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  • दिल्ली में बिल्डिंग ऑडिट के नाम पर वसूली का आरोप, सौरभ भारद्वाज ने रेखा गुप्ता सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

    दिल्ली में बिल्डिंग ऑडिट के नाम पर वसूली का आरोप, सौरभ भारद्वाज ने रेखा गुप्ता सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

    नई दिल्ली ।दिल्ली में इमारतों की सुरक्षा जांच और सरकारी निरीक्षण व्यवस्था को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राजधानी में इमारतों से जुड़े हादसों के बाद ऑडिट के आदेश तो जारी किए जाते हैं, लेकिन इसके बाद निरीक्षण के नाम पर कथित वसूली का सिलसिला शुरू हो जाता है। उन्होंने सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण को लेकर सवाल उठाए हैं।

    भारद्वाज के मुताबिक, दिल्ली में जब भी कोई बड़ी दुर्घटना होती है, तब इमारतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जांच और ऑडिट कराने के निर्देश दिए जाते हैं। उनका आरोप है कि इन निर्देशों के बाद कुछ विभागों के अधिकारी निरीक्षण प्रक्रिया का कथित तौर पर दुरुपयोग करते हैं। उन्होंने दावा किया कि जांच और ऑडिट के नाम पर कारोबारियों से अवैध रूप से पैसे वसूलने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

    आप नेता ने कहा कि यह समस्या केवल एक विभाग तक सीमित नहीं है। उन्होंने नगर निगम दिल्ली और पुलिस पर पहले से लगते रहे भ्रष्टाचार तथा वसूली के आरोपों का उल्लेख करते हुए अग्निशमन विभाग और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका दावा है कि होटल, रेस्टोरेंट, जिम, नर्सिंग होम, कोचिंग सेंटर और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निरीक्षण के दौरान कथित वसूली का सामना करना पड़ रहा है।

    भारद्वाज ने इस मुद्दे को कारोबारियों के सामने आने वाली गंभीर समस्या के रूप में पेश किया। उनके अनुसार, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भवन सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन जरूरी है। नियमित निरीक्षण और ऑडिट लोगों की जान-माल की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि यदि इन्हीं प्रक्रियाओं का इस्तेमाल रिश्वत लेने के लिए किया जाता है, तो कारोबारियों पर अनावश्यक दबाव बढ़ता है और सरकारी व्यवस्था के प्रति उनका भरोसा कमजोर होता है।

    उन्होंने व्यापारी समुदाय का उल्लेख करते हुए कहा कि यह वर्ग ऐतिहासिक रूप से जनसंघ और भाजपा का समर्थक रहा है। इसके बावजूद, उनके आरोप के अनुसार, मौजूदा सरकार के कार्यकाल में कथित भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर व्यापारियों की परेशानियां बढ़ रही हैं। भारद्वाज ने दिल्ली की भाजपा सरकार को घेरते हुए ट्रिपल इंजन सरकार की अवधारणा पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि सत्ता के विभिन्न स्तरों पर एक ही राजनीतिक दल के होने के बावजूद भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने की जरूरत बनी हुई है।

    आप नेता ने यह सवाल भी उठाया कि जब हर बड़ी दुर्घटना के बाद इमारतों के ऑडिट और निरीक्षण के आदेश दिए जाते हैं, तो ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम क्यों पर्याप्त रूप से दिखाई नहीं देते। उन्होंने सरकारी विभागों की जवाबदेही और निरीक्षण व्यवस्था की पारदर्शिता को महत्वपूर्ण बताया।

    दिल्ली में भवन सुरक्षा का मुद्दा सार्वजनिक सुरक्षा से सीधे जुड़ा है। होटल, अस्पताल, नर्सिंग होम, जिम और कोचिंग सेंटर जैसे स्थानों पर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है। इसके लिए नियमित जांच के साथ नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई भी जरूरी है। वहीं, निरीक्षण प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय करना भी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है।

    फिलहाल, सौरभ भारद्वाज के बयान में लगाए गए आरोप राजनीतिक आरोप हैं। इन आरोपों के समर्थन में किसी जांच के निष्कर्ष या संबंधित विभागों की आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में मामले में तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित विभागों की प्रतिक्रिया और जांच से जुड़ी जानकारी महत्वपूर्ण होगी।

  • ग्वालियर हादसे में भाई को बचाने 8 किलोमीटर दौड़ा सौरभ, हाइड्रा लेकर लौटा, लेकिन नहीं बचा सका गौरव की जान

    ग्वालियर हादसे में भाई को बचाने 8 किलोमीटर दौड़ा सौरभ, हाइड्रा लेकर लौटा, लेकिन नहीं बचा सका गौरव की जान

