Tag: RSS centenary year

  • मोहन भागवत का भोपाल दौरा, जैन मुनि से मुलाकात के बाद इंदौर रवाना होंगे संघ प्रमुख, शताब्दी वर्ष का होगा समापन

    मोहन भागवत का भोपाल दौरा, जैन मुनि से मुलाकात के बाद इंदौर रवाना होंगे संघ प्रमुख, शताब्दी वर्ष का होगा समापन


    भोपाल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत बुधवार सुबह अचानक मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल पहुंचे। उनके इस दौरे को लेकर संघ के कार्यक्रमों में हलचल बढ़ गई है। भोपाल प्रवास के दौरान वे एमपी नगर के पास चातुर्मास कर रहे जैन मुनि समय सागर से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा संघ के प्रमुख कार्यालय समिधा में पदाधिकारियों के साथ बैठक का कार्यक्रम भी निर्धारित है। भोपाल में अपनी निर्धारित गतिविधियां पूरी करने के बाद भागवत इंदौर के लिए रवाना होंगे। वहां संघ के शताब्दी वर्ष के समापन अवसर पर आयोजित चरैवेति एकत्रीकरण कार्यक्रम में शामिल होंगे।

    भोपाल पहुंचने पर संघ प्रमुख का स्वागत स्वप्निल कुलकर्णी सहित संघ के प्रांत प्रचारक विमल गुप्ता और कैलाश लोवंशी ने किया। उनके अचानक राजधानी पहुंचने के बाद उनके कार्यक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार उनके दौरे में संघ पदाधिकारियों के साथ बैठक और जैन मुनि से मुलाकात प्रमुख रूप से शामिल है। इसके बाद वे इंदौर में आयोजित बड़े कार्यक्रम में भाग लेंगे।

    समिधा में पदाधिकारियों के साथ बैठक

    निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मोहन भागवत भोपाल स्थित संघ कार्यालय समिधा में संघ के अनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इस दौरान संगठन से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। संघ के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी इस बैठक में शामिल होंगे। इसके बाद दोपहर पौने तीन बजे से शाम साढ़े चार बजे के बीच जैन मुनि समय सागर से मुलाकात का कार्यक्रम है। मुलाकात के बाद भागवत इंदौर के लिए रवाना होंगे।

    भागवत के दौरे को देखते हुए समिधा कार्यालय के बाहर सुरक्षा व्यवस्था भी की गई है। राजधानी में उनका प्रवास सीमित समय का है और इसके बाद उनका अगला पड़ाव इंदौर रहेगा। वहां संघ के शताब्दी वर्ष के समापन से जुड़ा आयोजन होना है।

    इंदौर में जुटेंगे करीब एक लाख स्वयंसेवक

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के समापन के अवसर पर बुधवार को इंदौर के डेली कॉलेज परिसर में चरैवेति एकत्रीकरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। आयोजकों के मुताबिक कार्यक्रम शाम साढ़े चार बजे से शुरू होगा। इसमें करीब एक लाख स्वयंसेवकों के शामिल होने का अनुमान है। इस आयोजन की जिम्मेदारी संघ के मालवा प्रांत के इंदौर विभाग की ओर से संभाली जा रही है।

    कार्यक्रम में संघ के प्रमुख राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ इंदौर महानगर और महू ग्रामीण क्षेत्र के सक्रिय स्वयंसेवक शामिल होंगे। इसके अलावा समाज के प्रबुद्ध वर्ग की मौजूदगी भी रहेगी। आयोजन का उद्देश्य स्वयंसेवकों और समाज के लोगों को राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यों में निरंतर सक्रिय रहने का संदेश देना है।

    संघ के सौ वर्ष पूरे होने पर सालभर हुए आयोजन

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के सौ वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में वर्षभर अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए। चरैवेति एकत्रीकरण इसी श्रृंखला का समापन कार्यक्रम है। इसके माध्यम से संगठन अपने शताब्दी वर्ष के दौरान किए गए कार्यक्रमों को समेटते हुए आगे भी सामाजिक और राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यों में सक्रिय रहने का संदेश देगा।

