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  • नरवर किले को ASI के अधीन करने की पहल, रणथंभौर-कूनो से खजुराहो तक पर्यटन सर्किट बनाने का प्रस्ताव

    नरवर किले को ASI के अधीन करने की पहल, रणथंभौर-कूनो से खजुराहो तक पर्यटन सर्किट बनाने का प्रस्ताव

    मध्य प्रदेश: के शिवपुरी जिले में स्थित ऐतिहासिक नरवर किले के संरक्षण और पर्यटन विकास की दिशा में पहल की गई है। शिवपुरी-गुना क्षेत्र के सांसद और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किले को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अधीन करने, यहां तक पहुंचने के लिए बेहतर सड़क बनाने और इसे प्रमुख पर्यटन स्थलों से जोड़ने के प्रस्ताव पर कार्रवाई की अनुशंसा की है। इस संबंध में उन्होंने केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी. किशन रेड्डी और मध्य प्रदेश की पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर को अर्धशासकीय पत्र भेजे हैं। यह पहल भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य संदीप माहेश्वरी और नगर परिषद अध्यक्ष पद्मा संदीप माहेश्वरी की ओर से उठाई गई मांगों के बाद सामने आई है।

    नरवर का किला अपनी ऐतिहासिक और धार्मिक मान्यताओं के कारण क्षेत्र की महत्वपूर्ण धरोहर माना जाता है। इससे राजा नल और रानी दमयंती की कथाएं, प्राचीन राजवंशों का इतिहास और ढोला-मारू की प्रेमकथा जैसी लोकपरंपराएं जुड़ी हुई हैं। किले को लेकर प्रचलित मान्यताओं में इसे राजा नल की राजधानी नलपुर से भी जोड़ा जाता है। यहां पसरा देवी और लोढ़ी माता से संबंधित धार्मिक आस्थाएं भी स्थानीय परंपरा का हिस्सा हैं। इन ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पहलुओं के चलते किले के संरक्षण और व्यवस्थित पर्यटन विकास की मांग लंबे समय से उठती रही है।

    नरवर किले का इतिहास अलग-अलग राजवंशों और शासकों से जुड़ा रहा है। प्राचीन काल में इस क्षेत्र पर नाग राजाओं का शासन होने के उल्लेख मिलते हैं। बाद के दौर में कछवाह राजपूतों ने किले का पुनर्निर्माण कराया। इसके बाद यहां परिहार और तोमर राजपूतों का अधिकार रहा। 16वीं शताब्दी की शुरुआत में सिकंदर लोदी ने किले पर कब्जा किया। आगे चलकर मुगल सम्राट अकबर के शासनकाल में यह मालवा सूबे के प्रशासनिक ढांचे का हिस्सा बना। 19वीं शताब्दी की शुरुआत में मराठा सिंधिया राजवंश ने इस पर अधिकार कर लिया। किले के ऐतिहासिक भवनों में कचहरी महल भी शामिल है, जिसके जीर्णोद्धार का उल्लेख वर्ष 1925 में महाराजा माधवराव सिंधिया के समय से जुड़ा है।

    किला विंध्याचल पर्वत श्रृंखला की एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। कस्बे से इसकी खड़ी ऊंचाई लगभग 500 फीट बताई जाती है, जबकि समुद्र तल से इसकी ऊंचाई करीब 1,600 फीट है। इसकी भौगोलिक स्थिति और प्राचीन संरचना इसे विशेष पहचान देती है, लेकिन ऊंचाई पर स्थित होने के कारण पर्यटकों के लिए पहुंच आसान बनाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बेहतर पहुंच मार्ग, नियमित रखरखाव और आवश्यक पर्यटक सुविधाओं की कमी लंबे समय से स्थानीय स्तर पर चिंता का विषय रही है। किले तक सड़क बनाने के लिए वन विभाग और लोक निर्माण विभाग के समन्वय की जरूरत भी उठाई जाती रही है।

    किले को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीन करने का प्रस्ताव संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसका उद्देश्य ऐतिहासिक संरचनाओं का व्यवस्थित रखरखाव करना और पुरातात्विक महत्व के अनुरूप उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। हालांकि, प्रस्ताव पर संबंधित विभागों की नियमानुसार कार्रवाई और निर्णय के बाद ही इसके क्रियान्वयन की स्थिति स्पष्ट होगी।

    पर्यटन विकास के लिए रणथंभौर, कूनो, शिवपुरी, नरवर, ओरछा और खजुराहो को जोड़कर एक सर्किट विकसित करने का सुझाव दिया गया है। इन स्थलों को एक मार्ग से जोड़ने पर पर्यटकों को वन्यजीव पर्यटन, ऐतिहासिक धरोहरों और सांस्कृतिक स्थलों को एक ही यात्रा में देखने का अवसर मिल सकता है। इससे नरवर को भी व्यापक पर्यटन मानचित्र पर पहचान मिलने की संभावना है।

    पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ पहुंच सकता है। गाइड सेवा, होटल, होम-स्टे, परिवहन, खानपान और अन्य पर्यटन सुविधाओं से जुड़े रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। स्थानीय दुकानदारों और छोटे कारोबारियों को भी इसका फायदा मिल सकता है। फिलहाल, किले के संरक्षण, पहुंच मार्ग और पर्यटन सर्किट से जोड़ने के प्रस्तावों पर संबंधित स्तरों पर आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

  • शिवपुरी के बदरवास रेलवे स्टेशन पर बढ़ेंगी सुविधाएं? सिंधिया ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर मांगों पर तत्काल पहल का किया आग्रह

    शिवपुरी के बदरवास रेलवे स्टेशन पर बढ़ेंगी सुविधाएं? सिंधिया ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर मांगों पर तत्काल पहल का किया आग्रह

