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  • मऊगंज में भीषण सड़क हादसा: बाइक की टक्कर से साइकिल सवार 6 फीट उछला, 25 फीट दूर गिरकर मौत

    मऊगंज में भीषण सड़क हादसा: बाइक की टक्कर से साइकिल सवार 6 फीट उछला, 25 फीट दूर गिरकर मौत



    मऊगंज। मऊगंज जिले में रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। नईगढ़ी–मऊगंज रोड पर लालगंज तिराहे के पास तेज रफ्तार बाइक ने सामने से आ रही साइकिल को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक सवार दंपती गंभीर रूप से घायल हो गए।

    जानकारी के अनुसार डिहिया गांव निवासी 19 वर्षीय सुभाष कुमार साकेत उर्फ नीलू रविवार सुबह तेंदूपत्ता तोड़कर साइकिल से अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान सामने से आ रही तेज रफ्तार पल्सर बाइक ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि सुभाष करीब 6 फीट हवा में उछल गया और लगभग 25 फीट दूर जाकर सड़क पर गिरा। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास मौजूद लोग तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े।

    स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना एंबुलेंस और पुलिस को दी। मौके पर पहुंची टीम ने सभी घायलों को नईगढ़ी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने सुभाष को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद इलाके में आक्रोश और शोक का माहौल बन गया।

    वहीं बाइक सवार रहीश साहू (22) और उनकी पत्नी प्रीति साहू (21) भी गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक देखते हुए रीवा के संजय गांधी अस्पताल रेफर किया गया है। बताया जा रहा है कि दंपती अष्टभुजा धाम दर्शन के लिए जा रहे थे, तभी यह हादसा हो गया।

    पुलिस के अनुसार दुर्घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज सामने आई है, जिसमें हादसे की पूरी घटना कैद हुई है। इसी आधार पर मामले की जांच की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

  • कर्नाटक में CM पद पर सस्पेंस बरकरार: सिद्धारमैया बनाम डीके शिवकुमार की खींचतान तेज, कांग्रेस हाईकमान पर बढ़ा दबाव

    कर्नाटक में CM पद पर सस्पेंस बरकरार: सिद्धारमैया बनाम डीके शिवकुमार की खींचतान तेज, कांग्रेस हाईकमान पर बढ़ा दबाव



    नई दिल्ली। कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस के भीतर अंदरूनी टकराव एक बार फिर खुलकर सामने आता दिख रहा है। एक तरफ मौजूदा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया अपनी सरकार को मजबूत करने और कैबिनेट विस्तार पर जोर दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी नेतृत्व परिवर्तन की अपनी दावेदारी को लेकर सक्रिय हैं। इस पूरे मामले ने कांग्रेस हाईकमान के सामने एक नई राजनीतिक दुविधा खड़ी कर दी है।

    पार्टी के अंदर चल रही चर्चाओं के मुताबिक, सिद्धारमैया खेमे का फोकस कैबिनेट फेरबदल और खाली मंत्रिपदों को भरने पर है, जिससे सरकार और संगठन दोनों पर उनकी पकड़ मजबूत हो सके। उनका मानना है कि प्रशासनिक स्थिरता बनाए रखना अभी प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी तरह के नेतृत्व बदलाव को फिलहाल टाल देना चाहिए।

    दूसरी ओर, डीके शिवकुमार खेमे का दावा है कि संगठन को मजबूत करने और विधानसभा चुनाव में जीत दिलाने में उनकी भूमिका अहम रही है, इसलिए उन्हें भी मुख्यमंत्री पद पर अवसर मिलना चाहिए। उनके समर्थक लगातार “अगले मुख्यमंत्री” जैसे पोस्टर और सार्वजनिक कार्यक्रमों के जरिए दबाव बना रहे हैं।

    कांग्रेस आलाकमान के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि किसी एक पक्ष के समर्थन से दूसरे खेमे में असंतोष पैदा हो सकता है, जिससे राज्य में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ने का खतरा है। यही वजह है कि पार्टी फिलहाल “इंतजार करो और देखो” की रणनीति पर काम कर रही है।

    हालांकि, हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि इस मुद्दे पर लंबे समय तक टालमटोल करना मुश्किल हो सकता है। आने वाले दिनों में कांग्रेस हाईकमान को यह तय करना होगा कि सिद्धारमैया के नेतृत्व को जारी रखा जाए या फिर डीके शिवकुमार को कमान सौंपकर सत्ता संतुलन बदला जाए।

