Tag: scathing attack

  • मिशिगन में अब्दुल अल-सईद बने डेमोक्रेटिक उम्मीदवार, ट्रंप ने इजरायल और यहूदियों पर रुख को लेकर साधा निशाना

    मिशिगन में अब्दुल अल-सईद बने डेमोक्रेटिक उम्मीदवार, ट्रंप ने इजरायल और यहूदियों पर रुख को लेकर साधा निशाना


    नई दिल्ली। अमेरिका में 2026 के मिडटर्म चुनाव से पहले मिशिगन सीनेट सीट की डेमोक्रेटिक प्राइमरी में अब्दुल अल-सईद की जीत के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। रिपब्लिकन नेता और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अल-सईद पर तीखा हमला करते हुए उनके इजरायल संबंधी रुख की आलोचना की, जबकि अल-सईद ने अपने ऊपर लगाए गए यहूदी-विरोधी आरोपों को सिरे से खारिज किया।

    लास वेगास में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा कि अल-सईद इजरायल और यहूदियों के प्रति नकारात्मक सोच रखते हैं। उन्होंने उन पर तीखी टिप्पणी करते हुए उन्हें “नफरत से भरा व्यक्ति” बताया और दावा किया कि नवंबर में होने वाले चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रोजर्स उन्हें पराजित करेंगे।

    डेमोक्रेटिक उम्मीदवार बने अब्दुल अल-सईद
    अब्दुल अल-सईद ने मिशिगन की डेमोक्रेटिक प्राइमरी में हेली स्टीवंस को करीबी मुकाबले में हराकर सीनेट उम्मीदवार बनने का अधिकार हासिल किया। अब नवंबर में उनका मुकाबला रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रोजर्स से होगा।

    क्या हैं अल-सईद के प्रमुख मुद्दे?
    अब्दुल अल-सईद स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, ‘मेडिकेयर फॉर ऑल’, महंगाई पर नियंत्रण और राजनीति में कॉरपोरेट प्रभाव कम करने जैसे मुद्दों के समर्थक रहे हैं। विदेश नीति के मोर्चे पर वह अमेरिका द्वारा इजरायल को बिना शर्त दी जाने वाली सैन्य सहायता की आलोचना करते रहे हैं और इसमें बदलाव की मांग कर चुके हैं। अल-सईद मिस्र से अमेरिका आए प्रवासी परिवार से हैं। उनके पिता मोहम्मद मिस्र से अमेरिका आकर बसे थे।

    यहूदी-विरोध के आरोपों का दिया जवाब
    प्राइमरी जीत के बाद अल-सईद ने कहा कि वह यहूदी समुदाय की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे हर प्रकार के यहूदी-विरोध (Anti-Semitism) और इस्लामोफोबिया का विरोध करते हैं तथा सभी समुदायों की सुरक्षा और समानता के पक्षधर हैं।

    जोहरान ममदानी ने दी बधाई
    न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने अल-सईद की जीत का स्वागत करते हुए कहा कि उन्होंने स्वास्थ्य सेवा, महंगाई और आम कामकाजी लोगों के मुद्दों पर चुनाव लड़ा। ममदानी ने उन्हें “मिनी ममदानी” कहे जाने से असहमति जताई और कहा कि अल-सईद ने अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाई है।

    मिशिगन का आगामी सीनेट चुनाव डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन दोनों दलों के लिए अहम माना जा रहा है। अल-सईद की जीत को डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रोग्रेसिव धड़े के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, जबकि रिपब्लिकन खेमा उनके इजरायल संबंधी विचारों को प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है।

  • कंगना ने राहुल गांधी पर किया तीखा हमला, कहा -‘खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे’ जैसा काम…

    कंगना ने राहुल गांधी पर किया तीखा हमला, कहा -‘खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे’ जैसा काम…


    नई दिल्ली।
    बीजेपी सांसद कंगना रनौत (BJP MP Kangana Ranaut) सोमवार को मॉनसून सत्र (Monsoon Session) में शामिल होने के लिए लोकसभा (Lok Sabha) पहुंचीं। इस दौरान कंगना ने यूपीए सरकार के दौरान एजुकेशन पर किए गए खर्च और पेपर लीक से जुड़ा परीक्षा संशोधन बिल पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने दुनिया के लिए एक बहुत बड़ा उदाहरण पेश किया है।

    कंगना ने कहा ‘हमारे प्रधानमंत्री जी ने ये पूरी दुनिया के लिए बहुत बड़ा उदाहरण पेश किया है। ऐसे नेता जो इतने समर्पित हैं हर छोटे से लेकर बड़े मुद्दे के लिए वे जिस तरह से देशवासियों के लिए समर्पित हैं ये पूरे विश्व के लिए प्रेरणा है। आपने देखा उन्होंने जिस तरह से कमेटी गठित की है और हाई पावर पैक्ट बनाया है जो कि परीक्षाओं के लिए काम करेगा और इसको भ्रष्टाचार मुक्त बनाएगा। चाहे परीक्षा का यह संशोधन बिल अचानक आया हो लेकिन ये प्रधानंत्री की प्रतिबद्धता है।’

