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  • मोनालिसा की शादी पर बोले देवकीनंदन ठाकुर, कहा— कहीं सनातन को बदनाम करने की साजिश तो नहीं

    मोनालिसा की शादी पर बोले देवकीनंदन ठाकुर, कहा— कहीं सनातन को बदनाम करने की साजिश तो नहीं

    इंदौर । इंदौर में आयोजित सनातन क्रिकेट प्रीमियर लीग के कार्यक्रम में पहुंचे प्रसिद्ध कथावाचक Devkinandan Thakur ने मोनालिसा भोंसले की शादी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पहले उन्हें सोशल मीडिया के जरिए काफी प्रसिद्धि दिलाई गई और बाद में उन्होंने एक मुस्लिम युवक से शादी कर ली। ठाकुर ने सवाल उठाते हुए कहा कि कहीं यह सनातन को बदनाम करने की कोई साजिश तो नहीं है।

    सरकार से कानून बनाने की मांग

    मोनालिसा भोंसले के विवाह पर प्रतिक्रिया देते हुए देवकीनंदन ठाकुर ने सरकार से एक कानून बनाने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि अगर किसी दूसरे धर्म का युवक या युवती किसी हिंदू से शादी करता है तो शादी के बाद उसे हिंदू धर्म अपनाना चाहिए।
    उन्होंने कहा कि यदि ऐसा कानून बनता है तो उन्हें किसी भी अंतरधार्मिक विवाह से आपत्ति नहीं होगी।

    युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए क्रिकेट

    इंदौर में आयोजित सनातन क्रिकेट प्रीमियर लीग में 8 राज्यों की टीमें हिस्सा ले रही हैं और टूर्नामेंट 10-10 ओवर के मैचों के साथ खेला जा रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश देना और उन्हें सनातन की परंपराओं से जोड़ना बताया गया है।

    देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि आज का युवा धीरे-धीरे सनातन से दूर होता जा रहा है और नशे व गलत रास्तों की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में खेल के जरिए युवाओं को सकारात्मक दिशा देना जरूरी है। उनका लक्ष्य सनातन के संदेश को एक करोड़ युवाओं तक पहुंचाने का है।

    विजेता टीम को मिलेगा 31 लाख का इनाम

    सनातन प्रीमियर लीग में अलग-अलग दिनों में कई धर्मगुरु शामिल होंगे। टूर्नामेंट जीतने वाली टीम को 31 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा, जबकि उपविजेता टीम को 15 लाख रुपये मिलेंगे।
    इसके अलावा ‘मैन ऑफ द सीरीज’ बनने वाले खिलाड़ी को कार पुरस्कार के रूप में दी जाएगी।

  • लंबी जंग के लिए तैयार ईरान, कहा- टकराव बढ़ा तो हिल सकती है वैश्विक अर्थव्यवस्था

    लंबी जंग के लिए तैयार ईरान, कहा- टकराव बढ़ा तो हिल सकती है वैश्विक अर्थव्यवस्था

    तेहरान। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने साफ संकेत दिया है कि वह लंबी अवधि तक चलने वाले युद्ध के लिए तैयार है। ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर संघर्ष जारी रहा तो इसका असर पूरी दुनिया की आर्थिक व्यवस्था पर पड़ेगा और वैश्विक बाजारों में बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।
    यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान ने दो वाणिज्यिक जहाजों पर गोलीबारी की और अमेरिका या उसके सहयोगियों से जुड़े जहाजों को चेतावनी जारी की है। साथ ही ईरान ने वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। दूसरी ओर अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि युद्ध जल्द खत्म हो सकता है और ईरान में अब अमेरिकी सेना के लिए निशाना बनाने योग्य बहुत कम लक्ष्य बचे हैं।

    तेल बाजार में उथल-पुथल

    दरअसल 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों और ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत के बाद क्षेत्र में संघर्ष तेज हो गया था। इसके बाद से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा जा रहा है।