  • गोरखपुर में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का शिलान्यास, CM योगी बोले– यूपी अब विकास का मॉडल बन चुका है

    गोरखपुर में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का शिलान्यास, CM योगी बोले– यूपी अब विकास का मॉडल बन चुका है



    गोरखपुर। गोरखपुर में शनिवार को इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का भव्य शिलान्यास किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी मौजूद रहे। करीब 393 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह स्टेडियम CM योगी का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जा रहा है, जिसे 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

    “उत्तर प्रदेश अब सिर्फ संभावनाओं का नहीं, परिणामों का राज्य है” – हरदीप पुरी
    केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में जिस तरह विकास कार्यों ने रफ्तार पकड़ी है, वह देश के लिए उदाहरण बन गया है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था में सुधार से निवेश बढ़ा है और गोरखपुर का यह स्टेडियम युवाओं के सपनों को नई उड़ान देगा।

    18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य, अंतरराष्ट्रीय मैच की उम्मीद
    मंत्री पुरी ने दावा किया कि स्टेडियम का निर्माण तेजी से पूरा होगा और 18 महीने के भीतर इसे तैयार करने की कोशिश होगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में यहां IPL और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच आयोजित किए जा सकेंगे, जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश को नई पहचान मिलेगी।

    VIP कारपूल से पहुंचे रवि किशन, नेताओं ने दिखाई एकजुटता
    शिलान्यास समारोह में सांसद रवि किशन केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान और अन्य नेताओं के साथ कारपूल करके पहुंचे। इस दौरान गोरखपुर में खेल सुविधाओं के विस्तार और ग्रामीण स्तर पर स्टेडियम विकसित करने की योजनाओं पर भी चर्चा हुई।

    स्टेडियम से बदल जाएगी गोरखपुर की पहचान
    केंद्रीय राज्य मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि प्रदेश के हर जिले में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि गोरखपुर का यह स्टेडियम भविष्य में कई बड़े क्रिकेट सितारे तैयार करेगा और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती देगा।

  • यूपी का मौसम फिर करवट लेने को तैयार, 12 मई से आंधी-बारिश का नया दौर शुरू होने के आसार

    यूपी का मौसम फिर करवट लेने को तैयार, 12 मई से आंधी-बारिश का नया दौर शुरू होने के आसार



    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से जारी मौसम का उतार-चढ़ाव फिलहाल थम गया है और रविवार सुबह से पूरे प्रदेश में आसमान साफ रहा। तेज धूप के साथ दिन में गर्मी का असर बढ़ा है, हालांकि हल्की हवाओं के चलते फिलहाल गर्मी थोड़ी संतुलित बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को प्रदेश में कहीं भी बारिश या आंधी का अलर्ट नहीं है, लेकिन आने वाले दिनों में मौसम एक बार फिर बिगड़ने वाला है।

    मौजूदा पश्चिमी विक्षोभ का असर पूरी तरह समाप्त हो चुका है, जिसके चलते तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। शनिवार को कई जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि झांसी सबसे गर्म जिला रहा। वहीं पिछले 24 घंटे में पूरे प्रदेश में बारिश दर्ज नहीं की गई। तापमान में अचानक आए इस बदलाव से कई इलाकों में गर्मी का असर साफ महसूस किया जा रहा है।

    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 12 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे प्रदेश में फिर से मौसम बदल जाएगा। इस दौरान पूर्वी और पश्चिमी यूपी में बादल छाने के साथ आंधी, तेज हवाएं और बारिश के आसार हैं। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि और बिजली गिरने जैसी स्थिति भी बन सकती है। 13 और 14 मई को मौसम और ज्यादा सक्रिय रहने का अनुमान है, जबकि 15 मई तक कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश जारी रह सकती है।

    लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद और बरेली जैसे बड़े शहरों में भी तापमान लगातार बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में गर्मी और तेज होने की संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक पहाड़ी इलाकों में हो रहे मौसम बदलाव का सीधा असर यूपी पर पड़ रहा है, जिससे लगातार मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

    मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि अगले कुछ दिनों में बदलते मौसम को देखते हुए सतर्क रहें, खासकर तेज हवाओं और आंधी-बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें।

  • उज्जैन में निगम कर्मचारियों पर हंगामा, तलवार और लाठी लेकर किया हमला; महिला हिरासत में