    उन्होंने आगे कहा ‘राहुल गांधी जी देख रहे हैं कि यूपीए के समय में क्या होता था शिक्षा का एकदम नाम मात्र बजट होता था। तो यह कहते हैं न खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे तो ये खंभा नोचने जैसा काम है।’


    परीक्षा से जुड़ा कड़े कानून वाला विधेयक पेश

    आपको बता दें कि पेपर लीक पर कड़े प्रावधान वाला परीक्षा संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश कर दिया गया है। संशोधित विधेयक का नाम ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा कार्मिक राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने इसे पेश किया है। विधेयक में दोषियों के लिए 10 साल तक के जेल, 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने, संपत्ति जब्ती जैसे कड़े प्रावधान हैं।


    टास्क फोर्स का भी गठन

    प्रधानमंत्री मोदी ने परीक्षा सुधारों के लिए दिग्गज टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में एक हाई पावर टास्क फोर्स के गठन का एलान किया है। पीएम ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो में कहा ‘विद्यार्थियों के भविष्य के लिए भारत सरकार लगातार कई कदम उठा रही है. जिन लोगों ने विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया, वो जेलों में सड़ रहे हैं। हम फास्ट ट्रैक कोर्ट बना चुके हैं। हम नया कानून बनाने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं।’


    पीएम ने खुद दी जानकारी

    पीएम ने आगे कहा ‘हमारी परीक्षा पद्धति भरोसेमंद, पारदर्शी हो और सबसे ज्यादा टेक्नोलॉजी का इ्स्तेमाल हो, इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए, हमने विश्व प्रसिद्ध टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में एक हाई-पावर टास्क फोर्स गठित करने का फैसला लिया है। ये टास्क फोर्स परीक्षा सुधारों पर ध्यान देगी और इसकी रिपोर्ट के आधार पर आगामी परीक्षाओं की विश्वसनीयता जल्द से जल्द तय की जाएगी।’

  • बंगाल चुनाव से पहले गरमाई सियासत, हिमंत बिस्वा सरमा का तीखा हमला, बोले- 29 से पहले सरेंडर करो, वरना..

    बंगाल चुनाव से पहले गरमाई सियासत, हिमंत बिस्वा सरमा का तीखा हमला, बोले- 29 से पहले सरेंडर करो, वरना..


    कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग में अब कुछ ही दिन शेष हैं। 23 तारीख को पहले चरण का मतदान होना है, जबकि दूसरे चरण के लिए 29 तारीख तय की गई है। इसके साथ ही तमिलनाडु में भी 23 को एक ही चरण में मतदान होगा। वहीं 4 मई को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे।

    बंगाल में बनेगी भाजपा सरकार- हिमंत बिस्वा सरमा
    असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत का बड़ा दावा किया है। पश्चिम बर्धमान जिले के गौरबाजार में चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने कहा कि इस बार राज्य में भाजपा की सरकार बनना 100 प्रतिशत तय है। उन्होंने पार्टी की संभावनाओं को लेकर पूरा भरोसा जताया।

    चुनावी मंच से दी सख्त चेतावनी
    पांडुआ में जनसभा को संबोधित करते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने तीखा बयान दिया। उन्होंने टीएमसी के कथित सिंडिकेट पर निशाना साधते हुए कहा, 29 तारीख से पहले सरेंडर कर दो, नहीं तो बाद में जेल जाना पड़ेगा। इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है।

    गौरव वल्लभ का दावा, भवानीपुर से हारेंगी ममता बनर्जी

    भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने भी बड़ा बयान देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भवानीपुर सीट से चुनाव हार सकती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 15 वर्षों में टीएमसी सरकार ने मां, माटी और मानुष के साथ विश्वासघात किया है और राज्य में अराजकता का माहौल बना रहा।

    भाजपा नेताओं का डबल इंजन सरकार पर जोर
    भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की जनता डबल इंजन सरकार बनाने का मन बना चुकी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि 29 अप्रैल से पहले आरोपियों को सरेंडर कर देना चाहिए, अन्यथा 4 मई के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • कांग्रेस से निष्कासन के बाद नवजोत कौर सिद्धू का तीखा हमला, राहुल गांधी पर की कड़ी टिप्पणी

    कांग्रेस से निष्कासन के बाद नवजोत कौर सिद्धू का तीखा हमला, राहुल गांधी पर की कड़ी टिप्पणी