    कीमतों को काबू में रखने के लिए International Energy Agency (IEA) ने सदस्य देशों के साथ मिलकर अपने भंडार से 400 मिलियन बैरल तेल जारी करने का फैसला किया है। इसे अब तक की सबसे बड़ी रणनीतिक तेल आपूर्ति मानी जा रही है।

    जहाजों पर हमले और कंपनियों की चिंता

    संघर्ष के 12वें दिन ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps ने उन आर्थिक संस्थानों और बैंकों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है, जिन्हें वह अमेरिका और इजरायल से जुड़ा मानता है। इसके बाद कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने Dubai से अपने कर्मचारियों को निकालना शुरू कर दिया है।

    ईरान का दावा है कि उसने लाइबेरिया के झंडे वाले कंटेनर जहाज “एक्सप्रेस रोम” और थाई मालवाहक पोत “मयूरी नारी” पर हमला किया, क्योंकि वे चेतावनी के बावजूद Strait of Hormuz में दाखिल हुए थे।

    Royal Navy of Oman ने जहाज से 20 चालक दल के सदस्यों को बचा लिया, जबकि तीन लोगों की तलाश जारी है।

    वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा खतरा

    विश्लेषकों का कहना है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहता है तो इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा। इस समुद्री मार्ग से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल और एलएनजी का परिवहन होता है, साथ ही वैश्विक उर्वरक आपूर्ति का भी बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है।

    फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने जी-7 देशों से अपील की है कि जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही जल्द बहाल कराने के लिए कदम उठाए जाएं। वहीं United Nations ने सभी पक्षों से मानवीय सहायता सामग्री के आवागमन की अनुमति देने का आग्रह किया है।

    खाड़ी क्षेत्र में हमले जारी

    इस बीच Dubai सरकार ने बताया कि दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास दो ड्रोन गिरने से चार लोग घायल हो गए।

    वहीं Salalah Port पर हुए ड्रोन हमले में ईंधन टैंकों को निशाना बनाया गया, जिससे लाखों लीटर तेल में आग लग गई। हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

    दूसरी ओर इजरायल ने ईरान और लेबनान में Hezbollah के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर नए हमले शुरू करने का दावा किया है। Beirut में एक बहुमंजिला आवासीय इमारत पर हवाई हमले से इमारत को भारी नुकसान पहुंचा और आसपास खड़ी कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं।

    ईरान में सुरक्षा अलर्ट

    ईरान के राष्ट्रीय पुलिस प्रमुख Ahmad Reza Radan ने कहा है कि सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी विरोध प्रदर्शन को दुश्मन की गतिविधि माना जाएगा। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार अमेरिका और इजरायल के हमलों में अब तक 1200 से अधिक लोगों की मौत और 10 हजार से ज्यादा नागरिकों के घायल होने की जानकारी सामने आई है, हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

  • रानी मुखर्जी ने खोला बेटी अदीरा का बॉलीवुड भविष्य, कहा- फिलहाल ताइक्वांडो सीख रही हैं

    रानी मुखर्जी ने खोला बेटी अदीरा का बॉलीवुड भविष्य, कहा- फिलहाल ताइक्वांडो सीख रही हैं

    नई दिल्ली । बॉलीवुड की चर्चित और दमदार अभिनेत्री रानी मुखर्जी ने हाल ही में अपनी बेटी अदीरा की परवरिश और उनके भविष्य को लेकर अपने विचार साझा किए। रानी इन दिनों अपनी नई फिल्म ‘मर्दानी 3’ को लेकर सुर्खियों में हैं। इसी बीच उन्होंने दिल्ली पुलिस की महिला अधिकारियों के साथ एक विशेष सत्र में बातचीत की और आईएएनएस से बात करते हुए मां और बेटी के रिश्ते पर अपने नजरिए को साझा किया।

