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  • दिल्ली में ट्रायल में हुए रिजेक्ट, पिता ने तीन दिन में बदल दी किस्मत: संजू सैमसन ने सुनाया संघर्ष का प्रेरक किस्सा

    दिल्ली में ट्रायल में हुए रिजेक्ट, पिता ने तीन दिन में बदल दी किस्मत: संजू सैमसन ने सुनाया संघर्ष का प्रेरक किस्सा


    नई दिल्ली । टी20 विश्व कप 2026 में भारत की खिताबी जीत के अहम नायकों में शामिल विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने अपने क्रिकेट करियर के शुरुआती संघर्षों का भावुक किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि दिल्ली की टीम में बार-बार जगह नहीं मिलने के बाद उनके पिता ने ऐसा फैसला लिया जिसने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी।

    जियोस्टार के शो ‘सुपरस्टार्स’ में बातचीत के दौरान संजू ने कहा कि बचपन में वह अपने दोस्तों को डीडीसीए की जैकेट पहनकर दिल्ली की टीम के लिए खेलते देखते थे। इससे उनके मन में भी दिल्ली का प्रतिनिधित्व करने का सपना जगा। उन्होंने कई बार ट्रायल दिए, स्टेट कैंप तक पहुंचे और अच्छे रन भी बनाए, लेकिन अंतिम टीम में कभी जगह नहीं मिली।

    संजू ने बताया कि एक ट्रायल के बाद जब चयनित खिलाड़ियों की सूची जारी हुई तो उसमें उनका नाम नहीं था। वह और उनके पिता चुपचाप घर लौट आए। घर पहुंचते ही उनके पिता विश्वनाथन ने मां से कहा कि अब परिवार को केरल जाना होगा। मां ने बच्चों की पढ़ाई का हवाला देते हुए कुछ साल रुकने की सलाह दी, लेकिन पिता अपने फैसले पर अडिग रहे।

    उन्होंने कहा कि पिता ने साफ शब्दों में कहा कि अब और इंतजार नहीं होगा। तीन दिन के भीतर टिकट बुक हुई और पूरा परिवार ट्रेन से केरल रवाना हो गया। वहीं से उनके क्रिकेट करियर का नया अध्याय शुरू हुआ और उन्होंने केरल की ओर से खेलना शुरू किया।

    संजू ने दिल्ली में अपने बचपन की यादें भी साझा कीं। उन्होंने बताया कि उनके पिता दिल्ली पुलिस की फुटबॉल टीम से जुड़े थे और रोज अभ्यास के लिए जाते थे। खेल का माहौल देखकर बचपन से ही उन्हें भी खिलाड़ी बनने की प्रेरणा मिली। पुलिस कॉलोनी की सड़कों पर टेनिस बॉल से गली क्रिकेट खेलते-खेलते उनका क्रिकेट के प्रति जुनून बढ़ता गया।

    उन्होंने बताया कि उनके पिता ने कभी फुटबॉल खेलने के लिए मजबूर नहीं किया। हालांकि वे फुटबॉल भी खेलते थे, लेकिन पिता ने उनकी बल्लेबाजी देखकर महसूस किया कि क्रिकेट में उनका भविष्य बेहतर हो सकता है। इसके बाद उन्होंने संजू और उनके भाई दोनों को क्रिकेट पर पूरा ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।

    संजू ने दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम (तत्कालीन फिरोज शाह कोटला) से जुड़ी एक खास याद भी साझा की। उन्होंने बताया कि एक बार उनके पिता की वहां ड्यूटी थी। उन्होंने अधिकारियों से अनुरोध कर उन्हें नेट्स में अभ्यास करने का मौका दिलाया। संजू, उनके भाई और पिता ने करीब एक घंटे तक नेट्स में अभ्यास किया। संजू ने कहा कि उन्हें आज भी समझ नहीं आता कि उस समय उनके पिता ने यह कैसे संभव किया, लेकिन वही पल उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा।

    संजू सैमसन की यह कहानी बताती है कि प्रतिभा के साथ सही समय पर लिया गया साहसी फैसला और परिवार का अटूट विश्वास किसी भी खिलाड़ी की सफलता की सबसे बड़ी ताकत बन सकता है।

  • चेपॉक में गरमाया माहौल, संजू सैमसन और क्लासेन के बीच तीखी बहस ने मैच के बाद बढ़ाया ड्रामा

    चेपॉक में गरमाया माहौल, संजू सैमसन और क्लासेन के बीच तीखी बहस ने मैच के बाद बढ़ाया ड्रामा

    नई दिल्ली ।
    चेन्नई सुपर किंग्स को सनराइजर्स हैदराबाद के हाथों 5 विकेट से शिकस्त झेलनी पड़ी. मैच खत्म होने के बाद सनराइजर्स हैदराबाद की जीत से ज्यादा चर्चा संजू सैमसन और हेनरिक क्लासेन के बीच हुई उस तीखी बहस की रही, जिसने चेपॉक के माहौल में अलग ही रोमांच भर दिया.

    इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में सोमवार (19 मई) को एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए हाईवोल्टेज मुकाबले के दौरान चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाड़ियों के बीच मैदान पर तनाव देखने को मिला. सीएसके के विकेटकीपर संजू सैमसन और एसआरएच के स्टार बल्लेबाज हेनरिक क्लासेन के बीच हुई तीखी बहस ने तो मैच का माहौल पूरी तरह गरमा दिया.

    यह घटना सनराइजर्स हैदराबाद की पारी के 15वें ओवर में हुई. नूर अहमद ने उस ओवर की तीसरी गेंद ऑफ स्टम्प के बाहर फेंकी, जो एक गुगली थी. क्लासेन बड़ा शॉट खेलने के लिए क्रीज से बाहर निकले, लेकिन गेंद उनके बल्ले को छकाते हुए विकेटकीपर संजू सैमसन के दस्तानों में समा गई. सैमसन ने पलभर में बेल्स उड़ाकर क्लासेन को स्टम्प आउट कर दिया.

    संजू सैमसन की यह फुर्ती देखकर फैन्स को तुरंत महेंद्र सिंह धोनी की याद आ गई. सोशल मीडिया पर भी इस स्टम्पिंग की तुलना धोनी की क्लासिक विकेटकीपिंग से होने लगी. हालांकि असली ड्रामा इसके बाद शुरू हुआ. 26 गेंदों में 47 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर लौट रहे हेनरिक क्लासेन ने पिच के पास संजू सैमसन से कुछ कहा. जवाब में संजू सैमसन भी पीछे नहीं हटे.

    दोनों खिलाड़ियों के बीच कुछ सेकंड तक तीखी बहस चली. साउथ अफ्रीका के पूर्व बल्लेबाज हेनरिक क्लासेन पवेलियन की ओर लौटते वक्त भी पीछे मुड़कर लगातार कुछ कहते नजर आए, जिससे साफ था कि मामला सिर्फ मजाक तक सीमित नहीं था. मैदानी अंपायरों ने माहौल को शांत करने की कोशिश की.

    मैच में सनराइजर्स हैदराबाद ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चेन्नई सुपर किंग्स को 5 विकेट से हरा दिया. इस जीत के साथ हैदराबाद ने प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की कर ली, जबकि गुजरात टाइटन्स भी अंतिम-4 में पहुंच गई. पहले बल्लेबाजी करते हुए चेन्नई सुपर किंग्स ने 180/7 का स्कोर बनाया.

    संजू सैमसन ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और शुरुआती ओवरों में लगातार चौके जड़े, लेकिन कप्तान पैट कमिंस ने शानदार वापसी करते हुए तीन बड़े विकेट निकाले और सीएसके को बड़ा स्कोर बनाने से रोक दिया. मध्यक्रम में कार्तिक शर्मा ने तेज 32 रन बनाए, जबकि डेवाल्ड ब्रेविस ने 44 रनों की उपयोगी पारी खेली. इसके बावजूद सीएसके 200 रनों तक नहीं पहुंच सकी.

  • टी20 कप्तानी पर चर्चा तेज: शास्त्री ने गिनाई संजू सैमसन की खास खूबियां

    टी20 कप्तानी पर चर्चा तेज: शास्त्री ने गिनाई संजू सैमसन की खास खूबियां


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट में एक बार फिर कप्तानी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। टीम इंडिया के पूर्व मुख्य कोच और दिग्गज क्रिकेटर रवि शास्त्री ने विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन को लेकर बड़ा बयान दिया है। शास्त्री का मानना है कि आने वाले समय में संजू सैमसन भारत की टी20 टीम के कप्तान बनने के सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल हो सकते हैं।

    शास्त्री ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि वर्तमान कप्तान सूर्यकुमार यादव के बाद भारतीय टी20 टीम को एक नए नेतृत्व की आवश्यकता पड़ सकती है और उस भूमिका के लिए संजू सैमसन का नाम सबसे आगे है। उन्होंने कहा कि सैमसन के पास न केवल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव है, बल्कि उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी करके अपनी नेतृत्व क्षमता भी साबित की है।

