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  • बालों को लंबा और घना बनाने के लिए कौन सा तेल लगाएं? एक्सपर्ट ने बताए तीन खास हेयर ऑयल और उनके फायदे

    बालों को लंबा और घना बनाने के लिए कौन सा तेल लगाएं? एक्सपर्ट ने बताए तीन खास हेयर ऑयल और उनके फायदे

    नई दिल्ली । लंबे, घने और चमकदार बालों की चाहत में लोग कई तरह के हेयर केयर प्रोडक्ट्स और घरेलू नुस्खे आजमाते हैं। बालों की देखभाल में तेल लगाना भी एक पुराना और आसान तरीका माना जाता है। हालांकि, बालों की समस्या के हिसाब से सही तेल का चुनाव करना जरूरी है, क्योंकि अलग-अलग तेल अलग जरूरतों के लिए उपयोगी हो सकते हैं।

    डर्मेटोलॉजिस्ट निरुपमा परवंदा ने बालों की देखभाल के लिए तीन तेलों के बारे में जानकारी दी है। इनमें नारियल तेल, रोजमेरी ऑयल और बादाम का तेल शामिल हैं। विशेषज्ञ के मुताबिक, इनका इस्तेमाल बालों की स्थिति और जरूरत को ध्यान में रखकर किया जा सकता है।

    सबसे पहले नारियल तेल की बात करें तो यह खासतौर पर रूखे और फ्रिजी बालों के लिए उपयोगी माना जाता है। अगर बाल आसानी से उलझते हैं, उनमें नमी की कमी रहती है या वे काफी ड्राई दिखाई देते हैं, तो नारियल तेल मददगार हो सकता है। यह बालों में प्रोटीन लॉस को कम करने में सहायता करता है।

    नारियल तेल के इस्तेमाल से बालों में नमी बनाए रखने में मदद मिल सकती है। इससे बालों का रूखापन और फ्रिजीनेस कुछ कम नजर आ सकती है। इसके साथ ही बाल अधिक मुलायम और चमकदार दिखाई दे सकते हैं। इसलिए ड्राई हेयर की समस्या वाले लोगों के लिए यह एक उपयोगी विकल्प हो सकता है।

    दूसरा विकल्प रोजमेरी ऑयल है। इसे बालों की ग्रोथ से जोड़कर देखा जाता है। विशेषज्ञ के अनुसार, रोजमेरी ऑयल कुछ हद तक बालों की ग्रोथ को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है। हालांकि, इसका इस्तेमाल सीधे बालों या स्कैल्प पर नहीं करना चाहिए।

    रोजमेरी ऑयल को किसी कैरियर ऑयल के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए नारियल तेल या जोजोबा ऑयल जैसे तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है। यानी रोजमेरी ऑयल को सीधे लगाने के बजाय उसे किसी उपयुक्त कैरियर ऑयल के साथ मिलाकर हेयर केयर रूटीन में शामिल करना बेहतर तरीका है।

    तीसरा विकल्प बादाम का तेल है। यह खासतौर पर सूखे और बेजान बालों के लिए उपयोगी हो सकता है। बादाम के तेल में विटामिन ई और फैटी एसिड पाए जाते हैं, जो बालों को मुलायम बनाने में मदद कर सकते हैं।

    अगर बालों में चमक कम हो गई है या वे रूखे और बेजान नजर आते हैं, तो बादाम तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे बालों की फ्रिजीनेस कम करने और उन्हें अधिक मुलायम व चमकदार दिखाने में मदद मिल सकती है।

    इस तरह बालों की जरूरत के अनुसार इन तीनों तेलों में से विकल्प चुना जा सकता है। रूखे और फ्रिजी बालों के लिए नारियल तेल, ग्रोथ पर ध्यान देने वालों के लिए उचित तरीके से इस्तेमाल किया गया रोजमेरी ऑयल और सूखे-बेजान बालों के लिए बादाम तेल उपयोगी हो सकता है। किसी भी तेल से परेशानी या जलन होने पर उसका इस्तेमाल रोक देना चाहिए।

  • बालों की चमक और मजबूती बढ़ाने के लिए घर पर बनाएं ये 8 आसान हेयर रिंस, जानें इस्तेमाल करने का सही तरीका

