Tag: Round of 32

  • फीफा वर्ल्ड कप 2026: स्पेन ने उरुग्वे को हराकर नॉकआउट में बनाई जगह, उरुग्वे बाहर

    फीफा वर्ल्ड कप 2026: स्पेन ने उरुग्वे को हराकर नॉकआउट में बनाई जगह, उरुग्वे बाहर


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 में स्पेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उरुग्वे को 1-0 से हराकर नॉकआउट चरण में अपनी जगह पक्की कर ली। ग्रुप एच के इस अहम मुकाबले में स्पेन ने पूरे मैच के दौरान संतुलित खेल दिखाया और एकमात्र गोल के दम पर जीत दर्ज की। इस हार के साथ ही दो बार की विश्व चैंपियन उरुग्वे का टूर्नामेंट में सफर समाप्त हो गया।

    गुआडालाहारा में खेले गए मुकाबले में दोनों टीमों ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। उरुग्वे ने शुरुआती मिनटों में स्पेन पर दबाव बनाने की कोशिश की जबकि स्पेन ने भी लगातार आक्रमण किए और सेट पीस के जरिए गोल करने के अवसर बनाए। स्पेन के डिफेंडर पाउ क्यूबार्सी को पहले हाफ में गोल करने के कुछ अच्छे मौके मिले लेकिन वे उन्हें भुना नहीं सके।

    उरुग्वे की ओर से फेडेरिको वाल्वरडे और डार्विन नुनेज ने भी स्पेनिश रक्षा पंक्ति को चुनौती दी लेकिन दोनों खिलाड़ी अपने अवसरों को गोल में नहीं बदल पाए। दोनों टीमों के गोलकीपरों ने पहले हाफ में कई शानदार बचाव किए जिससे मुकाबला लंबे समय तक बराबरी पर बना रहा।

    मैच का निर्णायक पल 42वें मिनट में आया जब स्पेन के मिडफील्डर एलेक्स बेना ने बॉक्स के बाहर से शानदार शॉट लगाकर गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। उनका यह गोल उरुग्वे के अनुभवी गोलकीपर फर्नांडो मुस्लेरा को चकमा देता हुआ जाल में समा गया। खास बात यह रही कि उस समय मैदान पर दोनों टीमों के खिलाड़ी उपचार ले रहे थे लेकिन खेल जारी था और बेना ने मिले मौके का पूरा फायदा उठाया।

    दूसरे हाफ में उरुग्वे ने वापसी की भरपूर कोशिश की और गेंद पर अधिक नियंत्रण भी रखा लेकिन स्पेन का मजबूत डिफेंस उसके सामने दीवार बनकर खड़ा रहा। सब्स्टीट्यूट फेडेरिको विनास को बराबरी का बेहतरीन मौका मिला लेकिन उनका शॉट गोलपोस्ट के ऊपर से निकल गया।

    स्पेन की ओर से डैनी ओल्मो और फेरान टोरेस ने भी बढ़त दोगुनी करने के लिए कई प्रयास किए लेकिन उरुग्वे के गोलकीपर और डिफेंडरों ने उन्हें सफल नहीं होने दिया। मुकाबले के अंतिम मिनटों में उरुग्वे ने लगातार हमले किए लेकिन स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन ने शानदार बचाव करते हुए अपनी टीम की बढ़त सुरक्षित रखी।

    स्टॉपेज टाइम में उरुग्वे की मुश्किलें और बढ़ गईं जब अगस्टिन कैनोबियो को रेड कार्ड दिखाया गया। इसके बाद टीम के लिए वापसी की सभी उम्मीदें लगभग खत्म हो गईं और अंतिम सीटी के साथ स्पेन ने 1-0 की महत्वपूर्ण जीत दर्ज कर ली।

    इस जीत के साथ स्पेन ने दो जीत और एक ड्रॉ के दम पर सात अंक हासिल करते हुए ग्रुप एच में शीर्ष स्थान पर कब्जा किया। वहीं विश्व कप में पदार्पण करने वाली केप वर्डे तीन ड्रॉ के साथ दूसरे स्थान पर रहकर नॉकआउट चरण में पहुंच गई। उरुग्वे केवल दो अंक ही जुटा सका और ग्रुप चरण से ही बाहर हो गया।

  • सऊदी अरब को रोककर चमका केप वर्डे, वर्ल्ड कप डेब्यू में नॉकआउट का ऐतिहासिक सफर

    सऊदी अरब को रोककर चमका केप वर्डे, वर्ल्ड कप डेब्यू में नॉकआउट का ऐतिहासिक सफर


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 में केप वर्डे ने अपने पहले ही विश्व कप अभियान में इतिहास रच दिया है। ग्रुप एच के आखिरी मुकाबले में सऊदी अरब के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ खेलकर टीम ने राउंड ऑफ 32 में जगह बना ली। इस उपलब्धि के साथ केप वर्डे अपने वर्ल्ड कप डेब्यू में बिना कोई मैच गंवाए नॉकआउट चरण में पहुंचने वाली तीसरी अफ्रीकी टीम बन गई है। टीम के शानदार प्रदर्शन ने दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

