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  • सावन सोमवार व्रत रखने से पहले जान लें ये जरूरी नियम एक छोटी गलती पड़ सकती है भारी

    सावन सोमवार व्रत रखने से पहले जान लें ये जरूरी नियम एक छोटी गलती पड़ सकती है भारी


    नई दिल्ली । सावन का महीना भगवान शिव को बेहद प्रिय माना जाता है और इस दौरान पड़ने वाले सोमवार का धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है। मान्यता है कि सावन सोमवार के दिन भगवान शिव की श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा करने तथा व्रत रखने से महादेव की कृपा प्राप्त होती है। भक्त अपनी मनोकामना पूरी होने सुख समृद्धि पारिवारिक शांति और अच्छे स्वास्थ्य की कामना से सावन सोमवार का व्रत रखते हैं। अविवाहित लोग अच्छे जीवनसाथी की कामना से भी यह व्रत करते हैं। हालांकि व्रत का पूरा लाभ पाने के लिए केवल उपवास करना ही पर्याप्त नहीं माना जाता बल्कि पूजा पाठ के साथ कुछ नियमों का पालन करना भी जरूरी होता है।

    सावन सोमवार के दिन व्रत रखने वाले व्यक्ति को सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए और साफ कपड़े पहनने के बाद भगवान शिव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लेना चाहिए। इसके बाद घर के मंदिर में या शिव मंदिर जाकर शिवलिंग का जलाभिषेक करना शुभ माना जाता है। शिवलिंग पर जल और गंगाजल अर्पित करने के बाद दूध दही शहद और अन्य पूजन सामग्री से अभिषेक किया जा सकता है। इसके बाद भगवान शिव को बेलपत्र धतूरा और पुष्प अर्पित करें। बेलपत्र चढ़ाते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि वह साफ और साबुत हो। पूजा के दौरान ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करना भी शुभ माना जाता है।

    सावन सोमवार व्रत में खानपान का भी विशेष महत्व माना जाता है। कई भक्त इस दिन निर्जल व्रत रखते हैं जबकि कुछ लोग फलाहार करते हैं। अपनी क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार व्रत का तरीका चुनना उचित होता है। फल दूध दही मखाना कुट्टू या सिंघाड़े के आटे से बने व्यंजन और सेंधा नमक का सेवन व्रत के दौरान किया जा सकता है। सामान्य नमक अनाज और तामसिक भोजन से बचने की परंपरा है। यदि किसी व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी है तो लंबे समय तक भूखे या निर्जल रहने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर होता है।

    व्रत के दौरान केवल भोजन से जुड़े नियमों का ही नहीं बल्कि व्यवहार से जुड़े नियमों का भी ध्यान रखना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन सोमवार के दिन क्रोध झूठ निंदा और किसी को अपशब्द कहने से बचना चाहिए। मन को शांत रखते हुए भगवान शिव का स्मरण करना और जरूरतमंद व्यक्ति की मदद करना शुभ माना जाता है। इस दिन अपनी सामर्थ्य के अनुसार गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन वस्त्र या अन्य उपयोगी वस्तु का दान भी किया जा सकता है।

    सावन सोमवार की शाम भगवान शिव की दोबारा पूजा और आरती करने के बाद व्रत खोलने की परंपरा है। व्रत खोलते समय सबसे पहले भगवान शिव को भोग अर्पित करें और फिर प्रसाद ग्रहण करें। पूजा के दौरान परिवार की सुख शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की जा सकती है। हालांकि अलग अलग क्षेत्रों और परिवारों में व्रत की परंपराएं अलग हो सकती हैं इसलिए अपने परिवार की धार्मिक परंपरा का भी ध्यान रखना चाहिए। सावन सोमवार व्रत का सबसे महत्वपूर्ण नियम श्रद्धा संयम और सात्विक विचारों के साथ भगवान शिव की आराधना करना माना जाता है।

  • Aaj Ka Rashifal 10 August 2026: सावन के दूसरे सोमवार 3 राशियों पर बरसेगी भोलेनाथ की कृपा, धन लाभ के साथ खुलेंगे तरक्की के रास्ते

