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  • Hair Care Tips: झड़ते बालों और डैंड्रफ से परेशान हैं तो फिटकरी का ऐसे करें इस्तेमाल जानिए फायदे और सावधानियां

    Hair Care Tips: झड़ते बालों और डैंड्रफ से परेशान हैं तो फिटकरी का ऐसे करें इस्तेमाल जानिए फायदे और सावधानियां

    नई दिल्ली। बालों की देखभाल के लिए लोग तरह तरह के घरेलू नुस्खे आजमाते हैं। इन्हीं में फिटकरी भी शामिल है जिसका इस्तेमाल लंबे समय से त्वचा की सफाई और शेविंग के बाद किया जाता रहा है। फिटकरी में कसैले गुण पाए जाते हैं और इसका उपयोग कुछ लोग स्कैल्प की सफाई के लिए भी करते हैं। हालांकि फिटकरी को बाल झड़ने या डैंड्रफ का पक्का इलाज मानना सही नहीं है। इसका इस्तेमाल करने से पहले यह समझना जरूरी है कि यह स्कैल्प पर किस तरह काम कर सकती है और इसे किस तरीके से इस्तेमाल करना चाहिए।

    फिटकरी का इस्तेमाल स्कैल्प की सफाई के लिए किया जाता है। अगर सिर की त्वचा बहुत ज्यादा ऑयली रहती है तो फिटकरी का हल्का घोल अतिरिक्त तेल और गंदगी को हटाने में मदद कर सकता है। इससे स्कैल्प साफ महसूस हो सकता है। कुछ लोगों का मानना है कि इससे डैंड्रफ की समस्या में भी राहत मिलती है लेकिन डैंड्रफ के कई कारण हो सकते हैं और हर व्यक्ति में इसका असर एक जैसा नहीं होता। लगातार या ज्यादा डैंड्रफ होने पर केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है।

    फिटकरी को सीधे स्कैल्प पर रगड़ना उचित नहीं माना जाता क्योंकि यह कुछ लोगों की त्वचा में रूखापन जलन या लालिमा पैदा कर सकती है। अगर इसका इस्तेमाल करना ही है तो पहले फिटकरी को पानी में अच्छी तरह घोलकर बहुत हल्का घोल तैयार किया जा सकता है। इस घोल को कॉटन या उंगलियों की मदद से स्कैल्प पर हल्के हाथों से लगाया जा सकता है। कुछ समय बाद बालों को सामान्य पानी से धो लेना चाहिए। इसके बाद स्कैल्प में रूखापन महसूस हो तो हल्का मॉइस्चराइजिंग या कंडीशनिंग प्रोडक्ट इस्तेमाल किया जा सकता है।

    बालों के झड़ने की समस्या में फिटकरी को सीधे तौर पर इलाज नहीं माना जाना चाहिए। बाल झड़ने के पीछे तनाव पोषण की कमी हार्मोनल बदलाव आनुवंशिक कारण स्कैल्प की समस्या या किसी अन्य स्वास्थ्य संबंधी वजह की भूमिका हो सकती है। इसलिए अगर बाल लगातार तेजी से झड़ रहे हैं या सिर में पैच बन रहे हैं तो कारण समझना ज्यादा जरूरी है। केवल फिटकरी लगाने से मूल समस्या दूर नहीं होगी।

    इसी तरह अगर स्कैल्प पर घाव खुजली जलन या किसी तरह का संक्रमण है तो फिटकरी का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। पहली बार इस्तेमाल करने से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना भी उपयोगी हो सकता है। किसी तरह की जलन या एलर्जी महसूस होने पर तुरंत इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए।

