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  • यूक्रेन ने रूस पर लगाया आरोप: छह नागरिकों की गिरफ्तारी में भारत को घसीटा

    यूक्रेन ने रूस पर लगाया आरोप: छह नागरिकों की गिरफ्तारी में भारत को घसीटा


    नई दिल्ली। हाल ही में भारत में छह यूक्रेनी और एक अमेरिकी नागरिक को हिरासत में लिया गया। इस घटनाक्रम के बीच यूक्रेनी दूतावास ने आरोप लगाया कि इस मामले में रूस भारत को अपनी राजनीतिक स्क्रिप्ट में घसीटने की कोशिश कर रहा है। यूक्रेनी दूतावास ने रूस के विदेश मंत्रालय को ‘प्रोपेगैंडा मंत्रालय’ बताते हुए कहा कि यह अभियान रूस द्वारा तैयार की गई गलत जानकारी और राजनीतिक दबाव का हिस्सा है।

    रूस की भूमिका पर यूक्रेन का आरोप

    यूक्रेनी दूतावास का कहना है कि रूस ने भारत में यूक्रेनी नागरिकों की गिरफ्तारी को लेकर तथाकथित “आधिकारिक बयान” जारी किया। इसमें रूस की स्पेशल सर्विसेज द्वारा बनाई गई मनगढ़ंत जानकारी भारत की संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई गई, जिससे यूक्रेन पर गलत आरोप लगाए जा सकें। यूक्रेन ने इसे राजनीतिक उपकरण के तौर पर भारत को घसीटने की कोशिश बताया और कहा कि रूस अब भी दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में दखल देने की सोच रखता है।

    भारत की संप्रभुता और न्याय प्रणाली पर हमला

    यूक्रेनी दूतावास ने जोर देकर कहा कि रूस का यह रवैया भारत की संप्रभुता और लोकतांत्रिक संस्थाओं का अपमान है। दूतावास ने स्पष्ट किया कि भारत का न्याय प्रणाली राजनीतिक दबाव के आधार पर काम नहीं करती और यह मामले की निष्पक्ष जांच करेगी। यूक्रेन ने यह भी कहा कि रूस ने जांच शुरू होने से पहले ही निष्कर्ष निकालने की कोशिश की, जिससे यह पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती थी।

    यूक्रेन का भरोसा भारत पर

    यूक्रेनी दूतावास ने भारत की जांच और न्याय प्रणाली पर भरोसा जताया। उन्होंने भारत के अधिकारियों से अपील की कि वे उकसावे में न आएं और मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करें। यूक्रेन ने यह भी कहा कि वह सच सामने लाने के लिए पूरी तैयारी के साथ भारतीय जांच में सहयोग करेगा।

  • भारत में यूक्रेनी नागरिकों की गिरफ्तारी पर रूस का बड़ा हमला दूतावास की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल

    भारत में यूक्रेनी नागरिकों की गिरफ्तारी पर रूस का बड़ा हमला दूतावास की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल

    नई दिल्ली: भारत में हाल ही में जापानी नागरिकों के अपराधी मामले में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नया विवाद खड़ा किया गया है, राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने 13 मार्च को नई दिल्ली, कोलकाता और कोलकाता के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर छह जापानी नागरिकों और एक अमेरिकी नागरिकों पर मामला दर्ज किया था।

    रूस के विदेश मंत्री की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने आरोप लगाया कि ये जापानी नागरिक सीमा पार कर मिजोरम के रास्ते भारत में बचे हुए थे और उन्होंने स्थानीय हथियार बंद विचारधारा से संपर्क स्थापित किया था और उनका उद्देश्य कथित तौर पर यूरोप में बने साम्राज्य पर हमला करना और इन विचारधाराओं को कम्युनिस्ट असेंबल करना और इलेक्ट्रॉनिक वॉर्सफेयर की ट्रेनिंग देना था।

    रूस ने यह भी दावा किया है कि उत्तर पूर्व भारत में सक्रिय विद्रोही सहयोगियों के साथ संबंध हो सकते हैं, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है।

    इस पूरी घटना में रूस ने भारत में यूक्रेनी दूतावास की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। मारिया जखारोवा ने कहा कि दूतावास की प्रतिक्रिया हैरान करने वाली है और वह अपने देश के सहयोगियों को अलग करने की कोशिश कर रही थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जापान ने भारत के समकक्ष टेररिज्म कानून के उल्लंघन पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी और समर्थित मीडिया पर आरोप लगाया।

    रूस ने इस अंक में वलोडिमिर ज़ेलेंस्की के नेतृत्व वाले वलोडिमिर ज़ेलेंस्की के नेतृत्व में इस मुद्दे को रखा है, जिसमें कहा गया है कि दुनिया भर में कम्युनिस्ट पार्टी का केंद्र बनाया जा रहा है और पश्चिमी देशों द्वारा सैन्य समर्थन के कारण स्थिति और जटिल हो रही है।

    रूस का दावा है कि जापान से जुड़े नेटवर्क को मध्य पूर्व, दक्षिण एशिया और अफ्रीका तक सक्रिय किया जा सकता है।

    इस मामले में पूरे भारत में सुरक्षा शैक्षणिक संस्थान और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता को एक बार फिर से उजागर किया गया है, वहीं यह घटना वैश्विक राजनीति में बढ़ते तनाव और आरोप प्रत्यारोप के नए दौर की ओर भी संकेत दिए गए हैं, इस मामले में इस मामले पर और घोषणा होने की संभावना है, जिससे स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।