    मध्य प्रदेश। के शिवपुरी जिले में बदरवास और आसपास के क्षेत्रों में रेल सुविधाओं के विस्तार की मांग को लेकर रेलवे सुविधा संघर्ष समिति ने पहल की है। समिति की ओर से प्रस्तुत मांग पत्र को शिवपुरी-गुना के सांसद और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने संज्ञान में लेते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखा है। उन्होंने रेल मंत्री से मांग पत्र में उठाए गए मुद्दों पर तत्काल और सार्थक पहल करने का आग्रह किया है। इन मांगों का उद्देश्य क्षेत्र में रेल संपर्क को बेहतर बनाना और यात्रियों को अधिक सुविधाजनक आवागमन उपलब्ध कराना है।

    समिति के अनुसार, बदरवास और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शिक्षा, चिकित्सा, व्यापार और धार्मिक यात्राओं के लिए दूसरे शहरों का रुख करते हैं। ऐसे में प्रमुख ट्रेनों का ठहराव बढ़ने और स्टेशन पर आवश्यक सुविधाएं विकसित होने से यात्रियों को लाभ मिल सकता है। समिति ने अपनी मांगों में धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान बनाने के साथ ही दिल्ली, मुंबई, इंदौर और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों से संपर्क बेहतर करने पर जोर दिया है।

    बदरवास रेलवे स्टेशन पर कई प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की मांग उठाई गई है। इनमें उज्जैनी एक्सप्रेस, झांसी-बांद्रा एक्सप्रेस, लक्ष्मीबाई नगर इंदौर-योगनगरी ऋषिकेश एक्सप्रेस, ग्वालियर-बेंगलुरु एक्सप्रेस और अमृतसर-इंदौर एक्सप्रेस शामिल हैं। समिति का मानना है कि इन ट्रेनों का ठहराव मिलने से यात्रियों को उज्जैन, हरिद्वार, मथुरा-वृंदावन और अमृतसर जैसे धार्मिक स्थलों तक जाने में सुविधा होगी। साथ ही दिल्ली, मुंबई, इंदौर और बेंगलुरु जैसे शहरों की यात्रा के लिए भी बेहतर विकल्प उपलब्ध हो सकेंगे।

    रेलवे स्टेशन के विकास को लेकर भी समिति ने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। इनमें बदरवास स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल करना, दूसरा प्लेटफॉर्म बनाना और फुट ओवरब्रिज का निर्माण करना शामिल है। समिति ने यात्रियों को धूप और बारिश से बचाने के लिए प्लेटफॉर्म पर लंबे टीनशेड लगाने की मांग भी की है। फुट ओवरब्रिज बनने से यात्रियों को एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक जाने के लिए रेलवे ट्रैक पार नहीं करना पड़ेगा। इससे आवागमन अधिक सुरक्षित बनाने में मदद मिल सकती है।

    यात्री सुविधाओं को बेहतर करने के लिए स्टेशन पर टिकट रिजर्वेशन काउंटर खोलने, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की आउटपोस्ट स्थापित करने और ट्रेनों की जानकारी देने के लिए कोच डिस्प्ले बोर्ड लगाने का प्रस्ताव भी दिया गया है। समिति का कहना है कि इन सुविधाओं से यात्रियों को टिकट संबंधी सेवाओं, सुरक्षा और ट्रेन में अपने कोच की स्थिति जानने में सहूलियत मिलेगी। इसके अलावा क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्टेशन पर रैक प्वाइंट विकसित करने की मांग भी शामिल की गई है।

    समिति ने क्षेत्रीय रेल संपर्क मजबूत करने के लिए गुना, अशोकनगर या रुठियाई से ग्वालियर के बीच मेमू ट्रेन चलाने का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही इंदौर-ऊना हिमाचल एक्सप्रेस को प्रतिदिन संचालित करने की मांग की गई है। उधना-बनारस एक्सप्रेस और ग्वालियर-दौंड एक्सप्रेस के फेरे बढ़ाकर सप्ताह में तीन से चार दिन करने का आग्रह भी किया गया है। इन प्रस्तावों का उद्देश्य यात्रियों को अधिक नियमित रेल सेवाएं उपलब्ध कराना है।

    समिति के गोविंद अवस्थी ने बताया कि इन मांगों के पूरा होने से बदरवास और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को शिक्षा, इलाज, व्यापार और धार्मिक यात्राओं के लिए बेहतर परिवहन सुविधा मिल सकती है। ज्योतिरादित्य सिंधिया की ओर से रेल मंत्री को पत्र भेजे जाने के बाद समिति को उम्मीद है कि रेलवे मंत्रालय इन प्रस्तावों पर विचार करेगा और क्षेत्र में रेल सुविधाओं के विस्तार की दिशा में आवश्यक कदम उठाएगा। हालांकि, इन मांगों पर रेलवे मंत्रालय की ओर से निर्णय और उनके क्रियान्वयन की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।

  • दिग्विजय सिंह ने डेली कॉलेज में संघ के आयोजन पर जताई आपत्ति, सिंधिया से पूछा ग्वालियर में कार्यक्रम क्यों नहीं कराते

    दिग्विजय सिंह ने डेली कॉलेज में संघ के आयोजन पर जताई आपत्ति, सिंधिया से पूछा ग्वालियर में कार्यक्रम क्यों नहीं कराते


    मध्य प्रदेश।
    के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इंदौर के डेली कॉलेज में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रस्तावित आयोजन पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में राजनीतिक कार्यक्रम नहीं होने चाहिए। इस मामले में उन्होंने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से भी चर्चा की है। दिग्विजय सिंह के मुताबिक, उन्होंने सिंधिया से सवाल किया कि संघ का कार्यक्रम ग्वालियर स्थित सिंधिया स्कूल में क्यों नहीं कराया जाता। उन्होंने यह भी बताया कि इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत को पत्र लिखकर आयोजन का स्थान बदलने की मांग करेंगे।