    दरअसल फिटकरी को बालों की नियमित देखभाल का विकल्प नहीं बल्कि सीमित घरेलू उपाय के रूप में ही देखा जाना चाहिए। स्वस्थ बालों के लिए संतुलित आहार पर्याप्त प्रोटीन और पोषक तत्वों का सेवन स्कैल्प की साफ सफाई पर्याप्त नींद और बालों के लिए सही उत्पादों का इस्तेमाल ज्यादा महत्वपूर्ण है। डैंड्रफ या हेयर फॉल की समस्या लंबे समय तक बनी रहती है तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना सबसे बेहतर तरीका है।

  • हेयर फॉल रोकने के लिए स्कैल्प क्लीनिंग है अहम, एक्सपर्ट टिप्स

    हेयर फॉल रोकने के लिए स्कैल्प क्लीनिंग है अहम, एक्सपर्ट टिप्स


    नई दिल्ली। आज के समय में बाल झड़ने की समस्या हर उम्र के लोगों में तेजी से बढ़ रही है। जैसे ही बाल गिरने लगते हैं, लोग तुरंत नया शैंपू खरीद लेते हैं कभी प्याज वाला, कभी अदरक वाला, कभी “हर्बल” नाम देखकर। मार्केटिंग भी इसी उम्मीद पर टिकी होती है कि लोग सोचेंगे कि नया प्रोडक्ट ही उनकी समस्या का हल है। लेकिन हेयर एक्सपर्ट जावेद हबीब के मुताबिक यह सोच पूरी तरह सही नहीं है। उनका मानना है कि शैंपू बदलने से बालों का झड़ना नहीं रुकता, क्योंकि असली समस्या शैंपू नहीं बल्कि स्कैल्प की स्थिति होती है।

    स्कैल्प की गंदगी कैसे बढ़ाती है हेयर फॉल?
    बालों की जड़ों यानी स्कैल्प पर अगर तेल, धूल और पसीना जमा हो जाए तो रोमछिद्र (pores) बंद होने लगते हैं। इससे:
    बालों की जड़ों तक ऑक्सीजन और पोषण कम पहुंचता है
    स्कैल्प में इंफेक्शन या डैंड्रफ बढ़ सकता है
    बाल कमजोर होकर तेजी से गिरने लगते हैं
    इसलिए सिर्फ बाहरी प्रोडक्ट बदलने से ज्यादा जरूरी है कि स्कैल्प को साफ और बैलेंस रखा जाए।

    प्याज और अदरक वाले शैंपू का सच
    आजकल बाजार में “ऑनियन शैंपू”, “जिंजर शैंपू” जैसे कई प्रोडक्ट मिलते हैं, जिनका दावा होता है कि ये हेयर फॉल रोक देंगे। लेकिन सच्चाई यह है कि शैंपू एक wash-off product होता है, जो कुछ ही मिनट में धो दिया जाता है। ऐसे में उसमें मौजूद हर्बल इंग्रीडिएंट्स को स्कैल्प में गहराई तक असर करने का पर्याप्त समय नहीं मिलता। इसलिए सिर्फ नाम या इंग्रीडिएंट देखकर यह मान लेना कि हेयर फॉल रुक जाएगा, सही नहीं है।

    जावेद हबीब की असली हेयर केयर टिप्स
    हेयर एक्सपर्ट्स के अनुसार बालों की सही देखभाल के लिए कुछ बेसिक बातों का ध्यान रखना जरूरी है:
    स्कैल्प को नियमित रूप से साफ रखें
    हल्का और बैलेंस्ड शैंपू इस्तेमाल करें
    जरूरत से ज्यादा प्रोडक्ट बदलने से बचें
    डैंड्रफ और ऑयल बिल्डअप को कंट्रोल करें
    सही डाइट और नींद का ध्यान रखें

    बालों का झड़ना रोकने का कोई “मैजिक शैंपू” नहीं है। असली समाधान स्कैल्प की सफाई, सही हेयर केयर रूटीन और लाइफस्टाइल में सुधार है। बार-बार शैंपू बदलना समस्या को हल करने के बजाय उसे और उलझा सकता है।