    सत्र के दौरान एक महिला पुलिसकर्मी ने रानी से पूछा कि क्या वह चाहती हैं कि उनकी बेटी अदीरा बड़ी होकर अभिनेत्री बने और फिल्मों में कदम रखें। इस सवाल के जवाब में रानी ने सहज और स्पष्ट अंदाज में कहा कि फिलहाल उनकी बेटी ताइक्वांडो सीख रही हैं। उन्होंने बताया कि उनका प्राथमिक उद्देश्य यह है कि अदीरा शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत और आत्मविश्वासी बने।रानी ने कहा कि ताइक्वांडो सीखने से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और अदीरा खुद को पहले से अधिक सशक्त महसूस कर रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में अदीरा जो भी रास्ता चुनेंगी-चाहे वह फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ा हो या किसी अन्य क्षेत्र से-वह हमेशा उनका समर्थन करेंगी। रानी ने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता अपनी बेटी की खुशी और सशक्तता हैन कि केवल पेशेवर सफलता।

    आईएएनएस से बातचीत में रानी ने जीवन में खुश रहने की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खुश रहने वाला इंसान अपने आसपास के लोगों को भी खुश रख सकता है। रानी ने यह भी कहा कि एक मांबेटी और बहन होने के नाते उन्हें यह अनुभव हुआ है कि जीवन में आत्मविश्वास और संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसी दृष्टिकोण को वे अपनी बेटी अदीरा को भी सिखा रही हैं।

    रानी ने इस अवसर पर यह भी कहा कि आज के समय में लड़कियों का मजबूतआत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी होना बेहद जरूरी है। समाज में बदलाव तभी संभव हैजब महिलाएं खुद पर भरोसा करना सीखें। उन्होंने बताया कि अपने माता-पिता और परिवार की भूमिका के महत्व के साथ-साथलड़कियों को यह भी सिखाना आवश्यक है कि अपनी खुशीआत्मसम्मान और आत्मविश्वास से कभी समझौता न करें।रानी मुखर्जी का मानना है कि माता-पिता का समर्थन बच्चों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैलेकिन बच्चों की खुशी और उनके व्यक्तिगत विकास को प्राथमिकता देना ही सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अदीरा अभी अपनी पढ़ाई और ताइक्वांडो पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं और फिल्मों में आने का निर्णय भविष्य में उनकी खुद की इच्छा और रुचि पर निर्भर करेगा।

    सार मेंरानी मुखर्जी की यह टिप्पणी न केवल एक मां के नजरिए को दर्शाती है बल्कि यह भी बताती है कि आज की युवा पीढ़ी में आत्मविश्वास और मानसिक मजबूती कितना जरूरी है। उन्होंने अपनी बेटी के लिए यही संदेश दिया कि जीवन में किसी भी क्षेत्र में कदम रखेंलेकिन हमेशा खुश रहें और अपने आत्मसम्मान का सम्मान करें।

  • ट्रंप को खामेनेई ने ललकारा, कहा- तुम्‍हारा फिरौन और निमरोद जैसा हश्र होगा

    ट्रंप को खामेनेई ने ललकारा, कहा- तुम्‍हारा फिरौन और निमरोद जैसा हश्र होगा


    तेहरान। ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने शुक्रवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोला। उन्होंने ट्रंप पर दुनिया को अहंकार के साथ परखने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि इतिहास में ऐसे घमंडी और अत्याचारी शासक अपने सत्ता-शिखर पर ही पतन का शिकार हुए हैं। एक्स पर जारी पोस्ट में खामेनेई ने कहा कि इतिहास गवाह है- फिरौन, निमरोद और ईरान के पूर्व शाह मोहम्मद रजा पहलवी जैसे शासकों का अंत तब हुआ, जब वे अपने घमंड की चरम अवस्था में थे।

    खामेनेई ने लिखा- ‘अमेरिकी राष्ट्रपति जो पूरी दुनिया के बारे में घमंड से फैसले करते हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि दुनिया के तानाशाहों और घमंडी शासकों का पतन तब हुआ जब वे अपने घमंड के चरम पर थे।

    तुम्हारा भी पतन होगा।’ खामेनेई के बयान में धार्मिक और ऐतिहासिक प्रतीकों का संदर्भ था- फिरौन को इस्लामी और बाइबिल परंपराओं में अत्याचार के प्रतीक के रूप में देखा जाता है; निमरोद को अब्राहमिक ग्रंथों में निरंकुश शासक माना जाता है; मोहम्मद रजा पहलवी को 1979 की इस्लामी क्रांति में सत्ता से बेदखल कर दिया गया था और जिनकी बाद में निर्वासन में मृत्यु हुई।
    फिरौन, निमरोद कौन थे?

