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  • नेपाल की बूढ़ी गंडक नदी में फिर भयंकर बाढ़ आने का अलर्ट… लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील

    नेपाल की बूढ़ी गंडक नदी में फिर भयंकर बाढ़ आने का अलर्ट… लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील


    काठमांडू।
    नेपाल (Nepal) में बुधी गंडक नदी (Budhi Gandak River) में बड़ी बाढ़ आने की चेतावनी जारी की गई है. नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने लोगों को सतर्क रहने को कहा है. प्राधिकरण ने नदी के आसपास रहने वाले लोगों से सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील की है. साथ ही नदी के पास जाने से बचने की सलाह दी है।

    NDRRMA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर यह जानकारी दी. पोस्ट के मुताबिक, चुमानुम्ब्री ग्रामीण नगरपालिका-6 की तरफ से बुधी गंडक नदी में बाढ़ का पानी आ रहा है. इसे देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने के लिए कहा गया है. अधिकारियों ने साफ कहा है कि जब तक बाढ़ का पानी गुजर नहीं जाता, तब तक नदी के करीब न जाएं।


    त्रिशूली दोभान तक नदी के पास जाने से बचें

    NDRRMA ने त्रिशूली दोभान तक नदी के किनारे जाने से मना किया है. प्रशासन का कहना है कि बाढ़ का पानी आने के दौरान नदी के आसपास रहना खतरनाक हो सकता है. ऐसे में लोगों को नदी से दूरी बनाए रखनी चाहिए।

    प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि वे चेतावनी को गंभीरता से लें. बाढ़ का पानी गुजरने तक नदी के पास जाने या वहां रुकने से बचें. खासकर नदी के किनारे रहने वाले लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है. प्राधिकरण ने लोगों को ऊंचाई वाली जगहों पर जाने की सलाह दी है. बाढ़ के दौरान निचले इलाकों में पानी भरने का खतरा हो सकता है. ऐसे में सुरक्षित और ऊंची जगह पर रहना जरूरी है।

    NDRRMA ने कहा कि लोगों को प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना चाहिए. नदी के पास जाने से बचना चाहिए और बाढ़ की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए. अगर आसपास पानी का स्तर बढ़ता दिखाई दे, तो सुरक्षित जगह पर जाना जरूरी है।


    ‘बाढ़ का पानी गुजरने तक सतर्क रहें’

    प्राधिकरण ने कहा है कि जब तक बाढ़ का पानी पूरी तरह गुजर नहीं जाता, तब तक नदी के आसपास जाने से बचें. लोगों को जल्दबाजी में नदी पार करने या किनारे के करीब जाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें. बाढ़ का खतरा टलने तक ऊंचाई वाली सुरक्षित जगहों पर रहें और नदी से दूर रहें।

    इससे पहले भी नेपाल की बुधी गंडक नदी में बाढ़ से भारी नुकसान हुआ था. सितंबर 2026 में गोरखा जिले के नामरुंग इलाके में बाढ़ के कारण मनास्लु ट्रेक का रास्ता बंद हो गया था. बाढ़ में दो पुल बह गए थे. इनमें बूढ़ी गंडकी नदी पर बना एक झूला पुल भी शामिल था. बाढ़ से दो जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा था।

  • दुबई की ओर बढ़ा मिसाइल का खतरा, सायरन बजते ही मचा हड़कंप; लोगों को सुरक्षित जगहों पर रहने की सलाह

    दुबई की ओर बढ़ा मिसाइल का खतरा, सायरन बजते ही मचा हड़कंप; लोगों को सुरक्षित जगहों पर रहने की सलाह

    दुबई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में मंगलवार को मिसाइल खतरे को लेकर अचानक इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया। राष्ट्रीय आपातकालीन संकट एवं आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NCEMA) की चेतावनी के बाद कई इलाकों में सायरन बजने लगे। लोगों को खुले स्थानों से दूर रहने और सुरक्षित जगहों पर रहने की सलाह दी गई।

    अलर्ट के बाद दुबई और आसपास के इलाकों में कुछ देर तक तेज धमाकों की आवाजें सुनाई देने की खबर सामने आई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यूएई की एयर डिफेंस प्रणाली ने हवाई क्षेत्र की ओर आ रहे खतरे को इंटरसेप्ट किया। हालांकि, हमले के स्रोत और मिसाइल की सटीक जानकारी को लेकर आधिकारिक स्तर पर अभी पूरी तस्वीर स्पष्ट नहीं हुई है।

    लोगों को घरों के अंदर रहने की सलाह

    अलर्ट जारी होने के बाद प्रशासन ने नागरिकों, प्रवासियों और पर्यटकों से खुले स्थानों, सड़कों और समुद्र तटों से दूर रहने को कहा। लोगों को इमारतों के अंदर सुरक्षित स्थानों पर रहने और खिड़कियों तथा शीशे से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई। साथ ही किसी भी अफवाह पर भरोसा न करने और केवल आधिकारिक सूचनाओं को मानने की अपील की गई।

    हमले के पीछे कौन, अभी तस्वीर साफ नहीं

    मिसाइल खतरे की जिम्मेदारी फिलहाल किसी देश या संगठन ने आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं की है। हालांकि, क्षेत्र में जारी तनाव के कारण ईरान समर्थित समूहों को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। यूएई पहले भी क्षेत्रीय संघर्ष के दौरान मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे का सामना कर चुका है।

    यूएई में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी भी इसे क्षेत्रीय तनाव के लिहाज से संवेदनशील बनाती है। हालांकि, किसी खास संगठन को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराने से पहले आधिकारिक जांच और पुष्टि का इंतजार जरूरी है।

    THAAD और Patriot सिस्टम से सुरक्षा

    यूएई ने अपनी हवाई सुरक्षा के लिए अमेरिकी निर्मित THAAD और Patriot जैसी आधुनिक मिसाइल रक्षा प्रणालियां तैनात कर रखी हैं। इनका उद्देश्य बैलिस्टिक मिसाइलों और दूसरे हवाई खतरों को पहचानकर उन्हें लक्ष्य तक पहुंचने से पहले रोकना है।

    मिसाइल अलर्ट के दौरान इन प्रणालियों की भूमिका को लेकर चर्चा जरूर हुई है, लेकिन किसी विशेष इंटरसेप्टर सिस्टम ने इस घटना में वास्तव में क्या कार्रवाई की, इसकी आधिकारिक पुष्टि के बिना दावा करना जल्दबाजी होगी।

    बढ़ते तनाव से खाड़ी क्षेत्र पर दबाव

    दुबई में यह अलर्ट ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का असर पूरे खाड़ी क्षेत्र पर पड़ रहा है। क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां बढ़ने के साथ समुद्री मार्गों, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को लेकर भी चिंता बढ़ी है।

    दुबई दुनिया के प्रमुख कारोबारी और पर्यटन केंद्रों में शामिल है। ऐसे में सुरक्षा को लेकर बार-बार जारी होने वाले अलर्ट का असर विमानन, पर्यटन और निवेश के माहौल पर पड़ सकता है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह मिसाइल खतरा कितना गंभीर था और इसके पीछे कौन था। आधिकारिक जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।