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  • न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत का सबसे बड़ा रन चेज, संजू सैमसन की फिफ्टी और नमन धीर के तूफान से जीता मुकाबला

    न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत का सबसे बड़ा रन चेज, संजू सैमसन की फिफ्टी और नमन धीर के तूफान से जीता मुकाबला


    नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की। बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया ने आखिरी ओवर तक चले रोमांचक मुकाबले में न्यूजीलैंड को चार विकेट से हरा दिया। भारत ने 226 रन का लक्ष्य 19.4 ओवर में छह विकेट खोकर हासिल कर लिया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपना सबसे बड़ा सफल रन चेज पूरा किया और पांच मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। मुकाबले के आखिरी पलों में नमन धीर ने जिस अंदाज में बल्लेबाजी की उसने भारतीय प्रशंसकों का उत्साह बढ़ा दिया। नमन ने केवल 15 गेंदों पर नाबाद 42 रन ठोककर मैच का रुख भारत के पक्ष में कर दिया और आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर टीम को यादगार जीत दिलाई।

    नमन धीर ने आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर खत्म किया रोमांच

    मैच के अंतिम ओवर में भारतीय टीम को जीत के लिए जरूरी रन बनाने थे और न्यूजीलैंड के गेंदबाज मैट हेनरी पर दबाव साफ नजर आ रहा था। ऐसे समय में नमन धीर ने धैर्य और आक्रामकता का शानदार मेल दिखाया। उन्होंने ओवर में पहले चौका लगाया और फिर एक रन लेकर स्ट्राइक अपने पास रखी। इसके बाद आखिरी गेंद पर नमन ने छक्का जड़कर भारतीय टीम की जीत सुनिश्चित कर दी। शॉर्ट गेंद पर पुल शॉट खेलने के प्रयास में बल्ले का ऊपरी किनारा लगा लेकिन गेंद फाइन लेग की बाउंड्री के पार चली गई। इस छक्के के साथ ही भारतीय ड्रेसिंग रूम में जश्न शुरू हो गया। नमन की 15 गेंदों पर नाबाद 42 रन की पारी ने साबित कर दिया कि टी20 क्रिकेट में अंतिम ओवरों की आक्रामक बल्लेबाजी किसी भी बड़े लक्ष्य को आसान बना सकती है।

    संजू सैमसन और श्रेयस अय्यर ने संभाली भारतीय पारी

    226 रन के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम को शुरुआत से ही तेजी के साथ रन बनाने की जरूरत थी। संजू सैमसन ने 67 रन की महत्वपूर्ण पारी खेलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता और समझदारी दोनों नजर आईं। कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी 42 रन बनाकर लक्ष्य का पीछा करने में अहम योगदान दिया। दोनों बल्लेबाजों की पारियों से भारत की जीत की उम्मीद मजबूत हुई लेकिन बीच के ओवरों में विकेट गिरने के कारण मुकाबला फिर रोमांचक हो गया। एक समय ऐसा लगा कि न्यूजीलैंड की टीम मैच में वापसी कर सकती है लेकिन नमन धीर ने तेजी से रन बनाकर समीकरण बदल दिए। अंतिम ओवरों में उनके बेखौफ अंदाज ने भारतीय टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचा दिया।

    ग्लेन फिलिप्स की पारी से न्यूजीलैंड ने बनाया बड़ा स्कोर

    इससे पहले टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने निर्धारित 20 ओवर में छह विकेट खोकर 225 रन बनाए। कीवी टीम की ओर से ग्लेन फिलिप्स ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 40 गेंदों पर नाबाद 82 रन की पारी खेली। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और न्यूजीलैंड को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। भारत के सामने 226 रन का लक्ष्य था जो किसी भी टीम के लिए आसान नहीं माना जाता। इसके बावजूद भारतीय बल्लेबाजों ने दबाव में बिखरने के बजाय मुकाबले में वापसी की और अंततः जीत हासिल कर ली।

    सीरीज में भारत को मिली शुरुआती बढ़त

    इस जीत के साथ भारत ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। टीम इंडिया के लिए यह जीत केवल सीरीज में आगे निकलने तक सीमित नहीं रही बल्कि टी20 इंटरनेशनल में सबसे बड़े सफल रन चेज का नया रिकॉर्ड भी लेकर आई। संजू सैमसन की अहम पारी श्रेयस अय्यर का योगदान और नमन धीर की विस्फोटक बल्लेबाजी इस मुकाबले की सबसे बड़ी खासियत रही। अब भारतीय टीम की नजरें अगले मैच में भी जीत हासिल कर सीरीज में अपनी स्थिति मजबूत करने पर रहेंगी। वहीं न्यूजीलैंड की टीम अगले मुकाबले में वापसी करने के इरादे से उतरेगी। पहले मैच ने साफ कर दिया कि दोनों टीमों के बीच आगे भी कड़ा और रोमांचक मुकाबला देखने को मिल सकता है।

  • अभिषेक शर्मा का तूफानी अंदाज, पहली ही गेंद पर छक्का जड़ने का सातवां कारनामा, टी20 इंटरनेशनल में बने नंबर-1 बल्लेबाज

    अभिषेक शर्मा का तूफानी अंदाज, पहली ही गेंद पर छक्का जड़ने का सातवां कारनामा, टी20 इंटरनेशनल में बने नंबर-1 बल्लेबाज


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के आक्रामक सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक खास रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ गुरुवार को क्राइस्टचर्च के हैगली ओवल में खेले जा रहे टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में अभिषेक ने अपनी पारी की पहली ही गेंद पर छक्का जड़कर इतिहास रच दिया। यह सातवीं बार था जब उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पारी की पहली गेंद पर छक्का लगाया। इस उपलब्धि के साथ अभिषेक इस प्रारूप में सबसे ज्यादा बार पारी की पहली गेंद पर छक्का लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उनकी इस उपलब्धि ने एक बार फिर उनके आक्रामक बल्लेबाजी अंदाज और पहली गेंद से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाने की क्षमता को चर्चा में ला दिया है।

