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  • LPG से हवाई यात्रा तक… 1 सितंबर से बदलेंगे ये 5 बड़े नियम, कार खरीदना भी होगा महंगा

    LPG से हवाई यात्रा तक… 1 सितंबर से बदलेंगे ये 5 बड़े नियम, कार खरीदना भी होगा महंगा


    नई दिल्ली। अगस्त का महीना खत्म होने वाला है और 1 सितंबर से देश में कई अहम बदलाव लागू होने जा रहे हैं। इनका असर सीधे आपकी रसोई के बजट, गैस कनेक्शन, हवाई यात्रा और कार खरीदने के खर्च पर पड़ सकता है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियां एलपीजी और एटीएफ की नई कीमतें जारी करेंगी, जबकि टाटा और हुंडई की कारें महंगी होने की तैयारी में हैं। वहीं, विदेश जाने वाले यात्रियों के लिए एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन प्रक्रिया भी आसान होने वाली है।

    1. LPG सिलेंडर के दाम बदलेंगे
    हर महीने की पहली तारीख को ऑयल मार्केटिंग कंपनियां एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। ऐसे में 1 सितंबर को घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के नए दाम जारी किए जा सकते हैं। अगस्त में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 202 रुपए की कटौती की गई थी, जबकि 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ था। सितंबर में होने वाला बदलाव सीधे घरेलू बजट पर असर डाल सकता है।

    2. LPG e-KYC के लिए 31 अगस्त तक मौका
    घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए e-KYC भी जरूरी है। IOCL, BPCL और HPCL ने e-KYC पूरा करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 तक बढ़ाई थी। अगर तय समय सीमा में e-KYC पूरी नहीं की जाती है, तो आगे गैस सिलेंडर की सुविधा या सब्सिडी से जुड़ी दिक्कत सामने आ सकती है। इसलिए जिन उपभोक्ताओं की KYC प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, उन्हें समय रहते इसे पूरा करना होगा।

    3. ATF के साथ CNG-PNG के दाम भी बदल सकते हैं
    हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF की कीमतों में संशोधन करती हैं। सितंबर में भी नई दरें जारी होने की उम्मीद है। ATF महंगा या सस्ता होने का असर एयरलाइंस की परिचालन लागत और आगे चलकर हवाई किराए पर पड़ सकता है। इसके अलावा कुछ शहरों में CNG और PNG की कीमतों में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।

    4. टाटा की कारें 25 हजार रुपए तक महंगी
    कार खरीदने वालों को सितंबर से झटका लग सकता है। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड 1 सितंबर 2026 से अपनी कारों और SUV की कीमतों में 25,000 रुपए तक की बढ़ोतरी करने वाली है।

    कंपनी के मुताबिक, यह बढ़ोतरी पेट्रोल-डीजल यानी ICE मॉडल के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी लागू होगी। हालांकि, कीमत में बढ़ोतरी मॉडल और वेरिएंट के हिसाब से अलग-अलग होगी। टाटा के अलावा हुंडई मोटर इंडिया ने भी इस साल कारों की कीमतों में तीसरी बार बढ़ोतरी का ऐलान किया है।

    5. विदेश जाने वालों के लिए एयरपोर्ट पर बदलेगा नियम
    विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए 1 सितंबर से इमिग्रेशन प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत से विदेश जाने वाले यात्रियों को इमिग्रेशन काउंटर पर बोर्डिंग पास पर स्टांप लगवाने की जरूरत नहीं होगी।

    यात्री मोबाइल पर इलेक्ट्रॉनिक बोर्डिंग पास या उसकी प्रिंटेड कॉपी दिखाकर इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। इससे एयरपोर्ट पर यात्रियों का समय बचने और प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।

    आपकी जेब पर सीधा असर
    सितंबर की शुरुआत में होने वाले इन बदलावों में सबसे सीधा असर LPG, कार और हवाई यात्रा से जुड़ा होगा। वहीं, CNG-PNG और ATF की कीमतों में होने वाले बदलाव का असर भी आने वाले दिनों में दिखाई दे सकता है।

  • करदाता को अब बताना होगा मकान मालिक से उसका क्या रिश्ता है…1 अप्रैल से बदलेंगे नियम

    करदाता को अब बताना होगा मकान मालिक से उसका क्या रिश्ता है…1 अप्रैल से बदलेंगे नियम

    Tax

    नई दिल्ली। सरकार (Government) ने नए आयकर अधिनियम, 2025 (New Income Tax Act, 2025) के तहत मसौदा आयकर नियम और फॉर्म जारी किए हैं, जिनमें किराया भत्ते (एचआरए) के दावों में पारदर्शिता बढ़ाने, विदेशी आय पर कर क्रेडिट के दावों की कड़ी जांच और ऑडिटर की जिम्मेदारी बढ़ाने का प्रस्ताव है। सरकार (Government) ने नए आयकर अधिनियम, 2025 (New Income Tax Act, 2025) के तहत मसौदा आयकर नियम और फॉर्म जारी किए हैं, जिनमें किराया भत्ते (एचआरए) के दावों में पारदर्शिता बढ़ाने, विदेशी आय पर कर क्रेडिट के दावों की कड़ी जांच और ऑडिटर की जिम्मेदारी बढ़ाने का प्रस्ताव है। नया आयकर अधिनियम एक अप्रैल, 2026 से लागू होगा। सरकार ने हितधारकों के लिए नियमों का मसौदा एवं फॉर्म जारी किए हैं। इसके आधार पर अंतिम नियम एवं फॉर्म अगले महीने अधिसूचित किए जाएंगे।

