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  • गुरु पूर्णिमा 2026 आज ब्रह्म मुहूर्त से लेकर अबूझ मुहूर्त तक करें भगवान विष्णु और गुरु की आराधना जानें संपूर्ण पूजा विधि

    गुरु पूर्णिमा 2026 आज ब्रह्म मुहूर्त से लेकर अबूझ मुहूर्त तक करें भगवान विष्णु और गुरु की आराधना जानें संपूर्ण पूजा विधि


    नई दिल्ली । आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा के दिन मनाई जाने वाली गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति का एक अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक पर्व है। यह दिन केवल गुरु के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर नहीं बल्कि आत्मचिंतन ज्ञान और आध्यात्मिक उन्नति का भी पर्व माना जाता है। इस वर्ष गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई को मनाई जा रही है। पंचांग के अनुसार पूर्णिमा तिथि 28 जुलाई की शाम से प्रारंभ होकर 29 जुलाई की रात्रि तक रहेगी इसलिए उदया तिथि के आधार पर आज गुरु पूर्णिमा का व्रत और पूजन किया जा रहा है।

    धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन महर्षि वेदव्यास का अवतरण हुआ था। उन्होंने वेदों का संकलन किया और महाभारत सहित अनेक महान ग्रंथों की रचना की। इसी कारण गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा कहा जाता है। इस दिन अपने गुरु माता पिता शिक्षकों और जीवन में मार्गदर्शन देने वाले सभी लोगों का सम्मान करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

    इस बार गुरु पूर्णिमा पर कई शुभ योग भी बन रहे हैं जिन्हें अत्यंत फलदायी माना गया है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि में विराजमान हैं जिससे इस पर्व का महत्व और बढ़ गया है। ऐसे शुभ संयोग में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करने से सुख समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

    गुरु पूर्णिमा के दिन प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए। इसके बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर पूजा स्थान को शुद्ध करें और भगवान विष्णु मां लक्ष्मी तथा अपने गुरु का स्मरण करें। यदि गुरु प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित हों तो उनका आशीर्वाद लें। यदि संभव न हो तो उनके चित्र के समक्ष दीपक जलाकर पुष्प अर्पित करें और श्रद्धा के साथ प्रणाम करें। इसके बाद भगवान विष्णु को पीले पुष्प तुलसी दल फल और पंचामृत अर्पित करें। विष्णु सहस्रनाम अथवा ॐ नमो नारायणाय मंत्र का जप करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

    इस दिन दान का भी विशेष महत्व बताया गया है। जरूरतमंद लोगों को अन्न वस्त्र फल छाता जल पात्र या धार्मिक ग्रंथों का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। ब्राह्मणों और गुरुजनों का सम्मान कर उन्हें दक्षिणा देना भी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि गुरु के प्रति सच्ची श्रद्धा और सेवा से जीवन में आने वाली अनेक बाधाएं दूर होती हैं तथा ज्ञान और विवेक का प्रकाश मिलता है।

    गुरु पूर्णिमा केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है बल्कि यह हमें जीवन में मार्गदर्शन देने वाले हर व्यक्ति के प्रति आभार व्यक्त करने की प्रेरणा देती है। माता पिता शिक्षक आध्यात्मिक गुरु और वे सभी लोग जिन्होंने कठिन समय में सही दिशा दिखाई उन्हें सम्मान देना ही इस पर्व का वास्तविक संदेश है।

    धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा भाव से की गई पूजा साधना जप तप और दान का कई गुना फल प्राप्त होता है। इसलिए आज के दिन अहंकार त्यागकर विनम्रता अपनाएं गुरु का आशीर्वाद लें और भगवान श्रीहरि की आराधना कर जीवन में सुख शांति समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति की कामना करें।

  • मंगलवार को ऐसे करें हनुमान जी की पूजा: सही विधि, मंत्र और उपाय दूर करेंगे जीवन के सभी संकट डिस्क्रिप्शन:

    मंगलवार को ऐसे करें हनुमान जी की पूजा: सही विधि, मंत्र और उपाय दूर करेंगे जीवन के सभी संकट डिस्क्रिप्शन:


    नई दिल्ली ।सनातन संस्कृति में सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी देवता को समर्पित माना गया है और मंगलवार का दिन विशेष रूप से भगवान हनुमान के पूजन का दिवस है। भक्त मानते हैं कि इस दिन हनुमान जी की उपासना करने से साहसशक्तिबुद्धिभक्ति और स्वास्थ्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। हनुमान जी को संकटमोचन कहा गया है क्योंकि वे अपने भक्तों के सभी दुख और भय का नाश करते हैं।