    न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले में अभिषेक को भारतीय पारी की छठी गेंद पर स्ट्राइक मिली। सामने न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज मैट हेनरी थे लेकिन अभिषेक ने बिना समय गंवाए गेंद को सीमा रेखा के पार पहुंचा दिया। टी20 क्रिकेट में पहली गेंद से ही बड़े शॉट खेलने के लिए पहचाने जाने वाले अभिषेक ने इस छक्के के साथ अपने रिकॉर्ड में एक और उपलब्धि जोड़ ली। इस मामले में अफगानिस्तान के शफीकुल्लाह शिनवारी छह बार पारी की पहली गेंद पर छक्का लगाने के साथ दूसरे स्थान पर हैं। वहीं भारत के पूर्व टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव पांच बार ऐसा कर चुके हैं।

    मुकाबले में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए चार विकेट के नुकसान पर 225 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से ग्लेन फिलिप्स ने नाबाद 82 रन की शानदार पारी खेली जबकि फिन एलन ने 45 रन और बेवॉन जैकब्स ने 31 रन का योगदान दिया। न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाया और निर्धारित 20 ओवर में रन गति को तेज बनाए रखा। भारत के सामने जीत के लिए बड़ा लक्ष्य था और ऐसे में सलामी बल्लेबाजों से तेज शुरुआत की उम्मीद थी।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने धमाकेदार शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए केवल 35 गेंदों में 93 रन जोड़ दिए। अभिषेक ने 12 गेंदों में तीन छक्कों और दो चौकों की मदद से 29 रन बनाए। दूसरी ओर संजू सैमसन ने 33 गेंदों में चार छक्कों और आठ चौकों की मदद से 67 रन की शानदार पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों की आक्रामक बल्लेबाजी ने भारतीय टीम को शुरुआती ओवरों में मजबूत स्थिति में पहुंचाया और बड़े लक्ष्य का पीछा करने की उम्मीदों को बढ़ाया।

    अभिषेक और संजू की जोड़ी ने इस मुकाबले में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। दोनों ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक कैलेंडर वर्ष के दौरान पांचवीं बार 50 या उससे अधिक रन की ओपनिंग साझेदारी की। इससे पहले अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल ने 2025 में पांच बार यह कारनामा किया था। वहीं रोहित शर्मा और केएल राहुल की जोड़ी ने 2021 में पांच बार 50 से अधिक रन की शुरुआती साझेदारी की थी। रोहित शर्मा और शिखर धवन की जोड़ी ने 2018 में चार बार ऐसा किया था।

    इस मुकाबले में अर्धशतक लगाने वाले संजू सैमसन ने भी एक खास उपलब्धि हासिल की। वह 2026 में भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार 50 से अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर पहुंच गए। इस सूची में सूर्यकुमार यादव 2022 में 11 अर्धशतकों के साथ शीर्ष पर हैं जबकि विराट कोहली ने 2022 में और अभिषेक शर्मा ने 2026 में नौ नौ बार 50 से अधिक रन बनाए हैं। संजू सैमसन और ईशान किशन 2026 में आठ आठ बार यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। इस तरह न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने व्यक्तिगत रिकॉर्ड के साथ साझेदारी में भी अपनी आक्रामक क्षमता का प्रदर्शन किया।

  • वैभव सूर्यवंशी को अभी करना होगा इंतजार, मुरली कार्तिक ने समझाई टीम इंडिया की हकीकत, संजू-अभिषेक को हटाना आसान नहीं

    वैभव सूर्यवंशी को अभी करना होगा इंतजार, मुरली कार्तिक ने समझाई टीम इंडिया की हकीकत, संजू-अभिषेक को हटाना आसान नहीं


    नई दिल्ली। आईपीएल में अपने बल्ले से तहलका मचाकर दुनियाभर में चर्चा बटोरने वाले 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के सामने अब एक नई चुनौती खड़ी है। कम उम्र में रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन करने के बाद हर क्रिकेट प्रेमी उन्हें भारतीय टीम की जर्सी में खेलते देखना चाहता है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जगह बनाना केवल प्रतिभा और बड़े स्कोर बनाने तक सीमित नहीं है। टीम में पहले से मौजूद खिलाड़ियों का प्रदर्शन टीम की रणनीति और सही मौके का इंतजार करना भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। वैभव के लिए अब सबसे बड़ा इम्तिहान अपनी प्रतिभा साबित करने के साथ धैर्य बनाए रखने का है।

    पूर्व भारतीय क्रिकेटर मुरली कार्तिक ने वैभव की मौजूदा स्थिति पर अपनी राय रखते हुए कहा है कि क्रिकेट में हर प्रतिभाशाली खिलाड़ी को तुरंत प्लेइंग इलेवन में जगह मिल जाए यह जरूरी नहीं है। कई बार खिलाड़ियों को अपनी बारी के लिए इंतजार करना पड़ता है और इस सच्चाई को स्वीकार करना उनके करियर का अहम हिस्सा होता है। कार्तिक के मुताबिक किसी खिलाड़ी को केवल इसलिए टीम से बाहर नहीं किया जा सकता कि कोई दूसरा युवा खिलाड़ी अधिक रोमांचक प्रतिभा के रूप में सामने आया है। चयन के पीछे ठोस वजह और टीम की जरूरतों को ध्यान में रखना जरूरी है।

    भारतीय टीम में ओपनिंग की जगह को लेकर इस समय मुकाबला काफी दिलचस्प है। अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन जैसे स्थापित खिलाड़ियों के रहते वैभव के लिए तुरंत नियमित जगह बनाना आसान नहीं होगा। दोनों खिलाड़ी 2026 टी20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे हैं। ऐसे में केवल एक युवा खिलाड़ी को मौका देने के लिए मौजूदा संयोजन में बदलाव करना टीम प्रबंधन के लिए आसान फैसला नहीं होगा।

    मुरली कार्तिक ने भी इस बात पर जोर दिया कि केवल बदलाव करने के लिए बदलाव नहीं करना चाहिए। उनका मानना है कि भारतीय ओपनिंग जोड़ी के प्रदर्शन में उतार चढ़ाव जरूर रहा है लेकिन इसी जोड़ी ने टीम को कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में जीत भी दिलाई है। ऐसे में कुछ मैचों के प्रदर्शन के आधार पर स्थापित खिलाड़ियों को बाहर करना सही रणनीति नहीं मानी जा सकती। टीम प्रबंधन को खिलाड़ियों के पिछले योगदान और भविष्य की योजनाओं दोनों को ध्यान में रखकर फैसला लेना होता है।

