Tag: Sagar road accident

  • सागर में बेकाबू टैंकर का कहर: दुकानों और घरों में घुसा, तेंदूपत्ता तोड़ने जा रहा युवक चपेट में आया; ड्राइवर फरार

    सागर में बेकाबू टैंकर का कहर: दुकानों और घरों में घुसा, तेंदूपत्ता तोड़ने जा रहा युवक चपेट में आया; ड्राइवर फरार


    सागर सागर जिले के खुरई रोड स्थित ग्राम जरुआखेड़ा में गुरुवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक तेज रफ्तार बेकाबू टैंकर सड़क किनारे बनी दुकानों और घरों में जा घुसा। हादसा इतना भयावह था कि टक्कर की आवाज सुनते ही आसपास के लोग दहशत में बाहर निकल आए। दुर्घटना में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं हादसे के बाद टैंकर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया।

    जानकारी के अनुसार घटना सागर-खुरई रोड पर झंडापुरा मुहाल इलाके में हुई। गुरुवार सुबह सड़क पर तेज गति से दौड़ रहा एक कैप्सूल टैंकर अचानक अनियंत्रित हो गया। देखते ही देखते टैंकर सड़क किनारे बनी दो दुकानों और घरों को तोड़ते हुए अंदर जा घुसा। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दुकानों की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं और घरों में रखा सामान भी बिखर गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए।

    इसी दौरान अशोक अहिरवार नाम का युवक तेंदूपत्ता तोड़ने जंगल की ओर जा रहा था। वह सड़क किनारे से गुजर ही रहा था कि अचानक बेकाबू टैंकर की चपेट में आ गया। टक्कर लगने से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए उसे बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टैंकर काफी तेज रफ्तार में था और चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया। हादसे के बाद ड्राइवर मौके से भाग निकला। लोगों ने चालक को पकड़ने की कोशिश भी की, लेकिन वह भीड़ का फायदा उठाकर फरार हो गया।

    घटना की सूचना मिलते ही जरुआखेड़ा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त इलाके का निरीक्षण करने के बाद टैंकर को जब्त कर लिया है। मामले में प्रकरण दर्ज कर फरार चालक की तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस आसपास के इलाकों में पूछताछ कर रही है और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।

    हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों का कहना है कि सागर-खुरई रोड पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार लगातार हादसों का कारण बन रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। लोगों ने क्षेत्र में स्पीड कंट्रोल और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

  • होली पर सड़कों पर बढ़ा खतरा: मध्य प्रदेश में 948 हादसे, सागर 67 मामलों के साथ टॉप पर, भोपाल भी टॉप-10 में

    होली पर सड़कों पर बढ़ा खतरा: मध्य प्रदेश में 948 हादसे, सागर 67 मामलों के साथ टॉप पर, भोपाल भी टॉप-10 में



    नई दिल्ली। होली के त्योहार के बीच मध्य प्रदेश में सड़क हादसों का आंकड़ा चिंताजनक रूप से बढ़ गया। 108 एंबुलेंस सेवा के आंकड़ों के मुताबिक 4 मार्च को एक ही दिन में प्रदेशभर में 948 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। सबसे ज्यादा हादसे सागर जिले में सामने आए, जहां 67 दुर्घटनाएं हुईं। वहीं राजधानी भोपाल में 39 हादसे दर्ज किए गए, जिससे शहर प्रदेश में आठवें स्थान पर रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहार के दौरान नशे में वाहन चलाना, तेज रफ्तार और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी इन दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बन रही है।

    हादसों के मामले में सागर के बाद विदिशा में 55, इंदौर में 46 और जबलपुर में 45 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इसके अलावा रीवा और सतना में 42-42 तथा रायसेन में 41 हादसे सामने आए। अन्य जिलों में भी स्थिति चिंताजनक रही, जहां छिंदवाड़ा में 30, धार में 28, सिंगरौली में 27 और खरगोन व बालाघाट में 25-25 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं।

    108 एंबुलेंस सेवा के सीनियर मैनेजर तरुण सिंह परिहार के अनुसार होली के दौरान नशे में वाहन चलाने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे हादसों का खतरा भी बढ़ जाता है। इस बार बीते साल की तुलना में शराब के नशे में हुई दुर्घटनाओं की संख्या अधिक देखने को मिली है। उन्होंने बताया कि कई मामलों में लोग तेज रफ्तार से वाहन चलाते हैं और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करते हैं, जिससे मामूली टक्कर भी गंभीर हादसे में बदल जाती है।

    राजधानी भोपाल के सरकारी अस्पतालों में भी होली के दौरान सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा घायल पहुंचे। जहां आमतौर पर 20 से 25 लोग सड़क दुर्घटना में घायल होकर इलाज के लिए आते हैं, वहीं इस बार यह संख्या बढ़कर 62 तक पहुंच गई। अस्पताल सूत्रों के अनुसार अधिकतर घायल बाइक सवार थे और कई मामलों में हेलमेट का उपयोग नहीं किया गया था, जिसके कारण सिर में गंभीर चोटें आईं।

    कम्युनिटी मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. कुलदीप गुप्ता का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं में सिर की चोट सबसे खतरनाक होती है। रिसर्च के अनुसार ट्रॉमा में लाए गए 10 गंभीर घायलों में से लगभग 3 लोगों की जान नहीं बच पाती। उनका कहना है कि हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग कई मामलों में जान बचा सकता है, लेकिन लोग अक्सर इन जरूरी नियमों की अनदेखी कर देते हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारों के दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है। उत्सव का माहौल लोगों को लापरवाह बना देता है, लेकिन थोड़ी सी सावधानी बड़ी दुर्घटनाओं से बचा सकती है। इसलिए वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करना, नशे में ड्राइविंग से बचना और ट्रैफिक नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है, ताकि ऐसे हादसों की संख्या को कम किया जा सके।