    बालों की चमक और मजबूती बढ़ाने के लिए घर पर बनाएं ये 8 आसान हेयर रिंस, जानें इस्तेमाल करने का सही तरीका

    नई दिल्ली । बालों की चमक, मुलायमपन और खूबसूरती बनाए रखने के लिए नियमित हेयर केयर रूटीन जरूरी है। बदलते मौसम, धूल, प्रदूषण और बालों में इस्तेमाल होने वाले अलग-अलग उत्पादों के कारण कई बार बाल रूखे और बेजान नजर आने लगते हैं। ऐसे में महंगे उत्पादों के अलावा कुछ आसान घरेलू रिंस भी सामान्य हेयर केयर रूटीन का हिस्सा बनाए जा सकते हैं। रोजमेरी, आंवला, चावल और ग्रीन टी जैसी चीजों से घर पर आसानी से रिंस तैयार किया जा सकता है।

    ग्रीन टी रिंस बालों और स्कैल्प की सामान्य देखभाल के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इसे तैयार करने के लिए ग्रीन टी बनाकर पूरी तरह ठंडा कर लें। बालों में शैंपू करने के बाद इसे अंतिम रिंस के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को पहली बार इस्तेमाल करने से पहले थोड़ी मात्रा में परीक्षण करना चाहिए।

    राइस वॉटर यानी चावल का पानी भी बालों की देखभाल में लंबे समय से इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे बालों में लगाने से बालों में मुलायमपन और स्मूदनेस महसूस हो सकती है। चावल को पानी में भिगोकर या उबालकर तैयार किए गए पानी को ठंडा करने के बाद इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे बालों पर लगाने के बाद कुछ समय तक रखने के बजाय अच्छी तरह धोना बेहतर है।

    आंवला वॉटर भी पारंपरिक हेयर केयर का हिस्सा रहा है। आंवले में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं और इसका इस्तेमाल बालों की सामान्य देखभाल के लिए किया जाता है। आंवले को पानी में उबालकर या आंवला पाउडर को पानी में मिलाकर रिंस तैयार किया जा सकता है। इसे बालों की लंबाई और स्कैल्प पर लगाया जा सकता है।

    रोजमेरी वॉटर इन दिनों हेयर केयर रूटीन में काफी लोकप्रिय है। इसे रोजमेरी की पत्तियों को पानी में उबालकर तैयार किया जा सकता है। पानी ठंडा होने के बाद इसे छानकर बालों पर इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि किसी भी हर्बल मिश्रण से हर व्यक्ति को एक जैसा फायदा मिले, यह जरूरी नहीं है। जलन या लालिमा महसूस होने पर इसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए।

    मेथी वॉटर भी रूखे बालों की सामान्य देखभाल में इस्तेमाल किया जा सकता है। मेथी के दानों को कुछ घंटे पानी में भिगोकर रखने के बाद पानी छान लें। तैयार पानी को बालों पर लगाया जा सकता है। मेथी का इस्तेमाल बालों को मुलायम महसूस कराने में मदद कर सकता है, लेकिन इसे लगाने के बाद बालों को अच्छी तरह साफ करना जरूरी है।

    प्याज का पानी भी घरेलू हेयर केयर में इस्तेमाल किया जाता है। कुछ लोग इसे बालों की ग्रोथ और स्कैल्प केयर के लिए आजमाते हैं। हालांकि प्याज का रस या पानी कुछ लोगों की त्वचा में जलन पैदा कर सकता है। इसलिए इसे लगाने से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी है और तेज जलन या खुजली होने पर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

    एलोवेरा रिंस ड्राई स्कैल्प और बेजान बालों की सामान्य देखभाल में उपयोगी हो सकता है। एलोवेरा जेल को पानी में अच्छी तरह मिलाकर हल्का मिश्रण तैयार किया जा सकता है। इसे बालों पर लगाने के बाद अच्छी तरह धोना चाहिए, ताकि कोई अवशेष न रह जाए।

    केला और तेल आधारित रिंस या हेयर पैक भी रूखे बालों में नमी और मुलायमपन देने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। केले को अच्छी तरह मैश करके थोड़ी मात्रा में तेल मिलाया जा सकता है। इसे मुख्य रूप से बालों की लंबाई पर लगाया जाए और कुछ समय बाद अच्छी तरह धो लिया जाए। इस्तेमाल से पहले किसी भी घरेलू मिश्रण का पैच टेस्ट करना बेहतर है। खुजली, जलन, लालिमा या सूजन होने पर इसे तुरंत धो दें। लगातार बाल झड़ने या स्कैल्प संबंधी समस्या रहने पर विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित रहेगा।