    वैभव सूर्यवंशी के लिए यशस्वी जायसवाल का उदाहरण भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रतिभाशाली बल्लेबाज होने के बावजूद सीमित ओवरों की टीम में नियमित जगह हासिल करना आसान नहीं होता। टीम में पहले से मौजूद खिलाड़ियों और टीम संयोजन के कारण कई बार अच्छे खिलाड़ी को भी अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। इससे यह साफ होता है कि प्रतिभा किसी खिलाड़ी को पहचान दिला सकती है लेकिन नियमित अवसर हासिल करने के लिए परिस्थितियों का साथ देना भी जरूरी है।

    कार्तिक के मुताबिक कप्तान श्रेयस अय्यर और मुख्य कोच गौतम गंभीर वैभव से इस मुद्दे पर बातचीत कर रहे होंगे। इसका अर्थ यह नहीं है कि युवा बल्लेबाज टीम की योजनाओं से बाहर हैं। बल्कि उन्हें सही समय पर अवसर देने और भविष्य के लिए तैयार रखने की रणनीति का हिस्सा माना जा सकता है। वैभव को इस दौरान अपनी फिटनेस तकनीक और बल्लेबाजी की निरंतरता पर ध्यान देना होगा ताकि मौका मिलने पर वह प्रभावशाली प्रदर्शन कर सकें।

    दूसरी ओर संजू सैमसन का हालिया प्रदर्शन वैभव के लिए प्रतिस्पर्धा को और कठिन बना रहा है। टी20 विश्व कप 2026 में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे संजू ने अपने पिछले दस मैचों में चार अर्धशतक लगाए हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में भी उनके प्रदर्शन ने टीम में उनकी दावेदारी को मजबूत किया है। अभिषेक शर्मा और ईशान किशन जैसे विकल्पों की मौजूदगी से भारतीय टीम के पास शीर्ष क्रम में कई विकल्प उपलब्ध हैं।

    ऐसे में वैभव सूर्यवंशी को समझना होगा कि आईपीएल की सफलता उनके करियर की बड़ी उपलब्धि जरूर है लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लंबी पारी खेलने के लिए धैर्य और निरंतरता भी जरूरी है। कम उम्र में मिली लोकप्रियता उनके लिए अवसरों के दरवाजे खोल सकती है लेकिन दबाव को संभालना और अपने मौके का पूरा फायदा उठाना ही उन्हें आगे बढ़ाएगा। फिलहाल उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती इंतजार के इस दौर में खुद को तैयार रखना है क्योंकि टीम इंडिया में जगह बनाने की असली परीक्षा अभी बाकी है।

  • संजू सैमसन की लगातार नाकामी से फैन्स नाराज, 4 टी20 में 29 रन के बाद वैभव सूर्यवंशी की एंट्री को लेकर बढ़ा दबाव

    संजू सैमसन की लगातार नाकामी से फैन्स नाराज, 4 टी20 में 29 रन के बाद वैभव सूर्यवंशी की एंट्री को लेकर बढ़ा दबाव


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेले गए पहले टी20 मुकाबले में शानदार जीत दर्ज की। भारत ने यह मैच 8 विकेट से अपने नाम किया। मुकाबले में कप्तान श्रेयस अय्यर ने तूफानी शतक जड़कर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। हालांकि इस शानदार जीत के बीच विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन का खराब फॉर्म एक बार फिर चर्चा में आ गया। संजू इस मुकाबले में भी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे और महज 11 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।

    संजू सैमसन के लिए हालिया मुकाबले बेहद निराशाजनक रहे हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ 9 गेंदों पर 11 रन बनाने से पहले वह पाकिस्तान के खिलाफ सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हुए थे। उससे पहले श्रीलंका के खिलाफ उनके बल्ले से 7 रन निकले थे जबकि जापान के खिलाफ वह 9 रन ही बना सके थे। इस तरह उनकी पिछली चार टी20 पारियों को देखें तो संजू के बल्ले से कुल 29 रन ही निकले हैं। लगातार चार मैचों में बड़ी पारी नहीं खेल पाने के कारण अब उनके प्रदर्शन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

    हालांकि इन खराब पारियों से पहले संजू ने अफगानिस्तान के खिलाफ 17 सितंबर को शानदार अर्धशतक लगाया था। उन्होंने 35 गेंदों पर 50 रन की पारी खेली थी। उस पारी के बाद उम्मीद थी कि संजू लगातार अपने बल्ले का दम दिखाएंगे लेकिन इसके बाद उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। लगातार छोटी पारियों ने टीम में उनकी जगह को लेकर चर्चा तेज कर दी है।

    संजू की लगातार नाकामी के बाद सोशल मीडिया पर फैन्स का एक वर्ग अब युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को मौका देने की मांग कर रहा है। 15 साल के वैभव भारतीय क्रिकेट में अपनी कम उम्र और आक्रामक बल्लेबाजी के कारण पहले ही काफी चर्चा बटोर चुके हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 में उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली और वह बाहर बैठकर मुकाबला देखते नजर आए। इसके बाद सोशल मीडिया पर कई फैन्स ने टीम मैनेजमेंट के फैसले पर सवाल खड़े किए।

    कुछ यूजर्स का कहना है कि संजू को काफी मौके मिल चुके हैं और अगर उनका बल्ला लगातार खामोश है तो युवा खिलाड़ी को आजमाने पर विचार किया जाना चाहिए। एक यूजर ने कहा कि अब संजू से आगे बढ़ने का समय आ गया है। वहीं कुछ फैन्स ने मुख्य कोच गौतम गंभीर और चयनकर्ताओं पर भी सवाल उठाए और पूछा कि आखिर वैभव को प्लेइंग इलेवन में मौका कब मिलेगा।

    हालांकि सिर्फ चार पारियों के आधार पर किसी खिलाड़ी के भविष्य पर फैसला करना आसान नहीं होता। संजू के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव है और वह कई मौकों पर अपनी बल्लेबाजी से टीम को मैच जिता चुके हैं। ऐसे में टीम मैनेजमेंट उनके अनुभव पर भरोसा जारी रखता है या युवा वैभव को मौका देकर भविष्य की तैयारी शुरू करता है यह आने वाले मुकाबलों में साफ होगा।

