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  • आईआईटी बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे की मौत मामले में राहुल गांधी ने परिवार से की बात, हरसंभव मदद का भरोसा दिया

    आईआईटी बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे की मौत मामले में राहुल गांधी ने परिवार से की बात, हरसंभव मदद का भरोसा दिया

    नई दिल्ली ।आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत का मामला लगातार चर्चा में है। इसी बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने साहिल के परिवार से बातचीत कर समर्थन जताया और न्याय की लड़ाई में हरसंभव मदद का भरोसा दिया। गुरुवार को उन्होंने साहिल के माता-पिता से वीडियो कॉल के जरिए बात की। बातचीत के दौरान परिवार की स्थिति और मामले से जुड़ी उनकी चिंताओं को लेकर चर्चा हुई।

    साहिल वाकोडे की मौत के बाद उनके परिवार ने संस्थान के प्रशासन और कुछ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार की ओर से साहिल के साथ कथित जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न के आरोप भी लगाए गए हैं। इन आरोपों की जांच अभी जारी है। परिवार ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

    साहिल की मौत के मामले की जांच मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच कर रही है। जांच एजेंसी परीक्षा केंद्र, हॉस्टल और घटना से पहले की गतिविधियों से जुड़े अलग-अलग साक्ष्यों को खंगाल रही है। जांच में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के अलावा साहिल तथा संबंधित अधिकारियों के बीच हुई बातचीत को भी देखा जा रहा है।

    पुलिस की जांच में 18 सितंबर को परीक्षा के दौरान हुई घटनाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, दोपहर करीब 12:30 बजे से 12:45 बजे के बीच साहिल परीक्षा कक्ष में मौजूद था। इस दौरान उसके पास मौजूद किसी वस्तु को लेकर उससे पूछताछ की गई और बाद में उसे अन्य छात्रों से अलग ले जाया गया। इसके बाद वह हॉस्टल की ओर गया।

    साहिल ऊर्जा विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग में द्वितीय वर्ष का छात्र था। संस्थान की ओर से बताया गया था कि परीक्षा के दौरान उसके पास मोबाइल फोन पाया गया था और उसने प्रश्नपत्र से जुड़े जवाब हासिल करने के लिए चैटजीपीटी का इस्तेमाल करने की कोशिश की थी। संस्थान के अनुसार, परीक्षा प्रशिक्षक और विभाग प्रमुख ने इस संबंध में साहिल से बातचीत की थी। उसे समझाया गया था और यह भरोसा दिलाया गया था कि इस घटना का उसके करियर पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

    बातचीत के बाद साहिल अपने हॉस्टल के कमरे में लौट गया था। बाद में उसी दिन वह कमरे में मृत पाया गया। उसके परिवार ने इस घटनाक्रम को लेकर कई सवाल उठाए हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

    जातिगत भेदभाव के आरोपों को लेकर संस्थान की ओर से कहा गया है कि साहिल ने अपने जीवनकाल में एससी-एसटी प्रकोष्ठ या प्रशासन के पास इस तरह की कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। दूसरी ओर, परिवार ने संबंधित अधिकारियों पर कथित भेदभाव और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की सच्चाई जांच का विषय है।

    मामले में साहिल के कमरे से मिले मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। परीक्षा हॉल और हॉस्टल के अलग-अलग हिस्सों के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है। फाइनल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार है।

    इस बीच साहिल के परिवार से राहुल गांधी की बातचीत को मामले में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक हस्तक्षेप के तौर पर देखा जा रहा है। बातचीत के दौरान उन्होंने परिवार को समर्थन और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। मामले में जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • आईआईटी बॉम्बे छात्र साहिल की मौत मामले में नया खुलासा, आखिरी बातचीत में परीक्षा को लेकर कही थी ये बात

    आईआईटी बॉम्बे छात्र साहिल की मौत मामले में नया खुलासा, आखिरी बातचीत में परीक्षा को लेकर कही थी ये बात