    दिग्विजय सिंह इन दिनों अपनी प्रस्तावित सनातन यात्रा की तैयारियों में जुटे हैं। इसी सिलसिले में इंदौर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री ने कई राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर अपनी बात रखी। डेली कॉलेज में होने वाली आरएसएस की अखिल भारतीय कार्यकारिणी की बैठक को लेकर उन्होंने संस्थान के प्रबंधन के सामने भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। इस बैठक में संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत सहित देशभर से राष्ट्रीय और प्रांत स्तर के पदाधिकारियों के शामिल होने का कार्यक्रम है। इसके अलावा 28 अक्टूबर को यहां करीब एक लाख स्वयंसेवकों के जुटने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।

    दिग्विजय सिंह ने बताया कि इस मुद्दे पर उनकी डेली कॉलेज बोर्ड के चेयरमैन विक्रम पंवार और अन्य सदस्यों के साथ बैठक हुई थी। बातचीत के दौरान इस बात पर सहमति बनी कि कॉलेज परिसर में राजनीतिक कार्यक्रम नहीं होने चाहिए। हालांकि, उनके अनुसार बोर्ड चेयरमैन ने यह भी कहा कि इस बार संघ के आयोजन को रोकना संभव नहीं है। दिग्विजय सिंह ने इसी निर्णय पर सवाल उठाते हुए कहा कि शैक्षणिक परिसर में इस तरह के आयोजन से बचना चाहिए।

    उन्होंने बताया कि डेली कॉलेज के संरक्षक केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से भी उन्होंने इस विषय पर बात की थी। दिग्विजय सिंह के मुताबिक, उन्होंने सिंधिया से कहा कि कॉलेज में संघ का कार्यक्रम नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने सवाल किया कि इस आयोजन के लिए ग्वालियर के सिंधिया स्कूल का चयन क्यों नहीं किया जाता। दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि उनके इस सवाल पर सिंधिया ने कोई जवाब नहीं दिया।

    पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इस मामले में डॉ. मोहन भागवत को पत्र लिखने जा रहे हैं। पत्र के माध्यम से वह आयोजन का स्थान बदलने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि जब वह दस साल तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे, तब इस दौरान डेली कॉलेज में कभी कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं हुआ। उन्होंने ये बातें इंदौर में स्टेट प्रेस क्लब के रूबरू कार्यक्रम के दौरान कहीं।

    राजनीतिक मतभेदों के बीच आपसी संबंधों पर बात करते हुए दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को अपना पुराना मित्र बताया। उन्होंने कहा कि विजयवर्गीय के साथ उनकी मित्रता करीब 30 से 35 साल पुरानी है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दोस्ती के बावजूद राजनीतिक प्रतिस्पर्धा में कोई कमी नहीं रहती। दोनों एक-दूसरे की आलोचना भी करते हैं। उनके मुताबिक, राजनीति में मतभेद होना जरूरी है, लेकिन मनभेद नहीं होना चाहिए।

    दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनके संबंध पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर, विक्रम वर्मा और सुंदरलाल पटवा जैसे नेताओं के साथ भी मित्रतापूर्ण रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह विक्रम वर्मा के यहां शादी में शामिल हुए थे और सुंदरलाल पटवा के घर दाल-बाफले खाने भी जाते थे। उन्होंने कहा कि राजनीतिक जीवन में इस तरह के आपसी संबंधों की परंपरा बनी रहनी चाहिए और असहमति को व्यक्तिगत दुश्मनी में नहीं बदलना चाहिए।

    मध्य प्रदेश पर बढ़ते कर्ज को लेकर भी दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि राज्य पर करीब 5.50 लाख करोड़ रुपये का कर्ज हो गया है, जबकि जब उन्होंने मुख्यमंत्री पद छोड़ा था, तब यह लगभग 23 हजार करोड़ रुपये था। लाड़ली बहना योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भी संकेतों में इस योजना को आर्थिक बोझ बता चुके हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब फिलहाल योजना के तहत 1,250 रुपये की किस्त दी जा रही है, तो इसे बढ़ाकर 3,000 रुपये करने पर स्थिति क्या होगी। इस मुद्दे पर उन्होंने कहा कि आगे की स्थिति को शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री मोहन यादव देखेंगे।

  • ग्वालियर के 400 कमरों वाले जय विलास पैलेस के बिजली बिलों पर सवाल, कई कनेक्शनों में सालभर शून्य या बेहद कम खपत दर्ज

    ग्वालियर के 400 कमरों वाले जय विलास पैलेस के बिजली बिलों पर सवाल, कई कनेक्शनों में सालभर शून्य या बेहद कम खपत दर्ज

    मध्य प्रदेश । के ग्वालियर स्थित जय विलास पैलेस के बिजली बिलों और खपत के आंकड़ों को लेकर सवाल उठे हैं। करीब 80 एकड़ में फैले इस महल में लगभग 400 कमरे हैं और बिजली कंपनी के कुल 21 कनेक्शन बताए गए हैं। इन कनेक्शनों के बिलों की पड़ताल में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें पिछले 12 महीनों के दौरान बिजली की खपत शून्य या बेहद कम दर्ज की गई। अधिकांश कनेक्शनों पर पुराने मीटर लगे होने की जानकारी भी सामने आई है। महल के रानी महल वाले हिस्से में ज्योतिरादित्य सिंधिया का परिवार रहता है।

    उपलब्ध बिजली बिलों के अनुसार, रानी महल वाले हिस्से में लगे स्मार्ट मीटर पर पिछले 12 महीनों में कुल 360.389 यूनिट बिजली खपत दर्ज की गई। वहीं, महादजी चैरिटेबल ट्रस्ट के नाम पर दर्ज घरेलू कनेक्शन में अक्टूबर 2025 से सितंबर 2026 तक सभी 12 महीनों में शून्य यूनिट खपत दिखाई गई। इस दौरान इस कनेक्शन पर कुल 1006 रुपये का बिल जारी हुआ, जिसमें अन्य शुल्क शामिल बताए गए हैं। बिलों में नियमित रीडिंग दर्ज होने की बात भी कही गई है।