    ग्रुप चरण में केप वर्डे ने तीन अंक हासिल कर दूसरा स्थान अपने नाम किया। इस प्रदर्शन के दम पर उसने दो बार की विश्व चैंपियन उरुग्वे और 2034 विश्व कप के मेजबान सऊदी अरब को पीछे छोड़ दिया। अब राउंड ऑफ 32 में उसका मुकाबला गत चैंपियन अर्जेंटीना से होगा। यह मैच 3 जुलाई को मियामी में खेला जाएगा और इसे केप वर्डे के फुटबॉल इतिहास का सबसे बड़ा मुकाबला माना जा रहा है।

    सऊदी अरब के खिलाफ खेले गए मुकाबले में केप वर्डे ने शुरुआत से ही आक्रामक रणनीति अपनाई। टीम ने लगातार हमले किए और कई बार गोल करने के करीब पहुंची। विली सेमेडो ने विपक्षी गोलपोस्ट पर कई खतरनाक प्रयास किए लेकिन सऊदी गोलकीपर मोहम्मद अल ओवैस ने शानदार बचाव करते हुए अपनी टीम को बढ़त लेने से रोक दिया। पहले हाफ में केप वर्डे का एक लंबी दूरी का दमदार शॉट भी गोलपोस्ट के बेहद करीब से बाहर निकल गया।

    दूसरी ओर सऊदी अरब को मैच के दौरान बड़ा झटका तब लगा जब डिफेंडर हसन अल तंबकती बिना किसी टक्कर के मैदान पर गिर पड़े। चोट गंभीर होने के कारण उन्हें स्ट्रेचर के जरिए मैदान से बाहर ले जाना पड़ा। उनके बाहर होने के बाद सऊदी रक्षा पंक्ति कमजोर नजर आई लेकिन टीम ने संयम बनाए रखा और केप वर्डे को गोल करने का मौका नहीं दिया।

    मैच के अंतिम मिनटों में दोनों टीमों ने जीत के लिए प्रयास किए लेकिन कोई भी गोल नहीं कर सकी। सऊदी गोलकीपर अल ओवैस ने कई महत्वपूर्ण सेव कर अपनी टीम को हार से बचाया जबकि केप वर्डे का मजबूत डिफेंस भी पूरे मुकाबले में अडिग रहा। आखिरकार मैच 0-0 की बराबरी पर समाप्त हुआ।

    अंतिम सीटी बजते ही केप वर्डे के खिलाड़ियों और समर्थकों में जश्न का माहौल बन गया। एक अंक ने टीम को ऐतिहासिक सफलता दिला दी और पहली बार विश्व कप के नॉकआउट चरण में पहुंचने का सपना साकार हो गया। अब पूरी दुनिया की नजरें अर्जेंटीना के खिलाफ होने वाले मुकाबले पर होंगी जहां केप वर्डे अपने सुनहरे सफर को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगा।

  • फीफा वर्ल्ड कप में सेनेगल का दमदार प्रदर्शन इराक को 5-0 से हराकर नॉकआउट की उम्मीदें जिंदा

    फीफा वर्ल्ड कप में सेनेगल का दमदार प्रदर्शन इराक को 5-0 से हराकर नॉकआउट की उम्मीदें जिंदा


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप आई मुकाबले में सेनेगल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इराक को 5-0 से करारी शिकस्त दी और नॉकआउट चरण में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को बरकरार रखा। टोरंटो में खेले गए इस मुकाबले में सेनेगल ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और पूरे मैच में इराक को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। इस हार के साथ इराक का विश्व कप अभियान बिना एक भी अंक हासिल किए समाप्त हो गया जबकि सेनेगल तीन अंकों के साथ ग्रुप में तीसरे स्थान पर पहुंच गया और अब उसकी नजर सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीमों में जगह बनाने पर है।

    मैच की शुरुआत से ही सेनेगल ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और लगातार इराकी रक्षा पंक्ति पर दबाव बनाया। शुरुआती बढ़त टीम को हबीब दियारा ने दिलाई जिनका शॉट डिफ्लेक्शन के बाद गोल में चला गया और सेनेगल 1-0 से आगे हो गया। गोल के बाद भी सेनेगल का दबदबा जारी रहा जबकि इराक के लिए मुश्किलें लगातार बढ़ती चली गईं।

    मुकाबले का अहम मोड़ 13वें मिनट में आया जब सादियो माने पर हुए फाउल की वीडियो असिस्टेंट रेफरी से समीक्षा की गई। जांच के बाद इराक के डिफेंडर रेबिन सुलाका को रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर भेज दिया गया। एक खिलाड़ी कम होने के कारण इराक की टीम पर अतिरिक्त दबाव आ गया। इसके बावजूद इराक ने पहले हाफ में संयम बनाए रखा और सेनेगल को दूसरा गोल करने से रोकने में सफल रहा। पहले 45 मिनट तक मुकाबला 1-0 पर ही बना रहा।