    नई दिल्ली ।आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के मामले में जांच के बीच उनकी आखिरी बातचीत को लेकर नया खुलासा सामने आया है। बताया जा रहा है कि मौत से कुछ घंटे पहले साहिल ने एक महिला मित्र से फोन पर बातचीत की थी। इस दौरान दोनों के बीच सेमेस्टर परीक्षा को लेकर चर्चा हुई थी। बातचीत के दौरान साहिल ने कहा था कि उनका पेपर अच्छा नहीं गया और यह भी कहा था कि उनसे गलती हो गई।

    जानकारी के मुताबिक, यह बातचीत 18 सितंबर की दोपहर करीब 2:30 बजे हुई थी। इसके कुछ घंटे बाद शाम के समय साहिल ने अपने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस बातचीत को साहिल की किसी व्यक्ति से हुई आखिरी बातचीत बताया जा रहा है। सामने आई जानकारी के अनुसार, इस दौरान साहिल ने जातिगत भेदभाव का कोई जिक्र नहीं किया था।

    साहिल की मौत से कुछ घंटे पहले परीक्षा को लेकर भी एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुआ था। बताया गया है कि सेमेस्टर परीक्षा के दौरान साहिल को कथित तौर पर मोबाइल फोन पर चैटजीपीटी का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। इसके बाद परीक्षा से जुड़ी स्थिति को लेकर साहिल और महिला मित्र के बीच बातचीत हुई थी। इसी बातचीत में उन्होंने परीक्षा ठीक नहीं जाने की बात कही थी।

    साहिल की मौत की खबर मिलने के बाद उनकी महिला मित्र की तबीयत बिगड़ने की भी जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि खबर सुनने के बाद उन्हें पैनिक अटैक आया, जिसके बाद अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। मामले की जांच कर रही पुलिस ने महिला मित्र का बयान भी दर्ज किया है। आखिरी बातचीत से जुड़े तथ्यों को जांच के महत्वपूर्ण हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है।

    साहिल की मौत के बाद मामले की जांच को लेकर संस्थान स्तर पर भी कई कदम उठाए गए हैं। निष्पक्ष जांच के उद्देश्य से उस परीक्षा में निगरानी की जिम्मेदारी संभाल रहे प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को छुट्टी पर भेज दिया गया है। वह उसी परीक्षा में इनविजिलेटर थे, जिसमें साहिल को मोबाइल फोन के इस्तेमाल के मामले में पकड़े जाने की बात सामने आई है।

    मामले की विस्तृत जांच के लिए 10 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति भी गठित की गई है। समिति को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने की जिम्मेदारी दी गई है। समिति की अध्यक्षता आईआईटी पलक्कड़ के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरपर्सन रमेश वेंकटेश्वरन कर रहे हैं। इसमें छात्रों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है।

    जांच समिति ने परीक्षा के दौरान की घटनाओं को समझने के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही उस कमरे में मौजूद छात्रों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। जांच में परीक्षा के दौरान की परिस्थितियों, साहिल की आखिरी बातचीत और उनकी मौत से पहले हुए घटनाक्रम को अलग-अलग पहलुओं से देखा जा रहा है।

    साहिल की मौत के बाद जातिगत भेदभाव से जुड़े आरोपों और परीक्षा से संबंधित घटनाओं को लेकर अलग-अलग चर्चाएं सामने आई हैं। हालांकि, आखिरी बातचीत के संबंध में सामने आई जानकारी में परीक्षा को लेकर बातचीत का उल्लेख है और उसमें जातिगत भेदभाव की चर्चा नहीं होने की बात कही गई है। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ सीसीटीवी फुटेज, छात्रों के बयान और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर घटनाक्रम की तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।

  • IIT बॉम्बे ने प्रोफेसर डूला को छुट्टी पर भेजा, साहिल केस की जांच के लिए 10 सदस्यीय समिति गठित

    IIT बॉम्बे ने प्रोफेसर डूला को छुट्टी पर भेजा, साहिल केस की जांच के लिए 10 सदस्यीय समिति गठित

    नई दिल्ली ।आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वोकाडे की मौत का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए संस्थान ने 10 सदस्यों वाली एक समिति गठित की है। समिति को मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करने और एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है।

    इसी के साथ संस्थान ने मामले में नामजद प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को जांच पूरी होने तक छुट्टी पर भेज दिया है। यह कदम जांच प्रक्रिया के दौरान निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।

