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  • संजय बांगड़ बोले- गुजरात टाइटंस की गेंदबाजी सफलता के पीछे आशीष नेहरा की अहम भूमिका

    संजय बांगड़ बोले- गुजरात टाइटंस की गेंदबाजी सफलता के पीछे आशीष नेहरा की अहम भूमिका


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में Gujarat Titans की शानदार गेंदबाजी चर्चा का विषय बनी हुई है। अब भारतीय टीम के पूर्व ऑलराउंडर और कोच Sanjay Bangar ने भी टीम की सफलता का बड़ा श्रेय हेड कोच Ashish Nehra को दिया है। उनका कहना है कि गुजरात टाइटंस के गेंदबाजों पर नेहरा का गहरा प्रभाव साफ दिखाई देता है।

    ईएसपीएनक्रिकइंफो से बातचीत में Sanjay Bangar ने कहा कि आशीष नेहरा गेंदबाजों को सही दिशा देने और उनसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन निकलवाने में माहिर हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि Mohammed Siraj जब अपने शुरुआती दौर में थे, तब वे आज जैसे घातक गेंदबाज नहीं थे, लेकिन नेहरा के मार्गदर्शन में उनका खेल लगातार बेहतर हुआ।

    बांगड़ ने दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज Kagiso Rabada के प्रदर्शन में आए सुधार का श्रेय भी नेहरा को दिया। उन्होंने कहा कि 2019 और 2020 के बाद रबाडा का फॉर्म गिरा था, लेकिन गुजरात टाइटंस से जुड़ने के बाद वे फिर लय में लौटे हैं।

    उन्होंने कहा कि नेहरा हमेशा “टेस्ट मैच लेंथ” पर गेंदबाजी करने पर जोर देते हैं। यही रणनीति टी20 क्रिकेट में भी गुजरात के गेंदबाजों को लगातार सफलता दिला रही है। बांगड़ के मुताबिक, नेहरा का प्रभाव अक्सर उतना चर्चा में नहीं आता, जितना आना चाहिए।

    Mohit Sharma, Mohammed Shami और Jason Holder जैसे गेंदबाजों का उदाहरण देते हुए बांगड़ ने कहा कि इन खिलाड़ियों ने भी नेहरा के मार्गदर्शन में बेहतरीन प्रदर्शन किया।

    आईपीएल 2026 में गुजरात टाइटंस की गेंदबाजी यूनिट सबसे मजबूत मानी जा रही है। टीम के कई गेंदबाज टॉप विकेट लेने वालों की सूची में शामिल हैं। Kagiso Rabada ने 12 मैचों में 21 विकेट, Rashid Khan ने 16 विकेट, Prasidh Krishna ने 14 विकेट, Jason Holder ने 13 विकेट और Mohammed Siraj ने भी 13 विकेट हासिल किए हैं। इन्हीं शानदार प्रदर्शनों के दम पर Gujarat Titans 16 अंकों के साथ अंकतालिका में शीर्ष स्थान पर बनी हुई है।

  • पूर्व क्रिकेटर संजय बांगड़ ने ऋषभ पंत के शॉट चयन पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह अपनी बल्लेबाजी से खुद निराश होंगे।

    पूर्व क्रिकेटर संजय बांगड़ ने ऋषभ पंत के शॉट चयन पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह अपनी बल्लेबाजी से खुद निराश होंगे।


    नई दिल्ली ।आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेले गए मुकाबले के बाद एलएसजी के कप्तान ऋषभ पंत की बल्लेबाजी एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है। इस मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स को 40 रन से हार का सामना करना पड़ा, जहां टीम का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। खास तौर पर कप्तान ऋषभ पंत की पारी ने टीम की मुश्किलें बढ़ा दीं और उनकी बल्लेबाजी पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं।

    पूर्व क्रिकेटर संजय बांगड़ ने पंत के प्रदर्शन का विश्लेषण करते हुए कहा कि उनकी पारी की शुरुआत बेहद खराब रही। उन्होंने बताया कि शुरुआती गेंदों पर पंत ने लगातार आक्रामक शॉट खेलने की कोशिश की, जो उनकी स्थिति और मैच की परिस्थिति के हिसाब से सही नहीं था। एक अनुभवी टॉप ऑर्डर बल्लेबाज होने के बावजूद उनका यह रवैया टीम के लिए नुकसानदायक साबित हुआ।

    संजय बांगड़ के अनुसार, पंत के शॉट चयन में स्पष्टता की कमी नजर आई। उन्होंने कहा कि एक कप्तान और प्रमुख बल्लेबाज के रूप में पंत से यह उम्मीद की जाती है कि वह पारी को समझदारी से आगे बढ़ाएं, लेकिन इस मैच में उन्होंने जल्दबाजी में जोखिम भरे शॉट खेले। बांगड़ ने यह भी कहा कि पंत की बॉडी लैंग्वेज से साफ दिख रहा था कि वह अपने ही निर्णयों से खुश नहीं थे और उन्हें अपनी गलती का एहसास हो चुका था।

    मैच के दौरान लखनऊ सुपर जायंट्स की पूरी बल्लेबाजी क्रम संघर्ष करती नजर आई और टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में असफल रही। राजस्थान रॉयल्स के गेंदबाजों ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा और लगातार विकेट निकालते रहे, जिसके कारण एलएसजी की पारी 119 रन पर ही सिमट गई। लक्ष्य का पीछा करते हुए राजस्थान रॉयल्स ने आसानी से जीत हासिल कर ली।

    इस हार ने लखनऊ सुपर जायंट्स की रणनीति और प्रदर्शन दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। टीम के कप्तान होने के नाते ऋषभ पंत पर जिम्मेदारी और बढ़ जाती है, लेकिन मौजूदा फॉर्म में उनका योगदान टीम के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। लगातार अस्थिर प्रदर्शन के कारण टीम को संतुलन बनाने में भी परेशानी हो रही है।

    संजय बांगड़ ने आगे यह भी कहा कि अगर पंत शुरुआत में थोड़ा संयम दिखाते और परिस्थिति को समझकर खेलते, तो उनका प्रदर्शन काफी बेहतर हो सकता था। उनके अनुसार, ऐसे बड़े खिलाड़ियों से उम्मीद होती है कि वे दबाव में भी समझदारी से खेलें और टीम को स्थिरता दें, लेकिन इस मैच में ऐसा देखने को नहीं मिला।