    फिलहाल भारत ने सीरीज में जीत के साथ शुरुआत कर दी है और अब नजर अगले मुकाबले पर है। एक तरफ संजू सैमसन के बल्ले से बड़ी पारी की उम्मीद होगी तो दूसरी तरफ फैन्स की निगाहें 15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर रहेंगी। अगर टीम मैनेजमेंट प्लेइंग इलेवन में बदलाव करता है तो वैभव को मौका मिलना इस सीरीज की सबसे बड़ी चर्चाओं में से एक हो सकता है।

  • Ind vs WI : पहला टी-20 आज लखनऊ में…. टीम में संजू सैमसन को फिर मौका, वैभव सूर्यवंशी बाहर

    Ind vs WI : पहला टी-20 आज लखनऊ में…. टीम में संजू सैमसन को फिर मौका, वैभव सूर्यवंशी बाहर


    लखनऊ।
    आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 (Aichi-Nagoya Asian Games 2026) में गोल्ड मेडल जीतने के बाद अब टीम इंडिया (Team India) की नजरें वेस्टइंडीज (West Indies) के खिलाफ टी20 सीरीज (T20 Series) पर हैं. दोनों टीमों के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 6 अक्टूबर (मंगलवार) को लखनऊ (Lucknow) के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा. मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे से शुरू होगा।

    भारतीय टीम ने हाल ही में एशियन गेम्स के मेन्स क्रिकेट फाइनल में पाकिस्तान को हराकर लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल अपने नाम किया था. फाइनल में अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा ने बल्ले से अहम योगदान दिया था. वहीं शिवम दुबे ने ऑलराउंड खेल दिखाया था।


    कप्तान श्रेयस अय्यर पर बड़ी जिम्मेदारी

    टी20 सीरीज में श्रेयस अय्यर भारतीय टीम की कप्तानी करेंगे. एशियन गेम्स में भी अय्यर की अगुवाई में भारत ने गोल्ड जीता था. अब उनकी कोशिश वेस्टइंडीज के खिलाफ भी जीत के साथ सीरीज की शुरुआत करने की होगी. हालांकि, वेस्टइंडीज को हल्के में नहीं लिया जा सकता. वनडे सीरीज में भारत ने 2-1 से जीत दर्ज की, लेकिन तीसरे वनडे में वेस्टइंडीज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ी जीत हासिल की थी. ऐसे में कैरेबियाई टीम टी20 सीरीज में मजबूत वापसी करना चाहेगी।


    संजू-अभिषेक कर सकते हैं ओपनिंग

    पहले टी20 के लिए संभावित प्लेइंग-11 में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा को ओपनिंग की जिम्मेदारी दी जा सकती है. नंबर-3 पर ईशान किशन उतर सकते हैं. इसके बाद कप्तान श्रेयस अय्यर और तिलक वर्मा मध्यक्रम को मजबूती देंगे. एशियन गेम्स के फाइनल में शानदार प्रदर्शन करने वाले अभिषेक और तिलक पर एक बार फिर नजरें रहेंगी।


    शिवम दुबे और नीतीश रेड्डी देंगे ऑलराउंड विकल्प

    मध्यक्रम में शिवम दुबे और नीतीश कुमार रेड्डी टीम को बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी का विकल्प भी देंगे. वहीं अक्षर पटेल स्पिन ऑलराउंडर की भूमिका में नजर आ सकते हैं. गेंदबाजी में कुलदीप यादव मुख्य स्पिनर होंगे, जबकि तेज गेंदबाजी की कमान अर्शदीप सिंह संभाल सकते हैं. दूसरे तेज गेंदबाज के तौर पर प्रिंस यादव को मौका मिलने की संभावना है।


    कोच गंभीर का वैभव पर बड़ा बयान

    टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने वैभव सूर्यवंशी के बारे में कहा, ‘वैभव बहुत प्रतिभाशाली हैं और अच्छी फॉर्म में हैं, लेकिन कभी-कभी आपको अपने मौके का इंतजार करना पड़ता है क्योंकि हम ड्रेसिंग रूम में वह सुरक्षा का माहौल बनाना चाहते हैं।


    गोल्ड के बाद अब टी20 सीरीज पर नजर

    एशियन गेम्स में पाकिस्तान को हराकर गोल्ड जीतने के बाद टीम इंडिया के सामने अब नई चुनौती वेस्टइंडीज की है. लखनऊ में होने वाला पहला टी20 ना सिर्फ पांच मैचों की सीरीज का आगाज होगा, बल्कि गोल्ड मेडल मैच के बाद भारतीय टीम के नए अभियान की शुरुआत भी करेगा।


    पहले टी20 में भारत की संभावित प्लेइंग-11:
    संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह और प्रिंस यादव.


    पहले टी20 में वेस्टस्टइंडीज की संभावित प्लेइंग-11:
    शाई होप (कप्तान/विकेटकीपर), रोस्टन चेज, मैथ्यू फोर्ड, शिमरॉन हेटमायर, अकील हुसैन, गुडाकेश मोती, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, क्वेंटिन सैम्पसन, रोमारियो शेफर्ड और शमर स्प्रिंगर.

    भारत का फुल स्क्वॉड: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), संजू सैमसन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), शिवम दुबे, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, नमन धीर, रवि बिश्नोई, नीतीश कुमार रेड्डी, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव और मयंक यादव।


    वेस्टइंडीज का स्क्वॉड:
    शाई होप (कप्तान), रोस्टन चेज, मैथ्यू फोर्ड, शिमरॉन हेटमायर, अकील हुसैन, आमिर जंगू, शमर जोसेफ, गुडाकेश मोती, कीमो पॉल, कामिल पूरन, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, क्वेंटिन सैम्पसन, रोमारियो शेफर्ड और शमर स्प्रिंगर।


    टी20 सीरीज का फुल शेड्यूल

    पहला टी20: 6 अक्टूबर 2026 (लखनऊ)
    दूसरा टी20: 9 अक्टूबर 2026 (रांची)
    तीसरा टी20: 11 अक्टूबर 2026 (इंदौर)
    चौथा टी20: 14 अक्टूबर 2026 (हैदराबाद)
    पांचवां टी20: 17 अक्टूबर 2026 (बेंगलुरु)

  • वैभव सूर्यवंशी को अभी करना होगा इंतजार! गौतम गंभीर ने साफ किया प्लान बोले मौका आएगा तो लंबे समय के लिए मिलेगा