    रवि शास्त्री के अनुसार, सैमसन एक ऐसे खिलाड़ी हैं जिनमें टॉप ऑर्डर में आकर तेज और आक्रामक बल्लेबाजी करने की क्षमता है। साथ ही वह दबाव की परिस्थितियों में शांत रहकर मैच को बदलने का दम रखते हैं। शास्त्री ने कहा कि यही गुण किसी भी सफल कप्तान की पहचान होते हैं।

    सैमसन के हालिया प्रदर्शन की सराहना करते हुए शास्त्री ने कहा कि टी20 विश्व कप 2026 में उनके प्रदर्शन ने सभी का ध्यान खींचा। उन्होंने टूर्नामेंट के सेमीफाइनल और फाइनल जैसे बड़े मुकाबलों में महत्वपूर्ण पारियां खेलकर भारत को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। इस शानदार प्रदर्शन के चलते उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ भी चुना गया था।

    आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी करते हुए भी सैमसन ने अपनी नेतृत्व क्षमता दिखाई है। उनकी कप्तानी में टीम 2022 में फाइनल तक पहुंची थी, जो उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है। शास्त्री ने कहा कि यह अनुभव उन्हें भविष्य में भारतीय टीम की कमान संभालने के लिए और मजबूत उम्मीदवार बनाता है।

    उन्होंने यह भी कहा कि सैमसन को लेकर पहले कई सवाल उठते रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने लगातार अच्छा प्रदर्शन करके अपने आलोचकों को जवाब दिया है। अब वह केवल एक प्रतिभाशाली बल्लेबाज नहीं बल्कि एक परिपक्व और जिम्मेदार खिलाड़ी के रूप में उभर चुके हैं।

    शास्त्री ने यह भी जोड़ा कि अगले दो से तीन वर्षों में सैमसन का प्रदर्शन और निखर सकता है और वह टीम इंडिया की लीडरशिप रेस में सबसे आगे नजर आ सकते हैं। उनके मुताबिक, यदि सैमसन इसी तरह फॉर्म और निरंतरता बनाए रखते हैं तो वह भारतीय टी20 क्रिकेट के भविष्य के कप्तान साबित हो सकते हैं।

  • 2027 वर्ल्ड कप में ओपनिंग को लेकर चर्चा तेज, संजू सैमसन को लेकर बढ़ी अटकलें; भारत की रणनीति पर सबकी नजर

    2027 वर्ल्ड कप में ओपनिंग को लेकर चर्चा तेज, संजू सैमसन को लेकर बढ़ी अटकलें; भारत की रणनीति पर सबकी नजर



    नई दिल्ली। भारत के 2027 वनडे वर्ल्ड कप को लेकर अभी से चर्चाएं और संभावित प्लेइंग इलेवन पर बहस तेज हो गई है। यह टूर्नामेंट अक्टूबर-नवंबर 2027 में दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाएगा, जहां तेज और उछाल भरी पिचें टीमों की असली परीक्षा लेंगी।

    हालांकि अभी तक टीम इंडिया की फाइनल स्क्वॉड या ओपनिंग जोड़ी तय नहीं हुई है, लेकिन मौजूदा प्रदर्शन और खिलाड़ियों की भूमिका के आधार पर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि भारत की ओपनिंग जिम्मेदारी कौन संभालेगा और क्या किसी नए कॉम्बिनेशन को आजमाया जा सकता है।

    संजू सैमसन को लेकर अक्सर यह चर्चा होती है कि वह आक्रामक बल्लेबाजी के कारण टॉप ऑर्डर में एक विकल्प हो सकते हैं, लेकिन अब तक भारतीय टीम में उनकी भूमिका मुख्य रूप से मिडिल ऑर्डर या विकेटकीपर बैट्समैन के रूप में रही है। वहीं मौजूदा समय में शुभमन गिल और रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ी टीम इंडिया के प्रमुख ओपनर के रूप में स्थापित हैं और लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में टीम प्रबंधन आमतौर पर स्थिर और अनुभवी ओपनिंग जोड़ी को प्राथमिकता देता है, ताकि दबाव की स्थिति में शुरुआत मजबूत हो सके। ऐसे में किसी भी नए ओपनिंग प्रयोग का फैसला पूरी तरह फॉर्म, फिटनेस और परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

