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  • सचिन, युवराज और गंभीर को टीम से बाहर करने पर सालों बाद चर्चा, संदीप पाटिल ने चयन प्रक्रिया से जुड़े अनुभव बताए

    सचिन, युवराज और गंभीर को टीम से बाहर करने पर सालों बाद चर्चा, संदीप पाटिल ने चयन प्रक्रिया से जुड़े अनुभव बताए

    नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में टीम चयन को लेकर हमेशा चर्चा होती रही है। किसी खिलाड़ी को टीम में जगह देना हो या किसी अनुभवी क्रिकेटर को बाहर बैठाने का फैसला लेना हो, चयनकर्ताओं के लिए यह जिम्मेदारी आसान नहीं होती। सचिन तेंदुलकर, युवराज सिंह और गौतम गंभीर जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के करियर में भी ऐसे दौर आए, जब उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा। इन फैसलों को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। अब पूर्व भारतीय क्रिकेटर और चयनकर्ता संदीप पाटिल ने चयन प्रक्रिया से जुड़े अपने अनुभवों के आधार पर इस तरह के फैसलों की परिस्थितियों पर चर्चा की है।

    संदीप पाटिल भारतीय क्रिकेट के उन पूर्व खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने मैदान पर खेलने के साथ-साथ चयनकर्ता की भूमिका भी निभाई। चयन समिति में रहते हुए उन्हें कई बार ऐसे फैसले लेने पड़े, जिनका सीधा असर स्थापित खिलाड़ियों के करियर पर पड़ता था। भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए प्रदर्शन, फिटनेस, टीम की जरूरत और उपलब्ध विकल्पों जैसे पहलुओं पर विचार किया जाता है। किसी खिलाड़ी का बड़ा नाम या पुराना रिकॉर्ड हमेशा उसकी जगह सुनिश्चित नहीं करता। चयनकर्ताओं के सामने यह चुनौती रहती है कि वे व्यक्तिगत लोकप्रियता के बजाय टीम के हित और मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखकर निर्णय लें।

    सचिन तेंदुलकर का करियर भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित अध्यायों में से एक रहा है। उन्होंने लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में देश का प्रतिनिधित्व किया और कई रिकॉर्ड बनाए। इसके बावजूद उनके करियर में भी ऐसे मौके आए, जब उनके चयन या टीम में भूमिका को लेकर चर्चा हुई। युवराज सिंह ने भारत की कई महत्वपूर्ण जीतों में योगदान दिया और सीमित ओवरों के क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई। वहीं, गौतम गंभीर ने भी भारतीय टीम के लिए अहम पारियां खेलीं। इन खिलाड़ियों के अनुभव बताते हैं कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लंबे समय तक प्रदर्शन करने के बावजूद टीम में जगह बनाए रखना लगातार चुनौतीपूर्ण रहता है।

    टीम चयन के फैसलों में केवल किसी खिलाड़ी का पिछला प्रदर्शन ही निर्णायक नहीं होता। चयनकर्ता यह भी देखते हैं कि टीम को किस तरह के संयोजन की जरूरत है, खिलाड़ी का हालिया प्रदर्शन कैसा है और आगामी मुकाबलों की परिस्थितियों के लिए कौन उपयुक्त होगा। कई बार किसी खिलाड़ी को बाहर रखने का फैसला अस्थायी होता है, जबकि कुछ परिस्थितियों में टीम में बदलाव लंबे समय के लिए भी हो सकता है। ऐसे फैसलों के कारण प्रशंसकों और पूर्व खिलाड़ियों के बीच बहस होना स्वाभाविक है, क्योंकि लोकप्रिय खिलाड़ियों से दर्शकों की भावनाएं जुड़ी रहती हैं।

    संदीप पाटिल के अनुभवों के संदर्भ में चयनकर्ताओं की जिम्मेदारी का एक और पहलू सामने आता है। खिलाड़ियों के साथ निजी संबंध, दोस्ती या व्यक्तिगत समीकरण चयन प्रक्रिया को प्रभावित नहीं करने चाहिए। चयनकर्ता का दायित्व टीम के लिए उपयुक्त खिलाड़ियों का चुनाव करना है, भले ही किसी फैसले से लोकप्रिय खिलाड़ी या उनके प्रशंसक निराश हों। हालांकि, सचिन तेंदुलकर, युवराज सिंह और गौतम गंभीर को टीम से बाहर किए जाने के अलग-अलग कारण रहे होंगे। इन तीनों के मामलों को एक जैसा मानना उचित नहीं है, क्योंकि उनके करियर, प्रदर्शन और टीम की जरूरतें अलग-अलग समय पर अलग थीं।

    भारतीय क्रिकेट में चयन को लेकर होने वाली चर्चाएं इस बात को रेखांकित करती हैं कि टीम बनाना केवल नामों का चुनाव नहीं, बल्कि परिस्थितियों और रणनीति के बीच संतुलन बनाने की प्रक्रिया है। संदीप पाटिल जैसे पूर्व खिलाड़ियों के अनुभव इस प्रक्रिया को समझने का अवसर देते हैं। किसी खिलाड़ी को टीम से बाहर रखने का फैसला उसके पूरे करियर का मूल्यांकन नहीं होता, बल्कि अक्सर किसी खास समय की जरूरतों और उपलब्ध विकल्पों से जुड़ा होता है। इसलिए पुराने चयन फैसलों को समझने के लिए उस समय की परिस्थितियों और संबंधित खिलाड़ियों के प्रदर्शन को भी ध्यान में रखना जरूरी है।

