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  • बिहार में सम्राट कैबिनेट का विस्तार: 32 मंत्रियों ने ली शपथ, नीतीश के बेटे निशांत भी शामिल, PM मोदी और शाह रहे मौजूद

    बिहार में सम्राट कैबिनेट का विस्तार: 32 मंत्रियों ने ली शपथ, नीतीश के बेटे निशांत भी शामिल, PM मोदी और शाह रहे मौजूद


    नई दिल्ली। बिहार की राजनीति में आज बड़ा दिन देखने को मिला जब सम्राट चौधरी सरकार के कैबिनेट विस्तार में 32 नए मंत्रियों ने गांधी मैदान में शपथ ली। इस भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

    32 मंत्रियों ने ली शपथ, कई नए चेहरे शामिल
    सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के 22 दिन बाद हुए इस कैबिनेट विस्तार में बीजेपी, जेडीयू और सहयोगी दलों से कुल 32 विधायकों को मंत्री बनाया गया।

    बीजेपी से 15 मंत्री

    जेडीयू से 13 मंत्री

    LJP(R) से 2 मंत्री

    HAM और RLM से 1-1 मंत्री

    इस दौरान कई मंत्रियों ने एक साथ शपथ ली, जिससे समारोह बेहद तेज और व्यवस्थित रहा।

    नीतीश के बेटे निशांत कुमार बने मंत्री
    इस विस्तार में सबसे ज्यादा चर्चा नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की रही, जिन्होंने मंत्री पद की शपथ ली। इसके अलावा श्रवण कुमार, विजय सिन्हा, लेसी सिंह और दिलीप जायसवाल जैसे वरिष्ठ नेताओं ने भी शपथ ली।

    पीएम मोदी का भव्य स्वागत, रोड शो भी हुआ
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पटना एयरपोर्ट से सीधे रोड शो करते हुए गांधी मैदान पहुंचे। पूरे रास्ते समर्थकों ने फूलों की बारिश की और “मोदी-मोदी” के नारे लगाए।पीएम मोदी ने गाड़ी से ही लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।

    मंच पर दिग्गज नेताओं की मौजूदगी
    शपथ ग्रहण समारोह में मंच पर कई बड़े नेता मौजूद रहे, जिनमें शामिल हैं

    अमित शाह

    राजनाथ सिंह

    नीतीश कुमार

    बीजेपी अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ नेता
    नीतीश कुमार ने मंच पर पहुंचकर कई नेताओं से मुलाकात की और अपने बेटे निशांत को आशीर्वाद भी दिया।

    राष्ट्रगीत की जगह सीधे राष्ट्रगान
    कार्यक्रम में एक खास बात यह रही कि शुरुआत में सीधे राष्ट्रगान बजाया गया, जबकि सरकारी प्रोटोकॉल के अनुसार पहले “वंदे मातरम” बजाया जाना था।

    कैबिनेट में जातीय और सामाजिक संतुलन
    नए मंत्रिमंडल में जातीय समीकरण पर भी खास ध्यान दिया गया है

    ईबीसी: 10 ओबीसी: 6 दलित: 7

    सवर्ण: 9

    मुस्लिम: 1

    महिलाओं को भी प्रतिनिधित्व देते हुए 5 महिला मंत्रियों को शामिल किया गया है।

    किस दल से कितने मंत्री
    बीजेपी:
    EBC-5, OBC-2, दलित-2, सवर्ण-6

    जेडीयू:
    EBC-4, OBC-3, दलित-3, सवर्ण-1, मुस्लिम-1

    एलजेपी (आर): 1 दलित, 1 दलित एचएएम: 1 दलित आरएलएम: 1 OBC

    राजनीतिक हलचल तेज
    शपथ से पहले ही अमित शाह पटना पहुंचकर देर रात तक बैठकों में शामिल रहे, जहां कैबिनेट के चेहरों को अंतिम रूप दिया गया।बिहार का यह कैबिनेट विस्तार राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है, जिसमें नए और पुराने चेहरों के साथ-साथ जातीय संतुलन और गठबंधन राजनीति की स्पष्ट झलक दिखाई देती है।

  • सम्राट चौधरी आज दिल्ली प्रवास पर…. CM बनने के बाद पहली बार PM मोदी से मिलेंगे

    सम्राट चौधरी आज दिल्ली प्रवास पर…. CM बनने के बाद पहली बार PM मोदी से मिलेंगे


    पटना।
    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Chief Minister Samrat Chaudhary) आज दिल्ली जाने वाले हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) से मिलने दिल्ली जा रहे हैं। सीएम बनने के बाद वे पहली बार पीएम से मिलने वाले हैं। 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने सीएम पद की शपथ ली थी। उनके साथ जदयू के विजय कुमार चौधरी (Vijay Kumar Chaudhary) और बिजेंद्र यादव (Bijendra Yadav) ने भी मंत्री पद की शपथ ली। पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सम्राट चौधरी आज दिन में दिल्ली के लिए रवाना होने वाले हैं।