    मोहन भागवत का भोपाल से इंदौर तक का यह दौरा संघ के शताब्दी वर्ष के समापन कार्यक्रम के लिहाज से महत्वपूर्ण है। भोपाल में पदाधिकारियों के साथ बैठक और जैन मुनि से मुलाकात के बाद इंदौर में होने वाले आयोजन पर सबकी नजर रहेगी।

  • इंदौर में संघ का शक्ति प्रदर्शन नहीं बल्कि शताब्दी वर्ष का बड़ा आयोजन, 345 बस्तियों और महू के 65 मंडलों में निकले पथ संचलन

    इंदौर में संघ का शक्ति प्रदर्शन नहीं बल्कि शताब्दी वर्ष का बड़ा आयोजन, 345 बस्तियों और महू के 65 मंडलों में निकले पथ संचलन


    इंदौर । इंदौर और महू क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पथ संचलन आयोजित किए जा रहे हैं। संघ के शताब्दी वर्ष के समापन कार्यक्रम की तैयारियों के बीच स्वयंसेवक अलग-अलग बस्तियों और मंडलों में कदमताल करते नजर आ रहे हैं। इंदौर के नंदा नगर से निकले पथ संचलन में मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और उनके बेटे तथा पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय भी शामिल हुए। इस आयोजन के तहत इंदौर विभाग के चार महानगरीय जिलों के 34 नगरों की करीब 345 बस्तियों में पथ संचलन निकाले जा रहे हैं। वहीं महू ग्रामीण क्षेत्र के छह खंडों के 65 मंडलों में भी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

    संघ की ओर से इन आयोजनों की तैयारी पिछले एक महीने से की जा रही थी। शाखाओं में स्वयंसेवकों ने पथ संचलन से पहले समता का अभ्यास किया। इन कार्यक्रमों के जरिए स्वयंसेवक अनुशासन और सामूहिक सहभागिता के साथ निर्धारित मार्गों पर संचलन कर रहे हैं। इंदौर और महू में अलग-अलग स्थानों पर आयोजित हो रहे इन कार्यक्रमों को संघ के शताब्दी वर्ष के समापन से पहले की महत्वपूर्ण गतिविधि माना जा रहा है।

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के समापन अवसर पर 28 अक्टूबर को इंदौर विभाग का वृहत एकत्रीकरण आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम डेली कॉलेज परिसर में शाम 4 बजकर 30 मिनट से होगा। इसमें इंदौर विभाग के पांचों जिलों के सक्रिय स्वयंसेवकों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। पथ संचलन को इस बड़े आयोजन की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। इसके माध्यम से स्वयंसेवक आगामी एकत्रीकरण के लिए जुट रहे हैं।

    इस एकत्रीकरण का ध्येय वाक्य चरैवेति-चरैवेति रखा गया है। इस संस्कृत वाक्य का आशय निरंतर आगे बढ़ते रहने से है। संघ के अनुसार इसका संदेश है कि स्वयंसेवक राष्ट्रकार्य को लगातार और समर्पण के साथ आगे बढ़ाते रहें। शताब्दी वर्ष पूरा होने के बाद भी समाज और राष्ट्र के लिए कार्य जारी रखने का संकल्प इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य बताया गया है।

    संघ की विचारधारा के मुताबिक राष्ट्र निर्माण के लिए व्यक्ति निर्माण और व्यक्ति परिवर्तन के माध्यम से समाज परिवर्तन पर जोर दिया जाता है। एकत्रीकरण में इसी विचार को आगे बढ़ाने और स्वयंसेवकों को भविष्य के कार्यों के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया जाएगा। संघ का कहना है कि भारत को परम वैभव पर प्रतिष्ठित करने के लक्ष्य के साथ स्वयंसेवक ऊर्जा और समर्पण से कार्य करते रहेंगे।

