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  • ग्रीन कार्ड और H-1B वीजा पर अमेरिकी शिकंजा, माइक्रोसॉफ्ट ने आरोपों को नकारा, ट्रंप ने सत्या नडेला को किया सम्मानित

    ग्रीन कार्ड और H-1B वीजा पर अमेरिकी शिकंजा, माइक्रोसॉफ्ट ने आरोपों को नकारा, ट्रंप ने सत्या नडेला को किया सम्मानित


    नई दिल्ली। अमेरिका में आव्रजन नियमों को लेकर ट्रंप प्रशासन की सख्ती के बीच माइक्रोसॉफ्ट ने अपनी एच-1बी वीजा नीति का बचाव किया है। अमेरिकी सरकार की कार्रवाई के बाद कंपनी ने स्पष्ट किया कि उसके अमेरिकी कार्यबल में अधिकांश कर्मचारी अमेरिकी नागरिक हैं और विदेशी कर्मचारियों की नियुक्ति का उद्देश्य प्रतिभाशाली लोगों को अवसर देना है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने माइक्रोसॉफ्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सत्या नडेला को नेशनल मेडल ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन से सम्मानित किया। एक तरफ कंपनी आव्रजन नीति को लेकर सरकारी कार्रवाई का सामना कर रही है तो दूसरी तरफ उसके प्रमुख को तकनीकी क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मान मिलना चर्चा का विषय बन गया है।

    माइक्रोसॉफ्ट ने अपने बयान में बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान कंपनी की ओर से एच-1बी वीजा के लिए किए गए लगभग 6000 आवेदनों में से करीब 80 प्रतिशत मौजूदा कर्मचारियों की वीजा स्थिति बदलने या उसे आगे बढ़ाने से संबंधित थे। कंपनी के अनुसार नए कर्मचारियों के लिए किए गए शेष आवेदन उन लोगों से जुड़े थे जो पहले से ही अमेरिका में कानूनी रूप से रह रहे थे। माइक्रोसॉफ्ट ने यह भी कहा कि एच-1बी वीजा से जुड़े कर्मचारी उसके अमेरिकी कार्यबल का लगभग एक प्रतिशत थे। कंपनी ने उन आरोपों को भी खारिज किया जिनमें विदेशी कर्मचारियों को अमेरिकी कर्मचारियों की तुलना में कम वेतन देने की बात कही गई थी। उसका कहना है कि एच-1बी वीजा पर काम करने वाले कर्मचारियों को अन्य कर्मचारियों के समान वेतन दिया जाता है।

    यह विवाद उस समय बढ़ा जब अमेरिकी श्रम सचिव कीथ सोंडरलिंग ने माइक्रोसॉफ्ट को स्थायी श्रम प्रमाणन कार्यक्रम यानी पीईआरएम से निलंबित करने की घोषणा की। इस कार्रवाई के तहत कंपनी के नए और लंबित आवेदनों को स्वीकार नहीं किए जाने की बात कही गई। रिपोर्ट के अनुसार एडोब और कई बड़ी आईटी आउटसोर्सिंग कंपनियां भी इस कार्रवाई के दायरे में आई हैं। अमेरिकी प्रशासन ने इस फैसले के पीछे चल रही संघीय जांच का हवाला दिया है। पीईआरएम कार्यक्रम विदेशी कर्मचारियों को स्थायी रूप से अमेरिका में काम करने और ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया में आगे बढ़ने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

    अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने माइक्रोसॉफ्ट की भर्ती नीति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कंपनी ने लगभग 6000 अमेरिकी कर्मचारियों को नौकरी से हटाया जबकि हजारों एच-1बी वीजा और ग्रीन कार्ड का इस्तेमाल किया। हालांकि माइक्रोसॉफ्ट ने अपनी वीजा नीति का बचाव करते हुए कहा कि उसके आंकड़ों को सही संदर्भ में देखा जाना चाहिए। इस विवाद ने अमेरिकी तकनीकी उद्योग में विदेशी कर्मचारियों की भूमिका और स्थानीय लोगों के रोजगार को लेकर बहस तेज कर दी है। भारतीय आईटी पेशेवरों के लिए भी यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण है क्योंकि बड़ी संख्या में भारतीय कर्मचारी अमेरिकी तकनीकी कंपनियों में एच-1बी वीजा के माध्यम से काम करते हैं।

