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  • सकट चौथ पर इन चीजों का करें दान, मिलेगा पुण्य

    सकट चौथ पर इन चीजों का करें दान, मिलेगा पुण्य


    नई दिल्ली । माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के चतुर्थी व्रत को सकट चौथ का व्रत कहा जाता है।महिलाएं इस दिन व्रत रखकर संतान की दीर्घायु का वरदान मांगती है। साथ ही इस दिन भगवान गणेश की पूजा अर्चना की जाती है। इसे माघी चतुर्थी, तिल चौथ, संकट चौथ के नाम से भी जाना जाता है। यह व्रत 6 जनवरी 2026 को रखा जाएगा
    हिंदू धर्म सकट चौथ व्रत का काफी महत्व होता है। माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के चतुर्थी व्रत को सकट चौथ का व्रत कहा जाता है।महिलाएं इस दिन व्रत रखकर संतान की दीर्घायु का वरदान मांगती है। साथ ही इस दिन भगवान गणेश की पूजा अर्चना की जाती है। इसे माघी चतुर्थी, तिल चौथ, संकटा चौथ के नाम से भी जाना जाता है। नए साल में सकट चौथ व्रत 6 जनवरी 2026 को रखा जाएगा। इस दिन दान का काफी महत्व होता है। माना जाता है कि इस किन कुछ चीजों का दान करने से

    तिल और गुड़ का दान

    सकट चौथ को कई जगहों पर तिलकुटा चौथ के नाम से भी जाना जाता है। ऐसे में इस दिन तिल का दान बेहद शुभ फलदायी माना गया है। साथ ही इस दिन गुड़ का दान जरूर करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से शनि दोष का प्रभाव कम होता है।

    कपड़ों का दान
    शास्त्रों के अनुसार, इस दिन किसी जरूरतमंद व्यक्ति या योग्य ब्राह्मण को कंबल, ऊनी वस्त्र या जूते-चप्पल का दान करने से पितृ दोष शांत होता है। साथ ही संतान से जुड़ी परेशानियों और कष्टों से भी राहत मिलती है।

    घी का दान
    सकट चौथ के दिन घी करना भी शुभ होता है। इससे सौभाग्य बढ़ता है। घी का दान घर में धन-धान्य लाता है जिससे समृद्धि आती है। इससे शुक्र की कृपा प्राप्ति होती है और स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं से भी छुटकारा मिल सकता है।

    अन्न दान का महत्व

    सकट चौथ के अवसर पर अनाज का दान करने से घर में अन्न और धन की कभी कमी नहीं होती। धार्मिक मान्यता है कि इससे आर्थिक संकट दूर होता है और परिवार में समृद्धि बनी रहती है।

    तांबे के पात्र

    शास्त्रों में कहा गया है कि दक्षिणा के बिना कोई भी पूजा अधूरी रहती है। इसलिए सकट चौथ की पूजा संपन्न होने के बाद किसी ब्राह्मण को तांबे का पात्र और अपनी सामर्थ्य के अनुसार दक्षिणा दें।

    अन्य चीजें

    इसके अलावा सकट चौथ पर नमक का दान, चांदी का दान, कंबल का दान करना भी शुभ फलदायी माना गया है।

    किन चीजों का दान ना करें

    सकट चौथ के दिन भूलकर भी नुकीली चीजों का दान नहीं करना चाहिए। इस दिन नुकीली चीजों का दान करने से व्यक्ति को नुकसान झेलना पड़ सकता है। सकट चौथ के दिन तेल का दान करना मना होता है और भूलकर भी तेल कर दान नहीं करना चाहिए। सकट चौथ के दिन हल्दी का दान नहीं करना चाहिए। इस दिन हल्दी दान करने से वैवाहिक जीवन में परेशानी आने का खतरा रहता है।

  • जनवरी 2026 व्रत त्यौहार मकर संक्रांति से बसंत पंचमी तक जानें जनवरी में मनाए जाने वाले प्रमुख व्रत और त्योहार

    जनवरी 2026 व्रत त्यौहार मकर संक्रांति से बसंत पंचमी तक जानें जनवरी में मनाए जाने वाले प्रमुख व्रत और त्योहार


    नई दिल्ली ।जनवरी 2026 हिंदू पंचांग के अनुसार एक विशेष महीना है क्योंकि इस महीने माघ माह की शुरुआत होती है जो धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। यह महीना विभिन्न व्रतों और त्योहारों से भरा होता है जिनका सामाजिक और धार्मिक जीवन में गहरा महत्व है। खासकर मकर संक्रांति से लेकर बसंत पंचमी तक इन दिनों का पालन लाखों श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और भक्ति के साथ करते हैं।

    मकर संक्रांति 14 जनवरी

    मकर संक्रांति हिंदू कैलेंडर के अनुसार सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। यह त्योहार सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के दिन मनाया जाता है। इस दिन लोग तिल और गुड़ के साथ खिचड़ी बनाते हैं और दान पुण्य करते हैं। मकर संक्रांति का विशेष महत्व इस दिन सूर्य की उपासना और उत्तरायण के शुभारंभ के रूप में होता है।

    लोहड़ी 13 जनवरी

    लोहड़ी पंजाब और अन्य उत्तरी राज्यों में धूमधाम से मनाया जाने वाला पर्व है। इसे सर्दी के मौसम के अंत और फसल के कटने की खुशी में मनाया जाता है। इस दिन लोग आग जलाकर उस पर तिल गुड़ और मूंगफली डालते हैं और इसके साथ ही गाते-बजाते हैं।

    सकट चौथ 19 जनवरी

    सकट चौथ को विशेष रूप से महिलाएं व्रत रखकर संतान सुख और पारिवारिक सुख की कामना करती हैं। इस दिन महिलाएं व्रत करती हैं और घर-घर खास पकवान बनते हैं। व्रत का पालन श्रद्धा और भक्ति के साथ किया जाता है।

    मौनी अमावस्या 20 जनवरी

    मौनी अमावस्या को विशेष रूप से उपवास और मौन रहने का दिन माना जाता है। इस दिन गंगा स्नान और तर्पण करने की परंपरा है। भक्तगण इस दिन उपवास रखते हुए अपनी बुराईयों और पापों से मुक्ति के लिए प्रार्थना करते हैं।

    बसंत पंचमी 25 जनवरी

    बसंत पंचमी वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है और यह विशेष रूप से सरस्वती पूजा के रूप में मनाई जाती है। इस दिन विद्या की देवी सरस्वती की पूजा की जाती है और नए ज्ञान की प्राप्ति के लिए लोग विशेष आयोजन करते हैं। पीले रंग की विशेषता के साथ यह दिन उल्लास और उत्सव का प्रतीक बन जाता है। जनवरी का महीना कई महत्वपूर्ण धार्मिक और सामाजिक अवसरों के साथ आता है। इस दौरान श्रद्धालु इन व्रतों और त्योहारों का पालन करके जीवन में सुख समृद्धि और पुण्य की कामना करते हैं।