    फिरौन मिस्र के प्राचीन बादशाहों की एक उपाधि थी, जैसे आज राजा या सम्राट कहते हैं। लेकिन कुरान और बाइबल में जब फिरौन का जिक्र आता है, तो ज्यादातर मामलों में वह हजरत मूसा के समय का मिस्र का वह क्रूर बादशाह होता है। वह खुद को खुदा/भगवान घोषित करता था। बनी इसराइल (यहूदियों) पर बहुत ज़ुल्म करता था। उनके नवजात बेटों को मार डालने का हुक्म देता था। आखिर में लाल सागर में डूबकर मर गया।

    निमरोद बाबुल/इराक (मेसोपोटामिया) का एक बहुत शक्तिशाली और अत्याचारी बादशाह था। वह हजरत इब्राहीम के समय का शासक माना जाता है। उसने भी खुद को खुदा घोषित किया था। हालांकि कुरान में उसका नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिया गया, लेकिन सूरह अल-बकरह में वर्णित वह बादशाह जिसने इब्राहीम से खुदाई के बारे में बहस की थी, उसे इसी निमरोद से तस्सूर किया जाता है। इस्लामी रिवायतों में कहा जाता है कि उसकी मौत एक छोटे से मच्छर के काटने से हुई, जो उसके दिमाग में घुस गया था (अत्यंत छोटी चीज से बहुत बड़े अहंकारी का अंत)।
    Iran
    रजा पहलवी फिर सुर्खियों में

    ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी एक बार फिर चर्चा में हैं। वे ईरान के आखिरी शाह- मोहम्मद रजा पहलवी के पुत्र हैं। हालांकि वह जमीनी स्तर पर प्रदर्शनों का नेतृत्व नहीं कर रहे, फिर भी इस्लामी गणराज्य के मुखर आलोचक के तौर पर उन्होंने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में लगातार बयान दिए हैं।

    हालिया उथल-पुथल के दौरान रजा पहलवी ने ईरानियों से शांतिपूर्ण प्रतिरोध जारी रखने की अपील की और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कहा कि वह शासक धार्मिक प्रतिष्ठान के बजाय ईरानी जनता का साथ दे।

    उन्होंने प्रदर्शनों को किसी एक नेता या विचारधारा से जुड़ी पहल नहीं, बल्कि आर्थिक बदहाली, दमन और दशकों से अधूरे वादों से उपजी जनआंदोलन बताया।

    एक्स पर जारी एक वीडियो संदेश में रजा पहलवी ने कहा कि वह गुरुवार रात को सड़कों पर उतरे हर व्यक्ति पर गर्व महसूस करते हैं। उन्होंने लोगों से शुक्रवार रात फिर से बड़ी संख्या में बाहर निकलने का आह्वान किया और कहा कि भीड़ जितनी बड़ी होगी, दमनकारी ताकतें उतनी ही कमजोर पड़ेंगी। इंटरनेट पाबंदियों के बावजूद सड़कों पर डटे रहने का उन्होंने भरोसा जताया और कहा जीत आपकी होगी।
    कड़ा दमन, बढ़ता तनाव

    दूसरी ओर, ईरान ने संकेत दिए हैं कि सुरक्षा बल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे- यह ट्रंप की उस सार्वजनिक प्रतिबद्धता के उलट है, जिसमें उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के समर्थन की बात कही थी। एपी के अनुसार, हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 62 हो गई है।