  • 35 की उम्र के बाद भी नहीं थमी विराट कोहली की रनों की भूख, 27 पारियों में 7 शतक, रिकॉर्ड बना रहा है दबदबा

    35 की उम्र के बाद भी नहीं थमी विराट कोहली की रनों की भूख, 27 पारियों में 7 शतक, रिकॉर्ड बना रहा है दबदबा


    नई दिल्ली। विराट कोहली का नाम वनडे क्रिकेट के उन बल्लेबाजों में शामिल है जिन्होंने लंबे समय तक अपने बल्ले से दुनिया भर के गेंदबाजों पर दबदबा बनाए रखा है। उम्र बढ़ने के साथ जहां आमतौर पर खिलाड़ियों के प्रदर्शन में गिरावट देखने को मिलती है वहीं विराट कोहली के आंकड़े एक अलग कहानी बयां करते हैं। 37 साल की उम्र में भी विराट की रनों की भूख कम होती नजर नहीं आ रही है। बल्कि 35 साल की उम्र के बाद वनडे क्रिकेट में उनके आंकड़े बताते हैं कि इस दौर में भी वह लगातार बड़ी पारियां खेलने में सफल रहे हैं।

    35 साल की उम्र के बाद विराट कोहली ने वनडे में 27 पारियां खेली हैं और इस दौरान उन्होंने 1555 रन बनाए हैं। इन रनों को उन्होंने 70.68 की शानदार औसत और 100.51 के स्ट्राइक रेट से बनाया है। इस दौरान विराट के बल्ले से सात शतक और नौ अर्धशतक भी निकले हैं। यानी 27 पारियों के छोटे से आंकड़े में ही उन्होंने 16 बार 50 या उससे ज्यादा रन बनाने का कारनामा किया है। यह आंकड़ा बताता है कि वनडे क्रिकेट में विराट की निरंतरता अब भी बरकरार है।

    विराट कोहली ने 27 सितंबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले में अपने वनडे करियर का 55वां शतक लगाया। इस पारी के दौरान उन्होंने वनडे क्रिकेट में 15000 रन भी पूरे किए और इस उपलब्धि तक पहुंचने के मामले में सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ दिया। विराट ने 15000 वनडे रन तक पहुंचने के लिए 287 पारियां लीं जबकि सचिन तेंदुलकर को इस मुकाम तक पहुंचने में 361 पारियां लगी थीं। इस तरह विराट ने 74 पारियां कम खेलकर यह आंकड़ा हासिल किया।

    विराट के नाम अब वनडे क्रिकेट में 55 शतक हैं और यह संख्या अपने आप में उनकी बल्लेबाजी की निरंतरता को दिखाती है। हालांकि सचिन तेंदुलकर के वनडे करियर में 18426 रन दर्ज हैं और इस मामले में विराट अभी काफी पीछे हैं। वनडे क्रिकेट में मैचों की संख्या और कार्यक्रम पहले की तुलना में कम होने के कारण दोनों खिलाड़ियों के करियर आंकड़ों की सीधी तुलना करना आसान नहीं है।

    विराट और सचिन की तुलना क्रिकेट में अक्सर होती रही है लेकिन केवल आंकड़ों के आधार पर यह तय करना मुश्किल है कि दोनों में कौन बेहतर है। दोनों बल्लेबाज अलग-अलग दौर में खेले और उनके सामने क्रिकेट की परिस्थितियां भी अलग रहीं। सचिन ने अपने लंबे करियर में कई पीढ़ियों के गेंदबाजों का सामना किया जबकि विराट ने आधुनिक दौर के क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई है।

    फिलहाल विराट कोहली का ध्यान आगे भी रन बनाने और भारतीय क्रिकेट के लिए बड़े मुकाबलों में योगदान देने पर है। 35 साल की उम्र के बाद सात वनडे शतक और 1555 रन यह जरूर दिखाते हैं कि अनुभव के साथ उनकी बल्लेबाजी में निरंतरता बनी हुई है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले मुकाबलों में विराट अपने आंकड़ों में और कितना इजाफा करते हैं।

  • विराट कोहली के पास एक साथ कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ने का मौका! 15000 ODI रन से सिर्फ 59 रन दूर

    विराट कोहली के पास एक साथ कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ने का मौका! 15000 ODI रन से सिर्फ 59 रन दूर

    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली एक बार फिर मैदान पर उतरने के लिए तैयार हैं। भारत और वेस्टइंडीज के बीच 27 सितंबर से तीन मैचों की वनडे सीरीज शुरू होने जा रही है और इस सीरीज में क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें विराट कोहली पर टिकी रहेंगी। टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके विराट अब वनडे फॉर्मेट पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। ऐसे में वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली यह सीरीज उनके लिए खास हो सकती है। साल 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप से पहले विराट के पास अपनी लय बनाए रखने के साथ साथ कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम करने का मौका है।