    साहिल वोकाडे की मौत को लेकर उनके परिवार की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। साहिल के पिता रवींद्र वोकाडे और उनकी मां सोनाली वोकाडे मंगलवार को मुंबई क्राइम ब्रांच पहुंचे। परिवार ने मामले में नामजद फैकल्टी सदस्यों प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला और शिरीष केदारे की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।

    साहिल के पिता का कहना है कि मामले में सिर्फ आंतरिक समिति बनाना पर्याप्त नहीं है। परिवार ने आरोपों में नामजद लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। परिवार की ओर से यह भी कहा गया है कि उन्हें निष्पक्ष जांच और अपने बेटे के मामले में न्याय चाहिए।

    परिवार ने आगे शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की बात भी कही है। इससे मामले को लेकर संस्थान और परिवार के बीच विवाद का एक और पहलू सामने आया है।

    जानकारी के मुताबिक साहिल वोकाडे 18 सितंबर की शाम हॉस्टल के अपने कमरे में फंदे से लटके मिले थे। घटना के बाद मामले की जांच मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंपी गई। पुलिस की जांच के साथ-साथ संस्थान ने भी अपने स्तर पर घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की पड़ताल शुरू की है।

    इस मामले में संस्थान की ओर से 19 सितंबर को कहा गया था कि मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान साहिल को मोबाइल फोन के जरिए नकल करते हुए पकड़ा गया था। इसके बाद से ही साहिल की मौत से जुड़े घटनाक्रम और संस्थान में उसके साथ हुई घटनाओं को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

    साहिल के पिता ने इससे पहले दोनों नामजद प्रोफेसरों के इस्तीफे की मांग भी की थी। अब परिवार की ओर से उनकी गिरफ्तारी की मांग किए जाने के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है।

    दूसरी ओर, 10 सदस्यीय समिति को पूरे घटनाक्रम की आंतरिक जांच की जिम्मेदारी दी गई है। समिति मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करेगी और अपनी रिपोर्ट निर्धारित समय सीमा के भीतर संस्थान को सौंपेगी।

    प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को जांच पूरी होने तक छुट्टी पर भेजे जाने का फैसला भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। अब मामले में पुलिस जांच और संस्थान की आंतरिक जांच दोनों के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।

    फिलहाल साहिल वोकाडे की मौत के मामले में परिवार की ओर से गिरफ्तारी की मांग की जा रही है, जबकि संस्थान ने जांच के लिए समिति गठित कर दी है। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ ही आरोपों और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

  • साहिल की मौत के बाद IIT बॉम्बे ने बदली हॉस्टल की व्यवस्था, सीलिंग फैन हटाकर वॉल फैन लगाने की तैयारी तेज

    साहिल की मौत के बाद IIT बॉम्बे ने बदली हॉस्टल की व्यवस्था, सीलिंग फैन हटाकर वॉल फैन लगाने की तैयारी तेज

     
    नई दिल्ली । IIT बॉम्बे में BTech छात्र साहिल रविंद्र वाकोडे की मौत के बाद हॉस्टल और कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव किया जा रहा है। संस्थान ने हॉस्टल में लगे सीलिंग फैन हटाकर उनकी जगह वॉल फैन लगाने का फैसला किया है। कैंपस में वॉल फैन पहुंचने की तस्वीरें भी सामने आई हैं।

    हॉस्टल में पंखों की व्यवस्था बदलने को लेकर चर्चा जुलाई में ही शुरू हो गई थी। एक छात्र की मौत के बाद सीलिंग फैन हटाने और वॉल फैन लगाने के विकल्प पर विचार किया गया था। हालांकि, 18 सितंबर को साहिल की मौत के बाद इस प्रक्रिया को तेज कर दिया गया।

    साहिल एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक के दूसरे वर्ष का छात्र था। वह महाराष्ट्र के यवतमाल जिले का रहने वाला था। 18 सितंबर को परीक्षा से जुड़े घटनाक्रम के बाद वह अपने हॉस्टल के कमरे में पहुंचा था। बाद में उसी दिन उसे कमरे में मृत पाया गया।

