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  • 'मुन्ना भाई एमबीबीएस' के सेट से अचानक क्यों गायब हो जाते थे संजय दत्त? सह-कलाकार यतिन कार्येकर ने सालों बाद बयां किया शूटिंग का अनसुना दर्द

    'मुन्ना भाई एमबीबीएस' के सेट से अचानक क्यों गायब हो जाते थे संजय दत्त? सह-कलाकार यतिन कार्येकर ने सालों बाद बयां किया शूटिंग का अनसुना दर्द

    नई दिल्ली । बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता संजय दत्त के जीवन में एक दौर ऐसा भी था, जब वे अपनी पेशेवर प्रतिबद्धताओं और गंभीर कानूनी लड़ाइयों के बीच बुरी तरह फंसे हुए थे। साल 2003 में आई ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ की शूटिंग के दौरान सेट पर बने रहने के लिए उन्हें जिस मानसिक और शारीरिक संघर्ष से गुजरना पड़ा, उसका एक बेहद भावुक और अनसुना पहलू अब सामने आया है। फिल्म में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सह-कलाकार और अनुभवी अभिनेता यतिन कार्येकर ने हाल ही में उस दौर की परिस्थितियों को याद करते हुए कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।

    यतिन कार्येकर ने बताया कि फिल्म की शूटिंग के दौरान संजय दत्त आर्म्स एक्ट मामले और टाडा अदालत की सख्त कानूनी प्रक्रियाओं का सामना कर रहे थे। स्थिति इतनी अनिश्चित थी कि सेट पर काम करते समय भी अभिनेता का पूरा ध्यान अपनी अदालती तारीखों और कानूनी मामलों पर लगा रहता था। सेट पर मौजूद हर व्यक्ति इस बात से वाकिफ था कि संजय दत्त किस भारी मानसिक दबाव और तनाव के साए में कैमरे के सामने अभिनय कर रहे थे।

    शूटिंग के दिनों के माहौल को साझा करते हुए कार्येकर ने बताया कि अक्सर सेट पर अचानक एक फोन कॉल आता था और उसे सुनते ही संजय दत्त बिना किसी से कुछ कहे या बिना कोई औपचारिकता निभाए चुपचाप सेट छोड़कर चले जाते थे। उन्हें अचानक अदालत की कार्यवाही में शामिल होने के लिए तुरंत रवाना होना पड़ता था। ऐसे अनपेक्षित घटनाक्रमों के कारण फिल्म के निर्देशक राजकुमार हिरानी को कई बार भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।

    संजय दत्त के अचानक चले जाने के बाद निर्देशक को पूरी स्थिति को संभालने के लिए तुरंत अपने पूर्व-निर्धारित शूटिंग शेड्यूल में बदलाव करने पड़ते थे। निर्देशक हिरानी को अक्सर उन दृश्यों या शॉट्स को पूरी तरह बदलना पड़ता था, जिनमें संजय दत्त की मौजूदगी अनिवार्य थी। अभिनेता की अनुपस्थिति के कारण सेट पर मौजूद अन्य कलाकारों के साथ अलग दृश्यों की योजना बनाई जाती थी ताकि शूटिंग का कीमती समय बर्बाद न हो और काम सुचारू रूप से चलता रहे।

    इस भारी व्यक्तिगत संकट और कानूनी दबाव के बावजूद संजय दत्त ने कभी भी अपने काम की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया। जब भी वे अदालत की कार्यवाही से लौटकर वापस सेट पर आते थे, तो वे पूरी तरह से अपने किरदार ‘मुन्ना भाई’ में ढल जाते थे। कार्येकर के अनुसार, संजय दत्त की यह क्षमता अद्भुत थी कि वे इतनी बड़ी मानसिक उथल-पुथल के बीच भी कैमरे के सामने आते ही अपने सारे गम और तनाव भूलकर एक जीवंत प्रदर्शन देने में सफल रहते थे।

    फिल्म के क्रू और साथी कलाकारों ने भी उस कठिन समय में संजय दत्त का भरपूर सहयोग किया। सेट पर मौजूद सभी लोग अभिनेता की बेबसी और उनकी पारिवारिक परिस्थितियों को गहराई से समझते थे। उनके पिता सुनील दत्त भी उस समय बेटे को इस संकट से निकालने के लिए हर संभव कानूनी और नैतिक प्रयास कर रहे थे। यही कारण था कि पूरी टीम ने बिना किसी शिकायत के हर विपरीत परिस्थिति में निर्देशक और अभिनेता के साथ तालमेल बिठाया।

    ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ न केवल संजय दत्त के करियर की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक साबित हुई, बल्कि इसने उनके गिरते हुए करियर को एक नई संजीवनी भी प्रदान की थी। आज सालों बाद जब सेट के ये वाकये सामने आ रहे हैं, तो यह साफ होता है कि पर्दे पर दर्शकों को हंसाने और गुदगुदाने वाले ‘मुन्ना भाई’ के पीछे एक अभिनेता का कितना बड़ा व्यक्तिगत दर्द और अदालती संघर्ष छिपा हुआ था, जिसने भारतीय सिनेमा इतिहास की एक कालजयी फिल्म को आकार दिया।

  • जब मुश्किलों में घिरा था परिवार, तब लोगों ने उड़ाया मजाक; त्रिशला दत्त ने सुनाया दर्दभरा किस्सा

    जब मुश्किलों में घिरा था परिवार, तब लोगों ने उड़ाया मजाक; त्रिशला दत्त ने सुनाया दर्दभरा किस्सा


    नई दिल्ली । साल 1993 में मुंबई में हुए बम धमाकों के दौरान संजय दत्त पर एके 56 राइफल और 9 एमएम पिस्टल समेत प्रतिबंधित हथियारों को रखने का आरोप लगा था। इसके लिए संजय दत्त को जेल की हवा भी खानी पड़ी थी। जब संजय दत्त इन परेशानियों से गुजर रहे थे, तब उनकी बेटी त्रिशला महज 5 साल की थीं। अब त्रिशला ने उस बुरे वक्त को याद करते हुए बताया कि कैसे उस वक्त उनका परिवार परेशानी झेल रहा था।

    जब जेल गए थे संजय दत्त

    इनसाइड थॉट्स आउट लाउड से खास बातचीत में 38 साल की त्रिशला ने बताया, “बहुत कम उम्र में ही उन्हें नशे की लत से जूझना पड़ा, उससे बाहर आना, फिर जेल जाना, वहां लगभग तीन साल रहना और फिर वहां से बाहर आना। मैं सोच भी नहीं सकती कि वो क्या महसूस कर रहे होंगे।”
    त्रिशला बोलीं- कभी अपने पिता से किसी भी चीज के लिए नाराज नहीं हुई
    त्रिशला ने इस बारे में भी बात की कि जब पूरा देश उनके परिवार के संघर्षों को देख रहा था, तब उस स्थिति से डील करना उनके लिए कितना मुश्किल हो रहा था। उन्होंने कहा, वो बहुत मुश्किल था क्योंकि मैं उनसे बात नहीं कर पा रही थी क्योंकि वो किसी चीज से गुजर रहे थे, और अगर मैं उन्हें कॉल कर भी रही थी, उनके आसपास लोग होते थे।
    उस वक्त उनसे इस बारे में बात करना भी मुश्किल हो रहा था। लेकिन जब दुनिया आपके परिवार को बिखरता हुआ देखती है, तो वो आसान नहीं होता है। मुझे लगता है बहुत सारे लोग मुझे इसलिए देखते थे कि मेरा रिएक्शन क्या होगा। मेरा रिएक्शन था कि मुझे अपने पिता के लिए स्ट्रॉन्ग बनना है। मैं कभी भी अपने पिता से गुस्सा नहीं हुई, किसी भी चीज के लिए।

    मेरे पिता के खराब वक्त में लोग मना रहे थे जश्न

    त्रिशला ने बताया कि कैसे बहुत से लोग उस वक्त उनके पिता के पतन का जश्न मना रहे थे। उन्होंने कहा, “मैंने सब देखा है। सब पढ़ा है। बहुत लोग जश्न मना रहे थे। वो वहां वापस जा रहे थे क्योंकि लोगों की अपनी राय थी।”
    त्रिशला पर गर्व करते हैं संजय दत्त
    त्रिशला ने इस बात को माना कि इतनी कम उम्र में इतना ट्रॉमा झेलने के बाद, उन्हें बुली भी किया गया। उन्होंने कहा कि उससे निकलने के लिए उन्हें सालों लग गए। त्रिशला ने कहा कि वो कह सकती हैं कि उनके पिता को आज उनमें बदलाव नजर आता है।
    त्रिशला ने कहा कि कभी उनके पिता ने सीधेतौर पर तो ये नहीं कहा कि वो मुझमें बदलाव देख सकते हैं, लेकिन वो कहते हैं कि उन्हें मुझपर गर्व है। मुझे गर्व है कि तुम इतना आगे आ गई हो। बस ध्यान रखो कि अपने काम पर फोकस करो, अपना फोकस मत खो। वो कहते हैं कि अगर मुझे जरूरत है तो वो हमेशा मेरे साथ हैं।इतने संघर्षों के बीच त्रिशला ने जो अपने पिता से सीखा वो है जरूरतमंदों की मदद करना। अगर कोई मुसीबत में है, तो उसकी मदद करो। किसी को नीचा मत दिखाओ और कभी मत सोचो की आप दूसरों से बेहतर हैं।
  • अश्लीलता के आरोप में ‘सरके चुनर’ गाना घिरा विवाद में महिला आयोग ने जारी किया समन