    विराट कोहली वनडे क्रिकेट में 15000 रन पूरे करने से सिर्फ 59 रन दूर हैं। उन्होंने अब तक 302 पारियों में 58.59 की शानदार औसत से 14941 रन बनाए हैं। अगर वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में विराट 59 रन बना लेते हैं तो वह वनडे क्रिकेट में 15000 रन पूरे करने वाले दुनिया के केवल दूसरे बल्लेबाज बन जाएंगे। उनसे पहले यह उपलब्धि महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर हासिल कर चुके हैं। सचिन के नाम वनडे क्रिकेट में 18426 रन दर्ज हैं। इस लिहाज से विराट के लिए आगामी सीरीज का हर रन एक नए रिकॉर्ड की ओर कदम होगा।

    विराट के पास भारत की धरती पर भी सचिन तेंदुलकर के एक बड़े रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने का मौका है। घरेलू मैदान पर विराट ने अब तक 130 वनडे मैचों में 62.42 की औसत से 6867 रन बनाए हैं। वहीं सचिन तेंदुलकर ने भारत में वनडे क्रिकेट खेलते हुए 6976 रन बनाए हैं। विराट को इस आंकड़े को पार करने के लिए 110 रन की जरूरत है। अगर वह वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में 110 रन बना लेते हैं तो भारत में सबसे ज्यादा वनडे रन बनाने के मामले में सचिन से आगे निकल सकते हैं।

    विराट कोहली के लिए वेस्टइंडीज के खिलाफ शतक भी एक बड़ी उपलब्धि लेकर आ सकता है। कोहली ने श्रीलंका के खिलाफ वनडे क्रिकेट में 10 शतक लगाए हैं। किसी एक टीम के खिलाफ 10 वनडे शतक लगाने वाले वह दुनिया के इकलौते बल्लेबाज हैं। वहीं वेस्टइंडीज के खिलाफ विराट के नाम फिलहाल 9 वनडे शतक दर्ज हैं। अगर आगामी सीरीज में उनके बल्ले से एक और शतक निकलता है तो वह दो अलग अलग टीमों के खिलाफ 10 या उससे ज्यादा वनडे शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बन जाएंगे।

    विराट कोहली आखिरी बार इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भारतीय टीम की जर्सी में नजर आए थे। अब लंबे अंतराल के बाद उनकी वापसी का इंतजार खत्म होने वाला है। वनडे क्रिकेट में अपनी जगह बनाए रखने के साथ विराट के सामने कई व्यक्तिगत उपलब्धियां भी हैं। 27 सितंबर से शुरू होने वाली सीरीज इसलिए भी महत्वपूर्ण होगी क्योंकि इसके प्रदर्शन पर प्रशंसकों की नजर रहेगी और विराट के सामने एक साथ कई रिकॉर्ड तक पहुंचने का मौका होगा।

    भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज में विराट की बल्लेबाजी पर खास निगाहें रहेंगी। 59 रन उन्हें 15000 वनडे रनों के क्लब में पहुंचा सकते हैं जबकि 110 रन उन्हें भारत में सबसे ज्यादा वनडे रन बनाने के सचिन तेंदुलकर के आंकड़े के करीब ले जाएंगे। इसके अलावा एक शतक वेस्टइंडीज के खिलाफ उनके 10 शतकों का आंकड़ा पूरा कर सकता है। ऐसे में सीरीज शुरू होने से पहले ही विराट के रिकॉर्ड्स की चर्चा ने क्रिकेट प्रशंसकों के बीच उत्सुकता बढ़ा दी है।

  • सचिन का वर्ल्ड रिकॉर्ड अब जो रूट के नाम 69 अर्धशतकों के साथ दिग्गज बल्लेबाजों की लिस्ट में मचाई हलचल

    सचिन का वर्ल्ड रिकॉर्ड अब जो रूट के नाम 69 अर्धशतकों के साथ दिग्गज बल्लेबाजों की लिस्ट में मचाई हलचल


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जो रूट ने टेस्ट क्रिकेट में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। पाकिस्तान के खिलाफ तीसरे टेस्ट मैच में रूट ने ऐसी शानदार पारी खेली जिसने इंग्लैंड को जीत दिलाने के साथ उनके नाम एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी दर्ज कर दिया। रूट ने 69 गेंदों में नाबाद 62 रन बनाए और इसी पारी के दौरान उन्होंने भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का 13 साल पुराना रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। अब जो रूट टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं।

    पाकिस्तान ने इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 130 रन का लक्ष्य रखा था। लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही और टीम ने अपने शुरुआती विकेट गंवा दिए। इसके बाद जो रूट ने जिम्मेदारी संभाली और शानदार अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला। रूट ने बिना किसी दबाव के रन बनाए और अपनी पारी को अर्धशतक में बदल दिया। जैसे ही उन्होंने 50 रन का आंकड़ा पार किया वैसे ही उनका नाम क्रिकेट इतिहास के एक खास रिकॉर्ड के साथ जुड़ गया।

    जो रूट की यह टेस्ट क्रिकेट में 69वीं फिफ्टी थी। इससे पहले सबसे ज्यादा टेस्ट अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था। सचिन ने अपने शानदार टेस्ट करियर में 68 अर्धशतक लगाए थे। रूट ने अब 69वीं फिफ्टी पूरी करके सचिन को पीछे छोड़ दिया है। इस सूची में वेस्टइंडीज के दिग्गज शिवनारायण चंद्रपॉल 66 अर्धशतकों के साथ तीसरे स्थान पर हैं। भारत के राहुल द्रविड़ और ऑस्ट्रेलिया के एलन बॉर्डर के नाम 63 63 टेस्ट अर्धशतक दर्ज हैं।

