बाहर निकाला गया।
    हादसे के बाद घायलों को तत्काल डबरा सिविल अस्पताल ले जाया गया। रास्ते में दो साल के आदित्य रजक उर्फ गुन्नू ने दम तोड़ दिया। उसकी मां सीमा को भी गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं परिवार के मुखिया जागेंद्र रजक उम्र 38 वर्ष और उनकी बेटियां वैशाली उम्र 5 वर्ष तथा रागनी उम्र 8 वर्ष गंभीर रूप से घायल हैं। प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया गया है।

    हादसे की सूचना मिलते ही परिवार के रिश्तेदार और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग अस्पताल पहुंच गए। इसी दौरान परिजनों और पड़ोसियों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में हंगामा किया। पड़ोसी वीरू रजक का दावा है कि जब सीमा को अस्पताल लाया गया था तब उनकी सांसें चल रही थीं। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर बेहतर उपचार मिलता तो शायद सीमा की जान बचाई जा सकती थी। हालांकि इलाज में लापरवाही के आरोपों की आधिकारिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

    अस्पताल में हंगामे की जानकारी मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। एसडीएम नवकिरण कौर एसडीओपी सौरभ कुमार और तहसीलदार नवीन भारद्वाज ने अस्पताल पहुंचकर परिवार से मुलाकात की। अधिकारियों ने परिजनों को मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। साथ ही परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता दिलाने की बात भी कही गई।

    बताया जा रहा है कि रजक परिवार करीब 15 साल से इसी मकान में किराए पर रह रहा था। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। जागेंद्र ग्वालियर की एक जूता फैक्ट्री में काम करते थे और रोजाना ट्रेन से आना जाना करते थे। उनकी पत्नी सीमा घरों में झाड़ू पोंछा लगाने का काम करती थीं। लंबे समय से जर्जर हालत में रह रहे मकान की छत आखिरकार बारिश के दौरान परिवार पर ही कहर बनकर टूट पड़ी।

    इस हादसे में परिवार की दो बेटियां नैंसी और गौरी सुरक्षित बच गईं। हादसे के समय दोनों अपने चाचा राघवेंद्र रजक के घर पर थीं। अगर वे भी उसी मकान में मौजूद होतीं तो हादसे का असर और भयावह हो सकता था।

    बारिश के मौसम में जर्जर मकानों को लेकर लगातार खतरा बना रहता है। डबरा की यह घटना एक बार फिर ऐसे मकानों की सुरक्षा जांच और कमजोर परिवारों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब प्रशासनिक जांच के साथ अस्पताल में लगाए गए आरोपों की जांच का इंतजार है। वहीं परिवार के लिए यह हादसा ऐसा दुख छोड़ गया है जिसकी भरपाई शायद कभी नहीं हो सकेगी।

  • Pakistan: लाहौर में ट्यूशन सेंटर में पढ़ रहे थे बच्चे, अचानक भरभराकर गिरी छत …. 14 की मौत. 20 घायल

    Pakistan: लाहौर में ट्यूशन सेंटर में पढ़ रहे थे बच्चे, अचानक भरभराकर गिरी छत …. 14 की मौत. 20 घायल


    लाहौर।
    पाकिस्तान (Pakistan) के लाहौर (Lahore) शहर में मंगलवार को दर्दनाक हादसा हुआ है। घनी आबादी वाले काहना नौ क्षेत्र के बस्ती ईदगाह इलाके (Basti Eidgah area) में एक निजी ट्यूशन सेंटर (Tuition Center) की छत अचानक ढह गई, जिसमें 14 स्कूली बच्चों की मौत हो गई और कम से कम 20 अन्य बच्चे घायल हो गए। हादसे के समय सात से तेरह वर्ष की आयु के बच्चे कक्षाओं में बैठे हुए थे, जो मलबे के नीचे दब गए। पुलिस और बचाव टीमों के अनुसार, यह ट्यूशन सेंटर एक निर्माणाधीन इमारत के अंदर संचालित हो रहा था।

    बताया गया कि इमारत का एक हिस्सा अभी बन रहा था और मजदूर काम में व्यस्त थे, तभी छत का बड़ा हिस्सा अचानक गिर पड़ा। मलबे में दबे बच्चों को निकालने के लिए स्थानीय पुलिस, एधी फाउंडेशन की टीम और रेस्क्यू 1122 के कर्मी पिछले कई घंटों से अथक प्रयास कर रहे हैं।

    लाहौर के उप महानिरीक्षक (ऑपरेशंस) फैसल कामरान ने घटनास्थल पर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि अब तक मलबे से 14 बच्चों के शव बरामद किए जा चुके हैं। 20 घायल बच्चों और एक महिला शिक्षिका को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हमने तुरंत ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया है। जांच चल रही है कि इमारत की सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