    अश्लीलता के आरोप में ‘सरके चुनर’ गाना घिरा विवाद में महिला आयोग ने जारी किया समन


    नई दिल्ली: फिल्म ‘KD The Devil’ के आइटम नंबर ‘सरके चुनर तेरी सरके’ को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। यह गाना अब सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा बल्कि इसकी गूंज अब राजनीतिक और कानूनी गलियारों तक पहुंच चुकी है। गाने की सामग्री को लेकर उठे सवालों के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कदम उठाया है।

    रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रीय महिला आयोग ने गाने को उत्तेजक और आपत्तिजनक करार देते हुए कहा है कि इसकी सामग्री भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करती प्रतीत होती है। आयोग का कहना है कि इस तरह की सामग्री समाज में गलत संदेश देती है और विशेषकर महिलाओं की गरिमा को प्रभावित करती है।

    इसी के चलते आयोग ने फिल्म से जुड़े प्रमुख लोगों को नोटिस जारी किया है। इसमें अभिनेता संजय दत्त, अभिनेत्री नोरा फतेही और फिल्म के निर्देशक को आयोग के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है। सभी को 24 मार्च को दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर संबंधित व्यक्ति निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

    इस पूरे मामले में गाने को लेकर सोशल मीडिया पर भी काफी विरोध देखने को मिला है। आलोचकों का कहना है कि गाने के बोल और प्रस्तुति अश्लीलता की सीमा को पार करते हैं। बढ़ते विवाद के बाद फिल्म के हिंदी वर्जन को कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाया भी जा चुका है।

    वहीं अभिनेत्री नोरा फतेही ने इस मामले पर अपनी सफाई देते हुए कहा है कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि हिंदी वर्जन में गाना इस तरह से पेश किया जाएगा। उनके अनुसार गाने की शूटिंग कन्नड़ वर्जन के लिए की गई थी और हिंदी वर्जन के कंटेंट की जानकारी उन्हें पहले से नहीं दी गई थी। उन्होंने यह भी कहा है कि वह इस गाने का प्रचार नहीं करेंगी।

    इससे पहले यह मामला संसद तक भी पहुंच चुका है, जहां केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री ने स्पष्ट किया था कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर अश्लील या आपत्तिजनक सामग्री को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी के तहत संबंधित गाने पर कार्रवाई करते हुए इसे प्रतिबंधित भी किया गया है।

    कुल मिलाकर ‘सरके चुनर’ गाना अब एक बड़े विवाद का केंद्र बन चुका है, जहां एक ओर रचनात्मक स्वतंत्रता और दूसरी ओर सामाजिक जिम्मेदारी के बीच बहस तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इस मामले में क्या निर्णय सामने आता है, यह देखना अहम होगा और यह तय करेगा कि इस तरह के कंटेंट पर आगे किस तरह की सख्ती बरती जाएगी

  • चोली के पीछे सही तो सरके चुनर पर बवाल क्यों? नोरा फतेही के गाने पर मचे हंगामे के बीच डायरेक्टर की पत्नी ने दागे तीखे सवाल

    चोली के पीछे सही तो सरके चुनर पर बवाल क्यों? नोरा फतेही के गाने पर मचे हंगामे के बीच डायरेक्टर की पत्नी ने दागे तीखे सवाल


    नई दिल्ली। साउथ की बहुप्रतीक्षित फिल्म केडी द डेविल अपनी रिलीज से पहले ही एक बड़े विवाद के केंद्र में आ गई है। फिल्म के नए गाने सरके चुनर तेरी सरके में नोरा फतेही और संजय दत्त की केमिस्ट्री को जहां कुछ लोग पसंद कर रहे थे, वहीं इसके डबल मीनिंग द्विअर्थी शब्दों ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है। विवाद इतना बढ़ा कि म्यूजिक पार्टनर ‘आनंद ऑडियो’ को यूट्यूब से इस गाने के हिंदी वर्जन को हटाना पड़ा। अब इस पूरे मामले पर फिल्म के राइटर-डायरेक्टर प्रेम की पत्नी और मशहूर अभिनेत्री रक्षिता प्रेम ने खुलकर अपनी बात रखी है।

    रक्षिता ने इंस्टाग्राम स्टोरीज के जरिए उन आलोचकों को आड़े हाथों लिया जो इस गाने की वजह से फिल्म के डायरेक्टर और उनके पिछले काम पर सवाल उठा रहे हैं। रक्षिता ने सवाल किया कि जब भारतीय सिनेमा में चोली के पीछे क्या है, पीलिंग्स और ड्रीमम वेकअपम जैसे गाने आए थे, तब उन्हें सहजता से स्वीकार कर लिया गया था। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा, जब पूरी की पूरी फिल्मों में केवल सेक्शुअल इंटरकोर्स की बातें की जाती हैं, तब किसी को ऐतराज नहीं होता, तो फिर अब इस एक गाने पर इतना बवाल क्यों? हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इसे सही नहीं ठहरा रही हैं, बल्कि केवल जनता के दोहरे रवैये को समझने की कोशिश कर रही हैं।