    वैभव सूर्यवंशी को अभी करना होगा इंतजार! गौतम गंभीर ने साफ किया प्लान बोले मौका आएगा तो लंबे समय के लिए मिलेगा


    नई दिल्ली। वैभव सूर्यवंशी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने के बाद अपनी बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींचा है। महज कम उम्र में टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में जगह बनाने वाले इस युवा बल्लेबाज के नाम छह मुकाबलों में दो अर्धशतक भी दर्ज हो चुके हैं। इसके बावजूद अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज में उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिल सकी। अब भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने वैभव की स्थिति को लेकर तस्वीर साफ कर दी है। गंभीर के मुताबिक वैभव को फिलहाल अपनी बारी का इंतजार करना होगा।

    अफगानिस्तान के खिलाफ पूरी सीरीज में भारत ने अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन को ओपनिंग की जिम्मेदारी दी। दोनों बल्लेबाजों ने इस मौके का फायदा उठाते हुए शानदार प्रदर्शन किया। खासकर तीसरे टी20 मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 37 गेंदों में शतक जड़ दिया। उनके इस प्रदर्शन के दम पर भारत ने अफगानिस्तान को 127 रन से हराया और तीन मैचों की सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया।

    सीरीज के बाद गौतम गंभीर ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर टीम मैनेजमेंट का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि वैभव के साथ इस विषय पर बातचीत बिल्कुल साफ है। उन्हें अपनी बारी का इंतजार करना होगा। टीम मैनेजमेंट उनकी प्रतिभा से पूरी तरह वाकिफ है और जानता है कि वह क्या कर सकते हैं लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अनुभव और लगातार प्रदर्शन की भी अपनी अहमियत होती है।

    गंभीर के मुताबिक जो खिलाड़ी पिछले दो तीन साल से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है वह उस खिलाड़ी से आगे रहेगा जिसने अभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा है। ऐसे में फिलहाल अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन को हटाकर वैभव को मौका देने की जल्दबाजी नहीं है। इसका मतलब यह नहीं है कि टीम मैनेजमेंट वैभव को नजरअंदाज कर रहा है बल्कि उन्हें सही समय पर मौका देने की योजना है।

    गंभीर ने यह भी संकेत दिया कि जब वैभव को प्लेइंग इलेवन में जगह मिलेगी तो उन्हें सिर्फ एक या दो मैचों का मौका नहीं दिया जाएगा। टीम मैनेजमेंट उन्हें खुद को साबित करने के लिए पर्याप्त अवसर देगा। यानी युवा बल्लेबाज को एक लंबी अवधि के मौके के लिए तैयार रहना होगा।

    गंभीर ने उम्र को लेकर भी अपनी बात रखी। उनका कहना है कि क्रिकेट में इंतजार की स्थिति खिलाड़ी की उम्र देखकर नहीं बदलती। खिलाड़ी 15 साल का हो या 30 साल का उसे अगर अपनी बारी का इंतजार करना है तो करना होगा। टीम में प्रतिस्पर्धा और प्रतिभा होना जरूरी है लेकिन हर खिलाड़ी को अपने मौके के लिए इंतजार करना पड़ता है।

    अभिषेक और संजू को लगातार मौका देने के पीछे एक और वजह भी है। गंभीर के मुताबिक टीम मैनेजमेंट अफगानिस्तान सीरीज में उस ओपनिंग कॉम्बिनेशन को दोबारा आजमाना चाहता था जिसने टी20 वर्ल्ड कप में भारत के लिए अच्छा प्रदर्शन किया था। सिर्फ तीन चार मैचों के खराब प्रदर्शन के आधार पर किसी खिलाड़ी को बाहर करना उचित नहीं माना गया। दोनों बल्लेबाजों ने अफगानिस्तान के खिलाफ फिर साबित किया कि उन्हें लगातार मौके क्यों दिए जा रहे हैं।

    वैभव ने जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया था। इसके बाद छह मुकाबलों में दो अर्धशतक लगाकर उन्होंने अपनी क्षमता दिखाई है। गंभीर के संदेश से इतना स्पष्ट है कि टीम मैनेजमेंट युवा बल्लेबाज की प्रतिभा पर भरोसा करता है। फिलहाल वैभव को इंतजार करना होगा और जब उनकी बारी आएगी तो उन्हें खुद को साबित करने के लिए पर्याप्त मौके दिए जाएंगे।

  • वैभव सूर्यवंशी को मौका मिलने पर संजू सैमसन ने समझाया टीम का फैसला बोले मुश्किल निर्णय लेना आसान नहीं

    वैभव सूर्यवंशी को मौका मिलने पर संजू सैमसन ने समझाया टीम का फैसला बोले मुश्किल निर्णय लेना आसान नहीं


    नई दिल्ली। दिल्ली में अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में संजू सैमसन ने बल्ले से शानदार वापसी की। उन्होंने महज 22 गेंदों में 57 रन की तेजतर्रार पारी खेलकर भारतीय टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। लंबे समय से अपनी बल्लेबाजी को लेकर चर्चा में रहे संजू के लिए यह पारी खास रही। हालांकि मैच के बाद उन्होंने सिर्फ अपनी बल्लेबाजी को लेकर बात नहीं की बल्कि आलोचना और सोशल मीडिया पर होने वाली चर्चाओं के असर को लेकर भी खुलकर अपनी बात रखी।

    संजू ने माना कि क्रिकेटरों को लेकर लगातार होने वाली चर्चाएं और आलोचनाएं खिलाड़ी को प्रभावित करती हैं। उनका कहना था कि अनुभव के साथ उन्होंने ऐसी परिस्थितियों से निपटना जरूर सीखा है लेकिन वह भी इंसान हैं। लगातार सामने आने वाली बातों का असर होना स्वाभाविक है। उन्होंने इसे समझाते हुए कहा कि वह कई बार खुद को बाहरी शोर से दूर रखने की कोशिश करते हैं लेकिन कभी कभी सोशल मीडिया या दूसरी जगहों पर सामने आने वाली टिप्पणियां नजर आ ही जाती हैं।

    संजू ने बताया कि वह खुद को बाहरी शोर से दूर रखने के लिए वाईफाई बंद करने जैसी कोशिश करते हैं लेकिन कई बार वह दोबारा चालू हो जाता है और कुछ कमेंट सामने आ जाते हैं। उनके मुताबिक ऐसी चीजें मन को प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि उनका फोकस इस बात पर रहता है कि मैदान पर उतरते समय उनका माइंडसेट साफ रहे और वह अपनी तैयारी तथा खेल पर ध्यान दें।