    बिहार में भाजपा के नेतृत्व में पहली बार सरकार बनी है। सम्राट चौधरी के शपथ ग्रहण समारोह में पीएम के शामिल होने की चर्चा चली थी। लेकिन, पीएम नहीं आए। माना जा रहा है कि सीएम के रूप में औपचारिक मुकालात और प्रदेश के विकास कार्यों की रणनीति को लेकर मुख्यमंत्री पीएम से मिलने जा रहे हैं। राजनैतिक और सरकार के दृष्टिकोण से दोनों नेताओं की मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है।

    संसद में महिला आरक्षण बिल गिर जाने के कारण बीजेपी और एनडीए के सभी दल विपक्षी कांग्रेस, राजद, सपा, टीएमसी पर हमलावर हैं। विपक्ष को महिला विरोधी साबित करने के अभियान में बिहार एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जा रहा है। सोमवार को पटना में जन आक्रोश महिला सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें सम्राट चौधरी ने महिलाओं को संबोधित किया। माना जा रहा है कि इस मामले में आगे की रणनीति पर पीएम सीएम मीटिंग में चर्चा होगी।

  • बिहार की कमान संभालते ही बड़ी परीक्षा: सम्राट चौधरी के सामने विकास की रफ्तार बढ़ाने की चुनौती

    बिहार की कमान संभालते ही बड़ी परीक्षा: सम्राट चौधरी के सामने विकास की रफ्तार बढ़ाने की चुनौती


    पटना। सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही बिहार की राजनीति में नया अध्याय शुरू हो गया है। लंबे समय तक राज्य की कमान संभालने वाले नीतीश कुमार ने विकास की मजबूत नींव रखी, अब उस पर “विकसित बिहार” की इमारत खड़ी करने की जिम्मेदारी नई सरकार पर आ गई है।

    नई सरकार ने “न्याय के साथ विकास” की अवधारणा को आगे बढ़ाते हुए “बदलता बिहार, बढ़ता बिहार” का नारा दिया है। लेकिन असली चुनौती अब इस बदलाव की गति को तेज करने की है।

    विकास की रफ्तार बढ़ाना सबसे बड़ी चुनौती
    नीतीश कुमार के कार्यकाल में बिहार की औसत विकास दर 10% से अधिक रही। हालांकि अर्थशास्त्रियों का मानना है कि विकसित राज्यों की श्रेणी में आने के लिए यह रफ्तार 20% के आसपास होनी चाहिए। ऐसे में सम्राट चौधरी के सामने कम समय में दोगुनी गति से विकास करने की बड़ी चुनौती है।

    शपथ लेने के तुरंत बाद ही उन्होंने अधिकारियों को साफ संकेत दे दिया कि काम की रफ्तार बढ़ानी होगी और लटकाने की प्रवृत्ति खत्म करनी होगी।

    डबल इंजन सरकार—ताकत या उम्मीद?
    राज्य में नई सरकार की एक बड़ी ताकत केंद्र में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का समर्थन है। “डबल इंजन” मॉडल के चलते केंद्र से सहयोग और संसाधनों की उम्मीद बढ़ जाती है।

    हालांकि, विशेष राज्य का दर्जा अभी तक नहीं मिल पाया है, लेकिन विशेष पैकेज के जरिए कुछ आर्थिक मदद जरूर मिली है।

    आर्थिक संसाधन बढ़ाना बड़ी चुनौती
    बिहार की सबसे बड़ी कमजोरी सीमित आंतरिक आय है। राज्य का आंतरिक राजस्व करीब 75 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचा है, जिसे तेजी से बढ़ाने की जरूरत है।

    केंद्र से करों और अनुदान में बड़ी हिस्सेदारी मिलती है
    बजट में कर्ज का भी प्रावधान है
    लेकिन अपनी आय अभी भी जरूरत के मुकाबले कम है

    ऐसे में सरकार को नए राजस्व स्रोत तलाशने और कठोर आर्थिक फैसले लेने पड़ सकते हैं।

    रोजगार, पलायन और गरीबी—तीन बड़ी चिंताएं
    बिहार की जमीनी चुनौतियां अब भी गंभीर हैं:

