Tag: Saree

  • शिवपुरी में नारी इन साड़ी प्रतियोगिता का आयोजन, रैंप वॉक में महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों से बिखेरा आकर्षण

    शिवपुरी में नारी इन साड़ी प्रतियोगिता का आयोजन, रैंप वॉक में महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों से बिखेरा आकर्षण

    शिवपुरी में करवाचौथ के अवसर पर भारतीय परंपरा, पारंपरिक परिधानों और महिलाओं की प्रतिभा को समर्पित कार्यक्रम आयोजित किया गया। गुरुवार को कमलागंज स्थित होटल शगुन वाटिका में करवाचौथ मेले के साथ ‘नारी इन साड़ी’ सौंदर्य प्रतियोगिता संपन्न हुई। ‘नारी की शान है साड़ी’ थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं ने साड़ी पहनकर रैंप वॉक की और अपने आत्मविश्वास, व्यक्तित्व तथा भारतीय संस्कृति के प्रति लगाव का प्रदर्शन किया। आयोजन महिला समन्वय एवं विश्व मांगल्य सभा के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

    कार्यक्रम में प्रतियोगिता के साथ खरीदारी और उत्सव से जुड़ी गतिविधियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। मेले में आर्टिफिशियल ज्वेलरी, फैशनेबल एवं डिजाइनर सूट, साड़ियां, करवाचौथ की पूजन सामग्री और घर की सजावट से संबंधित सामान के स्टॉल लगाए गए। इसके अलावा नमकीन, पापड़ तथा खानपान से जुड़े विभिन्न उत्पाद भी उपलब्ध रहे। जलपान के लिए छोटे-छोटे स्टॉल लगाए गए थे, जहां लोगों को खरीदारी के साथ खानपान के विकल्प मिले।

    इस मेले में शिवपुरी के दुकानदारों के अलावा करेरा, झांसी, ग्वालियर और इंदौर से भी व्यापारी पहुंचे। विभिन्न शहरों से आए दुकानदारों की भागीदारी के कारण मेले में अलग-अलग तरह के उत्पाद देखने और खरीदने का अवसर मिला। आयोजन में करवाचौथ की तैयारियों से जुड़ी सामग्री के साथ महिलाओं की रुचि के अनुरूप परिधान और सजावटी वस्तुएं भी प्रदर्शित की गईं।

    प्रतियोगिता में लगभग 15 महिलाओं ने हिस्सा लिया। सभी प्रतिभागियों ने साड़ी पहनकर रैंप वॉक की और अपनी प्रस्तुति के माध्यम से व्यक्तित्व तथा आत्मविश्वास का परिचय दिया। प्रतियोगिता में नवनीता जैन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। कुमारी ऋतु दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि ग्वालियर की विनीता ने तीसरा स्थान हासिल किया। अपनी प्रस्तुति से अलग पहचान बनाने वाली रुपाली सोनी को विशेष पुरस्कार प्रदान किया गया।

    प्रतियोगिता में विजेताओं के लिए नकद पुरस्कार भी निर्धारित किए गए थे। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली नवनीता जैन को 5,100 रुपये, द्वितीय स्थान पर रहीं ऋतु को 3,100 रुपये और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली विनीता को 2,100 रुपये दिए गए। विशेष पुरस्कार के रूप में रुपाली सोनी को 1,100 रुपये की राशि प्रदान की गई। पुरस्कार महिला समन्वय की अध्यक्ष डॉ. सुषमा पांडेय और विश्व मांगल्य सभा की अध्यक्ष विभा रघुवंशी ने वितरित किए।

    कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण साक्षी अग्रवाल की प्रस्तुति रही। वह अपने दोनों बच्चों के साथ रैंप वॉक करती नजर आईं। उनकी इस प्रस्तुति ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। इसके अलावा कार्यक्रम के दौरान दर्शकों से तेजी से सवाल पूछने की गतिविधि भी आयोजित की गई। सही जवाब देने वाले प्रतिभागियों को उपहार देकर प्रोत्साहित किया गया।

    कार्यक्रम की शुरुआत विश्व मांगल्य सभा के छायाचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। शांति गीत सुमन तिवारी और राधा सूर्यवंशी ने प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ. आकांक्षा गौड़, दीपा शर्मा और दिव्या व्यास शामिल रहीं। मंच संचालन मणिका शर्मा ने किया। समापन पर निर्णायकों को स्मृति चिह्न स्वरूप उपहार भेंट किए गए, जबकि प्रतियोगिता में शामिल सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

  • सावन के त्योहारों में साड़ी के साथ ट्रेंडिंग बिंदी डिज़ाइन अपनाकर बनाएं अपना लुक और खास