    उन्होंने साफ किया कि अगर वह बाहर की बातों को अपने खेल पर हावी होने देंगे तो गेंदबाजी के खिलाफ खुलकर बल्लेबाजी करना मुश्किल हो जाएगा। उनके अनुसार बल्लेबाज को हर गेंद पर सोच समझकर खेलना होता है और ज्यादा सोचने से स्वाभाविक खेल प्रभावित हो सकता है। इसलिए वह कोशिश करते हैं कि मैदान पर अपना ध्यान सिर्फ खेल और टीम की जरूरत पर रखें।

    इसी बातचीत के दौरान संजू सैमसन ने 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर भी अपनी राय रखी। वैभव ने हाल के मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया है और उनके प्रदर्शन ने भारतीय टीम में जगह बनाने की दावेदारी मजबूत की है। संजू ने माना कि वैभव के प्रदर्शन को देखते हुए उसे टीम में मौका मिलना स्वाभाविक था।

    संजू ने कहा कि भारतीय टीम को संभालना आसान काम नहीं है। एक तरफ अनुभवी खिलाड़ी होते हैं तो दूसरी तरफ युवा खिलाड़ियों का शानदार फॉर्म भी चयन के फैसले को प्रभावित करता है। उन्होंने वैभव के करीब 700 से 800 रन बनाने वाले प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे प्रदर्शन के बाद युवा खिलाड़ी को मौका देना टीम मैनेजमेंट के लिए समझ में आने वाला फैसला है।

    संजू ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने हाल के दो तीन मुकाबलों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया था जबकि वैभव अच्छी फॉर्म में थे। ऐसे में नेतृत्व समूह के सामने टीम के हित को देखते हुए फैसला लेने की स्थिति बनी। संजू ने इस फैसले को शिकायत की नजर से देखने के बजाय टीम मैनेजमेंट की मजबूरी और जिम्मेदारी को समझने की बात कही।

    उन्होंने हेड कोच गौतम गंभीर के साथ हुई बातचीत का भी जिक्र किया। संजू के मुताबिक सीरीज के दौरान इस मुद्दे पर टीम के भीतर बातचीत हुई थी और सीरीज शुरू होने से पहले भी गंभीर ने उनसे काफी बात की थी। उनके अनुसार ऐसे मामलों में स्पष्ट संवाद बेहद जरूरी होता है।

    संजू ने कहा कि लोकप्रिय फैसला लेना आसान होता है लेकिन टीम के हित में कठिन फैसला लेना ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता है। उन्होंने नेतृत्व समूह की तारीफ करते हुए कहा कि टीम को सबसे आगे रखते हुए मुश्किल फैसले लिए जा रहे हैं। उनका बयान यह दिखाता है कि चयन की प्रतिस्पर्धा के बीच खिलाड़ी के लिए टीम का लक्ष्य और आपसी संवाद कितना महत्वपूर्ण है।

  • वैभव सूर्यवंशी फिर मचाएंगे धमाल संजू की होगी वापसी नीतीश या शिवम में एक बाहर जानिए कैसी हो सकती है भारत की Playing 11

    वैभव सूर्यवंशी फिर मचाएंगे धमाल संजू की होगी वापसी नीतीश या शिवम में एक बाहर जानिए कैसी हो सकती है भारत की Playing 11


    नई दिल्ली। भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का आगाज 13 सितंबर से दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में होने जा रहा है। सीरीज के तीनों मुकाबले इसी मैदान पर खेले जाएंगे और पहले मैच से पहले टीम इंडिया की प्लेइंग 11 को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। कप्तान श्रेयस अय्यर के सामने कई अहम फैसले होंगे। खास तौर पर विकेटकीपिंग ओपनिंग और ऑलराउंडर के स्लॉट को लेकर टीम मैनेजमेंट को संतुलन बनाना होगा। संजू सैमसन की टीम में वापसी हुई है जबकि 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने हालिया प्रदर्शन से अपनी जगह काफी मजबूत कर ली है।

    संजू सैमसन के लिए यह सीरीज वापसी का बड़ा मौका है। वह जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में टीम का हिस्सा नहीं थे लेकिन अफगानिस्तान के खिलाफ उन्हें स्क्वॉड में शामिल किया गया है। 2026 में उनका टी20 इंटरनेशनल प्रदर्शन भी प्रभावशाली रहा है। ऐसे में उनके पहले मुकाबले में प्लेइंग 11 में शामिल होने की पूरी संभावना है। हालांकि असली सवाल यह है कि टीम में उनके साथ विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी किसे मिलेगी। ईशान किशन भी टीम के मजबूत विकल्प हैं और हाल में घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन उन्हें टीम मैनेजमेंट की नजरों में मजबूत बनाता है।

    दूसरी ओर वैभव सूर्यवंशी को बाहर बैठाना आसान नहीं होगा। महज 15 साल की उम्र में वैभव ने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में दो अर्धशतक लगाकर प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब अपने नाम किया था। इसके बाद दलीप ट्रॉफी में भी उन्होंने अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया। ऐसे प्रदर्शन के बाद अफगानिस्तान के खिलाफ उन्हें प्लेइंग 11 में मौका मिलने की संभावना काफी मजबूत है।

    ओपनिंग में वैभव के साथ अभिषेक शर्मा को उतारा जा सकता है। हालांकि जिम्बाब्वे सीरीज में अभिषेक का बल्ला उम्मीद के मुताबिक नहीं चला था। ऐसे में उनके प्रदर्शन पर नजर रहेगी। टीम के पास संजू को ऊपर भेजने का विकल्प भी मौजूद है। अगर मैनेजमेंट संजू को ओपनिंग में उतारता है तो बल्लेबाजी क्रम में बदलाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल वैभव और अभिषेक की जोड़ी को मौका मिलने की संभावना अधिक दिखाई दे रही है।

    मिडिल ऑर्डर में कप्तान श्रेयस अय्यर और उपकप्तान तिलक वर्मा की जगह मजबूत नजर आती है। दोनों टीम के बल्लेबाजी क्रम को स्थिरता देने के साथ तेजी से रन बनाने की क्षमता भी रखते हैं। ईशान किशन को भी मध्यक्रम में इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे भारत एक साथ संजू और ईशान दोनों को प्लेइंग 11 में शामिल कर सकता है।

