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  • अशोकनगर में बिजली कटौती पर फूटा गुस्सा: विधायक संग पावर हाउस पहुंचे ग्रामीण

    अशोकनगर में बिजली कटौती पर फूटा गुस्सा: विधायक संग पावर हाउस पहुंचे ग्रामीण


    मध्य प्रदेश। भीषण गर्मी के बीच Ashoknagar जिले में अघोषित बिजली कटौती को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। मंगलवार को कई गांवों के लोग कोलवा रोड स्थित पावर हाउस पहुंचे और बिजली विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में स्थानीय विधायक Hari Babu Rai भी शामिल हुए।

    ग्रामीणों ने बताया कि रात के समय अचानक बिजली काट दी जाती है, जिससे गर्मी में छोटे बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि लगातार बिजली जाने से बच्चों की तबीयत खराब हो रही है।

    विधायक हरी बाबू राय ने कहा कि पूरे क्षेत्र में रात के समय लगातार बिजली कटौती की जा रही है। विभाग से पूछने पर “भोपाल से लोड सेटिंग” का हवाला दिया जाता है। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में बिजली कटौती से लोगों की परेशानी बढ़ गई है और अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है।

    ग्रामीणों ने ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद समय पर बदलाव नहीं होने और बिजली बिलों में अनियमितता की शिकायत भी की। उनका कहना है कि महीनों तक ट्रांसफार्मर नहीं बदले जाते, जबकि बिल एक साथ आने से भुगतान करना मुश्किल हो जाता है।

    विधायक ने कहा कि वे इस मुद्दे को लेकर संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखेंगे और अघोषित बिजली कटौती बंद करने की मांग करेंगे।

  • बुरहानपुर में जल समस्या को लेकर प्रदर्शन: ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा

    बुरहानपुर में जल समस्या को लेकर प्रदर्शन: ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा

    ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत उनकी कॉलोनी को “अवैध” बताकर जिम्मेदारी से बच रही है, जबकि यहां रहने वाले परिवार वर्षों से टैक्स जमा कर रहे हैं। रहवासियों के मुताबिक गणेश कॉलोनी वर्ष 2006 में बसाई गई थी और यहां करीब 90 परिवार निवास करते हैं। इसके बावजूद आज तक स्थायी पेयजल व्यवस्था नहीं हो सकी है।

    मध्य प्रदेश। बुरहानपुर में पेयजल संकट को लेकर मंगलवार को बोरगांव पंचायत की गणेश कॉलोनी के ग्रामीण सड़क पर उतर आए। ग्रामीणों ने हाथों में तिरंगा लेकर कलेक्ट्रेट तक यात्रा निकाली और प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि पंचायत उनसे नियमित टैक्स तो वसूलती है, लेकिन बदले में पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधा तक उपलब्ध नहीं कराई जा रही।

    ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत उनकी कॉलोनी को “अवैध” बताकर जिम्मेदारी से बच रही है, जबकि यहां रहने वाले परिवार वर्षों से टैक्स जमा कर रहे हैं। रहवासियों के मुताबिक गणेश कॉलोनी वर्ष 2006 में बसाई गई थी और यहां करीब 90 परिवार निवास करते हैं। इसके बावजूद आज तक स्थायी पेयजल व्यवस्था नहीं हो सकी है।

    प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जिले को जल जीवन मिशन के तहत पुरस्कार मिल चुका है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात अलग हैं। कॉलोनी में लोग आज भी पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। कई बार पंचायत और सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करने के बाद भी समाधान नहीं निकला। हर बार कॉलोनी को अवैध बताकर मामला टाल दिया जाता है।

    ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि कॉलोनी के सभी परिवारों के लिए जल्द स्थायी जल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। अधिकारियों ने ग्रामीणों को जल्द निराकरण का आश्वासन दिया है।

    इसी जनसुनवाई के दौरान गंभीरपुरा ट्रस्ट को लेकर भी शिकायत सामने आई। कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एक ही व्यक्ति लंबे समय से ट्रस्ट के अध्यक्ष पद पर बना हुआ है और उसने अपने रिश्तेदारों को भी ट्रस्ट में शामिल कर लिया है। मामले को लेकर ग्रामीणों ने जांच की मांग उठाई।

    ग्रामीणों ने एसडीएम भागीरथ वाखला को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। प्रशासन की ओर से पूरे मामले की जांच कराने का भरोसा दिया गया है। वहीं, खैरखेड़ा निवासी जीवन पिता जोहर सिंह ने पूर्व विधायक रविंद्र महाजन के सांई बाबा शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान के कर्मचारियों पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया। अधिकारियों ने इस शिकायत पर भी जांच का आश्वासन दिया है।