    उज्जैन में निगम कर्मचारियों पर हंगामा, तलवार और लाठी लेकर किया हमला; महिला हिरासत में


    उज्जैन। नगरकोट मोहल्ले में शनिवार सुबह नगर निगम कर्मचारियों से विवाद इतना बढ़ गया कि एक व्यक्ति ने तलवार और लाठी निकालकर हमला कर दिया। मारपीट के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, जबकि पुलिस ने आरोपी के घर से एक महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

    सूत्रों के अनुसार, नगर निगम की कचरा संग्रहण गाड़ी रोज की तरह सुबह करीब 7:30 बजे मोहल्ले में पहुंची। गाड़ी के ड्राइवर का नाम कलीम और कचरा कर्मचारी का नाम जावेद बताया गया है। इस दौरान गीला और सूखा कचरा अलग न करने को लेकर विवाद शुरू हुआ। कर्मचारी ने समझाया, लेकिन आरोपी की बहस जल्द हिंसक रूप ले गई।

    मौके पर मौजूद दरोगा ने समझाइश देने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने हंगामा और धमकी बढ़ा दी। नगर निगम के कर्मचारी, अधिकारी और पुलिस तत्काल मौके पर पहुंचे, लेकिन आरोपी पहले ही फरार हो चुका था।

    पुलिस ने आरोपी के घर से एक महिला को हिरासत में लिया और उसे 112 की गाड़ी से चिमनगंज थाना ले जाया गया। महिला से पूछताछ जारी है। नगर निगम के नोडल अधिकारी ताराचंद मालवीय ने कहा कि कर्मचारियों ने सख्त कार्रवाई की मांग की है और मामले की जांच की जा रही है।

    यह घटना उज्जैन में सार्वजनिक सुरक्षा और निगम कर्मचारियों की सुरक्षा के सवाल खड़े करती है। अधिकारी चेतावनी दे रहे हैं कि निगम कार्यकर्ताओं के साथ इस तरह की हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।

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  • फरवरी की 'सर्द-गर्म' से रहें सावधान: 15 सालों में सबसे गर्म शुरुआत, बीमारियों से बचने के लिए अपनाएं ये जरूरी टिप्स

    फरवरी की 'सर्द-गर्म' से रहें सावधान: 15 सालों में सबसे गर्म शुरुआत, बीमारियों से बचने के लिए अपनाएं ये जरूरी टिप्स


    नई दिल्ली। फरवरी का महीना आते ही प्रकृति करवट बदलने लगती है। इस साल मौसम का मिजाज कुछ ज्यादा ही हैरान करने वाला है; जहाँ जनवरी पिछले छह सालों में सबसे गर्म रहा, वहीं फरवरी की शुरुआत ने भी पिछले 15 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। दिन में चुभती धूप और शाम होते ही सर्द हवाओं का यह ‘डबल अटैक’ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) पर सीधा हमला करता है। ऐसे में थोड़ी सी भी लापरवाही आपको अस्पताल पहुँचा सकती है।

    धूप से आकर तुरंत न चलाएं पंखा दोपहर के वक्त बाहर से आने पर अक्सर शरीर का तापमान बढ़ जाता है और हम तुरंत पंखा चला लेते हैं या एसी की तलाश करते हैं। डॉक्टर चेतावनी देते हैं कि ऐसा करना ‘सर्द-गर्म’ का मुख्य कारण बनता है। जब आप बाहर से आएं, तो कम से कम 10-15 मिनट शांति से बैठें ताकि शरीर का तापमान प्राकृतिक रूप से सामान्य हो जाए। इसी तरह, तेज धूप से लौटकर तुरंत ठंडा पानी पीना गले के संक्रमण और तेज बुखार को न्योता देना है।

    साफ-सफाई: फ्लू से बचने का सबसे बड़ा हथियार बदलते मौसम में वायरस और बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, संक्रमण से बचने के लिए हाथों की स्वच्छता (Hand Hygiene) सबसे महत्वपूर्ण है। अपनी हथेलियों, उंगलियों और नाखूनों को नियमित रूप से साबुन से धोएं। खांसते या छींकते समय रुमाल का प्रयोग करें और हाथों से बार-बार नाक या आंखों को छूने से बचें।