    चंडीगढ़।
    कांग्रेस पार्टी (Congress Party.) ने पूर्व क्रिकेटर और पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू (Navjot Kaur Sidhu.) को संगठन से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इस फैसले की जानकारी छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने अमृतसर में मीडिया को दी। उन्होंने बताया कि नवजोत कौर सिद्धू (Navjot Kaur Sidhu) पहले से ही पार्टी से निलंबित थीं और अब संगठन ने औपचारिक प्रक्रिया पूरी करते हुए उन्हें निष्कासित कर दिया है।

    भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस में अनुशासन सर्वोपरि है और पार्टी विरोधी गतिविधियों को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले नवजोत कौर सिद्धू खुद सार्वजनिक मंच से कांग्रेस छोड़ने का ऐलान कर चुकी थीं। इसके बावजूद पार्टी ने संगठनात्मक नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें बाहर करने का निर्णय लिया।


    सोशल मीडिया पर निकाली भड़ास

    पार्टी से निष्कासन के बाद नवजोत कौर सिद्धू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ जमकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने राहुल गांधी पर सीधा हमला बोलते हुए उन्हें “पप्पू” तक कह दिया। अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा कि राहुल गांधी ने आखिरकार अपने नाम को सही साबित कर दिया है। उनके मुताबिक, राहुल खुद को अकेला ईमानदार और समझदार नेता मानते हैं, जबकि उन्हें जमीनी हकीकत की कोई समझ नहीं है।

    नवजोत कौर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के आसपास मौजूद लोग उन्हें वास्तविक स्थिति से दूर रखते हैं और फैसले होने से पहले ही टिकट बेचकर ऐश करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि किसी इमरजेंसी कॉल का जवाब देने में राहुल को छह महीने से ज्यादा लग जाते हैं, जिससे तब तक नुकसान हो चुका होता है। उन्होंने सवाल उठाया कि लोगों को साथ जोड़ने से पहले राहुल को अपने तथाकथित समर्थकों से पूछना चाहिए कि क्या वे ईमानदारी से पंजाब के लिए काम करना चाहते हैं।


    राहुल गांधी पर आगे भी साधा निशाना

    अपनी पोस्ट में नवजोत कौर ने आगे कहा कि राहुल गांधी के पास न तो जमीनी सच्चाई सुनने का समय है और न ही इच्छाशक्ति, क्योंकि वे अपनी बनाई हुई दुनिया में रहना पसंद करते हैं। उन्होंने दावा किया कि राहुल के अधिकांश समर्थक नि:स्वार्थ सेवा के बजाय अपनी जेबें भरने में लगे हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि वे दोबारा सत्ता में नहीं लौटने वाले।

    उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर राहुल में हिम्मत है तो वे अपने समर्थकों से मौजूदा सरकार के खिलाफ खुलकर बोलने को कहें और अपनी फाइलें खुलवाने के लिए भी तैयार रहें। नवजोत कौर ने राहुल को सलाह दी कि उन्हें सच बोलना और उसका सामना करना सीखना चाहिए, क्योंकि सच वही रहता है जो था और जो है।


    राजनीति और पंजाब पर टिप्पणी

    नवजोत कौर सिद्धू ने खुद को एक शुभचिंतक बताते हुए राहुल गांधी को ज्यादा संवेदनशील, व्यावहारिक और ग्रहणशील बनने की सलाह दी। उन्होंने दावा किया कि राहुल के ज्यादातर कथित समर्थक भाजपा में जा चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि न तो वे किसी से मिलने गई हैं और न ही कोई उनके पास आया है। उनके अनुसार, वे एक फाउंडेशन के माध्यम से काम कर सकती हैं, लेकिन उनका समय और ऊर्जा केवल पंजाब की भलाई के लिए समर्पित है।

    उन्होंने कांग्रेस पर यह भी आरोप लगाया कि जब पार्टी में भ्रष्ट नेताओं को सम्मान मिलता है, तब ईमानदारी और सच्चाई की बातें बेमानी हो जाती हैं। अंत में उन्होंने राहुल गांधी को “गुड लक” कहते हुए राजनीति में अपना वजूद बचाने की नसीहत दी।


    बीजेपी को लेकर भी की टिप्पणी

    एक अन्य पोस्ट में नवजोत कौर सिद्धू ने भारतीय जनता पार्टी की तारीफ भी की। उन्होंने लिखा कि बीजेपी ने उनके टैलेंट को पहचाना और निष्पक्ष सर्वे के आधार पर उन्हें वर्ष 2012 में विधायक का टिकट दिया। उस समय वे अस्पताल में कार्यरत थीं और डॉक्टर होने के कारण उन्हें सीएपीएस हेल्थ की जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने कहा कि बीजेपी में उन्हें ईमानदारी और सच्चाई से काम करने की पूरी आजादी मिली और वे किसी भी विभाग में जाकर उसी दिन काम निपटाकर लौट सकती थीं।