    मिडिल ऑर्डर की बात करें तो विराट कोहली, श्रेयस अय्यर और अन्य बल्लेबाज टीम की रीढ़ माने जाते हैं, जबकि हार्दिक पांड्या और रवींद्र जडेजा जैसे ऑलराउंडर संतुलन प्रदान करते हैं। गेंदबाजी विभाग में जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और कुलदीप यादव जैसे खिलाड़ी अहम भूमिका निभा सकते हैं।

    साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की पिचों पर तेज गेंदबाजों और तकनीकी बल्लेबाजों की बड़ी परीक्षा होगी। ऐसे में टीम का चयन केवल संभावित ओपनिंग जोड़ी पर नहीं, बल्कि पूरे संतुलन और परिस्थितियों के अनुसार प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।

    कुल मिलाकर, 2027 वर्ल्ड कप के लिए भारत के पास कई मजबूत विकल्प मौजूद हैं, लेकिन अंतिम फैसला खिलाड़ियों के प्रदर्शन, निरंतरता और रणनीति के आधार पर ही लिया जाएगा।

  • रविचंद्रन अश्विन बोले-सही शॉट चयन ही दिलाएगा रुतुराज गायकवाड़ को सफलता

    रविचंद्रन अश्विन बोले-सही शॉट चयन ही दिलाएगा रुतुराज गायकवाड़ को सफलता


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में Chennai Super Kings की जीत के बावजूद कप्तान Ruturaj Gaikwad की बल्लेबाजी चर्चा का विषय बनी हुई है। मंगलवार को चेपॉक में खेले गए मुकाबले में सीएसके ने Kolkata Knight Riders को 32 रन से हराकर सीजन की लगातार दूसरी जीत दर्ज की। इस जीत से टीम अंकतालिका में 10वें से 8वें स्थान पर पहुंच गई, जिससे कप्तान गायकवाड़ को थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन उनकी व्यक्तिगत फॉर्म अब भी टीम के लिए चिंता का कारण बनी हुई है।

    बल्लेबाजी में लगातार फ्लॉप, टीम को नहीं मिल रही ठोस शुरुआत

    केकेआर के खिलाफ मैच में भी गायकवाड़ महज 6 गेंदों में 7 रन बनाकर आउट हो गए। यह प्रदर्शन उनके मौजूदा फॉर्म को दर्शाता है, जहां वह रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पूरे सीजन में अब तक 5 मैचों की 5 पारियों में वह सिर्फ 63 रन ही बना सके हैं। उनकी इस खराब फॉर्म का असर टीम की शुरुआत पर साफ दिखाई दे रहा है, जिससे सीएसके को कई मैचों में दबाव का सामना करना पड़ा।

    अश्विन की सलाह: सही शॉट सिलेक्शन है सफलता की कुंजी

    पूर्व भारतीय स्पिनर और एक्सपर्ट Ravichandran Ashwin ने गायकवाड़ की बल्लेबाजी पर अहम टिप्पणी करते हुए सुधार की सलाह दी। उन्होंने कहा कि टी20 क्रिकेट में इंटेंट जरूरी है, लेकिन सही शॉट का चयन उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण है। अश्विन के अनुसार, गायकवाड़ शुरुआत में जल्दबाजी दिखा रहे हैं और गेंद की लाइन से बाहर जाकर शॉट खेलने की कोशिश में कैच आउट हो रहे हैं।

    उन्होंने उदाहरण देते हुए Sanju Samson और Ayush Mhatre का जिक्र किया, जिन्होंने हाल के मैचों में बेहतर शॉट चयन दिखाया। अश्विन ने सुझाव दिया कि गायकवाड़ को शुरुआत में थोड़ा संयम बरतना चाहिए, गेंद को अच्छी तरह टाइम करना चाहिए और ज्यादा “डाउन द ग्राउंड” शॉट्स खेलने चाहिए।

    ओपनिंग में बदलाव की उठ रही मांग

    गायकवाड़ की खराब फॉर्म के चलते अब टीम कॉम्बिनेशन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। कई क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी जगह Ayush Mhatre को Sanju Samson के साथ ओपनिंग का मौका दिया जाना चाहिए। इससे टीम को बेहतर शुरुआत मिल सकती है और मिडिल ऑर्डर पर दबाव कम होगा।

     कप्तानी में राहत, बल्लेबाजी में चुनौती

    हालांकि बतौर कप्तान गायकवाड़ ने टीम को लगातार दो जीत दिलाकर आलोचकों को कुछ हद तक शांत किया है, लेकिन एक बल्लेबाज के रूप में उनकी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। अगर उन्हें टीम को प्लेऑफ की दौड़ में बनाए रखना है, तो जल्द ही अपनी फॉर्म में वापसी करनी होगी।