    सेहत बनाए रखने के अचूक उपाय: इस संक्रमण काल में खुद को सुरक्षित रखने के लिए अपनी दिनचर्या में ये छोटे बदलाव जरूर करें:
    बाहर के खुले या जंक फूड से परहेज करें और घर का बना ताजा भोजन ही लें।
    रात को सोने से पहले एक गिलास हल्दी वाला दूध पिएं, यह प्राकृतिक एंटीबायोटिक का काम करता है।कफ या गले में खराश महसूस होने पर केवल गुनगुना पानी ही पिएं।

     सुबह और शाम की ठंड को हल्के में न लें; पूरी बाजू के कपड़े पहनें। पैरों में संक्रमण से बचने के लिए अब बंद जूतों की जगह खुली चप्पलों का चुनाव किया जा सकता है।

    डॉक्टर की सलाह कब लें? बदलते मौसम में बच्चे और बुजुर्ग सबसे जल्दी संक्रमण की चपेट में आते हैं। यदि आपको या परिवार में किसी को भी दो दिन से अधिक समय तक बुखार, लगातार कफ या शरीर में अत्यधिक कमजोरी महसूस हो, तो इसे ‘मौसमी असर’ मानकर नजरअंदाज न करें। तुरंत अपने नजदीकी डॉक्टर से परामर्श लें ताकि समय रहते सही उपचार शुरू हो सके।

    फरवरी में दिन की गर्मी और रात की ठंड के कारण ‘सर्द-गर्म’ की समस्या बढ़ रही है। 15 साल की सबसे गर्म शुरुआत के बीच सर्दी-जुकाम और फ्लू का खतरा है। बचाव के लिए धूप से आकर तुरंत ठंडा पानी न पिएं, स्वच्छता का ध्यान रखें और इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए हल्दी वाले दूध का सेवन करें।

  • भिंड के शहीद हवलदार की अंतिम विदाई: 6 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि, पत्नी ने रोना-धोना बंद करने की दी हिम्मत

    भिंड के शहीद हवलदार की अंतिम विदाई: 6 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि, पत्नी ने रोना-धोना बंद करने की दी हिम्मत

    नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में सर्चिंग ऑपरेशन के दौरान हुए हादसे में शहीद हुए भिंड के हवलदार शैलेंद्र सिंह भदौरिया का शनिवार सुबह उनके पैतृक गांव चितावली (अटेर) में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान शहीद के 6 वर्षीय बेटे भावेश ने पिता को मुखाग्नि दी, वहीं शहीद की पत्नी शिवानी ने अदम्य साहस दिखाते हुए लोगों से कहा, “रोना-धोना बंद करो, कुछ नहीं होगा।”

    जब शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, तो अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।

    सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर सलामी दी। डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरने से शैलेंद्र सिंह समेत 10 जवान शहीद हुए थे।

    पत्नी का दर्दनाक लेकिन साहसी रुख
    शहीद की पत्नी शिवानी ने अपने पति के शव के पास बैठकर बार-बार बलाएं लेकर अपने पति के गाल चूमा और सभी को हिम्मत दी। उनका यह साहस देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। उन्होंने बताया कि 21 जनवरी की रात शैलेंद्र से आखिरी कॉल पर शैलेंद्र ने कहा था कि उन्हें डर लग रहा है। उन्होंने सपना देखा था कि उनकी बेटियाँ पढ़ाई के बावजूद सफल नहीं हो रही हैं, और परिवार शादी के लिए परेशान है। शिवानी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि रिटायरमेंट के बाद प्लॉट बेचकर बेटियों की शादी कर देंगे, लेकिन शैलेंद्र ने कहा, “मुझे बहुत डर लग रहा है, कुछ होने वाला है।”

    इसके बाद उनकी शहादत की खबर आई।

    परिवार की शौर्य गाथा: दादा भी थे शहीद
    शैलेंद्र के पिता हनुमत सिंह ने गर्व और आंसूओं के साथ बताया कि उनके तीनों बेटे सेना में हैं और शैलेंद्र उनके दूसरे बेटे थे। उन्होंने कहा कि उनका दादा भी 1972 में शहीद हुए थे, और आज उनका बेटा भी देश के लिए शहीद हुआ है।

    शहीद के बड़े भाई देव सिंह ने कहा कि परिवार को दुख है, लेकिन फौजी होने पर गर्व भी है। उन्होंने बताया कि वे तीनों भाई सेना में सेवा कर चुके हैं और देश रक्षा में शैलेंद्र की शहादत पर उन्हें गर्व है।