    Aaj Ka Rashifal 10 August 2026: सावन के दूसरे सोमवार 3 राशियों पर बरसेगी भोलेनाथ की कृपा, धन लाभ के साथ खुलेंगे तरक्की के रास्ते


    नई दिल्ली । आज 10 अगस्त 2026 को सावन का दूसरा सोमवार है और धार्मिक दृष्टि से यह दिन बेहद खास माना जा रहा है। सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है और सोमवार के दिन शिव आराधना का महत्व और भी बढ़ जाता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार आज कुछ राशि के जातकों को आर्थिक मामलों में लाभ मिल सकता है जबकि कई लोगों के लिए नौकरी कारोबार और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक बदलाव के संकेत हैं। खासतौर पर मेष वृषभ और कर्क राशि के जातकों के लिए आज का दिन धन लाभ और तरक्की के लिहाज से अच्छा रहने की संभावना है।

    मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन आर्थिक रूप से राहत देने वाला हो सकता है। लंबे समय से अटका हुआ पैसा वापस मिलने की उम्मीद बन सकती है। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में अपनी मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है। अधिकारियों की ओर से सहयोग मिलने के साथ नई जिम्मेदारी भी मिल सकती है। कारोबार करने वालों के लिए कोई नया सौदा लाभ का कारण बन सकता है। परिवार में किसी शुभ समाचार से माहौल खुशनुमा रहेगा। सावन के दूसरे सोमवार पर भगवान शिव का जलाभिषेक करना आपके लिए शुभ फलदायी माना जा सकता है।

    वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन धन लाभ के कई अवसर लेकर आ सकता है। आय के नए साधन बनने के संकेत हैं और पुराने निवेश से भी लाभ मिलने की संभावना है। हालांकि आर्थिक मामलों में किसी भी तरह का जोखिम लेने से पहले अच्छी तरह विचार करना जरूरी होगा। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को कोई अच्छी खबर मिल सकती है। व्यापारियों को पुराने संपर्कों से फायदा मिल सकता है। दांपत्य जीवन में आपसी समझ और प्रेम बढ़ेगा। आज परिवार के साथ धार्मिक गतिविधियों में शामिल होना मानसिक शांति दे सकता है।

    कर्क राशि के जातकों के लिए सावन का दूसरा सोमवार विशेष शुभ रह सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं और रुके हुए काम दोबारा गति पकड़ सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। कारोबार में किसी नई योजना पर काम शुरू करने का अवसर मिल सकता है। परिवार के किसी सदस्य से महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है। धन से जुड़े मामलों में जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा। स्वास्थ्य को लेकर भी लापरवाही न करें और पर्याप्त आराम लें।

    मिथुन राशि वालों के लिए दिन सामान्य से बेहतर रहने की संभावना है। कामकाज में व्यस्तता बढ़ेगी लेकिन मेहनत का परिणाम भी प्राप्त होगा। सिंह राशि के जातकों को करियर में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। कन्या राशि वालों के रुके हुए काम पूरे होने के संकेत हैं। तुला राशि के जातकों को खर्चों पर नियंत्रण रखना होगा। वृश्चिक राशि वालों के लिए कार्यक्षेत्र में सफलता के योग बन रहे हैं। धनु राशि के लोगों को यात्रा या काम से जुड़ा कोई नया अवसर मिल सकता है। मकर राशि वालों को पुराने निवेश से फायदा हो सकता है। कुंभ राशि के जातकों को रिश्तों में मधुरता बनाए रखने पर ध्यान देना चाहिए। मीन राशि वालों के लिए दिन सकारात्मक रह सकता है और कोई शुभ समाचार मन प्रसन्न कर सकता है।

    सावन के दूसरे सोमवार पर सभी राशि के जातक अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार भगवान शिव की पूजा कर सकते हैं। शिवलिंग पर जल अर्पित करना और भगवान शिव का ध्यान करना धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुभ माना जाता है। हालांकि राशिफल सामान्य ज्योतिषीय आकलन पर आधारित होता है और इसे निश्चित भविष्यवाणी नहीं माना जाना चाहिए। आर्थिक या अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लेते समय अपनी परिस्थितियों और उचित सलाह को प्राथमिकता देना बेहतर रहेगा।