    रूट की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि सचिन तेंदुलकर का यह रिकॉर्ड लंबे समय से कायम था। सचिन ने 2013 में टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा था और उसके बाद से कई बड़े बल्लेबाज इस रिकॉर्ड के करीब पहुंचे लेकिन कोई भी इसे पार नहीं कर सका। अब इंग्लैंड के पूर्व कप्तान जो रूट ने लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए यह मुकाम हासिल कर लिया है। उनकी बल्लेबाजी में निरंतरता उनकी सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है और यही वजह है कि वह टेस्ट क्रिकेट के कई बड़े रिकॉर्ड के आसपास लगातार नजर आ रहे हैं।

    पाकिस्तान के खिलाफ इसी मुकाबले में रूट ने एक और खास उपलब्धि अपने नाम की। उन्होंने एजबेस्टन के मैदान पर टेस्ट क्रिकेट में अपने 1000 रन पूरे कर लिए। यह दुनिया का चौथा मैदान है जहां रूट ने टेस्ट क्रिकेट में एक हजार या उससे ज्यादा रन बनाए हैं। इससे पहले लॉर्ड्स मैनचेस्टर और द ओवल में भी वह यह कारनामा कर चुके हैं। उनके अलावा केवल जैक कैलिस और रिकी पोंटिंग ही चार अलग अलग मैदानों पर टेस्ट में 1000 से ज्यादा रन बनाने की उपलब्धि हासिल कर सके हैं।

    इस मुकाबले का नतीजा भी इंग्लैंड के लिए बेहद खास रहा। इंग्लैंड ने पाकिस्तान को आठ विकेट से हराकर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप कर लिया। पाकिस्तान पहली पारी में केवल 133 रन पर सिमट गया था। इसके बाद दूसरी पारी में टीम ने वापसी करते हुए 449 रन बनाए जिसमें शान मसूद ने 95 बाबर आजम ने 76 और रजाउल्लाह ने 81 रन की पारी खेली। इसके बावजूद इंग्लैंड की पहली पारी का 453 रन का स्कोर निर्णायक साबित हुआ और पाकिस्तान ने इंग्लैंड के सामने केवल 130 रन का लक्ष्य रखा।

    इंग्लैंड ने इस लक्ष्य को सिर्फ दो विकेट गंवाकर हासिल कर लिया। जो रूट 62 रन बनाकर नाबाद रहे जबकि जॉर्डन कॉक्स ने भी 59 रन की नाबाद पारी खेली। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने पाकिस्तान का सीरीज में पूरी तरह सफाया कर दिया और जो रूट ने अपने बल्ले से एक ऐसा रिकॉर्ड बना दिया जो टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में लंबे समय तक चर्चा में रहने वाला है।

  • विदेशी पिचों पर सचिन या कोहली कौन बेहतर? एबी डिविलियर्स की राय ने बढ़ाई चर्चा, आंकड़ों में किसका पलड़ा भारी

    विदेशी पिचों पर सचिन या कोहली कौन बेहतर? एबी डिविलियर्स की राय ने बढ़ाई चर्चा, आंकड़ों में किसका पलड़ा भारी

    नई दिल्ली । सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली भारतीय क्रिकेट के ऐसे दो नाम हैं जिनकी तुलना अक्सर होती रही है। दोनों ने अलग-अलग दौर में भारतीय बल्लेबाजी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और दुनिया के मुश्किल क्रिकेटिंग हालात में अपनी काबिलियत साबित की। अब दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान एबी डिविलियर्स ने दोनों दिग्गजों की विदेशी परिस्थितियों में सफलता को लेकर अपनी राय रखी है। डिविलियर्स की टिप्पणी के बाद एक बार फिर यह बहस तेज हो गई है कि सचिन और विराट में आखिर बेहतर बल्लेबाज कौन था।

    डिविलियर्स ने सचिन तेंदुलकर की उपलब्धियों को कमतर आंकने के बजाय यह कहा कि सचिन ने भारतीय बल्लेबाजों के लिए एक रास्ता तैयार किया था। उनके मुताबिक सचिन उन शुरुआती भारतीय बल्लेबाजों में थे जिन्होंने यह विश्वास पैदा किया कि उपमहाद्वीप से आने वाला बल्लेबाज तेज गेंदबाजों की उछाल और सीम वाली परिस्थितियों में भी सफल हो सकता है। हालांकि डिविलियर्स का मानना है कि विराट कोहली ने इसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए उसे एक अलग स्तर तक पहुंचाया।

    डिविलियर्स की बात का सबसे चर्चित हिस्सा यही रहा कि उन्होंने विराट कोहली को विदेशी परिस्थितियों में सचिन से अधिक मजबूत बताया। उनकी राय के मुताबिक कोहली ने विदेशों में भारतीय बल्लेबाजी के आत्मविश्वास को और बढ़ाया और टीम इंडिया को विदेशी मैदानों पर एक मजबूत टेस्ट टीम बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस बयान ने सोशल मीडिया और क्रिकेट जगत में सचिन बनाम विराट की पुरानी बहस को फिर हवा दे दी है।

