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  • सागर में डंपरों का खूनी तांडव: 24 घंटे में पांच युवकों की दर्दनाक मौत

    सागर में डंपरों का खूनी तांडव: 24 घंटे में पांच युवकों की दर्दनाक मौत


    सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले में बीते 24 घंटे मौत का पैगाम लेकर आए। शहर की सड़कों पर यमदूत बनकर दौड़ रहे भारी वाहनों ने पांच हंसते-खेलते परिवारों के चिराग बुझा दिए। रफ्तार के इस खूनी खेल में दो अलग-अलग घटनाओं ने न केवल शहर को शोक में डुबो दिया है, बल्कि प्रशासन की लचर व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आलम यह था कि हादसों का मंजर इतना खौफनाक था कि जिसने भी देखा, उसका दिल दहल उठा।

    पहली हृदयविदारक घटना सागर के बंडा रोड पर घटित हुई। यहाँ एक तेज रफ्तार डंपर ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए बाइक पर सवार तीन युवकों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो डंपर की गति इतनी अधिक थी कि बाइक सवारों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। पुलिस के अनुसार, ये तीनों मृतक बंडा क्षेत्र के ही निवासी थे, जो किसी काम से बाहर निकले थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि घर वापसी का रास्ता मौत की गली से होकर गुजरेगा।

    अभी बंडा रोड की घटना की स्याही सूखी भी नहीं थी कि देर रात सागर शहर के खेल परिसर के पास एक और वीभत्स हादसा हो गया। यहाँ से गुजर रहे एक अनियंत्रित ट्राले क्रमांक RJ 06 GD 2973 ने बाइक सवार दो युवकों को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। यह हादसा इतना भयावह था कि दोनों युवक ट्राले के पहियों के नीचे आ गए। टक्कर के बाद का दृश्य इतना विचलित करने वाला था कि सड़क पर मांस के टुकड़े बिखरे पड़े थे, जिन्हें बाद में पुलिस ने इकट्ठा किया। मृतकों की पहचान गोपालगंज निवासी के रूप में हुई है।

    हादसे की खबर मिलते ही गोपालगंज और कोतवाली पुलिस सहित सीएसपी ललित कश्यप दलबल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद भीड़ को नियंत्रित किया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बाइक सवार अपनी सही दिशा में जा रहे थे, लेकिन पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें बेरहमी से कुचल दिया। इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश और दहशत का माहौल है।

    हैरानी की बात यह है कि सागर के मुख्य मार्गों पर भारी वाहनों का बेखौफ दौड़ना अब एक आम बात हो गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पीली कोठी से डिग्री कॉलेज चौराहे के बीच का मार्ग ‘डेथ जोन’ बनता जा रहा है। यहाँ आए दिन सड़क हादसे होते हैं, कई मासूम अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की नींद नहीं टूट रही है। शहर के बीचों-बीच से गुजरने वाले इन भारी वाहनों पर न तो गति सीमा का नियंत्रण है और न ही इनके प्रवेश के समय का कोई सख्ती से पालन हो रहा है।

    इन पांच मौतों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि यदि समय रहते प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए, तो सागर की सड़कें इसी तरह मासूमों के खून से लाल होती रहेंगी। फिलहाल, पुलिस ने मामलों को जांच में लिया है, लेकिन सवाल वही बरकरार है इन मौतों का जिम्मेदार आखिर कौन है? वह डंपर चालक जो अपनी रफ्तार के नशे में था या वह तंत्र जिसने इन भारी वाहनों को शहर की छाती पर तांडव करने की खुली छूट दे रखी है?

  • सागर जिले में सड़क हादसे में मुरैना के 4 बीडीएस जवानों की मौतएक घायल

    सागर जिले में सड़क हादसे में मुरैना के 4 बीडीएस जवानों की मौतएक घायल


    सागर । मध्य प्रदेश के सागर जिले के बांदरी मालथौन क्षेत्र में 5 दिसंबर2023 की सुबह करीब 4 बजे एक गंभीर सड़क दुर्घटना ने चार बीडीएस जवानों की जान ले ली। यह हादसा नेशनल हाईवे 44 पर हुआजब मुरैना जिले के बम एंड डॉग स्क्वॉड BDS के जवान बालाघाट से ड्यूटी करके लौट रहे थे। दुर्घटना में मुरैना बीडीएस के चार जवानों की मौत हो गई और एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया।

    जानकारी के अनुसारयह घटना एक ट्रक और बम एंड डॉग स्क्वॉड वाहन के बीच आमने-सामने की टक्कर से हुई। घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। इस हादसे में चार जवानों की मौत हो गईजबकि एक जवान गंभीर रूप से घायल है। घायल जवान को पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती किया गयाऔर बाद में उनकी स्थिति को देखते हुए दिल्ली के गंगा राम अस्पताल के लिए एयर एंबुलेंस से रेफर किया गया।

    हादसे में मारे गए जवानों के नाम

    प्रधुमन दीक्षित मुरैना अमन कौरव मुरैना परमलाल तोमर मुरैनाड्राइवर विनोद शर्मा भिंडडॉग मास्टर दुर्घटना के बाद एक और जवान राजीव चौहान मुरैनाघायल हुआजिनका इलाज सागर के बंसल अस्पताल में चल रहा है। राहत की बात यह है कि हादसे में वाहन में सवार डॉग पूरी तरह सुरक्षित है और उसे कोई चोट नहीं आई।

    हादसे की जानकारी

    मिली जानकारी के अनुसारये सभी जवान बम एंड डॉग स्क्वॉड BDSके सदस्य थे और बालाघाट में अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद मुरैना लौट रहे थे। यह वाहन सड़क पर तेज गति से चल रहा थातभी सामने से आ रहे ट्रक के साथ यह टक्कर हो गई। दुर्घटना के कारण वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार जवानों को गंभीर चोटें आईं। इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया है और स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    प्रशासन की प्रतिक्रिया

    घटना के बाद सागर पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। साथ हीपुलिस अधिकारियों ने अस्पताल में घायल जवान का इलाज सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक इंतजाम किए। सागर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी बंसल अस्पताल में इलाज की निगरानी कर रहे हैंताकि घायल जवान को सर्वोत्तम इलाज मिल सके।

    सड़क सुरक्षा की आवश्यकता

    यह हादसा इस बात की ओर इशारा करता है कि मध्य प्रदेश के कई प्रमुख राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा की स्थिति अभी भी गंभीर है। यहां नियमित दुर्घटनाएं होती रहती हैंऔर यह घटना उसी का एक और उदाहरण है। प्रशासन और संबंधित विभागों को सड़क सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता हैताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

    समाज और सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी क्षति

    मुरैना के इन चार जवानों की मौत ने न केवल उनके परिवारों को बल्कि पूरे प्रदेश को शोक में डुबो दिया है। बीडीएस टीम के ये जवान अपने कर्तव्यों को निभाने के लिए हमेशा तत्पर रहते थेऔर उनकी शहादत इस बात का प्रमाण है कि वे अपने काम के प्रति कितने समर्पित थे। इन जवानों ने अपनी जान की बाजी लगाकर सुरक्षा का काम किया थाऔर आज उनके बलिदान को याद किया जाएगा। यह घटना एक दुखद है कि हमें सड़क सुरक्षा को लेकर और अधिक सतर्क रहने की जरूरत हैऔर साथ ही सुरक्षा बलों की जिंदगियों की अहमियत को समझना चाहिए।