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    दाग धब्बों से लेकर ग्लोइंग स्किन तक रोज़मेरी बन सकती है आपकी ब्यूटी रूटीन की सबसे खास साथी


    नई दिल्ली । स्वस्थ और चमकदार त्वचा पाने की चाहत हर किसी की होती है। इसके लिए लोग तरह तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट का इस्तेमाल करते हैं लेकिन कई बार प्राकृतिक चीजें भी त्वचा की देखभाल में प्रभावी भूमिका निभा सकती हैं। ऐसी ही एक औषधीय जड़ी बूटी है रोज़मेरी जिसे लंबे समय से बालों और त्वचा की देखभाल में उपयोग किया जाता रहा है। इसमें पाए जाने वाले प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट और सूजन कम करने वाले गुण त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में मददगार माने जाते हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार रोज़मेरी में ऐसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं जो त्वचा को बाहरी प्रदूषण और फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में सहायता कर सकते हैं। फ्री रेडिकल्स त्वचा की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाकर समय से पहले झुर्रियां और बेजानपन पैदा कर सकते हैं। एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर रोज़मेरी त्वचा को लंबे समय तक तरोताजा बनाए रखने में सहायक मानी जाती है।

    जिन लोगों की त्वचा तैलीय होती है उनके लिए भी रोज़मेरी लाभदायक मानी जाती है। यह त्वचा पर बनने वाले अतिरिक्त तेल को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है जिससे रोमछिद्रों के बंद होने की संभावना कम होती है। इसके कारण मुंहासों और ब्लैकहेड्स की समस्या में भी राहत मिल सकती है। हालांकि किसी भी नए उत्पाद या घरेलू नुस्खे का उपयोग करने से पहले त्वचा के एक छोटे हिस्से पर परीक्षण करना बेहतर माना जाता है।

    रोज़मेरी में मौजूद प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल गुण त्वचा को साफ रखने में भी मदद कर सकते हैं। यही वजह है कि कई स्किन केयर प्रोडक्ट में रोज़मेरी एक्सट्रैक्ट का इस्तेमाल किया जाता है। नियमित और संतुलित उपयोग से त्वचा अधिक ताजगी भरी और साफ नजर आ सकती है। हालांकि गंभीर त्वचा रोग या संक्रमण की स्थिति में केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।

    रोज़मेरी का उपयोग कई तरीकों से किया जा सकता है। रोज़मेरी का पानी फेस मिस्ट के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा एलोवेरा जेल में कुछ बूंदें रोज़मेरी ऑयल की मिलाकर लगाने से त्वचा को नमी और ताजगी मिल सकती है। ध्यान रहे कि एसेंशियल ऑयल को कभी भी सीधे त्वचा पर नहीं लगाना चाहिए। इसे हमेशा किसी कैरियर ऑयल या एलोवेरा जेल के साथ मिलाकर ही इस्तेमाल करना चाहिए।

    स्वस्थ त्वचा केवल बाहरी देखभाल से नहीं बल्कि संतुलित आहार पर्याप्त पानी अच्छी नींद और तनाव मुक्त जीवनशैली से भी जुड़ी होती है। यदि रोज़मेरी के साथ पौष्टिक भोजन नियमित व्यायाम और सही स्किन केयर रूटीन अपनाया जाए तो त्वचा की प्राकृतिक चमक लंबे समय तक बरकरार रह सकती है। प्राकृतिक उपाय धीरे धीरे असर दिखाते हैं इसलिए धैर्य और नियमितता बनाए रखना भी जरूरी है।

    रोज़मेरी को अपनी स्किन केयर रूटीन का हिस्सा बनाने से पहले यदि आपकी त्वचा अत्यधिक संवेदनशील है या किसी प्रकार की एलर्जी की समस्या रहती है तो विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर रहेगा। सही तरीके से और सीमित मात्रा में इस्तेमाल किया गया रोज़मेरी त्वचा की देखभाल के लिए एक उपयोगी प्राकृतिक विकल्प साबित हो सकता है।