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  • डिफेंस ने रोका ऑस्ट्रेलिया लेकिन गोल करने में चूकी टीम इंडिया, सलीमा टेटे ने बताई हार की सबसे बड़ी वजह

    डिफेंस ने रोका ऑस्ट्रेलिया लेकिन गोल करने में चूकी टीम इंडिया, सलीमा टेटे ने बताई हार की सबसे बड़ी वजह


    नई दिल्ली। भारतीय महिला हॉकी टीम का विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में शानदार सफर सेमीफाइनल से ठीक पहले थम गया। एम्स्टेलवीन में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला गया बेहद अहम मुकाबला 0-0 से ड्रॉ रहा और इस नतीजे ने भारत की अंतिम चार में पहुंचने की उम्मीदें खत्म कर दीं। भारतीय टीम ने पूरे मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मजबूत डिफेंस दिखाया और विपक्षी टीम को गोल करने से रोके रखा लेकिन दूसरी तरफ भारतीय खिलाड़ी अपने बनाए मौकों को गोल में नहीं बदल सकीं। आखिरकार यही चूक टीम पर भारी पड़ी। भारत और ऑस्ट्रेलिया के अंक और गोल अंतर बराबर रहे लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे चरण में भारत से ज्यादा गोल किए थे इसलिए वह सेमीफाइनल में पहुंच गया।

    मैच के बाद भारतीय कप्तान सलीमा टेटे की निराशा साफ नजर आई। उन्होंने माना कि टीम से सबसे बड़ी गलती गोल करने के मिले अवसरों को फिनिश नहीं कर पाने की रही। सलीमा ने कहा कि टीम काफी करीब पहुंच गई थी लेकिन मुकाबला उसके हाथ से निकल गया। उन्होंने यह भी माना कि यह बेहद मुश्किल मैच था और खिलाड़ियों को इस अनुभव से सीख लेकर आगे बढ़ना होगा। कप्तान के मुताबिक टीम के पास मौके आए लेकिन निर्णायक क्षणों में फाइनल टच नहीं मिल सका।

    भारत के लिए यह मुकाबला जीतना जरूरी था। दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया के लिए ड्रॉ भी सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए पर्याप्त था। इसी वजह से भारतीय टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाया और कई बार ऑस्ट्रेलियाई सर्कल में दबाव बनाया। पहले हाफ के आखिरी हिस्से में भारत को पेनल्टी कॉर्नर से बड़ा मौका मिला। वैरिएशन के जरिए गेंद निक्की तक पहुंची और उनके पास गोल करने का अवसर था लेकिन भारतीय टीम इसका फायदा नहीं उठा सकी। तीसरे क्वार्टर में नवनीत कौर और बलजीत की शानदार मूव के बाद दीपिका को मौका मिला लेकिन वह गेंद से सही संपर्क नहीं कर पाईं। अंतिम क्वार्टर की शुरुआत में सलीमा ने सर्कल के अंदर शानदार लो क्रॉस भी दिया लेकिन भारतीय फॉरवर्ड खिलाड़ी उस मौके को गोल में नहीं बदल सकीं।

    ऑस्ट्रेलिया ने भी भारतीय डिफेंस पर दबाव बनाया और दो बार गेंद को गोल में पहुंचाया लेकिन भारत के सफल रेफरल के बाद दोनों गोल रद्द कर दिए गए। इससे भारतीय टीम के पास मुकाबले में वापसी और जीत हासिल करने का मौका बना रहा। आखिरी पांच मिनट में भारत ने बड़ा जोखिम उठाया और गोलकीपर बिचू देवी को मैदान से बाहर कर अतिरिक्त आउटफील्ड खिलाड़ी उतारा। टीम ने पूरी ताकत से निर्णायक गोल की तलाश की लेकिन ऑस्ट्रेलिया की रक्षापंक्ति को भेदने में कामयाबी नहीं मिली। आखिरकार सीटी बजने के साथ स्कोर 0-0 रहा और भारत का सेमीफाइनल का सपना टूट गया।

    इस नतीजे में सबसे ज्यादा चर्चा उस मामूली अंतर की रही जिसने दोनों टीमों की किस्मत बदल दी। भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों के दो-दो अंक रहे और दोनों का गोल अंतर माइनस दो था। लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने तीन गोल किए थे जबकि भारत केवल दो गोल कर पाया था। इसी आधार पर ऑस्ट्रेलिया को सेमीफाइनल में जगह मिल गई। यानी भारत का सफर सिर्फ एक गोल के अंतर से थम गया।

    भारत ने टूर्नामेंट की शुरुआत चीन के खिलाफ 2-2 के ड्रॉ से की थी। इसके बाद टीम ने दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से हराकर शानदार प्रदर्शन किया और इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबला 0-0 से बराबर रहा। नीदरलैंड्स के खिलाफ 0-2 की हार के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबला निर्णायक बन गया था। टीम ने ऑस्ट्रेलिया को गोल करने से तो रोक दिया लेकिन खुद जीत के लिए जरूरी गोल नहीं कर सकी।

    सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर होने के बावजूद सलीमा टेटे ने टीम का हौसला बनाए रखा। उन्होंने साफ कहा कि भारत का वर्ल्ड कप अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है और टीम अब पांचवें स्थान के लिए पूरी ताकत से खेलेगी। भारत के लिए यह परिणाम निराशाजनक जरूर है लेकिन टीम का मजबूत डिफेंस और टूर्नामेंट में दिखाया गया जुझारूपन भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत भी है। भारत अब अपना अभियान पांचवें स्थान के मुकाबले के साथ खत्म करने की कोशिश करेगा।

  • भारतीय महिला हॉकी टीम की तैयारी, विश्व कप 2026 में स्थान पक्का करने का अभियान

    भारतीय महिला हॉकी टीम की तैयारी, विश्व कप 2026 में स्थान पक्का करने का अभियान


    नई दिल्ली। महिला हॉकी विश्व कप 2026 के लिए क्वालिफायर का आगाज हैदराबाद, तेलंगाना में रविवार से होने जा रहा है और भारतीय महिला हॉकी टीम इस टूर्नामेंट में अपनी विश्व कप की जगह पक्की करने के इरादे के साथ उतरेगी। मेजबान भारत के अलावा इस क्वालिफायर में इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, कोरिया, इटली, उरुग्वे, वेल्स और ऑस्ट्रिया जैसी टीमें हिस्सा ले रही हैं। सभी आठ टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है, जिसमें ग्रुप ए में इंग्लैंड, कोरिया, इटली और ऑस्ट्रिया हैं, जबकि ग्रुप बी में भारत, स्कॉटलैंड, उरुग्वे और वेल्स शामिल हैं। प्रत्येक ग्रुप से शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में प्रवेश करेंगी। फाइनल के अलावा एक कांस्य पदक मैच भी खेला जाएगा।

    क्वालिफायर में पहला, दूसरा और तीसरा स्थान हासिल करने वाली टीमें सीधे महिला हॉकी विश्व कप 2026 के लिए क्वालिफाई करेंगी। इसके अलावा हैदराबाद में चौथे स्थान पर रहने वाली विश्व की सबसे ऊंची रैंक वाली टीम को भी विश्व कप में जगह मिलेगी। इस बार के विश्व कप में पुरुषों और महिलाओं दोनों की प्रतियोगिता में 16 टीमें खेलेंगी, जिनमें से पहले ही नौ टीमों ने क्वालिफिकेशन हासिल कर लिया है।

    भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में घरेलू समर्थन पर भरोसा करेगी। टीम हाल ही में नियुक्त मुख्य कोच शोर्ड मारिन के नेतृत्व में उतरेगी। वर्तमान में भारतीय महिला हॉकी टीम विश्व रैंकिंग में नौवें स्थान पर है और इंग्लैंड के बाद टूर्नामेंट में दूसरी सबसे ऊंची रैंक वाली टीम है। भारत का मुख्य लक्ष्य विश्व कप में सीधी क्वालिफिकेशन हासिल करना है।

    टीम अपने अभियान की शुरुआत 8 मार्च को उरुग्वे के खिलाफ करेगी। इसके बाद 9 मार्च को स्कॉटलैंड और 11 मार्च को वेल्स के खिलाफ मुकाबले होंगे। भारतीय महिला हॉकी टीम अब तक विश्व कप के आठ संस्करण खेल चुकी है, और 1974 में चौथा स्थान हासिल करके अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया।

    क्वालिफायर से पहले भारतीय कप्तान सलीमा टेटे ने कहा, “हम अपने फैन्स के सामने अपने घर पर क्वालिफायर खेलने के लिए बहुत उत्साहित हैं। टीम इस टूर्नामेंट के लिए बहुत मेहनत कर रही है क्योंकि हम जानते हैं कि क्या दांव पर लगा है। यहां हर टीम विश्व कप में जगह बनाने के लिए मुकाबला कर रही है। हमें शुरू से ही कठिन मैचों की उम्मीद है। हैदराबाद में खेलना हमारे लिए बहुत खास होगा। घरेलू दर्शकों का हमेशा प्रेरणा देता है। हमारा फोकस एक बार में एक ही मैच पर रहने और अपना श्रेष्ठ देने पर होगा ताकि हम अच्छा प्रदर्शन कर सकें और विश्व कप में अपनी जगह पक्की कर सकें।”

    भारतीय टीम की यह तैयारी और घरेलू समर्थन उन्हें एक मजबूत शुरुआत देने के लिए तैयार है। क्वालिफायर में प्रदर्शन ही तय करेगा कि भारत महिला हॉकी विश्व कप 2026 में सीधी क्वालिफिकेशन हासिल कर पाती है या नहीं।