    उन्होंने आगे बताया कि इमारत पूरी तरह से निर्माणाधीन अवस्था में थी और उसमें ट्यूशन सेंटर चलाने की अनुमति भी संदिग्ध है। पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया है और मलबा हटाने के लिए भारी मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है।

    क्या बोला एधी फाउंडेशन?
    एधी फाउंडेशन ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि काहना नौ क्षेत्र के आवासीय भवन में स्थित अकादमी की छत अचानक गिर गई। फाउंडेशन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और बचाव कार्य में सहयोग कर रही है। बयान में कहा गया है कि मृतकों के शवों को लाहौर जनरल अस्पताल के मुर्दाघर में भेज दिया गया है। कुछ बच्चे अभी भी मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं, इसलिए मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। एधी फाउंडेशन ने यह भी बताया कि सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

    वहीं, लाहौर जिला शिक्षा प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तारिक महमूद ने बताया कि यह निजी ट्यूशन सेंटर स्थानीय एक महिला निवासी द्वारा चलाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग इस मामले की भी जांच करेगा कि ऐसे संवेदनशील इलाके में अनधिकृत तरीके से ट्यूशन सेंटर चलाने की अनुमति किसने दी

    क्या बोलीं सीएममरियम नवाज?
    पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने पुलिस और जिला प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि इमारत ढहने के लिए जिम्मेदार ठेकेदार, मालिक और संबंधित अधिकारियों की तुरंत पहचान की जाए तथा उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की जाए। सीएम ने कहा कि लापरवाही बरतने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

  • देवास हादसे में उजड़ा परिवार: एक ही दिन पत्नी और बेटी को खोने का दर्द, अंतिम विदाई में छलक पड़े आंसू

    देवास हादसे में उजड़ा परिवार: एक ही दिन पत्नी और बेटी को खोने का दर्द, अंतिम विदाई में छलक पड़े आंसू


    देवास । देवास के खटांबा गांव में सूरज पूजा के दौरान हुए दर्दनाक हादसे के बाद शनिवार को मां-बेटी को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। छज्जा गिरने से जान गंवाने वाली 41 वर्षीय लक्ष्मी और उनकी मां के शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपे गए। जिला अस्पताल में उस समय माहौल बेहद भावुक हो गया, जब बुजुर्ग पिता धारूलाल सोलंकी ने कफन में लिपटी अपनी बेटी का अंतिम बार चेहरा देखा और कांपते हाथों से उसके चरण स्पर्श कर विदा दी। वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। इसके बाद लक्ष्मी का पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए उज्जैन रवाना किया गया, जहां उनका ससुराल है।

    इस हादसे ने एक ही परिवार की खुशियां पलभर में उजाड़ दीं। बेटी को विदा करने के बाद धारूलाल सोलंकी को अपनी पत्नी के शव से भी अंतिम विदाई लेनी पड़ी। पत्नी का पार्थिव शरीर पोस्टमार्टम रूम से बाहर लाया गया तो वे खुद को संभाल नहीं सके। परिजनों ने उन्हें ढांढस बंधाया और शव को अंतिम संस्कार के लिए देवास के संजय नगर ले जाया गया। एक ही दिन में पत्नी और बेटी को खो देने का यह दर्द पूरे परिवार पर भारी पड़ता दिखाई दिया।

    शुक्रवार दोपहर खटांबा गांव में सूरज पूजा और मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। धार्मिक अनुष्ठान के बाद बड़ी संख्या में लोग भोजन कर रहे थे। इसी दौरान तेज आंधी और बारिश शुरू हो गई। खराब मौसम के बीच मकान की छत का छज्जा अचानक भरभराकर नीचे गिर पड़ा और उसके नीचे बैठी कई महिलाएं दब गईं। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला और जिला अस्पताल पहुंचाया।

    अस्पताल में डॉक्टरों ने मां और बेटी को मृत घोषित कर दिया, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। घायलों का इलाज जारी है। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर छज्जा गिरने के कारणों की जानकारी जुटाई।

    शनिवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों शव परिजनों को सौंप दिए गए। लक्ष्मी के शव को अंतिम संस्कार के लिए उज्जैन भेजा गया, जबकि उनकी मां का अंतिम संस्कार देवास के संजय नगर में किया जाएगा। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। स्थानीय लोग भी परिवार के दुख में शामिल हुए और अंतिम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद रहे। एक धार्मिक आयोजन में हुआ यह हादसा कई परिवारों के लिए कभी न भूलने वाला दर्द बन गया।