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  • शिवपुरी में पारस देसी घी में सीसे की मात्रा अधिक मिलने पर बिक्री पर प्रतिबंध

    शिवपुरी में पारस देसी घी में सीसे की मात्रा अधिक मिलने पर बिक्री पर प्रतिबंध

    शिवपुरी। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने पारस देसी घी के एक बैच की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। जांच में इस बैच में सीसे की मात्रा निर्धारित मानकों से अधिक पाई गई। इसके बाद संबंधित घी को मानव उपभोग के लिए असुरक्षित घोषित करते हुए उसके विक्रय, प्रदर्शन और ऑनलाइन आपूर्ति पर तत्काल रोक लगा दी गई है।

    कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई के संबंध में अभिहित अधिकारी एवं उपसंचालक ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी विष्णुदत्त शर्मा ने नियमित निरीक्षण के दौरान छत्री रोड स्थित ब्लिंक कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड के स्टोर से पारस देसी घी के बैच नंबर GU26FQG55 का नमूना लिया था। इसे जांच के लिए भोपाल भेजा गया था।

    राज्य खाद्य विश्लेषक की रिपोर्ट में नमूने में सीसे की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई। इसके आधार पर संबंधित बैच को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत मानव उपभोग के लिए असुरक्षित घोषित किया गया है।

    अभिहित अधिकारी एवं उपसंचालक डॉ. संजय ऋषिश्वर ने ब्लिंक कॉमर्स और संबंधित विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि प्रतिबंधित बैच के घी का न तो दुकानों पर प्रदर्शन किया जाए और न ही उसकी बिक्री या ऑनलाइन आपूर्ति की जाए। उपलब्ध शेष स्टॉक को तत्काल अलग रखकर उस पर ‘विक्रय हेतु प्रतिबंधित’ अंकित करना होगा।

    संबंधित कारोबारियों को आदेश प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर घी की कुल प्राप्त मात्रा, बेची गई मात्रा और शेष स्टॉक का विवरण बिलों सहित विभाग में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

    विभाग ने चेतावनी दी है कि प्रतिबंधित बैच का विक्रय करते पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 59 सहित अन्य लागू दंडात्मक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

  • बाजार में बिकने वाला सिंथेटिक पनीर की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी में केन्द्र सरकार

    बाजार में बिकने वाला सिंथेटिक पनीर की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी में केन्द्र सरकार


    नई दिल्ली।
    सरकार (Government) बाजार (Market) में बिकने वाले सिंथेटिक पनीर (Synthetic Cheese) पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रही है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (Food Safety and Standards Authority of India- FSSAI) ने फैसला लिया है कि कम पोषण वाले और सेहत को नुकसान पहुंचाने वाले दिखावटी पनीर को बाजार से पूरी तरह बाहर किया जाएगा। मामले से जुड़े दो अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

    इस मामले में बनी एक हाई लेवल कमेटी ने अक्टूबर 2025 में इस प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया था, जिसे मार्च 2026 की बैठक में आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है। समिति का कहना था कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा डेयरी उत्पादक देश है, लेकिन इसके बावजूद बाजार में बड़ी मात्रा में सस्ता सिंथेटिक पनीर बेचा जा रहा है। यह असली पनीर जैसा दिखता और स्वाद में मिलता-जुलता होता है, जिससे आम ग्राहक के लिए पहचान करना मुश्किल हो जाता है और वह भ्रमित होता है।


    1,000 कंपनियों के पास सिंथेटिक पनीर बनाने के लाइसेंस

    इसी वजह से इसे बाजार से चरणबद्ध तरीके से हटाने की योजना बनाई जा रही है। वर्तमान में सिंथेटिक पनीर की बिक्री पर पूरी तरह रोक नहीं है। देश में करीब 1,000 ऐसी कंपनियां या कारोबारी हैं, जिनके पास इसे बनाने का लाइसेंस है। नई नीति के तहत अब नए लाइसेंस जारी नहीं किए जाएंगे और मौजूदा कंपनियों को अपना स्टॉक खत्म करने और उत्पादन बंद करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा।


    इसलिए पड़ी जरूरत

    बीते कुछ समय से बाजार में ‘सिंथेटिक पनीर’ का चलन तेजी से बढ़ा है। यह एक सस्ता विकल्प है, जिसे ताजे दूध की बजाय मुख्यतः पाम ऑयल, मिल्क पाउडर, स्टार्च और इमल्सीफायर्स से बनाया जाता है। यह दिखने और बनावट में असली पनीर जैसा होता है, लेकिन इसकी गुणवत्ता और पोषण मूल्य दूध से बने पनीर की तुलना में काफी कम होता है। यह सिंथेटिक पनीर सस्ता होने के कारण कई रेस्तरां में उपयोग किया जाता है, जिससे उपभोक्ताओं को भ्रम होता है।

    लगातार बढ़ रहा बाजार: उत्तर भारत में खासतौर पर पनीर प्रोटीन का प्रमुख स्रोत माना जाता है। यही कारण है कि भारत का पनीर बाजार 10.8 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। मार्केट रिसर्च कंपनी आईएमएआरसी के अनुसार, वर्ष 2033 तक भारतीय पनीर बाजार के 22.1 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जिसकी वार्षिक वृद्धि दर 8.7% रहने की संभावना है।

    कीमत में भारी अंतर: अधिकारियों के अनुसार, असली ब्रांडेड पनीर की कीमत करीब 450 रुपये प्रति किलो तक होती है, जबकि खुले में बिकने वाला सिंथेटिक या बिना ब्रांड वाला पनीर 250 से 300 रुपये प्रति किलो तक बिकता है।


    स्वास्थ्य पर भी खतरा बढ़ा

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सिंथेटिक पनीर में प्रोटीन की मात्रा बहुत कम और फैट बहुत ज्यादा होता है। इसके नियमित सेवन से स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। इससे शरीर में इंसुलिन प्रतिरोध पैदा हो सकता है, जो टाइप-2 डायबिटीज का कारण बन सकता है।