  • भारतीय क्रिकेट को बड़ी खुशखबरी: Sanju Samson को ICC का बड़ा सम्मान

    भारतीय क्रिकेट को बड़ी खुशखबरी: Sanju Samson को ICC का बड़ा सम्मान


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर मार्च महीने के लिए International Cricket Council (ICC) के ‘प्लेयर ऑफ द मंथ’ का खिताब अपने नाम कर लिया। यह सम्मान उन्हें टी20 विश्व कप 2026 में भारत को चैंपियन बनाने में निभाई गई अहम भूमिका के लिए दिया गया। सैमसन ने पूरे टूर्नामेंट में लगातार बेहतरीन पारियां खेलीं और टीम को मुश्किल हालात से निकालते हुए खिताब दिलाया। उनकी यह उपलब्धि न सिर्फ उनके व्यक्तिगत करियर के लिए बड़ी है, बल्कि भारतीय क्रिकेट के लिए भी गर्व का क्षण है।
    विश्व कप जीत में निभाई निर्णायक भूमिका
    टी20 विश्व कप 2026 में संजू सैमसन का बल्ला जमकर बोला। उन्होंने लगातार तीन मैचों में मैच जिताऊ पारियां खेलकर टीम इंडिया को खिताब तक पहुंचाया। क्वार्टर फाइनल में वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 97 रन बनाकर उन्होंने टीम को जीत दिलाई। इसके बाद सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 89 रन की शानदार पारी खेली और फिर फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ भी 89 रन बनाकर भारत को विश्व चैंपियन बनाया। उनके इस लगातार प्रदर्शन ने उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ भी बनाया और अब उसी का इनाम ICC के इस प्रतिष्ठित अवॉर्ड के रूप में मिला है।
     अवॉर्ड मिलने पर बोले सैमसन
    इस सम्मान को हासिल करने के बाद संजू सैमसन ने कहा कि यह उनके करियर का सबसे खास पल है। उन्होंने बताया कि विश्व कप जीत में योगदान देना किसी सपने के सच होने जैसा था और इस उपलब्धि को समझने में उन्हें थोड़ा समय लगा। सैमसन ने टीम के साथियों और कोचिंग स्टाफ का आभार जताते हुए कहा कि उनके भरोसे और समर्थन ने ही उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ देने की प्रेरणा दी।
    कड़ी टक्कर में जीता खिताब
    इस अवॉर्ड की दौड़ में जसप्रीत बुमराह और दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज कॉनर एस्टरहुइजन भी शामिल थे। बुमराह ने फाइनल में शानदार गेंदबाजी करते हुए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का खिताब जीता था, वहीं एस्टरहुइजन ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। इसके बावजूद सैमसन ने अपने लगातार मैच-विनिंग प्रदर्शन के दम पर दोनों को पीछे छोड़ दिया।
    भारतीय क्रिकेट के लिए सुनहरा दौर
    संजू सैमसन की यह उपलब्धि इस बात का संकेत है कि भारतीय क्रिकेट में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का संतुलन बना हुआ है, जो बड़े मंच पर लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। सैमसन जैसे खिलाड़ियों का उभरना आने वाले समय में टीम इंडिया को और मजबूती देगा।

  • विस्फोटक बल्लेबाजी और शतकीय पारियों के दम पर संजू सैमसन ने क्रिकेट जगत में मनवाया अपना लोहा।

    विस्फोटक बल्लेबाजी और शतकीय पारियों के दम पर संजू सैमसन ने क्रिकेट जगत में मनवाया अपना लोहा।


    नई दिल्ली:इंडियन प्रीमियर लीग के रोमांचक सफर में रिकॉर्ड्स का बनना और टूटना एक निरंतर प्रक्रिया है लेकिन कुछ उपलब्धियां खेल के इतिहास में अपनी एक अलग पहचान बनाती हैं। इसी क्रम में संजू सैमसन ने अपनी बल्लेबाजी के दम पर एक ऐसा मुकाम हासिल किया है जिसने उन्हें लीग के सबसे सफल बल्लेबाजों की सूची में शामिल कर दिया है। आईपीएल के इतिहास में सर्वाधिक शतक लगाने वाले खिलाड़ियों की फेहरिस्त में संजू सैमसन की एंट्री ने क्रिकेट जगत को एक बार फिर उनकी प्रतिभा का कायल बना दिया है। संजू की यह उपलब्धि न केवल उनकी व्यक्तिगत क्षमता को दर्शाती है बल्कि यह भी बताती है कि वे आधुनिक टी ट्वेंटी क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में से एक क्यों माने जाते हैं।