    सावन के त्योहारों में साड़ी के साथ ट्रेंडिंग बिंदी डिज़ाइन अपनाकर बनाएं अपना लुक और खास

    नई दिल्ली । सावन का महीना भारतीय संस्कृति और पारंपरिक परिधानों के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दौरान महिलाएं और युवतियां पूजा, व्रत, पारिवारिक आयोजनों और त्योहारों में साड़ी पहनना पसंद करती हैं। हालांकि खूबसूरत साड़ी के साथ सही बिंदी का चयन भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। चेहरे के अनुरूप चुनी गई बिंदी न केवल पारंपरिक लुक को पूरा करती है, बल्कि पूरे व्यक्तित्व को भी अधिक आकर्षक और संतुलित बना देती है। इस सावन कई ऐसे बिंदी डिज़ाइन ट्रेंड में हैं, जिन्हें अलग-अलग तरह की साड़ियों के साथ आसानी से अपनाया जा सकता है।

    अगर आप सादगी और पारंपरिक अंदाज पसंद करती हैं तो गोल लाल बिंदी सबसे उपयुक्त विकल्प मानी जाती है। यह डिज़ाइन वर्षों से फैशन का हिस्सा रही है और लगभग हर रंग की साड़ी के साथ सहज रूप से मेल खाती है। विशेष रूप से हरे, पीले और लाल रंग की साड़ियों के साथ इसका संयोजन पारंपरिक सौंदर्य को और अधिक निखार देता है।

    सावन में हरे रंग का विशेष महत्व होने के कारण ग्रीन स्टोन बिंदी भी महिलाओं की पसंद बन रही है। यह डिज़ाइन सिल्क, कॉटन और जॉर्जेट जैसी विभिन्न प्रकार की साड़ियों के साथ आकर्षक दिखाई देता है। हल्के मेकअप और पारंपरिक आभूषणों के साथ इसका संयोजन संतुलित और सुरुचिपूर्ण लुक देता है।

    जो महिलाएं पारंपरिक पहनावे में थोड़ा अलग अंदाज चाहती हैं, उनके लिए लॉन्ग बिंदी एक अच्छा विकल्प हो सकती है। यह विशेष रूप से बनारसी और प्लेन साड़ियों के साथ बेहद आकर्षक लगती है। इसके साथ हल्के आभूषण पहनने से पूरा लुक संतुलित बना रहता है और चेहरे की खूबसूरती भी उभरकर सामने आती है।

    ब्लैक बिंदी को भी अब केवल आधुनिक परिधानों तक सीमित नहीं माना जाता। हल्के रंग की साड़ियों के साथ छोटी काली बिंदी एक अलग और स्टाइलिश प्रभाव पैदा करती है। वहीं यदि किसी धार्मिक आयोजन, पूजा या पारिवारिक समारोह में शामिल होना हो तो स्टोन वर्क बिंदी बेहतर विकल्प साबित हो सकती है। इसकी चमक चेहरे पर अलग ही आकर्षण जोड़ती है और पारंपरिक परिधान को उत्सव के अनुरूप बनाती है।

    इन दिनों लीफ शेप बिंदी भी तेजी से लोकप्रिय हो रही है। सावन के प्राकृतिक और हरियाली से जुड़े माहौल के कारण यह डिज़ाइन काफी पसंद किया जा रहा है। हरे या सुनहरे बॉर्डर वाली साड़ियों के साथ इसका मेल बेहद आकर्षक दिखाई देता है। इसके अलावा मल्टीकलर बिंदी भी उन महिलाओं के लिए उपयुक्त है, जिनकी साड़ी में एक से अधिक रंग शामिल हों। यह पारंपरिक लुक में आधुनिकता का हल्का स्पर्श जोड़ती है।

    फैशन विशेषज्ञों का मानना है कि बिंदी का चुनाव केवल ट्रेंड देखकर नहीं, बल्कि चेहरे के आकार, साड़ी के रंग और आभूषणों के अनुसार करना चाहिए। यदि आभूषण भारी हों तो साधारण बिंदी अधिक संतुलित लगती है, जबकि हल्की ज्वेलरी के साथ स्टोन या डिजाइनर बिंदी पूरे लुक को अधिक प्रभावशाली बना सकती है। सही आकार, रंग और डिज़ाइन की बिंदी न केवल चेहरे की सुंदरता बढ़ाती है, बल्कि पारंपरिक पहनावे को भी संपूर्ण और आकर्षक रूप प्रदान करती है। इस सावन यदि साड़ी के साथ बिंदी का चयन सोच-समझकर किया जाए, तो बिना किसी अतिरिक्त प्रयास के भी आपका उत्सवी लुक और अधिक निखर सकता है।