    सबसे बड़ा चयन पेंच नीतीश कुमार रेड्डी और शिवम दुबे को लेकर हो सकता है। दोनों को एक साथ खिलाने के बजाय टीम कॉम्बिनेशन के हिसाब से किसी एक को मौका मिल सकता है। अगर भारत को बल्लेबाजी में ज्यादा गहराई और पावर हिटिंग चाहिए तो शिवम दुबे उपयोगी साबित हो सकते हैं। वहीं नीतीश कुमार रेड्डी बल्लेबाजी के साथ तेज गेंदबाजी का विकल्प भी देते हैं। इसलिए अंतिम फैसला पिच और टीम की रणनीति को देखकर लिया जा सकता है।

    गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह की वापसी सबसे बड़ा आकर्षण होगी। उनके साथ अर्शदीप सिंह और वरुण चक्रवर्ती को मौका मिल सकता है जबकि अक्षर पटेल टीम के ऑलराउंड संतुलन में अहम भूमिका निभाएंगे। भारत और अफगानिस्तान के बीच पहला टी20 13 सितंबर को शाम 7:30 बजे शुरू होगा।

  • संजू की वापसी से बदला टीम इंडिया का ओपनिंग प्लान! अब 15 साल के वैभव के साथ उतर सकते हैं सैमसन

    संजू की वापसी से बदला टीम इंडिया का ओपनिंग प्लान! अब 15 साल के वैभव के साथ उतर सकते हैं सैमसन


    नई दिल्ली । टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर में प्रयोग का दौर अभी खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज से पहले संजू सैमसन की वापसी ने ओपनिंग कॉम्बिनेशन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भारतीय टीम मैनेजमेंट 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के साथ संजू सैमसन को पारी की शुरुआत करने का मौका दे सकता है। खास बात यह है कि भारत के लिए अभिषेक शर्मा के साथ संजू और वैभव दोनों ओपनिंग कर चुके हैं लेकिन संजू और वैभव की जोड़ी को अभी तक आजमाया नहीं गया है।

    टी20 वर्ल्ड कप के बाद भारतीय टीम ने अपनी पारी की शुरुआत को लेकर कई प्रयोग किए हैं। आईपीएल में अपने तूफानी अंदाज से पहचान बनाने वाले वैभव सूर्यवंशी को सीनियर टीम में मौका मिला और उन्हें अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग करते देखा गया। दूसरी तरफ संजू सैमसन भी अभिषेक के साथ पारी की शुरुआत कर चुके हैं। ऐसे में अब टीम के सामने एक नया विकल्प मौजूद है जिसमें संजू का अनुभव और वैभव का बेखौफ अंदाज एक साथ दिखाई दे सकता है।

    इस संभावना को पूर्व भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज दीप दासगुप्ता ने भी दिलचस्प बताया है। उनका मानना है कि जब अभिषेक वैभव और अभिषेक संजू की जोड़ी को आजमाया जा चुका है तो संजू और वैभव को साथ भेजकर देखने में भी कोई नुकसान नहीं है। हालांकि यह सिर्फ एक संभावित प्रयोग है और अंतिम फैसला टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर निर्भर करेगा।

    संजू और वैभव की जोड़ी इसलिए भी खास हो सकती है क्योंकि दोनों बल्लेबाज आक्रामक क्रिकेट खेलने के लिए जाने जाते हैं। संजू के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का लंबा अनुभव है जबकि वैभव बेहद कम उम्र में अपने विस्फोटक बल्लेबाजी अंदाज से सुर्खियां बटोर चुके हैं। अगर दोनों एक साथ पावरप्ले में उतरते हैं तो भारत शुरुआत के छह ओवरों में विपक्षी गेंदबाजों पर जबरदस्त दबाव बनाने की कोशिश कर सकता है।

    हालांकि इस प्रयोग के साथ एक बड़ा सवाल अभिषेक शर्मा की भूमिका को लेकर भी खड़ा होगा। अभिषेक खुद टी20 क्रिकेट में बेहद आक्रामक बल्लेबाज हैं और पावरप्ले में तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं। ऐसे में अगर संजू और वैभव को ओपनिंग का मौका मिलता है तो अभिषेक को किस नंबर पर उतारा जाएगा यह भी देखने वाली बात होगी। टीम मैनेजमेंट के पास विकल्पों की कमी नहीं है लेकिन सही संतुलन बनाना चुनौती जरूर होगी।

    वैभव के लिए यह सीरीज खास महत्व रखती है। महज 15 साल की उम्र में सीनियर टीम का हिस्सा बनना ही अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। उनके प्रदर्शन पर हर किसी की नजर है और टीम मैनेजमेंट भी उन्हें लंबे समय के लिए तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है। ऐसे में उन्हें अलग अलग बल्लेबाजी संयोजनों में मौका देना भविष्य की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।

    अफगानिस्तान के खिलाफ तीन टी20 मैचों की सीरीज 13 सितंबर से शुरू होगी। पहला मुकाबला 13 सितंबर को अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाएगा जबकि दूसरा मैच 15 सितंबर और तीसरा मुकाबला 17 सितंबर को होगा। ऐसे में सीरीज शुरू होने से पहले सबसे ज्यादा उत्सुकता इसी बात को लेकर है कि टीम इंडिया पारी की शुरुआत के लिए किस संयोजन पर भरोसा करती है। अभिषेक संजू और वैभव तीनों विकल्प मौजूद हैं लेकिन अगर संजू और वैभव को साथ उतारा गया तो यह टीम इंडिया का एक नया और बेहद आक्रामक ओपनिंग प्रयोग होगा।

  • जिम्बाब्वे दौरे से संजू सैमसन को रखा बाहर, रिंकू-मयंक की हुई वापसी

    जिम्बाब्वे दौरे से संजू सैमसन को रखा बाहर, रिंकू-मयंक की हुई वापसी


    नई दिल्‍ली । जिम्बाब्वे के खिलाफ इसी महीने होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम की घोषणा 6 जुलाई (सोमवार) को की गई. भारतीय चयनकर्ताओं ने इस दौरे के लिए 15 सदस्यीय टीम घोषित की है, जिसकी कमान श्रेयस अय्यर को सौंपी गई है. वहीं तिलक वर्मा उप-कप्तान बने रहेंगे.