    अंतिम यात्रा में भावुक माहौल
    अंतिम यात्रा के दौरान लोगों ने फूलों की वर्षा की और “शैलेंद्र सिंह भदौरिया अमर रहें” के नारे लगाए। शमशान घाट पर जब मासूम भावेश ने पिता का शव देखा तो वह फूट-फूटकर रो पड़ा और मुखाग्नि देने से पहले पिता से लिपट गया। इस मौके पर मेजर अक्षय कुमार, एसडीएम शिवानी अग्रवाल, तहसीलदार जगन सिंह कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

    ब्रिगेडियर अमित वर्मा ने कहा कि पूरा आर्मी परिवार शहीद के परिजनों के साथ खड़ा है और परिवार को मिलने वाली सभी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

  • अमेरिका ने भारत पर टैरिफ घटाने का संकेत, वित्त मंत्री बेसेंट ने कहा-रूसी तेल खरीद घटने से बड़ी जीत

    अमेरिका ने भारत पर टैरिफ घटाने का संकेत, वित्त मंत्री बेसेंट ने कहा-रूसी तेल खरीद घटने से बड़ी जीत


    नई दिल्ली। अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि ट्रम्प सरकार भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ में से आधा हटाने पर विचार कर सकती है, क्योंकि भारत ने रूस से कच्चे तेल की खरीद काफी कम कर दी है। बेसेंट ने यह दावा किया कि 25% टैरिफ ने भारत की रूसी तेल खरीद घटाने में असर दिखाया है और अब राहत देने का रास्ता खुल सकता है। उन्होंने इसे अमेरिका की बड़ी जीत बताया और कहा कि टैरिफ अभी भी लागू हैं,
    लेकिन धीरे-धीरे इन्हें हटाने की संभावना है।

    अमेरिका ने अगस्त 2025 में भारत पर दो बार 25-25% टैरिफ लगाए थेपहला व्यापार घाटे के आधार पर और दूसरा रूस से तेल खरीदने के कारण। बेसेंट ने यह भी आरोप लगाया कि यूरोपीय देश भारत पर टैरिफ इसलिए नहीं लगा रहे क्योंकि वे भारत के साथ बड़े व्यापार समझौते के लिए इच्छुक हैं, जबकि यूरोप खुद रिफाइंड तेल खरीदकर रूस की मदद कर रहा है।

    बेसेंट 500% टैरिफ के प्रस्ताव पर भी बोले
    बेसेंट ने कहा कि रूसी तेल खरीदने पर 500% टैरिफ लगाने का प्रस्ताव सीनेटर ग्राहम ने रखा है, लेकिन ट्रम्प को इसकी जरूरत नहीं है।

    राष्ट्रपति के पास पहले से ही IEEPA कानून के तहत राष्ट्रीय आपात स्थिति का हवाला देकर अन्य देशों पर भारी आर्थिक प्रतिबंध लगाने का अधिकार है।

    भारत ने रूस से तेल खरीद घटाई, पर पूरी तरह नहीं रोकी
    अमेरिकी दावों के बावजूद भारत सरकार का कहना है कि रूस से तेल खरीद अभी भी जारी है और भारत अपनी ऊर्जा नीति अपने हितों के आधार पर तय करता है। हालिया आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2025 में भारत की रूस से तेल खरीद में गिरावट आई और वह तीसरे नंबर पर खिसक गया। वहीं तुर्की दूसरे सबसे बड़े खरीदार बन गया।

    चीन अभी भी रूस का सबसे बड़ा तेल खरीदार है।

    भारत की खरीद में गिरावट का कारण
    रूस ने अब तेल की छूट घटा दी है और अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत भी कम हो गई है, जिससे भारत के लिए रूस से तेल खरीदना पहले जैसा लाभकारी नहीं रहा। इसके अलावा शिपिंग, बीमा और भुगतान में दिक्कतें भी बढ़ीं। इसी वजह से भारत सऊदी, UAE और अमेरिका जैसे स्थिर सप्लायर्स से भी तेल खरीद बढ़ा रहा है।

    अमेरिका-भारत व्यापार वार्ता और टैरिफ में नरमी
    अमेरिका और भारत के बीच व्यापार समझौते की बातचीत चल रही है, ऐसे में टैरिफ घटाने के संकेत दोनों देशों के रिश्तों में नरमी की तरफ माना जा रहा है।
    अमेरिका के टैरिफ में राहत के संकेत से भारत-यूएस संबंधों में सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं, लेकिन रूस से तेल खरीद पर भारत की नीति अभी भी अपने हितों पर आधारित है।