    हालांकि अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो तस्वीर थोड़ी अलग दिखाई देती है। सचिन तेंदुलकर ने 200 टेस्ट मैचों में 15,921 रन बनाए और टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने हुए हैं। उनके टेस्ट करियर का बड़ा हिस्सा विदेशी मैदानों पर भी सफल रहा। आंकड़ों के अनुसार सचिन ने दक्षिण अफ्रीका इंग्लैंड न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में 63 टेस्ट खेलकर 51.30 की औसत से 5,387 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 17 शतक और 23 अर्धशतक लगाए।

    वहीं विराट कोहली ने 123 टेस्ट मैचों में 9,230 रन बनाए। भारत के बाहर खेले गए 66 टेस्ट में उनके नाम 4,774 रन दर्ज हैं। चार प्रमुख विदेशी देशों दक्षिण अफ्रीका इंग्लैंड न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में कोहली ने 46 टेस्ट मैचों में 42.08 की औसत से 3,661 रन बनाए। उनके नाम इन परिस्थितियों में 12 शतक और 14 अर्धशतक रहे। यानी कुल विदेशी आंकड़ों में सचिन का पलड़ा मजबूत नजर आता है जबकि डिविलियर्स ने कोहली के प्रभाव और उनके दौर में भारतीय टीम की मानसिकता में आए बदलाव को अधिक महत्व दिया।

    डिविलियर्स ने मौजूदा भारतीय बल्लेबाजों का भी जिक्र किया और कहा कि सचिन और विराट ने अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए मिसाल कायम की। केएल राहुल और देवदत्त पडिक्कल जैसे बल्लेबाजों को उन्होंने इसी परंपरा का हिस्सा बताया। हालांकि राहुल की विदेशी टेस्ट बल्लेबाजी पर उन्होंने सुधार की गुंजाइश भी बताई। डिविलियर्स के मुताबिक राहुल की तकनीक शानदार है लेकिन विदेशों में उनके औसत से ज्यादा की उम्मीद की जाती है। उन्होंने सलाह दी कि राहुल जब क्रीज पर जम जाएं तो अपनी पारियों को बड़े स्कोर में बदलें और शतक के बाद भी बल्लेबाजी जारी रखते हुए 150 से 180 रन जैसे बड़े स्कोर बनाने की कोशिश करें।

    दरअसल सचिन और विराट की तुलना सिर्फ आंकड़ों से पूरी तरह तय नहीं हो सकती। सचिन ने ऐसे दौर में भारतीय क्रिकेट को विश्व मंच पर स्थापित किया जब विदेशी परिस्थितियों में भारतीय बल्लेबाजों के सामने कई तरह की चुनौतियां थीं। विराट ने उसी आधार को आगे बढ़ाते हुए फिटनेस आक्रामकता और विदेशी जीत की मानसिकता को नई पहचान दी। इसलिए डिविलियर्स का बयान किसी एक खिलाड़ी को पूरी तरह महान साबित करने के बजाय दोनों की विरासत और उनके प्रभाव के अलग-अलग पहलुओं को सामने रखता है। यही वजह है कि सचिन बनाम विराट की बहस शायद क्रिकेट प्रशंसकों के बीच कभी खत्म नहीं होने वाली।

  • भारत का सबसे महान क्रिकेटर कौन? अजिंक्य रहाणे ने लिया सचिन तेंदुलकर का नाम, बताया क्यों हैं सभी युगों के महान खिलाड़ी

    भारत का सबसे महान क्रिकेटर कौन? अजिंक्य रहाणे ने लिया सचिन तेंदुलकर का नाम, बताया क्यों हैं सभी युगों के महान खिलाड़ी


    नई दिल्ली। भारत में क्रिकेट को लेकर जब भी महान खिलाड़ियों की चर्चा होती है तो सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली जैसे नाम सबसे पहले सामने आते हैं। दोनों ने अलग अलग दौर में भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयां दी हैं और दुनियाभर में अपनी पहचान बनाई है। ऐसे में जब पूर्व भारतीय बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे से भारत के सबसे महान क्रिकेटर का नाम पूछा गया तो उनके सामने आसान सवाल नहीं था। हालांकि काफी सोचने के बाद रहाणे ने जिस खिलाड़ी का नाम लिया वह क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर हैं।

    हाल ही में क्रिकेट से संन्यास लेने वाले अजिंक्य रहाणे ने स्टिक टू क्रिकेट के एक एपिसोड में भारत के ऑल टाइम महान क्रिकेटर को लेकर अपनी पसंद बताई। उनसे जब पूछा गया कि भारत का अब तक का सबसे महान क्रिकेटर कौन है तो उन्होंने कहा कि एक नाम चुनना काफी मुश्किल है लेकिन शायद सचिन तेंदुलकर। रहाणे ने सचिन को सभी युगों का महान खिलाड़ी बताया। उनके इस जवाब ने एक बार फिर सचिन तेंदुलकर की महानता और भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान को चर्चा के केंद्र में ला दिया।