    इंदौर और महू क्षेत्र में हो रहे पथ संचलन के साथ अब 28 अक्टूबर को होने वाले वृहत एकत्रीकरण पर भी ध्यान केंद्रित है। पांच जिलों के सक्रिय स्वयंसेवकों की भागीदारी वाले इस कार्यक्रम के जरिए संघ अपने शताब्दी वर्ष के समापन को चिह्नित करेगा। फिलहाल विभिन्न बस्तियों और मंडलों में संचलन के आयोजन जारी हैं और स्वयंसेवक निर्धारित कार्यक्रमों के अनुसार इसमें भाग ले रहे हैं।

  • इंदौर में ऐतिहासिक चरण पादुका यात्रा: हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा, 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब

    इंदौर में ऐतिहासिक चरण पादुका यात्रा: हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा, 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब


    इंदौर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर इंदौर महानगर में धर्म, संस्कृति और सामाजिक समरसता का भव्य दृश्य देखने को मिला। पूरे शहर में दिनभर हिंदू सम्मेलनों का आयोजन हुआ, जबकि शाम को दास हनुमान बगीची से निकली चरण पादुका यात्रा ने श्रद्धा और आस्था का नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया। इस यात्रा में 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने सहभागिता की और जय सियाराम व हनुमानजी के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

    करीब ढाई किलोमीटर लंबी यह भव्य यात्रा चार घंटे से अधिक समय में संपन्न हुई। यात्रा दास हनुमान बगीची से प्रारंभ होकर बड़ा गणपति, टोरी कार्नर, लोहारपट्टी, कैलाश मार्ग, पंचकुईया और भूतेश्वर महादेव होते हुए पुनः दास हनुमान बगीची पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए 200 से अधिक स्वागत मंच और भव्य तोरण द्वार बनाए गए थे। जगह-जगह पुष्पवर्षा, प्रसाद वितरण और फलाहार की व्यवस्था ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया।यात्रा का सबसे आकर्षक दृश्य हेलिकॉप्टर से की गई पुष्पवर्षा रही, जिसने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। फूलों की वर्षा के बीच श्रद्धालु नाचते-गाते, झूमते-थिरकते हुए भक्ति में लीन नजर आए। बैंड-बाजे, भजन मंडलियां, हनुमत ढोल, धार्मिक झांकियां, अश्वारोही बालक और ऊंटों की उपस्थिति ने यात्रा को भव्य और अविस्मरणीय बना दिया।

    इस ऐतिहासिक चरण पादुका यात्रा में नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, सांसद शंकर लालवानी, पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय सहित अनेक जनप्रतिनिधि शामिल हुए। संत-महंत, महामंडलेश्वर, किन्नर समाज की मंडली और गौशालाओं के प्रतिनिधियों की सहभागिता ने सामाजिक समरसता का संदेश दिया।इससे पहले सुबह से ही इंदौर के विभिन्न क्षेत्रों में हिंदू सम्मेलनों की श्रृंखला शुरू हो गई थी। दूधिया ग्राम में आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए RSS के अखिल भारतीय व्यवस्था प्रमुख अनिल ओक ने मातृ शक्ति और समाज की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति शक्ति और करुणा का संतुलन सिखाती है और समय आने पर समाज को अपने धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए संगठित होना चाहिए।

    सम्मेलनों में संत-समाज ने सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़े रहने और सामाजिक एकता को मजबूत करने का आह्वान किया। मातृ शक्ति से जुड़े वक्ताओं ने पंच परिवर्तन और कुटुंब व्यवस्था को सशक्त बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रमों में बच्चों और युवाओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। दुर्गावाहिनी से जुड़ी बालिकाओं ने शस्त्र कला का प्रदर्शन कर लोगों का ध्यान खींचा।आयोजन के समापन पर भारत माता की आरती और समरसता भोज का आयोजन किया गया। संघ पदाधिकारियों के अनुसार, महानगर में आयोजित 251 हिंदू सम्मेलनों में लगभग 12 लाख लोगों की सहभागिता रही। आगामी 18 जनवरी को शेष सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा, जबकि 14 से 20 जनवरी तक जय सियाराम बाबा की प्रतिमा का प्रकटोत्सव भी मनाया जाएगा। यह आयोजन इंदौर के सामाजिक और सांस्कृतिक इतिहास में एक यादगार अध्याय बन गया है।