Tag: SDERF rescue operation

  • मंदसौर: तालाब में डूबे 16 वर्षीय किशोर का शव 13 घंटे बाद बरामद, एसडीआरएफ ने किया रेस्क्यू

    मंदसौर: तालाब में डूबे 16 वर्षीय किशोर का शव 13 घंटे बाद बरामद, एसडीआरएफ ने किया रेस्क्यू


    मंदसौर। जिले के संजीत कस्बे में एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां रविवार शाम से लापता 16 वर्षीय किशोर चेतन का शव सोमवार दोपहर तालाब से बरामद किया गया। शव मिलने के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

    जानकारी के अनुसार चेतन (पिता जगदीश बाली), जो वाल्मीकि समाज से था, रविवार शाम करीब 5 बजे घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की तो तालाब किनारे उसकी चप्पलें मिलीं, जिससे डूबने की आशंका गहरा गई। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

    रात में शुरू हुआ रेस्क्यू, अंधेरे के कारण रोका गया ऑपरेशन
    सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से शाम करीब 6 बजे सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। कई घंटे की तलाश के बावजूद सफलता नहीं मिली तो एसडीआरएफ (SDERF) टीम को बुलाया गया। रात करीब 10:30 बजे तक टीम ने तालाब के अलग-अलग हिस्सों में सर्चिंग की, लेकिन कम दृश्यता और अंधेरे के कारण रेस्क्यू रोकना पड़ा।

    सुबह फिर शुरू हुआ सर्च, दो घंटे में मिला शव
    सोमवार सुबह एक बार फिर एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। सुबह 10:30 बजे से सघन तलाशी अभियान चलाया गया और करीब पौने दो घंटे की मेहनत के बाद दोपहर 12:15 बजे किशोर का शव तालाब से बाहर निकाल लिया गया। शव मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और गांव में मातम छा गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस जांच में जुटी, हर एंगल से पड़ताल जारी
    नाहरगढ़ थाना पुलिस इस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है कि यह हादसा था या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। फिलहाल प्रारंभिक रूप से इसे डूबने की घटना माना जा रहा है।

  • खदान बनी मौत का फंदा: पैर फिसलते ही युवक गहराई में समाया, SDERF जुटी

    खदान बनी मौत का फंदा: पैर फिसलते ही युवक गहराई में समाया, SDERF जुटी


    मध्य प्रदेश । Katni जिले के स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम धुरी-बंधी में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जब एक युवक गहरे पानी से भरी खदान में डूब गया। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौके पर एकत्र हो गए।

    जानकारी के अनुसार, ग्राम धुरी निवासी दुर्गेश कुशवाहा (लगभग 26 वर्ष) रविवार शाम खदान के पास गया था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह सीधे लगभग 100 फीट गहरी पानी से भरी खदान में गिर गया। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की और शोर मचाया, लेकिन कुछ ही पलों में वह पानी में समा गया।

    घटना की सूचना मिलते ही स्लीमनाबाद थाना पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कटनी से SDRF टीम को भी बुलाया गया।

    SDRF की चार सदस्यीय विशेषज्ञ टीम प्लाटून कमांडर श्वेता गुप्ता के नेतृत्व में आवश्यक रेस्क्यू उपकरण, बोट और लाइफ जैकेट के साथ मौके पर पहुंची। लेकिन खदान की अत्यधिक गहराई और संकरी संरचना के कारण बचाव कार्य में कई तकनीकी चुनौतियां सामने आईं।

    अंधेरे के कारण रात में रेस्क्यू ऑपरेशन और भी कठिन हो गया। टीम ने टॉर्च और सर्च लाइट की मदद से देर रात तक खोजबीन जारी रखी, लेकिन युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका।

    Katni पुलिस और SDRF की टीम पूरी सतर्कता के साथ लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। प्रशासन ने खदान के आसपास सुरक्षा घेरा बनाकर ग्रामीणों की भीड़ को नियंत्रित किया है ताकि बचाव कार्य में बाधा न आए।

    जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और रेस्क्यू टीम के संपर्क में हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और सुबह होते ही अतिरिक्त संसाधनों के साथ सर्चिंग तेज की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर जिले में खनन क्षेत्रों और पानी से भरी पुरानी खदानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।