    जांच में सामने आए सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, परीक्षा के दौरान साहिल दोपहर करीब 12:30 से 12:45 बजे के बीच अपनी जेब में रखी किसी वस्तु को देखने के लिए झुका था। इसके बाद एक प्रोफेसर ने उससे सवाल किया और उसे अलग ले जाया गया। करीब 1:25 बजे वह हॉस्टल के कमरे में पहुंचा और उसके बाद बाहर नहीं निकला।

    मामले की जांच में परीक्षा हॉल, कैंपस और हॉस्टल की सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन फुटेज को सार्वजनिक नहीं किया गया है। जांच का उद्देश्य घटना से पहले के पूरे घटनाक्रम और उससे जुड़े तथ्यों को समझना है।

    साहिल के परिवार ने उसके साथ जाति आधारित भेदभाव और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। परिवार ने मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी से कराने की मांग की है। माता-पिता की शिकायत के आधार पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्राथमिकी में एक प्रोफेसर का नाम भी शामिल किया गया है।

    घटना के बाद संस्थान की ओर से साहिल की परीक्षा से जुड़ी स्थिति को लेकर एक बयान दिया गया था। इसमें दावा किया गया था कि उसने परीक्षा का प्रश्नपत्र ChatGPT पर अपलोड किया था और कथित तौर पर नकल करते पकड़े जाने के बाद उसकी मौत हुई। बाद में संस्थान ने इस बयान को वापस लेते हुए माफी मांगी और कहा कि पूरी जांच पूरी होने से पहले ऐसा निष्कर्ष देना उचित नहीं था।

    साहिल की मौत के बाद संस्थान में छात्रों का विरोध-प्रदर्शन भी जारी रहा। छात्र जवाबदेही, पारदर्शिता, छात्र कल्याण और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग कर रहे हैं। हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था और संस्थागत प्रक्रियाओं को लेकर भी छात्रों के बीच सवाल उठे हैं।

    उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस साल IIT बॉम्बे में यह तीसरी छात्र आत्महत्या बताई जा रही है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच छात्र मानसिक स्वास्थ्य, सुरक्षा और संस्थागत जवाबदेही को लेकर चर्चा फिर तेज हुई है।

    सीलिंग फैन की जगह वॉल फैन लगाने का फैसला इसी व्यापक सुरक्षा व्यवस्था में किए जा रहे बदलावों का हिस्सा है। हालांकि, साहिल की मौत के कारणों और उससे जुड़े आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

  • IIT बॉम्बे में साहिल वाकोडे की मौत के बाद छात्रों का विरोध, 18 मांगों पर प्रशासन सहमत, प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला निलंबित

    IIT बॉम्बे में साहिल वाकोडे की मौत के बाद छात्रों का विरोध, 18 मांगों पर प्रशासन सहमत, प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला निलंबित

    नई दिल्ली ।आईआईटी बॉम्बे में छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद शुरू हुआ छात्रों का विरोध प्रदर्शन बातचीत के बाद आगे बढ़ा है। संस्थान प्रशासन ने छात्रों की ओर से रखी गई 18 मांगों के चार्टर पर सहमति जताई है। इस बीच प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला को भी निलंबित कर दिया गया है।

    साहिल वाकोडे 18 सितंबर को आईआईटी बॉम्बे के हॉस्टल स्थित कमरे में मृत पाए गए थे। वह एनर्जी साइंस विभाग के छात्र थे। उनकी मौत के बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने संस्थान प्रशासन के सामने कई मांगें रखीं और मामले की निष्पक्ष तथा स्वतंत्र जांच की मांग की।

    रविवार देर रात आईआईटी बॉम्बे के निदेशक प्रोफेसर शिरीष केदारे ने छात्रों के साथ बैठक की। बैठक में छात्रों की 18 मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके बाद संस्थान ने मांगों के चार्टर पर सहमति जताई। कुछ मांगों को लागू करने की दिशा में कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

    छात्रों की प्रमुख मांगों में साहिल की मौत की स्वतंत्र जांच शामिल है। छात्रों ने साहिल से संबंधित एक लिंक्डइन पोस्ट को लेकर सार्वजनिक माफी की मांग भी रखी है। इसके अलावा वे जांच की अंतरिम रिपोर्ट 30 सितंबर तक और पूरी रिपोर्ट 15 अक्टूबर तक जारी किए जाने की मांग कर रहे हैं।