    चयनकर्ताओं ने इस दौरे के लिए अनुभवी खिलाड़ियों के साथ-साथ युवाओं पर भी बड़ा दांव खेला है. भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन टी20 इंटरनेशनल मुकाबले 23, 25 और 26 जुलाई को हरारे में खेले जाएंगे. आइए जिम्बाब्वे टूर के लिए टीम सेलेक्शन से जुड़ी 5 बड़ी चीजों पर नजर डालते हैं.

    संजू सैमसन को ‘आराम’, प्रभसिमरन को मिली जगह 
    जिम्बाब्वे दौरे के लिए घोषित भारतीय टीम में संजू सैमसन का नाम नहीं है. उनकी गैरमौजूदगी टीम चयन की सबसे बड़ी चर्चाओं में से एक है. माना जा रहा है कि चयनकर्ताओं ने लगातार क्रिकेट और वर्कलोड को ध्यान में रखते हुए संजू सैमसन को इस सीरीज से आराम दिया है. हालांकि संजू सैमसन सिर्फ एक ही फॉर्मेट में भारतीय टीम के लिए खेलते हैं, ऐसे में उन्हें सेलेक्ट नहीं किया जाना काफी चौंकाने वाला निर्णय है.

    संजू सैमसन की जगह प्रभसिमरन सिंह को विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर स्क्वॉड में जगह मिली है. प्रभसिमरन इससे पहले एशियन गेम्स 2023 के दौरान भारतीय टीम का हिस्सा रह चुके हैं, लेकिन उन्हें तब एक भी मुकाबले में खेलने का मौका नहीं मिला था. ऐसे में अगर जिम्बाब्वे दौरे पर उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह मिलती है, तो वह इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ना चाहेंगे. ईशान किशन फर्स्ट चॉइस विकेटकीपर के तौर पर स्क्वॉड में शामिल हैं.

    रिंकू सिंह का इंतजार खत्म
    विस्फोटक बल्लेबाज रिंकू सिंह की भारतीय टी20 टीम में वापसी हो गई है. रिंकू आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के अलावा एशियन गेम्स 2026 के लिए भी भारतीय टीम में जगह नहीं बना पाए थे. अब चयनकर्ताओं ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है. रिंकू को टी20 क्रिकेट में भारत के सबसे बेहतरीन फिनिशर्स में गिना जाता है.

    रिंकू सिंह आखिरी ओवरों में तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं. उनकी वापसी से टीम इंडिया के मिडिल और लोअर ऑर्डर को मजबूती मिलने की उम्मीद है. जिम्बाब्वे दौरा रिंकू के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण होगा क्योंकि भारतीय टी20 टीम में जगह बनाने के लिए प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ती जा रही है. ऐसे में उन्हें मिले मौकों का पूरा फायदा उठाना होगा.

    मयंक यादव की लंबे समय बाद वापसी
    अपनी तूफानी रफ्तार से पहचान बनाने वाले मयंक यादव की भी भारतीय टीम में वापसी हुई है. मयंक ने अक्टूबर 2024 में भारत के लिए आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला खेला था. इसके बाद फिटनेस और चोट से जुड़ी समस्याओं के कारण वह लंबे समय तक टीम से बाहर रहे. अब चयनकर्ताओं ने जिम्बाब्वे दौरे के लिए एक बार फिर मयंक पर भरोसा जताया है. मयंक की फिटनेस पर भी सभी की नजरें रहने वाली हैं. अगर वह पूरी सीरीज में फिट रहते हुए अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो वो आने वाले समय में भारतीय टी20 टीम के तेज गेंदबाजी आक्रमण का अहम हिस्सा बन सकते हैं.

    वैभव सूर्यवंशी पर भरोसा कायम
    15 साल के वैभव सूर्यवंशी को जिम्बाब्वे दौरे के लिए भी टीम इंडिया में बरकरार रखा गया है. वैभव ने इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी20I मुकाबले के जरिए अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था. महज 15 साल और 99 दिन की उम्र में भारत के लिए डेब्यू कर इतिहास रचने वाले वैभव अपने पहले मुकाबले में सिर्फ 14 रन बनाकर आउट हुए थे. हालांकि दो छक्के जड़कर उन्होंने अपनी बेखौफ बल्लेबाजी की झलक जरूर दिखाई थी.

    वैभव सूर्यवंशी के अलावा सूर्यांश शेडगे, हर्ष दुबे और प्रिंस यादव जैसे युवा खिलाड़ियों को भी टीम में जगह मिली है. इससे साफ है कि चयनकर्ता जिम्बाब्वे दौरे को भविष्य के खिलाड़ियों को तैयार करने के मौके के रूप में देख रहे हैं. इन युवा खिलाड़ियों के लिए यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण होगा. जिम्बाब्वे के खिलाफ शानदार प्रदर्शन उन्हें भारतीय टी20 टीम की भविष्य की योजनाओं में शामिल कर सकता है.

    अशोक शर्मा-यश ठाकुर की सरप्राइज एंट्री
    चयनकर्ताओं ने तेज गेंदबाजों अशोक शर्मा और यश ठाकुर को पहली बार भारतीय टीम में शामिल किया है. दोनों खिलाड़ियों के लिए यह करियर का बड़ा मौका होगा. वहीं संजू सैमसन के अलावा अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, हर्षित राणा, प्रसिद्ध कृष्णा और अर्शदीप सिंह जैसे खिलाड़ियों को भी स्क्वॉड में शामिल नहीं किया गया है. माना जा रहा है कि व्यस्त कार्यक्रम और वर्कलोड मैनेजमेंट को ध्यान में रखते हुए इनमें से कई खिलाड़ियों को आराम दिया गया है.

    जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारत का फुल स्क्वॉड: श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, अशोक शर्मा, मयंक यादव और प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर).

    भारत के जिम्बाब्वे दौरे का शेड्यूल
    पहला टी20- 23 जुलाई, हरारे, शाम 4.30 बजे
    दूसरा टी20- 25 जुलाई, हरारे, शाम 4.30 बजे
    तीसरा टी20- 26 जुलाई, हरारे, शाम 4.30 बजे