    मध्य प्रदेश: के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास मेले के दौरान हुए सड़क हादसे ने कई परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया। इस दुर्घटना में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 26 लोग घायल हुए हैं। हादसे के दौरान अपने भाई गौरव परिहार को बचाने के लिए सौरभ परिहार ने हर संभव कोशिश की। वह मदद जुटाने के लिए करीब आठ किलोमीटर तक दौड़ा और आखिरकार हाइड्रा मशीन लेकर घटनास्थल पर पहुंचा, लेकिन तब तक गौरव की मौत हो चुकी थी।

    यह हादसा उस समय हुआ, जब श्रद्धालु शीतला माता मंदिर में दर्शन करने जा रहे थे। इसी दौरान एक ट्रक भीड़ के बीच घुस गया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कई लोग ट्रक की चपेट में आ गए, जबकि कुछ घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। हादसे के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

    सौरभ परिहार के मुताबिक, वह अपने परिवार के साथ दर्शन के लिए जा रहा था। इसी दौरान दुर्घटना हुई। उसने देखा कि उसकी बहन का पैर ट्रक के टायर के नीचे दबा हुआ था। वह बहन की स्थिति देख रहा था, लेकिन उसे अपना भाई गौरव दिखाई नहीं दिया। इसके बाद उसे आशंका हुई कि गौरव ट्रक के नीचे फंसा हो सकता है।

    गौरव को बाहर निकालने के लिए भारी वाहन को उठाने वाली मशीन की जरूरत थी। सौरभ ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से क्रेन या हाइड्रा मशीन मंगवाने का अनुरोध किया। उसे बताया गया कि कुछ ही मिनटों में मदद पहुंच सकती है। हालांकि, भाई की हालत को लेकर चिंतित सौरभ ने इंतजार करने के बजाय खुद मशीन की तलाश में निकलने का फैसला किया।

    मदद जुटाने के लिए सौरभ ने रास्ते में कई वाहनों को रोकने की कोशिश की। शुरुआत में कई वाहन चालकों ने गाड़ी नहीं रोकी। बाद में कुछ लोगों ने उसे लिफ्ट दी, जिससे वह विक्ट्री फैक्टरी तक पहुंच सका। वहां उसने हाइड्रा मशीन की व्यवस्था की और इसके लिए ऑनलाइन 800 रुपये का भुगतान किया। इसके बाद वह मशीन लेकर दुर्घटनास्थल पर वापस लौटा।

    घटनास्थल पर पहुंचने के बाद हाइड्रा की मदद से ट्रक को उठाया गया, ताकि उसके नीचे फंसे गौरव को बाहर निकाला जा सके। लेकिन सौरभ की तमाम कोशिशों के बावजूद उसके भाई की जान नहीं बच सकी। जिस उम्मीद के साथ वह मशीन लेकर लौटा था, वह पूरी नहीं हो पाई। हादसे के बाद सौरभ के संघर्ष का वीडियो भी सामने आया, जिसमें भाई को बचाने के लिए की गई उसकी कोशिशों का घटनाक्रम दिखाई देता है।

    इस दुर्घटना में अन्य परिवारों को भी गंभीर नुकसान हुआ है। मृतकों में एक किशोर और उसके ताऊ भी शामिल बताए गए हैं। दोनों परिवार के साथ मंदिर में दर्शन करने आए थे। हादसे में किशोर के माता-पिता और परिवार के दूसरे सदस्य भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों का अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में उपचार चल रहा है।

    हादसे में शिवपुरी जिले की 20 वर्षीय जाह्नवी भी घायल हुई। वह अपनी बहन और सहेली के साथ मंदिर आई थी। दुर्घटना में उसका पैर फ्रैक्चर हो गया। जाह्नवी ने बताया कि ट्रक अचानक लोगों के बीच आ गया। स्थिति इतनी तेजी से बदली कि श्रद्धालुओं को संभलने का मौका नहीं मिला। उसे ऐसा लगा, जैसे अचानक कोई बड़ा तूफान आ गया हो। चारों तरफ चीख-पुकार मच गई और लोग बचने के लिए भागने लगे। इसी दौरान वह भी गिर गई। उसने बताया कि मृतकों में उसके गांव के दो लोग भी शामिल हैं।

    हादसे में कुल 41 लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें 15 की मौत हुई और 26 घायल हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, ट्रक चालक रास्ता तलाशने के लिए गूगल मैप का इस्तेमाल कर रहा था। मामले में पुलिस ने चालक और ट्रक मालिक को गिरफ्तार किया है। दुर्घटना की परिस्थितियों और जिम्मेदारी से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।