  • सावन 2026 की शुरुआत कब होगी? जानें सही तारीख, चारों सावन सोमवार और पूजा का महत्व

    सावन 2026 की शुरुआत कब होगी? जानें सही तारीख, चारों सावन सोमवार और पूजा का महत्व


    नई दिल्ली। भगवान शिव को समर्पित सावन (श्रावण) का महीना हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस पूरे महीने शिव भक्त जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, व्रत और विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। हर वर्ष सावन की शुरुआत को लेकर लोगों के बीच उत्सुकता रहती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि वर्ष 2026 में सावन कब से शुरू होगा, कितने सावन सोमवार पड़ेंगे और इस महीने का धार्मिक महत्व क्या है।

    सावन 2026 कब से शुरू होगा?
    द्रिक पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में सावन मास 29 जुलाई (बुधवार) से प्रारंभ होकर 28 अगस्त (शुक्रवार) यानी रक्षाबंधन के दिन समाप्त होगा।

    सावन के चार सोमवार
    उत्तर भारत की मान्यता के अनुसार इस वर्ष सावन में कुल चार सोमवार पड़ेंगे-
    – पहला सावन सोमवार: 3 अगस्त 2026
    – दूसरा सावन सोमवार: 10 अगस्त 2026
    – तीसरा सावन सोमवार: 17 अगस्त 2026
    – चौथा सावन सोमवार: 24 अगस्त 2026

    क्या है सावन का धार्मिक महत्व?
    पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए सावन मास में कठोर तप किया था। इसी महीने समुद्र मंथन के दौरान निकले विष का पान कर भगवान शिव ने सृष्टि की रक्षा की थी, जिसके कारण उन्हें नीलकंठ कहा गया। विष की तीव्रता कम करने के लिए देवताओं ने शिवजी का जलाभिषेक किया था। तभी से सावन में शिवलिंग पर जल अर्पित करने की परंपरा चली आ रही है। इस माह देशभर से लाखों कांवड़िए पवित्र नदियों से जल लाकर शिव मंदिरों में भगवान शिव का अभिषेक करते हैं।

    सावन में ऐसे करें शिव पूजा
    प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें। इसके बाद शिवलिंग पर गंगाजल या शुद्ध जल अर्पित करें। फिर दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से पंचामृत अभिषेक करें तथा अंत में दोबारा शुद्ध जल चढ़ाएं।

    इसके बाद चंदन का तिलक लगाकर भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, भांग, अक्षत, सफेद पुष्प और शमी के पत्ते अर्पित करें। माता पार्वती को सिंदूर और श्रृंगार सामग्री चढ़ाएं। धूप-दीप प्रज्ज्वलित कर ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। अंत में सावन सोमवार व्रत कथा का श्रवण या पाठ कर शिव आरती करें।

    सावन में किए जाने वाले प्रमुख उपाय
    आर्थिक समृद्धि के लिए हर सोमवार या प्रतिदिन शिवलिंग पर गन्ने का रस अर्पित करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे धन प्राप्ति के योग मजबूत होते हैं।

    मनचाहा जीवनसाथी और वैवाहिक सुख के लिए कुंवारी कन्याएं तथा विवाहित महिलाएं केसर मिश्रित दूध से शिवलिंग का अभिषेक करें और माता पार्वती को चुनरी अर्पित करें।

    मानसिक शांति और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति के लिए जल में काले तिल मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें। धार्मिक मान्यता है कि इससे शनि दोष का प्रभाव भी कम होता है।

    करियर और व्यापार में उन्नति के लिए भगवान शिव को शहद अर्पित करें तथा 21 बेलपत्रों पर चंदन से “राम” लिखकर चढ़ाएं। इसे सफलता और प्रगति का शुभ उपाय माना जाता है।