    एक अन्य कनेक्शन चीफ सेक्रेटरी टू श्रीमंत हिज हाईनेस महाराजा के नाम पर दर्ज है। यह कनेक्शन 31 जुलाई 2015 को लगाया गया था और इस पर एक किलोवाट का विद्युत भार स्वीकृत है। नवंबर 2025 से अक्टूबर 2026 तक इसमें 2016 यूनिट बिजली की खपत दर्ज की गई। इस कनेक्शन पर 14,777 रुपये बकाया बताए गए, जिनमें पिछले महीनों की 14,686 रुपये की बिल राशि शामिल थी। बिल जमा करने की अंतिम तारीख 14 अक्टूबर 2026 दर्ज थी।

    पैलेस गार्डन स्थित एक व्यावसायिक कनेक्शन में अक्टूबर 2025 से सितंबर 2026 के बीच केवल पांच यूनिट बिजली खपत दर्ज की गई। यह कनेक्शन एक जुलाई 1980 को लगाया गया था और इस पर तीन किलोवाट का विद्युत भार स्वीकृत है। इसी तरह, वसुंधरा राजे चैरिटेबल ट्रस्ट के नाम पर दर्ज कनेक्शन में एक साल के दौरान 2764 यूनिट खपत सामने आई। इस कनेक्शन पर 24,687 रुपये का पिछला बिल बकाया बताया गया था। अगस्त 2026 के बिल की राशि 471 रुपये दर्ज थी।

    मन्नू महल पैलेस के नाम पर दर्ज घरेलू कनेक्शन में अक्टूबर 2025 से सितंबर 2026 तक शून्य यूनिट खपत दिखाई गई। जूनियर महारानी स्वीट हाउस के पते पर दर्ज एक अन्य कनेक्शन में भी 12 महीनों तक बिजली खपत शून्य रही, जबकि इस अवधि में कुल 1322 रुपये का बिल आया। द महारानी स्वीट हाउस के नाम पर दर्ज कनेक्शन में भी पूरे साल शून्य यूनिट खपत दर्ज की गई और बिल की कुल राशि 1388 रुपये बताई गई।

    पैलेस परिसर के अन्य कनेक्शनों में भी बहुत कम खपत के आंकड़े सामने आए। एमपी सिंह सेक्रेटरी के नाम पर दर्ज दो कनेक्शनों में एक साल के दौरान दो-दो यूनिट बिजली खपत दर्ज की गई। इन पर क्रमशः 957 रुपये और 1180 रुपये का बिल बताया गया। वहीं, हिरनवन कोठी के पीआरओ के नाम पर दर्ज कनेक्शन में नवंबर 2025 से अक्टूबर 2026 तक केवल एक यूनिट बिजली खपत दर्ज हुई। इस कनेक्शन की सालाना बिल राशि 6700 रुपये बताई गई। इन आंकड़ों के साथ कई कनेक्शनों पर पुराने मीटर लगे होने की जानकारी भी दी गई है।

    जय विलास पैलेस परिसर के एक हिस्से में स्थित उषा किरण पैलेस होटल का बिजली कनेक्शन अलग है। होटल का संचालन ताज समूह के अधीन होता है और यहां 50 कमरे बताए गए हैं। होटल के पास 400 किलोवोल्ट एम्पियर क्षमता का अलग उच्च तनाव वाला कनेक्शन है। अगस्त महीने का इसका बिजली बिल 18 लाख 11 हजार 67 रुपये बताया गया है। यह बिल होटल के पृथक कनेक्शन का है, इसलिए इसे महल के अन्य घरेलू और व्यावसायिक कनेक्शनों से अलग रखा गया है।

    बिजली कंपनी के उपमहाप्रबंधक गगनदेव शर्मा ने कहा कि होटल का बिल हर महीने जारी होता है और उसका कनेक्शन अलग है। उन्होंने यह भी कहा कि जय विलास पैलेस के घरेलू तथा व्यावसायिक कनेक्शनों पर बिल कम आने या खपत कम दर्ज होने के मामले की जांच कराई जा सकती है। हालांकि, आगे की कार्रवाई के बारे में दोबारा पूछे जाने पर कोई जानकारी नहीं दी गई। महल के प्रबंधक मयंक मधुकर और ज्योतिरादित्य सिंधिया के जनसंपर्क अधिकारी अनिल मिश्रा से भी पक्ष मांगा गया, लेकिन उन्होंने जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। बिजली कंपनी के महाप्रबंधक से भी लिखित जवाब मांगा गया, पर प्रतिक्रिया नहीं मिली।

  • MP: गुना में अधिकारियों पर भड़के केन्द्रीय मंत्री सिंधिया, बोले – कलेक्टर कहां है .. बुलाओ जल्दी

    MP: गुना में अधिकारियों पर भड़के केन्द्रीय मंत्री सिंधिया, बोले – कलेक्टर कहां है .. बुलाओ जल्दी


    गुना।
    केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) का एक वीडियो इन दिनों चर्चा में है. वायरल वीडियो (Viral Video) में सिंधिया प्रशासनिक अधिकारियों से नाराजगी जताते दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में वह कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल (Collector Kishore Kumar Kanyal) को फटकारते नजर आते हैं. इसके साथ ही महिला पुलिस अधीक्षक हितिका वासल (Hitika Vasal) से भी उनकी नाराजगी दिखाई दे रही है. यह पूरा मामला एक आदिवासी गांव का बताया जा रहा है, जहां सिंधिया बीजेपी के मंडल अध्यक्ष मोहन बारेला के घर उनके छोटे भाई ताराचंद की मृत्यु पर शोक संवेदना प्रकट करने पहुंचे थे।