    तेहरान में अपने परिसर में समर्थकों को संबोधित करते हुए खामेनेई ने कहा कि प्रदर्शनकारी अपनी ही सड़कों को नुकसान पहुंचा रहे हैं ताकि अमेरिका के राष्ट्रपति को खुश कर सकें, और कहा कि ट्रंप को अपने देश की हालत पर ध्यान देना चाहिए। ईरान के न्यायपालिका प्रमुख गुलाम हुसैन मोहसेनी-एजेई ने चेतावनी दी कि प्रदर्शनकारियों को निर्णायक, अधिकतम और बिना किसी कानूनी रियायत के सजा दी जाएगी।
  • कोलंबिया के राष्ट्रपति ने डोनाल्ड ट्रंप को ललकारा, आओ मुझे पकड़कर दिखाओ…

    कोलंबिया के राष्ट्रपति ने डोनाल्ड ट्रंप को ललकारा, आओ मुझे पकड़कर दिखाओ…


    नई दिल्ली। दक्षिणी अमेरिकी देश वेनेजुएला में हुए अमेरिकी सैन्य अभियान के बाद अब उसके पड़ोसी देश कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ललकारा है और चुनौती दी है कि वो उन्हें पकड़कर दिखाएं। गुस्तावो पेट्रो ने सोमवार को वेनेजुएला में हुए अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन की घोर आलोचना की और ट्रंप को संबोधित एक बयान में कहा, “आओ मुझे पकड़ो। मैं तुम्हारा यहाँ इंतजार कर रहा हूँ।”

    उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “अगर वे (अमेरिका) बमबारी करते हैं, तो ग्रामीण लोग पहाड़ों में हज़ारों गुरिल्ला बन जाएँगे। और अगर वे उनके चहेते राष्ट्रपति को गिरफ्तार करते हैं तो वे जनता के ‘जैगुआर’ को जगा देंगे।” उन्होंने दावा किया कि कोलंबिया की जनता उन्हें प्यार करती है और सम्मान करती है। बता दें कि पेट्रो, 1990 के दशक में हथियार छोड़ने से पहले एक वामपंथी गुरिल्ला थे।

    उन्होंने कहा, “मैंने कसम खाई थी कि मैं दोबारा हथियार नहीं उठाऊँगा… लेकिन अपनी मातृभूमि के लिए मैं फिर से हथियार उठाऊँगा।”
    अमेरिका और कोलंबिया के बीच बढ़ा तनाव

    दोनों देशों (अमेरिका और कोलंबिया) के बीच तब तनाव और बढ़ गया जब वेनेजुएला पर हमले के बाद रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने रिपोर्टर्स से कहा कि कोलंबिया को एक ऐसा आदमी चला रहा है जो अमेरिका को ड्रग्स बेचता था। ट्रंप ने कहा, “कोलंबिया भी बहुत बीमार है, उसे एक बीमार आदमी चला रहा है जिसे कोकीन बनाना और उसे यूनाइटेड स्टेट्स को बेचना पसंद है। और वह ज़्यादा समय तक ऐसा नहीं कर पाएगा, मैं आपको बता रहा हूँ।” ट्रंप ने यह भी कहा कि कोलंबिया के खिलाफ ऐसी ही अभियान शुरू करना उन्हें अच्छा लगेगा।
    मादुरो ने भी ट्रंप को ऐसे ही ललकारा था

    बता दें कि अक्टूबर में, ट्रंप ने अवैध ड्रग्स व्यापार से संबंधों को लेकर पेट्रो और उनके परिवार के सदस्यों पर प्रतिबंध लगा दिए थे।

    कोलंबिया दुनिया में कोकीन का सबसे बड़ा उत्पादक है। कोका का पौधा मुख्य रूप से तीन लैटिन अमेरिकी देशों – पेरू, बोलीविया और कोलंबिया में उगाया जाता है। कोलंबियाई राष्ट्रपति से पहले इसी तरह अगस्त में वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो ने भी ट्रंप को “आकर खुद को पकड़ने” की चुनौती दी थी। तब मादुरो ने कहा था, “आओ मुझे पकड़ो। मैं मिराफ्लोरेस में इंतजार करूंगा। देर मत करना, कायर।” उन्होंने अगस्त में एक जोशीले भाषण में ऐसा कहा था, जब अमेरिका ने उनकी गिरफ्तारी से जुड़ी जानकारी के लिए इनाम बढ़ा दिया था।