    बेरोजगारी
    कम प्रति व्यक्ति आय
    बड़े पैमाने पर पलायन

    जातीय सर्वेक्षण में लाखों परिवार गरीब पाए गए हैं। सरकार ने उन्हें आर्थिक सहायता देने और महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की योजनाएं शुरू की हैं, लेकिन इन पर भारी खर्च भी आएगा।

    अवसर भी कम नहीं
    नई सरकार के पास चुनौतियों के साथ अवसर भी हैं:

    प्रशासनिक ढांचा पहले से व्यवस्थित
    सुशासन की छवि
    केंद्र का समर्थन
    और नेतृत्व में नई ऊर्जा

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी सम्राट चौधरी की कार्यक्षमता और जमीनी अनुभव पर भरोसा जताया है।

    बिहार आज एक अहम मोड़ पर खड़ा है। मजबूत नींव तैयार है, लेकिन ऊंची उड़ान के लिए तेज फैसले, बेहतर संसाधन प्रबंधन और रोजगार सृजन पर फोकस जरूरी होगा।

    अब देखना यह है कि सम्राट चौधरी इन चुनौतियों को अवसर में बदलकर “विकसित बिहार” के लक्ष्य को कितनी तेजी से हासिल कर पाते हैं।

  • मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बिहार के नए नेतृत्व को दी बधाई विकास की जताई उम्मीद

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बिहार के नए नेतृत्व को दी बधाई विकास की जताई उम्मीद


    भोपाल । मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बिहार में नई सरकार के गठन पर शुभकामनाएं देते हुए वहां के नए नेतृत्व को बधाई दी है। उन्होंने सम्राट चौधरी को बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

    इसके साथ ही बिजेंद्र यादव और विजय कुमार चौधरी को उप मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर भी बधाई दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में इन सभी नेताओं के सफल कार्यकाल की कामना की है।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार की एनडीए सरकार विकास और सुशासन के नए मानक स्थापित करेगी।

    उन्होंने कहा कि बिहार जैसे महत्वपूर्ण राज्य में मजबूत नेतृत्व और बेहतर प्रशासन से आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा और राज्य तेजी से प्रगति की दिशा में आगे बढ़ेगा।

    मुख्यमंत्री ने यह भी उम्मीद जताई कि नई सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरी उतरेगी और विकास के साथ साथ सुशासन को भी प्राथमिकता देगी।

  • बिहार: नए CM सम्राट चौधरी आज डिप्टी सीएम बिजेंद्र यादव और विजय चौधरी के साथ लेंगे शपथ

    बिहार: नए CM सम्राट चौधरी आज डिप्टी सीएम बिजेंद्र यादव और विजय चौधरी के साथ लेंगे शपथ


    पटना।
    बिहार (Bihar) में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) (Bharatiya Janata Party (BJP) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) (National Democratic Alliance (NDA)) के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (New Chief Minister Samrat Chaudhary) के साथ आज 15 अप्रैल को सिर्फ दो नेता ही शपथ लेंगे। सूत्रों के मुताबिक आज सुबह लोकभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल सैयद अता हसनैन सीएम सम्राट चौधरी के साथ जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के वरिष्ठ नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव (Bijendra Prasad Yadav) और विजय कुमार चौधरी (Vijay Kumar Chaudhary) को डिप्टी सीएम पद की शपथ दिलाएंगे। सम्राट चौधरी सरकार के कैबिनेट विस्तार में भाजपा, जदयू और चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी- रामविलास (एलजेपी-आर), जीतनराम मांझी की हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (एचएएम) और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के नेताओं को मंत्री बनाया जाएगा।

    सूत्रों के मुताबिक सम्राट चौधरी विधानसभा में बहुमत साबित करने के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकते हैं, जिसमें भाजपा, जदयू, लोजपा-आर, हम और रालोमो के ज्यादातर पुराने मंत्रियों को फिर से मौका मिल सकता है। भाजपा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पार्टी 4 मई को पश्चिम बंगाल, असम और दूसरे राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद कैबिनेट विस्तार की योजना बना रही है। तब तक सम्राट चौधरी विधानसभा का सत्र बुलाकर अपना बहुमत साबित कर लेंगे।

    एनडीए के दोनों प्रमुख दल भाजपा और जदयू के बीच मंत्रियों की संख्या और विभागों के बंटवारे पर शुरुआती सहमति बन जाएगी, तभी दोनों दल बचे हुए सहयोगी दल लोजपा-आर, हम और रालोमो से बातचीत करेंगे। विधानसभा अध्यक्ष का पद भी भाजपा और जदयू के बीच लेन-देन की चर्चा का विषय हो सकता है, जिस पद पर अभी भाजपा के प्रेम कुमार हैं।