    बताया गया कि सिंधिया जब मोहन बारेला के घर पहुंचे तो उन्होंने अपने छोटे भाई ताराचंद की मौत को लेकर अपनी बात रखी. मोहन बारेला ने सिंधिया को बताया कि उनके भाई की मौत सामान्य नहीं थी, बल्कि उनकी हत्या की गई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी शिकायत और मामले को गंभीरता से नहीं लिया. उनके मुताबिक, हत्या के मामले को सामान्य दुर्घटना की धाराओं में दर्ज कर लिया गया. उन्होंने सिंधिया से कहा कि उनके छोटे भाई की मौत के मामले में उन्हें अभी तक न्याय नहीं मिल पाया है।


    बीजेपी नेता ने बताई भाई की मौत की दूसरी कहानी

    मोहन बारेला की बात सुनने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया नाराज हो गए. उन्होंने तत्काल कलेक्टर और एसपी को तलब किया. वायरल वीडियो में सिंधिया अधिकारियों से इस मामले को लेकर सवाल करते दिखाई दे रहे हैं. उन्होंने कलेक्टर को फटकार लगाई और मामले का निराकरण करने के निर्देश दिए. सिंधिया के सामने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई इस बातचीत का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

    वायरल वीडियो में केंद्रीय मंत्री का अधिकारियों के प्रति नाराजगी भरा रवैया दिखाई दे रहा है. वह कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल से मामले को लेकर जवाब मांगते नजर आते हैं. वहीं महिला एसपी हितिका वासल भी मौके पर मौजूद दिखाई देती हैं. मोहन बारेला की ओर से भाई की मौत के मामले में न्याय नहीं मिलने की बात कहे जाने के बाद सिंधिया ने अधिकारियों को मामले को गंभीरता से लेने और इसका निराकरण करने के निर्देश दिए।


    कलेक्टर और एसपी के सामने जताई नाराजगी

    ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हुई इस बातचीत का वीडियो अब वायरल हो रहा है. वीडियो में सिंधिया की नाराजगी और अधिकारियों को दिए गए निर्देश चर्चा का विषय बने हुए हैं. फिलहाल सामने आई जानकारी के मुताबिक, सिंधिया ने बीजेपी मंडल अध्यक्ष के भाई ताराचंद की मौत के मामले में अधिकारियों से कार्रवाई और मामले के निराकरण के निर्देश दिए हैं।

  • मध्य प्रदेश में फिर बढ़ी सियासी हलचल, CM मोहन यादव समेत कई बड़े भाजपा नेता दिल्ली में, समन्वय बैठक की चर्चाएं तेज

    मध्य प्रदेश में फिर बढ़ी सियासी हलचल, CM मोहन यादव समेत कई बड़े भाजपा नेता दिल्ली में, समन्वय बैठक की चर्चाएं तेज


    मध्य प्रदेश: में राजनीतिक हलचल के बीच भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के दिल्ली पहुंचने से चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के भी नई दिल्ली पहुंचने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया के दिल्ली बुलाए जाने की बात कही जा रही है।

    कई वरिष्ठ नेताओं के एक ही समय पर दिल्ली में मौजूद होने से मध्य प्रदेश भाजपा के राजनीतिक और संगठनात्मक समीकरणों को लेकर अटकलें शुरू हो गई हैं। कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और कैलाश विजयवर्गीय पहले ही दिल्ली पहुंच चुके हैं। इस तरह प्रदेश से जुड़े कई प्रमुख नेताओं की राजधानी में मौजूदगी को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।

    दिल्ली में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के बीच समन्वय को लेकर बैठक होने की चर्चा भी है। हालांकि, इस संभावित बैठक को लेकर अभी आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी सामने नहीं आई है। बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होगी या इसका निश्चित एजेंडा क्या होगा, इसे लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

    इसी बीच भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है। इस मुलाकात के बाद मध्य प्रदेश भाजपा के भीतर राजनीतिक चर्चाओं ने और जोर पकड़ लिया है। वरिष्ठ नेताओं की दिल्ली में मौजूदगी और अलग-अलग स्तर पर हो रही मुलाकातों को देखते हुए संगठन तथा आपसी समन्वय से जुड़े मुद्दों पर संभावनाएं जताई जा रही हैं।

    हालांकि, सभी नेताओं के दिल्ली पहुंचने की वजह एक जैसी हो, यह जरूरी नहीं है। बताया जा रहा है कि कुछ नेता ब्रिक्स सम्मेलन से जुड़े कार्यक्रमों के सिलसिले में भी राजधानी पहुंचे हैं। ऐसे में दिल्ली में मौजूद सभी नेताओं के दौरे को सीधे तौर पर मध्य प्रदेश की राजनीति से जोड़ना फिलहाल जल्दबाजी होगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे प्रमुख नेताओं की एक साथ दिल्ली में मौजूदगी ने फिर भी राजनीतिक हलकों का ध्यान खींचा है। प्रदेश भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं के राजधानी पहुंचने से संगठन और सरकार के बीच समन्वय से जुड़े संभावित विमर्श को लेकर चर्चा बढ़ी है।

    मध्य प्रदेश में भाजपा की राजनीति से जुड़े मामलों में वरिष्ठ नेताओं की बैठकों और मुलाकातों को लेकर अक्सर राजनीतिक कयास लगाए जाते रहे हैं। मौजूदा स्थिति में भी संभावित समन्वय बैठक की चर्चा के कारण कई तरह की अटकलें सामने आ रही हैं। हालांकि, बैठक के एजेंडे या उसमें होने वाली संभावित चर्चा को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

    फिलहाल इतना स्पष्ट है कि मध्य प्रदेश भाजपा के कई बड़े नेता एक साथ दिल्ली में हैं और इस वजह से प्रदेश की राजनीति में हलचल महसूस की जा रही है। ब्रिक्स सम्मेलन से जुड़े कार्यक्रमों के कारण कुछ नेताओं की दिल्ली यात्रा होने की बात भी सामने आई है। इसलिए मौजूदा घटनाक्रम को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना जरूरी होगा।