    मंगलवार का महत्व – क्यों माना जाता है पवित्र?
    धर्मग्रंथों में उल्लेख है कि मंगलवार का दिन हनुमान जी के जन्म से जुड़ा है। माना जाता है कि इसी दिन बजरंगबली का प्रकटोत्सव हुआ था। इस कारण- इस दिन की गई पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाती है मनोकामनाएं तेजी से पूर्ण होती हैं जीवन में चल रहे बाधाएँकोर्ट-कचहरी के झंझटनौकरी में रुकावटें और ग्रह दोष कम होते हैं मानसिक तनाव और भय का नाश होता है लाखों भक्तों का अनुभव है कि मंगलवार का व्रत और पूजा नियमित रूप से करने पर जीवन में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देते हैं।

    हनुमान जी पूजा विधि – Tuesday Puja Vidhi

    मंगलवार की पूजा का समय सूर्योदय के बाद का माना गया है। नीचे दी गई सरल और संपूर्ण विधि से हनुमान जी की पूजा की जा सकती है:  स्नान और शुद्धि- सुबह जल्दी उठेंस्नान करें और साफ लाल या पीले वस्त्र धारण करें। घर के मंदिर या पूजा स्थान की सफाई कर दीया जलाएं। -हनुमान जी का ध्यान- हनुमान जी की मूर्ति या चित्र के सामने बैठकर उनका ध्यान करें। कुछ पल शांत रहकर ॐ हनुमते नमः का जप करें।-पूजा सामग्री- हनुमान जी को प्रिय सामग्री रखें-लाल चंदन, सिंदूर, चमेली का तेल, गुड़ और चने,लाल फूल ,तुलसी, दीपक और धूप ,विशेष रूप से सिंदूर और चमेली के तेल का अर्पण बहुत शुभ माना जाता है।- मंत्र और स्तोत्र पाठ- पूजन के दौरान निम्न मंत्र या स्तोत्र पढ़ना अत्यंत शुभ है:हनुमान चालीसा,बजरंग बाण,हनुमानाष्टक ,इनमें से कोई एक भी श्रद्धा पूर्वक पढ़ने से मन शांत होता है और ऊर्जा प्राप्त होती है।- नैवेद्य अर्पण- हनुमान जी को गुड़-चनाकेले या बूंदी का भोग लगाएं। अंत में आरती कर परिवार की सुख-शांति की कामना करें।

    मंगलवार के विशेष उपाय – Hanuman Ji Remedies

    धर्मग्रंथों और मान्यता के अनुसारकुछ सरल उपायों से हनुमान जी की कृपा और अधिक मिलती है:- सुबहे के समय हनुमान मंदिर जाएं मंदिर जाकर चमेली का तेल और सिंदूर चढ़ाएं। यह बाधाओं को दूर करता है। – गरीबों को प्रसाद बाँटे गुड़-चना या फल बच्चों और जरूरतमंदों को देने से पुण्य बढ़ता है।- कष्ट निवारण मंत्र का जप ॐ ऐं भ्रीम हनुमते श्रीराम दूताय नमः इस मंत्र का 108 बार जप करने से भय और नकारात्मकता दूर होती है। – मंगलवार का व्रत
    यदि स्वास्थ्य अनुमति देतो दिन भर फलाहार करके व्रत रख सकते हैं। यह मनोकामना पूर्ति के लिए अत्यंत प्रभावी माना जाता है।

    क्या कहते हैं धर्म शास्त्र?
    शास्त्रों में यह स्पष्ट कहा गया है कि हनुमान जी अत्यंत दयालु और भक्तवत्सल हैं। जो व्यक्ति सच्चे मन से उन्हें पुकारता हैउनकी सभी बाधाएँ दूर होती हैं।
    मंगलवार की नियमित पूजा-

    आत्मबल बढ़ाती है

    मानसिक स्थिरता देती है हर प्रकार की नकारात्मकता का नाश करती है कार्यों में सफलता दिलाती है इसी कारण हनुमान जी को संकटमोचन और कलियुग के जीवित देवता कहा गया है। मंगलवार का दिन हनुमान भक्ति का सर्वश्रेष्ठ दिन माना गया है। जो भक्त इस दिन विधि-विधान से पूजा करते हैंउनका जीवन भयरोगशोक और संकटों से मुक्त होकर सफलता और शांति की ओर बढ़ता है। श्रद्धा और भक्ति से की गई छोटी-सी पूजा भी बड़े परिणाम देती है।

  • Saphala Ekadashi 2025: सफला एकादशी पर करें ये पावन उपाय, खुल जाएंगे धन-संपत्ति और सफलता के द्वार!