    लीग की शुरुआत से ही कई दिग्गज बल्लेबाजों ने अपनी छाप छोड़ी है और शतकों के मामले में शीर्ष पर पहुंचने की होड़ हमेशा बनी रही है। संजू सैमसन ने अपनी निरंतरता और आक्रामक शैली के मिश्रण से इस विशेष सूची के शीर्ष पांच नामों में जगह बनाकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उनके खेलने के अंदाज में जो सहजता और शॉट्स के चयन में जो परिपक्वता दिखाई देती है वह उन्हें अन्य बल्लेबाजों से अलग बनाती है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि संजू की यह सफलता उन युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है जो बड़े मंच पर अपनी जगह बनाने का सपना देखते हैं। उनकी इस पारी ने राजस्थान रॉयल्स के लिए उनके महत्व को और अधिक बढ़ा दिया है।

    आईपीएल में शतक लगाना किसी भी खिलाड़ी के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण होता है क्योंकि यहाँ दुनिया के बेहतरीन गेंदबाजों का सामना करना पड़ता है। संजू सैमसन ने अपने करियर के दौरान विभिन्न कठिन परिस्थितियों में टीम को जीत दिलाने के लिए शतकीय पारियां खेली हैं। इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने जिस संयम और तकनीक का परिचय दिया है वह काबिले तारीफ है। इस लीग के इतिहास में जब हम सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले खिलाड़ियों की बात करते हैं तो उनमें अब संजू का नाम गर्व से लिया जा रहा है। उनकी इस उपलब्धि ने रिकॉर्ड बुक में दर्ज बड़े नामों के बीच एक नई प्रतिस्पर्धा पैदा कर दी है जिससे आने वाले मैचों का रोमांच और बढ़ गया है।

    सैमसन की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे खेल की स्थिति के अनुसार खुद को ढालने में सक्षम हैं। उन्होंने पावरप्ले के दौरान तेज गति से रन बनाने और मध्य ओवरों में पारी को संभालने की कला बखूबी सीखी है। उनकी शतकीय पारियों ने अक्सर मैच का पासा पलटने का काम किया है जो उनके टीम मैन होने के प्रमाण को पुख्ता करता है। क्रिकेट के जानकारों के अनुसार संजू सैमसन की बल्लेबाजी में जो सुधार पिछले कुछ वर्षों में देखा गया है वह उनके कठिन परिश्रम का परिणाम है। अब वे न केवल एक कप्तान के रूप में टीम का नेतृत्व कर रहे हैं बल्कि अग्रणी बल्लेबाज के तौर पर भी अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं।

    इस सूची में शामिल होना कोई आसान कार्य नहीं था क्योंकि आईपीएल में प्रतिस्पर्धा का स्तर हर साल बढ़ता जा रहा है। संजू सैमसन ने शीर्ष पांच में प्रवेश कर यह साबित कर दिया है कि उनमें बड़े मैचों का खिलाड़ी बनने की पूरी क्षमता है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद क्रिकेट प्रेमियों की उम्मीदें उनसे और भी ज्यादा बढ़ गई हैं। खेल के इस प्रारूप में शतक बनाना शारीरिक और मानसिक दोनों स्तरों पर मजबूती की मांग करता है और संजू ने बार-बार खुद को इस कसौटी पर खरा उतारा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि वे अपने इस शानदार फॉर्म को किस प्रकार बरकरार रखते हैं और शतकों के इस सफर को कितनी आगे तक ले जाते हैं।

  • आईपीएल 2026: यशस्वी जायसवाल का ‘स्पेशल शतक’, RR के दिग्गजों के क्लब में एंट्री

    आईपीएल 2026: यशस्वी जायसवाल का ‘स्पेशल शतक’, RR के दिग्गजों के क्लब में एंट्री


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में यशस्वी जायसवाल ने एक बार फिर अपनी क्लास दिखाते हुए ऐसा कारनामा कर दिया, जिसने उन्हें राजस्थान रॉयल्स के खास बल्लेबाजों की लिस्ट में शामिल कर दिया। मुंबई इंडियंस के खिलाफ खेले गए मुकाबले में उनकी विस्फोटक पारी ने न सिर्फ टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई, बल्कि उन्हें एक बड़े रिकॉर्ड क्लब में भी जगह दिला दी।

    32 गेंदों में 77 रन, और पूरा किया ‘छक्कों का शतक’