    रहाणे की सचिन से मुलाकात केवल एक प्रशंसक और महान खिलाड़ी के तौर पर नहीं रही है। उन्हें कई बार सचिन के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने का मौका भी मिला। रहाणे ने 2011 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था और इसके बाद भारतीय टीम में अपनी जगह बनाई। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने भारत के मजबूत मध्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और विराट कोहली तथा चेतेश्वर पुजारा जैसे खिलाड़ियों के साथ लंबे समय तक टीम का हिस्सा रहे।

    सचिन के साथ रहाणे का जुड़ाव घरेलू क्रिकेट और आईपीएल तक भी रहा। 2009 के आईपीएल सीजन में दोनों मुंबई इंडियंस की टीम में साथ थे। इसके अलावा घरेलू क्रिकेट में भी दोनों ने मुंबई के लिए साथ खेला। रहाणे को भारत की ओर से सचिन के साथ टेस्ट मैच खेलने का अवसर भी मिला। ऐसे में सचिन के खेल को करीब से देखने वाले रहाणे के लिए उन्हें भारत का महानतम क्रिकेटर चुनना काफी खास माना जा रहा है।

    सचिन तेंदुलकर का अंतरराष्ट्रीय करियर करीब 24 वर्षों तक चला। उन्होंने 1989 में महज 16 वर्ष की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। इसके बाद उन्होंने भारतीय क्रिकेट को कई ऐतिहासिक उपलब्धियां दिलाईं। सचिन ने कुल 664 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले जिनमें 200 टेस्ट 463 वनडे और एक टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला शामिल है।

    टेस्ट क्रिकेट में सचिन के नाम 15,921 रन हैं जबकि वनडे क्रिकेट में उन्होंने 18,426 रन बनाए। वह टेस्ट और वनडे दोनों प्रारूपों में लंबे समय तक सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। उनका नाम क्रिकेट इतिहास में कई ऐसे रिकॉर्ड के साथ दर्ज है जिन्हें हासिल करना किसी भी बल्लेबाज के लिए बेहद कठिन माना जाता है। वह दुनिया के इकलौते खिलाड़ी हैं जिन्होंने 200 टेस्ट मैच खेले हैं।

    सचिन के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में 2011 वनडे विश्व कप जीत भी शामिल है। भारतीय टीम ने घरेलू मैदान पर विश्व कप अपने नाम किया और सचिन के लिए यह ट्रॉफी उनके लंबे करियर की सबसे भावुक उपलब्धियों में से एक रही। उन्होंने वर्षों तक विश्व कप जीतने का सपना देखा था और आखिरकार 2011 में यह सपना पूरा हुआ।

    विराट कोहली भी आधुनिक क्रिकेट के सबसे बड़े बल्लेबाजों में शामिल हैं और उनकी उपलब्धियों की तुलना अक्सर सचिन से की जाती है। इसके बावजूद रहाणे ने अपने ऑल टाइम महान क्रिकेटर के रूप में सचिन का नाम चुना है। उनका यह चयन इस बात को दर्शाता है कि सचिन तेंदुलकर का प्रभाव केवल उनके आंकड़ों तक सीमित नहीं रहा बल्कि उन्होंने कई पीढ़ियों के क्रिकेटरों को प्रेरित किया है।

  • आईपीएल डेब्यू में चमके अर्जुन तेंदुलकर, बेटे की शानदार गेंदबाजी देख गर्व से भर उठे सचिन तेंदुलकर

    आईपीएल डेब्यू में चमके अर्जुन तेंदुलकर, बेटे की शानदार गेंदबाजी देख गर्व से भर उठे सचिन तेंदुलकर