    Saphala Ekadashi 2025: सफला एकादशी पर करें ये पावन उपाय, खुल जाएंगे धन-संपत्ति और सफलता के द्वार!


    हिंदू धर्म । में वर्ष भर आने वाली एकादशियों में से सफला एकादशी को विशेष रूप से सौभाग्य, धन-संपन्नता और मनोकामना पूर्ति की एकादशी माना गया है। मान्यता है कि इस दिन किए गए उपाय व्यक्ति को कुबेर जी की कृपा, नौकरी–व्यवसाय में सफलता और जीवन में रुके हुए कामों को गति प्रदान करते हैं।

    पंचांग के अनुसार, वर्ष 2025 में सफला एकादशी का व्रत सोमवार, 15 दिसंबर को पड़ेगा।
    यह तिथि भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी दोनों को प्रसन्न करने का शुभ अवसर मानी जाती है।

    सफला एकादशी 2025: धन-संपत्ति के लिए सबसे प्रभावी उपाय
    1. गन्ने के रस से अभिषेक

    उपाय:
    इस दिन भगवान विष्णु का गन्ने के रस से अभिषेक करें।

    लाभ:
    बुध ग्रह मजबूत होता है, व्यापार में तरक्की, नौकरी में उन्नति और आर्थिक स्थिति शीघ्र सुधरती है।

    2. एकाक्षी नारियल और हल्दी का चमत्कारी उपाय

    उपाय:

    भगवान विष्णु को एकाक्षी नारियल अर्पित करें।

    पूजा में हल्दी की गांठ, चने की दाल और गुड़ चढ़ाएं।

    पूजा के बाद नारियल और हल्दी की गांठ को लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी या धन स्थान पर रखें।

    लाभ:
    घर में स्थायी धन-समृद्धि का वास होता है और माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

    3. पीपल वृक्ष की पूजा और दीपदान

    उपाय:

    सुबह पीपल के पेड़ की जड़ में दूध और जल अर्पित करें।

    शाम को सरसों के तेल का दीपक जलाकर पीपल वृक्ष के नीचे रखें।

    इसके बाद 11 बार परिक्रमा करें।

    लाभ:
    पितृदोष व कालसर्प दोष से राहत मिलती है, जीवन की बाधाएँ दूर होती हैं और धन लाभ के योग बनते हैं।

    4. दक्षिणावर्ती शंख से अभिषेक

    उपाय:

    दक्षिणावर्ती शंख को पीतल के पात्र में रखें।

    उसमें गंगाजल और केसर मिलाकर भगवान विष्णु का अभिषेक करें।

    अभिषेक के बाद शंख को पूजा स्थल पर रख दें।

    लाभ:
    मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं और हर क्षेत्र में सफलता मिलने लगती है।

    5. तुलसी दल का विशेष प्रयोग

    उपाय:

    7 या 21 तुलसी दल लें।

    उन पर हल्दी लगाकर भगवान विष्णु को अर्पित करें।

    पूजा के बाद तुलसी दल को अपने पर्स या तिजोरी में रखें।

    लाभ:
    जीवन में सुख-शांति बढ़ती है और घर में धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती।

    सफला एकादशी पर दान का विशेष पुण्य
    1. अन्न दान

    गरीबों को चावल, दाल, गेहूं आदि देना अत्यंत शुभ माना गया है। इससे घर में अन्न की बरकत बनी रहती है।

    2. गर्म कपड़ों का दान

    पौष माह में विशेष रूप से गर्म वस्त्र दान करना उत्तम फलदायी है।

    3. फल का दान

    भगवान विष्णु को फल अर्पित करने के बाद उन्हीं फलों का दान करने से पुण्य कई गुना बढ़ जाता है।

    15 दिसंबर 2025 को आने वाली सफला एकादशी धन वृद्धि, सफलता और शुभ फलों का मार्ग खोलने वाली तिथि है। सही विधि से पूजा और इन उपायों के पालन से भक्तों पर भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।