    मुंबई इंडियंस के खिलाफ जायसवाल ने सिर्फ 32 गेंदों में 77 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें 10 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। जैसे ही उन्होंने चौथा छक्का लगाया, वैसे ही आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए उनके 100 छक्के पूरे हो गए। यह उपलब्धि उन्हें टीम के चुनिंदा दिग्गज बल्लेबाजों के क्लब में ले आई।

    सैमसन-बटलर-वॉटसन के क्लब में शामिल

    जायसवाल से पहले यह उपलब्धि सिर्फ तीन बल्लेबाजों ने हासिल की थी—
    संजू सैमसन (192 छक्के), जोस बटलर (135 छक्के) और शेन वॉटसन (109 छक्के)। अब जायसवाल भी इस खास सूची का हिस्सा बन गए हैं, जो उनके लगातार शानदार प्रदर्शन का प्रमाण है।

    आंकड़े बताते हैं क्यों हैं खास

    आईपीएल 2020 से राजस्थान के लिए खेल रहे जायसवाल ने अब तक 70 मैचों में 2,336 रन बनाए हैं। उनके नाम 2 शतक और 17 अर्धशतक दर्ज हैं। इस दौरान उन्होंने 277 चौके और 100 छक्के जड़े हैं। उनका औसत 36.50 और स्ट्राइक रेट 153.58 रहा है, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का साफ संकेत देता है।

    हर मौके पर साबित कर रहे खुद को

    जायसवाल को भारतीय टीम में टेस्ट फॉर्मेट का नियमित खिलाड़ी माना जाता है, लेकिन सीमित ओवरों में उनकी जगह अभी पूरी तरह स्थिर नहीं है। इसके बावजूद वह हर मौके पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं और लगातार चयनकर्ताओं को मजबूत संदेश दे रहे हैं।

    बदलती टीमें, लेकिन कायम विरासत

    दिलचस्प बात यह है कि संजू सैमसन अब चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा हैं, जबकि जोस बटलर गुजरात टाइटंस के लिए खेल रहे हैं। वहीं शेन वॉटसन संन्यास लेकर अब कोचिंग भूमिका में हैं। ऐसे में जायसवाल नई पीढ़ी के उस खिलाड़ी के रूप में उभर रहे हैं, जो इस विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।

  • सैमसन को प्लेइंग इलेवन में लाने का फैसला आक्रामक सोच से प्रेरित, वह पावर प्ले में मैच जीता सकते हैं: गौतम गंभीर

    सैमसन को प्लेइंग इलेवन में लाने का फैसला आक्रामक सोच से प्रेरित, वह पावर प्ले में मैच जीता सकते हैं: गौतम गंभीर


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने कहा है कि टी20 विश्व कप 2026 के दौरान संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन में लाने का फैसला आक्रामक सोच से प्रेरित था। किसी तकनीकी खामी की वजह से उन्हें टीम में नहीं लाया गया था। गंभीर ने कहा कि संजू के पास पावर प्ले में मैच का रुख अपनी टीम के पक्ष में मोड़ने की क्षमता है।

    गंभीर ने जियोस्टार पर कहा, “मुझे पता है कि बहुत से लोग इस बारे में बात करेंगे कि हम टॉप पर मौजूद तीन बाएं हाथ के बल्लेबाजों से हो रही समस्या से कैसे निपटना चाहते थे। हमें लगा कि हम और ज्यादा आक्रामक होना चाहते हैं क्योंकि पिछले डेढ़ साल में हमारी सोच यही रही है कि हम मैदान पर जाकर जितना हो सके उतना आक्रामक रहें। संजू को लाने का कारण दूसरे छोर से ऑफ-स्पिनर को मैनेज करना नहीं था। मेरा मानना ​​है कि एक अच्छा बल्लेबाज किसी भी तरह के गेंदबाज के खिलाफ अच्छा होगा, चाहे वह ऑफ-स्पिनर हो या लेफ्ट-आर्म स्पिनर। यह इस बारे में था कि क्या हम टॉप पर और भी ज्यादा आक्रामक रहते हुए पहले छह ओवरों में और ज्यादा रन बना सकते हैं।”

    उन्होंने कहा, “हम जानते हैं कि संजू क्या कर सकता है। उसकी प्रतिभा और खेल पर किसी को कभी कोई शक नहीं था। अगर वह अच्छा खेलता है, तो वह आपको पहले छह ओवर में ही मैच जिता सकता है। सोचिए कि अभिषेक, संजू और ईशान आपके टॉप तीन खिलाड़ी हैं, और फिर आपके पास सूर्या, हार्दिक, तिलक, शिवम और अक्षर जैसे खिलाड़ी हैं। तो, आप इससे ज्यादा कुछ नहीं मांग सकते।”