    दूसरे हाफ में सेनेगल ने अपनी रफ्तार और तेज कर दी। इस्माइला सार ने शानदार गोल कर टीम की बढ़त 2-0 कर दी। यह उनके विश्व कप करियर का चौथा गोल रहा और इसके साथ ही वह सेनेगल के लिए विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए। इसके बाद मैदान पर उतरे स्थानापन्न खिलाड़ी पेपे गुएये ने कुछ ही मिनटों में मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने दो जबरदस्त लंबी दूरी के शॉट लगाए जिन्हें इराक का गोलकीपर रोक नहीं सका। उनके पहले शॉट की रफ्तार 84 किलोमीटर प्रति घंटा और दूसरे शॉट की गति 103 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। इन दोनों गोलों ने सेनेगल की बढ़त 4-0 कर दी।

    मैच के 82वें मिनट में इलिमन नडियाये ने शानदार फिनिशिंग करते हुए टीम का पांचवां गोल दागा और सेनेगल की बड़ी जीत पर मुहर लगा दी। इस जीत ने न केवल टीम का मनोबल बढ़ाया बल्कि नॉकआउट चरण में पहुंचने की उम्मीदों को भी जीवित रखा। अब सेनेगल की नजर अन्य ग्रुपों के परिणामों पर रहेगी ताकि वह सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीमों में जगह बनाकर राउंड ऑफ 32 में प्रवेश कर सके।

  • मिस्र का ऐतिहासिक सफर जारी ईरान का आखिरी मिनट का गोल रद्द दोनों टीमों के लिए अहम रहा मुकाबला

    मिस्र का ऐतिहासिक सफर जारी ईरान का आखिरी मिनट का गोल रद्द दोनों टीमों के लिए अहम रहा मुकाबला

     
    नई दिल्ली  । फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप जी में मिस्र और ईरान के बीच खेला गया मुकाबला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ लेकिन यह ड्रॉ दोनों टीमों के लिए अलग-अलग मायने लेकर आया। इस नतीजे के साथ मिस्र ने विश्व कप इतिहास में पहली बार राउंड ऑफ 32 में जगह बनाकर नया इतिहास रच दिया जबकि ईरान की नॉकआउट दौर में पहुंचने की उम्मीदें भी अभी कायम हैं। ग्रुप चरण समाप्त होने के बाद मिस्र दूसरे स्थान पर रहा जबकि ईरान तीसरे स्थान पर पहुंचा। टूर्नामेंट के प्रारूप के अनुसार तीसरे स्थान पर रहने वाली सर्वश्रेष्ठ आठ टीमें भी अगले दौर में पहुंचेंगी और फिलहाल ईरान इस सूची में छठे स्थान पर बना हुआ है।

    मुकाबले की शुरुआत मिस्र के शानदार प्रदर्शन से हुई। टीम ने पहले ही मिनटों से आक्रामक खेल दिखाया और पांचवें मिनट में महमूद साबेर ने बेहतरीन गोल कर मिस्र को 1-0 की बढ़त दिला दी। शुरुआती झटके के बावजूद ईरान ने जल्द ही वापसी करते हुए 14वें मिनट में रमिन रेजाइएन के गोल की बदौलत स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इसके बाद दोनों टीमों ने लगातार आक्रमण किए लेकिन पहले हाफ में कोई भी टीम बढ़त हासिल नहीं कर सकी और मुकाबला बराबरी पर पहुंच गया।

    दूसरे हाफ में मिस्र ने अपनी रणनीति बदलते हुए रक्षात्मक खेल अपनाया। टीम का फोकस ड्रॉ बचाकर अगले दौर में जगह पक्की करने पर रहा। दूसरी ओर ईरान ने गेंद पर अधिक नियंत्रण बनाए रखा और लगातार मिस्र के गोल पर दबाव बनाया। कई अच्छे मौके मिलने के बावजूद ईरानी खिलाड़ी गोल करने में सफल नहीं हो सके। मिस्र की मजबूत रक्षापंक्ति और गोलकीपर ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए ईरान को बढ़त लेने से रोके रखा।

    मुकाबले के अंतिम क्षण बेहद रोमांचक रहे। पहले मेहदी तारेमी का शानदार हेडर क्रॉसबार से टकरा गया जिससे ईरान बढ़त लेने से चूक गया। इसके बाद स्टॉपेज टाइम के तीसरे मिनट में शोजा खलीलजादेह ने गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाकर ईरानी खेमे में खुशी की लहर दौड़ा दी। खिलाड़ी और टीम स्टाफ जीत का जश्न मनाने मैदान में पहुंच गए लेकिन यह खुशी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। वीडियो असिस्टेंट रेफरी ने गोल की समीक्षा की और खलीलजादेह को ऑफसाइड करार देते हुए गोल रद्द कर दिया। इसके साथ ही मुकाबला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ।

    इस ड्रॉ ने मिस्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि सुनिश्चित कर दी क्योंकि टीम पहली बार विश्व कप के नॉकआउट चरण में पहुंचने में सफल रही। वहीं ईरान को अब अन्य ग्रुपों के परिणामों का इंतजार रहेगा ताकि वह सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीमों में शामिल होकर राउंड ऑफ 32 का टिकट हासिल कर सके।