    दूसरी ओर राष्ट्रपति ट्रंप ने सत्या नडेला के नेतृत्व की प्रशंसा की और माइक्रोसॉफ्ट को बदलने में उनकी भूमिका को सराहा। उन्होंने क्लाउड कंप्यूटिंग और सुपरइंटेलिजेंस जैसे तकनीकी क्षेत्रों में नडेला के योगदान का उल्लेख किया। इसके साथ ही अमेरिकी श्रम विभाग ने नौ प्रमुख विश्वविद्यालयों में जे-1 वीजा से जुड़े संभावित उल्लंघनों की ऐतिहासिक जांच की घोषणा भी की है। एफ-1 छात्र वीजा पर आने वाले विद्यार्थियों के वैकल्पिक व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम यानी ओपीटी के आवेदनों पर नए शुल्क लगाने का प्रस्ताव भी सामने आया है। कुल मिलाकर अमेरिका में आव्रजन नियमों को सख्त बनाने की कोशिशों का असर तकनीकी कंपनियों विदेशी पेशेवरों और अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर पड़ सकता है। हालांकि प्रस्तावित शुल्क और प्रशासनिक फैसलों के अंतिम प्रभाव को समझने के लिए आधिकारिक अधिसूचनाओं और आगे के घटनाक्रम पर नजर रखना जरूरी होगा।

  • भारत में 1.5 लाख करोड़ का निवेश करेगा माइक्रोसॉफ्ट, सत्य नडेला ने किया ऐलान

    भारत में 1.5 लाख करोड़ का निवेश करेगा माइक्रोसॉफ्ट, सत्य नडेला ने किया ऐलान


    नई दिल्ली।
    माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) के सीईओ सत्य नडेला (CEO Satya Nadella) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के साथ अपनी मुलाकात के बाद भारत (India) के लिए बड़ा ऐलान किया है। सत्य नडेला ने कहा है कि टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट भारत में 1.5 लाख करोड़ रुपए का निवेश करने जा रही है, जो एशिया में कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। सत्य नडेला के इस ऐलान से भारत के ‘AI ड्रीम’ को रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

    सत्य नडेला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में इस निवेश को लेकर जानकारी साझा की है। साथ ही उन्होंने PM मोदी के साथ अपनी एक तस्वीर भी साझा की। सत्य नडेला ने लिखा, “भारत में AI के अवसरों पर प्रेरणादायक बातचीत के लिएधन्यवाद, PM नरेंद्र मोदी जी। देश की महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने के लिए माइक्रोसॉफ्ट 17.5 बिलियन डॉलर का निवेश करने जा रहा है।”

    सत्य नडेला ने बताया है कि यह कंपनी का एशिया में अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। उन्होंने लिखा, “यह एशिया में हमारा अब तक का सबसे बड़ा निवेश है, जिससे भारत के AI फर्स्ट फ्यूचर के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा, कौशल और क्षमताओं को विकसित करने में मदद मिल सके।”

    वहीं माइक्रोसॉफ्ट ने एक प्रेस रिलीज जारी कर कहा है कि भारत में माइक्रोसॉफ्ट का निवेश तीन स्तंभों पर केंद्रित है, जो प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप है। बयान के मुताबिक, “माइक्रोसॉफ्ट और साथ मिलकर आने वाले दशक में नए बेंचमार्क स्थापित करने और देश को डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर से AI पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर ले जाने के लिए तैयार हैं। हम एक ऐसे भविष्य को आकार दे रहे हैं जो ज्यादा न्यायसंगत है।” बयान में आगे कहा गया है, “भारत में माइक्रोसॉफ्ट का निवेश तीन स्तंभों, स्केल, स्किल और संप्रभुता, पर केंद्रित है, जो प्रधानमंत्री केविजन के अनुरूप है।”