    रक्षिता ने फिल्म मेकर्स के प्रति हो रहे अभद्र व्यवहार पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दर्शकों को सवाल पूछने का पूरा अधिकार है, लेकिन किसी फिल्म मेकर या लेखक को गाली देना गलत है। उन्होंने कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री (सैंडलवुड) की चुनौतियों का जिक्र करते हुए बताया कि आज के समय में किसी फिल्म को ओटीटी या बड़े चैनल्स पर बेचना एक डायरेक्टर के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। रक्षिता के अनुसार, केडी (KD) हमारे बच्चे की तरह है और हम अंत में वही करेंगे जो फिल्म के लिए सही होगा।

    गौरतलब है कि यह फिल्म 30 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। गाने की शुरुआती लाइनों और इसके फिल्मांकन को लेकर मचे इस हंगामे ने फिल्म के प्रमोशन को एक अलग ही दिशा दे दी है। जहां एक तरफ फिल्म की टीम सिर्फ प्यार और भरोसे की बात कर रही है, वहीं दूसरी तरफ सेंसर बोर्ड और दर्शकों की पैनी नजर अब पूरी फिल्म पर टिकी हुई है।
  • सिनेमा प्रेमियों के लिए बड़ी खबर! मुन्नाभाई 3 और 3 इडियट्स 2 की स्क्रिप्ट पर काम शुरू, राजकुमार हिरानी ने खुद किया खुलासा

    सिनेमा प्रेमियों के लिए बड़ी खबर! मुन्नाभाई 3 और 3 इडियट्स 2 की स्क्रिप्ट पर काम शुरू, राजकुमार हिरानी ने खुद किया खुलासा


    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के दिग्गज निर्देशक राजकुमार हिरानी ने अपने करोड़ों प्रशंसकों को एक साथ दो बड़ी खुशियां दी हैं। लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए हिरानी ने पुष्टि कर दी है कि वे अपनी कल्ट क्लासिक फिल्मों- ‘3 इडियट्स’ 3 Idiots और ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ Munnabhai MBBS-के अगले भाग पर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। वैराइटी इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उनके पास इस वक्त कई विचार हैं जिन्हें वे बड़े पर्दे पर उतारने की तैयारी में हैं।

    हिरानी ने बताया कि ‘मुन्नाभाई 3’ के लिए उनके पास एक बेहद दमदार और बड़ा आइडिया है जो दर्शकों को एक बार फिर संजय दत्त और अरशद वारसी की प्रतिष्ठित जोड़ी के करीब लाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि फिलहाल वे कहानी के सही अंत Climax को तलाश रहे हैं। निर्देशक का कहना है कि जब तक स्क्रिप्ट पूरी तरह से संतोषजनक नहीं होती वे शूटिंग शुरू नहीं करेंगे। ‘मुन्नाभाई’ सीरीज ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर राज किया था बल्कि समाज को ‘गांधीगिरी’ और ‘जादू की झप्पी’ जैसे विचार भी दिए थे।

    वहीं ‘3 इडियट्स’ के सीक्वल पर बात करते हुए हिरानी ने मुस्कुराते हुए कहा कि उनके मन में अचानक एक नया विचार आया है जिस पर काम शुरू हो चुका है। साल 2009 में रिलीज हुई ‘3 इडियट्स’ ने आमिर खान आर. माधवन और शर्मन जोशी की तिकड़ी के जरिए शिक्षा व्यवस्था पर जो कटाक्ष किया था वह आज भी प्रासंगिक है। निर्देशक के पास इस वक्त 3 से 4 अलग-अलग स्क्रिप्ट्स तैयार हो रही हैं और उन्हें जल्द ही यह फैसला करना होगा कि वे पहले किस फिल्म के साथ आगे बढ़ेंगे।

    फिलहाल यह तय नहीं है कि पहले ‘रैंचो’ की वापसी होगी या ‘मुन्ना भाई’ की, लेकिन हिरानी की इस पुष्टि ने सोशल मीडिया पर हलचल तेज कर दी है। दर्शक यह जानने को उत्सुक हैं कि क्या पुरानी स्टारकास्ट ही इन सीक्वल का हिस्सा होगी। एक बात तो तय है कि राजकुमार हिरानी की ये फिल्में एक बार फिर बॉक्स ऑफिस के कई रिकॉर्ड्स ध्वस्त करने की क्षमता रखती हैं।