    छात्रों ने शिक्षकों और प्रोफेसरों के लिए स्पष्ट नियम बनाने की मांग भी रखी है। इसके साथ ही कैंपस अस्पताल में चौबीसों घंटे मनोचिकित्सक की सुविधा उपलब्ध कराने और छात्रों के लिए काउंसलिंग व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की गई है।

    छात्रों का कहना है कि संस्थान के बड़े और महत्वपूर्ण फैसलों में उनकी राय को भी शामिल किया जाना चाहिए। इसके अलावा मांगों को एक महीने के भीतर पूरा नहीं किए जाने की स्थिति में उन्होंने निदेशक और कुछ अन्य अधिकारियों के इस्तीफे की मांग भी रखी है।

    साहिल की मौत के मामले को लेकर उनके पिता रविंद्र वाकोडे ने एक प्रोफेसर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला पिछले करीब तीन महीने से साहिल को जाति को लेकर अपमानित कर रहे थे। पिता ने यह भी आरोप लगाया कि साहिल को गलत मामले में फंसाने की धमकी दी गई थी।

    संस्थान के अनुसार 18 सितंबर को परीक्षा के दौरान साहिल को मोबाइल फोन से नकल करते हुए पकड़ा गया था। इसके कुछ समय बाद उनके हॉस्टल के कमरे में मृत पाए जाने की जानकारी सामने आई। इस घटनाक्रम के बाद मामले को लेकर छात्रों में आक्रोश बढ़ा और विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ।

    साहिल के पिता की शिकायत के आधार पर पवई पुलिस ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उनके खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है।

    सूर्यनारायण डुल्ला आईआईटी बॉम्बे के डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग में प्रोफेसर हैं और लंबे समय से संस्थान से जुड़े हुए हैं। छात्रों के विरोध के बीच संस्थान ने 20 सितंबर की शाम उनके निलंबन की कार्रवाई की।

    अब छात्रों की 18 मांगों को लागू करने की प्रक्रिया और मामले में आगे की कार्रवाई पर नजर है। संस्थान की ओर से आने वाले ओपन हाउस में मांगों पर हुई प्रगति और अन्य कदमों की जानकारी दिए जाने की संभावना है। जांच की रिपोर्ट सामने आने के बाद मामले से जुड़े आरोपों और घटनाक्रम की स्थिति भी और स्पष्ट हो सकेगी।

  • भिण्ड में नाबालिग से दुष्कर्म, गर्भवती होने पर मामला दर्ज, आरोपी फरार

    भिण्ड में नाबालिग से दुष्कर्म, गर्भवती होने पर मामला दर्ज, आरोपी फरार


    भिण्ड । भिण्ड जिले के लहार अनुभाग के रौन थाना क्षेत्र में एक नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता कक्षा आठवीं की छात्रा है और हाल ही में गर्भवती होने की जानकारी मिलने पर परिजन उसे लेकर थाने पहुंचे और मामला दर्ज कराया।

    जानकारी के अनुसार पीड़िता की मोहल्ले में रहने वाली दो सगी बहनों के साथ दोस्ती थी। दोनों बहनें अक्सर उसे अपने घर बुलाती थीं। इसी दौरान उन्होंने अपने भाई Sahil से उसकी पहचान कराई। परिजनों का आरोप है कि एक दिन दोनों बहनों ने किशोरी को घर बुलाकर कमरे में अकेला छोड़ दिया और बाहर चली गईं। इसी दौरान साहिल ने उसके साथ जबरन गलत संबंध बनाए और किसी को बताने पर बदनाम करने की धमकी दी।

    पीड़िता के परिजन ने बताया कि उन्होंने साहिल के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है लेकिन आरोपी साहिल फिलहाल फरार है। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी है और आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन जारी है।

    घटना ने इलाके में सुरक्षा और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस ने कहा है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के लिए सभी संसाधन लगाए जा रहे हैं और पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा का आश्वासन दिया गया है। यह मामला स्थानीय प्रशासन और पुलिस के लिए गंभीर चुनौती बन गया है क्योंकि ऐसे अपराधों में त्वरित कार्रवाई और न्याय सुनिश्चित करना बेहद जरूरी होता है।