    नई दिल्ली ।  अर्जुन तेंदुलकर को आखिरकार आईपीएल 2026 में एक मैच खेलने का मौका मिला और उन्होंने इस मुकाबले में ऐसा परफॉर्मेंस दिया कि पिता सचिन तेंदुलकर की छाती चौड़ी हो गई। अर्जुन तेंदुलकर को आईपीएल 2026 की नीलामी में लखनऊ सुपर जाएंट्स ने 30 लाख में खरीदा था। पूरा सीजन बेंच गर्म करने के बाद उन्हें एलएसजी के आखिरी लीग स्टेज मुकाबले में डेब्यू करना का मौका मिला। पंजाब किंग्स के खिलाफ उन्होंने धमाल मचा दिया। अर्जुन इससे पहले मुंबई इंडियंस के साथ थे, 2023 में उनका आईपीएल डेब्यू हुआ था।
    LSG vs PBKS मैच में दोनों टीमों ने मिलकर 396 रन बनाए, हर गेंदबाज की जमकर कुटाई हुई। मगर अर्जुन तेंदुलकर उन चुनिंदा गेंदबाजों में रहे जिन्होंने 10 से कम की इकॉनमी से रन खर्च किए।
    अर्जुन तेंदुलकर ने अपने 4 ओवर के कोटे में मात्र 36 रन खर्च कर 1 विकेट चटकाया। यह विकेट उन्हें प्रभसिमरन सिंह के रूप में मिला, जिन्हें उन्होंने अपनी कातिलाना यॉर्कर पर आउट किया। अर्जुन को इससे पहले ही एक और विकेट मिल जाता, मगर विकेट के पीछे ऋषभ पंत मुश्किल कैच को पकड़ नहीं पाए।
    अर्जुन तेंदुलकर की इस परफॉर्मेंस की तारीफ करते हुए पिता सचिन तेंदुलकर ने लिखा, ‘बहुत बढ़िया, अर्जुन। इस सीजन में जिस तरह से तुमने खुद को संभाला है, हमेशा अपनी काबिलियत पर भरोसा रखा, सब्र रखा, चुपचाप मेहनत की, और आखिरी मैच तक अपने मौके का इंतजार करने के बावजूद पॉजिटिव बने रहे, उस पर मुझे गर्व है। क्रिकेट में स्किल के साथ-साथ सब्र भी टेस्ट होता है, और तुमने आज दोनों को बहुत अच्छे से संभाला। अपने पैर जमीन पर रखो, और हमेशा की तरह खेल से प्यार करते रहो। हमेशा प्यार।’
    लखनऊ सुपर जाएंट्स ने इस मैच में पहले बैटिंग करते हुए 196 रन बोर्ड पर लगाए थे। सलामी बल्लेबाज जोश इंग्लिस ने 72 रनों की धुआंधार पारी खेली थी। इस स्कोर का पीछा पंजाब किंग्स ने आखिरी गेंद पर किया, कप्तान श्रेयस अय्यर ने शानदार शतकीय पारी खेली और वह अंत तक नाबाद रहे। अय्यर ने आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर अपना शतक पूरा किया और पंजाब को जीत दिलाई। अय्यर के अलावा प्रभसिमरन सिंह 39 गेंदों पर 69 रनों की धुआंधार पारी खेली। ने पंजाब किंग्स इस जीत के साथ प्लेऑफ की दौड़ में बनी हुई है।
  • सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन की शादी: सानिया चंडोक संग मुंबई में रचाई जोड़ी, अमिताभ, अंबानी, धोनी-द्रविड़ समेत सितारे हुए शामिल

    सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन की शादी: सानिया चंडोक संग मुंबई में रचाई जोड़ी, अमिताभ, अंबानी, धोनी-द्रविड़ समेत सितारे हुए शामिल


    नई दिल्ली। सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर और सानिया चंडोक की शादी का भव्य समारोह मुंबई में संपन्न हुआ। शादी के फेरे 3 मार्च को आयोजित किए गए, जिसमें बॉलीवुड और क्रिकेट की दुनिया के दिग्गज शामिल हुए। समारोह में अमिताभ बच्चन और उनकी पत्नी जया बच्चन ने शिरकत की, वहीं भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अपनी पत्नी साक्षी के साथ उपस्थित रहे।
    इसके अलावा राहुल द्रविड़, अनिल कुंबले, अजिंक्य रहाणे, सुरेश रैना और हरभजन सिंह जैसे दिग्गज क्रिकेटर्स भी समारोह में मौजूद रहे।

    अर्जुन तेंदुलकर और सानिया चंडोक के प्री-वेडिंग फंक्शन का आयोजन 27 फरवरी को गुजरात के जामनगर में अंबानी परिवार के घर हुआ था। अर्जुन और सानिया ने अगस्त 2025 में सगाई की थी। सानिया चंडोक ग्रैविस ग्रुप के चेयरमैन रवि घई की पोती हैं और मुंबई में मिस्टर पॉज पैट स्पा एंड स्टोर एलएलपी (Mr. Paws Pet Spa & Store LLP) की डायरेक्टर और पार्टनर हैं। यह संस्था 2022 में शुरू की गई थी और यह पालतू जानवरों की ग्रूमिंग, स्किनकेयर और उससे संबंधित सेवाएं प्रदान करती है।

    सानिया का परिवार, घई परिवार, हॉस्पिटैलिटी और फूड वर्ल्ड में जाना-माना नाम है। उनका इंटरकॉन्टिनेंटल होटल्स ग्रुप है, जिसकी मल्टीनेशनल वैल्यू 1.6 लाख करोड़ रुपए (18.43 बिलियन डॉलर) आंकी जाती है। इसके अलावा, चंडोक परिवार फेमस आइसक्रीम ब्रांड ब्रूकलिन क्रीमरी का भी मालिक है।

    शादी समारोह में शामिल हुए मेहमानों और क्रिकेट दिग्गजों ने अर्जुन और सानिया को बधाई दी। समारोह की भव्यता और फंक्शन के दौरान किए गए स्वागत और आयोजन ने इसे और भी यादगार बना दिया।

    इस शादी में क्रिकेट और बॉलीवुड की दुनिया की कई बड़ी हस्तियों का शामिल होना इसे मीडिया और फैंस के लिए खास बना रहा।

    अर्जुन तेंदुलकर, जो अपने पिता सचिन तेंदुलकर की तरह ही क्रिकेट से जुड़े हैं, और सानिया चंडोक की शादी ने मुंबई में और देशभर में फैंस और मीडिया का ध्यान खींचा। इस शादी के आयोजन से दोनों परिवारों के बीच रिश्तों की मजबूती और सामाजिक प्रतिष्ठा का भी पता चलता है।

    इस भव्य शादी समारोह ने क्रिकेट और बॉलीवुड प्रेमियों में खुशी और उत्साह का माहौल पैदा कर दिया। अर्जुन और सानिया की जोड़ी को शुभकामनाएं देते हुए सभी मेहमान और परिवारजन समारोह के हर पल का आनंद लेते नजर आए।

  • Arjun Tendulkar Wedding: अर्जुन-सानिया की शादी की तैयारियां शुरू, सचिन ने बेटे को लेकर कही दिल छू लेने वाली बात

    Arjun Tendulkar Wedding: अर्जुन-सानिया की शादी की तैयारियां शुरू, सचिन ने बेटे को लेकर कही दिल छू लेने वाली बात


    नई दिल्ली । सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर जल्द ही शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं. अर्जुन की प्री-वेडिंग रस्में शुरू हो चुकी हैं और परिवार में जश्न का माहौल है. उनकी शादी सानिया चांदोक के साथ 5 मार्च 2026 को होने की उम्मीद है.