  • गुना में अडाणी समूह की सीमेंट फैक्ट्री का शिलान्यास, सिंधिया बोले- युवाओं को रोजगार के लिए नहीं जाना पड़ेगा बाहर

    गुना में अडाणी समूह की सीमेंट फैक्ट्री का शिलान्यास, सिंधिया बोले- युवाओं को रोजगार के लिए नहीं जाना पड़ेगा बाहर


    भोपाल।
    केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार उद्योगों की स्थापना के लिए लगातार कार्य कर रही है, जिससे युवाओं को अन्य प्रांतों में रोजगार तलाशने नहीं जाना पड़ेगा। बहनों को भी लखपति दीदी बनाकर समृद्धि का लाभ दिलवाया जा रहा है।

    केन्द्रीय मंत्री सिंधिया रविवार को मध्य प्रदेश के गुना जिले में अडाणी समूह की अंम्बुजा सीमेंट फैक्ट्री के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के विकास के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव परिश्रम और निष्ठा से कार्य कर रहे हैं। गुना के विकास के लिए नई दीप माला प्रज्ज्वलित हो रही है।

    सिंधिया ने कहा कि गुना क्षेत्र में सीमेंट इकाई की स्थापना एक ऐतिहासिक कदम है। यह कार्य बहुप्रतिक्षित था। उन्होंने लगभग सौ वर्ष पूर्व सिंधिया परिवार द्वारा इस क्षेत्र में किए गए औद्योगीकरण के प्रयासों का उल्लेख भी किया।

    उन्होंने कहा कि कोटा-बीना लाइन के दोहरीकरण, तात्या टोपे विश्वविद्यालय प्रारंभ करने की पहल, जल प्रदाय योजना और सिंचाई योजनाओं के क्रियान्वयन, गुना से देवास राष्ट्रीय राजमार्ग को चौड़ा बनाने के लिए 5 हजार करोड़ के व्यय, गुना के लिए 15 किलोमीटर लंबाई के बायपास जैसे कार्य आमजन को सुविधा प्रदान कर रहे हैं। कृषि क्षेत्र में गुना -चाचौड़ा- राघोगढ़ क्षेत्र के किसान पंजाब की तरह पहचान बना रहे हैं।

    इससे पहले केन्द्रीय मंत्री सिंधिया और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुना जिले में अंम्बुजा सीमेंट फैक्ट्री का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने औद्योगिक विकास, अधोसंरचनात्मक सुदृढ़ीकरण और रोजगार सृजन को नई गति देने के उद्देश्य से विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण भी किया।

    प्रदेश में सभी तरह के उद्योगों की स्थापना पर जोर, युवाओं के लिए रोजगार प्राथमिकता: मोहन यादव
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में सभी तरह के उद्योगों की स्थापना पर जोर दिया जा रहा है। मध्य प्रदेश सरकार युवाओं के लिए रोजगार को प्राथमिकता देते हुए किसानों, महिलाओं और गरीबों के साथ सभी वर्गों के कल्याण के लिए सक्रिय है। पर्यटन और पशुपालन के क्षेत्र में प्रदेश महत्वपूर्ण उपलब्धियां प्राप्त करेगा। गुना क्षेत्र में सीमेंट निर्माण इकाई से डेढ़ हजार लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। अडाणी समूह की ओर से 32 हैक्टेयर भूमि पर इस इकाई की स्थापना के फलस्वरूप 4 मिलीयन टन सीमेंट उत्पादन होगा।

    उन्होंने कहा कि इन विकास कार्यों से गुना जिले में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा तथा आमजन को बेहतर सेवाओं का लाभ मिलेगा। प्रदेश का ग्वालियर और चंबल अंचल कभी डकैतों की गोलियों से गूंजता था, अब यहां विकास का परचम लहरा रहा है। अब यहां दस्युओं के स्थान पर प्रगति पहचान का माध्यम बनी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश बदल रहा है। सरकार जनहित के लिए निरंतर कार्य कर रही है। गुना अंचल के लिए आज होली और दीपावली के त्यौहारों की तरह उल्लास का वातावरण है। इस क्षेत्र में सिंचाई, पानी, बिजली के साथ सभी नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया गया है, जो आगे भी जारी रहेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की महत्वपूर्ण घोषणाएं

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक समय इस क्षेत्र के विकास के लिए सिंधिया परिवार द्वारा पहल की गई थी। अब केंद्र और राज्य सरकार मिलकर विकास को गति दे रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री सिंधिया द्वारा दिए गए सुझावों को मानते हुए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें गुनिया नदी के पुनर्जीवन के लिए 80 करोड़ 22 लाख राशि का प्रस्ताव भारत सरकार की जल शक्ति योजना में भेजने, लक्ष्मण कोपरा से राम नगर टकोदिया तक पहुंच को आसान बनाने के लिए पार्वती नदी पर 42 करोड़ रुपये की लागत से ब्रिज निर्माण और गुना शहर के भुजारिया तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए 25 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत करने की घोषणा शामिल है।

    मध्य प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्र हो रहा सशक्त : प्रणव अदाणी

    उद्योगपति प्रणव अदाणी ने कहा कि मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से विकास को नई रफ्तार मिली है। अधोसंरचना, लॉजिस्टिक, ट्रांसपोर्ट और अन्य सुविधाओं से मध्य प्रदेश में उद्योग क्षेत्र की मजबूती सुनिश्चित की जा रही है। पीएम गति शक्ति मिशन से औद्योगिक क्षेत्र का वातावरण सशक्त हो रहा है। गत वर्ष भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने एक लाख हजार करोड़ से अधिक निवेश का संकल्प व्यक्त किया था, जिसे साकार करने के लिए सीमेंट इकाई की आधारशिला रखी जा रही है। प्रथम चरण में एक हजार 60 करोड़ का निवेश किया जा रहा है, जो आगामी चरणों में तीन गुना से अधिक होगा। श्री अदाणी ने मध्य प्रदेश में कटनी, कैमोर सहित अन्य क्षेत्रों में सीमेंट और अन्य इकाइयों की स्थापना की पहल की गई। समूह द्वारा ऊर्जा क्षेत्र में भी प्रोजेक्ट अमल में लाए जाएंगे।

    कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जिले के विधायकगण और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

    रोड शो में हुआ भव्य स्वागत

    केन्द्रीय मंत्री सिंधिया और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम से पहले शहर में रोड शो किया। उनके गुना आगमन पर रोड-शो के दौरान नागरिकों ने पुष्पहारों से उनका भव्य स्वागत किया। जिनमें स्थानीय नागरिक, युवा, व्यापारी वर्ग, महिला समाज, सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे।

  • MP: सिंधिया के स्वागत में ग्वालियर स्टेशन पर उमड़ी भीड़…. धक्का-मुक्की में 7 साल की बच्ची घायल

    MP: सिंधिया के स्वागत में ग्वालियर स्टेशन पर उमड़ी भीड़…. धक्का-मुक्की में 7 साल की बच्ची घायल


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर रेलवे स्टेशन (Gwalior Railway Station) पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के स्वागत के दौरान बड़ी संख्या में समर्थकों के पहुंचने से भीड़ की स्थिति बन गई. इस दौरान हुई धक्का-मुक्की में एक 7 साल की बच्ची के घायल होने की बात सामने आई है.

    दरअसल, बच्ची अपने परिवार के साथ यात्रा के लिए स्टेशन पहुंची थी, तभी वह भीड़ के बीच फंस गई. परिजनों ने बमुश्किल उसे बाहर निकाला. बच्ची के घायल होने की जानकारी उसके माता-पिता ने दी है।

    परिजनों ने आरोप लगाया है कि VVIP आगमन के दौरान पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं होने से आम यात्रियों को परेशानी हुई. साथ ही स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्य के चलते रास्ते संकरे होने की वजह से भी स्थिति और बिगड़ने की बात कही गई है. फिलहाल यह मामला चर्चा में है और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं।


    क्या है पूरा मामला?

    दरअसल केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया शुक्रवार रात अंचल के चार दिवसीय दौरे पर ग्वालियर स्टेशन पहुंचे थे, जहां उनके समर्थक स्वागत करने उमड़ पड़े. इस दौरान बेकाबू हुए समर्थकों के बीच धक्का मुक्की शुरू हो गई और इस तरह कई लोग इस धक्का मुक्की का शिकार हुए, लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी गोवा एक्सप्रेस से गोवा जाने के लिए स्टेशन पहुंचे सिकंदर कंपू निवासी कुशवाह परिवार को हुई, जहां उनकी 7 साल की मासूम इक्षिता भीड़ के पैरों के नीचे दब गई.

    मासूम चीख पुकार मचाने लगी, लेकिन तब तक भीड़ उसके पैरों को कुचलती हुई आगे बढ़ गई. बमुश्किल मासूम के परिजनों ने उसे भीड़ से बचाया. रोती बिलखती हुई मासूम इक्षिता को परिजनों ने जैसे तैसे शांत कराया.


    परिजनों का फूटा गुस्सा

    वहीं, परिजनों का मासूम बेटी के पैर में चोट आने पर गुस्सा फूट बैठा. परिजनों ने कहा कि “माना VVIP का आगमन है, इसका मतलब ये नही की जनता को परेशान किया जाएगा. उनके साथ धक्का मुक्की होगी, बच्चों को पैरों तले दबा दिया जाएगा. परिजनों ने स्टेशन पर इस अव्यवस्था के लिए RPF,स्थानीय पुलिस बल, स्टेशन प्रबंधन को जिम्मदार माना है.


    संकरे रास्ते ने बढ़ाई मुश्किल

    बता दें कि स्टेशन पर पुनर्विकास का काम चल रहा है. जिसके चलते वैकल्पिक रास्ते प्लेटफॉर्म से बाहर आने के लिए तैयार किए गए हैं जो काफी संकरे भी हैं. यही वजह है कि हर बार की तरह बड़ी संख्या में पहुंचे सिंधिया समर्थकों के बीच स्वागत की होड़ में आम लोग, यात्री परेशान होते हुए दिखे।

  • MP: सिंधिया का बड़ा ऐलान…. शिवपुरी के कोलारस में बनेगा 2500 करोड़ का डिफेंस प्लांट

    MP: सिंधिया का बड़ा ऐलान…. शिवपुरी के कोलारस में बनेगा 2500 करोड़ का डिफेंस प्लांट


    शिवपुरी।
    केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने कोलारस (Kollars) में 2,500 करोड़ के डिफेंस प्लांट (Defense Plant) की घोषणा की, जिससे 2,000 रोजगार मिलेंगे। साथ ही 19.68 करोड़ के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शुरू कर क्षेत्रीय विकास, कनेक्टिविटी और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया जाएगा।

    केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार को मध्य प्रदेश के शिवपुरी के कोलारस नगर के लिए बड़े औद्योगिक विकास की घोषणा की। उन्होंने 2,500 करोड़ रुपये के रक्षा निर्माण संयंत्र (डिफेंस प्लांट) की स्थापना के साथ-साथ क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शुभारंभ किया। शिवपुरी-कोलारस दौरे के पहले दिन एक जनसभा को संबोधित करते हुए सिंधिया ने कहा कि प्रस्तावित रक्षा संयंत्र अगले दो महीनों के भीतर स्थापित किया जाएगा।

    सिंधिया ने कहा कि कोलारस को 2,500 करोड़ रुपये का रक्षा प्लांट मिलेगा, जो क्षेत्र के औद्योगिक परिदृश्य को बदल देगा और लगभग दो दशकों से लंबित मांग को पूरा करेगा। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि यह संयंत्र कोलारस से लगभग 15 किलोमीटर दूर कोटा हाईवे और मुंबई-ग्वालियर हाईवे के जंक्शन पर स्थापित किया जाएगा, जिसे उन्होंने कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स के लिहाज से रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान बताया।