    नियमों के मसौदे के मुताबिक, नए फॉर्म 124 में करदाता को यह बताना होगा कि वह जिस मकान मालिक को किराया दे रहा है, उससे उसका कोई पारिवारिक या कोई अन्य संबंध तो नहीं है। फिलहाल एचआरए का दावा करते समय कर्मचारी अपने नियोक्ता को किराये का अनुमानित विवरण देता है, लेकिन मकान मालिक के साथ संबंध का खुलासा करना अनिवार्य नहीं है।


    फर्जी किराया दावों पर लगाम लगेगी

    कर विशेषज्ञों का मानना है कि मकान मालिक और किरायेदार के बीच के संबंधों का खुलासा अनिवार्य किए जाने से फर्जी या बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए गए किराया दावों पर अंकुश लगेगा। नांगिया ग्लोबल एडवाइजर्स फर्म में साझेदार संदीप झुनझुनवाला ने कहा, ‘यह प्रावधान वास्तविक व्यवस्थाओं को प्रभावित किए बगैर कृत्रिम दावों की पहचान में मदद करेगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और अनुचित दावों को खारिज करना आसान होगा।’


    किन्हें देनी होगी जानकारी?

    अगर आप सालाना एक लाख रुपए से ज्यादा किराया किसी मकान मालिक को देते हैं, तो आपको फॉर्म 124 में मकान मालिक के साथ अपना रिश्ता बताना होगा। यह नियम उन मामलों पर लागू होगा, जहां किराया पति या पत्नी, माता-पिता, भाई-बहन या दूसरे रिश्तेदारों को दिया जा रहा है।


    कौन-कौन सी जानकारी देनी होगी?

    एचआरए क्लेम करते समय वेतन पर काम करने वाले करदाताओं को मकान मालिक की ये जानकारी देनी होगी -नाम, पता, पैन, मकान मालिक से संबंध। इसका मकसद यह पक्का करना है कि रिश्तेदारों को दिए गए किराए के लिए एचआरए दावा असली और सत्यापित हो।


    परिवार को किराया देना अब भी मान्य

    नए नियम में परिवार के सदस्य को किराया देने पर रोक नहीं है। आप एचआरए छूट का दावा कर सकते हैं। इसके लिए जरूरी है – वैध किराया अनुबंध, किराया नगद की बजाय बैंक ट्रांसफर के जरिए देना होगा। मकान मालिक की तरफ से उस किराये की आय को अपने आयकर रिटर्न में दिखाना होगा।


    जानकारी न देने पर क्या होगा?

    अगर कोई टैक्सपेयर रिश्तेदारी की जानकारी नहीं देता या फर्जी दावा करता है, तो इसे आय की गलत रिपोर्टिंग माना जा सकता है। इसके लिए आयकर अधिनियम 2025 की धारा 439 के तहत टैक्स चोरी की राशि के 200% तक जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा भुगतान या मकान मालिक की आय में गड़बड़ी मिलने पर नोटिस भी मिल सकता है।


    ऑडिटर की भूमिका और सख्त की गई

    नियमों के मसौदे में विदेशी आय पर कर क्रेडिट के दावों के खुलासे के लिए ऑडिटर के साथ कंपनियों की भी जवाबदेही बढ़ाने का प्रस्ताव किया गया है। विदेशी आय पर कर क्रेडिट के दावों के लिए प्रस्तावित फॉर्म 44 में ऑडिटर की भूमिका और सख्त की गई है। अब चार्टर्ड अकाउंटेंट को विदेशी टैक्स कटौती प्रमाणपत्र, भुगतान का प्रमाण, विनिमय दर रूपांतरण और कर संधि की पात्रता की स्वतंत्र जांच करनी होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह उन मामलों में चुनौतीपूर्ण हो सकता है जहां विदेशी देशों में एकीकृत कर विवरण जारी होते हैं या कर को अलग वित्त वर्ष में अदा किया जाता है।


    कंपनियों के लिए सख्त पैन आवेदन प्रक्रिया

    मसौदा प्रस्ताव में कंपनियों के लिए पैन आवेदन प्रक्रिया भी सख्त की गई है। अब आवेदन करते समय यह घोषणा देना अनिवार्य होगा कि कंपनी के पास पहले से से कोई पैन नहीं है। शाखाओं, परियोजना कार्यालयों या पूर्ववर्ती इकाइयों के नाम पर पहले से पैन होने की स्थिति में दोहराव से बचने के लिए आंतरिक जांच जरूरी होगी। झुनझुनवाला ने कहा कि यह प्रावधान डेटाबेस की शुचिता मजबूत करेगा, लेकिन आवेदकों की जिम्मेदारी भी बढ़ाएगा।

    ऑडिटर की आपत्ति का असर बताना होगा
    नए कर ऑडिट फॉर्म 26 में यह अनिवार्य किया गया है कि वैधानिक ऑडिटर की रिपोर्ट में यदि कोई प्रतिकूल टिप्पणी, अस्वीकरण या पात्रता है तो उसका आय, हानि या बुक प्रॉफिट पर प्रभाव स्पष्ट किया जाए।

    उदाहरण के लिए, यदि राजस्व मान्यता, शेयर मूल्यांकन या प्रावधान में कमी पर आपत्ति दर्ज होती है, तो कर ऑडिटर को देखना होगा कि इससे कर-योग्य आय को कम करके तो नहीं दिखाया गया। इसके अलावा, कर ऑडिट रिपोर्ट में इस्तेमाल किए गए अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर, क्लाउड या सर्वर का विवरण, आईपी पता, डेटा भंडारण का देश और भारत में स्थित बैकअप सर्वर का पता भी बताना होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि नए प्रावधानों से अनुपालन की लागत बढ़ सकती है लेकिन इससे पारदर्शिता और जवाबदेही में मजबूती आने की संभावना है।