  • राहुल गांधी की भारत विरोधी टोली; उमर खालिद को लेकर US सांसदों के पत्र पर BJP

    राहुल गांधी की भारत विरोधी टोली; उमर खालिद को लेकर US सांसदों के पत्र पर BJP

    नई दिल्‍ली। राजधानी दिल्ली में 2020 में हुए दंगों की साजिश रचने के आरोप में जेल में बंद उमर खालिद के समर्थन में अमेरिका के आठ सांसदों ने आवाज उठाई है। अमेरिका में विपक्ष में बैठी डेमोक्रेटिक पार्टी के आठ सांसदों ने यह पत्र अमेरिका में मौजूद भारत के राजदूत को सौंपा। अब इस पत्र को लेकर भारत में राजनीति शुरू हो गई है। भाजपा की तरफ पत्र लिखने वाली एक सांसद जेनिस शाकोव्स्की और राहुल गांधी की एक तस्वीर शेयर करते हुए कहा गया कि यह राहुल की भारत विरोधी टोली है।
    2024 में हुई इस मुलाकात के बारे में जानकारी देते हुए सत्तारूढ़ पार्टी ने कहा कि यह लोकसभा नेता प्रतिपक्ष के भारत विरोधी रुख का सबूत है।

    भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर राहुल गांधी और शाकोव्स्की और इल्हान उमर के साथ एक तस्वीर साझा की। गौरतलब है कि इल्हान उमर का भारत विरोधी रुख लगातार चर्चा में बना रहता है। इन तस्वीरों को शेयर करते हुए भंडारी ने लिखा, “जब भी विदेशों में भारत-विरोधी बातें फैलाई जाती हैं, तो एक नाम बार-बार सामने आता है… जो लोग भारत को कमजोर करना चाहते हैं, उसकी चुनी हुई सरकार को बदनाम करना चाहते हैं और उसके आतंकवाद-विरोधी कानूनों को कमजोर करना चाहते हैं, वे सब उसके इर्द-गिर्द इकट्ठा होते हैं।” हालांकि, इस दावे पर अभी तक कांग्रेस या राहुल गांधी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

    सोशल मीडिया साइट पर लिखे अपने पोस्ट में भंडारी ने दावा किया कि 2024 में राहुल गांधी की यात्रा के दौरान वह भारत विरोदी इल्हान उमर और शाकोव्स्की से मिले थे। इस दौरान उन्होंने इल्हान के साथ एक बिल पर भी चर्चा की थी। यह बिल विश्व में इस्लामोफोबिया की निगरानी और उससे निपटने तथा संबंधित मुद्दों के समाधान के लिए एक कार्यालय के गठन का प्रस्ताव था।

    राहुल गांधी पर साजिश का आरोप लगाते हुए भंडारी ने कहा कि उनकी टोली नए तरीके से काम करती है।

    उदाहरण देते हुए कहा कि 2024 में जेन शाकोवस्की और राहुल गांधी अमेरिका में मिलते हैं, इस मुलाकात में उनके साथ भारत विरोधी इल्हान भी शामिल होती है। इसके बाद जनवरी 2025 में इल्हान इंटरनेशनल स्तर पर इस्लामोफोबिया से मुकाबला करने का अधिनियम पेश करती हैं, जिसमें भारत को बदनाम करने की कोशिश की जाती है।

    2026 की जनवरी में वही जेन शकाव्स्की भारत सरकार को पत्र लिखकर उमर खालिद की रिहाई और केस को लेकर अपनी चिंता जताती हैं। याद रखिए उसी उमर खालिद पर जो कि दंगों के गंभीर आरोपों के चलते जेल में बंद है।
    अमेरिकी सांसदों ने क्या लिखा?

    डेमोक्रेटिक सांसद शाकोव्स्की और उनके आठ साथियों ने ने भारतीय राजदूत के माध्यम से सरकार को पत्र लिखकर उमर खालिद के मुकदमे को अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

    इन सांसदों ने अपने पत्रों में कहा कि उमर खालिद के ऊपर जो आतंकवाद के आरोप लगाए गए हैं, उनके कोई ठोस सबूत नहीं है। इतना ही नहीं मानवाधिकार संगठनों की तरफ से की गई जांच में भी खालिद को आतंकवादी गतिविधि से जोड़ने वाली कोई लिंक नहीं मिली है।

    गौरतलब है कि इन आठ सांसदों के पहले न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने भी उमर खालिद को लेकर पत्र लिखा था।