  • रोज हेलमेट पहनते हैं? जानिए क्या सच में इससे झड़ते हैं बाल, एक्सपर्ट ने बताया ट्रैक्शन एलोपेसिया का कारण और इलाज

    रोज हेलमेट पहनते हैं? जानिए क्या सच में इससे झड़ते हैं बाल, एक्सपर्ट ने बताया ट्रैक्शन एलोपेसिया का कारण और इलाज


    नई दिल्ली। रोजाना बाइक या स्कूटर चलाने वाले लोगों के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या लगातार हेलमेट पहनने से बाल झड़ने लगते हैं। सड़क सुरक्षा के लिहाज से हेलमेट अनिवार्य है, लेकिन हेयर फॉल की बढ़ती शिकायतों ने कई लोगों को चिंतित कर दिया है। विशेषज्ञों का साफ कहना है कि हेलमेट खुद समस्या नहीं है, बल्कि उसका गलत उपयोग और साफ-सफाई की कमी बाल झड़ने की वजह बन सकती है।

    Marengo Asia Hospitals की सीनियर डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. प्रियंका हेमराजानी के अनुसार, लंबे समय तक बहुत टाइट हेलमेट पहनने से ‘ट्रैक्शन एलोपेसिया’ नामक स्थिति विकसित हो सकती है। यह हेयर लॉस का एक प्रकार है, जो बालों की जड़ों पर लगातार खिंचाव और दबाव पड़ने से होता है। जब हेलमेट जरूरत से ज्यादा कसकर पहना जाता है, तो स्कैल्प के कुछ हिस्सों पर लगातार रगड़ और दबाव बनता है, जिससे हेयर फॉलिकल्स कमजोर पड़ सकते हैं।

    इसके अलावा, हेलमेट के अंदर जमा पसीना, गर्मी और प्राकृतिक तेल भी स्कैल्प की सेहत को प्रभावित करते हैं। यदि हेलमेट के अंदरूनी पैड नियमित रूप से साफ नहीं किए जाएं, तो उनमें बैक्टीरिया और फंगस पनप सकते हैं, जो डैंड्रफ, खुजली और बाल झड़ने की समस्या को बढ़ा सकते हैं। कई लोग लंबे बालों को कसकर बांधकर हेलमेट पहनते हैं, जिससे जड़ों पर अतिरिक्त खिंचाव पड़ता है और नुकसान की संभावना बढ़ जाती है।

    हालांकि, इस समस्या से बचाव संभव है। सबसे पहले, सही फिट वाला हेलमेट चुनना जरूरी है, जो सिर पर सुरक्षित बैठे लेकिन अत्यधिक दबाव न डाले। वेंटिलेशन की सुविधा वाला हेलमेट स्कैल्प को सांस लेने का मौका देता है। हेलमेट पहनने से पहले सूती या पसीना सोखने वाली इनर कैप का इस्तेमाल करने से रगड़ और नमी कम होती है। हेलमेट के अंदरूनी पैड को समय-समय पर धोना और पूरी तरह सुखाकर ही इस्तेमाल करना चाहिए।

    यदि हेयरलाइन पीछे जाने लगे, बाल पतले दिखें या असामान्य रूप से झड़ने लगें, तो तुरंत त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है। शुरुआती चरण में ट्रैक्शन एलोपेसिया को नियंत्रित किया जा सकता है। टॉपिकल मिनोक्सिडिल, पीआरपी थेरेपी, हेयर पेप्टाइड्स और लो-लेवल लाइट थेरेपी जैसे आधुनिक उपचार उपलब्ध हैं, जो स्कैल्प में रक्त संचार बढ़ाकर नए बालों की ग्रोथ में मदद करते हैं।

    विशेषज्ञों का स्पष्ट संदेश है कि हेलमेट छोड़ना समाधान नहीं है। सही तरीके से फिट और साफ-सुथरा हेलमेट पहनकर आप अपनी सुरक्षा भी सुनिश्चित कर सकते हैं और बालों की सेहत भी बनाए रख सकते हैं।