    2,000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे
    उन्होंने कहा कि इस परियोजना से लगभग 2,000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा। परियोजना के व्यापक प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए सिंधिया ने कहा कि कोलारस, जो अब तक मुख्य रूप से कृषि, खासकर टमाटर उत्पादन के लिए जाना जाता था, अब देश के रक्षा निर्माण क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।

    उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा
    उन्होंने कहा कि कोलारस लंबे समय से अपनी कृषि क्षमता के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन अब यह देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने में भी योगदान देगा। यहां निर्मित उपकरण हमारी सीमाओं की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस निवेश से सहायक उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे स्थानीय व्यापारियों और उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा होंगे। यह परियोजना गुणक प्रभाव (मल्टीप्लायर इफेक्ट) पैदा करेगी, जिससे आगे औद्योगिक विकास और आर्थिक विस्तार को बढ़ावा मिलेगा।

    कनेक्टिविटी में सुधार और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा
    औद्योगिक घोषणा के अलावा, केंद्रीय मंत्री ने कोलारस में 19.68 करोड़ रुपये की विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। पीएम-जनमन योजना के तहत उन्होंने छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावासों का भूमिपूजन किया और जनपद पंचायत भवन का शिलान्यास किया। सिंधिया ने एक नए बस स्टैंड और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन भी किया, जिसका उद्देश्य कनेक्टिविटी में सुधार और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है। इसके अलावा, उन्होंने एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की आधारशिला भी रखी, जिससे क्षेत्र में स्वच्छता और शहरी ढांचे को मजबूती मिलेगी। संतुलित विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए सिंधिया ने कहा कि प्रयास किए जा रहे हैं ताकि क्षेत्र के हर हिस्से तक बुनियादी ढांचा, रोजगार और आवश्यक सेवाएं पहुंच सकें।

  • पूर्वोत्तर भारत का ग्रोथ इंजन, ग्लोबल साउथ का प्रवेश द्वार : सिंधिया

    पूर्वोत्तर भारत का ग्रोथ इंजन, ग्लोबल साउथ का प्रवेश द्वार : सिंधिया


    नई दिल्ली।
    केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर विकास मंत्रालय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पूर्वोत्तर सांस्कृतिक महोत्सव में कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र भारत का ग्रोथ इंजन है और यह ग्लोबल साउथ के लिए देश का प्रवेश द्वार बन सकता है। आठ राज्यों में असाधारण क्षमता है और करीब 93 प्रतिशत साक्षरता के साथ यह क्षेत्र देश के विकास में अग्रणी भूमिका निभा सकता है।

    ज्योतिरादित्य सिंधिया ने यहां दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज में आयोजित पूर्वोत्तर सांस्कृतिक महोत्सव (एनईटिम) 2026 के 15वें संस्करण को संबोधित करते हुए पूर्वोत्तर की प्रतिभा, ऊर्जा और सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाने वाला सशक्त मंच बताया।

    उन्होंने पूर्वोत्तर को ‘अष्टलक्ष्मी’ बताते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल ने इस क्षेत्र की अपार संभावनाओं को और गहराई से समझने का अवसर दिया है। यह क्षेत्र न केवल भारत के लिए बल्कि दक्षिण पूर्व एशिया और वैश्विक परिदृश्य के लिए भी एक रणनीतिक सेतु है।

    सिंधिया ने पूर्वोत्तर के मानव संसाधन की सराहना करते हुए कहा कि यहां की साक्षरता दर लगभग 93 प्रतिशत है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे देश की विकास यात्रा का नेतृत्व करें। उन्होंने पूर्वोत्तर से अपने व्यक्तिगत जुड़ाव का भी उल्लेख किया और कहा कि आठों राज्यों की यात्राओं ने उनके दृष्टिकोण को नई ऊर्जा दी है।

    उन्होंने क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए भूपेन हजारिका और जुबिन गर्ग जैसे कलाकारों को याद किया। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर की कला और संस्कृति अद्वितीय है और हर प्रस्तुति में परंपरा की गहराई दिखाई देती है।

    मंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर के आठ राज्य भारत और ग्लोबल साउथ के बीच प्राकृतिक सेतु हैं, जो आर्थिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को नई दिशा दे सकते हैं। उन्होंने युवाओं को सशक्त बनाने के लिए मंत्रालय की प्रमुख पहलों का भी उल्लेख किया।

    उन्होंने बताया कि एडवांसिंग एनईआर पोर्टल अप्रैल 2026 में शुरू किया जाएगा। यह एकीकृत डिजिटल मंच होगा, जो 1000 से अधिक रोजगार अवसर, 300 से अधिक करियर विकल्प, 200 से अधिक प्रवेश परीक्षाएं और 3000 से अधिक पाठ्यक्रमों की जानकारी उपलब्ध कराएगा।

    सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर के विकास का दृष्टिकोण इरादों से आगे बढ़कर क्रियान्वयन तक पहुंचा है। उन्होंने कहा कि अब अवसरों को पहुंच और समावेशन के आधार पर परिभाषित किया जा रहा है।

    कार्यक्रम में छात्रों, कलाकारों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक विविधता और संभावनाओं का प्रदर्शन किया।

    उल्लेखनीय है कि एनई स्पार्क्स कार्यक्रम के तहत इसरो के सहयोग से हर वर्ष 800 छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान और आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अष्टलक्ष्मी दर्शन कार्यक्रम के माध्यम से पूर्वोत्तर और देश के अन्य हिस्सों के छात्रों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसमें अब तक 1280 छात्र शामिल हो चुके हैं और 2030 तक इसे 8000 छात्रों तक ले जाने का लक्ष्य है।