    सचिन ने दिया खास संदेश

    हाल ही में आईपीएल फ्रेंचाइजी मुंबई इंडियंस ने अर्जुन और सानिया का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जिसमें दोनों साथ नजर आ रहे हैं. वीडियो में सचिन तेंदुलकर ने अपने बेटे के लिए भावुक संदेश भी दिया है. उन्होंने कहा कि जब बेटा किसी लड़की को घर पर मिलवाने लाता है तो समझ में जाता है कि वह अब बड़ा हो गया है. सचिन ने यह भी कहा कि दोनों एक-दूसरे के प्यार में पूरी तरह डूबे हुए लगते हैं और उन्हें अर्जुन पर गर्व है कि उसने अपने लिए एक खास साथी चुना.

    अगले महीने शादी के बंधन में बंधेंगे दोनो

    अर्जुन और सानिया की सगाई अगस्त 2025 में हुई थी. सानिया चांदोक एक सफल उद्यमी हैं और मुंबई के कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखती हैं. बताया जाता है कि वह काफी समय से तेंदुलकर परिवार के करीब रही हैं.

    क्रिकेट करियर में भी बना रहे हैं अलग पहचान

    क्रिकेट की बात करें तो अर्जुन तेंदुलकर ने घरेलू क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई है. बाएं हाथ के तेज गेंदबाज और उपयोगी बल्लेबाज के रूप में उन्होंने गोवा की ओर से रणजी ट्रॉफी खेलते हुए अपने डेब्यू मैच में शतक जड़ा था. इस उपलब्धि के साथ उन्होंने अपने पिता की तरह पहले ही फर्स्ट क्लास मैच में सेंचुरी बनाने का रिकॉर्ड बनाया.

    आईपीएल में अर्जुन ने मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हुए अपनी प्रतिभा की झलक दिखाई थी. अब वह अगले सीजन में लखनऊ सुपर जायंट्स की जर्सी में नजर आएंगे क्योंकि हाल ही में उन्हें ट्रेड किया गया है. फिलहाल तेंदुलकर परिवार में खुशियों का माहौल है. क्रिकेट के मैदान से हटकर अर्जुन अपनी जिंदगी की नई पारी शुरू करने जा रहे हैं और फैंस भी इस खास मौके का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.

  • T20 वर्ल्डकप: भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से हराया, ईशान किशन की धुआंधार पारी, सहवाग बोले फुल कंबल कुटाई

    T20 वर्ल्डकप: भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से हराया, ईशान किशन की धुआंधार पारी, सहवाग बोले फुल कंबल कुटाई


    नई दिल्ली । भारत ने टी20 वर्ल्डकप में रविवार को पाकिस्तान को 61 रन से हराकर धमाकेदार जीत दर्ज की। मैच में ईशान किशन ने सिर्फ 40 गेंदों पर 77 रन की तूफानी पारी खेलकर टीम की मजबूत शुरुआत दिलाई और प्लेयर ऑफ़ द मैच चुने गए। इस पारी ने न सिर्फ टीम इंडिया को दबदबे में रखा बल्कि फैंस को भी रोमांचित कर दिया।

    पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने मैच के बाद मजाकिया अंदाज में इसे फुल कंबल कुटाई बताया। सोशल मीडिया पर दिल्ली पुलिस ने भी हल्के फुल्के अंदाज में लिखा गलत जगह यू टर्न लोगे तो यूं ही मुंह की खाओगे।

    भारत की जीत पर क्रिकेट जगत और सेलिब्रिटी भी रिएक्ट हुए। सचिन तेंदुलकर ने ट्वीट किया कि पावरप्ले से भारत ने मुकाबला अपने कब्जे में ले लिया। ईशान किशन की धमाकेदार बल्लेबाजी और भारतीय गेंदबाजों की सटीक लाइन लेंथ ने पाकिस्तान को दबाव में रखा और अंत तक टीम इंडिया ने मैच पर पूर्ण नियंत्रण बनाए रखा।

    केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि टीम ने दबाव के मैच में बेहतरीन प्रदर्शन किया और जीत अपने नाम की। उन्होंने लिखा कि फॉर्मेट बदलते हैं मैदान बदलते हैं तारीखें बदलती हैं लेकिन भारत पाकिस्तान मुकाबलों में जीत का पैटर्न अक्सर वही रहता है। इस जीत के साथ भारत की टीम न केवल ग्रुप स्टेज में अपने आत्मविश्वास को बढ़ाएगी बल्कि टी20 वर्ल्डकप में पाकिस्तान के खिलाफ परंपरा के अनुसार दबदबे को कायम रखेगी।