    सैमसन की प्लेइंग इलेवन में वापसी पर विस्तार से बात करते हुए गंभीर ने कहा, “मैंने उसे जिम में यह बताया। हम दोनों साथ में ट्रेनिंग कर रहे थे। मैंने बस उसे बताया कि तुम जिम्बाब्वे के खिलाफ खेलोगे, और उसने कहा, ‘आने दो।’ हमारी इस तरह की बातचीत होती है। यह हेड कोच और खिलाड़ी के रिश्ते जैसा नहीं है। यह एक ऐसा रिश्ता है जहां हमारी ज्यादातर आमने-सामने की बातें अभ्यास सत्र के दौरान होती हैं।”

    सैमसन ने प्लेइंग इलेवन में वापसी के बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 97, सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 89 और फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ 89 रन की पारी खेली। इन लगातार तीन पारियों से उन्होंने भारत को चैंपियन बनाते हुए टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का खिताब जीता।

  • विश्व कप हीरो संजू सैमसन को केरल सरकार करेगी सम्मानित, 16 मार्च को आयोजित होगा विशेष कार्यक्रम

    विश्व कप हीरो संजू सैमसन को केरल सरकार करेगी सम्मानित, 16 मार्च को आयोजित होगा विशेष कार्यक्रम


    नई दिल्ली।  भारतीय क्रिकेट टीम को टी20 विश्व कप 2026 में चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को उनके गृह राज्य केरल की सरकार द्वारा 16 मार्च को सम्मानित किया जाएगा। इसकी पुष्टि केरल सरकार के खेल मंत्रालय ने की है।

    मंत्रालय के मुताबिक, राज्य सरकार टी20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य और टूर्नामेंट के श्रेष्ठ खिलाड़ी रहे संजू सैमसन को सम्मानित करेगी। सम्मान समारोह 16 मार्च को शाम 4 बजे तिरुवनंतपुरम सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित होगा। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता खेल मंत्री वी अब्दुरहीमान करेंगे। इसके अलावा, राज्य सरकार के अन्य मंत्री और विभागों के मुख्य सचिव और गणमान्य अतिथि कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। राज्य खेल मंत्रालय ने संजू सैमसन के स्वागत के लिए शानदार इंतजाम किया है। इससे पहले विश्व कप के बाद पहली बार तिरुवनंतपुरम पहुंचने पर एयरपोर्ट पर संजू सैमसन का गर्मजोशी से स्वागत किया गया था।

    संजू सैमसन टी20 विश्व कप 2026 में अपने प्रदर्शन के दम पर सबसे अहम और चर्चित खिलाड़ी बनकर उभरे हैं। टूर्नामेंट के शुरुआती चरण के अधिकांश मैचों से बाहर रहे सैमसन को टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ सुपर-8 मैच में टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में मौका मिला था। उस मैच में सैमसन ने 15 गेंदों पर 24 रन बनाए थे। इस छोटी पारी में उनका आत्मविश्वास साफ दिखा था।

    इसके बाद अगले तीन मैचों में संजू सैमसन की खेली तीन यादगार पारियों ने न सिर्फ भारतीय टीम को विश्व चैंपियन बनाने में सबसे अहम भूमिका अदा की, बल्कि उनका नाम भी इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित करा दिया।

    वेस्टइंडीज के खिलाफ क्वार्टरफाइनल जैसे मुकाबले में 50 गेंदों पर नाबाद 97 रन की पारी खेल सैमसन ने भारतीय टीम को सेमीफाइनल में पहुंचाया था। सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 42 गेंदों पर 89 रन की पारी खेल इस दाएं हाथ के विस्फोटक बल्लेबाज ने टीम इंडिया को फाइनल का टिकट दिलाया। फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ 46 गेंदों पर 89 रन की पारी खेल भारत की खिताबी जीत की पटकथा लिखी। वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के खिलाफ प्लेयर ऑफ द मैच रहे संजू सैमसन ने टूर्नामेंट में केवल 5 मैच खेले और लगभग 200 की स्ट्राइक रेट से 321 रन बनाए। उन्हें टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के सम्मान से नवाजा गया। सैमसन की पारियों ने दुनियाभर के भारतीय क्रिकेट फैंस को रोमांचित कर दिया था।